Wednesday, July 15, 2026
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आम्रपाली घोटाला: सभी प्रभावशाली के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई होगी

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ बेहद तल्ख टिप्पणियां कीं। निवेशकों से पैसे लेने के बावजूद आम्रपाली द्वारा मकान नहीं देने के मामले की सुनवाई कर रहे न्यायालय के एक पीठ ने कहा कि अथॉरिटी और बैंककर्मियों की मिलीभगत के कारण मकान खरीदारों को पीड़ा झेलनी पड़ी है।

कोर्ट ने कहा कि आम्रपाली ने आकाश की ऊंचाई तक लोगों से धोखाधड़ी की है और जो भी प्रभावशाली लोग इस खेल में शामिल हैं, उन सब के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस यूयू ललित की बेंच ने कहा कि आम्रपाली ने बायर्स, बैंकर्स और अथॉरिटी सबके साथ धोखाधड़ी की है।

3500 करोड़ रुपये डायवर्ट किए’
इससे पहले, मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट द्वारा नियुक्त फरेंसिक ऑडिटर्स ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि आम्रपाली बिल्डर्स ने बायर्स के 3,500 करोड़ रुपये डायवर्ट किए हैं। साथ ही कहा कि खरीदारों ने जो पैसे निवेश किए थे।

उन पैसों से प्रमोटर्स और डायरेक्टर ने अपना साम्राज्य खड़ा किया है और इन्होंने अपनी जेब से एक भी पैसा बिजनस में नहीं लगाया। अदालत ने दिल्ली पुलिस से कहा है कि वह इस रिपोर्ट की कॉपी ले सकता है, ताकि वह आगे की छानबीन करे। दिल्ली पुलिस क्रिमिनल केस की जांच कर रही है।

फरेंसिक ऑडिटर्स की रिपोर्ट्स को स्वीकारा
पीठ ने कहा है कि फरेंसिक ऑडिटर्स ने जो रिपोर्ट दी है, उसे हम स्वीकार करते हैं और दिल्ली पुलिस को क्रिमिनल केस में छानबीन के लिए ये कॉपी मुहैया कराने को कहा है। बायर्स के साथ धोखे के मामले में आम्रपाली डायरेक्टर्स और प्रोमोटर्स पर दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर रखा है। आम्रपाली के सीएमडी अनिल शर्मा और दो अन्य डायरेक्टर्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। ये अभी भी हिरासत में हैं।

फरेंसिक ऑडिटर्स की ओर से रिपोर्ट में कहा गया है कि आम्रपाली ग्रुप की 46 रजिस्टर्ड कंपनियां हैं और इन्होंने करीब 3,500 करोड़ रुपये डायवर्ट किए हैं। बायर्स ने जो पैसा दिया था, उससे प्रॉजेक्ट पूरा हो सकता था।

लेकिन तमाम पैसे डायवर्ट किए गए और इसी कारण कंस्ट्रक्शन नहीं हो पाया। जो प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ है, उसे पूरा किया जा सकता है। अगर ये डायवर्ट किए गए पैसे वापस आ जाएं। साथ ही अनसोल्ड प्रॉपर्टी बेचकर पैसा लाया जा सकता है।

कोर्ट ने मैकेनिज्म तैयार करने को कहा
कोर्ट ने कहा कि एक मैकेनिज्म तैयार किया जाए, ताकि बायर्स का इंट्रेस्ट प्रोटेक्ट हो और फिर बैंक और नोएडा अथॉरिटी के हितों को सुरक्षित किया जाए। बैंक ने करीब एक हजार करोड़ रुपये लोन दिए हुए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने अहम सवाल किया कि जब प्रमोटर्स ने एक पैसा निवेश नहीं किया तो कैसे वे मालिकाना दावा कर सकते हैं। क्या उनके पास संपत्ति का अधिकार बचता है। उन्होंने कई कानून तोड़े हैं।

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि होम बायर्स का जो पैसा डायवर्ट हुआ है, वह आम्रपाली ग्रुप के बाहर हुआ है। और पैसों का निवेश म्युचुअल फंड, इंश्योरेंस आदि के लिए हुआ है। साथ ही, आम्रपाली डायरेक्टर्स के इनकम टैक्स के भुगतान के लिए भी पैसे का इस्तेमाल हुआ है।

