Saturday, July 25, 2026
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रेपो रेट में बदलाव नहीं होने से सेंसेक्स 578 अंक बढ़ा, निफ्टी 10325 अंक पर बंद

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक मॉनिटरी पॉलिसी में फाइनेंशियल ईयर 2018-19 में जीडीपी ग्रोथ 7.2 फीसदी से बढ़ाकर 7.4 फीसदी किया है। जीडीपी ग्रोथ अनुमान बढ़ाने और रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किए जाने से गुरूवार घरेलू शेयर बाजार 1.5 फीसदी ज्यादा बढ़कर बंद हुए।

रेट सेंसेटिव स्टॉक्स बैंकिंग, ऑटो और रियल्टी के साथ मेटल शेयरों में जोरदारी खरीददारी से सेंसेक्स 578 अंक उछलकर 33,597 औऱ निफ्टी 197 अंक चढ़कर 10,325 अंक पर बंद हुआ। एनएसई पर सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 300 अंकों से ज्यादा की बढ़त रही।

इससे पहले, सेंसेक्स 271 प्वाइंट्स बढ़कर 33,290 प्वाइंट्स औऱ निफ्टी 100 प्वाइंट्स चढ़कर 10,228 के स्तर पर खुला। ग्लोबल मार्केट से मिले पॉजिटिव संकेतों से गुरूवार को घरेलू शेयर बाजार की तेज शुरुआत हुई। अमेरिका और चीन में ट्रेड वार का असर कम होने से दुनिया भर के बाजारों में रिकवरी से बाजार को सपोर्ट मिला। सेंसेक्स में 600 अंकों से ज्यादा की तेजी आई। वहीं निफ्टी 10,300 के स्तर को पार करने में कामयाब हुआ।

बाजार में तेजी की वजह
– गुरूवार को शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स में 1 फीसदी से ज्यादा तेजी देखने को मिली। बैंकिंग शेयरों में तेजी की वजह आरबीआई का वह फैसला है, जिसमें उसने बैंकों को सरकारी बॉन्ड पोर्टफोलियो में हुए नुकसान की प्रोविजनिंग के लिए ज्यादा वक्त दिया है।
– इसके अलावा ट्रेड वार की चिंता कम होने से बुधवार को अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी देखने को मिली। अमेरिकी बाजारों में तेजी से गुरूवार को एशियाई बाजारों में मजबूती आई। एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार हुआ। जिससे बाजार में बढ़त के साथ कारोबार देखने को मिल रहा है।
-भारतीय रिजर्व बैंक मॉनिटरी पॉलिसी में फाइनेंशियल ईयर 2018-19 में जीडीपी ग्रोथ 7.2 फीसदी से बढ़ाकर 7.4 फीसदी किया है। जीडीपी ग्रोथ अनुमान बढ़ाने और रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किए जाने से बैंकिंग, ऑटो औऱ रियल्टी समेत सभी सेक्टर के शेयरों में जोरदार खरीददारी देखने को मिली।

मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में जोरदार तेजी
लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीददारी देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.38 फीसदी मजबूत हुआ है। वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.55 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है।
मिडकैप शेयरों में जीएमआर इंफ्रा, इंडियन होटल, आईडीबीआई, नेशनल एल्युमीनियम, सेल, पेज इंडस्ट्रीज, जिंदल स्टील, ओबेरॉय रियल्टी, रैमको सीमेंट, टोरेंट पावर, रिलायंस कैपिटल, बैंक ऑफ इंडिया, एमआरएफ 2.39-3.56 फीसदी तक चढ़े हैं। हालांकि वक्रांगी, आरपावर और जिटेल इंडिया 4.98-0.37 फीसदी तक गिरे।

सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में
एनएसई पर सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहा है। सबसे ज्यादा तेजी निफ्टी मेटल इंडेक्स में 2.37 फीसदी दर्ज की गई है। बैंक निफ्टी 1.21 फीसदी की बढ़त के साथ 24,421.10 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसके अलावा ऑटो इंडेक्स 1.67 फीसदी, एफएमसीजी इंडेक्स 0.61 फीसदी, आईटी इंडेक्स 1.37 फीसदी, फार्मा इंडेक्स 1.29 फीसदी, पीएसयू बैंक इंडेक्स 1.52 फीसदी और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 1.97 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।

 Update
03:05 PM
सेंसेक्स 550 अंक बढ़ा, निफ्टी 10,300 के पार
भारतीय रिजर्व बैंक ने पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे रेट सेंसेटिव स्टॉक्स बैंक, ऑटो, रियल्टी शेयरों में उछाल से सेंसेक्स में 500 अंकों से ज्यादा की तेजी आई। वहीं निफ्टी 10,300 के स्तर को पार करने में कामयाब हुआ।
12:15 PM
टाटा मोटर्स का स्टॉक 5% बढ़ा
टाटा मोटर्स लिमिटेड के स्टॉक्स में लगातार चार ट्रेडिंग सेशन से तेजी जारी है। दरअसल, फाइनेंशियल ईयर 2018 में जगुआर लैंडरोवर (जेएलआर) की बिक्री 83 फीसदी बढ़ी है। वहीं अमेरिका में पिछले साल के मुकाबले जेएलआर की बिक्री में 10.2 फीसदी का इजाफा हुआ है। इस खबर से गुरूवार के कारोबार में टाटा मोटर्स का स्टॉक 4.69 फीसदी बढ़ा।

