पश्चिम एशिया तनाव और कच्चे तेल की कीमतों से तय होगी इस सप्ताह बाजार की चाल

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नई दिल्ली। Stock Market This Week: भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला हफ्ता काफी अहम हो सकता है। बाजार की चाल पर कच्चे तेल की कीमतों, पश्चिम एशिया यानी मध्य-पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई के आंकड़ों का असर पड़ सकता है।

इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री और कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।रिलायंस ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च अजीत मिश्रा के मुताबिक, घरेलू बाजार में निवेशकों की नजर जुलाई के CPI महंगाई आंकड़ों, WPI महंगाई और विदेशी मुद्रा भंडार के नए आंकड़ों पर रहेगी। इन आंकड़ों से देश में महंगाई की स्थिति और बाहरी क्षेत्र की मजबूती को लेकर अहम संकेत मिल सकते हैं।

इसके साथ ही वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी Q1 FY27 के नतीजों का सीजन भी आगे बढ़ेगा। इस दौरान HAL, भारत फोर्ज, ग्रासिम इंडस्ट्रीज और टाटा मोटर्स जैसी कंपनियां अपने तिमाही नतीजे जारी करेंगी।

वैश्विक स्तर पर निवेशकों की नजर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर रहेगी। ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम और वहां चल रही बातचीत का असर भी बाजार के माहौल पर पड़ सकता है।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के मुताबिक, इस हफ्ते बाजार की दिशा पर पश्चिम एशिया के घटनाक्रम और अमेरिका की जुलाई की महंगाई रिपोर्ट का खास असर रह सकता है। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बातचीत की स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए बाजार इससे जुड़े हर नए घटनाक्रम पर नजर रखेगा।

अमेरिका की जुलाई CPI रिपोर्ट भी इस हफ्ते बाजार के लिए एक अहम वैश्विक संकेतक रहेगी। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में होने वाला बदलाव भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण बना रहेगा।

भारतीय बाजार में 12 अगस्त को CPI महंगाई के आंकड़े जारी किए जाएंगे, जबकि 14 अगस्त को WPI महंगाई का डेटा आएगा। वहीं, अमेरिका में 12 अगस्त को CPI और 13 अगस्त को PPI यानी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स के आंकड़े जारी होंगे।

इस बीच, भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की खरीदारी जारी है। अगस्त के पहले हफ्ते में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 12,921 करोड़ रुपये का निवेश किया।

पिछले हफ्ते भी शेयर बाजार में बढ़त देखने को मिली। BSE का सेंसेक्स 404.53 अंक यानी 0.51 फीसदी चढ़ा, जबकि NSE का निफ्टी 187.05 अंक यानी 0.76 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ।

अजीत मिश्रा के मुताबिक, पिछले हफ्ते बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन इसके बावजूद बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। इस दौरान F&O शेयरों के लिए नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) फ्रेमवर्क की शुरुआत, RBI की मौद्रिक नीति का फैसला और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं निवेशकों के लिए अहम मुद्दे रहे।

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के हेड ऑफ रिसर्च संतोष मीणा ने भी पिछले हफ्ते के कारोबार में नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन को सबसे बड़ा घटनाक्रम बताया। यह नए सिस्टम के लागू होने का पहला हफ्ता था।