Realme की फर्स्ट ऐनिवर्सिरी सेल सिर्फ 1 रुपये में मिलेंगे स्मार्टफोन

नई दिल्ली। चीन की कंपनी रियलमी अपनी पहली ऐनिवर्सरी सेलब्रेट कर रही है। कंपनी ने 2-4 मई के दौरान ऐनिवर्सरी सेल आयोजित की है। सेल में कंपनी अपने स्मार्टफोन्स पर डिस्काउंट और स्पेशल ऑफर दे रही है। रियलमी की ऐनिवर्सरी सेल कंपनी की ऑफिशल वेबसाइट realme.com, फ्लिपकार्ट, ऐमजॉन और कंपनी के ऑफलाइन स्टोर पर होगी।

ऐनिवर्सरी सेल में कंपनी 1 रुपये वाली सुपर डील्स फीस्ट भी लाई है, जिसमें Realme 2 Pro, Realme C1, Realme U1, Realme earbuds और Realme Tech Backpack शामिल हैं। 1 रुपये वाली सुपर डील फीस्ट सेल के तीनों दिन के लिए है।

सेल के तीनों दिन रहेगा 1 रुपये डील वाला ऑफर
1 रुपये वाली सुपर डील्स फीस्ट में मिडनाइट बफे, हेल्दी ब्रेकफास्ट, सम्प्चूअस लंच और फाइन डिनर में चार फीस्ट हैं। ये डील्स सेल के तीनों दिन रात 12 बजे, सुबह 9 बजे, दोपहर 12 बजे और रात 8 बजे ओपन होंगी। 2 मई को Realme Pro 2 के 10 पीस, Realme इयरबड्स के 100 पीस और बैकपैक (बैग) के 60 पीस सेल में उपलब्ध होंगे।

वहीं, 3 मई को 1 रुपये वाली डील्स के तहत Realme C1 के 20 पीस, Realme इयरबड्स के 100 पीस और बैकपैक (बैग) के 60 पीस सेल में उपलब्ध होंगे। जबकि सेल के आखिरी दिन 4 मई को Realme U1 के 20 पीस, Realme इयरबड्स के 100 पीस और बैकपैक (बैग) के 60 पीस सेल में उपलब्ध होंगे।

स्मार्टफोन पर 1 हजार रुपये का फ्लैट डिस्काउंट
इसके अलावा, Realme की ऐनिवर्सरी सेल में Realme 2 Pro और Realme U1 पर 1,000 रुपये के फ्लैट डिस्काउंट के साथ एक साल की एक्सटेंडेड वॉरंटी मिलेगी। इसके अलावा, कंपनी 2 मई को Realme 3 का 3GB रैम और 64GB स्टोरेज वाला वेरियंट लॉन्च करेगी। इस वेरियंट की कीमत 9,999 रुपये होगी। रियलमी की ऐनिवर्सरी सेल में जो कस्टमर्स MobiKwik का इस्तेमाल करते हुए स्मार्टफोन खरीदेंगे, उन्हें 15 फीसदी (1,500 रुपये तक ) का डिस्काउंट मिलेगा।

हर सेक्टर में श्रमिकों को मिलेगी न्यूनतम मजदूरी, नहीं देने पर 10 लाख का जुर्माना

ई दिल्ली।केंद्रीय श्रम मंत्रालय से जुड़ी संसद की स्टैंडिंग कमेटी ने सभी सेक्टर के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मजदूरी (मिनिमम वेज) लागू करने की सिफारिश की है। चाहे वह सेक्टर सरकार की तरफ से मान्यता प्राप्त हो या नहीं। संगठित हो या असंगठित, सभी सेक्टर के लिए मिनिमम वेज लागू होंगे। न्यूनतम मजदूरी नहीं देने वालों नियोक्ता को 10 लाख रुपए बतौर जुर्माना देना पड़ सकता है।

8 घंटे से ज्यादा नहीं ले सकेंगे मजदूर से काम
किसी भी सेक्टर के कर्मचारियों से 8 घंटे से अधिक समय तक काम नहीं लिया जा सकेगा। अर्जेंट वर्क के नाम पर भी कर्मचारियों को नहीं रोका जा सकेगा। अनुभवी एवं फ्रेशर्स दोनों के लिए समान वेज नहीं होंगे। अनुभव को महत्व दिया जाएगा। नई सरकार के गठन पर न्यूनतम मजदूरी की इस सिफारिश पर अमल हो सकती है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इन दिनों रेडियो पर अपने प्रचार में यह कह रही है कि अगर भाजपा की सरकार फिर से बनती है तो न्यूनतम मजदूरी के प्रावधान को लागू किया जाएगा।

