Thursday, July 16, 2026
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बेस्ट एम्प्लॉयर्स अवार्ड समारोह में कोटा के वीके जेटली जयपुर में सम्मानित

राज्य स्तरीय समारोह में चार श्रेणियों में 41 संस्थाओं को मिला सम्मान

कोटा। एम्प्लॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान की ओर से आयोजित स्थापना दिवस समारोह में प्रदेश की उत्कृष्ट औद्योगिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं को बेस्ट एम्प्लॉयर्स अवार्ड से जयपुर में सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उद्योग राज्यमंत्री केके विश्नोई तथा सहकारिता मंत्री गौतम दक उपस्थित रहे।

अवार्ड समारोह में चार विभिन्न श्रेणियों में प्रदेश की 41 संस्थाओं को ट्रॉफी, दुपट्टा और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी अवसर पर पोद्दार पिगमेंट के एस.एस. पोद्दार और वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक फतेहपुरिया को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।

समारोह में कोटा के करेजियस कम्युनिटी फाउंडेशन के चेयरमैन व इम्प्लॉयर एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (EAR) के मुख्य सलहाकार वी.के. जेटली को भी सम्मानित किया गया। जेटली ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प के बल पर समाज और औद्योगिक क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है।

अवार्ड समिति के अनुसार, जूरी द्वारा चयनित औद्योगिक संस्थानों और शैक्षणिक प्रतिष्ठानों को सम्मानित करने का उद्देश्य उनके संघर्ष, उपलब्धियों और सफल जीवनयात्रा को समाज के सामने लाना है, ताकि उनकी प्रेरक कहानियाँ लाखों लोगों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकें।

समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे सम्मान समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति को बढ़ावा देते हैं। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्यजन, उद्योगपति और शिक्षाविद बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

यूजीसी कानून के विरोध में सवाई माधोपुर अग्रवाल समाज सेवा संस्थान ने खोला मोर्चा

कोटा। सवाई माधोपुर अग्रवाल समाज सेवा संस्थान द्वारा यूजीसी के वर्तमान कानून के विरोध में शुक्रवार को प्रदर्शन किया गया। यह विरोध प्रदर्शन सवाई माधोपुर संभाग अध्यक्ष दीपक कुमार सिंघल के सानिध्य में तलवंडी चौराहे पर संपन्न हुआ। सभी ने एक स्वर में कानून के विरुद्ध नारेबाजी की।

हुकुम मंगल ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान समाज के प्रबुद्धजनों ने इस कानून को सवर्ण समाज के हितों के विरुद्ध बताते हुए केंद्र सरकार से इसमें बदलाव की मांग की। ​प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संभाग अध्यक्ष दीपक कुमार सिंघल ने कहा कि यूजीसी का यह नया कानून सवर्ण समाज के युवाओं और भविष्य के लिए एक घातक बीमारी के समान है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कानून के प्रावधानों से योग्यता को दरकिनार किया जा रहा है, जो समाज के सर्वांगीण विकास में बड़ी बाधा बनेगा। अग्रवाल समाज का मानना है कि यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो यह सवर्ण समाज के लिए एक महा अभिशाप सिद्ध होगा।

यूजीसी मंडल के प्रतिनिधि हुकुमचंद मंगल ने कानून की विसंगतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह के नियम लागू करना सवर्णों के अधिकारों का हनन है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो समाज इस आंदोलन को और उग्र करेगा।

इस विरोध प्रदर्शन में अग्रवाल समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों और सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मुख्य रूप से रामचरण गुप्ता, महेश अग्रवाल, भवानी शंकर, केपी बंसल, पी गुप्ता, विष्णु प्रसाद गर्ग, अशोक मंगल, हुकुम मंगल, महेश गर्ग, जगदीश सिंगल और हनुमान गोयल सहित समाज के सैंकड़ों लोग उपस्थित रहे।

महेंद्र सिंह और मीना कंवर ने तीसरी बार ‘आयरनमैन कपल’ का खिताब जीता

कोटा। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने न्यूज़ीलैंड में आयोजित प्रतिष्ठित ‘आयरनमैन ट्रायथलॉन’ को सफलतापूर्वक पूरा करने पर शुक्रवार को श्रीनाथपुरम स्टेडियम में अभिनंदन किया।

