जयपुर। राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर बड़ी पहचान मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शेखावाटी अंचल की ऐतिहासिक और भित्ति चित्रों से सजी हवेलियों को UNESCO की अस्थायी सूची में शामिल किया गया है। इसे राजस्थान की कला, स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के अनुसार शेखावाटी के अलसीसर, बिसाऊ, चिड़ावा, चूरू, डूंडलोद, फतेहपुर, झुंझुनू, खेतड़ी, लक्ष्मणगढ़, मंडावा, महांसर, नवलगढ़, रामगढ़ और सीकर की ऐतिहासिक हवेलियों को अस्थायी सूची में स्थान मिला है। इन क्षेत्रों की हवेलियां अपनी विशिष्ट वास्तुकला, भव्य प्रवेश द्वार, झरोखों और दीवारों पर बने रंगीन भित्ति त्रों के लिए देश विदेश में प्रसिद्ध हैं।
शेखावाटी की हवेलियों की सबसे बड़ी खासियत उनकी भित्तिचित्र कला है। हवेलियों की दीवारों और छतों पर बनाए गए चित्रों में धार्मिक प्रसंगों के साथ तत्कालीन सामाजिक जीवन, राजसी वैभव और बदलते समय की झलक देखने को मिलती है। पारंपरिक चित्रों के साथ कई हवेलियों में उस दौर में दिखाई देने वाली आधुनिक वस्तुओं और घटनाओं को भी कलाकारों ने चित्रित किया। यही अनूठी कला शेखावाटी को देश के प्रमुख विरासत क्षेत्रों में अलग पहचान देती है।
अस्थायी सूची में शामिल होना किसी स्थल के यूनेस्को विश्व विरासत सूची (UNESCO World Heritage List ) में शामिल होने की अंतिम मंजूरी नहीं है, बल्कि यह आगे की प्रक्रिया की महत्वपूर्ण शुरुआत मानी जाती है। अब संबंधित हवेलियों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
इसके बाद नामांकन के अगले चरणों के लिए आवश्यक तैयारियां की जाएंगी। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान सरकार ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने इसे राजस्थान के पर्यटन और विरासत संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
शेखावाटी की हवेलियों को वैश्विक पहचान मिलने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। UNESCO की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ इन ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण, स्थानीय कला और रोजगार के अवसरों को भी गति मिल सकती है। यदि भविष्य में इन्हें World Heritage List में स्थान मिलता है तो शेखावाटी राजस्थान के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय विरासत पर्यटन केंद्रों में और मजबूत पहचान बना सकेगा।

