Saturday, July 18, 2026
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नए वित्त वर्ष के पहले ही दिन सोना महंगा, चांदी सस्ती, जानिए आज के दाम

नई दिल्ली/ कोटा । वैश्विक स्तर पर दोनों कीमती धातुओं में गिरावट के बीच सोमवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 85 रुपए चमककर 32,820 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। चांदी 20 रुपए की गिरावट में 38,580 रुपए प्रति किलोग्राम बिकी। शेयर बाजारों में तेजी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में नरमी रही।

सोना हाजिर 0.2 प्रतिशत की गिरावट में 1,290.01 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। पिछले कारोबारी दिवस एक समय यह तीन सप्ताह के निचले स्तर 1,286.35 डॉलर प्रति औंस तक उतर गया था। जून का अमेरिकी सोना वायदा भी 2.90 डॉलर टूटकर 1,295.60 डॉलर प्रति औंस बोला गया।

चांदी में भी गिरावट रही। चांदी हाजिर 0.2 प्रतिशत की नरमी के साथ 15.11 डॉलर प्रति औंस बिकी। बाजार विश्लेषकों ने बताया कि मार्च में चीन का औद्योगिक उत्पादन चार महीने में पहली बार बढ़ा है। इससे वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों में तेजी आई है और सोने की चमक घटी है। आम तौर पर शेयर बाजार और पीली धातु में व्युत्क्रमानुपाति संबंध होता है।

स्थानीय बाजार में सोना स्टैंडर्ड 85 रुपए चमककर 32,820 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। सोना बिटुर भी इतनी ही तेजी के साथ 32,650 रुपए प्रति दस ग्राम बिका। हालांकि आठ ग्राम वाली गिन्नी 26,400 रुपए पर टिकी रही। चांदी में नरमी रही।

चांदी हाजिर 20 रुपए फिसलकर 38,580 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव बिकी। चांदी वायदा 310 रुपए लुढ़ककर 37,450 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई। सिक्का लिवाली और बिकवाली गत दिवस के क्रमश: 80 हजार और 81 हजार रुपए प्रति सैकड़ा पर टिके रहे।

कोटा सर्राफा
चांदी 38400 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 32750 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38200 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 32910 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38390 रुपये प्रति तोला।

वित्त वर्ष के पहले ही दिन अंबानी ने बनाया रिकॉर्ड, 18 हजार करोड़ बढ़ी दौलत

नई दिल्ली। भारत के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी के लिए वित्त वर्ष 2019-20 का पहला दिन ही शानदार रहा। सोमवार को उनकी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज यानी RIL (Reliance Industries) का शेयर इंट्रा-डे ट्रेड के दौरान 1,406.50 रुपए के स्तर पर पहुंच गया, जो उसका आल टाइम हाई था।हालांकि RIL का शेयर कुछ सुस्ती के बाद 2.10 फीसदी मजबूत होकर 1391.55 रुपए के स्तर पर बंद हुआ। इससे पहले 20 मार्च, 2019 को कंपनी का आल टाइम हाई 1,388 रुपए रहा था।

18 हजार करोड़ रु बढ़ी RIL की मार्केट वैल्यू
Reliance Industriesके शेयर में तेजी के चलते उसकी मार्केट कैप लगभग 8.82 लाख करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंच गई, जो एक दिन पहले यानी शुक्रवार के क्लोजिंग प्राइस की तुलना में लगभग 18 हजार करोड़ रुपए ज्यादा है। इससे पहले 23 अगस्त, 2018 को आरआईएल (RIL) भारत की ऐसी पहली लिस्टेड कंपनी बन गई थी, जिसकी मार्केट वैल्यू बीएसई पर 8 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गई थी।