काला हिरण शिकार केस : सलमान को 5 साल की सजा, जोधपुर जेल ले जाया गया

जोधपुर। बीस साल पुराने काला हिरण शिकार मामले में जोधपुर की चीफ ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की कोर्ट ने सलमान खान को दोषी करार दिया है। लंच ब्रेक के बाद सीजेएम देव कुमार खत्री ने सलमान खान को 5 साल कैद और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई। सलमान को जोधपुर जेल भेजा गया। वे चौथी बार जोधपुर जेल गए हैं।

इससे पहले 1998, 2006 और 2007 में सलमान 18 दिन जेल में रहे थे। इस केस में सह आरोपी सैफ अली, तब्बू, सोनाली और नीलम को संदेह के लाभ पर बरी कर दिया गया है। पेशी के लिए ये सभी बुधवार को यहां पहुंच गए थे। मामला सितंबर-अक्टूबर 1998 का है। तब ये सभी फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के सिलसिले में जोधपुर में थे। सलमान खान और उनके साथियों पर 2 चिंकारा और 3 काले हिरणों (ब्लैक बक) के शिकार का आरोप लगा था। सलमान पर आर्म्स एक्ट के तहत भी केस दर्ज हुआ था। 

रो पड़े सलमान
बता दें कि कोर्ट रूम में दोषी करार देते वक्त सलमान की आंखें भर आई थी। जिसके बाद बहन अलवीरा ने उन्हें संभाला और बोतल से पानी पिलाया। सलमान ने अलवीरा से एक टैबलेट लेकर बगैर पानी पिए उसे निगल लिया।

सजा सुना रहे थे जज, दीवार के सहारे खड़े थे सलमान
– लंच के दौरान सलमान की दोनों बहनें कोर्ट रूम के बाहर गैलरी में फोन पर बात कर रही थीं। सलमान कुर्सी पर अकेले बैठे थे।
– लंच के बाद जज डायस पर आए और सलमान खान कुर्सी से उठकर दीवार के सहारे खड़े हो गए। बहनें भी सलमान के साथ खड़ी हो गईं।
– जज ने सलमान खान को 5 साल कैद और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। फैसला सुनते ही उनकी दोनों बहनें रोने लगीं।
– विश्नोई समाज ने फैसले के बाद खुशी में नारेबाजी की और बरी किए गए लोगों के खिलाफ अपील करने की बात कही।
सलमान की वजह से फिल्ममेकर्स के 385 करोड़ दांव पर
रेस 3 : 100 कराेड़
भारत :200 करोड़, शूटिंग शुरू होना बाकी हैदबंग 3 : 85 करोड़, शूटिंग शुरू होना बाकी है
जोधपुर जेल में ही बंद है आसाराम
– सलमान खान को मेडिकल के बाद जोधपुर जेल ले जाया गया। इसी जेल में यौन शोषण का आरोपी आसाराम भी बंद है।
क्यों दोषी करार दिए गए?
1) हिरण शिकार के चारों केस में सबसे मजबूत था यह मामला
– यह केस सबसे पुख्ता था, क्योंकि 1 अक्टूबर 1998 की रात जब इन बॉलीवुड स्टार्स ने कांकाणी में संरक्षित वन्य प्राणी दो काले हिरणों का शिकार किया था तो ग्रामीणों ने गोली की आवाज सुनकर उनका पीछा भी किया था। ग्रामीणों ने उन्हें मौके पर देखा था और हिरणों के शव भी वन विभाग को सुपुर्द किए थे। इस मामले में सलमान गोली चलाने के आरोपी बनाए गए।
– शिकार से जुड़े बाकी के दोनों केस में इकलौता चश्मदीद हरीश दुलानी था, उसने भी बयान बदल लिए थे। उसने सलमान के अलावा दूसरे कलाकारों को पहचानने से इनकार कर दिया था। दूसरा कमजोर पक्ष यह भी था कि उसमें हिरणों के शव नहीं मिले थे।
2) दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई
– कांकाणी केस में पहली रिपोर्ट डॉ. नेपालिया की थी। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक, एक हिरण की मौत दम घुटने से और दूसरे हिरण की मौत गड‌्ढे में गिर जाने और श्वानों द्वारा उसे खाने से हुई थी। अभियोजन पक्ष का कहना था कि यह रिपोर्ट सही नहीं थी क्योंकि इसमें गन इंजरी की बात नहीं थी।
– इसके बाद मेडिकल बोर्ड बैठाया गया। बोर्ड ने दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दोनों काले हिरणों की मौत की वजह गन शॉट इंजरी ही बताई।

इस मामले में सलमान पर कितने केस, उनमें क्या हुआ?
– कुल चार केस थे। तीन हिरणों के शिकार के और चौथा आर्म्स एक्ट का। दरअसल, तब सलमान के कमरे से उनकी निजी पिस्टल और राइफल बरामद की गई थीं, जिनके लाइसेंस की मियाद खत्म हो चुकी थी।
कहां और कब किए गए शिकार?
– सलमान पर जोधपुर के घोड़ा फार्म हाउस और भवाद गांव में 27-28 सितंबर 1998 की रात हिरणों का शिकार करने का आरोप। कांकाणी गांव में 1 अक्टूबर को 2 काले हिरणों के शिकार करने का आरोप।
सैफ अली, नीलम, सोनाली और तब्बू क्यों आरोपी थे?
– कांकाणी गांव शिकार मामले में गवाहों ने कोर्ट में बताया था कि गोली की आवाज सुनकर वे मौके पर पहुंचे थे। शिकार सलमान ने किया था। जीप में उनके साथ सैफ अली, नीलम, सोनाली और तब्बू भी थे। इन पर सलमान को उकसाने का आरोप था। गांव वालों को देखकर सलमान मारे गए हिरणों को वहीं छोड़कर गाड़ी लेकर चले गए थे।

