Monday, July 27, 2026
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RBI की रोक के बाद, भारत छोड़ने की तैयारी में बिटकॉइन एक्सचेंज

मुंबई। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने जब से बैंकों के क्रिप्टोकरंसी में डीलिंग करने पर रोक लगाई है तब से जेबपे, यूरोकॉइन, कॉइनसिक्योर, बाययूकॉइन और बीटीसीएक्स इंडिया सहित बहुत से बिटकॉइन एक्सचेंज अपना मुख्यालय भारत से बाहर ले जाने की संभावनाएं तलाशने में जुट गए हैं।

बहुत से बिटकॉइन एक्सचेंज ने अपने अडवाइजर्स से सलाह मशविरा करना शुरू कर दिया है और वे कई तरह के टैक्स स्ट्रक्चर पर काम कर रहे हैं। ज्यादातर एक्सचेंज यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या वे अपना बेस सिंगापुर, डेलावेयर या बेलारूस जैसे देशों में शिफ्ट कर सकते हैं?

बैंकिंग रेग्युलेटर ने पिछले हफ्ते शुक्रवार को बैंकों से उन ऐंटिटीज या इंडिविजुअल्स को कोई भी सर्विस नहीं देने के लिए कहा था, जो वर्चुअल करंसी में डील करते हैं या फिर उसमें सेटलमेंट करते हैं। इस घोषणा के चलते कई इन्वेस्टर्स में क्रिप्टोकरंसी बेचने की होड़ मच गई है।

ज्यादातर क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज को इस बात का डर सता रहा है कि आरबीआई का ऐलान उनके कारोबार पर ताला लगा सकता है और उनके लिए देश में कामकाज चलाना मुश्किल हो जाएगा। क्रिप्टोकरंसी वॉलिट और एक्सचेंज बाययूकॉइन के सीईओ शिवम ठकराल ने कहा, ‘हमें अपनी कंपनी को ऐसे देश में ले जाना होगा, जहां का कानून बैंक खाता खोलने की इजाजत हो और जहां सिर्फ कागजी करंसी में डील करना जरूरी नहीं हो।’

ये एक्सचेंज देश में कामकाज बंद करने से पहले मौजूदा कस्टमर्स का अकाउंट सेटल करने की कोशिश कर रहे हैं। एक्सचेंजों का मानना है कि अगर वे अपना हेडक्वॉर्टर और परमानेंट एस्टेब्लिशमेंट किसी अन्य देश ले जाते हैं तो भारत के कुछ कानून उन पर लागू नहीं होंगे।

परमानेंट एस्टेब्लिशमेंट टैक्स का एक कॉनसेप्ट है, जिसके तहत यह तय होता है कि किस देश को संबंधित एंटिटी से टैक्स वसूलने का अधिकार है। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक्सचेंजों के पास दो ही रास्ते होंगे, या तो वे बिजनस बंद करें या किसी दूसरे देश में उसे ले जाएं।

ग्रांट थॉर्नटन अडवाइजरी के डायरेक्टर रियाज थिंगना ने कहा, ‘एक्सचेंजों के विदेश में शिफ्ट होने पर भी भारतीय निवेशक इनोवेटिव स्ट्रक्चर के जरिए उनके मार्फत वर्चुअल करंसी में निवेश जारी रख पाएंगे। हालांकि, इससे भारत में वर्चुअल करंसी ट्रेडिंग का वॉल्यूम कम होगा, लेकिन यहां के बिजनस से होने वाले मुनाफे पर शायद टैक्स ना लगे क्योंकि इनका परमानेंट एस्टेब्लिशमेंट विदेश शिफ्ट हो चुका होगा।’

इन एक्सचेंजों को सिर्फ आरबीआई से ही दिक्कत नहीं हो रही है, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), आयकर विभाग और अप्रत्यक्ष कर विभाग की वजह से भी उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। आयकर विभाग ने करीब 5 लाख निवेशकों को नोटिस जारी किया था।

