Saturday, July 11, 2026
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बाढ़ से प्रभावित इलाकों में दावों का तेजी से निपटान करें बीमा कंपनियां: वित्त मंत्रालय

नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने बीमा कंपनियों से कर्नाटक, महाराष्ट्र और केरल समेत बाढ़ प्रभावित विभिन्न राज्यों में बीमा धारकों के दावों के निपटान प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। इन राज्यों में बाढ़ का भयंकर तबाही मचाई है और अब तक हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है।

मंत्रालय ने बीमा कंपनियों से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना समेत विभिन्न पॉलिसी के तहत दावों का निपटान शीघ्रता से करने को कहा है। बीमा नियामक इरडा ने जीवन बीमा कंपनियों को भेजे पत्र में कहा है कि भारी बारिश और बाढ़ के कारण कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में जानमाल के नुकसान की रिपोर्ट है।

सर्वे कर तत्काल जारी करें दावा राशि
इरडा ने लोगों की मौत के मामलों में जहां मृतक का शरीर नहीं मिलने के कारण मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त करने में समस्या है, बीमा कंपनियों से 2015 में चेन्नई बाढ़ में अपनायी गयी प्रक्रिया का पालन करने को कहा है। साथ ही बीमा कंपनियों से दावों के निपटान के बारे में साप्ताहिक आधार पर राज्यवार प्रगति रिपोर्ट देने को कहा।

इरडा ने साधारण बीमा कंपनियों तथा स्वास्थ्य बीमा कंपनियों से भी दावों के निपटान में तेजी लाने को कहा है। उन कंपनियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि दावों के बारे में सर्वे तत्काल हों और उसका वितरण यथाशीघ्र किया जाए।

ऑटो सेक्टर में 10 लाख लोगों की नौकरियों पर खतरा

नई दिल्ली। देश में ऑटो सेक्टर इस समय सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। इस कारण इस सेक्टर से अब तक लाखों लोगों की नौकरियां चली गई हैं। आने वाले तीन महीने में 10 लाख लोगों की नौकरियों पर भी खतरा बना हुआ है। इनमें ऐसे लोग शामिल हैं जो पेंटिंग, वेल्डिंग, प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी और सर्विस से जुड़ा कार्य कर रहे हैं।

ऑटोमोटिव कंपोनेन्टस मेन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसीएमए) के डायरेक्टर जनरल विन्नी मेहता ने कहा है कि ऑटो सेक्टर के लिए अगले तीन चार महीने ज्यादा संवेदनशील हैं। मेहता का कहना है कि व्हीकल इंडस्ट्री इस समय डी-ग्रोथ की ओर जा रही है। यही कारण है कि पिछले कुछ महीनों में 10 लाख से ज्यादा लोग कंपोनेन्ट सेक्टर से नौकरी गवां चुके हैं। यह ट्रेंड अगले तीन-चार महीने तक बना रहे सकता है इससे 5 से 10 लाख लोगों की ओर नौकरियां जा सकती हैं।

टियर-2 और टियर-3 शहरों की कंपनियों में सबसे ज्यादा संकट
मेहता का कहना है कि टियर-2 और टियर-3 में 400 करोड़ रुपए से कम के टर्नओवर वाली कंपनियों पर ज्यादा संकट बना हुआ है। इन कंपनियों से 50 लाख से ज्यादा लोग जुड़े हैं जो करीब 15 बिलियन डॉलर के कंपोनेन्ट का निर्यात करते हैं।

हर कंपनी करेगी 10 फीसदी लोगों की छंटनी
नौकरी देने वाली फर्म एक्सफेनो (Xpheno) और टीमलीज (TeamLease) ने अगली तिमाही में 5 लाख लोगों की नौकरियां जाने की आशंका जताई है। टीमलीज सर्विसेज की सहसंस्थापक रितुपर्णा चक्रवर्ती का कहना है कि आने वाले समय में सभी ऑटो कंपनियां कम से कम 10 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी करेंगी। उन्होंने आशंका जताई कि ऑटो सेक्टर में मंदी का असर अभी 6 से 9 महीने तक बना रह सकता है।

यह भी पढ़ें :ऑटो सेक्टर में छंटनी रोकने को PM मोदी देंगे राहत पैकेज?