ढाई महीने में 24 फीसदी मजबूत हुआ शेयर
आरआईएल ने जनवरी महीने में अक्टूबर-दिसंबर, 2019 तिमाही के नतीजे जारी किए थे और अनुमान से बेहतर नतीजों के कारण तब से अब तक उसका शेयर लगभग 24 फीसदी मजबूत हो चुका है। इसकी तुलना में बेंचमार्क सेंसेक्स महज 7.5 फीसदी ही मजबूत हुआ है। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में RIL का प्राफिट 8.8 फीसदी मजबूती के साथ 10,251 करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंच गया था।

भारत के सबसे अमीर शख्स हैं मुकेश अंबानी
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, मुकेश अंबानी 54.2 अरब डॉलर (1 अप्रैल, 2019 को) यानी 3.84 लाख करोड़ रुपए की दौलत के साथ भारत के सबसे अमीर शख्स बने हुए हैं। वहीं दुनिया के टॉप रिचेस्ट की बात करें तो वह 11वें पायदान पर हैं। दिलचस्प है कि कोई अन्य भारतीय अमीर उनके आसपास भी नजर नहीं आता है। विप्रो के अजीम प्रेमजी 18 अरब डॉलर की दौलत के साथ भारत के दूसरे बड़े अमीर हैं।

GST संग्रह मार्च में 1.06 लाख करोड़ रुपये के नये रिकार्ड स्तर पर पहुंचा

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नयी दिल्ली। माल एवं सेवाकर (जीएसटी) संग्रह चालू वित्त वर्ष के आखिरी महीने मार्च में बढ़कर 1.06 लाख करोड़ रुपये के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया। देश में जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद यह अब तक की सबसे अधिक वसूली है। इससे पहले फरवरी महीने में 97,247 करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह हुआ था।

जीएसटी अनुपालन में सुधार के साथ रिटर्न की संख्या बढ़ने से जीएसटी संग्रह में तेजी आई है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया, मार्च 2019 में कुल 1,06,577 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व प्राप्त हुआ। इसमें केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) संग्रह 20,353 करोड़ रुपए, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) 27,520 करोड़ रुपए और एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) 50,418 करोड़ रुपए तथा उपकर 8,286 करोड़ रुपए रहा है।

बयान के मुताबिक, 31 मार्च 2019 तक संक्षिप्त बिक्री रिटर्न या जीएसटीआर -3 बी भरने वालों की संख्या 75.95 लाख रही। जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद से मार्च 2019 में सबसे ज्यादा जीएसटी संग्रह हुआ। मार्च 2018 की तुलना में इसमें 15.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। एक साल पहले मार्च में जीएसटी संग्रह 92,167 करोड़ रुपये रहा था। वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान औसत मासिक जीएसटी संग्रह 98,114 करोड़ रुपये रहा।

यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 9.2 प्रतिशत अधिक है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि जीएसटी की दरों को तर्कसंगत बनाने के लिए उठाए गए कदमों से हाल के महीनों में जीएसटी राजस्व में तेजी आई है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिये जीएसटी संग्रह का लक्ष्य 13.71 लाख करोड़ रुपये से घटाकर 11.47 लाख करोड़ रुपये कर दिया था।

मार्च में समाप्त वित्त वर्ष 2018- 19 के दौरान जीएसटी संग्रह अप्रैल में 1.03 लाख करोड़ रुपये, मई में 94,016 करोड़ रुपये, जून में 95,610 करोड़ रुपये, जुलाई में 96,483 करोड़ रुपये, अगस्त में 93,960 करोड़ रुपये, सितंबर में 94,442 करोड़ रुपये, अक्टूबर में 1,00,710 करोड़ रुपये, नवंबर में 97,637 करोड़ रुपये रहा।

दिसंबर में 94,725 करोड़ रुपये, जनवरी 2019 में 1.02 लाख करोड़ रुपये और फरवरी 2019 में 97,247 करोड़ रुपये और आखिरी महीने मार्च में रिकार्ड 1.06 लाख करोड रुपये रहा है। अब नये वित्त वर्ष 2019- 20 के लिये जीएसटी संग्रह का लक्ष्य 13.71 लाख करोड़ रुपये रखा गया है।