अप्रत्यक्ष कर विभाग ने भारत में काम करने वाले बिटकॉइन एक्सचेंजों की इसलिए जांच शुरू की है ताकि उन पर किस रेट से जीएसटी लगाना है, यह तय किया जा सके। पिछले वित्त वर्ष में सेल्स टैक्स डिपार्टमेंट और वैट अथॉरिटीज ने बिटकॉइन पर टैक्स लगाने को लेकर जांच शुरू की थी।

सूत्रों ने बताया कि हालिया सख्ती के बाद जहां इनमें से कुछ एक्सचेंजों ने अपने अडवाइजर्स से कानूनी राय मांगी है, वहीं दूसरे एक्सचेंज विदेश जाने की तैयारी शुरू कर चुके हैं। इंडस्ट्री पर नजर रखने वालों का कहना है कि ज्यादातर बिटकॉइन एक्सचेंजों को पहले से बैन लगाए जाने की आशंका थी। इसलिए उन्होंने पहले से ही देश से बाहर मौजूदगी बना ली थी।

ब्लॉक चेन कंसल्टेंसी, ब्लॉक नेक्स्ट सॉलूशंस के फाउंडर सिद्धार्थ सोगनी ने कहा, ‘अधिकतर भारतीय एक्सचेंजों ने सिंगापुर और अमेरिका में कंपनी खोल रखी है। भले ही उन्हें विदेश जाना पड़ रहा हो, लेकिन कोई भी क्लाइंट उनकी वेबसाइट यहां से एक्सेस करके क्रिप्टो टु क्रिप्टो ट्रेड कर सकता है।’ ब्लॉक नेक्स्ट कंपनियों को क्रिप्टोकरंसी में निवेश करने में मदद करती है।

बाजार में तेजी, सेंसेक्स 150 अंक मजबूत, निफ्टी 10,380 के ऊपर

नई दिल्ली। एशियाई बाजारों से मिले संकेतों से सप्ताह के पहले ट्रेडिंग सेशन में सपाट शुरुआत के बाद घरेलू शेयर बाजार में बढ़त देखने को मिल रही है। शुरुआती कारोबार में बैंक, ऑटो, मेटल समेत सभी सेक्टर के शेयरों में तेजी से निफ्टी 10,379.25 तक पहुंचने में कामयाब रहा। वहीं सेंसेक्स 33763.42 के स्तर तक गया।

सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमश: 0.28 फीसदी और 0.34 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। हैवीवेट एसबीआई, आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी, मारुति में बढ़त से बाजार को सपोर्ट मिला है। फिलहाल सेंसेक्स 159 अंक की बढ़त के साथ 33,786 और निफ्टी 51 अंक बढ़कर 10,382 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इससे पहले, सेंसेक्स 27 अंक की बढ़त के साथ 33,654 अंक पर खुला। वहीं निफ्टी की शुरुआत 2 अंक की उछाल के साथ 10,334 के स्तर पर हुई।

मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में तेजी
लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप औऱ स्मॉलकैप शेयरों में खरीददारी देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.45 फीसदी बढ़ा है। वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.62 फीसदी की तेजी आई है।
मिडकैप शेयरों में पेज इंडस्ट्रीज, नेशनल एल्युमीनियम, आईजीएल, जिंदल स्टील, इंडियन होटल, एनबीसीसी, आईडीबीआई, एमएफएसएल, आरबीएल बैंक, जीएसके कंज्यूमर, ओबेरॉय रिटल्टी, सन टीवी 1.12-3.24 फीसदी तक बढ़े हैं।

सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में
कारोबार में सभी सेक्टोरल इंडेक्स में हरे निशान में नजर आ रहे हैं। मेटल, पीएसयू बैंक, ऑटो, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर ड्युरेबल्स और ऑयल एंड गैस शेयरों में खरीददारी दिख रही है। बैंक निफ्टी करीब 0.36 फीसदी की बढ़त के साथ 24,963.70 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। सबसे ज्यादा तेजी निफ्टी मेटल में 0.97 फीसदी दर्ज की ।

DII रहे खरीददार, FII ने की बिकवाली
शुक्रवार के कारोबार में डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने घरेलू शेयर बाजार में 1305.45 करोड़ रुपए की खरीददारी की। वहीं फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने 524.85 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।