कितने मामलों में सजा सुनाई, कितनों में बाकी?
1) कांकाणी गांव केस: इसी केस में सलमान को गुरुवार को दोषी ठहराया गया। उन्हें 5 साल कैद की सजा सुनाई गई।
2) घोड़ा फार्म हाउस केस: 10 अप्रैल 2006 को सीजेएम कोर्ट ने 5 साल की सजा सुनाई थी। सलमान हाईकोर्ट गए। 25 जुलाई 2016 को उन्हें बरी किया गया। राज्य सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है।
3) भवाद गांव केस: सीजेएम कोर्ट ने 17 फरवरी 2006 को सलमान को दोषी करार दिया और एक साल की सजा सुनाई। हाईकोर्ट ने इस मामले में भी सलमान को बरी कर दिया है। राज्य सरकार ने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है।
4) आर्म्स केस:18 जनवरी 2017 को कोर्ट ने सलमान को बरी कर दिया था। राज्य सरकार ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की है।सलमान ने 20 साल में 18 दिन जेल में काटे
– हिरण शिकार के 3 मामलों में सलमान पुलिस और ज्यूडिशियल कस्टडी में 18 दिन जेल में रह चुके हैं।
6 दिन: वन विभाग ने 12 अक्टूबर 1998 को हिरासत में लिया था। वे 17 अक्टूबर तक जेल में रहे।
6 दिन: घोड़ा फार्म मामले में 10 अप्रैल 2006 को सलमान को लोअर कोर्ट ने 5 साल की सजा सुनाई। 15 अप्रैल तक जेल में रहे।
6 दिन: सेशन कोर्ट ने इस सजा की पुष्टि की। तब 26 से 31 अगस्त 2007 तक सलमान जेल में रहे।
सलमान को जान से मारने की धमकी, पुलिस की सांसें अटकीं
– पंजाब-हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई ने कुछ महीने पहले ही कोर्ट में पेशी के दौरान सलमान को जान से मारने की धमकी दी थी।
– लॉरेंस अभी भरतपुर जेल में है, लेकिन उसके 20 गुर्गे जोधपुर जेल में बंद हैं। पुलिस ने जेल डीजी को लेटर लिखा है लिखकर सलमान और अन्य कलाकारों की जेल में सुरक्षा का अनुरोध किया है। डीआईजी जेल ने कहा है कि फिल्म कलाकार जेल आते हैं तो उन्हें सभी कैदियों से अलग रखा जाएगा।

– बता दें कि मुंबई में शूटिंग के वक्त भी अनजान आदमी के हथियार लेकर सलमान के पास पहुंचने की खबर पर उन्हें पुलिस सुरक्षा में घर पहुंचाया गया था।

सलमान खान दोषी करार, फैसला आते ही रोने लगी बहन अलवीरा

जोधपुर। काले हिरण के शिकार के मामले में जोधपुर कोर्ट ने सलमान खान को तगड़ा झटका देते हुए उन्हें दोषी करार दिया है। वहीं सबूतों के अभाव में अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि जिस जज कोर्ट रूम में फैसला सुनाने के लिए आए तो सलमान ने जज के सामने खड़े होकर कहा, ‘मैं बेगुनाह हूं।’

फैसले से पहले कोर्ट पहुंचने वालों में सलमान खान सबसे आगे थे। काले रंग की शर्ट पहने और आंखों पर चश्मा लगाए सलमान खाने के चेहरे पर फैसले से पहले टेंशन साफ देखी जा सकती थी। इस दौरान उनके साथ उनकी बहन अलवीरा और अर्पिता भी मौजूद थी।

बताया जा रहा है कि जिस समय कोर्ट ने सलमान खान को दोषी करार दिया, उनकी बहन अलवीरा रोने लगी। बता दें कि अब तक सलमान के सभी मामलों पर अलवीरा ही नजदीक से नजर रखती आई हैं। इस केस में भी फैसले से पहले अलवीरा ही वकील के साथ चर्चा कर रहीं थीं।

वहीं केस में अन्य अरोपियों में सैफ अली खान, तब्बू के अलावा नीलम और सोनाली बेंद्रे अपने पति के साथ कोर्ट में पहुंचे। बता दें कि यह मामला सितंबर 1998 का है। आरोप है कि फिल्म ‘हम साथ साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान सैफ अली खान, तब्बू और सोनाली बेंद्रे के साथ सलमान खान ने राजस्थान में जोधपुर के पास कणकणी गांव में दो काले हिरणों का शिकार किया।

सरकारी वकील के मुताबिक, उस रात सारे कलाकार जिप्सी में सवार थे, जिसे सलमान खान चला रहे थे। हिरणों का झुंड देखने पर उन्होंने गोली चलाई और उनमें से दो हिरण मार दिये थे। उन्होंने कहा कि जब लोगों ने उन्हें देखा और उनका पीछा किया तो ये कलाकर मृत हिरणों को मौके पर छोड़कर भाग खड़े हुए।