पांच साल पर मिनिमम वेज होगा रिवाइज
हर पांच साल पर मिनिमम वेज को रिवाइज किया जाएगा। एक नेशनल मिनिमम वेज होगा जिसके आधार पर सभी राज्य अपने-अपने राज्य के लिए मिनिमम वेज फिक्स करेंगे। लेकिन ऐसा करना अनिवार्य होगा। संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट लोक सभा में सौंप दी है। पिछले साल कोड ऑफ वेज बिल को लोक सभा में पेश किया गया था जिसे स्टैंडिंग कमेटी को सौंप दी गई थी।

अब कमेटी ने अपनी रिपोर्ट लोक सभा को सौंप दी है। किसी भी कानून को अंतिम रूप देने में स्टैंडिंग कमेटी की सिफारिश को काफी महत्व दिया जाता है। स्टैंडिंग कमेटी को मिनी पार्लियामेंट के रूप में भी जाना जाता है। कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक मिनिमम वेज के लागू होने से देश भर में काम कर रहे लगभग 48 करोड़ लोगों को फायदा होगा। कमेटी के मुताबिक इन 48 करोड़ कामगारों में से 82.7 फीसदी लोग असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं।

बोनस नहीं होगा मिनिमम वेज का पार्ट
कमेटी ने अपनी सिफारिश में कहा है कि एक समान वर्क के लिए अलग-अलग मिनिमम वेज नहीं हो सकता है। लिंग के आधार पर मतलब समान काम के लिए महिलाओं को कम मजदूरी नहीं दी जा सकती है।

कमेटी ने इस बात का भी जिक्र किया है कि कई बार अनुभवी व्यक्ति किसी संगठन में नौकरी के लिए जाता है तो उसे इंट्री लेवल के कर्मचारियों के समान समझा जाता है जबकि अनुभवी कामगारों की नियुक्ति के दौरान उसके अनुभव का ख्याल रखा जाना चाहिए। कमेटी ने श्रम मंत्रालय को यह भी कहा है कि बोनस न्यूनतम मजदूरी का पार्ट नहीं हो सकता है और उसे इससे बाहर रखा जाना चाहिए।

हालांकि मंत्रालय ने इस पर कमेटी को बताया है कि बोनस को न्यूनतम मजदूरी के पार्ट से अलग कर दिया गया है। ओवरटाइम भत्ता, ट्रैवलिंग भत्ता, पीएफ, ग्रेच्यूटी व पेंशन के मद में दी गई राशि को मिनिमम वेज का पार्ट नहीं माना जाएगा। कमेटी ने अपनी सिफारिश में कहा है कि सभी राज्यों को मिनिमम वेज को रिवाइज करने का अधिकार है, लेकिन रिविजन का यह समय किसी भी हाल में पांच साल से अधिक का नहीं हो सकता है।

नेशनल मिनिमम वेज का प्रावधान
कमेटी ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को एक नेशनल मिनिमम वेज फिक्स करना चाहिए, लेकिन इसे करने से पहले राज्य सरकार की भी सलाह जरूरी है। कमेटी की सिफारिश के मुताबिक कानून बनने पर टीडीएस, ईएसआई योगदान, पीएफ आदि के नाम पर काटी जाने वाली राशियों को आपकी सैलरी का पार्ट नहीं माना जाएगा।

कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अधिकतर नियोक्ता ईएसआई, पीएफ जैसी चीजों के नाम पर कर्मचारियों की सैलरी से पैसा काट लेते हैं जो उचित नहीं है। मिनिमम वेज नहीं देने पर श्रम मंत्रालय ने अपने प्रस्तावित कानून में 50,000 रुपए के जुर्माने का प्रावधान रखा था। इस पर कमेटी ने अपनी सिफारिश में कहा है कि 50,000 रुपये का जुर्माना काफी कम है और इसे 10 लाख किया जाना चाहिए।

जेवराती मांग घटने से सोना-चांदी के दाम गिरे, जानिए आज की कीमत

नई दिल्ली/ कोटा वैश्विक स्तर पर दोनों कीमती धातुओं में रही घटबढ़ के बीच सुस्त पड़ी स्थानीय जेवराती मांग से दिल्ली सर्राफा बाजार में बुधवार को सोना 75 रुपए लुढ़ककर 32,870 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ गया। हालांकि, औद्योगिक मांग निकलने से चांदी 25 रुपए की तेजी के साथ 38,525 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

