Saturday, July 25, 2026
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पेट्रोल पर राहत के लिए उत्पाद शुल्क नहीं घटाएगी सरकार

नई दिल्ली। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पेट्रोल के दाम में बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए उत्पाद शुल्क में तत्काल किसी प्रकार की कटौती की संभावना से सोमवार को इनकार किया। वैश्विक बाजारों में तेल के दाम बढ़ने से जहां डीजल उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, वहीं पेट्रोल चार साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है।

मोदी सरकार ने वैश्विक बाजार में कीमतों में नरमी के दौरान राजस्व बढ़ाने के इरादे से नवंबर 2014 और जनवरी 2016 के बीच उत्पाद शुल्क में नौ बार वृद्धि की। हालांकि पिछले साल अक्टूबर में इसमें दो रुपये प्रति लीटर की कटौती भी की गई।

क्या उत्पाद शुल्क में होगी कटौती?
यह पूछे जाने पर कि क्या दूसरी बार उत्पाद शुल्क में कटौती की जा सकती है, वित्त सचिव हसमुख अढ़िया ने कहा, ‘फिलहाल नहीं। जब भी हम इसकी समीक्षा करेंगे, आपको इसकी जानकारी दी जाएगी।’

इससे पहले पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि सरकार पेट्रोल के अंतरराष्ट्रीय मूल्यों पर नजर रख रही है, लेकिन मुक्त बाजार कीमत निर्धारण व्यवस्था से पीछे नहीं हटा जाएगा। प्रधान ने कहा कि पेट्रोल और डीजल को जितनी जल्दी जीएसटी के दायरे में लाया जाएगा, उपभोक्ताओं को लाभ होगा।

क्यों बढ़े पेट्रोल, डीजल के दाम?
अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में दाम बढ़ने से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत सोमवार को चार साल के उच्च स्तर यानी 73.83 रुपये लीटर, जबकि डीजल की दर अबतक के उच्चतम स्तर यानी 64.69 रुपये पर पहुंच गई।

राष्ट्रीय राजधानी में यूरो-6 मानक वाले पेट्रोल और डीजल की बिक्री की शुरुआत को लेकर आयोजित कार्यक्रम में प्रधान ने कहा, ‘भारत को सभी को तेल उपलब्ध कराने के लिए बाजार आधारित कीमत व्यवस्था की जरूरत है।’ उन्होंने कहा कि ईंधन कीमत निर्धारण पारदर्शी प्रणाली पर आधारित है और भाव में तेजी का कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम का चढ़ना है।

उन्होंने आगे कहा, ‘जब तेल के दाम चढ़ते हैं, तो निश्चित रूप से उपभोक्ताओं को तकलीफ होती है।’ हालांकि मंत्री ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए उत्पाद शुल्क में कटौती जैसे कदम के लिए सरकार के हस्तक्षेप का कोई संकेत नहीं दिया।

उन्होंने कहा, ‘केंद्र और राज्य विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए कर राजस्व पर निर्भर हैं। पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क का 42 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को जाता है और शेष 60 प्रतिशत का उपयोग राज्यों में विकास योजनाओं में केंद्र की हिस्सेदारी के वित्त पोषण के लिए किया जाता है।’

मोदी ने आम आदमी का भरोसा तोड़ा: कांग्रेस
कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल की ताजा मूल्य वृद्धि का कड़ा विरोध करते हुए सोमवार को केंद्र सरकार पर आम आदमी की कीमत पर सरकारी खजाना भरने का आरोप लगाया। पार्टी ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के तहत लाने की मांग भी दोहराई। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने एक बयान जारी कर पेट्रोल-डीजल की ताजा मूल्य वृद्धि का कड़ा विरोध किया।

उन्होंने कहा, ‘डीजल 65 हुआ, पेट्रोल 75 पार। कहां गई मोदीजी की वह हुंकार कि अबकी बार महंगाई पर मार।’ उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद मोदी सरकार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है और वह कोई जवाब नहीं दे रही है। उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी के चुनाव पूर्व के नारे आम आदमी के लिए ‘क्रूर मजाक’ बन गए हैं।

सुरजेवाला ने दावा किया कि मई 2014 में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से पेट्रोल में उत्पाद शुल्क में 214 प्रतिशत, डीजल में उत्पाद शुल्क में 443.06 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई, जबकि केन्द्रीय उत्पाद शुल्क में 12 गुना की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘आम आदमी ने नरेंद्र मोदी सरकार में जो विश्वास दिखाया था, उसके साथ विश्वासघात किया गया है। वह ईंधन की कीमतों पर लगाम कसने में बुरी तरह विफल रही है और आम नागरिकों की कीमत पर सरकारी खजाना भरने में व्यस्त है।’