काले हिरण मामले में सलमान दोषी करार, अन्य 5 आरोपी बरी

जोधपुर। काले हिरण के शिकार के मामले में जोधपुर कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने सलमान खान को दोषी करार दिया है, वहीं मामले में अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है। बताया जा रहा है कि फैसले से पहले कोर्ट में सलमान खान ने खुद को बेगुनाह बताया।

इस केस में सलमान के अलावा सैफ अली खान, तब्बु, नीलम, सोनाली बेंद्रे और एक स्थानीय व्यक्ति आरोपी हैं। सलमान के अलावा सभी आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। फैसले से पहले कोर्ट पहुंचने वालों में सलमान खान सबसे आगे थे। इस दौरान उनकी बहन अलवीरा और अर्पिता भी उनके साथ मौजूद थी। वहीं इसके बाद सैफ अली खान, नीलम और तब्बू कोर्ट पहुंचे। वहीं सोनाली बेंद्रे अपने पति गोल्डी बहल के साथ पहुंची।

1998 के इस मामले में कोर्ट ने 28 मार्च को सुनवाई पूरी कर ली थी। सलमान खान पर कुल 4 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें दो चिंकारा और दो काले हिरण के शिकार और एक आर्म्स ऐक्ट का मामला था। चिंकारा केस में सलमान खान बरी हो गए थे, वहीं आर्म्स ऐक्ट में भी उन्हें पिछले साल हाई कोर्ट ने बरी कर दिया था।

बाद में इन केसों के गायब गवाह हरीश दुलानी के सामने आने के बाद सलमान की मुश्किलें बढ़ गईं। राजस्थान सरकार ने गवाह को आधार बना सलमान पर हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। इसके बाद मामला फिर शुरू हो गया। सरकारी वकील के मुताबिक इस मामले में दोषी करार दिए जाने पर न्यूनतम एक साल और अधिकतम 6 साल तक की सजा हो सकती है।

यह है इस हाइप्रोफाइल केस की पूरी कहानी...सितंबर 1998: यह घटना ‘हम साथ साथ हैं’ फिल्म की शूटिंग के दौरान की है। आरोप है कि सैफ अली खान, तब्बू और सोनाली बेंद्रे के साथ सलमान खान ने राजस्थान में जोधपुर के पास कणकणी गांव में दो काले हिरणों का शिकार किया।

सरकारी वकील के मुताबिक उस रात सारे कलाकार जिप्सी में सवार थे, जिसे सलमान खान चला रहे थे। हिरणों का झुंड देखने पर उन्होंने गोली चलायी और उनमें से दो हिरण मार दिये थे। उन्होंने कहा कि जब लोगों ने उन्हें देखा और उनका पीछा किया तो ये कलाकर मृत हिरणों को मौके पर छोड़कर भाग खड़े हुए।

2 अक्टूबर 1998: बिश्नोई गांव के लोगों ने सलमान खान और हम साथ साथ हैं के उनके को-ऐक्टर्स के खिलाफ हिरणों के शिकार का केस दर्ज कराया।

12 अक्टूबर 1998: सलमान खान को विलुप्तप्राय जानवरों के शिकार के आरोप में गिरफ्तार किया गया, लेकिन उन्हें तुरंत जमानत भी मिल गई।

10 अप्रैल 2006: ट्रायल कोर्ट ने वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन ऐक्ट के तहत चिंकारा शिकार के केस में सलमान को दोषी ठहराया। उन्हें 5 साल की सजा सुनाई गई और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

31 अगस्त 2007: राजस्थान हाई कोर्ट ने चिंकारा शिकार मामले में सलमान को पांच साल की सजा सुनाई। एक हफ्ते बाद सलमान की अपील पर यह सजा सस्पेंड कर दी गई। सलमान खान ने एक सप्ताह का यह वक्त जोधपुर जेल में बिताया। बाद में हाई कोर्ट ने आर्म्स ऐक्ट के केस में भी सलमान को बरी कर दिया।

24 जुलाई 2012: राजस्थान हाई कोर्ट की बेंच ने काले हिरण के शिकार मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए। इसके बाद मामले में ट्रायल की राह खुली।

9 जुलाई 2014: राजस्थान सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सलमान खान को नोटि जारी किया। राजस्थान सरकार ने हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसके तहत सलमान की सजा को सस्पेंड किया गया था।

25 जुलाई 2016: राजस्थान हाई कोर्ट ने घोड़ा फार्म हाउस और भवाद गांव चिंकारा शिकार केस में सलमान खान को बरी कर दिया। हाई कोर्ट ने कहा कि इसके सबूत नहीं हैं कि सलमान की लाइसेंसी बंदूक से ही शिकार किया गया।

19 अक्टूबर 2016: राजस्थान सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। दरअसल 18 अक्टूबर 2016 को इस मामले में 10 साल से लापता गवाह हरीश दुलानी सामने आ गया। दुलानी ने दावा किया वह अपने पुराने बयान पर कायम है कि उसने सलमान को शिकार करते देखा है। राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दुलानी के इसी बयान को आधार बनाया।

11 नवंबर 2016: राजस्थान सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई को फास्ट ट्रैक करने के राजी हो गया।

