Saturday, July 18, 2026
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KPL 2026: कोटा में क्रिकेट का महाकुंभ कल से, 8 टीमों के बीच होगी खिताबी जंग

आईपीएल सितारों और राष्ट्रीय खिलाड़ियों की मौजूदगी में होंगे रोमांचक मैच

कोटा। कोटा जिला क्रिकेट संघ द्वारा नयापुरा स्थित के जेके पेवेलियन अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पर राष्ट्रीय स्तरीय सीनियर टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता कोटा प्रीमियर लीग (केपीएल) 2026 का आयोजन किया जाएगा। जिसका उद्घाटन रविवार को प्रातः 9 बजे किया जाएगा।

कोटा जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष एवं प्रतियोगिता के आयोजन प्रभारी मनोज कुमार शर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि केपीएल के सभी मैच जेके पेवेलियन पर आयोजित होंगे। समारोह में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर एवं राजस्थान कुश्ती संघ के अध्यक्ष राजीव दत्ता अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। समापन 1 मार्च को होगा। इस दौरान आईपीएल एवं राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट खिलाडी विभिन्न टीमों में खेलते हुए नजर आएंगे।

11 लाख रुपये होगा विजेता पुरस्कार
अध्यक्ष शर्मा ने बताया कि कोटा प्रीमियर लीग (केपीएल) 2026 प्रतियोगिता में विजेता टीम को 11 लाख रुपए एवं उपविजेता टीम को 5 लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही मैन ऑफ द सीरीज के रूप में 51 हजार रुपये, प्रत्येक मैच में मैन ऑफ द मैच के रूप में 5100 रुपये, सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, गेंदबाज, क्षैत्ररक्षक, विकेटकीपर एवं प्रतियोगिता के उभरते हुए खिलाड़ी को 11 हजार रुपये सहित अन्य आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके साथ ही आयोजकों द्वारा प्रतियोगिता के लाइव प्रसारण एवं लाइव स्कोरिंग की व्यवस्था की जावेगी।

इन 8 टीमों के बीच होंगे मुकाबले
अध्यक्ष मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि कोटा प्रीमियर लीग (केपीएल) 2026 में राष्ट्रीय स्तर की 8 टीमें शामिल की गई हे जिनके नाम क्रमशः कोटला रॉयल्स दिल्ली, इनविक्सो इंडियंस नोयडा, वीटीसीए नागपुर, जीआर जयपुर, बाउण्ड्री ब्रेकर्स अजमेर, डब्ल्यूसीआर जबलपुर, कोटा डीसीए एवं राजस्थान यूनाइटेड हैं। प्रतियोगिता के दौरान लीग स्टेज पर राउंड रोबिन आधार पर अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नयापुरा पर प्रतिदिन 2 मैच होंगे। सभी मैच टी-20 अन्तर्राष्ट्रीय मापदण्डों पर खेले जाएंगे। टूर्नामेंट में कुल 15 मैच खेले जायेंगे। प्रतियोगिता में सभी टीमों का मुकाबला रोमांचक होने जा रहा है।

बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी जुटेंगे रोजाना
अध्यक्ष शर्मा ने बताया कि कोटा प्रीमियर लीग (केपीएल) 2026 के मैचों के दौरान स्टेडियम में आने वाले क्रिकेट प्रेमियों की संख्या बहुत अधिक होने का अनुमान है। कोटा में हो रहे राष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिता में अनुमान के मुताबिक लगभग हर मैच में स्टेडियम खचाखच रहेगा। इसमें शहर के स्कूल्स, कॉलेज व कोचिंग संस्थान के स्टूडेंट्स भी शामिल होंगे। कोटा प्रीमियर लीग (केपीएल) 2026 से जुड़ने के लिए शहर के कई संस्थान आगे भी आ रहे हैं। कोटा प्रीमियर लीग (केपीएल) 2026 क्रिकेट प्रेमियों की एन्ट्री निशुल्क होगी तथा हर प्रकार की प्रशासनिक गाइडलाइन का पालन किया जायेगा।

पोस्टर का विमोचन
पत्रकार वार्ता के दौरान प्रतियोगिता के पोस्टर का विमोचन किया गया। इस दौरान मनोज शर्मा अध्यक्ष, सत्यप्रकाश शर्मा सचिव, सुरेश आनंद (नीटू) कोषाध्यक्ष, दिव्य प्रताप सिंह हाड़ा वरिष्ठ उपाध्यक्ष, शैलेन्द्र ऋषि, उपाध्यक्ष, जितेन्द्र चौधरी उपाध्यक्ष, राजेन्द्र कुमार जैन, अशोक कुमार मीणा: संयुक्त सचिव, अजय नंदवाना संयुक्त सचिव, कार्यकारिणी सदस्य रितेश चित्तौड़ा, जय हरिसिंह जस्सू दिवाकर, संजय कुमार निझावन, महेन्द्र सिंह सिसोदिया, इंद्रमल जैन, धर्मेन्द्र सिंह हाड़ा, हरिकांत लवानिया, अशोक कुमार यादव उपस्थित रहे।

iPhone Fold की कीमत, बैटरी और कैमरा डिटेल सामने आई, जानें कब होगा लॉन्च

नई दिल्ली। Apple कभी भी ट्रेंड्स के पीछे भागने में जल्दीबाजी नहीं करता है, और ऐसा लग रहा है कि फोल्डेबल फोन के लिए भी कंपनी अपनी इसी अप्रोच को फॉलो कर रही है। जहां Android ब्रांड्स कस्टमर्स के हाथों में फोल्डिंग स्क्रीन देने के लिए दौड़े, वहीं Apple ने सालों तक किनारे से देखा, चुपचाप आइडियाज को बेहतर बनाया।