पेपर लीक: 10वीं गणित की परीक्षा दोबारा नहीं कराएगा सीबीएसई

नई दिल्ली। सीबीएसई ने 10वीं की गणित की परीक्षा को दोबारा न कराने का फैसला लिया है। पेपर लीक के मामले सामने आने के बाद बोर्ड की ओर से कहा गया था कि हम इस परीक्षा के दोबारा आयोजन पर विचार करेंगे। बोर्ड के एक सूत्र ने इस बारे में जानकारी दी है।

इससे पहले बोर्ड ने दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में री-टेस्ट की बात कही थी, ऐसे में यह खबर यहां के छात्रों को राहत पहुंचाने वाली है। बोर्ड का कहना था कि लीक हुआ पेपर इन इलाकों तक ही सर्कुलेट हुआ था, ऐसे में यहां दोबारा आयोजित कराया जा सकता है।

सूत्र के मुताबिक परीक्षा की कॉपियां देखने के बाद इस संबंध में फैसला लिया गया है। बोर्ड का कहना है कि पेपर लीक के प्रकरण का कॉपियों पर असर नहीं दिख रहा है, ऐसे में इसे दोबारा कराना ठीक नहीं होगा। इस संबंध में जल्दी ही बोर्ड की ओर से आधिकारिक बयान जारी किया जा सकता है। 10वीं की गणित की परीक्षा 28 मार्च को हुई थी।

पूरे मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया था कि बोर्ड ने यह पता लगाने के लिए कॉपियों की जांच कराई है कि लीक के चलते छात्रों के दिए जवाब में कुछ अंतर है या नहीं। इसके अलावा मानव संसाधन मंत्रालय और सीबीएसई का मानना है कि 10वीं के एग्जाम छात्रों के सीनियर सेकंडरी में जाने भर के लिए होते हैं, जबकि 12वीं के बाद यूनिवर्सिटी की पढ़ाई शुरू होती है। ऐसे में 10वीं और 12वीं को लेकर अलग-अलग रुख अपनाने का फैसला लिया जा सकता है।

बोर्ड के सूत्र ने कहा, ‘यदि किसी छात्र का आंतरिक असेसमेंट कमजोर रहता है और वह मेन पेपर में अप्रत्याशित रूप से अच्छा करता है तो हम रिजल्ट का पूरी सावधानी से परीक्षण करेंगे।’ हालांकि 12वीं का इकनॉमिक्स का पेपर 25 अप्रैल को दोबारा आयोजित कराया जाएगा। इकनॉमिक्स के पेपर लीक मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इनमें से दो आरोपी निजी स्कूलों के टीचर हैं, जबिक एक ट्यूटर है।

सेंसेक्स 50 अंक मजबूत, निफ्टी 10200 के ऊपर

नई दिल्ली । ग्लोबल मार्केट से मिले संकेतों से मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत हुई। कमजोर शुरुआत के बाद घरेलू बाजारों में निचले स्तरों से थोड़ी रिकवरी देखने को मिली है। सेंसेक्स 50 अंक मजबूत हुआ है, जबकि निफ्टी 10,200 के ऊपर निकलने में कामयाब हुआ है। सरकारी बैंकों के साथ ऑटो, एफएमसीजी शेयरों में खरीददारी से बाजार को सपोर्ट मिला है। सेक्टोरल इंडेक्स में एनएसई पर पीएसयू बैंक इंडेक्स में 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है।

इससे पहले, सेंसेक्स 58 अंक गिरकर 33,197 अंक पर खुला। वहीं निफ्टी की शुरुआत 25 अंक की गिरावट के साथ 10,187 के स्तर पर हुई। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 10,181.85 तक लुढ़का था जबकि सेंसेक्स ने 33,158.6 तक फिसला था।

मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में तेजी
लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.24 फीसदी बढ़ा है। वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.25 फीसदी की तेजी आई है।
मिडकैप शेयरों में एनबीसीसी, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, टाटा केमिकल, एलटीआई, इंडियन बैंक, आईडीबीआई, कैनरा बैंक, गृह फाइनेंस, पीएनबी हाउसिंग, सेंट्रल बैंक, मुथूट फाइनेंस 1.50-6.39 फीसदी तक बढ़े हैं।

अमेरिकी बाजारों में बड़ी गिरावट
ट्रेड वार टेंशन बढ़ने की वजह से अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट समेत टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली से सोमवार को अमेरिकी बाजारों पर दबाव बना। जिससे सप्ताह के पहले कारोबारी दिन अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोंस 459 अंक की गिरावट के साथ 23,644 के स्तर पर बंद हुआ। नैस्डैक 193 अंक टूटकर 6,870 के स्तर पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 59 अंक लुढ़ककर 2,582 के स्तर पर बंद हुआ।