15 फरवरी 2017: सलमान खान के वकील ने सबूत पेश करने से इनकार कर दिया। इससे पहले 27 जनवरी को बयान की रिकॉर्डिंग के दौरान सलमान खान ने खुद को निर्दोष बताते हुए सबूत पेश करने की इच्छा जताई थी। बाद में उनके वकील ने कहा कि सबूत पेश करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि उन्हें बेकसूर बताए जाने वाले सारे सबूत कोर्ट में पहले ही पेश किए जा चुके हैं। तब एक मार्च से इस मामले का ट्रायल शुरू होना था।

28 मार्च 2018: इस मामले में ट्रायल कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। चीफ जूडिशल मैजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री ने अपना फैसला सुरक्षित रखा।

व्हाट्सएप नए अपडेट के साथ लाया टुडे व्यू फीचर, कैसे करें इस्तेमाल

नई दिल्ली । आईफोन यूजर्स के लिए व्हाट्सएप में एक नया अपडेट आया है। इस अपडेट के अंतर्गत कुछ बदलाव लाए गए हैं। इस बदलाव के बाद आईफोन यूजर्स टुडे व्यू के अंतर्गत व्हाट्सएप में रीसेंट स्टेटस अपडेट देख पाएंगे। आईफोन के लिए आए इस व्हाट्सएप अपडेट में स्क्रीन ऑफ करने के बाद भी और दूसरी एप में जाने के बाद भी वॉयस मैसेजेज प्ले होते रहेंगे।

कौन से अपडेट में उपलब्ध ये फीचर्स? इन बदलावों को यूजर्स एप के अपडेटेड वर्जन (v2.18.40) को डाउनलोड कर के इस्तेमाल कर सकते हैं। यह अपडेट सिर्फ आईफोन यूजर्स के लिए है। व्हाट्सएप का यह वर्जन आईओएस 7.0 या उसके बाद के वर्जन पर कार्य करेगा।

आपको बता दें, पिछले हफ्ते एप में नया एंड्रॉयड बीटा वर्जन आया है। इसमें नए नंबर में शिफ्ट करने पर कॉन्टैक्ट्स को नोटिफाई करने का फीचर दिया गया है। व्हाट्सएप के अपकमिंग फीचर्स का ट्रैक रखने वाली वेबसाइट WaBetaInfo ने ट्वीट किया की- ”यह नया फीचर पुराने चेंज नंबर फीचर से कहीं बेहतर है। इसके अंतर्गत यूजर्स नोटिफाई के लिए कॉन्टैक्ट्स का चयन कर पाएंगे। इसी के साथ चैट हिस्ट्री नई चैट में मूव हो जाएगी। इससे डुप्लीकेट चैट की समस्या से भी निजात मिल जाएगा।”

कैसे कर पाएंगे फीचर इस्तेमाल : रिपोर्ट के अनुसार, यूजर्स अब खुद चयन कर पाएंगे की उन्हें कुछ कॉन्टैक्ट्स का सभी कॉन्टैक्ट्स का नोटिफिकेशन चाहिए। यूजर्स को व्हाट्सएप की सेटिंग्स में जाकर अकाउंट में चेंज नंबर विकल्प का चयन करना होगा।

पुराना नंबर और नया फोन नंबर डालने के बाद व्हाट्सएप आपसे पूछेगा की किन कॉन्टैक्ट्स को आपके नए नंबर के बारे में बताया जाए? माइग्रेशन के बाद, पुरानी चैट नई चैट में माइग्रेट हो जाएगी। नई चैट में एक बबल दिखाई देगा। उसमें यह दिखाई देगा की यूजर ने अपना नंबर बदल लिया है।

मर्सेडीज-बेंज ने लॉन्च किया GLS एसयूवी का ग्रैंड एडिशन

पुणे। मर्सेडीज-बेंज ने बुधवार को अपनी फ्लैगशिप एसयूवी GLS के ग्रैंड एडिशन को लॉन्च करने की घोषणा कर दी है। यह एसयूवी पेट्रोल (GLS 400) और डीजल (GLS 350 d) दोनों इंजन ऑप्शंस के साथ आती है। इसकी कीमत लगभग 86.9 लाख रुपये है। इस एसयूवी के लॉन्च के साथ कंपनी ने अपने एसयूवी लाइनअप में एक और बेहतरीन लग्जरी, परफॉर्मेंस और टेक्नॉलजी वाली गाड़ी जोड़ ली है।

इस प्रीमियम एसयूवी में कंपनी ने अपनी फ्लैगशिप सिडैन एस-क्लास की तरह प्लश इंटीरियर दिया है। साथ ही इस मॉडल में हर तरह के रास्तों पर चलने की क्षमताएं पहले की तरह ही मौजूद है। ग्रैंड एडिशन की लॉन्चिंग के मौके पर मर्सेडीज-बेंज इंडिया के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर रोलंड फॉल्गर ने कहा, ‘GLS को एसयूवी की श्रेणी में एस-क्लास कहा जा सकता है।

यह अपनी क्लास में बेहतरीन लग्जरी, परफॉर्मेंस और सेफ्टी के साथ आती है। इस गाड़ी का इस्तेमाल रोजाना के तौर पर भी किया जा सकता है और बेहतरीन परफॉर्मेंस के मौके पर भी यह आपको मायूस नहीं करेगी।’ GLS के इस स्पेशल एडिशन में यूनिक ब्लैक रिंग के साथ एलईडी इटेलिजेंट लाइट सिस्टम के साथ, 20 इंच के अलॉय वील्ज और बोनट पर क्रोम में ‘ग्रैंड एडिशन’ का बैज दिया गया है जो इस एसयूवी को एक्सक्लूसिव बनाता है।