ऐसा लग रहा है कि अब शायद इंतजार खत्म होने वाला है। बढ़ते सप्लाई-चेन सिग्नल्स और कई इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के आधार पर, ऐप्पल का पहला फोल्डेबल iPhone अब 2026 में आने की उम्मीद है, जो iPhone के इतिहास में सबसे बड़े डिजाइन चेंज में से एक होगा। आने वाले iPhone के बारे में सभी लीक हुई डिटेल्स यहां दी गई हैं।

डिजाइन
इस डिवाइस को आम तौर पर iPhone Fold कहा जा रहा है, और उम्मीद है कि यह किताब की तरह खुलेगा, और सीधा खुलने के बजाय हॉरिजॉन्टली एक बड़ी स्क्रीन में बदल जाएगा। इस फॉर्म फैक्टर से पता चलता है कि ऐप्पल उन यूजर्स को टारगेट कर रहा है जो एक कॉम्पैक्ट फैशन-फर्स्ट डिवाइस के बजाय एक ऐसा फोन चाहते हैं जो छोटे टैबलेट का भी काम कर सके।

प्रोडक्ट को ट्रैक करने वाले एनालिस्ट का कहना है कि फोन फोल्डेबल के लिए काफी पतला रह सकता है, जिसकी मोटाई का अनुमान है कि बंद होने पर यह 10 एमएम से कम और खुलने पर 5 एमएम से कम होगा। बटन की जगह भी बदल रही है, वॉल्यूम कंट्रोल ऊपर किनारे पर आ गए हैं, जबकि पावर बटन साइड में ही रहेगा, यह लेआउट ऐप्पल के हाल के टैबलेट डिजाइन जैसा ही है।

डिस्प्ले, क्रीज, बिल्ड क्वालिटी
उम्मीद है कि स्क्रीन ऐप्पल की फोल्डेबल स्ट्रैटेजी का सेंटरपीस होंगी। फोल्ड होने पर, बाहरी डिस्प्ले 5.3 से 5.5 इंच के आसपास होगी, जिससे यूजर्स को जाना-पहचाना स्मार्टफोन एक्सपीरियंस मिलेगा। डिवाइस खोलने पर, अंदर का डिस्प्ले 7.7 या 7.8 इंच के करीब फैल सकता है, जिससे iPhone iPad जैसा हो जाएगा।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि ऐप्पल फोल्डेबल पैनल पर ज्यादा मजबूत प्रोटेक्टिव लेयर्स के साथ एक्सपेरिमेंट कर रहा है, जिसमें क्लैरिटी से कॉम्प्रोमाइज किए बिना ड्यूरेबिलिटी को बेहतर बनाने के लिए अल्ट्रा-थिन ग्लास को एडवांस्ड पॉलीमर फिल्मों के साथ मिलाया गया है।

फोल्डेबल फोन के साथ सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक फोल्ड के साथ दिखने वाली क्रीज रही है। माना जा रहा है कि यहां ऐप्पल एक एग्रेसिव इंजीनियरिंग अप्रोच अपना रहा है। इंडस्ट्री पर नजर रखने वालों का कहना है कि कंपनी स्क्रीन के मुड़ने पर स्ट्रेस को मैनेज करने के लिए डिस्प्ले के नीचे एक मजबूत मेटल प्लेट का इस्तेमाल कर रही है।

कहा जा रहा है कि हिंज खुद लिक्विड मेटल कंपोनेंट्स पर निर्भर करता है, एक ऐसा मटेरियल जिसे ऐप्पल पहले भी इसकी मजबूती और डिफॉर्मेशन से बचाने के लिए इस्तेमाल कर चुका है। अगर ये रिपोर्ट्स सच हैं, तो ऐप्पल क्रीज को इतना कम करने की कोशिश कर सकता है कि रोजाना इस्तेमाल के दौरान यह मुश्किल से दिखे।

बिल्ड क्वालिटी एक और फैक्टर है जहां ऐप्पल कोई कमी नहीं करना चाहता। फोल्डेबल iPhone में टाइटेनियम-बेस्ड फ्रेम का इस्तेमाल होने की उम्मीद है, जिसे कई प्रीमियम मेटल से बने हिंज के साथ जोड़ा जाएगा। एनालिस्ट के अनुसार, इसका मकसद फ्लेक्सिंग और लंबे समय में होने वाली दिक्कतों से बचना है, जो दूसरे ब्रांड के कुछ शुरुआती फोल्डेबल डिवाइस में देखने को मिली हैं।

कैमरा
iPhone Fold पर कैमरा हार्डवेयर शायद ऐप्पल की मौजूदा सोच के हिसाब से ही रहेगा, जैसे कम सेंसर, जिन्हें बेहतर तरीके से ट्यून किया गया हो। लीक्स से पता चला है कि इसमें डुअल रियर कैमरा सेटअप होगा, जिसमें दोनों लेंस में कथित तौर पर 48-मेगापिक्सेल सेंसर का इस्तेमाल होगा। फ्रंट में, ऐप्पल फोल्ड और अनफोल्ड इस्तेमाल के लिए अलग-अलग कैमरे दे सकता है। कुछ रिपोर्ट्स बताती हैं कि अंदर की स्क्रीन डिस्प्ले के नीचे कैमरा छिपा सकती है, जबकि बाहर की स्क्रीन में एक छोटा पंच-होल कटआउट हो सकता है।