विदेश से मिली जानकारी के अनुसार, लंदन का सोना हाजिर 1.67 डॉलर लुढ़ककर 1,282.75 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। जून का अमेरिकी सोना वायदा 3.10 डॉलर की तेजी के साथ 1,282.60 डॉलर प्रति औंस बोला गया।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर के नरम पड़ने से पीली धातु की चमक बढ़ी है लेकिन साथ ही इस पर अमेरिका के मजबूत आर्थिक आंकड़ों का दबाव भी बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी हाजिर 14.90 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रही।

स्थानीय बाजार में सोने की जेवराती मांग कमजोर पड़ने से सोना स्टैंडर्ड 75 रुपए फिसलकर 32,870 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ गया। सोना बिटुर इतनी ही गिरावट के साथ 32,700 रुपए प्रति दस ग्राम पर रहा। आठ ग्राम वाली गिन्नी 26,400 रुपए पर स्थिर रही।

चांदी की औद्योगिक ग्राहकी आने से चांदी हाजिर 25 रुपए की तेजी के साथ 38,525 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। चांदी वायदा 145 रुपए लुढ़ककर 37,075 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई। सिक्का लिवाली और बिकवाली गत दिवस के क्रमश: 80 हजार और 81 हजार रुपए प्रति सैकड़ा पर मजबूती से टिके रहे।

कोटा सर्राफा
चांदी 38300 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 32850 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38320 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 33000 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38500 रुपये प्रति तोला।

अप्रैल में GST कलेक्शन रिकॉर्ड 1.13 लाख करोड़ हुआ

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नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2019-20 के पहले महीने यानी अप्रैल में जीएसटी के मोर्चे पर अच्छी खबर मिली। अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन 1.13 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े के साथ अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जबकि इससे पिछले महीने यह 1.06 लाख करोड़ रुपए रहा था। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जीएसटी कलेक्शन से जुड़े आंकड़े जारी किए।

72 लाख जीएसटीआर-3बी हुए फाइल
आधिकारिक बयान के मुताबिक, ‘अप्रैल, 2019 में कुल जीएसटी रेवेन्यू 1,13,865 करोड़ रुपए रहा, जिसमें सेंट्रल जीएसटी 21,163 करोड़ रुपए, स्टेट जीएसटी 28,801 करोड़ रुपए, इंटिग्रेटेड जीएसटी 54,733 करोड़ रुपए और सेस 9,168 करोड़ रुपए रहा।’ वहीं मार्च महीने के लिए 30 अप्रैल तक 72.13 लाख समरी सेल्स टैक्स रिटर्न GSTR-3बी फाइल किए गए। अप्रैल वित्त वर्ष 2019-20 का पहला महीना है।

रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा जीएसटी
बयान के मुताबिक, अप्रैल महीने में हुआ जीएसटी कलेक्शन जीएसटी के आगाज के बाद मिला सबसे ज्यादा टैक्स है और इससे अप्रैल, 2018 की तुलना में 10.05 फीसदी ग्रोथ जाहिर होती है, जब कलेक्शन 1,03,459 करोड़ रुपए रहा था। सरकार ने कहा, ‘अप्रैल, 2019 में रेगुलर और प्रोविजनल सेटलमेंट के बाद केंद्र और राज्य सरकार को मिला कुल रेवेन्यू सीजीएसटी के लिए 47,533 करोड़ रुपए और एसजीएसटी के लिए 50,776 करोड़ रुपए रहा।’

2019-20 के लिए यह है प्रस्ताव
वित्त वर्ष 2019-20 के लिए सरकार का सीजीएसटी से 6.10 लाख करोड़ रुपए कम्पन्सेशन सेस से 1.01 लाख करोड़ रुपए का प्रस्ताव है। आईजीएसटी बैलेंस 50,000 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। 2018-19 में सीजीएसटी कलेक्शन 4.25 लाख करोड़ रुपए रहा, जबकि कम्पन्सेशन सेस 97,000 से ज्यादा रहा था। बीते महीने गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (GST) वित्त वर्ष 2018-19 के औसत मंथली रेवेन्यू 98,114 करोड़ रुपए से 16.05 फीसदी ज्यादा रहा।