उल्लेखनीय है कि खेल जगत में राजस्थान का मान बढ़ाते हुए कोटा के प्रसिद्ध एथलीट दंपत्ति, महेंद्र सिंह चौहान और मीना कंवर ने यह कीर्तिमान स्थापित किया है। जिस पर राजस्थान सरकार के मंत्री हीरालाल नागर ने दोनों एथलीटों का अभिनंदन किया। रनिंग रॉक्स के सदस्यों ने इस उपलब्धि को खेल जगत के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया।

​न्यूज़ीलैंड की कठिन परिस्थितियों में आयोजित इस ट्रायथलॉन में इस दंपत्ति ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति का परिचय दिया। उन्होंने निर्धारित 16 घंटों की चुनौतीपूर्ण समय सीमा के भीतर 3.8 किलोमीटर की तैराकी, 180 किलोमीटर की साइक्लिंग और अंत में 42 किलोमीटर की पूर्ण मैराथन को सफलतापूर्वक पूरा किया।

यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि महेंद्र सिंह और मीना कंवर ने तीसरी बार ‘आयरनमैन कपल’ का खिताब जीतकर न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय पटल पर गौरवान्वित किया है।

​स्टेडियम में आयोजित समारोह के दौरान मंत्री हीरालाल नागर ने दोनों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी उपलब्धियां प्रदेश के युवाओं के लिए ऊर्जा का स्रोत हैं।

उन्होंने कहा कि खेल के प्रति ऐसा समर्पण यह सिद्ध करता है कि उम्र और परिस्थितियां कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। स्थानीय रनिंग रॉक्स कम्युनिटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में धावक और खेल प्रेमी मौजूद रहे।

​इस अवसर पर महेंद्र सिंह और मीना कंवर ने अपनी यात्रा के अनुभव साझा करते हुए बताया कि निरंतर अभ्यास और एक-दूसरे के सहयोग ने उन्हें इस कठिन लक्ष्य तक पहुँचाया।

श्रीनाथपुरम स्टेडियम में घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर भड़के ऊर्जा मंत्री

ऊर्जा मंत्री नागर ने थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और 15 दिन में सुधार के निर्देश दिए

​कोटा। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शुक्रवार सुबह कोटा के श्रीनाथपुरम स्टेडियम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खेल मैदान के निर्माण में भारी अनियमितताएं और घटिया सामग्री का उपयोग पाए जाने पर मंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।

इस दौरान उनके साथ कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। खेल मैदान की दुर्दशा और घटिया मिट्टी के उपयोग को देखते हुए मंत्री नागर ने तुरंत प्रभाव से ‘थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन’ के निर्देश देते हुए कहा कि कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच हो।

​मैदान का सूक्ष्म अवलोकन करते हुए मंत्री नागर ने पाया कि बिछाई गई मिट्टी मानकों के अनुरूप नहीं है और उसमें कंकड़-पत्थर मौजूद हैं। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि मिट्टी में सैंड पार्टिकल का सही अनुपात होना चाहिए। ताकि खिलाड़ियों को चोट न लगे। उन्होंने पुरानी घटिया मिट्टी को पूरी तरह हटाकर नई मिट्टी डालने, फाइन डस्ट का उपयोग करने और मैदान में ‘दोब’ घास लगाने के निर्देश दिए।

मंत्री ने तकनीकी पक्ष पर जोर देते हुए कहा कि मिट्टी की पी-वैल्यू ज्यादा नहीं होनी चाहिए। उसमें ढेले नहीं बनने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिट्टी में स्पंजिंग का गुण होना अनिवार्य है। यह एक विश्वस्तरीय फुटबॉल ग्राउंड के रूप में तैयार हो सकेगा।

​स्टेडियम की सुरक्षा और रखरखाव की बदहाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि करोड़ों की लागत से बने सिंथेटिक ट्रैक पर मवेशी और आवारा कुत्ते घूम रहे हैं। जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।

उन्होंने स्टेडियम में सुरक्षा गार्डों की कमी और चारों तरफ फैली गंदगी के अंबार पर अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जब तक निर्माण कार्य चल रहा है, पूरे मैदान की फेंसिंग कर इसे बंद रखा जाए और काम पूरा होते ही सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात किए जाएं।