Update
09:29 AM
9 पैसे की मजबूती के साथ खुला रुपया
मंगलवार को रुपए की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 9 पैसे बढ़कर 65.08 के स्तर पर खुला। इससे पहले पिछले हफ्ते बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 19 पैसे घटकर 65.17 के स्तर पर बंद हुआ था
09:29 AM
एशियाई बाजारों में गिराव
अमेरिकी बाजारों में गिरावट का असर एशियाई बाजारों पर देखने को मिल रहा है। मंगलवार को एशियाई बाजार कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा है। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 0.52 फीसदी की गिरावट के साथ 10,211 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

जापान का बाजार निक्केई 188 अंक गिरकर 21,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। हैंग सेंग 200 अंक की कमजोरी के साथ 29,890 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी 0.50 फीसदी टूटकर 2432 के स्तर पर, ताइवान इंडेक्स 90 गिरकर 10,780 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। शंघाई कम्पोजिट 0.91 फीसदी लुढ़का है। वहीं स्ट्रेट्स टाइम्स में 0.94 फीसदी की कमजोरी के साथ 3399 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

09:29 AM
FII ने की बिकवाली, DII रहे खरीददार
FY19 के पहले कारोबारी दिन सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने बिकवाली की। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने भारतीय बाजार में पैसे लगाए। सोमवार के कारोबार में एफआईआई ने 689.75 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि डीआईआई ने 413.16 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।

09:28 AM
अमेरिकी बाजारों में बड़ी गिरावट
ट्रेड वार टेंशन बढ़ने की वजह से अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट समेत टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली से सोमवार को अमेरिकी बाजारों पर दबाव बना। जिससे सप्ताह के पहले कारोबारी दिन अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोंस 459 अंक की गिरावट के साथ 23,644 के स्तर पर बंद हुआ। नैस्डैक 193 अंक टूटकर 6,870 के स्तर पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 59 अंक लुढ़ककर 2,582 के स्तर पर बंद हुआ।

कावासाकी ने लॉन्च की निंजा 400 बाइक, कीमत 4.69 लाख रुपए

नई दिल्ली। इंडिया कावासाकी ने भारत में नई निंजा 400 बाइक को लॉन्च कर दिया है। नई दिल्ली में इसकी एक्स शोरूम कीमत 4.69 लाख रुपए रखी गई है। नई निंजा बाइक 300सीसी निंजा बाइक के मुकाबले ज्यादा शार्प और पावरफुल है। कावासाकी ने इसमें इंजन को भी अपडेट किया है।

निंजा 400 मोटरसाइकल में कावासाकी ने नया स्टाइल दिया है जो कि कंपनी की फ्लैगशिप निंजा एच2 बाइक और इसी सीरीज की अन्य बड़ी बाइक्स से प्रेरित है। नई डिजाइन में जो चीज सबसे जल्द ध्यान खींचती है वह है इसके नेक्स्ट जेनरेशन स्प्लिट हेडलैम्स और फ्रंट काउल के बॉटम पर लगे चिन स्पॉइलर्स। ये निंजा एच2 से इंस्पायर्ड हैं।

इस नई बाइक का टेललाइट डिजाइन 2016 Ninja ZX-10R से इंस्पायर्ड है। इसमें निंजा 650 जैसा इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर दिया गया है। Ninja 400 को नए ट्रेलिस फ्रेम पर बनाया गया है जो कि निंजा 300 से हल्का है। इसमें 41एमएम के फ्रंट फॉर्क्स, अजस्टबल रियर मोनोशॉक और बड़ा 310एमएम फ्रंट डिक ब्रेक दिया गया है।

इंडिया कावासाकी मोटर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर युताका यामाशिता ने लॉन्च पर कहा कि निंजा 300 को मुख्य रूप से बिगनर्स के लिए और निंजा 650 को अनुभवी राइडर्स के लिए बनाया गया है। निंजा 400 उनके लिए है जो 300 और 650 सीसी के बीच स्पोर्ट्स बाइक खरीदने के इच्छुक हैं।

इस नई बाइक में 399सीसी पैरेलल ट्विन इंजन लगा है जो कि 10,000 आरपीएम पर 49 पीएस का पावर और 8,000 आरपीएम पर 38 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है। इसका लिक्विड कूल्ड मोटर 300सीसी मॉडल के मुकाबले 10पीएस का अधिक पावर जेनरेट करता है।