Update
09:53 AM
सेंसेक्स 100 अंक मजबूत, निफ्टी 10,350 के पार
शुरुआती कारोबार में बैंक, ऑटो, मेटल समेत सभी सेक्टर के शेयरों में तेजी से निफ्टी 10,379.25 तक पहुंचने में कामयाब रहा। वहीं सेंसेक्स 33763.42 के स्तर तक गया।
09:53 AM
सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में
कारोबार में सभी सेक्टोरल इंडेक्स में हरे निशान में नजर आ रहे हैं। मेटल, पीएसयू बैंक, ऑटो, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर ड्युरेबल्स और ऑयल एंड गैस शेयरों में खरीददारी दिख रही है। बैंक निफ्टी करीब 0.36 फीसदी की बढ़त के साथ 24,963.70 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। सबसे ज्यादा तेजी निफ्टी मेटल में 0.97 फीसदी दर्ज की गई है।
09:23 AM
रुपया 12 पैसा बढ़कर खुला
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन रुपए की मजबूत शुरुआत हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 12 पैसी की बढ़त के साथ 64.85 के स्तर पर खुला। इम्पोर्ट्स द्वारा बिकवाली और प्रॉफिट बुकिंग की वजह से शुक्रवार को रुपया सपाट बंद हुआ था। डॉलर के मुकाबले रुपया 1 पैसे की बढ़त के साथ 64.96 के स्तर पर बंद हुआ था।
09:23 AM
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
सप्ताह के पहले ट्रेडिंग सेशन में एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 0.24 फीसदी की गिरावट के साथ 10,317 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जापान का बाजार निक्केई 13 अंक की मामूली बढ़त के साथ 21,580 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

हालांकि हैंग सेंग 225 अंक की उछाल के साथ 30,070 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी 0.43 फीसदी की बढ़त के साथ 2440 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि ताइवान इंडेक्स 0.26 फीसदी बढ़कर 10,850 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। शंघाई कम्पोजिट में 0.23 फीसदी की बढ़त नजर आ रही है। वहीं स्ट्रेट्स टाइम्स 0.42 फीसदी की कमजोरी के साथ 3,428 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

JEE मेन्स : कट ऑफ स्कोर इस बार 75 से 80 अंकों के बीच संभव

कोटा। जेईई मेन्स का कट ऑफ स्कोर इस बार 75 से 80 अंकों के बीच रह सकता है। वहीं, 160 से अधिक अंक हासिल करने वाले स्टूडेंट्स को अच्छी एनआईटी में एडमिशन मिल जाएगा। 15 हजार तक की रैंक हासिल करने वालों को भी आसानी से टॉप एनआईटी मिलने की संभावना है।

रविवार को शहर के 18 केंद्रों पर जेईई मेन्स का ऑफलाइन एग्जाम हुआ। अब 15 व 16 अप्रैल को ऑनलाइन एग्जाम होगा। इसके बाद 24 से 27 अप्रैल तक स्टूडेंट्स के रिस्पोंस और आंसर की जारी की जाएगी। किसी जवाब पर संशय होने पर स्टूडेंट्स 1 हजार रुपए जमा करके आपत्ति कर सकते हैं। 

– इस साल 2.24 लाख स्टूडेंट्स को एडवांस देने का मौका मिलेगा। इसलिए पिछले साल के मुकाबले मेरिट थोड़ी कम रहेगी।
– 2017 में जनरल वर्ग के स्टूडेंट्स की कटऑफ 81, ओबीसी की 49, एससी की 32 और एसटी की 27 अंक रही थी।
– इस साल के पेपर में 10 सवाल ऐसे थे, जो जेईई मेन्स के सिलेबस में तो हैं, लेकिन एडवांस के सिलेबस में नहीं हैं।
– ऐसे में जिन स्टूडेंट्स ने मात्र एडवांस के सिलेबस से मेन्स की तैयारियां की थी, उनको नुकसान हो सकता है।
– 16 सवाल ऐसे थे, जो पिछले तीन व चार साल के एग्जाम में आ चुके हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार पेपर आसान रहा।
– हालांकि मैथ्स का पेपर लेंदी रहा। कोटा में 9800 परीक्षार्थियों में से 160 अनुपस्थित रहे। 