आ गया SOTY 2 का गाना ‘हुकअप’, आलिया संग रोमांस करते दिखे टाइगर

मुंबई। फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ के मेकर्स ने कुछ समय पहले ही फिल्म के गाने ‘हुकअप’ का टीजर शेयर किया था। इसके बाद से ही फैन्स इस गाने के रिलीज होने का इंतजार कर रहे थे। इस गाने में आलिया भट्ट के होने के कारण फैन्स और भी एक्साइटेड थे। अब आखिरकार हुकअप सॉन्ग रिलीज हो गया है। इसमें आलिया और टाइगर की केमिस्ट्री काफी दमदार दिख रही है।

फैन्स काफी समय से हुकअप सॉन्ग का इंतजार कर रहे थे। इस गाने में ‘स्टूडेंट’ टाइगर श्रॉफ और ‘एक्स स्टूडेंट’ आलिया भट्ट का रोमांस देखने को मिल रहा है। गाने में टाइगर की टोन्ड बॉडी और जबरदस्त डांस मूव्स दिख रहे हैं। वहीं, आलिया इस गाने में काफी हॉट और ग्लैमरस दिखाई दे रही हैं। सुनिए, SOTY 2 का नया गाना हुक-अप:

इस गाने का म्यूजिक विशाल-शेखर ने कम्पोज किया है और इसे नेहा कक्कड़ और शेखर रवजियानी ने गाया है। बता दें कि करण जौहर की फिल्म ‘SOTY 2’ 10 मई को रिलीज हो रही है। इस फिल्म से अनन्या पांडे और तारा सुतारिया अपना बॉलिवुड डेब्यू कर रही हैं। फिल्म 2012 में आई फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द इयर’ का सीक्वल है। उस फिल्म से भी आलिया भट्ट, वरुण धवन और सिद्धार्थ मल्होत्रा ने डेब्यू किया था।

NSE पर 625 करोड़ का जुर्माना, दो पूर्व अधिकारियों को किया बैन

नई दिल्ली।पूंजी बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) को एक जगह कुछ सर्वर को विशेष लाभ पहुंचाने (को-लोकेशन) के मामले में 625 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सेबी के एक विशेष कोष में जमा कराने का आदेश दिया है। इसके अलावा कंपनी के दो पूर्व प्रमुखों पर भी कार्रवाई की गई है।

एनएसई की को-लोकेशन सुविधा के माध्यम से उच्च आवृति वाले कारोबार में अनियमितता के आरोपों की जांच के बाद सेबी ने यह आदेश दिया है। आदेश में कहा गया है, ‘एनएसई को 624.89 करोड़ रुपये और उसके साथ उस पर 1 अप्रैल 2014 से 12 प्रतिशत सालाना ब्याज दर सहित पूरी राशि सेबी द्वारा स्थापित निवेशक सुरक्षा एवं शिक्षा कोष (आईपीईएफ) में भरनी होगी।’

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इस मामले में एनएसई के दो पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक रवि नारायण और चित्रा रामकृष्ण को एक अवधि विशेष के दौरान प्राप्त वेतन के 25 प्रतिशत हिस्से को वापस करने के लिए भी कहा है। सेबी ने इन दोनों पूर्व अधिकारियों पर पांच साल तक किसी सूचीबद्ध कंपनी या बाजार ढांचा चलाने वाले संस्थान या बाजार में बिचौलिए का काम करने वाली इकाई के साथ काम करने पर भी रोक लगायी है।

आदेश के मुताबिक, सेबी ने दोनों को छह महीने के लिए प्रतिभूति बाजार में सीधे या परोक्ष रूप से कारोबार करने से भी रोक दिया है। साल 2015 में एक शिकायत के बाद एनएसई की को-लोकेशन सुविधा नियामकीय जांच के घेरे में आई। इस मामले में आदेश जारी करते हुए सेबी ने कहा कि एनएसई ने टिक- बाय-टिक (टीबीटी) डेटा रूपरेखा के संबंध में अपेक्षित प्रयास नहीं किया। टीबीटी डेटा फीड ऑर्डर बुक में हुए हर बदलाव के बारे में जानकारी देता है।