Reliance Jio का सेट-टॉप बॉक्स दूसरों से कितना अलग, जानिए

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नई दिल्ली। Reliance ने 12 अगस्त को Jio GigaFiber की घोषणा कर दी है। कंपनी 5 सितंबर को इसका कमर्शल लॉन्च करेगी। कमर्शल लॉन्च के साथ ही यह ग्राहकों तक पहुंचना शुरू हो जाएगा। जियो गीगाफाइबर के साथ रिलायंस ग्राहकों को कई शानदार सर्विस देने वाला है। इन्हीं में से एक है जियो गीगाफाइबर के साथ फ्री मिलने वाला जियो का 4K सेट-टॉप बॉक्स।

सुनने में आपको यह एक आम सेट-टॉप बॉक्स के जैसा लग सकता है, लेकिन अपने फीचर और सर्विस के मामले में यह बाजार में मौजूद दूसरे सेट-टॉप बॉक्स से काफी अडवांस है। आइए जानते हैं क्या है इसकी खूबी और कैसे यह दूसरे सेट-टॉप बॉक्स से अलग है।

दूसरे सेट-टॉप बॉक्स से काफी आगे
जियो के सेट-टॉप बॉक्स में कई ऐसे फीचर हैं जो इसे दूसरों से काफी अलग करते हैं। एयरटेल इंटरनेट टीवी इसके थोड़ा आसपास जरूर है, लेकिन जियो के साथ आने वाले एंटरमेंट के अडवांस फीचर के कारण यह पीछे छूट जाता है। जियो ने ऐलान किया है कि वह लोकल केबल ऑपरेटर्स के साथ भी मिलकर काम करेगा जिससे यूजर चैनल्स को अपने टीवी पर भी देख सकेंगे।

इतना ही नहीं, जियो के सेट-टॉप में यूजर्स को कई ऐप्स का ऐक्सेस भी मिलेगा जिससे वे लाइव टीवी, विडियो ऑन डिमांड कॉन्टेंट जैसे फीचर्स का लुत्फ ले सकते हैं। जियो अपने ऐप्स के जरिए इन फीचर्स को अब तक बड़ी स्क्रीन पर उपलब्ध नहीं करा पा रहा था। हालांकि, अब अपने सेट-टॉप बॉक्स के जरिए जियो ऐप्स के सभी कॉन्टेंट को बड़ी स्क्रीन पर देखेने की सुविधा देने वाला है।

गेमिंग के साथ MR और VR फीचर
जियो गीगाफाइबर की एक और खास बात है कि यह गेमिंग फीचर के साथ आता है। शानदार गेमिंग एक्सपीरियंस देने के लिए जियो ने दुनियाभर की टॉप गेम बनाने वाली कंपनियों से पार्टनरशिप की है। यूजर इस सेट-टॉप बॉक्स के जरिए देश विदेश में बैठे अपने फ्रेंड्स और फैमिली के साथ ऑनलाइन मल्टीप्लेयर गेम खेल सकेंगे।

इसके साथ ही इसमें MR (मिक्स्ड रिऐलिटी) और VR (वर्चुअल रिऐलिटी) फीचर भी मिलेगा। मिक्स्ड रिऐलिटी से यूजर्स घर में मूवी देखने को एक्सपीरियंस को थिअटर जैसा बना सकते हैं। वहीं वर्चुअल रिऐलिटी यूजर्स की शॉपिंग का तरीका बदल देगा। इतना ही नहीं यह सेट-टॉप खास कॉलिंग फीचर के साथ आएगा। इसकी जरिए यूजर्स एक बार में 4 लोगों के साथ विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात कर सकेंगे।

तेल-रुपये की चाल, FPI निवेश और US-चीन वार्ता से तय होगी बाजार की चाल

नई दिल्ली। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के निवेश, अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता एवं तेल और रुपये की चाल से इस सप्ताह घरेलू शेयर बाजारों की दिशा तय होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक की आर्थिक वृद्धि को गति देने और ग्राहकों की धारणा को फिर से मजबूत करने के लिए सरकार की ओर से कदम उठाए जाने वाले कदमों पर नजर है।