एक्सपर्ट बोले 
– केमेस्ट्री के पेपर में थ्योरी पोर्शन ज्यादा था, इसलिए उसका स्तर थोड़ा मुश्किल रहा। मैथ्स में 5 से 6 सवाल लेंदी थे, लेकिन मुश्किल नहीं थे। फिजिक्स का पेपर तुलनात्मक रूप से सबसे आसान रहा। इसको देखते हुए कट ऑफ 75 से 80 के बीच रहने की संभावना है। –वीके बंसल, एमडी, बंसल क्लासेज
– फिजिक्स और मैथ्स स्कोरिंग रहेंगे। पेपर एनसीईआरटी बेस्ड रहा। हर साल एक-दो सवाल एनसीईआरटी के बाहर के आते हैं। कुछ टॉपिक्स से काफी सवाल पूछे गए। केमिस्ट्री में कार्बोनाइल कपाउंड और फिजिक्स में ज्योमेट्रिकल ऑप्टिक्स से सवाल नहीं आना बड़ी बात रही। -बृजेश माहेश्वरी, एकेडमिक डायरेक्टर, एलन
– एडवांस क्वालीफाई करने वालों की संख्या 4 हजार बढ़ाने से कट ऑफ पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। लास्ट ईयर से पेपर लेंदी जरूर था। ओवरऑल पेपर अच्छा रहा। 75 से 80 नंबरों के बीच कट ऑफ स्कोर रह सकता है। पेपर में कोई कमी नजर नहीं आई।-शैलेंद्र माहेश्वरी, एकेडमिक डायरेक्टर, करिअर प्वाइंट

नीदरलैंड्स: 4 रोबोट ने बनाया दुनिया का पहला थ्रीडी प्रिंटेड ब्रिज

एम्सटर्डम। यह दुनिया का पहला थ्रीडी प्रिंटेड फुटओवर ब्रिज है। इसे नीदरलैंड्‌स की टेक स्टार्टअप कंपनी एमएक्स3डी ने बनाया है। ब्रिज को बनाने में 4 रोबोट को 6 महीने लगे हैं। इसे 2019 में शहर की सबसे पुरानी नहर पर लगाया जाएगा।

यह दुनिया का सबसे बड़ा थ्रीडी प्रिंटेड मैटल स्ट्रक्चर भी है। ब्रिज में लगे सेंसर परफॉर्मेंस पर नजर रखते हैं। विस्थापन, तनाव, वाइब्रेशन एयर क्वालिटी और तापमान मापते हैं। इस डाटा से ब्रिज की सेहत का पता चलता है। इससे अगले प्रोजेक्ट में जरूरी सुधार करने में आसानी होगी। ऐसे समझिये —-

स्टेनलेस स्टील इस्तेमाल  4,500 किलो
तार का उपयोग          36 लाख फुट
लंबाई                     12.5 मीटर 
चौड़ाई                      6.3 मीटर 

आईजी पत्नी के साथ बेटे को छोड़ने परीक्षा केंद्र के अंदर गए, जानिए फिर क्या हुआ

कोटा। जेईई मेन्स के ऑफलाइन एग्जाम में सख्ती के लाख दावों के बावजूद कोटा के आईजी विशाल बंसल अपनी पत्नी के साथ जयपुर के एक सेंटर पर अंदर तक पहुंच गए। इस सेंटर पर उनके बेटे का एग्जाम था। जबकि सीबीएसई की गाइडलाइन के अनुसार स्टाफ और स्टूडेंट्स को छोड़कर किसी को भी सेंटर के मेन गेट के अंदर जाने की इजाजत नहीं थी।

कोटा के कई सेंटर्स पर तो एग्जाम के दौरान पैरेंट्स को 100 मीटर के दायरे के आसपास भी नहीं आने दिया। बार-बार व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए पुलिस पैरेंट्स को मेन गेट के बाहर से हटा रही थी।  दरअसल, कोटा आईजी बंसल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो की डिटेल के मुताबिक वे जयपुर के जवाहर नगर स्थित माहेश्वरी पब्लिक स्कूल में अपने बेटे को जेईई मेन्स का एग्जाम दिलवाने के लिए गए। इस दौरान वे अपनी पत्नी के साथ बेटे को छोड़ने सेंटर के मेन गेट से अंदर चले गए। काफी देर तक खड़े भी रहे। इस दौरान वहां तैनात पुलिस जाब्ता भी शांत रहा।