इसमें हीटेड इंटीरियर और पैडल शिफ्टर्स के साथ मल्टीफंक्शनल लेदर स्टीयरिंग वील दिया गया है। इस गाड़ी में 7-इंच के 2 हाई डेफिनिशन स्क्रीन पीछे और नई डिजाइन का कलर डिस्प्ले वाला इन्स्ट्रूमेंट पैनल दिया गया है। फॉल्गर ने कहा, ‘आजकल भारतीय लोगों का झुकाव एसयूवी की तरफ काफी ज्यादा है और इसीलिए पूरी दुनिया में भारत GLS का छठा सबसे बड़ा मार्केट बन गया है। हमें पूरी उम्मीद है कि GLS का यह ग्रैंड एडिशन ग्राहकों को काफी पसंद आएगा।’

इस गाड़ी के पेट्रोल और डीजल दोनों वर्जन में 9-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, 4MATIC ऑल वील ड्राइव सिस्टम के साथ 3.0 लीटर का वी6 इंजन दिया गया है। इस एसयूवी में 5 ड्राइविंग मोड्स कम्फर्ट, स्पोर्ट, स्लिपरी, इंडिवजुअल और ऑफ रोड दिए गए हैं।

इसका पेट्रोल इंजन 333 पीएस की पावर और 420 न्यूटन मीटर का टॉर्क जबकि डीजल इंजन 258 पीएस की पावर और 620 न्यूटन मीटर का टॉर्क जेनरेट करता है। GLS के ग्रैंड एडिशन में पैनोरमिक सनरूफ, ऐपल कारप्ले और ऐंड्रॉयड ऑटो के साथ स्मार्टफोन कनेक्टिविटी जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। साथ ही, इस गाड़ी के साथ कुछ कॉस्ट इफेक्टिव सर्विस पैकेज भी दिए जा रहे हैं जिनके शुरुआत प्राइस GLS 400 के लिए 75,000 रुपये और GLS 350 d के लिए 1.04 लाख रुपये है।

RBI की मॉनेटरी पॉलिसी आज, ब्याज दरों पर होगा फैसला

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान आज होना है। ऐसेे में ब्याज दरों पर कोई फैसला आज लि‍या जा सकता है। बुधवार को इसे लेकर मीटिंंग शुरू हो गई थी।

हालांकि, इंडस्ट्री के दबाव के बावजूद ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम ही है। वहीं, इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड के दामों में तेजी से घरेलू मार्केट में महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। आरबीआई भी इस बात के संकेत दे चुका है। एक्सपर्ट्स भी मान रहे हैं कि आरबीआई इस बार पॉलिसी रेट में बिना बदलाव किए पुराने स्तर पर बरकरार रख सकता है।

बजट के बाद पहली पॉलिसी मीटिंग
आरबीआई इस मीटिंग का ब्योरा कल देगा, जो फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के लिए पहली रिव्यू मीटिंग है। इसे इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि बजट के बाद भी यह आरबीआई की पहली पॉलिसी मीटिंग है।

आरबीआई ने पिचली तीन पॉलिसी मीटिंग में प्रमुख अल्पकालिक उधारी दरों यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। पिछली बार अगस्त, 2017 में बेंचमार्क लेंडिंग रेट 0.25 फीसदी घटाकर 6 फीसदी की गई थीं, जो रेपो रेट का 6 साल का निचला स्तर था।

RBI पर है दबाव
रिटेल इनफ्लेशन में कमी आने से और ग्रोथ को बढ़ावा देने की जरूरत की वजह से आरबीआई पर पॉलिसी रेट में कटौती करने का दबाव है। इंडस्ट्री द्वारा भी ब्याज दरों में राहत की मांग की गई है। हालांकि एक्सपर्ट्स ये मान रहे हैं कि महंगाई में कमी टेम्परेरी है, आगे महंगाई बढ़ने का डर बना हुआ है। आरबीआई ने भी कहा था कि नए फाइनेंशियल की पहली छमाही में महंगाई दर ऊंची बनी रह सकती है।

इंडस्ट्री बॉडी फिक्की का कहना है कि इकोनॉमी में रिवाइवल के मजबूत संकेत दिख रहे हैं। ऐसे में मॉनेटरी पॉलिसी में राहत की जरूरत हे। फिक्की का कहना है कि मैन्युफैक्चरिंग में टर्न अराउंड की जरूरत है। वहीं, बेहतर इकोनॉमी के लिए निवेश बढ़ाने की भी जरूरत है।

FY19 में महंगाई बढ़ने का डर
कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्‍योरेंस फंड मैनेजर कुणाल शाह का कहना है कि एमपीसी कमिटी पहले ही महंगाई बढ़ने का डर जता चुकी है। एमएसपी बढ़ाने के एलान और क्रूड की कीमतों के बढ़ने से कमिटी को डर है कि फाइनेंशियल ईयर 2018-19 में महंगाई दर 5 फीसदी रह सकती है। ऐसे में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम है। उनका कहना है कि अगर मानसून सामान्य रहता है तो आगे रेट की गुंजाइश दिखेगी।