नई निंजा 400 बाइक Yamaha YZF-R3 के मुकाबले 7पीएस अधिक पावर और KTM RC 390 के मुकाबले 5.5PS अधिक पावर जेनरेट करता है। Ninja 400 हरे रंग में अवेलेबल होगी। इसका वजन 173 किलोग्राम है। इसमें 13.4 लीटर का फ्यूल टैंक दिया गया है।

लहसुन के गिरते दामों से किसान निराश, 50 रुपये किलो की मांग

कोटा। हाड़ौती के किसानों की उम्मीदें हैं कि लहसुन की फसल के दाम उनकी उम्मीद के बराबर मिले। लेकिन वर्तमान में लहसुन के औसत बाजार भाव 1700 रुपए प्रति क्विंटल चल रहे हैं। ऐसे में लहसुन उत्पादक किसान अपनी लहसुन की फसल के वर्तमान भावों को लेकर गहरे चिंतित हैं।

वह इसलिए, क्योंकि संभाग के लहसुन उत्पादक किसानों की डिमांड है कि उन्हें 5000 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से नीचे लहसुन नहीं बिके। इधर, कृषि उद्यान विभाग ने इस बार संभाग में 716120 मीट्रिक टन लहसुन उत्पादित होने का अनुमान लगाया हैं। चूंकि चारों जिलों में इस बार 109510 हेक्टेयर में लहसुन बोया गया था।

कृषि उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. रामावतार शर्मा के अनुसार 90 से 95 फीसदी लहसुन खोदा जा चुका है।
वहीं किसानों की डिमांड के मुताबिक लहसुन 5000 रुपए क्विंटल के हिसाब से बिकता हैं, तो उन्हें सम्मानजनक उपज का लाभ मिल जाएगा। इस भाव से उत्पादित लहसुन 3580 करोड़ रुपए का लहसुन होगा। वर्तमान में चल रहे बाजार भाव मिले, तो किसानों को सिर्फ उत्पादित लहसुन के 1217 करोड़ रुपए ही मिल पाएंगे। इन भावों से हाड़ौती के किसानों को सीधा-सीधा 2363 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। 

पिछले साल से 28750 हेक्टेयर कम हुई बुवाई: पिछले साल लहसुन के दाम कम मिले थे। इस वजह से इस बार संभाग में 28750 हेक्टेयर में लहसुन की बुवाई कम हुई हैं। रबी सीजन वर्ष 2017-18 में 109510 हेक्टेयर में लहसुन बोया गया हैं। वर्ष 2016-17 में 138260 हेक्टेयर में लहसुन बोया गया था।

पिछली बार 650 क्विंटल लहसुन की सरकारी खरीद: पिछली बार किसानों को लहसुन का औसत भाव 1800 से 2500 रुपए मिलते थे। ऐसे में सरकार ने राजफेड को 3200 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से संभाग समेत प्रतापगढ़ के किसानों का 10 हजार मीट्रिक टन लहसुन खरीदने का लक्ष्य दिया था। लेकिन राजफेड सिर्फ 650 क्विंटल ही लहसुन खरीद पाया था। इस बार किसानों संगठनों ने कहा सरकार किसानों का पूरा लहसुन खरीदें।

कोटा के कड़के, घेवर और लड्‌डू के जायके के विदेशी भी दीवाने

कोटा। कोटा के जायकों में भले ही कचौरी अपना स्थान रखती है, लेकिन कोटा के चुनिंदा लोगों की पीढ़ियां रियासतकालीन समय से बनाए जा रहे फूड आइटम का स्वाद 100 साल से अधिक समय से बरकरार रखे हुए हैं। इनमें कोटा के कड़के नमकीन, घेवर और दूध मिश्री के लड्डू की अमेरिका, कनाडा और दुबई तक खास डिमांड है।

यहीं नहीं शहरवासियों को आज भी पुराने कोटा में 100 साल पुरानी चाय का स्वाद आज भी लोगों की पहली पसंद है। इनमें प्रमुख है मोहन सैनी के अलसी के तेल से बने कड़के नमकीन है तो भैरुलाल के देशी घी से बने घेवर, शंभू के दूध मिश्री के लड्डू, दूध-जलेबी और स्थानीय लोगों के लिए मथुरालाल की चाय खास है।

इनका कहना है कि आज भी समय के बदलाव के साथ वो क्वालिटी से समझौता करने को तैयार नहीं है। महंगाई भले ही बढ़ गई, लेकिन क्वालिटी पर पूरा ध्यान देना मकसद रहता है। ताकि हमारे प्रतिष्ठान के साथ ही लोग कोटा को भी याद रखें। कड़के नमकीन, घेवर और लड्‌डू का स्वाद तो विदेशों तक फेमस है।