बैटरी
बैटरी लाइफ एक बड़ी बात हो सकती है। सप्लाई चेन की रिपोर्ट्स का दावा है कि ऐप्पल हाई-डेंसिटी बैटरी सेल्स और पतले इंटरनल कंपोनेंट्स के साथ काम कर रहा है ताकि चेसिस के अंदर ज्यादा कैपेसिटी फिट हो सके। अगर यह सही है, तो iPhone Fold में iPhone में इस्तेमाल होने वाली अब तक की सबसे बड़ी बैटरी हो सकती है, जो एक बड़े फोल्डिंग डिस्प्ले की पावर डिमांड को देखते हुए एक जरूरी कदम है।

सैमसंग का यह 5G फोन 11400 रुपये तक सस्ता हुआ, जानिए ऑफर्स

नई दिल्ली। सैमसंग का फोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो कंपनी की गैलेक्सी A सीरीज का Samsung Galaxy A35 5G आपके लिए एक जबर्दस्त ऑप्शन साबित हो सकता है। खास बात है कि एक बार फिर यह फोन लॉन्च प्राइस से बेहद सस्ते में मिल रहा है। लॉन्च के वक्त इस फोन के 8जीबी रैम और 128जीबी के इंटरनल स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 30999 रुपये थी। अब यह फोन अमेजन इंडिया पर 11400 रुपये के डिस्काउंट के बाद 19599 रुपये का मिल रहा है।

खास बात है कि आप इस फोन को 979 रुपये तक के कैशबैक के साथ भी खरीद सकते हैं। फोन पर 18450 रुपये तक का एक्सचेंज बोनस भी दिया जा रहा है। ध्यान रहे कि एक्सचेंज ऑफर में मिलने वाला अडिशनल डिस्काउंट आपके पुराने फोन की कंडीशन, ब्रैंड और कंपनी की एक्सचेंज पॉलिसी पर निर्भर करेगा। सैमसंग का यह फोन 50 मेगापिक्सल के मेन कैमरा और 5000mAh की बैटरी जैसे धांसू फीचर्स से लैस है। आइए जानते हैं डीटेल।

फीचर और स्पेसिफिकेशन
सैमसंग के इस फोन में आपको 2340×1080 पिक्सल रेजॉलूशन के साथ 6.6 इंच का सुपर एमोलेड डिस्प्ले दे रही है। फोन में ऑफर किया जा रहा यह डिस्प्ले 120Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। फोन 8जीबी रैम और 256जीबी तक के इंटरनल स्टोरेज वेरिएंट में आता है।

यह डिवाइस Exynos 1380 चिपसेट से लैस है। फोन के बैक पैनल पर फोटोग्राफी के लिए एलईडी फ्लैश के साथ ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें 50 मेगापिक्सल के मेन लेंस के साथ एक 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड ऐंगल लेंस और एक 5 मेगापिक्सल का मैक्रो लेंस शामिल है। वहीं, इसमें सेल्फी के लिए 13 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है।

फोन की बैटरी 5000mAh की है। यह बैटरी 25 वॉट की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। बायोमेट्रिक सिक्योरिटी के लिए आपको इस फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर देखने को मिलेगा। यह फोन IP67 डस्ट और वॉटर रेजिस्टेंट रेटिंग के साथ आता है। ओएस की जहां तक बात है, तो फोन ऐंड्रॉयड 14 पर बेस्ड OneUI 6.1 पर काम करता है।

खास बात है कि कंपनी इस फोन को चार जेनरेशन के ओएस अपग्रेड के साथ पांच सिक्योरिटी पैच भी देगी। कनेक्टिविटी के लिए इसमें आपको 5G SA / NSA, Dual 4G VoLTE, Wi-Fi 802.11 ac (2.4GHz + 5GHz), ब्लूटूथ 5.3, GPS + GLONASS, USB Type-C और NFC जैसे ऑप्शन देखने को मिलेंगे। दमदार साउंड के लिए कंपनी इस फोन में स्टीरियो स्पीकर्स के साथ डॉल्बी ऐटमॉस भी दे रही है।

सनरूफ से लैस हुंडई की नई कार जल्द ही भारत में होगी लॉन्च, फीचर्स हुए लीक

नई दिल्ली। Hyundai Bayon crossover SUV: हुंडई सेकेंड जनरेशन की बेयॉन (Hyundai Bayon) सब-कॉम्पैक्ट क्रॉसओवर SUV की टेस्टिंग कर रही है। इसके इस साल के आखिर में भारत में लॉन्च होने की उम्मीद है। हाल के महीनों में भारी कैमोफ्लाज में लिपटे टेस्ट म्यूल्स को अक्सर देखा गया है।

स्पाई शॉट्स के आधार पर डिजिटल रेंडरिंग से साफ पता चलता है कि अपडेटेड वर्जन प्रोडक्शन-रेडी फॉर्म में कैसा दिख सकता है। रेंडर इमेज से साफ है कि नई बेयॉन का डिजाइन ज्यादा सोफिस्टिकेटेड है। फ्रंट फेशिया में स्लीक लाइटिंग एलिमेंट्स के साथ एक नया फ्रेश लुक है और ग्रिल और बंपर सेक्शन ज्यादा एलिगेंट तरीके से बना है।

डिजाइन और फीचर्स
फ्रंट में पूरी चौड़ाई वाली स्ट्रिप जैसे कुछ एलिमेंट्स कोना से इंस्पायर्ड लगते हैं। LED DRLs और टर्न सिग्नल्स के साथ इल्यूमिनेशन सिर्फ किनारों पर है। सेंटर पीस ग्लॉस ब्लैक फिनिश में एक प्लास्टिक ट्रिम लगता है। साइड्स की ओर बढ़ते हुए, पैनलिंग पर स्मूद कर्व्स देखे जा सकते हैं, जो एक एलिगेंट, क्लटर-फ़्री प्रोफ़ाइल पक्का करते हैं। विंडशील्ड पिलर्स का लीन एंगल ज्यादा स्टीप लगता है, जो SUV की स्पोर्टीनेस को बढ़ाता है।