यह देखकर वहां मौजूद पेरेंट्स ने हंगामा कर दिया। वीडियो में कुछ पेरेंट्स पुलिस से कहते दिख रहे हैं कि आईजी और मैडम को बाहर निकालो। वहीं पुलिसकर्मी पब्लिक को शांत करवा रहे हैं। कुछ पेरेंट्स ने मीडियाकर्मियों को सूचना देने की बात कही तो पुलिसकर्मियों ने कहा कि बुला लो। पुलिसकर्मियों का तर्क था कि प्रोसीजर के अनुसार ही आईजी को अंदर जाने दिया।

सिर्फ स्टूडेंट्स और स्टाफ को ही एंट्री
नियम के मुताबिक सेंटर में 7 बजे से स्टूडेंट्स की एंट्री शुरू हो गई थी। इसके बाद किसी भी बाहरी व्यक्ति की एंट्री एग्जामिनेशन सेंटर में नहीं होनी थी। स्टूडेंट्स को भी कड़ी जांच के बाद ही अंदर जाने दिया गया। सभी तरह के गहने और मोबाइल बाहर ही रखवा लिए गए। यहां तक कि स्टाफ को भी मोबाइल ले जाने की इजाजत नहीं थी। 

क्लास रूम में नहीं गया 
बेटे की परीक्षा थी इसलिए उसे जयपुर में एग्जाम सेंटर पर छोड़ने गया था। क्लास रूम में न मैं गया और न मेरी पत्नी। एग्जाम स्टार्ट होने के 15-20 मिनट पहले ही मैं स्कूल छोड़ चुका था।
– विशाल बंसल, आईजी कोटा रेंज

बिना डॉक्टरी सलाह नहीं मिलेगी गोरा बनाने वाली क्रीम

नई दिल्ली। अब गोरा बनाने का दावा करने वाली क्रीम बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेगी। सरकार ने एंटीबॉयोटिक और स्टेरॉयड मिक्स वाली ऐसी 14 तरह की क्रीम को ओवर द काउंटर की लिस्ट से हटा दिया है। इसकी जगह इन्हें शिड्यूल-H में शामिल किया है। यानी अब ऐसी क्रीम खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची जरूरी होगी। इसके तहत अब ऐसी क्रीम लेने के लिए डॉक्टर की सहमति लेना जरूरी है।

ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड ने किया रिकमंड
हेल्थ मिनिस्ट्री इस बारे में नोटिफिकेशन भी जारी कर चुकी है, जिसमें यह जानकारी दी गई है कि एस्टेरॉयड मिक्स क्रीम को बगैर डॉक्टर के सलाह बेचने वालों पर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) एक्शन ले सकता है। ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड से सलाह करने के बाद यह निर्णय लिया गया है।

ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड ने यह रिकमंड किया कि बिना डॉक्टर की पर्ची के ऐसी क्रीम की बिक्री पर रोक लगाई जाए। यह रिकमंडेशन सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन को भी भेजा गया था।

बिना गाइडेंस बिक रहे थे प्रोडक्ट
नए नियम के अनुसार, डेसोनाइड,बेक्लोमेथासोन सहित इस तरह की 14 चीजों का जिन क्रीम में इस्तेमाल होगा, उसके लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है। असल में इसके पहले डर्मेटोलॉजिस्ट की ओर से यह लगातार शिकायतें आ रही थीं कि कुछ कंपनियां बिना मेडिकल गाइडेंस पूरा किए एस्टेरॉएड बेस्ड क्रीम मार्केट में बेच रही हैं। इसके गलत इस्तेमाल से यूजर को गंभीर परेशानी भी हो सकती है। रिवाइज्ड रूल के अनुसार ऐसी क्रीम ऑर्डिनैरी फेस क्लीनिंग के लिए इस्तेमाल नहीं की जा सकती हैं।