 विदेश भेजे जाते हैं कड़के नमकीन :रामपुरा कोतवाली की गली निवासी मोहन सैनी बताते हैं कि उनके पिता बख्शा सैनी ने शुद्ध अलसी के तेल से नमकीन बनाने का कार्य 1902 में शुरू किया था। इसके बाद वो अपने इसी पैतृक बिजनेस में लग गए। इसी कारण डाक विभाग की नौकरी तक नहीं की।

116 साल होने के बाद क्वालिटी बरकरार रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि शुद्ध अलसी के तेल से इन्हें तैयार किया जाता है। अमेरिका, जापान, दुबई के अलावा पाकिस्तान में भी इन कड़के नमकीन की डिमांड रहती है। यहां हर महीने सप्लाई होती है।

दूध मिश्री के लड्‌डू हैं खास:रामपुरा शंभू के दूध मिश्री के लड्डू की पहचान दुबई, कनाडा व अमेरिका तक पहुंच गई है। भरत प्रकाश सैनी बताते हैं कि हमारी तीसरी पीढ़ी इसे तैयार करने में लगी है। उनके द्वारा बनाए फूड आइटम में शुद्धता के साथ क्वालिटी पर पूरा ध्यान दिया जाता है। उन्होंने बताया कि दादा गोपाल सैनी द्वारा शुरू किया गया यह बिजनेस उनके पिता शंभू सैनी और अब वो जारी रखे हुए हैं। सबसे बड़ी बात है कि उनके द्वारा बनाए आइटम आइस बॉक्स में रखकर लोग विदेश लेकर जाते हैं।

चार पीढ़ी से घेवर बनाने का चल रहा है काम :आजादी से पहले रामपुरा में बनने वाले घेवर की शहर के अलावा विदेशों में डिमांड है। चौथी पीढ़ी के पंकज गोयल बताते हैं कि भैरुलाल घेवर वाले के नाम से उनका कारोबार है। कोटा के अलावा सिंगापुर, अमेरिका में रहने वाले परिवारों में गणगौर से लेकर अन्य तीज-त्योहार में यहां तैयार किए घेवर डिमांड रहती है। रबड़ी के घेवर और सालभर की उपलब्धता के कारण हाड़ौती से लोग यहां आते हैं। शुद्ध देशी घी से बना होने से खास पहचान है।

मार्च में GST कलेक्‍शन 90 हजार करोड़ रहा, ई-वे बिल लॉन्‍च सफल :अढिया

नई दिल्‍ली। ई-वे बिल का दोबारा लांच सरकार के लिए राहत भरा रहा है। अप्रैल के पहले दो दिन में ई-वे बिल को लेकर जहां ऑनलाइन सिस्टम फेल नहीं हुआ, वहीं सरकार को ट्रेडर्स के तरफ से ज्यादा शिकायतें नहीं आई है। इसी रिस्पांस को देखते हुए सोमवार को रेवेन्यु सेक्रेटरी हसमुख अढिया ने ई-वे बिल के लांच को सफल बताया है।

इसके पहले फरवरी में ई-वे बिल का ऑनलाइन सिस्टम कुछ ही घंटों में फेल हो गया था। प्रेस कांफ्रेंस में अढिया ने जहां ई-वे बिल को सफल बताया वहीं उन्होंने जीएसटी कलेक्शन और डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के आंकड़ों को भी जारी किया है। हसमुख अढिया के अनुसार जीएसटी कलेक्‍शन में बढ़ोत्‍तरी का रुझान है।

मार्च के अंत तक करीब 90 हजार करोड़ रुपए का जीएसटी कलेक्‍शन हुआ। मार्च का कलेक्‍शन अच्‍छा रहा। साथ ही फाइनेंस सेक्रेटरी ने कहा कि 2017-18 में डायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन टारगेट से ज्‍यादा हो गया है। निश्चित रूप से हम संशोधित वित्‍तीय घाटे के लक्ष्‍य को हासिल कर लेंगे।

एंटी प्रॉफिटिंग में 200 करोड़ के मामले पकड़े
एंटी प्रॉफि‍टिंग के मसले पर हसमुख अढिया ने कहा कि हमें करीब 200 शिकायतें एंटी प्रॉफिटिंग के लिए मिलीं। जीएसटी इंटेलिजेंस के डीजी ने 200 करोड़ रुपए के ऐसे मामले पकड़ें, जिनमें जीएसटी कलेक्‍ट की गई लेकिन जमा नहीं की गई।

ई-वे बिल अब तक सफल
फाइनेंस सेक्रेटरी ने कहा कि ई-वे बिल अबतक सफल रहा है। इसमें अभी तक कोई दिक्‍कत सामने नहीं आई है। इंट्रा-स्‍टेट ई-वे बिल लागू करने का एलान जल्‍द कर दिया जाएगा। वहीं, सीबीईसी चेयरमैन वनजा एस सरना ने कहा कि अब तक जीएसटी रिफंड 17,616 करोड़ रुपए रहा।