क्या कहना है ग्लोबल एजेंसियों का
अमेरिकी ब्रोकरेज कंपनी मॉर्गन स्टैनली ने एक रिपोर्ट में कहा है कि हमारा अनुमान है कि मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) रेट में कोई बदलाव नहीं करेगी। वहीं, बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच (बीएफएमएल) का भी मानना है कि इस बात की संभावना कम है कि ब्याज दरों में कोई बदलाव हो। मेरिल लिंच का कहना है कि इस साल अगर मॉनसून सामान्य रहता है तो अगस्त के रिव्यू में आरबीआई रेट घटाने का फैसला कर सकता है।

क्या कहना है इंडिया इंक का
औद्योगिक संगठनों का भी मानना है कि आरबीआई इस बार रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा। एसोचैम का कहना है कि रिजर्व बैंक के पास रेट घटाने की काफी कम गुंजाइश है। अभी रेपो रेट 6 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 5.75 फीसदी पर है।

RBI पॉलिसी से पहले सेंसेक्स 450 अंक बढ़ा, निफ्टी 10,300 के करीब

नई दिल्ली । ग्लोबल मार्केट से मिले पॉजिटिव संकेतों से गुरूवार को घरेलू शेयर बाजार की तेज शुरुआत हुई। अमेरिका और चीन में ट्रेड वार का असर कम होने से दुनिया भर के बाजारों में रिकवरी से बाजार को सपोर्ट मिला। शुरुआती कारोबार में चौतरफा खरीददारी से सेंसेक्स में 400 अंकों का उछाल देखन को मिला। वहीं निफ्टी 10,250 के पार निकल गया है।

एनएसई पर सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहा है। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीददारी दिख रही है। फिलहाल सेंसेक्स 477 प्वाइंट्स बढ़कर 33,496 औऱ निफ्टी 155 प्वाइंट्स उछलकर 10,284 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इससे पहले, सेंसेक्स 271 प्वाइंट्स बढ़कर 33,290 प्वाइंट्स औऱ निफ्टी 100 प्वाइंट्स चढ़कर 10,228 के स्तर पर खुला।

बाजार में तेजी की वजह
– गुरूवार को शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स में 1 फीसदी से ज्यादा तेजी देखने को मिली। आरबीआई द्वारा प्रोविजनिंग नॉर्म्स को कम करने के फैसले से बैंकिंग शेयरों में बढ़त से बाजार में रैली आई है।
– इसके अलावा ट्रेड वार की चिंता कम होने से बुधवार को अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी देखने को मिली। अमेरिकी बाजारों में तेजी से गुरूवार को एशियाई बाजारों में मजबूती आई। एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार हुआ। 

ब्याज दरों पर फैसला आज
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अगुवाई वाली मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की दो दिवसीय बैठक बुधवार को शुरू हो गई। एमपीसी चालू वित्त वर्ष की पहली द्विमासिक मॉनिटरी पॉलिसी बैठक के नतीजों की घोषणा आज करेगी। ज्यादातर एक्सपर्ट्स का मानना है कि आरबीआई ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं करेगा।

मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में जोरदार तेजी
लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीददारी देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.38 फीसदी मजबूत हुआ है। वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.55 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है।
मिडकैप शेयरों में जीएमआर इंफ्रा, इंडियन होटल, आईडीबीआई, नेशनल एल्युमीनियम, सेल, पेज इंडस्ट्रीज, जिंदल स्टील, ओबेरॉय रियल्टी, रैमको सीमेंट, टोरेंट पावर, रिलायंस कैपिटल, बैंक ऑफ इंडिया, एमआरएफ 2.39-3.56 फीसदी तक चढ़े हैं। हालांकि वक्रांगी, आरपावर और जिटेल इंडिया 4.98-0.37 फीसदी तक गिरे।

सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में
एनएसई पर सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहा है। सबसे ज्यादा तेजी निफ्टी मेटल इंडेक्स में 2.37 फीसदी दर्ज की गई है। बैंक निफ्टी 1.21 फीसदी की बढ़त के साथ 24,421.10 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसके अलावा ऑटो इंडेक्स 1.67 फीसदी, एफएमसीजी इंडेक्स 0.61 फीसदी, आईटी इंडेक्स 1.37 फीसदी, फार्मा इंडेक्स 1.29 फीसदी, पीएसयू बैंक इंडेक्स 1.52 फीसदी और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 1.97 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।

अमेरिकी बाजार में जोरदार तेजी
बुधवार के कारोबार में डाओ जोंस 231 अंक की उछाल के साथ 24,264 के स्तर पर बंद हुआ। नैस्डैक 101 अंक की मजबूती के साथ 7,042 के स्तर पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 30 अंक चढ़कर 2,645 के स्तर पर बंद हुआ। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 158.50 प्वाइंट्स की बढ़त के साथ 10,288.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जापान का बाजार निक्केई 348.28 प्वाइंट्स की उछाल के साथ 21,667.83 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। आज हैंग सेंग, ताइवान इंडेक्स और शंघाई कम्पोजिट बंद हैं।