बिना सलाह नहीं हो सकते इस्तेमाल
स्टेरॉयड व एफडीसी वाले फेयरनेस क्रीम दवा की कटेगिरी में आते हैं, जिसके बावजूद ये मार्केट में बिना प्रिस्क्रिप्सन खुलेआम बिक रहे हैं। इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट, वेनरियोलॉजिस्ट एंड लैप्रोलॉजिस्ट ने काफी पहले डीजीसीआई व सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन से मांग की थी कि बिना प्रिस्क्रिप्सन ऐसे प्रोडक्ट की सेल बैन हो। ये प्रोडक्ट दवा की तरह हैं और बिना एक्सपर्ट की सलाह के इस्तेमाल नहीं हो सकते। इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट, वेनरियोलॉजिस्ट एंड लैप्रोलॉजिस्ट के अनुसार स्टेरॉयड वाली फेयरनेस क्रीम एक तरह से दवा है।

परेशानी ठीक करने का दावा करती हैं कंपनियां
इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट, वेनरियोलॉजिस्ट एंड लैप्रोलॉजिस्ट के अनुसार ऐसे प्रोडक्ट बनाने वाली तमाम कंपनियां विज्ञापनों के जरिए किसी बीमारी को ठीक करने या दाग-धब्बे मिटाने का दवा करती हैं। जबकि, ये प्रोडक्ट ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के तहत स्पेसिफाइड हैं। कोई भी मैन्युफैक्चरर इन प्रोडक्ट के जएि बीमारी ठीक करने का दावा नहीं कर सकता है। लेकिन, बहुत से लोग उनके दावों को सही मान बैठते हैं। इस तरह के विज्ञापनों पर भी रोक लगाई जानी जरूरी है।

नीरव-मेहुल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी

नई दिल्ली। 13 हजार करोड़ के पीएनबी फ्रॉड केस में आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि वारंट के लिए सीबीआई ने रिक्वेस्ट की थी। उधर, पीएनबी के मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा कि बैंक 6 महीने के भीतर इस मुश्किलों और दर्द से उबर जाएगा।

उन्होंने कहा, “खराब वक्त पीछे छूट गया है। सर्जरी के बाद अब लगता है कि सबकुछ कंट्रोल में है। अब हम सुधार वाले चरण में आ गए हैं।” बता दें कि जालसाजी उजागर होने के पहले ही नीरव मोदी, गीतांजलि जेम्स के मालिक मेहुल चौकसी देश से बाहर हैं।

कारण बताओ नोटिस भेजा था, पासपोर्ट रद्द किए- सिंह
– राज्यसभा में वीके सिंह ने जानकारी दी थी कि 23 मार्च को हांगकांग की सरकार से नीरव मोदी के प्रोविजिलन अरेस्ट की अपील की गई थी। इसके बाद उसके औपचारिक प्रत्यर्पण की अपील की जाएगी। उन्होंने कहा, “विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के खिलाफ सीबीआई में केस दर्ज होने के बाद उनके पासपोर्ट निलंबित कर दिए गए थे। 16 फरवरी को दोनों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया था और इसका एक हफ्ते में जवाब मांगा गया था। दोनों ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद 23 फरवरी को दोनों के पासपोर्ट रद्द कर दिए गए।”

अब तक नीरव-मेहुल के ठिकानों पर 251 छापे
– ईडी देश भर में नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के ठिकानों पर 251 छापे मार चुकी है। इसमें करीब 7,638 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी अटैच की गई।
– नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के खिलाफ लुकआउट/ब्लू कॉर्नर नोटिस के साथ गैरजमानती वारंटभी जारी हो चुके हैं। दोनों के पासपाेर्ट रद्द कर दिए गए हैं।
कब और कैसे हुआ फ्रॉड?
– फ्रॉड की शुरुआत पीएनबी की मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में 2011 से हुई। फ्रॉड फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (एलओयू) के जरिए किया गया।
– फर्जी एलओयू तैयार कर 2011 से 2018 तक हजारों करोड़ की रकम विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई।