पहले दिन 2.59 लाख ई-वे बिल हुए जेनरेट
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स नेटवर्क (जीएसटीएन) के सीईओ ने बताया कि ई-वे बिल लागू होने के पहल दिन 2.59 लाख जेनरेट हुए। सोमवार को 3 बजे तक 2.89 लाख जेनरेट हुए। उन्‍होंने बताया कि 1.10 करोड़ रजिस्‍टर्ड डीलर्स ने 8.38 करोड़ रुपए का रिटर्न फाइल किया। हम ई-वे मैकेनिज्‍म लागू होने से संतुष्‍ट हैं। ई-वे एस सर्वर अधिक से अधिक लोड लेने में सक्षम है। 35 राज्‍यों और 2 सिस्‍टम को ई-वे मैकेनिज्‍म में मर्ज कर दिया गया है। 1.36 करोड़ ट्रेडर्स और 11 लाख से अधिक डीलर अबतक रजिस्‍टर्ड हो चुके हैं।

क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट
इंडियन फाउंडेशन ऑफ ट्रांसपोर्ट रिसर्च के सीनियर फेलो एसपी सिंह ने बताया कि सरकार ने पिछली गलतियों से सबक लेकर ई – वे बिल सिस्‍टम को बेहद आसान बना दिया है। इससे किसी को कोई परेशानी नहीं आ रही है। उन्‍होंने आगे बताया कि 75 में से 30 सेंटर से हमारे पास जो रिपोर्ट आई है उसमें कहीं कोई शिकायत नहीं सुनने को मिली। उन्‍होंने कहा कि दिक्‍कत उन्‍हीं लोगों को हो रही है जो गलत तरीके से ट्रांसपोर्टेशन का काम कर रहे थे।

डायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन 17.1 फीसदी बढ़ा
सीबीडीटी चेयरमैन ने बताया कि 2017-18 में डायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन साल दर साल आधार पर 17.1 फीसदी बढ़कर 9.95 लाख करोड़ रुपए हो गया। करीब 6.84 करोड़ टैक्‍स रिटर्न फाइल किए गए, जो कि इससे पिछले साल के 5.43 करोड़ से 26 फीसदी ज्‍यादा है। डायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन में कॉरपोरेट टैक्‍स की हिस्‍सेदारी 17.1 फीसदी और पर्सनल टैक्‍स की हिस्‍सेदारी 18.9 फीसदी रही।

CPT के लिए आवेदन की प्रक्रिया 4 अप्रैल से, ये हैं डिटेल्स

नई दिल्ली। कॉमन प्रफिशंसी टेस्ट (सीपीटी) के लिए आवेदन की प्रक्रिया 4 अप्रैल, 2018 से होगी। सीपीटी का दो सत्रों में 17 जून, 2018 को आयोजन किया जाएगा। पहले सेशन का आयोजन दिन के 10.30 बजे से 12.30 बजे तक होगा।

दूसरे सेशन का आयोजन दिन के 2.00 बजे से शाम 4.00 बजे तक होगा। परीक्षा के लिए भारत में 196 केंद्र होंगे जबकि विदेश में पांच।

सीपीटी के लिए आवेदन की प्रक्रिया 4 अप्रैल से शुरू होगी। लेट फीस के बगैर आवेदक 26 अप्रैल, 2018 तक आवेदन कर सकेंगे। 600 रुपये लेट फीस के साथ आवेदन करने की आखिरी तारीख 3 मई, 2018 है।

भारत में सेंटर होने पर सीपीटी के लिए आवेदन शुल्क 1000 रुपये, काठमांडु के लिए 1700 रुपये और अबू धाबी, दोहा, दुबई एवं मस्कत में सेंटर के लिए 300 डॉलर्स देने होंगे।

एनसीडैक्स पर धनिया में 4 फीसदी तेजी का सर्किट, हाजिर में भी भाव उछले

कोटा। एनसीडैक्स पर सोमवार को धनिया में 4 फीसदी तेजी का सर्किट लगने से हाजिर में भी भाव 200 से 250 तेज बोला गया। अप्रैल का धनिया वायदा 201 रुपये उछल कर 5229 और मई 202 रुपये तेज होकर 5270 और जून वायदा 166  रुपये बढ़कर 5270 रुपये क्विंटल पर बंद हुआ। 

रामगंज मंडी में धनिया की आवक 12000 और कोटा मंडी में 3000 बोरी की आवक हुई। कारोबारियों का कहना है कि मंडियों में आवक घटने से वायदा और हाजिर में भाव ऊँचे बोले गए। दोनों मंडियों में धनिया 150 से 250 रुपये प्रति क्विंटल तेज बिका। 

भामाशाह अनाज मंडी में माल की कुल आवक 85000 हजार बोरी की रही। लहसुन की आवक 9000 कट्टे की रही।आवक की कमी से लहसुन 200 तेज रहा । सरसो 75 रुपये, गेहूं 25 रुपये, सोयाबीन 50 रुपये और चना 50 रुपये ऊँचा बोला गया.. 

