Monday, July 27, 2026
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RTO के जुर्माने से खफा ट्रांसपोर्टरों ने किया कोटा स्टोन का लदान ठप

कोटा। ओवरलोड वाहनों पर करोड़ों की पेनल्टी के चलते संभाग में कोटा स्टोन का लदान करने वाले 900 ट्रकों के पहिए थम गए हैं। इसकी वजह से हाड़ौती की 2200 से अधिक स्टोन फैक्ट्रियों में कामकाज ठप हो गया है। 60 से अधिक खदानों में भी काम बंद है। रोज 5 से 6 करोड़ का कारोबार प्रभावित हो रहा है।

इससे खान श्रमिकों, ट्रक चालकों समेत फैक्ट्रियों के 2 लाख कर्मचारियों के आगे संकट खड़ा हो गया है। वहीं कोटा स्टोन स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन इसके विरोध में बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में है। स्टोन व्यापारी 14 मार्च को जयपुर में सीएम अशोक गहलोत से भी मिलेंगे। हाड़ौती कोटा स्टोन एसोसिएशन के चेयरमैन विकास जोशी ने बताया कि कोटा संभाग में जैसे-तैसे कोटा स्टोन का काम चलने लगा था, लेकिन अब ट्रकों पर जुर्माने से सारी फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं। इसका सीधा असर 70 से 80 हजार फैक्ट्री कर्मचारियों पर पड़ेगा।

परिवहन विभाग की ओर से जुर्माना लगाने के विरोध में लोकल ट्रक यूनियन ने सोमवार से ही खदान व स्टॉक से कोटा स्टोन का लदान बंद कर दिया है। इससे मंगलवार को दूसरे दिन भी लदान ठप रहा। खदान व स्टॉक पर सन्नाटा पसरा रहा। ट्रक मालिकों ने यूनियन अध्यक्ष कमल पारेता की अध्यक्षता में मंगलवार को रामगंजमंडी में बैठक की। इसमें परिवहन विभाग की ओर से की गई कार्रवाई का विरोध जताया।

कोटा स्टोन एसोसिएशन के महासचिव रोहित सूद ने बताया कि कोटा शहर में कोटा स्टोन की करीब 300 फैक्ट्रियां हैं। कच्चा माल नहीं आने से 250 फैक्ट्रियों पर पूरी तरह से काम बंद हो गया है। दो दिन से श्रमिक हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। कोटा में 7 से 10 हजार कर्मचारियों पर संकट मंडरा गया है। एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोविंद अग्रवाल ने बताया कि मामला जल्द हल नहीं हुआ तो श्रमिकों को काम से हटाना पड़ेगा और भूखों मरने की नौबत आ जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए ओवरलोड वाहनों पर सख्ती करने का आदेश दिया था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने नए नियम बनाए जिसके अनुसार 6 चक्के के ट्रक पर अधिकतम 9 टन माल लादा जा सकता है। 1 जनवरी 2018 से प्रदेश में ट्रकों के लिए ई-रवन्ना बनाने का नियम लागू कर दिया। इस सिस्टम में ट्रकों पर लोड सामान की ऑनलाइन एंट्री होती है। कोटा स्टोन ढुलाई में लगे ट्रकों में एक बार में 15 से 18 टन माल आता है। इसके चलते आरटीओ ने ओवरलोड ट्रकों पर प्रति ट्रिप औसतन 6 हजार का जुर्माना लगाना शुरू कर दिया।

जुर्माना जमा नहीं करने पर ट्रक का रजिस्ट्रेशन निरस्त
1 जनवरी 2018 से 31 दिसंबर के बीच संभाग के 2800 ओवरलोड ट्रकों पर लगभग 200 करोड़ का जुर्माना लगा। इनमें से 900 ट्रक ऐसे हैं जो कोटा स्टोन का लदान करते हैं। 31 मार्च तक जुर्माना जमा नहीं करने पर ट्रक का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया जाएगा।

कोटा में 300 से अधिक फैक्ट्रियां, 30 लाख का नुकसान
ट्रक मालिकों द्वारा ट्रकों का संचालन नहीं करने से कोटा संभाग की खदानों व स्टॉक पर सन्नाटा पसर रहा। स्टॉक से प्रतिदिन 900 गाड़ियों में रफ व पॉलिश स्टोन का लदान होता है, लेकिन मंगलवार को परिवहन विभाग के ओवरलोड जुर्माना लगाने से ट्रकों का संचालन नहीं हुआ। ऐसे में दिनभर खदानों व फैक्ट्रियों में सन्नाटा पसर गया।

रामगंजमंडी में 1500 फैक्ट्री, 4.5 करोड़ का कारोबार प्रभावित
रामगंजमंडी, चेचट, सुकेत व अन्य इलाकों में 1500 से अधिक फैक्ट्रियाें में 650 से अधिक ट्रक बंद हो गए हैं। यहां 40 से 50 हजार कर्मचारी हैं। क्षेत्र में प्रतिदिन औसतन 1500 ट्रक कोटा स्टोन का लदान होता है। आरटीओ ने 671 ट्रक मालिकों पर कुल 124 करोड़ रुपए जुर्माना किया है। प्रतिदिन 4.5 करोड़ का कारोबार होता है। यहां भी 30 से अधिक खाने हैं।

झालावाड़-झालरापाटन में बंद पड़ी हैं करीब 30 खदानें
झालावाड़-झालरापाटन के 293 ट्रक मालिकों पर परिवहन विभाग ने 43 करोड़ 60 लाख 73 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। ट्रक व्यवसायियों को भी 6 लाख रुपए प्रतिदिन के भाड़े का नुकसान हुआ है। झालावाड़-झालरापाटन क्षेत्र में करीब 30 खदानें हैं। झालावाड़ लाइम स्टोन खदानों से लोकल फैक्ट्रियों व रामगंजमंडी क्षेत्र में ट्रक मालिक पत्थर का लदान करते हैं।

ट्रक मालिक पेनल्टी के विरोध में भले ही प्रदर्शन कर रहे हों, लेकिन परिवहन विभाग ने भी साफ कह दिया है कि जुर्माना राशि जमा नहीं कराने पर ट्रक मालिक अपना वाहन मार्ग पर नहीं चला सकेंगे। उनके वाहनों की न तो फिटनेस होगी और न ही अन्य काम होंगे। इनका रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया जाएगा। वहीं, कोटा स्टोन खदानों व फैक्ट्रियों में लदान ठप होने से इसका मजदूरों पर भी पड़ेगा। इससे कोटा संभाग में करीब 2 लाख मजदूर प्रभावित होंगे।

CBSE: परीक्षार्थी घड़ी पहनकर जा सकेंगे केंद्र, नए सत्र से बदलेगा पैटर्न भी

कोटा। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षार्थी अब परीक्षा हॉल में पानी की बोतल ले जा सकेंगे। इसके अलावा वे परीक्षा के दौरान घड़ी भी पहन सकेंगे। परीक्षा सेे पहले किसी भी छात्र के जूते उतरवाकर जांच नहीं की जाएगी। सीबीएसई ने बोर्ड एक्जाम में शामिल परीक्षार्थियों के फीडबैक के बाद यह बदलाव किया है।

इसकी वजह है कि इस बार सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा को लेकर सख्त नियम बनाए थे। जिसमें घड़ी से लेकर पानी की बोतल पर पाबंदी लगा दी थी। इस कारण परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। नियमानुसार परीक्षार्थी डिजिटल घड़ी नहीं पहन सकते हैं।

नॉर्मल या एनालॉग घड़ी ही पहन कर परीक्षा हॉल में जा सकेंगे। सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा में ऐसे कई नियम बनाए थे, जो इंजीनियरिंग और मेडिकल आदि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए होते थे। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के साथ ही उनकी कई बार जांच की जाती थी।

इसमें कई परीक्षार्थी नर्वस हो जाते थे। सीबीएसई को निंरतंर मिल रहे फीडबैक के बाद यह बदलाव किए हैं। सीबीएसई कक्षा 10वीं के बोर्ड एक्जाम 29 मार्च तक रहेंगे। वहीं कक्षा 12वीं के बोर्ड एक्जाम 3 अप्रैल तक चलेंगे।

परीक्षार्थियों के फीडबैक के बाद किया बदलाव: सीबीएसई इस बार परीक्षा के बाद छात्रों से भी फीडबैक ले रहा है। फीडबैक में छात्रों ने परीक्षा केंद्र पर जरूरत से ज्यादा नियम का विरोध किया है। चूंकि दो मार्च से 12वीं बोर्ड की परीक्षा शुरू हुई है। इस दौरान कई केंद्रों से परीक्षार्थियों की इस तरह की शिकायतें आई हैं। इसके बाद बोर्ड ने नियमों में बदलाव किया गया है।

कॉपी जाएंगी मूल्यांकन केंद्र पर : सीबीएसई ने सभी बोर्ड केंद्रों को परीक्षा में उपस्थित छात्रों की उत्तर पुस्तिका को ही मूल्यांकन केंद्र पर भेजने को कहा है। दिव्यांग परीक्षार्थी की उत्तर पुस्तिका को अलग से बोर्ड को पार्सल करना है।

कई परीक्षा केंद्रों से उपस्थित के साथ अनुपस्थित छात्रों की खाली उत्तर पुस्तिका भी बोर्ड को भेजी जा रही हैं। इस पर बोर्ड ने निर्देश जारी कर केवल उपस्थित परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं ही भेजने को कहा है। जिससे बोर्ड पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।

बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया को रिवाइज किया: नेशनल असेसमेंट सर्वे 2017-18 में कक्षा 10 के स्टूडेंट्स की खराब परफॉर्मेंस के बाद अब सीबीएसई ने मूल्यांकन प्रक्रिया में बदलाव किया है। इसके अनुसार अगले सत्र यानि 2019-20 से कक्षा 12वीं के मैथ्स सब्जेक्ट में इंटरनल असेसमेंट शुरू कर दिया जाएगा।

इस सब्जेक्ट में अभी तक 100 मार्क्स का बोर्ड एक्जाम ही होता था, लेकिन अगले सत्र से 80 मार्क्स का बोर्ड एक्जाम और 20 मार्क्स का इंटरनल असेसमेंट होगा। मैथ्स के अतिरिक्त लैंग्वेज, पॉलिटिकल साइंस और लीगल स्टडीज में भी अगले सत्र से यह नया अनुपात लागू हो जाएगा।

विचार-विमर्श करेंगे: स्टूडेंट्स के लर्निंग आउटकम को बेहतर बनाने और उनकी समीक्षात्मक और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए यह बदलाव किया गया है। बोर्ड की ओर से जारी सर्कुलर में कहा है कि कई टीचर्स, एक्सपर्ट्स और स्टूडेंट्स से एसेसमेंट प्रक्रिया को मजबूत बनाने पर विचार विमर्श किया गया, जिसके बाद इंटरनल असेसमेंट में ये बदलाव करने का निर्णय लिया गया।

ऑब्जेक्टिव क्वेश्चंस: इंटरनल असेसमेंट के साथ ही अगले सत्र से सभी सब्जेक्ट्स के पेपर में ऑब्जेक्टिव क्वेश्चंस भी होंगे। कम से कम 25% मार्क्स के ऑब्जेक्टिव क्वेश्चंस को शामिल किया जाएगा। वहीं 75% मार्क्स के सब्जेक्टिव क्वेश्चंस की संख्या भी कम कर दी जाएगी, ताकि विश्लेषणात्मक और रचनात्मक उत्तर लिखने के लिए पर्याप्त समय मिल जाए।

गौरतलब है कि मौजूदा सत्र में भी बोर्ड ने बड़ा बदलाव कर सभी सब्जेक्ट्स में इंटरनल च्वॉइस क्वेश्चंस को 33% कर दिया है। अब उन्हें 80 मार्क्स के लिए ही तैयारी करनी पड़ेगी, 20 मार्क्स इंटरनल एसेसमेंट में कवर हो जाएंगे।

कोटा मंडी: कमजोर मांग से सरसों और सोयाबीन में नरमी

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को सभी जिंसों का मिलाकर 30 हजार बोरी का कारोबार हुआ। 2000 बोरी नया, 500 बोरी पुराने धनिये और रामगंज मंडी में 16 हजार बोरी धनिये की आवक हुई। दोनों मंडी में भाव 40-50 रुपये मजबूत रहा। नये लहसुन की आवक 25 कट्टे की हुई। कमजोर मांग से सोयाबीन 30 रुपये और सरसों 100 रुपये प्रति क्विंटल मंदी रही।

गेहूं मिल 1850 से 1900 लोकवान 1900 से 2050 पीडी 1900 से 2000 गेहूं टुकडी 1950 से 2050 गेहूं नया 1800 से 2051 मक्का 1800 से 2100 जौ 1400 से 1850 ज्वार 1300 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा 2400 से 2600 पूसा 1 2300 से 2650 पूसा 4 (1121) 2700 से 3475 धान लाजवाब ( 1509 ) 3000 से 3200 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 2500 से 3651 सरसों न‌ई 3000 से 3601 अलसी 3600 से 3800 तिल्ली 9000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी 2500 से 3400 कलौजी 6500 से 8700 धनिया बादामी 4300 से 5200 ईगल 4800 से 5401 रंगदार 5500 से 6300 धनिया नया 4000 से 6300 रुपये प्रति क्विंटल।
लहसुन पुराना 300 से 1500 और नया लहसुन नया 800 से 3800 रुपये क्विंटल बिका ।

मूंग 3500 से 5000 उड़द 1500 से 4000 चना 3300 से 4000 चना कांटिया नया 3900 चना काबुली 3000 से 4200 चना पेपसी 3800 से 3800 चना मौसमी 3000 से 3950 मसूर 3000 से 4100 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

1.74 करोड़ रुपये कीमत वाली कार भारत में लॉन्च, जानिए खूबियां

नई दिल्ली। लग्जरी कार निर्माता कंपनी मासेराटी ने भारत में नई Quattroporte लॉन्च की है। 2019 मासेराटी i Quattroporte दो वर्जन में बाजार में उतारी गई है। इसके GranLusso वेरियंट की कीमत 1.74 करोड़ और Gransport वेरियंट की कीमत 1.79 करोड़ रुपये है। नई मासेराटी क्वाट्रोपोर्टे को नए कलर और नए अलॉय वील डिजाइन के साथ पेश किया गया है। इस लग्जरी कार के इंटीरियर में भी बदलाव हुए हैं।

मासेराटी क्वाट्रोपोर्टे में 3.0-लीटर, V6 टर्बो डीजल इंजन दिया गया है। यह इंजन 275 bhp का पावर और 600 Nm पीक टॉर्क जनरेट करता है। इंजन को 8-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन से लैस किया गया है। इसके एग्जॉस्ट सिस्टम में ऐक्टिव साउंड टेक्नॉलजी मिलती है, जो एग्जॉस्ट नोट को और स्पोर्टी बनाता है।

स्टाइलिंग की बात करें, तो नई क्वाट्रोपोर्टे में दी गई ग्रिल पुराने मॉडल से बड़ी है। यह कार नए कलर ऑप्शन में आई है और 10 शेड्स में उपलब्ध है। इस लग्जरी कार में अलॉय वील्ज डिजाइन के भी कई ऑप्शन हैं, जो 20 इंच या 21-इंच साइज के हैं। कार के अंदर नया गियरशिफ्ट लीवर देखने को मिलेगा। इसके अलावा कैबिन में अपडेटेड डिस्प्ले ग्राफिक्स के साथ नया MTC+ इन्फोटेनमेंट सिस्टम और बेहतर क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम दिया गया है।

नई क्वॉट्रोपोर्टे में हार्मन कार्डन प्रीमियम साउंड सिस्टम स्टैंडर्ड दिया गया है। खरीदार चाहें, तो इसे Bowers & Wilkins सराउंड साउंड सिस्टम में अपग्रेड कर सकते हैं। स्टैंडर्ड ऑडियो सिस्टम में 15 स्पीकर हैं। मासेराटी ने कहा है कि भारत में पहली नई क्वाट्रोपोर्टे दिल्ली में बिकी है। देश में कंपनी की डीलरशिप से यह लग्जरी कार ऑर्डर की जा सकती है।

मिनटों में बिके 1.5 लाख Realme 3 फोन, दूसरी सेल रात 8 बजे

नई दिल्ली। चीन की कंपनी रियलमी के फ्लैगशिप स्मार्टफोन Realme 3 की पहली सेल आज दोपहर 12 बजे थी, जिसमें मिनटों में ही करीब 1.5 लाख से ज्यादा फोन बिक गए। इस खुशी में कंपनी ने आज ही इसकी दूसरी सेल का भी ऐलान कर दिया है। बता दें कि Realme 3 की दूसरी सेल आज रात 8 बजे से Flipkart.com और Realme.com पर शुरू होगी। ऐसे में अगर आप पहली सेल men इसे खरीदने से चूक गए हैं तो आपके पास आज ही एक दूसरा मौका भी है।

जो लोग इस फोन से अनजान हैं उन्हें बता दें कि कंपनी ने पिछले हफ्ते ही भारत में अपने Realme 3 स्मार्टफोन से पर्दा उठाया था। Realme 3 स्मार्टफोन जल्द ही देश भर में ऑफलाइन स्टोर्स में भी मिलेगा। स्मार्टफोन AI मास्टर MediaTek Helio P70 प्रोसेसर और 4,230mAh की बैटरी है। यह फोन 3D यूनीबॉडी डिजाइन और ग्रेडिएंट कलर के साथ आता है।

लॉन्च ऑफर: भारत में Realme 3 के 3GB रैम+ 32GB स्टोरेज वेरियंट की कीमत 8,999 रुपये और 4GB रैम + 64GB स्टोरेज की कीमत 10,999 रुपये है। आज होने वाली इस सेल में फोन का डायनामिक ब्लैक और क्लासिक ब्लैक वेरियंट ही उपलब्ध होगा। वहीं इसके रेडियंट ब्लू कलर के लिए आपको 26 मार्च तक का इंतजार करना होगा।

लॉन्च ऑफर के तहत HDFC Bank के कार्ड और EMI पर यह फोन खरीदने पर 500 रुपये का इंस्टैंट डिस्काउंट मिलेगा। इसके अलावा, Flipkart.com पर 5,300 रुपये का Jio बेनेफिट मिलेगा। वहीं, Realme.com में MobiKwik पर ग्राहकों को 20 फीसदी का सुपरकैश मिलेगा।

Realme 3 स्मार्टफोन की खूबियां
Realme 3 स्मार्टफोन में 6.2 इंच का HD+ ड्यूड्रॉप डिस्प्ले दिया गया है। जिसका रेजॉलूशन 1520×720 पिक्सल है। इस स्मार्टफोन में 4,230mAh की बैटरी दी गई है। साथ ही, इसमें स्क्रीन बैटरी ऑप्टिमाइजेशन दिया गया है। Realme 3 के रियर में ड्यूल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है।

इस स्मार्टफोन के बैक में 13 मेगापिक्सल का मेन कैमरा दिया गया है, जबकि दूसरा कैमरा 2 मेगापिक्सल का है। इसके अलावा, कैमरे में Nightscape Mode जोड़ा गया है। Realme 3 में सेल्फी के लिए 13 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। स्मार्टफोन में Android Pie पर बेस्ड Color 6.0 OS दिया गया है। स्मार्टफोन में राइडिंग मोड भी दिया गया है।

फरवरी में चार महीने के शीर्ष पर पहुंची खुदरा महंगाई

नई दिल्ली। खाद्य पदार्थों की कीमतें अधिक होने की वजह से फरवरी में खुदरा महंगाई दर 2.57 फीसदी पर रही। यह चार महीने का उच्च स्तर है। जनवरी में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई दर 1.97 फीसदी रही थी, जो 19 महीने का निचला स्तर था, जबकि फरवरी 2018 में यह 4.44 फीसदी रही थी। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स द्वारा किए गए एक पोल के मुताबिक, अर्थशास्त्रियों ने फरवरी में खुदरा महंगाई दर 2.43 फीसदी रहने का अनुमान जताया था।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में खाद्य मुद्रास्फीति शून्य से 0.66 फीसदी नीचे रही। हालांकि, यह जनवरी में शून्य से 2.24 फीसदी नीचे के मुकाबले मजबूत हुई है। इससे पहले नवंबर, 2018 में मुद्रास्फीति शून्य से 2.33 फीसदी के निचले स्तर पर थी।

इससे पहले, नवंबर 2018 में सबसे कम महंगाई दर 2.33 फीसदी रही थी। भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों पर फैसला करते समय खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर गौर करता है।

केंद्र सरकार द्वारा जारी अन्य आंकड़ों के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुस्ती की वजह से जनवरी 2019 में औद्योगिक उत्पादन या फैक्ट्री उत्पादन घटकर 1.7 फीसदी रहा, जबकि दिसंबर 2018 में यह 2.4 फीसदी था।

सीएसओ द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जनवरी 2018-19 की अवधि के दौरान औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 4.4 फीसदी रही, जो इसके पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 4.1 फीसदी था।

इंदौर किराना: ग्राहकी निकलने से खोपरा बूरा में तेजी

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में मंगलवार को ग्राहकी बढ़ने से खोपरा बूरा के भाव में सोमवार की तुलना में 200 रुपये प्रति 50 किलोग्राम की तेजी दर्ज की गई। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में मंगलवार को छह गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर -गोला: शक्कर 3300 से 3320 रुपये प्रति क्विंटल। खोपरा गोला 200 से 215 रुपये प्रति किलोग्राम। खोपरा बूरा 2550 से 4300 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी: हल्दी खड़ी सांगली 125 से 130, निजामाबाद 80 से 100, पिसी 135 से 155 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना: साबूदाना 4600 से 5400, पैकिंग में 5900 से 6200 रुपये प्रति क्विंटल। आटा-मैदा: गेहूं आटा 1120 से 1130, तन्दूरी आटा 1290 से 1300, मैदा 1200 से 1210, रवा 1240 से 1250, चना बेसन 2875 तथा बटला बेसन 2550 रुपये प्रति 50 किलोग्राम।

इंदौर बाजार: कपास्या खली में तेजी, मूंगफली तेल, सोया रिफाइंड गिरा

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में मंगलवार को मूंगफली तेल के भाव 10 रुपये प्रति 10 किलोग्राम (सोमवार की तुलना में) की कमी लिए रहे। वहीं सोयाबीन रिफाइंड में पांच रुपये व पाम तेल में भाव सात रुपये प्रति 10 किलोग्राम कम हुए। पशु आहार कपास्या खली में 20 रुपये प्रति 60 किलोग्राम की तेजी दर्ज की गई।

तिलहन: सरसों 3750 से 3800 रायडा 3300 से 3400 सोयाबीन 3600 से 3625 रुपये प्रति क्विंटल। तेल: मूंगफली तेल इंदौर 930 से 950, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 768 से 770, सोयाबीन साल्वेंट 735 से 740, पाम तेल 660 से 665 रुपये प्रति10 किलोग्राम।

पशु आहार: कपास्या खली इंदौर 1450, देवास 1450, उज्जैन 1450, खंडवा 1430, बुरहानपुर 1430, अकोला 2200 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल: कपास्या तेल इंदौर 690 से 695, महाराष्ट्र 685 से 688 तथा गुजरात 695 से 700 रुपये प्रति दस किलोग्राम।

इंदौर मंडी: चना, मूंग महंगी, तुअर एवं उड़द में गिरावट

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में मंगलवार को लिवाली बढ़ने से चना कांटा 25 रुपये, मूंग 100 रुपये और बटला के भाव में 50 रुपये प्रति क्विंटल (सोमवार की तुलना में) की तेजी दर्ज की गई। मांग कमी से तुअर (अरहर) 50 एवं उड़द 100 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती बिकी।

दलहन: चना (कांटा) 4150 से 4175, चना (देसी) 4000 से 4050, डबल डॉलर 5000 से 5500, मसूर 3975 से 4000, हल्की 3650 से 3700, बटला 3550 से 3600, मूंग 5400 से 5700, हल्की 4800 से 5000, तुअर निमाड़ी (अरहर) 4700 से 4900, महाराष्ट्र नई तुअर (अरहर) 5400 से 5650, उड़द 4800 से 4900, हल्की 3000 से 3500 रुपये प्रति क्विंटल ।

दाल: तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 6550 से 6700, तुअर दाल फूल 6900 से 7100, तुअर दाल बोल्ड 7300 से 7590, आयातित तुअर दाल 6000 से 6200, चना दाल 5200 से 5500, आयातित चना दाल 5000 से 5200, मसूर दाल 5050 से 5150, मूंग दाल 6400 से 6600, मूंग मोगर 6800 से 7000, उड़द दाल 5400 से 5600, उड़द मोगर 6400 से 6600 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल: बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

हाजिर मांग में कमी से ग्वारसीड वायदा कीमतों में गिरावट

नयी दिल्ली। हाजिर बाजार में कमजोरी के रुख के कारण निवेशकों ने अपने सौदों के आकार को कम किया जिससे वायदा कारोबार में मंगलवार को ग्वारसीड की कीमत 24.5 रुपये की हानि के साथ 4,238 रुपये प्रति क्विन्टल रह गई।

बाजार सूत्रों ने वायदा कारोबार में ग्वारसीड कीमतों में गिरावट आने का कारण उत्पादक क्षेत्रों से निरंतर आपूर्ति की वजह से बढ़ते स्टॉक के बीच हाजिर बाजार में ग्वारगम निर्माताओं द्वारा खरीद समर्थन वापस लेने को बताया।

एनसीडीईएक्स में ग्वारसीड के मार्च में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 24.5 रुपये अथवा 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,238 रुपये प्रति क्विन्टल रह गई जिसमें 470 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

इसी प्रकार ग्वारसीड के अप्रैल में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 21.5 रुपये अथवा 0.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,302 रुपये प्रति क्विन्टल रह गई जिसमें 1,10,020 लॉट के लिए कारोबार हुआ।