खुलासा कब हुआ?
– फ्रॉड का खुलासा फरवरी के पहले हफ्ते में हुआ। पंजाब नेशनल बैंक ने सेबी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को 11,356 करोड़ रुपए के घोटाले की जानकारी दी।
– बाद में पीएनबी ने सीबीआई को बैंक में 1300 करोड़ के नए फ्रॉड की जानकारी दी। पीएनबी फ्रॉड अब करीब 13 हजार करोड़ तक जा पहुंचा है।

आधार आईआरसीटीसी से लिंक कराएं और पाएं 10,000 रुपए

नई दिल्ली। रेलवे के अनुसार आईआरसीटीसी अकाउंट से आधार लिंक करने के बाद आपका पीएनआर नंबर इस स्कीम में शामिल हो जाएगा। इसके बाद कंप्यूटर की मदद से हर महीने 5 लकी विजेता चुने जाएंगे। जिस महीने आप टिकट बुक करेंगे, उसके अगले महीने के पहले हफ्ते में आपको पता चल जाएगा कि आप जीते हैं या नहीं।

इस स्कीम में जीतने वालों की जानकारी IRCTC साइट व जीतने वालों की रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर आएगी।
ऐसे यूजर्स जो रजिस्टर्ड हैं, और जिन्होंने आधार केवाईसी करावाया है, वही इस ऑफर के लिए एलिजिबल होंगे।
यूजर को कम से कम एक टिकट बुक करना होगा। बुकिंग करवाने वाले यूजर की डिटेल उसके आईआरसीटीसी पर बनी प्रोफाइल से मैच होनी चाहिए।

ऐसे यूजर जिन्होंने यात्रा कैंसल कर दी है और टीडीआर फाइल किया है, वे इसके लिए एलिजिबिल नहीं होंगे।
यह स्कीम दिसंबर से शुरू हो गई है और अगले 6 महीनों तक चलेगी। लकी ड्रॉ स्कीम के बारे में पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आप आईआरसीटीसी के अलर्ट एंड अपडेट्स सेक्शन में जा सकते हैं।

इंजिनियरिंग का क्रेज घटा ? बंद होंगे 200 कॉलेज

नई दिल्ली। किसी वक्त काफी डिमांडिंग रही इंजिनियरिंग के प्रति धीरे-धीरे छात्रों की दिलचस्पी में कमी आई है। साल 2012-13 से इंजिनियरिंग में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या में करीब 1.86 लाख की कमी आई है। छात्रों की दिलचस्पी कम होने से कई कॉलेज बंद होने की कगार पर हैं।

ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) के मुताबिक, करीब 200 इंजिनियरिंग कॉलेजों ने बंद करने की अनुमति मांगते हुए आवेदन दिए हैं। दूसरे-तीसरे दर्जे के ये इंजिनियरिंग कॉलेज अब दाखिला नहीं लेंगे लेकिन मौजूदा बैच का कोर्स पूरा होने तक चलते रहेंगे।

एआईसीटीई के चेयरपर्सन अनिल साहस्रबुद्धे ने बताया, ‘मौजूदा बैच के ग्रैजुएट होने तक ये कॉलेज चलते रहेंगे। लेकिन इस साल से छात्रों को दाखिला नहीं देंगे। यानी अब से तीन-चार साल बाद ये इंजिनियरिंग कॉलेज बंद हो जाएंगे।’ कॉलेजों के बंद होने से इंजिनियरिंग की सीटों में भी गिरावट आएगी।

इस साल करीब 80,000 सीटों की कटौती का अनुमान है और 2018-19 समेत चार सालों के अंदर इंजिनियरिंग कॉलेजों में करीब 3.1 लाख सीटें कम हो जाएंगी।  2016 से हर साल इंजिनियरिंग में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या कम हो रही है। एआईसीटीई के मुताबिक, हर साल करीब 75,000 छात्र कम हो रहे हैं।

2016-17 में अंडरग्रैजुएट लेवल पर दाखिले की क्षमता 15,71,220 थी जबकि दाखिले हुए 7,87,127 यानी दाखिले में 50 फीसदी गिरावट आई। 2015-16 में कुल प्रवेश क्षमता 16,47,155 थी जबकि दाखिला 8,60,357 हुआ यानी 52 फीसदी गिरावट।