सेबी के पूर्ण कालिक सदस्य जी महालिंगम ने आदेश में कहा, ‘इसमें कोई संशय नहीं है कि शेयर बाजार ने टीबीटी रूपरेखा को लागू करने के समय आपेक्षित परिश्रम नहीं किया। इसके चलते एक ऐसा कारोबारी माहौल बना, जिसमें सूचनाओं का प्रसार असमान था। जिसे निष्पक्ष एवं उचित और न्यायसंगत नहीं माना जा सकता। दूसरी तरफ सेबी ने नैशनल स्टॉक एक्सचेंज को अगले छह महीने तक कोई भी नया डेरिवेटिव उत्पाद पेश नहीं करने के लिए कहा है।

सेबी ने NSE को नए डेरिवेटिव उत्पाद पेश करने से रोका

नयी दिल्ली। बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को अगले छह महीने तक कोई भी नया डेरिवेटिव उत्पाद पेश करने से रोक दिया। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने 202 पेज के आदेश में शेयर बाजार को को- लोकेशन सुविधा से संबंधित व्यापक नीति दस्तावेज तैयार करने का भी निर्देश दिया है।

इसमें दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के लिए पात्रता मानदंड और स्टॉक ब्रोकरों और अन्य पंजीकृत इकाइयों द्वारा अनुपालन किए जाने वाले मानदंड शामिल हैं। उक्त दस्तावेज नीति आदेश की तारीख से तीन महीने के भीतर बाजार में कारोबार करने वाली बिचौलिया इकाइयों को जारी करने का निर्देश दिया गया है। सेबी ने इस आदेश की तिथि से अगले छह महीने के लिए कोई नया डेरिवेटिव उत्पाद पेश नहीं करने का निर्देश दिया है।

लोकसभा चुनाव : अब तक 3000 करोड़ की रिकॉर्ड ब्लैक मनी जब्त

नई दिल्ली। चुनाव आयोग की लाख कोशिशों के बावजूद इस बार आम चुनाव के दौरान अवैध धन की जब्ती का रेकॉर्ड बन रहा है। पूरे देश में जिस तरह इस बार अवैध धन से लेकर ड्रग तक का इस्तेमाल चुनाव में हो रहा है उससे इसपर रोक लगाने के दावे एक बार फिर गलत साबित हो गया है।

सबसे अधिक चिंता शराब और ड्रग का उपयोग बढ़ने को लेकर सामने आई है। चुनाव आयोग से मिली जानकारी के अनुसार 26 अप्रैल तक पूरे देश में 3000 करोड़ से अधिक कैश या दूसरी चीज पकड़ी गई हैं। सूत्रों के अनुसार शुरुआती चरण में ही नोट का प्रभाव दिखने के बाद आयोग ने और सख्ती बढ़ा दी है।

सबसे चिंता की बात है कि पूरे देश में समान रूप से इसका प्रभाव दिखा है। चुनाव आयोग ने खर्च पर नजर रखने वाले सभी अधिकारियों को हर संदिग्ध लेन-देन और राजनीतिक दलों के खर्च पर कड़ी निगरानी रखने को कहा है। मालूम हो कि हर संसदीय क्षेत्र में राज्य के हिसाब से एक उम्मीदवार को 50 से 75 लाख रुपये खर्च करने की अनुमति होती है। लेकिन जिस तरह से खुद आयोग ने माना है कि इसबार रेकॉर्ड संख्या में अब तक सैकड़ों करोड़ की जब्ती हुई है, उससे एक बार फिर पूरे सिस्टम की समीक्षा करने की जरूरत है।

चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार 19 मई तक यह आंकड़ा 10 हजार करोड़ तक जा सकता है। अभी दो हजार करोड़ से अधिक की जब्ती और हो चुकी है जिसे दर्ज किया जा रहा है। वहीं, एक एनजीओ की रिपोर्ट के अनुसार इस बार देश के आम चुनाव में एक लाख करोड़ से अधिक खर्च करने का अनुमान है जो पूरे विश्व का सबसे महंगे चुनाव में यह एक हो सकता है। इस जब्ती में वह शामिल नहीं है जिसे जांच एजेंसी ने चुनाव अधिसूचना के बाद जब्त किया है।