सेंसेक्स रिकार्ड स्तर से 274 अंक फिसल कर 38,837 पर बंद, निफ्टी 11,650 पार

नई दिल्ली। कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक संकेतों से निवेशकों में उत्साह बढ़ने के बाद आईटी, टेक, ऑटो, मेटल सेक्टर में लिवाली के दम पर भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हुए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 164 अंकों की तेजी के साथ 38,837 अंकों पर बंद हुआ।

हालांकि, यह दिन के उच्चतम स्तर 39,111 अंक के मुकाबले 274 अंकों की तेजी खोकर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी भी 31 अंकों की तेजी के साथ 11,655 अंकों पर बंद हुआ। इस प्रकार निफ्टी भी अपने उच्चतम स्तर से करीब 65 अंकों की बढ़त खोकर बंद हुआ।

ऑटो और मेटल सेक्टर में जमकर लिवाली
सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो सेंसेक्स में ऑटो और मेटल सेक्टर में जमकर लिवाली रही। टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, टीवीएस मोटर्स, हीरो मोटोकॉर्प में छाई लिवाली की बदौलत ऑटो सेक्टर 194 अंकों की तेजी के साथ बंद हुए। वहीं मेटल सेक्टर में 236 अंकों की तेजी दर्ज की गई। हिंडाल्को, वीईडीएल, टाटा स्टील, सेल जैसी कंपनियों के शेयरों में जमकर लिवाली हुई।

मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों का हाल
सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में मिडकैप-स्मॉलकैप में तेजी का माहौल रहा। सेंसेक्स में मिडकैप शेयर 59 अंकों की तेजी के साथ 15,538 अंकों पर और स्मॉलकैप शेयर 110 अंकों की तेजी के साथ 15,137 अंकों पर बंद हुए। निफ्टी-50 में मिडकैप में 0.19 फीसदी और स्मॉलकैप में 0.93 फीसदी की तेजी रही। यह क्रमश: 5087 और 3287 अंकों पर बंद हुए।

इन शेयरों में रही तेजी
सेंसेक्स में आंध्रा बैंक में 16.01 फीसदी, लक्ष्मी विलास बैंक में 10 फीसदी, टाटा स्टील में 9.98 फीसदी, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस में 8.81 फीसदी और वेलस्पून कॉर्प में 8.44 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। निफ्टी में टाटा मोटर्स में 7.49 फीसदी, हिंडाल्को में 5.28 फीसदी, भारती एयरटेल में 2.97 फीसदी, विप्रो में 2.69 फीसदी और मारुति सुजुकी के शेयरों में 2.51 फीसदी की तेजी रही।

इन शेयरों में रही गिरावट
सेंसेक्स में आरकॉम में 4.83 फीसदी, आरईसी लिमिटेड में 4.65 फीसदी, नव भारत वेंचर्स लिमिटेड में 4.52 फीसदी, सीजी पावर में 4.33 फीसदी और एफएलएफएल में 4.27 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी में जी एंटरटेनमेंट में 3.28 फीसदी, यूपीएल में 2.80 फीसदी आयशर मोटर्स में 2.59 फीसदी, आईओसी में 2.55 फीसदी और इंड्सइंड बैंक में 2.23 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

बिना सब्सिडी वाला LPG सिलेंडर 5 रुपए महंगा, कीमत अब 706.5 रुपए

नई दिल्ली। नया वित्त वर्ष 2019-20 कई मामलों में लोगों की जेबों पर असर डाल सकता है। वित्त वर्ष शुरू होते ही रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की कीमतों में 5 रुपए की बढ़ोतरी की है। वहीं, सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत में 25 पैसे की मामूली बढ़ोतरी की गई है।

इंडियन ऑयल द्वारा जारी नई कीमतों के अनुसार दिल्‍ली में 14.2 किलो के बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत अब 706.5 रुपए हो गई है। जबकि 31 मार्च तक इसकी कीमत 701.5 रुपए थी। वहीं सबिस्‍डी वाले सिलेंडर की कीमत में भी 25 पैसे की मामूली बढ़ोत्‍तरी हुई है।