मंत्री नागर ने ठेकेदार फर्म की कार्यशैली पर असंतोष जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो और 15 दिन के भीतर पूरे मैदान को व्यवस्थित कर खेल गतिविधियों के योग्य बनाया जाए।

बच्चों ने कहा – बार बार जूते और बॉल फट जाते हैं
​निरीक्षण के दौरान वहां अभ्यास कर रहे बाल खिलाड़ियों ने मंत्री को अपनी व्यथा सुनाई। बच्चों ने बताया कि घटिया मिट्टी और पत्थरों के कारण उनके जूते और फुटबॉल बार-बार फट जाते हैं और अभ्यास के दौरान चोट लगने का डर बना रहता है। इस पर संवेदनशील रुख अपनाते हुए मंत्री नागर ने कहा कि श्रीनाथपुरम स्टेडियम हाड़ौती का गौरव है।

जहाँ से कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकले हैं। हमारा लक्ष्य इसे एक सुव्यवस्थित और सुरक्षित मैदान बनाना है, ताकि यहां स्पोर्ट्स एक्टिविटी बढ़ें और स्थानीय व बाहर से आने वाले खिलाड़ियों को अभ्यास का उचित माहौल मिल सके।

ऐतिहासिक रहा बजट सत्र
​मीडिया से बात करते हुए ऊर्जा मंत्री ने विधानसभा के बजट सत्र पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि हाल ही में समाप्त हुआ बजट सत्र ऐतिहासिक रहा है। जिसमें राजस्थान की जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप बजट पेश किया गया है। यह बजट प्रदेश के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास पानी और बिजली जैसे कोई ठोस मुद्दे नहीं थे, इसलिए वे केवल झूठी बातों के आधार पर चर्चा में रहने की कोशिश करते रहे। जबकि सरकार ने जनकल्याण के कई महत्वपूर्ण बिल पास कर प्रदेश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त किया है।

महावीर जयंती पर 27 मार्च से श्री महावीरजी स्टेशन पर दो ट्रेनों का अस्थायी ठहराव

कोटा। SHRI MAHAVEERJI Station: महावीर जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले वार्षिक मेले में श्रद्धालुओं एवं यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा बांद्रा टर्मिनस–अमृतसर–बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस को निर्धारित अवधि के लिए कोटा मंडल के श्री महावीरजी स्टेशन पर अस्थायी ठहराव प्रदान किया गया है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि महावीर जयंती वार्षिक मेला-2026 के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन संख्या 12925/12926 बांद्रा टर्मिनस–अमृतसर–बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस का श्री महावीरजी स्टेशन (SMVJ) पर 27 मार्च 2026 से 03 अप्रैल 2026 तक कुल 8 दिनों के लिए अस्थायी ठहराव दिया जाएगा।

इस अवधि में ट्रेन संख्या 12925 बांद्रा टर्मिनस–अमृतसर एक्सप्रेस 26 मार्च से 2 अप्रैल के मध्य श्री महावीरजी स्टेशन पर प्रातः 04.36 बजे आगमन तथा 04.38 बजे प्रस्थान करेगी। इसी प्रकार ट्रेन संख्या 12926 अमृतसर–बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस दिनांक 27 मार्च से 3 अप्रैल के मध्य श्री महावीरजी स्टेशन पर रात्रि 20.50 बजे आगमन तथा 20.52 बजे प्रस्थान करेगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि रेल प्रशासन द्वारा यह व्यवस्था महावीर जयंती मेले के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए की गई है, जिससे उन्हें यात्रा में सुविधा मिल सके।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पूर्व गाड़ियों की स्थिति, समय एवं ठहराव की अद्यतन जानकारी के लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in अथवा एनटीईएस मोबाइल ऐप का उपयोग करें।

बेटिकट यात्रियों से रेलवे ने 140 मामलों में ₹42,140 वसूले
पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में 13 मार्च को कोटा–रामगंजमंडी–भवानीमंडी सेक्शन में सघन टिकट जाँच अभियान चलाया गया। इस इस अभियान के दौरान कुल 140 प्रकरण दर्ज कर ₹42,140 का जुर्माना वसूल किया गया। अभियान में वाणिज्य विभाग के टिकट निरीक्षक एवं टिकट चेकिंग स्टाफ द्वारा विभिन्न ट्रेनों तथा रामगंजमंडी–भवानीमंडी स्टेशनों पर व्यापक जाँच की गई।