चुनाव आयोग बनाम जांच एजेंसी
चुनाव के दौरान अवैध और ब्लैक मनी के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर चुनाव आयोग और जांच एजेंसियों के बीच विवाद भी उठे। यह विवाद तब उठा था जब इनकम टैक्स ने ताबड़तोड़ मध्य प्रदेश में कांग्रेस और तमिलनाडू में डीएमके नेताओं के यहां छापे मारे थे। इन छापों के बाद आयोग ने सभी जांच एजेंसियों को राजनीतिक रूप से निष्पक्ष कार्रवाई करने की हिदायत दी थी। इसके जवाब में इनकम टैक्स ने भी अपनी कार्रवाई को पूरी तरह जायज ठहराया था। बाद में आयोग ने जांच एजेंसी की भाषा पर एतराज जताया था।

अब तक चुनाव आयोग की कार्रवाई-
-कुल कैश की जब्ती- 785.26 करोड़
कुल शराब की जब्ती– 249.038 करोड़
-ड्रग की जब्ती-1214.46 करोड़
-सोना की जब्ती– 972.253 करोड़
रिश्वत के लिए रखी सामान की जब्ती-53.167 करोड़
कुल जब्ती-3274.18 करोड़
2014 के आम चुनाव में 3 अरब के अवैध धन की जब्ती हुई थी

Realme 3 का नया वेरिएंट लॉन्च, कल से सेल

नई दिल्ली । Realme 3 का एक और वेरिएंट लॉन्च हो गया है। इस स्मार्टफोन को कुछ महीने पहले ही लॉन्च किया गया था। फोन को पहले दो स्टोरेज वेरिएंट्स 3GB+32GB और 4GB+64GB में लॉन्च किया गया था। अब इस स्मार्टफोन का एक और वेरिएंट 3GB+64GB लॉन्च कर दिया गया है।

इसके शुरुआती 3GB+32GB वेरिएंट को 8,999 रुपये की कीमत में लॉन्च किया गया था। जबकि, इसके 4GB+64GB वेरिएंट की कीमत 10,999 रुपये है। इस नए वेरिएंट को 9,999 रुपये की कीमत में लॉन्च किया गया है।

इस स्मार्टफोन को 2 मई से शुरू होने वाले Realme 1st Anniversary सेल में के दिन के 12 बजे से प्रमुख ई-कॉमर्स वेबसाइट्स के अलावा Realme के आधिकारिक स्टोर पर सेल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। Realme 3 का सीधा मुकाबला Xiaomi Redmi Note 7 से है। वहीं, कंपनी ने हाल ही में Realme 3 Pro को भी भारत में लॉन्च किया है।

Realme 3 के फीचर्स
Realme 3 में 6.2 इंच का एचडी प्लस रिजोल्यूशन वाला डिस्प्ले दिया गया है। फोन को ग्रेडिएंड डिजाइन के साथ तीन कलर ऑप्शन के साथ लॉन्च किया गया है। इसमें ब्लू डायमंड, आइकॉनिक ग्रे और आइकॉनिक यलो कलर ऑप्शन्स में लॉन्च किया गया है। फोन को पावर देने के लिए इसमें MediaTek Helio P70 ऑक्टाकोर 2.1 गीगहर्ट्ज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोसेसर दिया गया है।

फोन में डेडिकेटेड ड्यूल सिम कार्ड और मेमोरी कार्ड स्लॉट्स दिया गया है। फोन की इंटरनल स्पेस को आप माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए 256 GB तक बढ़ा सकते हैं। फोन में दमदार 4,230 एमएएच की बैटरी दी गई है। फोन एंड्रॉइड पाई 9.0 पर काम करता है। फोन में कनेक्टिविटी फीचर्स की बात करें तो यह फोन ड्यूल 4G VoLTE, Wifi, Bluetooth और माइक्रोएसडी कार्ड को सपोर्ट करता है। कंपनी के दावे के मुताबिक फोन एक बार चार्ज करने पर 39 घंटे का बैकअप देता है।

फोन के कैमरे फीचर्स की बात करें तो इसके बैक में 13+2 मेगापिक्सल का ड्यूल रियर कैमरा दिया गया है। फोन का प्राइमरी ड्यूल सेंसर f/1.8 अपर्चर के साथ आता है। फोन में नाइटस्कोप शूट फीचर भी दिया गया है। फोन का सेकेंडरी रियर कैमरा 2 मेगापिक्सल का दिया गया है। साथ ही रियर कैमरे के साथ LED फ्लैश भी दिया गया है। सेल्फी कैमरे की बात करें तो इसमें 13 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है जो HDR, बोकेह मोड आदि को सपोर्ट करता है।