Saturday, July 18, 2026
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एआई के उपयोग को लेकर एक टर्निंग पॉइंट साबित हुई समिट

भारत से प्रभावित है पूरी दुनिया, ‘मन कि बात’ में क्या बोले पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। ग्लोबल एआई इंपैक्ट समिट का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनियाभर के उद्योग जगत के दिग्गज, इनोवेटर और स्टार्टअप सेक्टर से जु़ड़े लोग भारत मंडपम में इकट्ठे हुए हैं जो कि भारत के लिए गर्व का विषय है।

उन्होंने कहा कि यह समिट एआई को सकारात्मक दिशा में ले जाने और इसके उपयोग को लेकर एक टर्निंग पॉइंट साबित हुई है। पीएम मोदी ने कहा ‘एआई इम्पैक्ट’ शिखर सम्मेलन में दुनिया के नेता पशुओं के उपचार और किसानों को 24 घंटे सहायता प्रदान करने में एआई की अभूतपूर्व प्रगति से प्रभावित हुए।

भारत ने दिखाई अपनी क्षमता
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि ग्लोबल एआई इंपैक्ट समिट में दुनिया को एआई के क्षेत्र में भारत की अद्भुत क्षमताएँ देखने को मिली हैं और इस दौरान भारत ने तीन मेड इन इंडिया एआई माडल भी लांच किए। PM मोदी ने कहा देश और देशवासियों की उपलब्धियों को सामने लाने का एक मजबूत प्लेटफॉर्म है।

देश ने ऐसी ही उपलब्धि अभी दिल्ली में हुई ग्लोबल एआई इंपैक्ट समिट के दौरान देखी। कई देशों के नेता, उद्योग जगत के लीडर्स, इन्नोवेटर्स और स्टार्ट अप क्षेत्र से जुड़े लोग, एआई इंपैक्ट समिट के लिये भारत मंडपम में एकत्र हुए। आने वाले समय में एआई की शक्ति का उपयोग दुनिया किस प्रकार करेगी, इस दिशा में यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण बिन्दु साबित हुई है।

उन्होंने कहा कि सम्मेलन में मुझे विश्व के नेताओं और टेक सीईओ से मिलने का भी अवसर मिला। एआई समिट की प्रदर्शनी में मैंने विश्व नेताओं को ढ़ेर सारी चीजें दिखाई। मैं दो बातों का विशेष रूप से उल्लेख करना चाहता हूँ। सम्मिट में इन दो उत्पादों ने दुनिया भर के नेताओं को बहुत प्रभावित किया। पहला उत्पाद अमूल के बूथ पर था। इसमें बताया गया कि कैसे एआई जानवरों का इलाज करने में हमारी मदद कर रही है और कैसे 24×7 एआई की मदद से किसान अपनी डेयरी और जानवर का हिसाब रखते हैं।

प्राचीन ग्रंथों को देखकर हैरान रह गए लोग
प्रधानमंत्री ने कहा कि दूसरा उत्पाद हमारी संस्कृति से संबंधित था। दुनिया भर के नेता ये देखकर हैरत में पड़ गए कि कैसे एआई की मदद से हम हमारे प्राचीन ग्रंथों को, हमारे प्राचीन ज्ञान को, हमारी पांडुलिपियों को संरक्षित कर रहे हैं, आज की पीढी के अनुरूप ढ़ाल रहे हैं। प्रदर्शनी के दौरान प्रदर्शन के लिये सुश्रुत संहिता का चयन किया गया। पहले चरण में दिखाया गया कि कैसे तकनीक की मदद से हम पांडुलिपियों की तस्वीर की गुणवत्ता सुधारकर उन्हें पढ़ने लायक बना रहे हैं। दूसरे चरण में इस तस्वीर को मशीन के पढ़ने लायक मूलपाठ में बदला गया। अगले चरण में मशीन से पढने लायक मूलपाठ को एक एआई अवतार ने पढ़ा। और फिर, अगले चरण में हमने ये भी दिखाया कि कैसे तकनीक से ये अनमोल भारतीय ज्ञान भारतीय भाषाओं और विदेशी भाषाओं में अनुवाद किया जा सकता है। भारत के प्राचीन ज्ञान को आधुनिक अवतार के माध्यम से जानने में विश्व नेताओं ने बहुत दिलचस्पी दिखाई।

उन्होंने कहा कि इस समिट में दुनिया को एआई के क्षेत्र में भारत की अद्भुत क्षमताएँ देखने को मिली हैं। इस दौरान भारत ने तीन मेड इन इंडिया एआई माडल भी लांच किए। यह अपने आप में अब तक की सबसे बड़ी एआई समिट रही है। इस समिट को लेकर युवाओं का जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। मैं सभी देशवासियों को इस समिट की सफलता की बधाई देता हूं।

टी-20 विश्वकप पर क्या बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा खेल हमें जोड़ता भी है। आजकल आप टी-20 विश्व कप के मैच देख रहे होंगे और मुझे पक्का विश्वास है कि मैच देखते हुए कई बार आँखें किसी खास खिलाड़ी पर टिक जाती होंगी। जर्सी किसी और देश की होती है लेकिन नाम सुनकर लगता है कि अरे, ये तो अपने देश का है। तब दिल के किसी कोने में एक हल्की सी खुशी आती है। क्योंकि वो खिलाड़ी भारतीय मूल का होता है और वो उस देश के लिये खेल रहा होता है जहां उसका परिवार बस गया है। वे अपने-अपने देशों की जर्सी पहनकर मैदान में उतरते हैं, पूरे मन से उस देश का प्रतिनिधित्व करते हैं।

