नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से आंदोलन पर लगाए गए ब्रेक को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्केंडेय काटजू ने अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशतुोष रांका के करियर को खत्म करार दिया है। काटजू ने कहा कि सीजेपी नेताओं ने पीस बॉन्ड साइन करके अपना करियर खत्म कर लिया है।
अब यदि वह इसका उल्लंघन करके प्रदर्शन करते हैं तो जेल भेज दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सौरभ दास और आशुतोष रांका अभी तो एक सप्ताह के लिए ही जेल गए, अब यदि उन्होंने प्रदर्शन किया तो पुलिस लंबे समय के लिए भेज देगी और इसलिए ही वे डर भी रहे हैं। रिटायरमेंट के बाद अक्सर अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले काटजू ने सीजेपी नेताओं के पीस बॉन्ड साइन करने की तुलना ‘माफीनामे’ से भी की।
पूर्व जज ने एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि सीजेपी नेताओं की छवि अब भगोड़े वाली बन गई है और पीस बॉन्ड साइन करने की वजह से अब जनता इन पर विश्वास नहीं करेगी। काटजू ने कहा, ‘जिन लोगों ने पीस बॉन्ड साइन किया, उनका करियर खत्म।
जनता अब इन पर विश्वास नहीं करेगी क्योंकि भगोड़े की इमेज बन गई है।’ उन्होंने पीस बॉन्ड की तुलना माफीनामे से करते हुए कहा, ‘जब अंग्रेजी शासन था तो जिन क्रांतिकारियों को गिरफ्तार किया जाता था, उनसे कहते थे कि माफी मांग लो तो छोड़ देंगे वरना तुम सड़ो कालापानी में। जो माफीनामा लिखते थे उनका करियर खत्म। जनता कभी विश्वास करेगी ऐसे लोगों पर?’
काटजू ने आगे कहा, ‘पीस बॉन्ड का क्या मतलब, इसका मतलब हुआ कि आपने लिखित में वादा कर दिया कि कभी आंदोलन नहीं करेंगे। क्योंकि आंदोलन आपने किया तो पुलिस कहेगी कि आप शांति भंग कर रहे हैं।
आपने पीस बॉन्ड का उल्लंघन किया, आपको जेल में डाल दिया जाएगा, लंबे टाइम के लिए। अभी तो एक सप्ताह के लिए थे सौरभ दास और आशुतोष रांका, अब इनको कई महीनों के लिए…। अब ये लोग डरते हैं जेल जाने से। लिहाजा सीजेपी अब खत्म, फिनिश। इनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई, पीस बॉन्ड साइन करके खत्म हो गए।’
क्या इससे जीवन स्तर ऊपर उठेगा?
पूर्व जज ने कहा कि राजनीति के हर कदम का एक ही पैमाना होना चाहिए कि किसी कदम से आम लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठेगा या नहीं। उन्होंने एक और सवाल के जवाब में कहा, ‘पहले तो सीजेपी ने मांग उठाई थी कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, मैंने कहा कि एक एजुकेशन मिनिस्टर हट जाएगा, दूसरा आएगा फर्क क्या पड़ेगा, क्या इससे लोगों की जिंदगी बेहतर होगी? वो कहते हैं कि पेपर लीक हो रहा है, इसलिए मांग रहे हैं इस्तीफा। मैंने कहा कि देखो पेपर लीक की वजह है भ्रष्टाचार, भ्रष्टाचार हटेगा नहीं इस सिस्टम से। आप लाख हटा दीजिए धर्मेंद्र प्रधान को और कानून भी बना दिया। फिर भी पेपर लीक होते रहेंगे, जब तक भ्रष्टाचार है तब तक होगा। अब इन्होंने मांग की ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, एक हट जाएंगे दूसरे आ जाएंगे, क्या इससे दूसरों का जीवन ऊपर उठेगा?’