नई बेयॉन में सोफिस्टिकेशन पर फोकस है, लेकिन इसमें कुछ रफ एंड टफ फ्लेवर भी हैं, जैसा कि मस्कुलर व्हील आर्च और मोटी बॉडी क्लैडिंग से साफ है। नए मॉडल में नए एलॉय व्हील्स मिलने की उम्मीद है। रेंडर इमेज में दिखने वाले दूसरे खास फीचर्स में बॉडी-कलर फिनिश में कन्वेंशनल डोर हैंडल, हल्की ढलान वाली रूफलाइन, सिल्वर फिनिश में रूफ रेल्स और एक शार्क फिन एंटीना शामिल हैं।

पीछे की तरफ, खास फीचर्स में इंटरकनेक्टेड फॉर्मेट में स्लीक टेल लैंप, एक रेक्ड विंडशील्ड और मजबूत बंपर डिजाइन शामिल हैं। हुंडई नई बेयॉन का N लाइन वर्जन भी लाएगी। इसमें ग्लॉस ब्लैक फिनिश में यूनिक डिटेलिंग और खास एलॉय व्हील्स जैसे एक्सक्लूसिव फीचर्स होंगे जो 18 इंच तक जा सकते हैं। बेयॉन के अंदर भी कई अपडेट्स होंगे। इसमें इंफोटेनमेंट और इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के लिए डुअल 12.3-इंच स्क्रीन हो सकती हैं।

हुंडई सेफ्टी पैकेज को बेहतर बनाने पर भी फोकस करेगी। कानूनी तौर पर जरूरी फीचर्स के अलावा, कई नए सेफ्टी फीचर्स भी जोड़े जा सकते हैं। दूसरे फीचर्स में सनरूफ, ऑटो-डिमिंग IRVM, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और रियर AC वेंट शामिल हो सकते हैं। ग्लोबल मार्केट में, नई बेयॉन में नई जनरेशन के इंजन मिलने की उम्मीद है। मौजूदा मॉडल के साथ मिलने वाले पावरट्रेन ऑप्शन में 48-वोल्ट माइल्ड हाइब्रिड सेटअप शामिल है।

इंजन और डायमेंशन
मौजूदा बेयॉन के साथ मिलने वाला प्राइमरी इंजन 1.0-लीटर तीन-सिलेंडर टर्बो पेट्रोल इंजन है। नई बेयॉन के टॉप वेरिएंट में 1.6-लीटर 4-सिलेंडर यूनिट हो सकती है। बाद में नई बेयॉन के साथ इलेक्ट्रिक पावरट्रेन भी दिया जा सकता है। सेकेंड जनरेशन की बेयॉन को सब-4-मीटर SUV के तौर पर पेश किए जाने की उम्मीद है। यूरोप में बिकने वाला मौजूदा मॉडल 4,180 mm लंबा है। भारत के लिए इंजन ऑप्शन में 1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल यूनिट और 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन शामिल हो सकते हैं। भारत में हुंडई बेयोन मुख्य रूप से मारुति फ्रोंक्स को टक्कर देगी।

अमेरीका में पाकिस्तान के पीएम शरीफ फिर शर्मसार, जानिए ऐसा क्या हुआ

नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के लिए इस सप्ताह अमेरिका यात्रा किसी कूटनीतिक उपलब्धि के बजाय सार्वजनिक शर्मिंदगी का सबब बन गई।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयोजित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की उद्घाटन बैठक में शहबाज शरीफ के व्यवहार और वहां के घटनाक्रमों ने सोशल मीडिया पर मीम्स और आलोचनाओं की बाढ़ ला दी है।

इस पूरी यात्रा के दौरान सबसे अधिक चर्चा उस वीडियो की हो रही है जिसमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, राष्ट्रपति ट्रंप को एक अजीबोगरीब ‘गार्ड-स्टाइल’ में सैल्यूट करते नजर आ रहे हैं।

इस वीडियो के वायरल होते ही नेटिजन्स ने इसे पाकिस्तान की संप्रभुता और कूटनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया। आलोचकों का कहना है कि एक देश के प्रधानमंत्री का दूसरे राष्ट्र के प्रमुख के सामने इस तरह झुकना दोनों देशों के बीच असंतुलित शक्ति संबंधों को दर्शाता है।

बैठक के दौरान केवल व्यवहार ही नहीं, बल्कि तस्वीरों ने भी पाकिस्तान की वैश्विक स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए। विश्व नेताओं के आधिकारिक ग्रुप फोटो में जहां डोनाल्ड ट्रंप अपने प्रमुख सहयोगियों के साथ केंद्र में खड़े थे, वहीं शहबाज शरीफ को बिल्कुल किनारे पर जगह मिली। कूटनीतिक जानकारों ने इसे इस्लामाबाद के प्रतीकात्मक हाशिए पर जाने के रूप में देखा है।

एक अन्य असहज क्षण तब आया जब भाषण के बीच में ही ट्रंप ने शहबाज शरीफ की ओर इशारा करते हुए उन्हें खड़े होने का निर्देश दिया। इस दृश्य ने विपक्षी दलों और सोशल मीडिया यूजर्स को मौका दे दिया, जिन्होंने शरीफ को “ट्रंप की कठपुतली” तक कह डाला। हालांकि ट्रंप ने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा, “मुझे यह शख्स पसंद है।” इस मौखिक दिलासा के बावजूद कूटनीतिक संदेश कुछ और ही कहानी बयां कर रहा था।