कोटा मंडल में सभी मेल-एक्सप्रेस गाड़ियाँ समय पर चलीं

मंडल रेल मंडल से गुजरने वाली सभी मेल/एक्सप्रेस एवं मेमू गाड़ियों का 100 प्रतिशत समयपालन सुनिश्चित किया गया। इस दिन कोटा मंडल में कुल 122 मेल/एक्सप्रेस एवं मेमू गाड़ियाँ निर्धारित समयानुसार संचालित हुईं। यह उपलब्धि मार्च माह में दूसरी बार तथा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में आठवीं बार प्राप्त की गई है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में कोटा मंडल द्वारा 100 प्रतिशत समयपालन की उपलब्धि 20 अप्रैल, 13 जून, 12 जुलाई, 13 जुलाई, 10 अगस्त, 17 अगस्त 2025 तथा 7 मार्च और 12 मार्च 2026 को प्राप्त की गई है।

9.32 करोड़ किसानों के खाते में पीएम किसान निधि जमा, ऐसे चेक करें डिटेल

नई दिल्ली। PM Kisan 22nd installment: नरेंद्र मोदी सरकार ने शुक्रवार को पीएम-किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी कर दी है। पीएम मोदी ने गुवाहाटी, असम में एक कार्यक्रम के दौरान 22वीं किस्त के 2000 रुपये को ट्रांसफर किए। इसका लाभ 9.32 करोड़ से अधिक किसानों को मिलेगा।

बता दें कि पीएम-किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में 2.15 करोड़ से अधिक महिला किसान हैं। इस योजना के तहत, पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की राशि तीन समान किस्तों में दी जाती है।

यह राशि ‘प्रत्यक्ष लाभ अंतरण’ (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाती है। इस किस्त के जारी होने के साथ, पीएम-किसान के तहत वितरित कुल राशि 4.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।

पिछली तीन किस्त के आंकड़े
योजना के पिछले आंकड़ों के अनुसार, फरवरी, 2025 में 19वीं किस्त के रूप में 9.8 करोड़ किसानों को 22,000 करोड़ रुपये अंतरित किए गए थे। इसके बाद अगस्त, 2025 में 20वीं किस्त के तहत 9.7 करोड़ किसानों को 20,500 करोड़ रुपये और नवंबर, 2025 में 21वीं किस्त के रूप में नौ करोड़ किसानों को 18,000 करोड़ रुपये दिए गए थे।

ई-केवाईसी है जरूरी
पीएम-किसान में रजिस्टर्ड किसानों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है। ओटीपी आधारित ई-केवाईसी पीएम-किसान पोर्टल पर उपलब्ध है या बायोमेट्रिक आधारित ई-केवाईसी के लिए निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर से संपर्क किया जा सकता है।

पीएम-किसान पोर्टल पर ‘अपनी स्थिति को जानों
(केवाईएस)’ नामक एक मॉड्यूल उपलब्ध कराया गया है। यह मॉड्यूल भुगतान की स्थिति, पात्रता, भूमि विवरण, आधार जोड़ने और ई-केवाईसी की स्थिति जैसी सभी जानकारियों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है।

सरकार ने चेहरे की पहचान पर आधारित एक मोबाइल ऐप भी पेश किया है, जिससे किसान बिना किसी ओटीपी या बायोमेट्रिक डिवाइस की आवश्यकता के, घर बैठे ही अपना ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं।

राज्य और ग्राम स्तर के नोडल अधिकारी इस कार्य में अतिरिक्त सहायता प्रदान कर रहे हैं। कृषि मंत्रालय का कृत्रिम मेधा-आधारित वॉयस चैटबॉट ‘किसान-ईमित्र’ 11 क्षेत्रीय भाषाओं में चौबीसों घंटे सहायता प्रदान कर रहा है, और अब तक इसने लाखों किसानों के प्रश्नों का समाधान किया है।

अपात्र लाभार्थियों को बाहर करने के लिए एक मजबूत सत्यापन प्रणाली लागू की गई है, जबकि संपन्न किसानों के लिए अपनी पात्रता स्वेच्छा से छोड़ने (स्वैच्छिक समर्पण) की सुविधा भी शुरू की गई है। उन किसानों को फिर से जोड़ने के लिए भी व्यवस्था की गयी है, जिन्होंने अनजाने में अपनी पात्रता छोड़ दी थी।