व्यावसायिक सिलेंडर 69 रुपये महंगा
व्यावसायिक कार्यों में प्रयोग में आने वाला 19 किलो के गैस सिलेंडर की कीमतों में भी 68 रुपए की बढ़ोत्‍तरी दर्ज की गई है। 19 किलो वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत अब दिल्‍ली में 1305.5 रुपए हो गई है। जब कि अब तक यह सिलेंडर 1237 रुपए में मिलता था।

मर्जी के चैनल न चुनने वालों को अब मिलेगा ‘बेस्ट फिट प्लान’: TRAI

नई दिल्ली। टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने बीते दिनों सभी केबल और जीटीएच ऑपरेटर्स के लिए नए नियम जारी किए थे। इनके तहत सभी कस्टमर्स को उनका टेलिविजन सब्सक्रिप्शन पैक चुनने का ऑप्शन देने के साथ तय किया गया है कस्टमर्स जो चैनल्स देखें, उन्हीं के लिए पैसे चुकाएं।

पहले की तरह अब कंपनियां सब्सक्राइबर्स का पैक डिसाइड न करें इसलिए नए नियम लागू किए गए हैं। इसके लिए 31 मार्च तक की डेडलाइन रखी गई थी और अब तक अपना पैक न डिजाइन करने वालों के लिए ‘बेस्ट फिट प्लान’ आ गया है।

ट्राई के नए नियम 1 फरवरी को आए थे, जिसके बाद कस्टमर्स को अपनी पसंद का पैक तैयार करने और चैनलों के चुनाव के लिए 31 मार्च तक का वक्त दिया गया था। अब यह डेडलाइन निकल चुकी है। ऐसे में जिन्होंने कोई पैक तैयार नहीं किया है, उन कस्टमर्स को ‘बेस्ट फिट प्लान’ पर मूव कर दिया जाएगा।

ट्राई ने बीते एक महीने में डीटीएच और केबल यूजर्स को ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर उनकी पसंद के चैनल चुनते हुए पैक तैयार करने के लिए कहा था। इसमें यूजर्स 130 रुपये नेटवर्क कैपेसिटी फी (एनसीएफ) पर 100 चैनल्स तक पा सकते थे। इसपर 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ पैक 153 रुपये का होता था।

चुनने के लिए उपलब्ध 100 चैनल्स में से यूजर्स को फ्री 25 दूरदर्शन चैनल्स मिल रहे थे, जिन्हें पैक से हटाने का ऑप्शन नहीं था। यूजर्स द्वारा पेड चैनल्स या चैनल पैक्स ऐड करने पर उन्हें 153 रुपये के एनसीएफ चार्ज से एक्सट्रा चार्ज देना था।

सभी केबल और डीटीएच कंपनियों से उनकी वेबसाइट पर चैनल्स की लिस्ट और उनका प्राइस देने को कहा गया था। ब्रॉडकास्टर्स की ओर से कई चैनल्स के पैक भी मिल रहे थे, जिन्हें तय कीमत पर लिया जा सकता था। इन चुने हुए पैक्स को ऑपरेटर्स से लागू करने को कहा गया था।

ट्राई ने कहा है कि जिन कस्टमर्स ने अपना पैक नहीं चुना उनके लिए डीटीएच या केवल कंपनियां ‘बेस्ट फिट प्लान’ तैयाप करें और लागू करें। यह प्लान उन कस्टमर्स की टीवी देखने की आदत पर आधारित होगा और इसमें वे चैनल्स शामिल होंगे जो कस्टमर ज्यादा देखता है।

अगर आपने अपना पैक नहीं चुना है तो आपके अकाउंट पर यह प्लान ऐक्टिवेट हो चुका होगा। आप ऑपरेटर की वेबसाइट पर लॉग-इन करके देख सकते हैं कि बेस्ट फिट प्लान ऐक्टिवेट है या नहीं। यूजर्स को इस प्लान में बदलाव करने का विकल्प भी दिया जा रहा है। यह प्लान उनके लिए है जो अपना पैक डिजाइन नहीं कर पाए हैं।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ज्यादा, कटौती कम, आज के दाम

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल जारी है। इस बीच स्थानीय स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत का दौर जारी है। देश की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने 1 अप्रैल 2019 को एक बार फिर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर राहत दी है। IOCL ने डीजल की कीमतों में 5 से 10 पैसे की कटौती की है। वहीं दिल्ली को छोड़कर अन्य महानगरों में पेट्रोल की कीमतों में 5 पैसे की कटौती कर राहत दी है।

IOCL ने देश की राजधानी दिल्ली में डीजल की कीमतों में 5 पैसे की कटौती की है और यह घटकर 66.09 रुपए प्रति लीटर हो गया है। कोलकाता में डीजल 9 पैसे सस्ता होकर 67.83 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है। मुंबई में डीजल 10 पैसे सस्ता हुआ है और अब यह 69.17 रुपए प्रति लीटर पर खरीदा जा सकता है। चेन्नई में डीजल 10 पैसे सस्ता होकर 69.78 रुपए प्रति लीटर पर मिल रहा है।

दिल्ली को छोड़कर अन्य महानगरों में सस्ता हुआ पेट्रोल
IOCL ने पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। सोमवार को राजधानी दिल्ली में यह 72.86 रुपए लीटर मिल रहा है। कोलकाता में यह 5 पैसे की कटौती के बाद 74.88 प्रति लीटर मिल रहा है। मुंबई में पेट्रोल 5 पैसे सस्ता हुआ है और अब इसकी नई कीमत 78.43 रुपए प्रति लीटर है। चेन्नई में यह 5 पैसे की कटौती के बाद 75.62 रुपए लीटर हो गया है।

क्रूड की कीमतों में उछाल जारी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल जारी है। सोमवार को सुबह के सत्र में ब्रेंट क्रूड 0.71 फीसदी के उछाल के साथ 68.06 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। वहीं WTI क्रूड 0.60 फीसदी की तेजी के साथ 60.50 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। पिछले साल नवंबर के बाद यह पहला मौका है जब क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं।

बाजार में आज बहार, सेंसेक्स पहली बार 39 हजार के पार

मुंबई । रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) द्वारा रेट कट की उम्मीदों और विदेशी बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेतों से आज शेयर बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला। कारोबारी सप्ताह के पहले ही दिन शेयर बाजार ने 39 हजार के रेकॉर्ड स्तर को पार कर लिया।

मुंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 185.97 अंकों की तेजी के साथ 38,858.88 पर खुला और शेयरों में जोरदार खरीदारी के कारण बाजार ने तुरंत ने 39 हजार की ऊंचाई को पार कर लिया। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी में भी जोरदार तेजी आई। आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए रिजर्व बैंक की ओर से ब्याज दरों में कटौती किए जाने के अनुमान से निवेशक उत्साहित हैं।

सकारात्मक विदेशी संकेतों और घरेलू मुद्रा में आई मजबूती से बाजार को सपोर्ट मिला और जोरदार लिवाली देखी जा रही है। सुबह करीब 10:18 बजे 335 अंकों के उछाल के साथ सेंसेक्स 39,000 के स्तर पर पहुंचा तो निफ्टी भी रेकॉर्ड ऊंचाई के करीब 11,700 के पार कारोबार कर रहा था। बता दें, 9 अगस्त 2018 को सेंसेक्स पहली बार 38,000 के पार गया था।

सुबह 9.28 बजे सेंसेक्स 281 अंकों की तेजी के साथ 38,954 और निफ्टी 70 अंकों की तेजी के साथ 11,694 पर कारोबार कर रहा है। सेंसेक्स में एनर्जी, मेटल, पीएसयू बैंक, ऑटो, इंफ्रा, आईटी और फार्मा समेत सभी प्रमुख सेक्टर हरे निशान में कारोबार कर रहा हैं। सुबह 10.21 बजे सेंसेक्स 335 अंकों की तेजी के साथ 39 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करते हुए 39,008 अंकों पर कारोबार कर रहा है।