सैमको सिक्यॉरिटीज ऐंड स्टॉकनोट के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी जिमीत मोदी ने कहा, ‘कंपनियों के परिणाम जारी करने का दौर समाप्त हो गया है और अधिकतर कंपनियों की कमाई के तिमाही आंकड़े संतोषजनक नहीं रहे हैं। अर्थव्यवस्था नरमी की चपेट में है और इस तिमाही में मजबूती हासिल करने के लिए कंपनियों के पास करने के लिए बहुत कुछ नहीं है और अब बहुत सी चीजें सरकार की ओर से उठाये जाने वाले कदमों पर निर्भर हैं।’

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के शोध विभाग के उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा ने भी कहा, ‘कंपनियों की कमाई के आंकड़े जारी करने का समय समाप्त हो चुका है और घरेलू स्तर पर बाजार को प्रभावित करने वाला कोई पहलू नहीं है। अब वैश्विक घटनाक्रमों से दिशा तय होने की उम्मीद है। निवेशकों की नजर अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता की प्रगति, कच्चे तेल और रुपये/डॉलर की चाल पर होगी।’

विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक सुस्ती, कंपनियों की आय में कमी, वाहन उद्योग से जुड़े संकट एवं वैश्विक व्यापार से जुड़े मुद्दे से निवेश धारणा प्रभावित हो रही है। एपिक रिसर्च के सीईओ मुस्तफा नदीम ने कहा, ”इस सप्ताह निफ्टी की नजर वैश्विक संकेतों पर होगी क्योंकि वहां बहुत से घटनाक्रम हो रहे हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच व्यापार वार्ता सितंबर में संभावित है।’ पिछले सप्ताह सेंसेक्स में 231.58 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

ऑटो सेक्टर में छंटनी रोकने को PM मोदी देंगे राहत पैकेज?

नई दिल्ली।ऑटो सेक्टर में मंदी के चलते छंटनी की खबरों से प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) परेशान है। सूत्रों के अनुसार, पीएमओ ने वित्त और भारी उद्योग मंत्रालय से इस बारे में आंकड़े मांगे हैं। साथ ही ऑटो सेक्टर के लिए राहत पैकेज बनाने को भी कहा है, ताकि नौकरियां बच सकें। सेक्टर को फंड बढ़ाने, डीलरों को 60 की जगह 90 दिनों के लिए लोन देने और कुछ समय के लिए टैक्स छूट जैसी राहतों पर विचार किया जा रहा है।

आर्थिक संकट से निपटने के लिए बैठकों का दौर भी चल रहा है। मंदी के असर से बाहर निकलने के लिए वित्त मंत्रालय ऑटो, रिऐलिटी समेत कई क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से बात कर रहा है। बता दें, ऑटो मैन्युफैक्चरर्स संगठन सियाम ने कहा है कि स्लोडाउन के कारण ऑटो कंपनियां अब तक करीब 20 हजार लोगों को नौकरी से निकाल चुकी हैं। वहीं, 13 लाख लोगों की नौकरियों पर तलवार लटकी हुई है।

GST घटाने की मांग
शनिवार को दिल्ली के व्यापारियों ने केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर से मिलकर अपनी समस्याएं बताईं। व्यापारियों ने अपनी समस्या रखते हुए कहा कि ऑटो के ज्यादातर पार्ट्स पर 28 फीसदी जीएसटी लगता है और आम आदमी की जरूरत को देखते हुए ऑटो पार्ट्स को लग्जरी स्लैब में नहीं रखा जाना चाहिए। व्यापारियों ने ऑटो पार्ट्स पर जीएसटी की दर घटाकर 18 या 12 फीसदी के स्लैब में लाने की मांग की है। साथ ही पुरानी गाड़ियों के लिए एक स्क्रैप पॉलिसी की मांग भी की गई है।

लगातार घट रहा उत्पादन
राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में हुई मुलाकात में सीटीआई के कन्वीनर बृजेश गोयल, शंकरलाल अग्रवाल, राकेश गुप्ता, ए. एस. नैयर, कैलाश सिंगला, सुभाष बजाज समेत कई व्यापारी नेता शामिल हुए। सीटीआई कन्वीनर बृजेश गोयल ने बताया कि मीटिंग में ऑटोमोबाइल सेक्टर में आ रही आर्थिक मंदी पर चर्चा हुई। इस सेक्टर में बड़ी तादाद में नौकरियां छिन रही हैं।