पीएम किसान 22वीं किस्त का स्टेटस ऐसे करें चेक

  • पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त अपने मोबाइल से अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं।
  • सबसे पहले ऑफिशियल पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाएं
  • यहां आपको Know Your Status पर क्लिक करना है
  • अब अपना रजिस्ट्रेशन नंबर लिखें और यहां कैप्चा कोड भरें। सबमिट करें।
  • इसके बाद मोबाइल पर आए OTP को भरें, आपको स्टेटस पता चल जाएगा

सीईसी के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में विपक्ष का महाभियोग नोटिस

नई दिल्ली। No confidence motion against CEC: विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में सौंप दिया है। सूत्रों के मुताबिक इस नोटिस पर लोकसभा के लगभग 130 और राज्यसभा के 63 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं।

एक वरिष्ठ सांसद के अनुसार हस्ताक्षर करने वालों में इंडिया गठबंधन के लगभग सभी घटक दलों के सांसद शामिल हैं। आम आदमी पार्टी के सांसदों ने भी इस पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि पार्टी अब औपचारिक रूप से विपक्षी गठबंधन का हिस्सा नहीं है, फिर भी उसने इस पहल का समर्थन किया है। कुछ निर्दलीय सांसदों के भी नोटिस पर हस्ताक्षर करने की जानकारी मिली है।

नियमों के अनुसार लोकसभा में महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देने के लिए कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं, जबकि राज्यसभा में इसके लिए न्यूनतम 50 सांसदों का समर्थन होना चाहिए।

विपक्षी दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर कई मौकों पर सत्तारूढ़ भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया है। खासकर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल भाजपा को चुनावी लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।

संविधान के प्रावधानों के अनुसार मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने का प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में दिया जा सकता है। इसे पारित कराने के लिए विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है यानी सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत और उपस्थित व मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई मत होना जरूरी है।

सूत्रों के मुताबिक इस पहल की शुरुआत तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने की थी। पार्टी ने अन्य विपक्षी दलों को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए सहमत किया। इससे पहले टीएमसी के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने कहा था कि उनकी पार्टी संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव लाएगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं को संदेह के दायरे में डाल दिया गया है। रॉय का दावा था कि करीब 59 लाख मतदाताओं को एडजुडिकेशन लिस्ट में रखा गया है जो बेहद बड़ी संख्या है और इससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।

Sopa Report: फरवरी तक मंडियों में 57 लाख टन सोयाबीन की आवक

इंदौर। चालू मार्केटिंग सीजन के शुरूआती पांच महीनों में यानी अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 के दौरान देशभर की मंडियों में कुल 57 लाख टन सोयाबीन की आवक हुई जिसमें 7 लाख टन का सरकारी स्टॉक भी शामिल था।

सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (सोपा) की नई मासिक रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले सीजन की समान अवधि में 66 लाख टन सोयाबीन की आपूर्ति हुई थी। पिछले सीजन की तुलना में इस बार सोयाबीन की आवक अक्टूबर में 18 लाख टन से घटकर 15 लाख टन, दिसंबर में 12 लाख टन से गिरकर 10 लाख टन रही।

जनवरी में 11.50 लाख टन से घटकर 8 लाख टन तथा फरवरी में 8.50 लाख टन से गिरकर 6.00 लाख टन रह गया जबकि नवम्बर 2025 में यह 16 लाख टन से बढ़कर 18 लाख टन पर पहुंच गया था।

सोपा की रिपोर्ट के अनुसार 2025-26 के चालू मार्केटिंग सीजन में 7.66 लाख टन के पिछला बकाया स्टॉक, 110.26 लाख टन के उत्पादन तथा 6 लाख टन के संभावित आयात के साथ सोयाबीन की कुल उपलब्धता 123.92 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद है।

इसमें से 10 लाख टन का स्टॉक अगली बिजाई के लिए आरक्षित रखा जाएगा, 5 लाख टन का प्रत्यक्ष घरेलू उपयोग होगा और 102 लाख टन की घरेलू क्रशिंग-प्रोसेसिंग होगी। इसके बाद सीजन के अंत में 6.92 लाख टन सोयाबीन का अधिशेष स्टॉक मौजूद रहेगा।

102 लाख टन सोयाबीन की क्रशिंग से 81.17 लाख टन सोयामील का निर्माण होगा जिसमें से 10 लाख टन का निर्यात होगा और 70 लाख टन का घरेलू उपयोग किया जाएगा।

घरेलू उपयोग के तहत 8 लाख टन की खपत खाद्य उद्देश्य में तथा 62 लाख टन की खपत पशुआहार निर्माण में होने की सम्भावना है। सीजन के अंत में 1.17 लाख टन सोयामील का अधिशेष स्टॉक उपलब्ध रह सकता है।

Kota Mandi: नए जौ और नई मैथी की फसल की आवक शुरू

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को नए जौ और नई मैथी की आवक हुई। नई मेथी ऊपर में 5700 और नया जौ 2150 रुपये प्रति क्विंटल बिका। आवक की कमी से चना 50 रुपये और मैथी 100 रुपये उछल गई।

कमजोर उठाव से लहसुन 500 रुपये मंदा रहा। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब सवा लाख कट्टे और लहसुन की 2500 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं पुराने 2270 से 2451, गेहूं नया 2300 से 2531, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1600, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 1900 से 2150 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3201, धान (1509) 3200 से 3950, धान (1847) 3200 से 3851, धान (1718-1885) 3900 से 4250, धान (पूसा-1) 3600 से 4000, धान (1401-1846) 3800 से 4100, धान दागी 1500 से 3500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5000 से 5520, सरसों 5800 से 6600, अलसी 6000 से 6700, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6500, उड़द 4500 से 8200, चना देशी पुराना 4700 से 5101, चना मौसमी 4700 से 5000, चना पेप्सी 4800 से 5051, चना डंकी 3500 से 4500, चना काबुली 5500 से 7500, नया चना 4800 से 5300 रुपये प्रति क्विंटल।

नया लहसुन 3500 से 12500, मैथी 4000 से 5200, मैथी नयी 5300 से 5700, धनिया बादामी 7500 से 9200, धनिया ईगल 9500 से 10800, धनिया नया गीला 7500 से 9500, धनिया रंगदार 10000 से 13000 रुपये प्रति क्विंटल।

एलपीजी मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के बीच लोक सभा की कार्यवाही 16 मार्च तक स्थगित

नई दिल्ली। लोकसभा में शुक्रवार को भी विपक्ष के सांसदों ने देश में एलपीजी गैस की कमी के मुद्दे को लेकर सदन में जमकर हंगामा किया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही एलपीजी संकट पर चर्चा की मांग उठाई।

विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को पहले 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इसके बाद दुबारा हंगामा करने पर लोकसभा की कार्यवाही को 16 मार्च सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थागित कर दिया।

लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने इस पर चर्चा की मांग को लेकर वेल में प्रदर्शन किया। 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों को शांत कराने की कोशिश की। हालांकि, सदन में हंगामा जारी रहा।

12 बजे जब कार्यवाही फिर शुरू हुई तो इस दौरान भी विपक्षी सांसद वेल में आकर नारेबाजी करते नजर आए। हंगामा बढ़ने पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्य विपक्षी पार्टी का रवैया ठीक नहीं है। अब भी समय है सुधर जाइए। हालांकि, हंगामा नहीं थमा और फिर सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि वे तो प्रोपेगैंडा के पेशेवर नेता हैं। उनका मुख्य उद्देश्य पिकनिक मनाना है। उन्हें न तो गरीबों की चिंता है और न ही देश की चिंता है। देश उन्हें अच्छी तरह से जानता है।

बीजेपी सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री भी कह रहे हैं कि LPG की कोई कमी नहीं है। LPG आराम से मिल रही है, लोगों को कोई परेशानी नहीं है। कांग्रेस देश में अफरा-तफरी का माहौल बनाना चाहती है।

समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि सिलेंडर महंगा हो गया है और किल्लत हो रही है, लाइनें लग रही हैं। लोगों की परेशानियां बढ़ रही हैं और प्रधानमंत्री का यह कहना कि इसकी कोई कमी नहीं है। यह जमीनी हकीकत से कोसों दूर है।