नई दिल्ली। फूड रेगुलेटर FSSAI ने नेस्ले इंडिया पर कड़ा एक्शन लिया है। उसने नेस्ले इंडिया के शिशु पोषण उत्पादों से जुड़े नियमों का पालन न करने के आरोपों पर तीन अलग-अलग कानूनी मामले शुरू किए हैं। इन उत्पादों में NAN एक्सेला प्रो स्टेज 1 और लैक्टोजेन प्रो 1 शामिल हैं।
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए FSSAI के नोटिस के अनुसार, खाद्य नियामक ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध उत्पादों और उनके प्रचार-प्रसार की सामग्री की जांच की और उत्पादों के बारे में किए गए कुछ दावों पर सवाल उठाए।
NAN एक्सेला प्रो स्टेज 1 के मामले में FSSAI ने ‘5 HMOs’ और ‘Whey Protein’ से जुड़े दावों पर ध्यान दिया। लैक्टोजेन प्रो 1 के लिए रेगुलेटर ने उस दावे पर सवाल उठाया जिसमें व्हे प्रोटीन (whey protein) को आसानी से पचने वाला बताया गया था।
FSSAI ने कहा कि उसने इन दावों पर नेस्ले इंडिया से क्लैरिफिकेशन मांगा था। उसने पाया कि उत्पाद ‘खाद्य सुरक्षा और मानक (शिशु पोषण के लिए खाद्य पदार्थ) विनियम, 2020’ के नियम 4(2) का उल्लंघन करते हैं।
क्या कहता है यह नियम?
यह नियम शिशु आहार की बिक्री बढ़ाने के मकसद से किए जाने वाले प्रचार-प्रसार के दावों या सामग्री पर रोक लगाता है। नियामक ने ‘इनफैंट मिल्क सब्सटीट्यूट्स, फीडिंग बॉटल और इनफैंट फूड्स (उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 1992’ की धारा 3 का भी हवाला दिया। यह धारा ऐसे उत्पादों के विज्ञापन और प्रचार पर रोक लगाती है। खबर लिखे जाने तक नेस्ले इंडिया ने इस नोटिस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
जांच के घेरे में नेस्ले के इनफैंट फूड प्रोडक्ट्स
नोटिस में नेस्ले इंडिया की ओर से बनाए गए ‘फॉलो-अप फॉर्मूला’ से जुड़े एक अलग मामले का भी विवरण दिया गया है। FSSAI के अनुसार, प्रयोगशाला विश्लेषण के दौरान उत्पाद के एक नमूने में बायोटिन की मात्रा स्टैंडर्ड के अनुरूप नहीं पाई गई। इसके बाद नमूने को दोबारा जांच के लिए एक रेफरल प्रयोगशाला में भेजा गया। दूसरी जांच में भी नमूना ‘खाद्य सुरक्षा और मानक (शिशु पोषण के लिए खाद्य पदार्थ) विनियम, 2020’ के तहत तय बायोटिन की जरूरत के अनुरूप नहीं पाया गया।
FSSAI ने कहा कि इन तीन उत्पादों के संबंध में नेस्ले इंडिया के खिलाफ तीन अलग-अलग कानूनी मामले दर्ज किए गए हैं।नोटिस में यह नहीं कहा गया है कि कंपनी पर कोई अंतिम जुर्माना लगाया गया है। ये मामले कथित नियामक उल्लंघनों और खाद्य नियामक की ओर से बताई गई प्रयोगशाला जांच के नतीजों से संबंधित हैं।