जब शहबाज शरीफ को बोलने का मौका मिला तो उन्होंने ट्रंप की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने ट्रंप को शांति का दूत और दक्षिण एशिया का रक्षक करार दिया।

शरीफ ने दावा किया कि ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने में मध्यस्थता की है। यह एक ऐसा दावा है जिसे भारतीय अधिकारियों ने तुरंत और कड़ाई से खारिज कर दिया।

शहबाज शरीफ की इस यात्रा ने पाकिस्तान के भीतर भी राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। पाकिस्तान के विपक्षी नेताओं का कहना है कि ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने से पहले संसद या अन्य दलों से कोई सलाह नहीं ली गई।

सरकार पर आरोप है कि उसने फिलिस्तीन और इजरायल के प्रति पाकिस्तान की पारंपरिक विदेश नीति के साथ समझौता किया है। 40 से अधिक देशों के इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य युद्धग्रस्त गाजा में मानवीय सहायता और पुनर्निर्माण के प्रयासों को एकजुट करना था।

पाकिस्तान को इस बैठक में औपचारिक रूप से आमंत्रित तो किया गया, लेकिन उसे उन देशों की सूची में शामिल नहीं किया गया जो गाजा में अंतरराष्ट्रीय स्थिरता बल में योगदान देंगे।

ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निकाला तोड़, जानिए अब भारत पर कितना टैरिफ

नई दिल्ली। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वैश्विक टैरिफ को अवैध ठहराए जाने के बाद, ट्रंप प्रशासन ने एक नया कदम उठाया है। ट्रंप ने एक नए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत भारत सहित सभी देशों से होने वाले आयात पर 10 प्रतिशत का टैरिफ लगाया गया है।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए राष्ट्रपति ट्रंप के वैश्विक टैरिफ को अवैध करार दिया था। इसे ट्रंप के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा गया।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को भयानक फैसला बताते हुए ट्रंप ने तुरंत एक नए आदेश की घोषणा कर दी। उन्होंने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 के तहत 10 प्रतिशत का वैश्विक टैरिफ लगाने वाले आदेश पर हस्ताक्षर किए। यह कानून भुगतान संतुलन के घाटे को दूर करने के लिए 150 दिनों तक 15% तक के अस्थायी आयात सरचार्ज की अनुमति देता है।

वाइट हाउस का बयान
वाइट हाउस ने शुक्रवार को पुष्टि की है कि भारत को भी यह 10 प्रतिशत टैरिफ चुकाना होगा। जब वाइट हाउस के एक अधिकारी से पूछा गया कि क्या भारत को यह टैरिफ देना होगा और क्या यह पहले के कानूनों (IEEPA) की जगह लेगा, तो अधिकारी ने स्पष्ट किया- हां, 10% तब तक लागू रहेगा जब तक कि कोई अन्य अधिकार लागू नहीं किया जाता।

वाइट हाउस ने एक फैक्ट शीट जारी करते हुए कहा है कि भारत समेत US के जिन ट्रेडिंग पार्टनर्स ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले डोनाल्ड ट्रंप के एडमिनिस्ट्रेशन के साथ टैरिफ डील की थी, उन्हें अब केवल 10 परसेंट ड्यूटी का सामना करना पड़ेगा, भले ही वे पहले ज्यादा टैरिफ चुकाने पर सहमत हुए हों। यानी भारत,जो पहले 18 फीसदी टैरिफ चुका रहा था अब उसे 10 फीसदी टैरिफ देना होगा।

हालांकि वाइट हाउस के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी AFP को बताया कि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन आगे चलकर ‘ज्यादा सही या पहले से तय टैरिफ रेट लागू करने’ के तरीके ढूंढेगा।

अधिकारी ने सभी व्यापारिक साझेदारों को सलाह दी कि वे अपने व्यापार समझौतों का पालन करें। यह नया टैरिफ ट्रंप के संरक्षणवादी व्यापार एजेंडे का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अनुचित व्यापार प्रथाओं से निपटना है। इस महीने की शुरुआत में अमेरिका और भारत ने घोषणा की थी कि वे ट्रेड पर एक अंतरिम समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क पर पहुंच गए हैं।

इसके बाद ट्रंप ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी किया, जिसमें भारत पर रूसी तेल खरीदने पर लगाए गए 25 परसेंट के दंडात्मक टैरिफ हटा दिए गए और नई दिल्ली पर लगने वाली ड्यूटी को 25 परसेंट से घटाकर 18 परसेंट कर दिया गया। अब इस अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए भारत का एक प्रतिनिधिमंडल अगले कुछ दिनों में अमेरिका की यात्रा करने वाला है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर क्या टैरिफ वापस करेगा अमेरिका, जानिए एक्सपर्ट की राय

राष्ट्रपति के पास आर्थिक आपातकाल घोषित करने और नए कर लगाने की शक्ति नहीं

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शुल्क (टैरिफ) पर अकेले चलने की कीमत चुकानी पड़ी। क्योंकि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि ट्रंप के पास आर्थिक आपातकाल घोषित करने और आयात पर बड़े पैमाने पर नए कर लगाने की शक्ति नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है। बहुमत वाले फैसले में चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अधिकारियों की सीमाएं लांघ दी हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकनॉमिक पावर्स ऐक्ट (IEEPA) का इस्तेमाल करके बिना कांग्रेस की मंजूरी के ही टैरिफ थोप दिया। अमेरिका ने भारत पर भी 50 फीसदी तक का टैरिफ लगा दिया था। हालांकि बाद में इसे घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया।