मांग में कमी आने की वजह से उत्पादन कम हो रहा है। व्यापारियों ने कहा है कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में खत्म हो रही नौकरियों को ध्यान में रखकर केंद्र सरकार ऑटोमोबाइल वेलफेयर बोर्ड का गठन करे, जिसमें शीर्ष ऑटो मोबाइल कंपनी के साथ ऑटो रिप्लेसमेंट पार्ट्स के व्यापारियों को शामिल किया जाए। इससे कारोबारियों की दिक्कतें सरकार तक पहुंच पाएंगी। जीएसटी की तारीख 31 दिसंबर की जाए।

माहेश्वरी समाज हमेशा हर संकट में देश के साथ रहा है: ओम बिरला

कोटा। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि माहेश्वरी समाज की उत्पति महेश भगवान अर्थात देवो के देव महादेव से हुई है। जिस प्रकार महादेव हर संकट के समय उपस्थित होकर उसे समाप्त करते है। ऐसा ही चरित्र माहेश्वरी समाज का है। वे रविवार की रात को झालावाड़ रोड स्थित माहेश्वरी भवन में आयोजित उनके सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि आज देश के ऊपर प्राकृतिक आपदा आई है। बाढ़ से कई घर,खेत और देश के नागरिकों का जन जीवन अस्त व्यस्त है । ऐसे में समाज की मदद एक अनुकरणीय पहल है। देश में राजतंत्र के समय और अब प्रजातंत्र तक भामाशाह का समाज के प्रति कर्तव्य रहा है और वह इसे निभाते आये हैं।

आज माहेश्वरी समाज के भामाशाहों का दायित्व और भी बढ़ जाता है, जब देश संकट में हो। उन्होंने कहा कि देश में बदलाव तभी संभव है, जब जनता का जुडाव साथ हो। जब जनता का जुडाव होता है, तो कोई कार्य कठिन नहीं रहता है। जन सहभागिता ही जन आन्दोलन बनती है और समाज में बदलाव आता है।

इस अवसर पर समाज अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि देश के सर्वोच्च सदन में समाज के बंधु कोटा के सांसद ओमकृष्ण बिरला के पहुंचने पर पूरा समाज सहित हाड़ौती व राजस्थान अपने आप को गौरांवित महसूस कर रहा है।

उन्होंने कहा सदन में जिस गंभीरता से बिरला कार्य कर रहे हैं, वह और अधिक प्रशंसनीय है। वर्ष 1952 के बाद पहला मौका है जब सदन में रिकॉर्ड 33 संशोधन हुए हैं। इस बार सत्र की कुल 37 बैठकें हुई हैं और उनमें कोई व्यवधान नहीं हुआ है। करीब 280 घंटों से अधिक लोकसभा की कार्यवाही चली है।

स्वागत भाषण के उपरान्त लोकसभा अध्यक्ष का भव्य स्वागत माहेश्वरी समाज द्वारा किया गया। अध्यक्ष राजेश बिरला,नंद किशोर काल्या,घनश्याम मूंदडा और महेश अजमेरा ने उन्हे साफा पहनाया। बिट्ठलदास मूंदडा, राजेश शारदा और प्रमोद भण्डारी ने उन्हे शॉल उड़ाया। इसके बाद माहेश्वरी समाज कोटा एवं विभिन्न संगठनों के अध्यक्ष एवं मंत्री सहित पदाधिकारियों ने 17वीं लोकसभा के अध्यक्ष ओमकृष्ण बिरला को 17 मीटर की माला पहनाई।

इसके उपरान्त कार्यक्रम संयोजक ओम माहेश्वरी एवं आनंद राठी ने ओम बिरला के जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए छात्र जीवन से लेकर लोकसभा स्पीकर बनने तक का सम्मान पत्र वाचन किया गया। समारोह का आयोजन कजली तीज की पूर्व संध्या पर माहेश्वरी समाज कोटा एवं माहेश्वरी सेवा संस्थान नया कोटा की ओर से किया गया।