खैर संतोषजनक बात यह है कि जहां इन कॉलेजों में दाखिला कम हुआ है, वहीं अग्रणी संस्थानों जैसे इंडियन इंस्टिट्यूट्स ऑफ टेक्नॉलजी या नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (एनआईटी) में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या में इजाफा हुआ है।

एक वरिष्ठ एचआरडी अधिकारी ने बताया कि जो कॉलेज बंद होने वाले हैं, उनको ज्यादातर छात्र पसंद नहीं करते हैं। वे इन कॉलेजों को घटिया समझते हैं। यही कारण है कि आईआईटीज और एनआईटीज में दाखिला बढ़ रहा है।

एआईसीटीई ने अब यह फैसला भी किया है कि टेक्निकल इंस्टिट्यूशंस को 2022 तक अपने कम से कम 50 फीसदी प्रोग्रामों के लिए नैशनल बोर्ड ऑफ ऐक्रेडिटेशन (एनबीए) से मान्यता लेनी होगी। मौजूदा समय की बात करें तो भारत में करीब 10 फीसदी कोर्सों के लिए ही मान्यता ली जाती है।

मार्च 2018 में सबसे ज्यादा बिकीं छोटी कारें, वीडियो

बिक्री के मामले में मारुति सुजुकी लगातार टॉप पोजिशन पर बनी हुई है। कई एंट्री लेवल कारों वाली इस कंपनी ने सेल्स के मामले में एक बार फिर बढ़िया परफॉर्म किया है। आइए, जानते हैं मार्च 2018 में सबसे ज्यादा बिकने वाली टॉप 10 कारों के बारे में…

मारुति सुजुकी की आॅल्टो : लगातार टॉप सेलिंग कार बनी हुई है। मार्च में इसकी कुल 23,303 यूनिट्स बिकीं और इस आंकड़े के साथ यह लिस्ट में टॉप पर है।

मारुति सुजुकी स्विफ्ट : शुरुआत से ही लोगों की पसंद रही इस गाड़ी की कुल 19,207 यूनिट्स बिकीं। इसकी लेटेस्ट थर्ड जेनरेशन मॉडल को लोग खूब पसंद कर रहे हैं।

बलेनो लिस्ट: मारुति सुजुकी की ही दूसरी कार, बलेनो लिस्ट में तीसरे स्थान पर है। इसकी मार्च में कुल 16,254 यूनिट्स बिकीं।  

मारुति सुजुकी वैगनआर : इस हैचबैक को भी लोग लगातार पसंद कर रहे हैं। मार्च में इसकी कुल 14,208 यूनिट्स बिकीं और यह चौथे स्थान पर है।

ह्यूंदै एलीट आई20 : लिस्ट में पांचवें स्थान पर मौजूद यह ह्यूंदै की पहली कार है। इसकी मार्च में कुल 12,476 यूनिट्स बिकीं। लिस्ट में पांचवें स्थान पर मौजूद यह ह्यूंदै की पहली कार है।

ह्यूंदै ग्रैंड आई10:इसकी मार्च में कुल 12,476 यूनिट्स बिकीं। लिस्ट में पांचवें स्थान पर मौजूद यह ह्यूंदै की पहली कार है। इसकी मार्च में कुल 12,476 यूनिट्स बिकीं। 

टाटा टियागो:यह लिस्ट में टाटा की पहली कार है और मार्च में 8,123 यूनिट्स की बिक्री के साथ यह सातवें स्थान पर है।

मारु​ति सुजुकी सिलेरियो: लिस्ट में आठवें स्थान पर मौजूदा सिलेरियो की मार्च में कुल 7,395 यूनिट्स बिकीं।

रेनॉ क्विड : यह लिस्ट में रेनॉ की एकमात्र कार है और मार्च में इसकी कुल 5,835 यूनिट्स बिकीं।

ह्यूंदै इआॅन : लिस्ट में दसवें स्थान पर मौजूद इस कार की मार्च में कुल 4,500 यूनिट्स बिकीं।