Monday, July 27, 2026
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कोटा मंडी: लिवाली के अभाव में धान और सरसों 50 रुपये मंदी

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को सभी जिंसों का मिलाकर 30 हजार बोरी का कारोबार हुआ। लिवाली के अभाव में धान और सरसों 50-50 रुपये प्रति क्विंटल मंदी रही । नये लहसुन की आवक 125 कट्टे की हुई। जिंसों के भाव इस प्रकार रहे –

गेहूं मिल 1850 से1900 लोकवान 1900 से 2050 पीडी 1900 से 2000 गेहूं टुकडी 1950 से 2050 गेहूं नया 1850 से 2111 मक्का 1800 से 2100 जौ 1400 से 1800 ज्वार 1300 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा 2400 से 2575 पूसा 1 2300 से 2650 पूसा 4 (1121) 2700 से 3450 धान लाजवाब ( 1509 ) 3000 से 3200 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 2500 से 3651 सरसों न‌ई 3000 से 3601अलसी 3600 से 3800 तिल्ली 9000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी 2500 से 3400 कलौजी 6500 से 9000 धनिया बादामी 4300 से 5200 ईगल 4800 से 5401 रंगदार 5500 से 6300 धनिया नया 4000 से 6300 रुपये प्रति क्विंटल।लहसुन पुराना 300 से 1500 और नया लहसुन नया 800 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल बिका।

मूंग 3500 से 5000 उड़द 1500 से 4000 चना 3300 से 4000 चना कांटिया नया 3900 चना काबुली 3000 से 4200 चना पेपसी 3800 से 3800 चना मौसमी 3000 से 3950 मसूर 3000 से 4100 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

इंदौर बाजार: कपास्या खली एवं सोयाबीन रिफाइंड में तेजी

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में बुधवार को सोयाबीन रिफाइंड तेल के भाव में दो रुपये प्रति 10 किलोग्राम की वृद्धि हुई। वहीं पाम तेल का भाव चार रुपये प्रति 10 किलोग्राम कम हुआ। पशुआहार कपास्या खली में 50 रुपये प्रति 60 किलोग्राम की तेजी दर्ज की गई।

तिलहन सरसों 3750 से 3800रायडा 3300 से 3400सोयाबीन 3600 से 3625 रुपये प्रति क्विंटल। तेल मूंगफली तेल इंदौर 930 से 950, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 770 से 772, सोयाबीन साल्वेंट 735 से 740, पाम तेल 660 से 661 रुपये प्रति10 किलोग्राम।

पशु आहार कपास्या खली इंदौर 1500, देवास 1500, उज्जैन 1500, खंडवा 1485, बुरहानपुर 1485, अकोला 2300 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल कपास्या तेल इंदौर 690 से 695, महाराष्ट्र 685 से 688 तथा गुजरात 700 से 705 रुपये प्रति दस किलोग्राम।

इंदौर किराना: ग्राहकी निकलने से साबूदाना एवं शक्कर मजबूत

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में बुधवार को साबूदाने में ग्राहकी बढ़ी रही। शक्कर के भाव में 10 रुपये प्रति 50 किलोग्राम का सुधार रहा।कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में बुधवार को पांच गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर -गोला शक्कर 3300 से 3325 रुपये प्रति क्विंटल।खोपरा गोला 200 से 215 रुपये प्रति किलोग्राम। खोपरा बूरा 2550 से 4300 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी हल्दी खड़ी सांगली 125 से 130, निजामाबाद 80 से 100, पिसी 135 से 155 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना साबूदाना 4600 से 5400, पैकिंग में 5900 से 6200 रुपये प्रति क्विंटल।आटा-मैदा गेहूं आटा 1120 से 1130, तन्दूरी आटा 1290 से 1300, मैदा 1200 से 1210, रवा 1240 से 1250, चना बेसन 2875 तथा बटला बेसन 2550 रुपये प्रति 50 किलोग्राम।

इंदौर मंडी: कमजोर उठाव से चना, मसूर, तुअर एवं बटला में नरमी

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में बुधवार को लिवाली कमी से चना कांटा 50 रुपये, मसूर 50, तुअर (अरहर) 150 रुपये और बटला (मटर) के भाव में 50 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई।

दलहन चना (कांटा) 4150 से 4175, चना (देसी) 4000 से 4050, डबल डॉलर 5000 से 5500, मसूर 3975 से 4000, हल्की 3650 से 3700, बटला 3550 से 3600, मूंग 5400 से 5700, हल्की 4800 से 5000, तुअर निमाड़ी (अरहर) 4700 से 4900, महाराष्ट्र नई तुअर (अरहर) 5400 से 5650, उड़द 4800 से 4900, हल्की 3000 से 3500 रुपये प्रति क्विंटल ।

दाल तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 6550 से 6700, तुअर दाल फूल 6900 से 7100, तुअर दाल बोल्ड 7300 से 7590, आयातित तुअर दाल 6000 से 6200चना दाल 5200 से 5500, आयातित चना दाल 5000 से 5200 मसूर दाल 5050 से 5150 मूंग दाल 6400 से 6600, मूंग मोगर 6800 से 7000 उड़द दाल 5400 से 5600, उड़द मोगर 6400 से 6600 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

राफेल : लीक दस्तावेज से खतरे में पड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा, केंद्र ने जताई चिंता

नई दिल्ली। बहुचर्चित राफेल पेपर लीक को लेकर रक्षा मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि देश की संप्रभुता के साथ समझौता हुआ है। दरअसल, शीर्ष अदालत में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल की इस टिप्पणी ने राजनीतिक भूचाल ला दिया था कि राफेल लड़ाकू विमान के सौदे के दस्तावेज चुरा लिए गए हैं।

हालांकि बाद में अटॉर्नी जनरल ने दावा किया कि राफेल दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चुराए नहीं गए और सुप्रीम कोर्ट में उनकी बात का मतलब यह था कि याचिकाकर्ताओं ने आवेदन में उन मूल कागजात की फोटो कॉपी का इस्तेमाल किया, जो गोपनीय हैं। इसी मामले में रक्षा मंत्रालय ने अपना पक्ष रखा है।

राफेल पेपर लीक मामले में बुधवार को दाखिल हलफनामे में रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश की संप्रभुता के साथ समझौता हुआ है। सरकार की मर्जी के बगैर राफेल के संवेदनशील दस्तावेजों की फोटो कॉपी की गई, जो चोरी से ऑफिस से बाहर ले जाया गया। आगे कहा गया, ‘संप्रभुता और विदेशी संबंध पर विपरीत असर हुआ है। मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है।’

SC को दिए हलफनामे में रक्षा मंत्रालय ने कहा कि राफेल समीक्षा केस में याचिकाकर्ताओं द्वारा सामने रखे गए दस्तावेज राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील हैं, जो लड़ाकू विमान की युद्धक क्षमता से संबंधित है। गौरतलब है कि राफेल के दस्तावेजों के लीक होने को लेकर विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हो गए थे।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने संवेदनशील कागजात के चोरी होने पर सरकार पर निशाना साधते हुए जांच की मांग की थी। हालांकि वेणुगोपाल ने स्थिति को संभालने का प्रयास करते हुए कहा था, ‘मुझे बताया गया कि विपक्ष ने आरोप लगाया है कि (सुप्रीम कोर्ट में) दलील दी गई कि फाइलें रक्षा मंत्रालय से चोरी हो गईं। यह पूरी तरह से गलत है। यह बयान कि फाइलें चोरी हो गई हैं, पूरी तरह से गलत है।’

वेणुगोपाल ने कहा कि राफेल सौदे की जांच का अनुरोध ठुकराने के शीर्ष अदालत के आदेश पर पुनर्विचार की मांग वाली यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और प्रशांत भूषण की याचिका में ऐसे तीन दस्तावेजों को नत्थी किया गया है जो असली दस्तावेजों की फोटो कॉपी हैं। आधिकारिक सूत्रों ने कहा था कि अटॉर्नी जनरल द्वारा ‘चोरी’ शब्द का इस्तेमाल संभवत: ‘ज्यादा सख्त’ था और इससे बचा जा सकता था।

ज्वैलर्स की खरीदारी से सोना 235 रुपये महंगा, जानिए आज के दाम

नई दिल्ली /कोटा। बुधवार के कारोबार में सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। आज के कारोबार में सोना 235 रुपये के उछाल के साथ 33,385 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ है। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक मजबूत वैश्विक संकेत और स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से बढ़ी खरीदारी के कारण सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली है।

सोने की ही तरह चांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। आज के कारोबार में चांदी 130 रुपये के उछाल के साथ 39,710 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई है। चांदी की कीमतों में तेजी की वजह औद्योगिक इकाईयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से तेज उठान रही है। ट्रेडर्स का कहना है कि सोने की कीमतों में तेजी स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से तेज खरीदारी के चलते देखने को मिली है।

वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना बढ़त के साथ 1,304.31 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर और चांदी गिरावट के साथ 15.43 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुई है। वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 235 रुपये के उछाल के साथ क्रमश: 33,385 और 33,215 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ है। हालांकि गिन्नी के भाव 26,400 रुपये प्रति 8 ग्राम पीस पर बरकरार रहे हैं।

तैयार चांदी का भाव 130 रुपये के उछाल के साथ 39,710 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलीवरी 108 रुपये के उछाल के साथ 38,786 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई है। वहीं चांदी सिक्कों का भाव 80,000 रुपये प्रति 100 पीस लिवाल और 81,000 प्रति 100 पीस बिकवाल रहा है।

कोटा सर्राफा
चांदी 39500 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 33200 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38720 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 33370 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38920 रुपये प्रति तोला।

बाजार 6 माह के उच्चतम स्तर पर, सेंसेक्स 217 अंक उछल कर 37,752 पर बंद

नई दिल्ली। बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के साथ दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज में लिवाली के दम पर घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे दिन रौनक रही और यह छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

बैंकिंग एवं वित्तीय तथा अन्य क्षेत्र की बड़ी कंपनियों में लिवाली से बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 216.51 अंक यानी 0.58 प्रतिशत चढ़कर पिछले साल 14 सितम्बर के बाद के उच्चतम स्तर 37,752.17 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 40.50 अंक यानी 0.36 फीसदी चढ़कर गत 17 सितम्बर के बाद के उच्चतम स्तर 11,341.70 अंक पर बंद होेने में कामयाब रहा।

बैंकिंग तथा वित्तीय कंपनियों में रही तेजी
एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक को छोड़कर सेंसेक्स की अन्य सात बैंकिंग तथा वित्तीय कंपनियों में तेजी रही। एचडीएफसी बैंक के शेयर कारोबार के दौरान एक समय अब तक के रिकॉर्ड स्तर 2,233 रुपये प्रति शेयर तक पहुँचकर अंतत: 2,226.10 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुये। इंडसइंड बैंक में चार प्रतिशत और यस बैंक में साढ़े तीन प्रतिशत से अधिक की तेजी रही। भारती एयरटेल ने चार प्रतिशत और वेदांता ने साढ़े तीन प्रतिशत का नुकसान उठाया।

स्मॉल और मिडियम स्केल कंपनियों पर रहा दबाव
बड़ी कंपनियों के उलट मझौली और छोटी कंपनियों पर दबाव रहा। बीएसई का मिडकैप 0.43 प्रतिशत घटकर 15,127.93 अंक पर और स्मॉलकैप 0.31 प्रतिशत गिरकर 14,874.69 अंक पर रह गया। बीएसई में कुल 2,888 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 1,656 के शेयरों में बिकवाली और 1,077 में लिवाली का जोर रहा जबकि 155 के शेयर दिन भर के उतार-चढ़ाव के बाद अंत में अपरिवर्तित बंद हुये।

शुरुआती कारोबार में रही सुस्ती
सेंसेक्स 72.63 अंक की बढ़त में 37,608.29 अंक पर खुला। आरंभ में ही 37,478.87 अंक के दिवस के निचले स्तर को छूने के बाद यह पूरे दिन हरे निशान में बना रहा। कारोबार की समाप्ति से पहले 37,797.29 अंक के दिवस के उच्चतम स्तर से होता हुआ यह गत दिवस के मुकाबले 216.51 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 37,752.17 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की 30 में से 17 कंपनियों के शेयर लाल और 13 के शेयर हरे निशान में रहे।

लगातार तीसरे दिन बाजर में रही रौनक
निफ्टी भी 25 अंक की मजबूती के साथ 11,326.20 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान इसका दिवस का निचला स्तर 11,276.60 अंक और उच्चतम स्तर 11,352.30 अंक रहा। अंतत: यह मंगलवार की तुलना में 40.50 अंक चढ़कर 11,341.70 अंक पर रहा। निफ्टी की 50 में से 30 कंपनियों के शेयर लाल निशान में और 20 के हरे निशान में रहे।

आठ कंपनियों की 224 करोड़ रुपये की GST हेराफेरी पकड़ी

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हैदराबाद। केंद्रीय माल एवं सेवाकर (जीएसटी) अधिकारियों ने 224 करोड़ रुपये की कथित कर धोखाधड़ी पकड़ी है। इसे आठ कंपनियों के एक समूह ने अंजाम दिया है जिन्होंने 1,289 करोड़ रुपये के फर्जी बिल बनाए।

हैदराबाद केंद्रीय जीएसटी आयुक्त कार्यालय ने मंगलवार रात एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी कि इस मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है और 19.75 करोड़ रुपये बरामद कर लिए गए हैं।

विज्ञप्ति के अनुसार मंगलवार रात को इन कंपनियों के आवासीय एवं कारोबारी परिसरों की तलाशी ली गई और कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं।ये कंपनियां लौह और इस्पात उद्योगों के कारोबार से जुड़ी है।

इन कंपनियों ने टीएमटी सरिया इत्यादि उत्पादों की वास्तव में आपूर्ति किए बिना 1,289 करोड़ रुपये के फर्जी बिल तैयार किए और इस पर करीब 224 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया।

Google Allo मेसेजिंग ऐप बंद, अब मेसेज ऐप पर मिलेंगे कुछ फीचर्स

नई दिल्ली।मोबाइल मेसेजिंग ऐप Allo में इनवेस्टमेंट और इंप्रूवमेंट्स के बाद आखिरकार गूगल ने इसे बंद करने का फैसला किया है। 2016 के फैनफेयर में लॉन्च किए गए इस ऐप को यूजर्स की ओर से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके चलते कंपनी ने यह फैसला लिया है। The Verge ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि Allo की ऑफिशल वेबसाइट पर दिख रहे बैनर के मुताबिक 12 मार्च इसके चलने का आखिरी दिन था।

Allo के पेज पर दिख रहे बैनर में लिखा है, ‘हमारे साथ रहने के दौरान हम गूगल असिस्टेंट, Allo for Web और सेल्फी स्टिकर्स जैसे फीचर्स के साथ चैट करने का स्मार्ट तरीका लेकर आए लेकिन अब ऐप बंद रिया जा रहा है।’ पिछले साल अप्रैल में गूगल कम्युनिकेशंस ग्रुप के हेड अनिल सबरवाल ने मीडिया से कहा था कि एक प्रॉडक्ट के तौर पर Allo उस स्तर तक नहीं पहुंच सका, जिसकी उम्मीद कंपनी ने इस ऐप से की थी।

यह ऐप भले ही बहुत सफल नहीं रही लेकिन गूगल ने इसके स्मार्ट रिप्लाई या डेस्कटॉप सपॉर्ट जैसे कई फीचर्स ऐंड्रॉयड मेसेजिंग ऐप में ऐड किए हैं। बैनर में लिखा है, ‘हम आपके फेवरिट फीचर्स को मेसेजेस ऐप पर लाने के लिए काम कर रहे हैं जिससे आप दोस्तों के साथ बेहतर कन्वर्सेशन कर सकें। अगर आपके पास ऐंड्रॉयड फोन है तो हम उम्मीद करते हैं कि आप मेसेजेस ऐप ट्राई करेंगे।’

एक इंस्टैंट मेसेजिंग मोबाइल ऐप के तौर पर Allo को ऐंड्रॉयड और आईओएस पर और गूगल क्रोम, मोजिला फायरफॉक्स और ओपेरा ब्राउजर्स पर वेब क्लाइंट के तौर पर लॉन्च किया गया था। Allo के बंद होने के बाद गूगल अब रिच कम्युनिकेशन सर्विसेज (आरसीएस) पर फोकस करने वाला है।

गूगल ऐंड्रॉयड तो सक्सेजफुल मेसेजिंग ऐप देने के लिए अब कई फीचर्स इसमें ऐड करेगा। The Verge ने कहा कि यह ऐप यूनिवर्सल नहीं है लेकिन गूगल अब केवल एक सिंगल मेसेजिंग ऐप पर फोकस करेगा। ऐसे में संभव है कि उसे अच्छा रिस्पॉन्स मिले।

उत्पादन में कमी से धनिया में हल्के झटकों के साथ बड़ी तेजी संभव

मुकेश भाटिया, कमोडिटी एक्सपर्ट
कोटा। प्रतिकूल मौसम व बिजाई के शुरुआती दौर में मिट्टी में नमी की कमी के साथ-साथ लगातार कमज़ोर क़ीमतों के चलते किसानों का रुझान इस जिंस की बिजाई की प्रति लगातार घटता चला गया। यही वजह है कि उत्पादन में बड़ी गिरावट की आशंका बन गयी है।

जानकार मानते है कि नवम्बर-दिसम्बर माह के दौरान मौसम बिगड़ने से उत्पादन में गत वर्ष के मुकाबले 18/20 लाख बोरी तक की गिरावट आने की आशंका दिखाई देने लगी है। हालांकि औसतन पुराना स्टॉक इस बार ठीक रहने की उम्मीद है, लेकिन मज़बूत वौश्विक क़ीमतों को देखते हुए इस स्तर से धनिये का आगे का व्यापार अब लाभकारी दिखाई दे रहा हैं।

मध्य प्रदेश व राजस्थान के साथ-साथ सीमावर्ती गुजरात राज्य में मुख्य रूप से बोई जानेवाली इस जिंस को इस बार अक्टूबर-नवम्बर माह के बिजाई के समय में इन राज्यों की मिट्टी में नमी की कमी व भाव नीचे होने से बिजाई में 28/30 फ़ीसदी तक की गिरावट देखने को मिली।

फिर बाद में अपेक्षित बरसात भी समय पर नहीं हुई, जिससे फसल की ग्रोथ कमज़ोर पड़ गयी, तथा सभी क्षेत्रों से उत्पादकता घटने की खबर मिलने लगी। इसके चलते सीजन के बावजूद मंडियों में नये माल का प्रैशर नहीं बन पा रहा है।

जानकार मानते है कि धनिये का व्यापार काफी लंबे समय से सुचारू से नहीं चल पा रहा है, यही कारण है कि इस बार कैरी ओवर स्टॉक कुछ जानकार ज्यादा बचने की संभावना व्यक्त कर रहे है। नई फसल सभी क्षेत्रों रामगंजमंडी , कोटा, झालावाड़, भवानीमंडी के साथ साथ सीमावर्ती राज्य गुजरात की मंडियों में भी कमज़ोर रहने की खबर है।

मंदे की बिल्कुल गुंजाइश नहीं
मध्य प्रदेश के मंदसौर, कुम्भराज, नीमच लाइन में भी नये माल की आवक नहीं बढ़ पा रही है, जिससे मंडियों में बिल्टी में बादामी माल का व्यापार घटकर 56/58 रुपए प्रति किलो पर रुक गया है। इन भाव पर लिवाली निकलने से अब मंदे की बिल्कुल गुंजाइश नहीं लग रही है।

दूसरी ओर नये माल की आवक से मंडी में पुराने बादामी माल में अभी जल्दी में ही 3/4 रुपए घटकर 67/68 रुपए प्रति किलो के स्तर पर आकर बाज़ार ठहर गये हैं। वर्तमान फसल के औसतन 32/35 फ़ीसदी तक कम आने की चर्चा के बीच ज्यादातर पड़ौसी मुल्कों के धनिया उत्पादन में भी कमी आने की खबरें मिल रही है।

पुराने माल का स्टॉक निम्न स्तर पर
हालांकि इन देशों में पुराने माल का स्टॉक इस बार बहुत निम्न स्तर पर रहने की भी जानकारी मिल रही हैं। इसके अलावा खाड़ी के देशों के साथ-साथ यूएसए की फसल में भी पोल की खबरें आ रही हैं। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए धनिया की वर्तमान क़ीमतें लगभग बॉटम लेवल के नज़दीक ही दिखाई दे रहीं है और आगे इसके व्यापार में अब कोई जोख़िम नज़र नही आ रहा है।

अगस्त तक 18 रुपए किलो की तेजी संभव
जानकार मानते हैं कि बाजारों में रुपए की तंगी होने से स्टाकिस्टों की सक्रियता अभी भरपूर रूप में नहीं दिखाई दे रही हैं तथा उपभोक्ता व वितरक मंडियों के कारोबारी बिक्री के हिसाब से ही धनिया खरीद रहे हैं। इसकी वजह से तेजी आने में थोड़ा विलम्ब जरूर हो सकता है, लेकिन आगे चलकर जुलाई-अगस्त तक 15/18 रुपए किलो की तेजी देखने मिल सकती है।

अभी हाल ही में आयोजित एक सेमिनार में धनिया उत्पादन 61.82 लाख बोरी के करीब रहने अनुमान जारी किया गया है। गौरतलब रहें कि गत वर्ष देश में 80/81 लाख बोरी धनिया का उत्पादन हुआ था।