कार्यक्रम में सभा नं. 108 के अध्यक्ष श्रीकृष्ण बिरला, समाज अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला,मंत्री बिट्ठल मूंदडा एवं कोटा जिला सहकारी हॉलसेल उपभोक्ता भण्डार लि. के अध्यक्ष हरिकृष्ण बिरला, नेपाल माहेश्वरी परिषद नेपाल चेप्टर अध्यक्ष जयकिशन सारडा मौजूद थे।

नई Hyundai Creta (ix25) की तस्वीरें लीक, मिलेंगे 2 पेट्रोल इंजन

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नई दिल्ली। Hyundai ने इस साल की शुरुआत में सेकंड-जनरेशन ix25 एसयूवी से पर्दा उठाया था। नई ह्यूंदै ix25 को ही भारत में नई जनरेशन क्रेटा के रूप में लॉन्च किया जाएगा। कंपनी Hyundai ix25 की लगातार टेस्टिंग का रही है। हाल में इसे चेन्नई में टेस्टिंग के दौरान देखा गया था। लीक तस्वीरों से इसकी स्टाइलिंग और कुछ फीचर्स की जानकारी सामने आई थी। अब नई Hyundai Creta (ix25) की साइज और इंजन के डीटेल सामने आ गए हैं। नई क्रेटा वर्तमान मॉडल से बड़ी होगी और इंजन के विकल्प में भी बदलाव होंगे।

नई ix25 यानी नई ह्यूंदै क्रेटा 4,300 mm लंबी, 1,790 mm चौड़ी, 1,622 mm ऊंची होगी। इसका वीलबेस 2,610 mm होगा। क्रेटा के वर्तमान मॉडल की लंबाई 4270 mm, चौड़ाई 1780 mm, ऊंचाई 1630 mm और वीलबेस 2590 mm है। इस हिसाब से नई क्रेटा वर्तमान मॉडल के मुकाबले 30mm लंबी और 10mm चौड़ी होगी, जबकि ऊंचाई 8mm कम होगी। नई क्रेटा का वीलबेस 20mm ज्यादा होगा।

इंजन:नई ह्यूंदै क्रेटा में पेट्रोल इंजन के दो विकल्प मिलने की उम्मीद है। इसमें एक 1.5-लीटर, 4-सिलिंडर पेट्रोल इंजन होगा, जो 115hp का पावर और 144Nm टॉर्क जनरेट करता है। दूसरा 1.4-लीटर, 4-सिलिंडर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन होगा, जो 140hp का पावर और 242 Nm टॉर्क जनरेट करता है। इसके अलावा 1.5-लीटर, 4-सिलिंडर डीजल इंजन का भी विकल्प भी होगा, जो 115hp का पावर और 250 Nm टॉर्क जनरेट करता है।

ट्रांसमिशन की बात करें, तो डीजल इंजन के साथ 6-स्पीड मैन्युअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का ऑप्शन मिलेगा। पेट्रोल इंजन के साथ 6-स्पीड मैन्युअल, 7-स्पीड ड्यूल-क्लच ऑटोमैटिक और सीवीटी गियरबॉक्स के विकल्प मिलने की संभावना है। तीनों इंजन बीएस6 एमिशन नॉर्म्स के अनुरूप होंगे। बता दें कि क्रेटा के वर्तमान मॉडल में एक पेट्रोल इंजन और दो डीजल इंजन के विकल्प मिलते हैं।

लुक:नई क्रेटा का लुक पुराने मॉडल से अलग और मॉडर्न होगा। एसयूवी के फ्रंट में स्प्लिट हेडलैम्प मिलेंगे, जो काफी हद तक कंपनी की बड़ी एसयूवी Hyundai Palisade की तरह हैं। नई क्रेटा में वर्तमान मॉडल के मुकाबले बड़ी और वी शेप एलईडी टेललाइट होंगी। टेललाइट्स के ऊपर एसयूवी की पूरी चौड़ाई में एक स्ट्रिप दी गई है और उसके बीच में कई एलईडी लाइट्स हैं, जो नई क्रेटा को मॉडर्न लुक देते हैं। एसयूवी में फॉक्स स्किड प्लेट के साथ नया रियर बंपर और वेन्यू एसयूवी जैसे अलॉय वील्ज हैं।