अमेरिका के संविधान में कांग्रेस के टैक्स और टैरिफ के अधिकार दिए गए हैं। हालांकि ये अधिकार राष्ट्रपति को नहीं मिले हैं। ऐसे में चीफ ज्टिस ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अधिकारों की सीमाओं का उल्लंघन किया है। उनके फैसलों में व्यापार नीति को मजबूत करने की जगह दुश्मनी निकालने और बदलने की भावना नजर आती है।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सवाल है कि क्या अब वसूला गया टैरिफ रिफंड किया जाएगा। अगर ऐसा होता है ति अमेरिका को 175 अरब डॉलर लौटाने होंगे। वहीं डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि टैरिफ को लेकर किए गए फैसले देश के हित में हैं। उनका कहना है कि टैरिफ नहीं होता तो दुनिया उनपर हंसती। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में वसूले गए टैरिफ को रिफंड करने जैसी कोई बात नहीं कही गई है।

लिबरल जेस्टिस केतनजी ब्राउन जैक्सन, एलेना कागन और सोनिया सोतोमेयर, जस्टिस ऐमी कोनी, बैरेट, नील गोरसुच और जॉन रॉबर्ट्स ने टैरिफ को रद्द करने का समर्थन किया। वहीं जस्टिस सैमुएल एलिटो, क्रेलेंस थॉमस और ब्रेट कावानाफ ने टैरिफ को बनाए रखने का समर्थन किया। कावानाफ ने कहा कि टैरिफ रिफंड करने का फैसला बहुत ही कॉम्प्लिकेटेड हो सकता है। ऐसे में सरकार को अरबों डॉलर लौटाने पड़ेंगे।

ट्रंप ने मध्यावधि चुनावों से पहले मतदाताओं को लुभाने के लिए अपने आर्थिक प्रस्तावों का आधार टैरिफ को बनाया था, यहां तक ​​कि उन्होंने टैरिफ को “शब्दकोश का अपना पसंदीदा शब्द” भी बताया था। उन्होंने वादा किया था कि कारखाने विदेशों से वापस आएंगे और अपने साथ नौकरियां लाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी थी कि टैरिफ हटाने से अमेरिका गहरी मंदी में डूब सकता है।

शुक्रवार को दिए गए न्यायालय के फैसले से मध्यावधि चुनाव वाले वर्ष के दौरान अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर राजनीतिक और आर्थिक अराजकता के और भी लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। जब न्यायालय का फैसला आया तक ट्रंप कई गवर्नर के साथ बैठक कर रहे थे जो जल्द ही समाप्त हो गई।रिपब्लिकन रणनीतिकार डग हेये ने कहा कि यह तुरंत स्पष्ट हो गया कि राष्ट्रपति इस फैसले से “खुश नहीं होंगे”।

हालांकि, हेये ने कहा कि ट्रंप अपने व्यापार एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कोई और रास्ता खोजने की कोशिश करेंगे।उन्होंने पूछा, “क्या वह इसे एक अवसर के रूप में इस्तेमाल करने का तरीका ढूंढ पाएंगे या नहीं? बहुत सारे सवाल हैं।” ट्रंप के टैरिफ के आक्रामक इस्तेमाल ने कई रिपब्लिकन सांसदों को सार्वजनिक और व्यक्तिगत रूप से असहज कर दिया था। उन्हें कर बढ़ाने के लिए बचाव करना पड़ा।

ट्रंप के पहले कार्यकाल में उपराष्ट्रपति रहे माइक पेंस ने उच्चतम न्यायालय के फैसले को जनता की जीत बताया। डेमोक्रेट नेताओं ने भी तत्काल प्रतिक्रिया दी। पार्टी सांसद सुजैन डेलबेन डीवाश ने कहा कि ट्रंप ”कोई राजा नहीं हैं” और उनकी शुल्क व्यवस्था हमेशा गैरकानूनी थी।

होली पर तीन और सुपरफास्ट वीकली स्पेशल गाड़ियों का संचालन

कोटा। होली के त्यौहार पर यात्रियों की सुविधा हेतु तीन और सुपरफास्ट वीकली स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। मुंबई सेंट्रल–काठगोदाम–मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन, इंदौर–हजरत निजामुद्दीन–इंदौर सुपरफास्ट एवं मुंबई सेंट्रल–कानपुर अनवरगंज–मुंबई सेंट्रल ट्रेन संचालित की जा रही है।

मुंबई सेंट्रल–काठगोदाम, स्पेशल ट्रेन का संचालन
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09075 (मुंबई सेंट्रल–काठगोदाम) का संचालन 25 फरवरी तथा 4, 11, 18, 25 मार्च प्रत्येक बुधवार को कुल 05 फेरे के लिए किया जाएगा। यह ट्रेन निर्धारित तिथियों पर मुंबई सेंट्रल स्टेशन से 10.55 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 00.40 बजे कोटा, 02.47 बजे गंगापुर सिटी, 03.23 बजे हिंडौन सिटी एवं 05.03 बजे भरतपुर पर ठहरते हुए 14.30 बजे काठगोदाम पहुंचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09076 (काठगोदाम–मुंबई सेंट्रल) का संचालन 5, 12, 19, 26 मार्च 2026 तक प्रत्येक गुरुवार को कुल 5 फेरे के लिए किया जाएगा। यह ट्रेन काठगोदाम स्टेशन से 17.30 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 03.08 बजे भरतपुर, 04.03 बजे हिंडौन सिटी, 04.40 बजे गंगापुर सिटी एवं 06.40 बजे कोटा पर ठहरते हुए 21.00 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी।