उन्होंने कहा कि कनाडा की टीम में सबसे ज्यादा भारतीय मूल के खिलाड़ी हैं। टीम के कप्तान दिलप्रीत बाजवा का जन्म पंजाब के गुरदासपुर में हुआ था। नवनीत धालीवाल चंडीगढ़ के हैं। इस सूची में हर्ष ठाकर, श्रेयस मोवा जैसे कई नाम हैं, जो कनाडा के साथ-साथ भारत का भी गौरव बढ़ा रहे हैं। अमेरिका की टीम में कई चेहरे भारत के घरेलू क्रिकेट से निकले हुए हैं। अमेरिकी टीम के कप्तान मोनांक पटेल गुजरात की अंडर-16 और अंडर-18 टीम के लिये भी खेल चुके हैं। मुंबई के सौरभ, हरमीत सिंह, दिल्ली के मिलिंद कुमार, ये सब अमेरिकी टीम की शान हैं। ओमान की टीम में आज कई चेहरे हैं जो पहले भारत के अलग-अलग राज्यों में खेल चुके हैं। जतिंदर सिंह, विनायक शुक्ला, करन, जय, आशीष जैसे खिलाड़ी ओमान क्रिकेट की मजबूत कड़ी हैं। न्यूजीलैंड, यूएई और इटली की टीमों में भी भारतीय मूल के खिलाड़ी अपनी जगह बना रहे हैं।

पीएम मोदी ने ”आजादी के अमृत महोत्सव” में लिए गए ”पंच प्राण” के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि देश अब गुलामी की मानसिकता से मुक्ति

7000mAh की बैटरी वाले मोटोरोला के यह फोन 8000 हजार से कम में, जानिए ऑफर्स

नई दिल्ली। मोटोरोला के तीन जबर्दस्त फोन्स में आपको 7000mAh तक की बैटरी मिलेगी। साथ ही ये फोन 12जीबी तक की रैम (रैम बूस्ट के साथ) भी ऑफर करते हैं। इस लिस्ट में जो सबसे सस्ता फोन है, उसकी कीमत मात्र 7999 रुपये है।

फोन में आपको बेहतरीन डिस्प्ले और धांसू कैमरा सेटअप भी देखने को मिलेगा। खास बात है कि ये फोन इस सेगमेंट में शानदार प्रोसेसर और ओएस ऑफर करते हैं। तो आइए जानते हैं इन फोन्स के बारे में।

Motorola G45 5G
4जीबी रैम औकर 128जीबी के इंटरनल स्टोरेज वाला यह फोन अमेजन इंडिया पर 10997 रुपये का मिल रहा है। फोन में आपको रैम बूस्ट फीचर मिलेगा। इससे इस फोन की टोटल रैम 8जीबी तक की हो जाती है। कंपनी इस स्मार्टफोन में 1600 x 720 पिक्सल रेजॉलूशन के साथ 6.5 इंच का एचडी+ डिस्प्ले दे रही है। यह डिस्प्ले 120Hz के रिफ्रेश रेट और 500 निट्स के पीक ब्राइटनेस लेवल के साथ आता है। डिस्प्ले प्रोटेक्शन के लिए फोन में गोरिल्ला ग्लास 3 भी दिया गया है। प्रोसेसर के तौर पर फोन में स्नैपड्रैगन 6s जेन 3 दिया गया है। फोटोग्राफी के लिए आपको इसमें एलईडी फ्लैश के साथ ड्यूल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा। इनमें 50 मेगापिक्सल के प्राइमरी लेंस के साथ एक 2 मेगापिक्सल का मैक्रो सेंसर शामिल है। वहीं, सेल्फी के लिए आपको फोन में 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा देखने को मिलेगा। फोन को पावर देने के लिए इसमें 5000mAh की बैटरी दी गई है।

Motorola G05 4G
4जीबी रैम और 64जीबी के इंटरनल स्टोरेज वाला यह फोन (फॉरेस्ट ग्रीन कलर) अमेजन इंडिया पर 7899 रुपये का मिल रहा है। फोन में कंपनी 8जीबी की वर्चुअल रैम ऑफर कर रही है। इससे इसके टोटल रैम बढ़ कर 12जीबी तक की हो जाती है। मोटोरोला का यह फोन मीडियाटेक हीलियो G81 एक्सट्रीम प्रोसेसर पर काम करता है। इसमें आपको एचडी+ रेजॉलूशन के साथ 6.67 इंच का डिस्प्ले मिलेगा। फोन में ऑफर किया जा रहा यह डिस्प्ले 90Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। फोन का मेन कैमरा 50 मेगापिक्सल का है। फोन को पावर देने के लिए इसमें 5200mAh की बैटरी दी गई है। आपको इस फोन में डॉल्बी ऑडियो भी मिलेगा।

Motorola G06 Power
4जीबी रैम और 64जीबी के इंटरनल स्टोरेज वाला यह फोन फ्लिपकार्ट पर 7999 रुपये का मिल रहा है। रैम बूस्ट फीचर से फोन की टोटल रैम बढ़ कर 12जीबी तक की हो जाती है। प्रोसेसर के तौर पर फोन में मीडियाटेक हीलियो G81 एक्सट्रीम प्रोसेसर दिया गया है। कंपनी इस फोन में 1640 x 720 पिक्सल रेजॉलूशन के साथ 6.88 इंच का डिस्प्ले दे रही है।

फोन में ऑफर किया जा रहा यग डिस्प्ले 120Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। डिस्प्ले का पीक ब्राइटनेस लेवल 600 निट्स का है। यह डिस्प्ले गोरिल्ला ग्लास 3 प्रोटेक्शन के साथ आता है। फोन में आपको फोटोग्राफी के लिए 50 मेगापिक्सल का मेन कैमरा मिलेगा। वहीं, सेल्फी के लिए इसमें 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। फोन को पावर देने के लिए इसमें 7000mAh की बैटरी दी गई है। यह बैटरी 18

Market Cap: सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में से 6 का मार्केट कैप 63478 करोड़ बढ़ा

नई दिल्ली। Market Cap News: शेयर बाजार में बीते सप्ताह सीमित तेजी देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से छह की कुल बाजार पूंजीकरण में उल्लेखनीय इजाफा दर्ज किया गया।

इन कंपनियों की संयुक्त मार्केट वैल्यू करीब 63,478 करोड़ रुपये बढ़ गई। इस बढ़त में सबसे अहम योगदान इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टूब्रो और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का रहा।

सप्ताह के दौरान 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स187.95 अंकों की बढ़त के साथ 0.22 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। बाजार में आई इस हल्की तेजी का सकारात्मक असर कुछ बड़ी कंपनियों के मूल्यांकन पर साफ दिखाई दिया।

लार्सन एंड टूब्रो का बाजार पूंजीकरण लगभग 28,523 करोड़ रुपये बढ़कर 6,02,552 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह State Bank of India की वैल्यू में करीब 16,015 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई और इसका कुल मूल्यांकन 11,22,581 करोड़ रुपये हो गया।

एचडीएफसी बैंक और एलआईसी में भी मजबूती
निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक HDFC Bank की मार्केट कैप में 9,617 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके साथ कंपनी का कुल मूल्यांकन 14,03,239 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

वहीं बीमा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम की बाजार पूंजीकरण में करीब 5,977 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और इसका मूल्यांकन 5,52,203 करोड़ रुपये हो गया। एनबीएफसी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी बजाज फाइनेंस का बाजार पूंजीकरण 3,142 करोड़ रुपये बढ़कर 6,40,387 करोड़ रुपये हो गया। देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट वैल्यू में भी हल्की बढ़त दर्ज की गई। कंपनी का मूल्यांकन 202 करोड़ रुपये बढ़कर 19,21,678 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

इन छह कंपनियों को हुआ नुकसान
जहां छह कंपनियों को फायदा हुआ, वहीं चार बड़ी कंपनियों की मार्केट वैल्यू में गिरावट दर्ज की गई। टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज Bharti Airtel को सबसे ज्यादा झटका लगा। इसका बाजार पूंजीकरण 15,338 करोड़ रुपये घटकर 11,27,705 करोड़ रुपये रह गया।इसके अलावा ICICI Bank की वैल्यू में 14,632 करोड़ रुपये की कमी आई और यह 9,97,346 करोड़ रुपये पर आ गई। आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों Infosys और Tata Consultancy Services के बाजार पूंजीकरण में भी क्रमशः 6,791 करोड़ रुपये और 1,989 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई।

सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची
मौजूदा समय में बाजार पूंजीकरण के आधार पर Reliance Industries पहले स्थान पर बनी हुई है। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, ICICI बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टूब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और इंफोसिस का स्थान है।

विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में सीमित उतार चढ़ाव के बावजूद चुनिंदा कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। आने वाले सप्ताह में वैश्विक संकेत और घरेलू आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

OnePlus 13 और 15 को 12 हजार रुपये तक सस्ता हुआ, जानिए ऑफर्स

नई दिल्ली। अमेजन पर आपके लिए कमाल की डील्स लाइव हैं। ये डील वनप्लस के दो पॉप्युलर स्मार्टफोन- OnePlus 13 और OnePlus 15 पर दी जा रही हैं। डील में आप इन फोन को आप 12 हजार रुपये तक सस्ते में खरीद सकते हैं। इन फोन पर बंपर कैशबैक ऑफर भी दिया जा रहा है।

एक्सचेंज ऑफर में ये फोन और सस्ते हो सकते हैं। ध्यान रहे कि एक्सचेंज ऑफर में मिलने वाला अडिशनल डिस्काउंट आपके पुराने फोन की कंडीशन, ब्रैंड और कंपनी की एक्सचेंज पॉलिसी पर निर्भर करेगा।

वनप्लस के ये फोन 7300mAh की बैटरी और 120 वॉट की फास्ट चार्जिंग के साथ धांसू कैमरा सेटअप और डिस्प्ले ऑफर करते हैं। इनका प्रोसेसर भी दमदार है। आइए डीटेल में जानते हैं इन फोन पर दी जा रही डील के बारे में।

OnePlus 13
वनप्लस का यह फोन अपने ओरिजिनल लॉन्च प्राइस से 9 हजार रुपये सस्ता हो गया है। लॉन्च के वक्त फोन के 12जीबी रैम और 256जीबी के इंटरनल स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 69999 रुपये थी। अब यह फोन अमेजन पर 60999 रुपये का मिल रहा है।

फोन पर कंपनी 3 हजार रुपये का बैंक डिस्काउंट भी ऑफर कर रही है। इससे इस डिवाइस पर मिलने वाला टोटल डिस्काउंट 12 हजार रुपये का हो जाता है। फोन पर 3049 रुपये तक का कैशबैक भी दिया जा रहा है। एक्सचेंज ऑफर में यह फोन और सस्ता हो सकता है।

फीचर्स
फोन के फीचर्स की बात करें, कंपनी इस फोन में 3168 x 1440 पिक्सल रेजॉलूशन के साथ 6.82 इंच का 2K+ LTPO AMOLED डिस्प्ले मिलेगा। यह डिस्प्ले 120Hz तक के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसका पीक ब्राइटनेस लेवल 4500 निट्स तक का है।

फोन 24जीबी तक की रैम और 1टीबी तक के इंटरनल स्टोरेज ऑप्शन में आता है। इसमें प्रोसेसर के तौर पर स्नैपड्रैगन 8 एलीट दिया गया है। फोटोग्राफी के लिए कंपनी इस फोन के रियर में एलईडी फ्लैश के साथ 50 मेगापिक्सल का मेन कैमरा दे रही है।

इसके अलावा फोन में आपको 50 मेगापिक्सल का एक अल्ट्रावाइड ऐंगल कैमरा और एर 50 मेगापिक्सल का टेलिफोटो लेंस भी मिलेगा। सेल्फी के लिए कंपनी इस फोन में 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा ऑफर कर रही है।

फोन की बैटरी 6000mAh की है, जो 100W की SuperVOOC चार्जिंग को सपोर्ट करती है। यह फोन 50 वॉट की वायरलेस चार्जिंग को भी सपोर्ट करता है। इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर से लैस यह फोन ऐंड्रॉयड 15 पर बेस्ड Oxygen OS 15 पर काम करता है।

वनप्लस 15
फोन के 12जीबी रैम और 256जीबी के इंटरनल स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत अमेजन इंडिया पर 72998 रुपये है। आप इस फोन को 3 हजार रुपये के बैंक डिस्काउंट के साथ खरीद सकते हैं। फोन पर कंपनी 3649 रुपये तक का कैशबैक भी दे रही है।

एक्सचेंज ऑफर में आपको 44 हजार रुपये तक का फायदा हो सकता है। फीचर्स की बात करें, तो वनप्लस 15 में आपको 6.78 इंच का 1.5K AMOLED LTPO डिस्प्ले मिलेगा।

यह डिस्प्ले 120Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। फोन 16जीबी तक की रैम और 512जीबी तक के इंटरनल स्टोरेज ऑप्शन में आता है। इसमें स्नैपड्रैगन 8 एलीट जेन 5 प्रोसेसर लगा है। फोन के रियर में 50 मेगापिक्सल के तीन कैमरे दिए गए हैं। वहीं, फ्रंट में 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा लगा है। फोन में आपको 7300mAh की बैटरी देखने को मिलेगी। यह बैटरी 120 वॉट की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

ट्रम्प के 15% टैरिफ के फैसले से भारत को नुकसान होगा या फायदा, जानिए एक्सपर्ट से

नई दिल्ली। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर लगाए गए ऊंचे पारस्परिक शुल्क (रेसिप्रोकल टैरिफ) को घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया है, जिस का भारत को सीधा लाभ होगा।

पहले भारत से अमेरिका जाने वाले सामान पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ (शुल्क) लग रहा था। अब 24 फरवरी 2026 से यह घटकर 15 प्रतिशत रह जाएगा। यह फैसला 150 दिनों के लिए अस्थायी तौर पर लागू रहेगा। 20 फरवरी को व्हाइट हाउस की ओर से इसका आधिकारिक आदेश जारी किया गया।

टैरिफ या आयात शुल्क वह टैक्स है, जो कोई देश दूसरे देश से आयात होने आने वाले सामान पर लगाता है। जब कोई कंपनी विदेश से सामान मंगाती है, तो उसे सरकार को यह शुल्क देना पड़ता है। आमतौर पर कंपनियां यह अतिरिक्त खर्च ग्राहकों से वसूल लेती हैं।

यानी टैरिफ बढ़ता है तो सामान महंगा हो जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी उत्पाद पर 5 प्रतिशत सामान्य आयात शुल्क है और सरकार 15% अतिरिक्त टैरिफ लगा देती है, तो कुल शुल्क 20% हो जाएगा।

भारत-अमेरिका के बीच पहले चरण के व्यापार समझौते का कानूनी मसौदा तैयार करने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल 23 फरवरी से वाशिंगटन में बैठक करेगा। दोनों देश अगले माह समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।

रेसिप्रोकल टैरिफ यानी पारस्परिक शुल्क शब्द का इस्तेमाल सबसे पहले अमेरिका ने किया। 2 अप्रैल 2025 को ट्रंप प्रशासन ने भारत सहित करीब 60 देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य यह बताया गया था कि अमेरिकी निर्यातकों को समान अवसर दिया जाए। इसका मतलब है, अगर कोई देश अमेरिकी सामान पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाता है, तो अमेरिका भी उस देश से आने वाले सामान पर उतना ही शुल्क लगाएगा। यह शुल्क पहले से लागू सर्वाधिक पसंदीदा राष्ट्र (एमएफएन) ड्यूटी के ऊपर लगाया जाता है। यानी यह अतिरिक्त टैक्स होता है।

पिछले साल 2 अप्रैल को अमेरिका ने भारत पर 26 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की घोषणा की। अगस्त 2025 में रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क लगाया गया। इससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया।

फरवरी 2026 में भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति बनी। फिर अमेरिका ने दंडात्मक शुल्क हटाने की घोषणा की और टैरिफ घटाकर 18% कर दिया।

भारत से अमेरिका को निर्यात

  • दवाएं और जैविक उत्पाद : 8.1 अरब डॉलर
  • टेलीकॉम उपकरण: 6.5 अरब डॉलर
  • कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर : 5.3 अरब डॉलर
  • पेट्रोलियम उत्पाद: 4.1 अरब डॉलर
  • वाहन और ऑटो पार्ट्स : 2.8 अरब डॉलर
  • सोने और कीमती धातु के आभूषण: 3.2 अरब डॉलर
  • रेडीमेड कपड़े : 2.8 अरब डॉलर
  • लोहा और इस्पात उत्पाद : 2.7 अरब डॉलर

अमेरिका से भारत को आयात

  • कच्चा तेल : 4.5 अरब डॉलर
  • पेट्रोलियम उत्पाद : 3.6 अरब डॉलर
  • कोयला और कोक : 3.4 अरब डॉलर
  • कट और पॉलिश हीरे : 2.6 अरब डॉलर
  • इलेक्ट्रिक मशीनरी : 1.4 अरब डॉलर
  • विमान और पुर्जे : 1.3 अरब डॉलर
  • सोना : 1.3 अरब डॉलर

किन सामानों पर 15% शुल्क नहीं लगेगा
कुछ जरूरी वस्तुओं को अस्थायी शुल्क से छूट दी गई है। इनमें कुछ महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा उत्पाद, उर्वरक, प्राकृतिक संसाधन, कुछ कृषि उत्पाद जैसे टमाटर, संतरा, दवाएं, दवा बनाने की सामग्री, कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामान, यात्री वाहन, बसें और कुछ ऑटो पार्ट्स और कुछ एयरोस्पेस उत्पाद पर अमेरिका की घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए छूट दी गई है।

सेक्टोरल टैरिफ जारी रहेंगे

  • स्टील, एल्युमिनियम-कॉपर पर 50% का सेक्टोरल टैरिफ पहले की तरह जारी रहेगा।
  • कुछ ऑटो कंपोनेंट्स पर 25% का शुल्क भी लागू रहेगा।
  • सेवाओं के क्षेत्र में भारत ने 28.7 अरब डॉलर का निर्यात और 25.5 अरब डॉलर का आयात किया।
  • कुल मिलाकर भारत को लगभग 44.4 अरब डॉलर का व्यापार लाभ मिला।

टैरिफ से दूर होगा असंतुलन
अमेरिका का कहना है कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर ऊंचा आयात शुल्क लगाता है, जिससे अमेरिक को नुकसान होता है। असंतुलन को ठीक करने के लिए अमेरिका टैरिफ का सहारा ले रहा है।

अब भारत पर कुल 20 फीसदी ही शुल्क
अगर किसी भारतीय उत्पाद पर अमेरिका में पहले 5 प्रतिशत एमएफएन ड्यूटी लगती थी और उसके ऊपर 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लगता था, तो कुल शुल्क 30 प्रतिशत बनता था। अब नई व्यवस्था में 5 प्रतिशत प्लस 15 प्रतिशत यानी कुल 20 प्रतिशत ही लगेगा।

भारतीय कंपनियों को फायदा
15 प्रतिशत टैरिफ लागू होने से भारतीय कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी। उनका सामान अमेरिकी बाजार में पहले से सस्ता पड़ेगा। इससे निर्यात बढ़ सकता है और प्रतिस्पर्धा मजबूत हो सकती है। हालांकि, 150 दिन बाद क्या होगा, यह अभी तय नहीं है।

Cumin: आवक बढ़ने से जीरा की कीमतों में फिलहाल तेजी की संभावना नहीं

नई दिल्ली। Cumin Price: चालू वित्त वर्ष के दौरान देश में जीरा उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम रहने के अनुमान लगाए जा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद गुजरात की मंडियों में नए जीरे की आवक गत वर्ष की इसी समयावधि की तुलना में अधिक हो रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 21 फरवरी 2025 को गुजरात की ऊंझा मंडी में नए जीरे की आवक 1800 बोरी, राजकोट 500 बोरी एवं गोंडल 1000 बोरी की हो रही थी।

जबकि जसदन 1800 बोरी, बोटाद 650 बोरी की थी। जबकि वर्तमान में ऊंझा मंडी में नए जीरे की आवक 5000/6000 बोरी, राजकोट 1700/1800 बोरी, गोंडल 2300/2400 बोरी की चल रही है। अन्य मंडियों में भी आवक गत वर्ष की तुलना ने अधिक हो रही है।

उत्पाकों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने के कारण दूसरे वर्ष भी देश में जीरे की बिजाई कम क्षेत्रफल पर की गई है। प्राप्त जानकारी के गुजरात में इस वर्ष जीरा बिजाई का क्षेत्रफल 4.08 लाख हेक्टेयर का रहा जबकि गत वर्ष बिजाई 4.76 लाख हेक्टेयर पर की गई थी।

इसके अलावा राजस्थान में भी बिजाई गत वर्ष की तुलना में 15/20 प्रतिशत कम रहने के समाचार मिल रहे है। गत वर्ष देश में जीरे की कुल बिजाई 11.71 लाख हेक्टेयर पर हुई थी। जबकि वर्ष 2024 के लिए बिजाई का क्षेत्रफल 12.64 लाख हेक्टेयर का रहा था।

जानकारों का कहना है कि जीरा की वर्तमान कीमतों में हाल-फिलहाल तेजी की संभावना नहीं है। क्योंकि गुजरात के अलावा आगामी दिनों में राजस्थान की मंडियों में भी नए जीरे की आवक शुरू हो जाएगी। लेकिन पैदावार कम रहने के कारण भावों में अधिक मन्दा संभव नहीं है।

वर्तमान में गुजरात की मंडियों में जीरे के भाव 190/230 रुपए प्रति किलो बोले जा रहे हैं। जबकि निर्यात का भाव 4525/4550 रुपए प्रति 20 किलो बोला जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि हालांकि गुजरात में जीरा फसल की स्थिति अच्छी है लेकिन हाल ही में राजस्थान में हुई बारिश से जीरा फसल को 5/10 प्रतिशत का नुकसान होने के समाचार मिल रहे हैं।

बिजाई कम होने के पश्चात मौसम भी फसल के अनुकूल नहीं है हालांकि राजस्थान की जोधपुर मंडी में चालू सप्ताह के दौरान 10 बोरी नए जीरे का श्री गणेश हुआ है और नए मालों का व्यापार 261 रुपए पर होते सुना गया है।

होली के पश्चात राजस्थान की अन्य मंडियों नागौर, मेडता, नौखा आदि में भी नए मालों की आवक शुरू हो जाएगी। जिस कारण अभी जीरा के भाव 4/5 रुपए प्रति किलो तेजी के बीच बने रहेंगे।

उत्पादन
उत्पादक केन्द्रों पर कमजोर बिजाई एवं बिजाई के पश्चात राजस्थान में प्रतिकूल मौसम के चलते दूसरे वर्ष भी देश में जीरा उत्पादन कम रहने के समाचार मिल रहे हैं। व्यापारियों का मानना है कि चालू सीजन के दौरान देश में जीरा उत्पादन 80/82 लाख बोरी के आसपास रहेगा। जबकि वर्ष 2025 में उत्पादन 90/92 लाख बोरी एवं वर्ष 2024 में 1/1.10 करोड़ बोरी (प्रत्येक बोरी 55 किलो) का उत्पादन माना गया था।

जीरा का निर्यात
चीन एवं बांग्ला देश की खरीद कम रहने के कारण चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम 9 माह में जीरा का निर्यात 11 प्रतिशत कम रहा जबकि भाव कम होने के कारण आय में 25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल- नवम्बर- 2025 के दौरान जीरा का निर्यात 142217 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 3297.29 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-नवम्बर- 2024 में जीरा का निर्यात 159201 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 4382.14 करोड़ की रही। वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान जीरा का कुल निर्यात 229881.67 टन का हुआ था और प्राप्त आय 6178.86 करोड़ की रही थी।

Mustard: नई फसल की आवक के प्रेशर से सरसों के भाव में नरमी

नई दिल्ली। Mustard Price: रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल- सरसों के नए माल की आवक कुछ राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है जबकि इसकी व्यापारिक एवं मिल गत मांग सामान्य से कम देखी जा रही है।

इसके फलस्वरूप 14-20 फरवरी वाले सप्ताह के दौरान सरसों के दाम में आमतौर पर 100-200 रुपए प्रति क्विटल की गिरावट दर्ज की गई जबकि राजस्थान के खैरथल में भाव 400 रुपए लुढ़ककर 6300/6350 रुपए प्रति क्विटल पर आ गया।

42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का दाम दिल्ली में 150 रुपए गिरकर 6700 रुपए प्रति क्विटल तथा जयपुर में 200 रुपए घटकर 6800 रुपए प्रति क्विटल पर आ गया।

सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों की कीमत भी धनेरा मंडी में 295 रुपए, चरखी दादरी में 275 रुपए, भरतपुर में 425 रुपए तथा अलवर में 200 रुपए घट गया। राजस्थान की अन्य मंडियों में भी सरसों के मूल्य में भारी गिरावट दर्ज की गई। देश के इस सबसे प्रमुख सरसों उत्पादक प्रान्त में नए माल की आवक जोर पकड़ती जा रही है और वहां इसके उत्पादन में कुछ सुधार आने के आसार हैं।

उत्तर प्रदेश की हापुड़ एवं आगरा मंडी में सरसों के दाम में क्रमश: 200 रुपए एवं 90 रुपए प्रति क्विटल की गिरावट आ गई और कोलकाता में सरसों का भाव 300 रुपए प्रति क्विटल घट गया।

सरसों तेल
सरसों का भाव घटने से इसके तेल का दाम भी 4-6 रुपए प्रति किलो नीचे गिर गया। दिल्ली में एक्सपेलर का मूल्य 45 रुपए घटकर 1390 रुपए प्रति 10 किलो तथा मुरैना में कच्ची घानी का मूल्य 60 रुपए लुढ़ककर 1370 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया। कोटा में तो कच्ची घानी सरसों तेल का भाव 105 रुपए लुढ़ककर 1365 रुपए प्रति 10 किलो रह गया। अन्य केन्द्रों में भी एक्सपेलर एवं कच्ची घानी सरसों तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई।

सरसों खल (डीओसी)
सरसों खल / डीओसी में कारोबार कमजोर रहा जिससे इसकी कीमतों में नरमी का माहौल देखा गया। इसकी घरेलू एवं निर्यात मांग ज्यादा मजबूत नहीं देखी जा रही है।

Trump Tariff: ट्रंप ने नहीं माना सुप्रीम कोर्ट का फैसला, टैरिफ 10% से बढ़ा 15% किया

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को फिर दुनिया को चौंका दिया। उन्‍होंने ग्‍लोबल टैरिफ को 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है। इसके जरिये ट्रंप ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वह अपनी ट्रैरिफ पॉलिसी से कतई पीछे हटने वाले नहीं हैं।

उन्‍होंने एक दिन पहले ही 10 फीसदी ग्‍लोबल टैरिफ का ऐलान किया था। इससे उनके एडमिनिस्ट्रेशन का टैरिफ बढ़ाने का अभियान और तेज हो गया। इसके पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उनके टैरिफ को ‘गैर-कानूनी’ करार देते हुए रद्द करने का फैसला सुनाया था।

ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि ज्‍यादा रेट उन देशों पर लागू होगा जिन पर उन्होंने दशकों से अमेरिका को ‘धोखा’ देने का आरोप लगाया है। इस कदम को टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।

ट्रंप ने लिखा, ‘कई महीनों की सोच-विचार के बाद कल टैरिफ पर जारी किए गए हास्‍यास्‍पद, खराब तरीके से लिखे गए और बहुत ज्‍यादा अमेरिका विरोधी फैसले की डिटेल्ड और पूरी समीक्षा के आधार पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने यह बयान दिया है कि मैं अमेरिका के राष्‍ट्रपति के तौर पर तुरंत लागू होने वाले उन देशों पर 10% वर्ल्डवाइड टैरिफ बढ़ाऊंगा, जिनमें से कई देश दशकों से बिना किसी बदले के (जब तक मैं नहीं आया!) अमेरिका को ‘लूट’ रहे हैं और इसे पूरी तरह से मंजूर और कानूनी तौर पर टेस्ट किए गए 15% लेवल तक बढ़ा दूंगा।’

यह घोषणा एक दिन पहले घोषित 10 फीसदी ग्‍लोबल टैरिफ दर से 5 फीसदी की बढ़ोतरी है, जो कानूनी जांच के बीच प्रशासन के व्यापार रुख को तेज करती है।

राष्ट्रपति ने यह साफ नहीं किया कि कौन से देश ऊंचे 15 फीसदी आधार दर से सबसे अधिक प्रभावित होंगे। न ही उन्होंने उस कानूनी तंत्र का ब्‍योरा दिया जिसके तहत बढ़ोतरी लागू की जाएगी। हालांकि, उन्होंने नई दर को पूरी तरह से अनुमत और कानूनी रूप से परखी हुई बताया।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) के तहत लगाए गए ट्रंप के वैश्विक टैरिफ को 6-3 के फैसले में पलट दिया। इसमें व्यापक आयात कर लगाने के लिए राष्ट्रीय आपातकालीन शक्तियों के उनके इस्‍तेमाल को अस्वीकार कर दिया गया था।

कोर्ट ने ट्रंंप टैर‍िफ को बताया गैर-कानूनी
अदालत ने पाया कि 1977 का कानून स्पष्ट रूप से टैरिफ को अधिकृत नहीं करता है। संविधान कांग्रेस (अमेरिकी संसद) को उन्हें लगाने का अधिकार देता है। यह ऐतिहासिक रूप से प्रतिबंधों और संपत्ति फ्रीज के लिए इस्तेमाल किया गया है।

इन उपायों को व्यवसायों और 12 राज्यों की ओर से चुनौती दी गई थी, जब निचली अदालतों ने फैसला सुनाया था कि ट्रंप ने अपने वैधानिक अधिकार को पार कर लिया है। मामलों में छोटी आयात फर्मों के साथ डेमोक्रेटिक नेतृत्व वाले राज्यों की ओर से मुकदमेबाजी शामिल थी। इसमें तर्क दिया गया था कि व्यापार घाटे IEEPA के तहत परिकल्पित राष्ट्रीय आपातकाल की तरह नहीं थे।

ट्रंप के एजेंडे को बड़ा झटका लगा था
सुप्रीम कोर्ट का फैसला ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के आर्थिक एजेंडे के एक केंद्रीय स्तंभ के लिए महत्वपूर्ण झटका है। यह वैश्विक व्यापार विवादों में राजस्व उपकरण और बातचीत के लीवर दोनों के रूप में टैरिफ पर बहुत अधिक निर्भर रहा है। हालांकि, यह निर्णय प्रशासन को अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत टैरिफ का रास्‍ता पकड़ने से नहीं रोकता है।

फैसले के घंटों बाद ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इसमें लगभग पांच महीने की अवधि के लिए मौजूदा आयात शुल्कों के ऊपर एक नया 10 फीसदी ग्‍लोबल टैरिफ लगाया गया। इससे यह संकेत मिला कि वह सुप्रीम कोर्ट से मिली हार के बावजूद अपने व्यापार एजेंडे से पीछे नहीं हटेंगे।

श्री मथुराधीश मंदिर कॉरिडोर के प्रथम चरण का शिलान्यास आज

कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला रविवार से पांच दिवसीय प्रवास पर कोटा में रहेंगे। इस दौरान वे विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मलित होंगे। रविवार सुबह 7 बजे स्पीकर बिरला मधुराधीश मंदिर कॉरिडोर के प्रथम चरण के निर्माण कार्य का शिलान्यास करेंगे।

प्रथम चरण के तहत केडीए द्वारा 18.24 करोड़ की लागत से श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य होंगे। इसके अलावा वे 9.82 करोड़ की लागत से कैथूनीपोल चौराहे से सेंट पॉल स्कूल तक लिंक सड़क व 2.5 करोड़ से की लागत से महात्मा गांधी विद्यालय, महारानी विद्यालय रामपुरा, घंटाघर तथा लक्खी बुर्ज पर फसाड लाइट इंस्टॉलेशन कार्य का भी शिलान्यास करेंगे।

इसके उपरान्त वे कोटा महोत्सव के तहत आयोजित हैरिटेज वॉक में शामिल होंगे। स्पीकर बिरला दोपहर 12 बजे शिव ज्योति विद्यालय श्रीनाथपुरम में सीआईआरसी सब रीजनल कॉन्फ्रेन्स, दोपहर 1 बजे गोदावरी धाम हनुमंत वाटिका में आयोजित उपनयन संस्कार कार्यक्रम में शामिल होंगे।

दोपहर 1.30 बजे शुभम गार्डन में आय़ोजित पंचम सिंधी सामुहिक विवाह सम्मेलन, 1.45 पर मल्टीपरपज विद्यालय में कोटा संभाग शारिरिक शिक्षक अधिवेशन व नव वर्ष स्नेह मिलन, 2 बजे दशहरा मैदान में एसटी,एससी ओबीसी कर्मचारी संयुक्त संगठन के संभागीय अधिवेशन में शिरकत करेंगे।

दोपहर 3 बजे बून्दी रोड पर आयोजित चौरसिया समाज का युवक-युवती परिचय एवं सम्मान समारोह, 4 बजे सिआम ऑडिटोरियम नयापुरा में आयोजित रैगर स्नेह मिलन समारोह एवं भामाशाह प्रतिभा सम्मान समारोह, शाम 5.30 बजे रिवर फ्रन्ट पर मां चम्बल की आरती एवं सायं 6 बजे देवनायारण मंदिर गोरधनपुरा में आयोजित पुर्णाहूति कार्यक्रम में शामिल होंगे।

लायंस क्लब कोटा टेक्नो की बोर्ड बैठक सम्मान व संकल्प के साथ आयोजित

कोटा। आगामी 1 मार्च को आयोजित होने वाली रिजन कॉन्फ्रेंस की तैयारियों को लेकर शनिवार को बोर्ड मीटिंग में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में आयोजन की रूपरेखा, जिम्मेदारियों के विभाजन एवं कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।

लायंस क्लब टेक्नो के निदेशक भुवनेश गुप्ता ने बताया कि इस अवसर पर सदस्यता वृद्धि में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए डिस्ट्रिक्ट स्तर पर प्राप्त अवार्ड के लिए क्लब अध्यक्ष डॉ क्षिप्रा गुप्ता को पुनः सम्मानित किया गया।

क्लब सचिव सिद्धार्थ गुप्ता के अनुसार आयोजन में क्लब जोन चेयरपर्सन लायन एके गुप्ता, डायरेक्टर लायन भुवनेश गुप्ता, एम.जे.एफ. लायन रजनी गुप्ता, निधि गुप्ता, बोर्ड सदस्य संध्या गुप्ता, विष्णु मालवीय , नमिता गुप्ता, अनिल गुप्ता एवं रंजना गुप्ता द्वारा अध्यक्ष को सम्मानित कर उनके नेतृत्व की सराहना की गई।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों एवं संगठित कार्यशैली के माध्यम से रिजन कॉन्फ्रेंस को सफलतापूर्वक आयोजित किया जाएगा। क्लब भविष्य में भी सेवा एवं संगठन विस्तार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा। इस अवसर पर क्लब सदस्य अनिल गुप्ता व रंजना गुप्ता के वैवाहिक वर्षगांठ को भव्यता के साथ मनाया गया ।