तीन रियर कैमरे के साथ मोटोरोला One Action लॉन्च

नई दिल्ली। मोटोरोला ने मोटोरोला वन फैमिली को आगे बढ़ाते हुए अपना नया स्मार्टफोन मोटोरोला वन विजन (Motorola One Vision) लॉन्च कर दिया है। मोटोरोला वन विजन की खासियतों की बात करें तो इसमें एक्शन शॉट लेने के लिए अलग से एक सेंसर दिया गया है। इसके अलावा मोटोरोला वन विजन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है जिसमें एक कैमरा 117 डिग्री अल्ट्रा-वाइड एंगल वाला है।

कीमत :कीमत की बात करें तो इस फोन की कीमत 259 यूरो यानी करीब 20,400 रुपये है। फोन की बिक्री ब्राजील, मैक्सिको और अन्य यूरोपीय देशों में हो रही है। बता दें कि यह फोन भारतीय बाजार में 23 अगस्त को लॉन्च होने वाला है।

स्पेसिफिकेशन:इस फोन में डुअल सिम सपोर्ट के साथ एंड्रॉयड पाई 9.0 मिलेगा। इसके अलावा इस फोन को एंड्रॉयड Q और R का भी अपडेट मिलेगा। इस फोन में 6.3 इंच की फुल एचडी प्लस आईपीएस डिस्प्ले है जिसका रिजॉल्यूशन 1080×2520 पिक्सल है। इसके अलावा इस फोन में सैमसंग का एक्सिनॉज 9609 प्रोसेसर है जो कि एक ऑक्टाकोर प्रोसेसर है। इस फोन में ग्राफिक्स के लिए माली G72 MP3 GPU और 4 जीबी रैम है। Motorola One Action में 128 जीबी की स्टोरेज है जिसे मेमोरी कार्ड की मदद से बढ़ा सकेंगे।

Motorola One Action का कैमरा
कैमरे की बात करें तो इसमें ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है जिसमें एक कैमरा 12 मेगापिक्सल का, दूसरा 2 मेगापिक्सल का और तीसरा लेंस 5 मेगापिक्सल का है। कैमरे के साथ वीडियो स्टेबलाइजेशन मिलेगा। साथ ही रियर कैमरे से वर्टिकल स्थिति में भी लैडस्कैप वीडियो रिकॉर्ड किया जा सकेगा। फोन में 12 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है।

बैटरी और कनेक्टिविटी: फोन में 4G LTE, वाई-फाई, ब्लूटूथ v5.0, जीपीएस/A जीपीएस, एनएफसी, यूएसबी टाइप सी और 3.5mm का हेडफोन जैक है। इस फोन में फिंगरप्रिंट सेंसर है। इस फोन में पावर देने के लिए इसमें 3500mAh की बैटरी है जो फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इसके लिए इसमें 10वॉट का फास्ट चार्जर मिलेगा।

कश्मीर में अराजकता फैलाने वालों से निपटने की रणनीति तैयार

नई दिल्ली। जम्मू और कश्मीर में शांति कायम रखने के लिए केंद्र सरकार ने अशांति फैलाने वाले चार किस्म के समूहों से निपटने के लिए रणनीति तैयार की है। खासकर कश्मीर के कई भागों में धीरे-धीरे के करके पाबंदियां हटाने के बाद वहां हिंसक प्रदर्शन नहीं होने देने की कवायद जारी है।

जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 व 35ए हटाने के साथ ही संसद में जम्मू और कश्मीर के पुनर्गठन बिल को पारित कराने से पहले चार, अगस्त से ही राज्य में इन पाक समर्थित क्षेत्रीय नेताओं, अलगाववादी, आतंकी और पत्थरबाज समूहों पर शिकंजा कस दिया गया था।

अलगाववादी नेताओं पर सरकार की नजर
चूंकि केंद्र सरकार अब जम्मू और कश्मीर पर लगाई पाबंदियों में अब ढील दे रही है, लिहाजा वहां उग्र प्रदर्शन होने से रोकने के लिए सरकारी अमले ने अपना ध्यान क्षेत्रीय नेताओं पर केंद्रित कर दिया है। इन्हें ‘मूवर्स एंड शेकर्स’ का नाम दिया गया है। इस समूह में अलगाववादी संगठन हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं और राज्य के प्रमुख राज नेताओं को रखा गया है।

घाटी में कर्फ्यू लगाने से पहले ही सरकार ने ऐसे कई नेताओं को या तो नजरबंद कर लिया था या फिर उन्हें हिरासत में ले लिया था। लैंड लाइन और इंटरनेट लाइनों को ठप कर दिया गया था। दूसरा समूह आतंकियों और प्रतिबंधित संगठनों के सदस्यों का है, जो तनाव और अशांति का कारण हैं।

सरकार सीमा पर और आतंकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सेना को खुली छूट देने का मन बना रही है। सेना सीमा और नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा बढ़ाकर उसकी सुरक्षा करेगी, ताकि पाकिस्तानी आतंकी देश में घुसपैठ न कर सके। इसके अलावा, वह पंजाब और जम्मू की सीमा की सुरक्षा की समीक्षा करेगी।

पत्थरबाजों पर होगी नजर: सरकार जिस तीसरे समूह पर नजर रखेगी वह पत्थरबाजों का है। यह घाटी में होने वाले प्रदर्शनों का सबसे विकृत रूप है। यह पत्थरबाज प्राय किशोर हैं। इन्हें सुधारने के लिए सामुदायिक बांड बनाने की रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत 20 परिवारों के सदस्यों और उनके साथियों को इसमें शामिल किया गया है। इस बांड में लिखवाया जाएगा कि वह सुनिश्चित करें कि किशोर किसी अराजक या हिंसक गतिविधियों में शामिल न हों।

धार्मिक नेताओं पर अंकुश: इसके अलावा, चौथे समूह के रूप में सरकार जम्मू और कश्मीर में धार्मिक नेताओं पर भी अंकुश लगाने वाली हैं। जरूरत पड़ने पर सरकार इन धार्मिक नेताओं से सख्ती से निपटने या उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने का मन बना रही है।

लाखों पासवर्ड हुए हैक, कहीं आपका भी तो नहीं, ऐसे करें चेक

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मुंबई । अगर आप भी ऑनलाइन अकाउंट ऑपरेट करते हैं तो सावधान क्योंकि गूगल ने एक चेतावनी जारी की है जिसके अनुसार लाखों यूजर्स के पासवर्ड और लॉगिन नेम हैक को गए हैं। कंपनी ने इसके साथ ही एक फीचर भी पेश किया है जिसकी मदद से यूजर यह चेक कर सकता है कि कहीं उसका भी पासवर्ड हैक तो नहीं हुआ है।

सर्च इंजन कंपनी ने एक पासवर्ड चेकअप फीचर पेश किया है जो आपको यह बताएगा कि आपका पासवर्ड हैक हुआ है या नहीं। साथ ही किसी गलत साइट पर इसके उपयोग को लेकर भी अलर्ट करेगा। कंपनी ने इस साल ही यह एड ऑन एक्सटेंशन पेश किया था, लेकिन अब आ रही खबरों के अनुसार कंपनी इसे गूगल क्रोम ब्राउजर में ही इंटीग्रेट करने की तैयारी में है। इसके बाद यह क्रोम का स्थायी फीचर बन जाएगा।

बता दें कि इसी साल एक पासवर्ड चेकअप नाम का एड ऑन पेश किया था जो गूगल क्रोम में एड किए जाने के बाद यूजर को इस बात की जानकारी देता है कि कहीं उसके पासवर्ड को हैक तो नहीं किया गया। साथ ही यह आपको तभी अलर्ट करता है जब आप किसी वेबसाइट पर उन लाखों पासवर्ड्स में से एक को यूज करते हैं, जो हैक हो चुका है।

गूगल यह सब अलग-अलग साइट्स पर आपके लॉगिन डिटेल्स के क्रॉस रिफरेंस के आधार पर करता है। अगर कोई यूजर यह नहीं चाहता कि यह फीचर उसके पासवर्ड के लिए काम करे तो सेटिंग में जाकर इसे बंद कर सकता है।