इन स्टशनों पर रुकेगी: यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में मुंबई सेंट्रल, बोरीवली, वापी, वलसाड, सूरत, वडोदरा, गोधरा, रतलाम, नागदा, कोटा, गंगापुर सिटी, हिंडौन सिटी, भरतपुर, अछनेरा, मथुरा, हाथरस सिटी, कासगंज, बदायूं, बरेली जंक्शन, बरेली सिटी, इज्जतनगर जंक्शन, बहेरी, किच्छा, लालकुआं जंक्शन, हल्द्वानी एवं काठगोदाम स्टेशनों पर ठहराव लेकर गंतव्य को जाएगी।

मुंबई सेंट्रल–कानपुर अनवरगंज (साप्ताहिक) सुपरफास्ट
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि गाड़ी संख्या 09185 (मुंबई सेंट्रल–कानपुर अनवरगंज) का संचालन 22 फरवरी तथा 01, 08, 15, 22, 29 मार्च तक प्रत्येक रविवार को कुल 06 फेरे के लिए किया जाएगा। यह ट्रेन निर्धारित तिथियों पर मुंबई सेंट्रल स्टेशन से 10.55 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 00.55 बजे कोटा, 03.05 बजे गंगापुर सिटी एवं 05.08 बजे भरतपुर पर ठहरते हुए 15.35 बजे कानपुर अनवरगंज पहुंचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09186 (कानपुर अनवरगंज–मुंबई सेंट्रल) का संचालन 23 फरवरी तथा 02, 09, 16, 23, 30 मार्च तक प्रत्येक सोमवार को कुल 06 फेरे के लिए किया जाएगा। यह ट्रेन कानपुर अनवरगंज स्टेशन से 18.25 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 03.08 बजे भरतपुर, 04.30 बजे गंगापुर सिटी एवं 06.35 बजे कोटा पर ठहरते हुए 22.30 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी।

इन स्टशनों पर रुकेगी
यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में मुंबई सेंट्रल, बोरीवली, वापी, वलसाड, सूरत, वडोदरा, गोधरा, रतलाम, नागदा, कोटा, गंगापुर सिटी, भरतपुर, मथुरा, मथुरा कैंट, हाथरस सिटी, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, बिल्हौर स्टेशनों पर ठहराव लेकर गंतव्य को जाएगी।

कोच पोजिशन :इस विशेष ट्रेन में 2 सामान्य श्रेणी, 8 शयनयान श्रेणी, 5 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी एवं 1 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के डिब्बे सहित कुल 18 डिब्बे होंगे।

इंदौर–हजरत निजामुद्दीन–इंदौर सुपरफास्ट
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि गाड़ी संख्या 09309 (इंदौर–हजरत निजामुद्दीन) का संचालन 22, 27 फरवरी तथा 01, 06, 08, 13, 15, 20, 22, 27 मार्च तक शुक्रवार एवं रविवार को कुल 10 फेरे के लिए किया जाएगा। यह ट्रेन इंदौर स्टेशन से 17.00 बजे प्रस्थान कर 20.53 बजे शामगढ़, 21.35 बजे रामगंज मंडी, 22.35 बजे कोटा जंक्शन, 23.55 बजे सवाई माधोपुर जंक्शन, अगले दिन 00.43 बजे गंगापुर सिटी एवं 01.38 बजे भरतपुर जंक्शन पर ठहरते हुए 05.00 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09310 (हजरत निजामुद्दीन–इंदौर) का संचालन 23, 28 फरवरी तथा 02, 07, 09, 14, 16, 21, 23, 28 मार्च तक शनिवार एवं सोमवार को कुल 10 फेरे के लिए किया जाएगा। यह ट्रेन हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से 08.20 बजे प्रस्थान कर 11.25 बजे भरतपुर जंक्शन, 12.30 बजे गंगापुर सिटी, 13.20 बजे सवाई माधोपुर जंक्शन, 14.35 बजे कोटा जंक्शन, 15.40 बजे रामगंज मंडी एवं 16.20 बजे शामगढ़ पर ठहरते हुए 21.00 बजे इंदौर पहुंचेगी।

ठहराव : यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में इंदौर जंक्शन, देवास, उज्जैन जंक्शन, नागदा जंक्शन, शामगढ़, रामगंज मंडी, कोटा जंक्शन, सवाई माधोपुर जंक्शन, गंगापुर सिटी, भरतपुर जंक्शन, मथुरा जंक्शन एवं हजरत निजामुद्दीन जंक्शन स्टेशनों पर ठहराव लेकर गंतव्य को जाएगी।

Red Chilli: कम पैदावार और आवक घटने से लालमिर्च के भावों में तेजी

नई दिल्ली। Red Chilli Price: चालू सीजन के दौरान उत्पादक केन्द्रों पर लालमिर्च का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम होने के कारण मंडियों में लालमिर्च की दैनिक आवक गत वर्ष की तुलना में कम हो रही है जबकि भाव गत वर्ष से लगभग 40/42 रुपए प्रति किलो ऊंचे बोले जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष गुंटूर मंडी में फरवरी माह के अंत में लालमिर्च की दैनिक आवक 1.20 लाख बोरी की हो रही थी और लालमिर्च तेजा का भाव 140 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा था।