वहीं निफ्टी 85 अंकों की तेजी के साथ 11,708 अंकों पर कारोबार कर रहा है। सुबह 10.42 बजे सेंसेक्स 39 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर से लुढ़कते हुए 38,949 अंकों पर आ गया। सेंसेक्स अभी भी 277 अंकों की तेजी के साथ कारोबार कर रहा है। निफ्टी भी 11,700 के स्तर से गिरकर 70 अंकों की तेजी के 11,694 अंकों पर आ गया

इन शेयरों में तेजी का माहौल
सेंसेक्स में लक्ष्मी विलास बैंक, टाटा स्टील, वेलस्पून कॉर्प लिमिटेड, EIH लिमिटेड और इंडिया सीमेंट में तेजी का माहौल है। निफ्टी में टाटा मोटर्स, वीईडीएल, हिंडाल्को, टाटा स्टील और गेल के शेयरों में तेजी का माहौल है। सेंसेक्स में SRF लिमिटेड, नव भारत वेंचर्स लिमिटेड, आरकॉम, आईओसी और लाल पैथ लैब में मंदी का माहौल है। निफ्टी में सिप्ला, जी एंटरटेनमेंट, एचसीएल टेक्नोलॉजी, यूपीएल और टाइटन में तेजी का माहौल है।

स्मार्टफोन में कैसे काम करता है फिंगरप्रिंट स्कैनर, जानिए

नई दिल्ली । स्मार्टफोन सिक्योरिटी को लेकर कंपनियां सजग हो गई हैं। इसका एक मुख्य कारण हैकिंग की घटनाओं का बढ़ना है। इसी के चलते स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों ने अपनी डिवाइसेज में बेहतर सुरक्षा देने का प्रयास कर रही हैं।

पिछले कुछ समय से लॉन्च किए जा रहे सभी स्मार्टफोन्स में बायोमेट्रिक सुरक्षा के तौर पर फिंगरप्रिंट स्कैनर उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर फिंगरप्रिट स्कैनर कितने प्रभावी और सही हैं। क्या फिंगरप्रिंट स्कैनर केवल स्नूपिंग को रोकने के लिए ही सही है या फिर ये अन्य तरह की हैंकिंग में भी रुकावट डाल सकते हैं।

कितने तरह के होते हैं स्कैनर:
आज के समय में लॉन्च किए जा रहे स्मार्टफोन्स कई सिक्योरिटी ऑप्शन्स के साथ उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ये स्कैनर्स यूजर्स के निजता और डाटा को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। निम्न तरह के होते हैं स्कैनर
पैटर्न,पिन/पासवर्ड, फिंगरप्रिंट स्कैनर,आइरिस/रेटीना स्कैन, फेस रिक्गनीशन

किस तरह काम करते हैं फिंगरप्रिंट स्कैनर:
हर व्यक्ति के फिंगरप्रिंट में दो आकृति होती हैं। जब यूजर स्कैनर पर अपनी उंगली रखता है तो CCD (चार्जड कपल्ड डिवाइस) लाइट सेंसर उंगली की एक उल्टी इमेज तैयार करती है। यह वो अपनी ही लाइट सोर्स से करती है।

LED उंगली की आकृति बनाने के लिए काफी लाइट का इस्तेमाल करती है जिससे उंगली की इमेज ठीक आ पाए। जो इमेज CCD सेंसर द्वारा बनाई जाती है वो टू टोन्ड इमेज होती है। इस इमेज में डार्क एरिया उंगली की लकीरों को दर्शाता है तो लाइट एरिया लकीरों के बीच बनी जगह को दर्शाती है।

स्कैनर में दिया गया प्रोसेसर इमेज को बिल्कुल क्लियर बनाता है। साथ ही यह भी चेक करता है कि कहीं पिक्सल ज्यादा डार्क तो नहीं हो गए हैं। वहीं, अगर इमेज ज्यादा डार्क या ज्यादा लाइट है तो इस इमेज को डिलीट कर दिया जाता है। इसके बाद स्कैनर सेंसर का एक्सपोजर टाइम एडजस्ट करता है और फिंगरप्रिंट को दोबारा स्कैन करता है। जितनी देर में इस फिंगरप्रिंट की छोटी इमेज बनती है उतनी देर में फिंगरप्रिंट को क्रॉस चेक किया जाता है।

कैपेसिटिव स्कैनर्स, डिजिटल स्कैनर्स से अलग होते हैं। कैपेटिव स्कैनर्स फिंगरप्रिंट को वेरिफाई करने के लिए इलेक्ट्रिकल करंट का इस्तेमाल करते हैं। यह सेमिकंडक्टर चिप से बने होते हैं। जब भी उंगली को कैपेटिव स्कैनर पर रखते हैं तो उंगली की इमेज इनपुट और आउटपुट वोल्टेज की अलग-अलग प्रक्रिया द्वारा बनाई जाती है।

अल्ट्रासोनिक स्कैनर्स हाल ही में पेश किए गए हैं। Samsung की लेटेस्ट S10 सीरीज स्मार्टफोन्स में इन्हें पहली बार पेश किया गया है। अल्ट्रसोनिक प्लस को स्क्रीन के जरिए यूजर्स की उंगली तक पहुंचाया जाता है। यह उंगली की लकीरों और छिद्रों का सही 3D फिंगरप्रिंट बनाता है।

फिंगरप्रिंट स्कैनर को लेकर बढ़ रही हैं सुरक्षा चिंताएं:
अगर कोई यह जानता है कि फिंगरप्रिंट स्कैनर कैसे काम करता है तो वो यह भी जानता होगा कि इसकी सुरक्षा को तोड़ना कोई बड़ी बात नहीं है। उदाहरण के तौर पर: फिंगरप्रिंट सेंसर की सुरक्षा को डेंटल मोल्ड कास्ट की मदद से तोड़ा जा सकता है। अगर किसी के पास 3D प्रिंटर है और डिवाइस के मालिक की फिंगर की हाई रेजोल्यूशन इमेज है तो प्रिंटर के जरिए उसका 3D प्रिंटर मोल्ड बनाया जा सकता है और इससे डिवाइस भी अनलॉक की जा सकती है।

IIT में गर्ल्स स्टूडेंट्स को 17 प्रतिशत सीटों पर मिलेगा प्रवेश

कोटा। देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजिनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई एडवान्स्ड जिसके माध्यम से देश की 23 आईआईटी की लगभग 11 हजार 279 सीटों पर प्रवेश मिलता है, यह परीक्षा इस वर्ष भी पूर्णतः कम्प्यूटर बेस्ड 27 मई को होने जा रही है। जेईई एडवान्स्ड का इन्फोर्मेशन बुलेटिन जारी कर दिया गया है जिसके अनुसार इस वर्ष यह परीक्षा देश के 155 परीक्षा शहरों पर प्रातः 9 से 12 एवं दोपहर 2 से 5 के मध्य सम्पन्न होगी।

कोटा में नहीं परीक्षा केंद्र
इस वर्ष भी जेईई एडवान्स्ड का परीक्षा केन्द्र कोटा नहीं दिया गया है। राजस्थान के 7 शहरों में परीक्षा केन्द्र बनाये गये है, जिसमें अजमेर, अलवर, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, सीकर एवं उदयपुर शामिल है। पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी विदेशो में जेईई एडवान्स्ड परीक्षा के केन्द्र बनाये गये हैं जिनमें इथोपिया, नेपाल, सिंगापुर, बांग्लादेश, दुबई, श्रीलंका शामिल हैं।

जेईई एडवान्स्ड परीक्षा से सम्बन्धित सभी पात्रता भी जारी कर दी गई हैं। इस वर्ष प्रथम बार आईआईटी में अनारक्षित वर्ग को ईडब्ल्यूएस आरक्षण भी दिया गया है। छात्रों व छात्राओं के अनुपात को संतुलित करने के लिए छात्राओं को फीमेल स्टूडेंट्स को 17 प्रतिशत अतिरिक्त सीटों पर प्रवेश दिया जायेगा।जबकि गत वर्ष छात्राओं को 14 प्रतिशत अतिरिक्त सीटे आवंटित की गयी थी।

इस वर्ष जेईई मेन परीक्षा द्वारा चुने हुए शीर्ष 2 लाख 45 हजार विद्यार्थी जो जेईई एडवान्स्ड परीक्षा देने के लिए पात्र घोषित किये जायेंगे, जिसमें सामान्य श्रेणी के 1,13,925,सामान्य ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 9800,ओबीसी के 66,150,एससी के 36,750 एवं एसटी के18,375 विद्यार्थी शामिल हैं। जबकि गत वर्ष 2,लाख 24 हजार विद्यार्थियों को जेईई एडवान्स्ड परीक्षा देने के लिए पात्र घोषित किया गया था। जेईई एडवान्स्ड का ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन 3 से 9 मईे के मध्य करवाया जायेगा।

जेईई एडवान्स्ड परीक्षा के लिए आवेदन शुल्क
जेईई एडवान्स्ड परीक्षा के लिए आवेदन शुल्क सामान्य व ओबीसी श्रेणी के छात्रों के लिए 2600/- रूपये, एससी, एसटी, शारीरिक विकलांग छात्रों एवं सभी वर्गों की छात्राओं के लिए 1300/- रूपये रखा गया है। प्रवेश पत्र 20 मई को जारी कर दिये जायेंगे। जेईई एडवान्स्ड का परीक्षा परिणाम 14 जून को घोषित किया जायेगा।

इन्फोर्मेशन बुलेटिन में जेईई एडवान्स्ड परीक्षा को क्वालिफाई कर रेंक सूची में स्थान प्राप्त करने के लिए औसतन व विषयवार कट-ऑफ जारी कर दी गई है, जो कि सामान्य श्रेणी के लिए 35 प्रतिशत, विषयवार 10 प्रतिशत,ओबीसी एवं सामान्य ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए, औसतन 31.5 प्रतिशत, विषयवार 9 प्रतिशत एससी, एसटी एवं शारीरिक विकलांग के लिए औसतन 17.5 प्रतिशत एवं विषयवार 5 प्रतिशत रखी गई है।

फीमेल स्टूडेंट्स को 3 प्रतिशत ज्यादा
आईआईटी में फीमेल स्टूडेंट्स को गत वर्ष के मुकाबले 3 प्रतिशत ज्यादा अतिरिक्त सीटों पर प्रवेश मिलने से काफी पीछे की रैंक पर भी अच्छे आईआईटी में ब्रांच मिलने की संभावनाएं और बढ़ गयी है। इस वर्ष जेईई एडवान्स्ड के ऑनलाईन आवेदन करते समय ओबीसी का प्रमाण-पत्र 1 अप्रैल 2019 के बाद मांगा गया हैं

साथ ही सामान्य ईडब्ल्यूएस श्रेणी के विद्यार्थियों को अपना ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट अपलोड करना होगा। जिन विद्यार्थियों ने जोसा काउन्सलिंग के दौरान आईआईटी आवंटन के पश्चात सीट असेप्टेंस फीस का भुगतान कर रिपोर्टिंग सेन्टर पर रिपोर्ट नहीं किया और साथ ही समय रहते सीट विड्राअल करवा ली वे इस वर्ष जेईई एडवान्स्ड परीक्षा में बैठ पायेंगे एवं जिन विद्यार्थियों ने गत वर्ष आईआईटी के रिपोर्टिंग सेन्टर पर जाकर सीट असेप्ट कर ली थी वे इस वर्ष जेईई एडवांस परीक्षा में बैठने के योग्य नहीं होंगे।