Update
09:58 AM
ब्याज दरों पर फैसला आज
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अगुवाई वाली मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की दो दिवसीय बैठक बुधवार को शुरू हो गई। एमपीसी चालू वित्त वर्ष की पहली द्विमासिक मॉनिटरी पॉलिसी बैठक के नतीजों की घोषणा आज करेगी।
09:58 AM
सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में
एनएसई पर सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहा है। सबसे ज्यादा तेजी निफ्टी मेटल इंडेक्स में 2.37 फीसदी दर्ज की गई है। बैंक निफ्टी 1.21 फीसदी की बढ़त के साथ 24,421.10 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
09:38 AM
मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में जोरदार तेजी
लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीददारी देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.38 फीसदी मजबूत हुआ है। वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.55 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है।
09:26 AM
रुपया 12 पैसे की मजबूती के साथ खुला
सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन रुपए की मजबूत शुरुआत हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 12 पैसे की बढ़त के साथ 65.03 के स्तर पर खुला। इससे बुधवार को रुपए में गिरावट देखने को मिली। डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे गिरकर 65.15 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि रुपए की शुरुआत सपाट हुई थी। डॉलर के मुकाबले रुपया 1 पैसे की मामूली बढ़त के साथ 65 के स्तर पर खुला था।

टोयोटा ने फॉर्च्यूनर के डायमंड एडिशन से पर्दा उठाया

नई दिल्ली।  टोयोटा ने अपनी लोकप्रिय एसयूवी फॉर्च्यूनर के डायमंड एडिशन से पर्दा उठा दिया है। हालांकि कंपनी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि एसयूवी यह वेरियंट भारतीय मार्केट में कब पेश किया जाएगा लेकिन सबसे पहले साउथ अमेरिका के मार्केट में लॉन्च कर दिया गया है। साउथ अमेरिका में यह एसडब्ल्यू 4 नाम से बिकती है।

इस नए एडिशन में कंपनी ने लुक्स में कई बदलाव किए हैं। कंपनी ने इस एसयूवी के 18 इंच के अलॉय वील्ज को नई डिजाइन दी है और इसके ग्रिल को डार्क क्रोम से सजाया गया है। हालांकि इस गाड़ी में कोई खास मैकेनिकल चेंज नहीं किया गया है। साउथ अमेरिकन मार्केट में यह गाड़ी अभी भी पुराने इंजन के साथ बिकेगी। इंटीरियर में इस गाड़ी टैन लेदर सीट्स दी गई हैं और इसमें 10 स्पीकर्स के साथ जेबीएल का साउंड सिस्टम दिया गया है।

बता दें कि भारत में इस समय उपलब्ध टोयोटा फॉर्च्यूनर में 2.7 लीटर का पेट्रोल और 2.8 लीटर का डीजल इंजन दिया गया है जो क्रमशः 166 बीएचपी और 177 बीएचपी की पावर जेनरेट करते हैं। इसमें 6-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दिया गया है। भारतीय बाजार में टोयोटा की इस दमदार एसयूवी का मुकाबला फोर्ड की एंडेवर, इजूजू की एमयू-एक्स और जीप कम्पस से है।

‘ऐंटीबायॉटिक दवाओं से दुनियाभर में हर साल 7 लाख लोगों की मौत’

दिल्ली। एटना इंटरनैशनल ने अपने श्वेत पत्र ‘ऐंटीबायॉटिक प्रतिरोध: एक बहुमूल्य चिकित्सा संसाधन की ओर से बेहतर प्रबंध’ के जरिए ऐंटीबायॉटिक दवाओं के बुरे प्रभावों को बताया है।

पत्र में कहा गया है कि बीमारी के बोझ, खराब सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे, बढ़ती आय और सस्ती ऐंटीबायॉटिक दवाओं की अनियमित बिक्री जैसे कारकों ने भारत में एंटीबायॉटिक प्रतिरोध के संकट को बढ़ा दिया है।ऐंटीमिक्रोबियल प्रतिरोध (एएमआर) से दुनियाभर में हर साल करीब सात लाख लोगों की मौत हो रही है और 2050 तक यह आंकड़ा एक करोड़ तक पहुंच सकता है। इस आंकड़े में बढ़ोतरी का प्रमुख कारण ऐंटीबायॉटिक दवाओं का अनियंत्रित इस्तेमाल है।

पत्र में कहा गया, ‘जितनी तेजी से दुनिया का मेडिकल सेक्टर विकसित हो रहा है उतनी ही तेजी से ऐंटीबायॉटिक दवाओं का इस्तेमाल लोगों में बढ़ता जा रहा है।’

दुनियाभर में ऐंटीबायॉटिक प्रतिरोध के प्रति बढ़ती चिंता पर वी हेल्थ बाई एटना के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रशांत कुमार दास ने कहा, ‘अधिकांश भारतीय सोचते हैं कि ऐंटीबायॉटिक दवाएं सामान्य सर्दी और गैस्ट्रोएन्टेरिटिस जैसी बीमारियों का इलाज कर सकती हैं, जो गलत धारणा है।

इन संक्रमणों में से अधिकांश वायरस के कारण होते हैं और ऐंटीबायॉटिक दवाइयों की उनके इलाज में कोई भूमिका नहीं होती है।’ भारत दुनिया में ऐंटीबायॉटिक दवाओं के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है। इस मुद्दे पर एटना इंडिया के प्रबंध निदेशक मानसीज मिश्रा ने कहा, ‘ऐंटीबायॉटिक प्रतिरोध एक संकट है जो विश्व स्तर पर सभी को प्रभावित करता है।

एक वैश्विक, बहुमुखी रणनीतिक समाधान के साथ अब हमें इस मुद्दे को हल करने की आवश्यकता है।’ ऐंटीबायॉटिक दवाओं से होने वाली मौत के आंकड़ों में यूरोप सहित अमेरिका भी शामिल है। रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक इन दवाओं की बिक्री दुनिया के 76 गरीब देशों में तेजी से हो रही है।