खम्मम मंडी में गत वर्ष लालमिर्च की आवक 50/55 हजार बोरी की चल रही थी और तेजा का भाव 140/141 रुपए बोला जा रहा था। वारंगल मंडी में आवक 38/40 हजार बोरी की हो रही थी और तेजा का भाव 135/136 रुपए बोला जा रहा था। जबकि वर्तमान में गुंटूर मंडी में लालमिर्च की आवक 50/55 हजार बोरी की है और तेजा का भाव 182/183 रुपए बोला जा रहा है।

खम्मम मंडी में वर्तमान में आवक 22/25 हजार बोरी की चल रही और तेजा का भाव 181/182 रुपए बोला गया है। वारंगल में आवक 22/25 हजार बोरी की हो रही और तेजा का भाव 180 रुपए पर मजबूत बना हुआ है।

सूत्रों का कहना है कि हालांकि आगामी दिनों में अन्य मालों की आवक में सुधार होगा मगर कीमतों में अधिक मंदे की संभावना नहीं है। क्योंकि उत्पादन कम होने के अलावा अच्छी क्वालिटी के मालों का स्टॉक भी कम माना जा रहा है।

उत्पादक केन्द्रों पर कमजोर बिजाई के कारण मंडियों में आवक नहीं बढ़ रही है। सूत्रों का कहना है कि चालू सीजन के दौरान आंध्र प्रदेश में लालमिर्च का उत्पादन सवा करोड़ बोरी (प्रत्येक बोरी 40/45 किलो) तक सिमट जाएगा। जबकि गत वर्ष उत्पादन 36 लाख बोरी के आसपास माना गया था। तेलंगाना में भी उत्पादन गत वर्ष के 60/65 लाख बोरी के मुकाबले 45/50 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे है। इस वर्ष मध्य प्रदेश में भी उत्पादन कम रहा था।

जानकारों का मानना है कि वर्तमान कीमतों में अधिक मंदे की संभावना नहीं है। आवक का दबाव बनने पर हो सकता है कीमतों में 5/7 रुपए प्रति किलो की गिरावट आ जाए। जबकि भविष्य में लालमिर्च तेजा का भाव कभी भी 220/225 रुपए का स्तर छू सकता है।

मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-नवम्बर- 2025 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 481446 टन का हुआ है और निर्यात से प्राप्त आय 6634 करोड़ की रही। जबकि गत वर्ष इसी समयावधि में निर्यात 378061 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 6163.47 करोड़ की रही।

जिस कारण से निर्यात में 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई जबकि आय में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान लालमिर्च का कुल निर्यात 715506 टन का हुआ और कुल आय 11404.90 करोड़ की हुई।

कोटा का कब-बुलबुल दल हरियाणा पहुंचा, राष्ट्रीय महोत्सव में लेंगे भाग

कोटा। भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के तत्वावधान में हरियाणा के गदपुरी (पलवल) में 23 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के ‘कब बुलबुल उत्सव’ में भाग लेने के लिए कोटा के आवासन मण्डल स्कूल का दल शुक्रवार को हरियाणा पहुंचा।

इससे पहले रेलवे स्टेशन पर जिला प्रधान प्रकाश जायसवाल ने बच्चों को माला पहनाकर एवं शुभकामनाएं देकर उत्साहपूर्वक विदाई दी। उल्लेखनीय है कि राजस्थान से एकमात्र राजकीय विद्यालय के रूप में कोटा के राजकीय आवासन मण्डल विद्यालय का चयन हुआ है।

जायसवाल ने बताया कि फ्लॉक लीडर पायल पंकज, अंतिमा मेहरा एवं नीलम पारेता के नेतृत्व में 18 कब-बुलबुल (6 कब एवं 12 बुलबुल) गदपुरी पहुंचे हैं। दल वन एवं वन्यजीव संरक्षण का संदेश देते हुए राष्ट्रीय मंच पर अपनी सहभागिता दर्ज कराएगा।

जिला प्रधान प्रकाश जायसवाल ने बताया कि यह विद्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण है। नन्हे प्रतिभागी राष्ट्रीय मंच पर अपनी कला, अनुशासन और स्काउटिंग कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

पूरे राज्य से एकमात्र सरकारी विद्यालय का चयन विद्यालय की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली, शिक्षकों के मार्गदर्शन और बच्चों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चे राष्ट्रीय पटल पर राजस्थान की संस्कृति और स्काउटिंग मूल्यों का प्रतिनिधित्व करेंगे।

राष्ट्रीय महोत्सव के दौरान जंगल डांस, तारा स्टोरी, मॉडल मेकिंग, लोक नृत्य, प्रदर्शनी एवं कहानी वाचन जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके अतिरिक्त ‘रेड फ्लावर’ एवं ‘कलख’ जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। चयनित बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए विशेष अभ्यास किया है।

दल को रवाना करने के अवसर पर भामाशाह सुरेश अग्रवाल, संजय गोयल एवं अनिल गोयल ने आर्थिक सहयोग प्रदान कर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि कोटा का यह दल राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले और राज्य का नाम रोशन करेगा।

स्काउटिंग के जनक पावेल का जन्मदिवस कल
कोटा। स्काउटिंग के जन्मदाता रॉबर्ट बेडेन पॉवेल एवं ऑलिव बेड़ेन पॉवेल के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में 22 फरवरी को स्काउटिंग विधाओं की विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। राजस्थान राज्य भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स स्थानीय संघ कोटा दक्षिण के सचिव प्रकाश जायसवाल ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के अवसर पर शिक्षा विभाग कर्मचारी गण सहकारी सभा 696 आर कोटा-बारां एवं राजस्थान राज्य भारत स्काउट एंड गाइड स्थानीय संघ कोटा दक्षिण के संयुक्त तत्वावधान में डाइट परिसर में सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा।