नई दिल्ली। Red Chilli Price:लालमिर्च के प्रमुख उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में अभी तक बारिश की कमी बनी रहने के कारण लालमिर्च की बिजाई में विलम्ब हो रहा है। आमतौर पर जुलाई माह में लालमिर्च की बिजाई जोरों पर होती थी लेकिन इस वर्ष मानसून की बारिश न होने के कारण बिजाई का कार्य अगस्त माह में शुरू होने की संभावना है।
हाल ही में कुछ क्षेत्रों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। जानकार सूत्रों का कहना है कि गत सीजन में देश में लालमिर्च की पैदावार घटने के कारण लालमिर्च के दाम गत वर्ष की तुलना में अधिक बोले जा रहे हैं। जिस कारण इस वर्ष अभी उत्पादक राज्यों में लालमिर्च की बिजाई बढ़ने के अनुमान है।
उल्लेखनीय है कि उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने के कारण मध्य प्रदेश में लालमिर्च की बिजाई दो गुणा क्षेत्रफल पर की गई है। अन्य उत्पादक केन्द्रों पर भी इस वर्ष बिजाई अधिक रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
स्टॉक: चालू सीजन के दौरान पैदावार में कमी आने के कारण उत्पादक केन्द्रों पर लालमिर्च का स्टॉक भी गत वर्ष की तुलना में कम रहने के समाचार है। वर्तमान में प्रमुख मंडी गुंटूर में लालमिर्च का स्टॉक 38/40 लाख बोरी माना जा रहा है लेकिन गत वर्ष की इसी समयावधि की तुलना में लगभग 10 लाख बोरी कम है। खम्मम में भी लालमिर्च का स्टॉक 13/14 लाख बोरी होने के अनुमान है जबकि गत वर्ष स्टॉक 18/20 लाख बोरी का था। वारंगल में भी स्टॉक गत वर्ष के 17/18 लाख बोरी के मुकाबले 14/15 लाख बोरी माना जा रहा है।
आवक: सूत्रों का कहना है कि लगभग 85/90 प्रतिशत माल मंडियों में आ जाने के कारण वर्तमान में मंडियों में किसानी माल की आवक काफी कम रह गई है। प्रमुख मंडी गुंटूर में आवक 14/15 हजार बोरी एवं खम्मम 7/8 हजार बोरी की हो रही है जबकि वारंगल में आवक 4/5 हजार बोरी की चल रही है।
भाव: वर्तमान में गुंटूर मंडी में लालमिर्च तेजा का भाव 118/120 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है खम्मम में भी भाव 115/120 रुपए चल रहा है। वर्तमान में भाव गत वर्ष की तुलना में लगभग 50/60 रुपए प्रति किलो ऊंचे बोले जा रहे है। मगर स्टॉक की कमी के चलते हाल-फिलहाल कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है। सूत्रों का मानना है कि अभी भाव और बढ़ सकते हैं।
निर्यात: चीन की कमजोर मांग के चलते लालमिर्च का निर्यात प्रभावित हो रहा है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026-27 के प्रथम दो माह अप्रैल-मई – 2026 के दौरान लालमिर्च का निर्यात मात्रात्मक रूप में 35 प्रतिशत घटा है लेकिन ऊंचे भावों के चलते आय गत वर्ष के बराबर रही। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल-मई 2026 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 119438 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 2603.35 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-मई 2025 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 185011 टन का हुआ और प्राप्त आय 2591.64 करोड़ की रही। वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के दौरान लालमिर्च का कुल निर्यात 683681 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 10395.59 करोड़ की रही।