गेहूं मिल 1480 से 1565 लोकवान नया 1600 से 1700 पीडी नया 1600 से 1750 गेहूं नया 1500से 1950 रुपये प्रति क्विंटल। धान सुगंधा 2600 से 3000 पूसा-1 2500 से 2750 पूसा-4 (1121) 2500 से 3505 धान (1509) 2000 से 3250 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 2400 से 3781सरसो 3400 से 3831 तिल्ली 6000 से 7200 रुपये प्रति क्विंटल। मैथी पुरानी 2000 से 2800 मैथी नई 2800 से 3500 धनिया बादामी नया 3400 से 4400 ईगल 3800 से 4700 रंगदार 5000 से 7500 धनिया पुराना 3000 से 4200 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग 3300 से 3800 उडद 2000 से 3500 चना 3200से 3500 चना काबुली 5000 से 6000 चना पेपसी 3300 से 3650 चना मौसमी 3000 से 3530 मसूर 3000 से 3450 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 3000 से 3600 मक्का 1000 से 1250 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन नया 500 से 2800 रुपये प्रति क्विंटल रहा। 

पहले दिन बाजार बढ़त के साथ बंद, सेंसेक्स 287 अंक बढ़ा, निफ्टी 10200 के पार

नई दिल्ली।  फाइनेंशियल ईयर 2019 का पहला दिन शेयर बाजार के अच्छा रहा। ग्लोबल मार्केट से मिले संकेतों से सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमश: 0.87 फीसदी और 0.97 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। फार्मा, आईटी, ऑटो. रियल्टी और एफएमसीजी शेयरों में बढ़त से दिनभर बाजार में बढ़त के साथ कारोबार देखने को मिला।

वहीं हैवीवेट एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, मारुति, एचयूएल, ओएनजीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी, एचडीएफसी औऱ इंफोसिस में खरीददारी से सेंसेक्स 287 अंक की बढ़त के साथ 33,255 पर क्लोज हुआ, जबकि निफ्टी 98 अंक चढ़कर 10,212 के स्तर पर बंद हुआ। इससे पहले, सेंसेक्स 62 अंक बढ़कर 33,031 औऱ निफ्टी 38 अंक की उछाल के साथ 10,152 के स्तर पर ओपन हुआ।

मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में रही तेजी
आज के कारोबार में लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीददारी देखने को मिली। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.40 फीसदी बढ़कर 16,186 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.35 फीसदी की तेजी आई।

मिडकैप शेयरों में टीवीएस मोटर्स, टाटा ग्लोबल, इंडियन होटल, एलटीआई, ओएफएसएस, गृह फाइनेंस, रिलायंस कैपिटल, ग्लेनमार्क, एनबीसीसी, सेल, हैवेल्स, रिलायंस इंफ्रा, श्रीराम सिटी यूनिटन, आरकॉम, एयूबैंक, बायरकॉर्प, आरपावर, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, अपोलो हॉस्पिटल और एक्साइड 3.22-7.35 फीसदी तक बढ़े। हालांकि वक्रांगी, जीएसके कंज्यूमर, सेंट्रल बैंक, पीएनबी हाउसिंग, अल्केम, डालमिया भारत, क्रॉम्पटन, पेज इंडस्ट्रीज, 5-2.12 फीसदी तक गिरकर बंद हुए।

सिर्फ PSU बैंक इंडेक्स में रही गिरावट, निफ्टी फार्मा 3.14% चढ़ा
सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स को छोड़ सभी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.84 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। बैंक निफ्टी इंडेक्स 0.27 फीसदी बढ़कर 24,328.50 पर बंद हुआ। सबसे ज्यादा तेजी निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 3.14% दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी ऑटो में 2.19%, एफएमसीजी में 1.43%, आईटी में 1.56%, मेटल में 0.77% और निफ्टी रियल्टी में 0.80% का उछाल रहा।

FY18 में निवेशकों ने कमाए 21 लाख करोड़
फाइनेंशियल ईयर 2017-18 में स्टॉक मार्केट 10 फीसदी से ज्यादा तेजी के साथ बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स 3,348.18 अंक या 11.30 फीसदी चढ़ा, जबकि निफ्टी 939.95 अंक या 10.25 फीसदी बढ़ा। बाजार में तेजी से इस फाइनेंशियल ईयर में निवेशकों ने 20.70 लाख करोड़ रुपए की कमाई की। इस दौरान 10 स्टॉक में 400 फीसदी से ज्यादा रिटर्न मिला।

Update
03:59 PM
FY19 के पहले दिन बाजार बढ़त के साथ बंद
सेंसेक्स 287 अंक की बढ़त के साथ 33,255 और निफ्टी 98 अंक चढ़करक 10,212 के स्तर पर बंद हुआ।
02:41 PM
ICICI बैंक को 2800 करोड़ की गलती पड़ी भारी, डूब गए 16 हजार करोड़
प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक इन दिनों गलत वजहों से चर्चा में है। दरअसल, आईसीआईसीआई बैंक की एमडी चंदा कोचर पर गलत तरीके से वीडियोकॉन ग्रुप को 3,250 करोड़ रुपए का लोन देना का आरोप है। क्योंकि इसमें से 2,810 करोड़ रुपए वीडियोकॉन ने बैंक को नहीं लौटाए और बैंक ने साल 2017 में इसे एनपीए घोषित कर दिया। बैंक की एक गलती से 3 दिनों में 16 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा डूब गए हैं।
11:44 AM
कारडा कंस्ट्रक्शन इश्यू प्राइस से 24% डिस्काउंट पर लिस्ट
रियल एस्टेट की कंपनी कारडा कंस्ट्रक्शन की स्टॉक मार्केट में कमजोर लिस्टिंग हुई। बीएसई पर कारडा कंस्ट्रक्शन का स्टॉक 24.4 फीसदी के डिस्काउंट के साथ 136 रुपए पर लिस्ट हुआ। वहीं एनएसई पर भी स्टॉक 136 रुपए पर लिस्ट हुआ। लिस्टिंग के लिए कारडा कंस्ट्रक्शन का इश्यू प्राइस 180 रुपए प्रति शेयर तय किया गया था। लिस्टिंग के बाद बीएसई पर कारडा कंस्ट्रक्शन का स्टॉक 142.80 रुपए तक पहुंचने में कामयाब हुआ।
11:00 AM
संधार टेक्नोलॉजीज 4.25% प्रीमियम के साथ लिस्ट
स्टॉक मार्केट में संधार टेक्नोलॉजीज के स्टॉक की आज लिस्टिंग हुई। एनएसई पर संधार टेक्नोलॉजीज का स्टॉक 4.25 प्रीमियम के साथ 346.10 रुपए के भाव पर लिस्ट हुआ। वहीं बीएसई पर स्टॉक 3.92 फीसदी प्रीमियम के साथ 345 रुपए पर लिस्ट हुआ। लिस्टिंग के लिए संधार टेक्नोलॉजीज का इश्यू प्राइस 332 रुपए प्रति शेयर तय किया गया था। लिस्टिंग के बाद बीएसई पर स्टॉक 351.45 रुपए के हाई पर पहुंचा।
10:39 AM
बजाज ऑटो की सेल्‍स मार्च में 23% बढ़ी, स्टॉक 1.5 फीसदी बढ़ा
बजाज ऑटो लि‍. की टोटल सेल्‍स मार्च में 3,34,348 यूनि‍ट्स रही जोकि‍ सालाना आधार पर 23 फीसदी ज्‍यादा है। कंपनी का एक्‍सपोर्ट 27 फीसदी की ग्रोथ के साथ 1,30,748 यूनि‍ट्स रही जबकि‍ टोटल डोमेस्‍टि‍क सेल्‍स सालाना आधार पर 20 फीसदी बढ़कर 2,03,600 यूनि‍ट्स रही। अच्छे सेल्स आंकड़े से कारोबार के दौरान स्टॉक में 1.50 फीसदी की तेजी आई।
09:47 AM
ICICI Bank 4% से ज्यादा टूटा
वीडियोकॉन को गलत तरीके से 3250 करोड़ रुपए के लोन देने के मामले में आईसीआईसीआई बैंक की एमडी चंदा कोच्चर पर सवाल उठा है। इस खबर से सोमवार के कारोबार में आईसीआईसीआई बैंक के स्टॉक में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान बीएसई पर स्टॉक 4.66 फीसदी टूटकर 264.30 रुपए के लो पर आ गया।
09:22 AM
FY19 के पहले कारोबारी दिन करेंसी बाजार बंद
नए फाइनेंशियल ईयर के पहले कारोबारी दिन करेंसी बाजार बंद है। इसलिए आज रुपए में कोई कारोबार नहीं होगा। इससे पहले पिछले हफ्ते बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 19 पैसे घटकर 65.17 के स्तर पर बंद हुआ था।