कोटा। Medical Career Counselling Fair: नीट में मिले स्कोर और रैंक के आधार पर कौनसा सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेज मिल सकता है, एमबीबीएस में सीट नहीं मिलने पर कौनसे विकल्प बेहतर रहेंगे और विदेश से एमबीबीएस करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। विद्यार्थियों और अभिभावकों को इन सवालों के जवाब एक ही जगह पर मिल रहे हैं।
मोशन एजुकेशन और क्लिकएजु की ओर से दक्ष कैम्पस में आयोजित नि:शुल्क करियर काउंसलिंग फेयर ‘मेडीक्लिक’ में मेडिकल एजुकेशन से जुड़े विभिन्न विकल्पों पर विशेषज्ञ काउंसलर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। फेयर का समापन रविवार को होगा।
मोशन एजुकेशन के फाउंडर एवं एजुकेटर नितिन विजय ने बताया कि रविवार को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक विद्यार्थी फेयर में काउंसलिंग ले सकेंगे।
यहां नि:शुल्क करियर काउंसलिंग के साथ प्रोसेसिंग सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। विद्यार्थी अनुभवी काउंसलर्स से सीधे संवाद कर अपनी रैंक, स्कोर और करियर विकल्पों से जुड़े सवालों के जवाब पा रहे हैं।
फेयर का उद्घाटन नीट डिवीजन के हेड अमित वर्मा और अन्य सीनियर फेकल्टीज ने किया। उन्होंने बताया कि नीट रिजल्ट के बाद विद्यार्थियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने स्कोर और रैंक के आधार पर सही कॉलेज और कोर्स का चयन करना है।
मेडीक्लिक में विद्यार्थियों को नीट काउंसलिंग और कॉलेज प्रेडिक्टर के माध्यम से सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। काउंसलर्स विद्यार्थियों की रैंक, कैटेगरी और उपलब्ध विकल्पों के आधार पर कॉलेज चयन की प्रक्रिया समझा रहे हैं।
एमबीबीएस के अलावा बीडीएस, बीएएमएस और बीएचएमएस जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश की संभावनाओं और करियर विकल्पों जैसे फिजियोथेरेपी, नर्सिंग, फार्मेसी, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, मेडिकल कोडिंग, विभिन्न पैरामेडिकल आदि पाठ्यक्रमों की जानकारी दी जा रही है।
इसके अलावा बायोटेक्नोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी जैसे क्षेत्रों में उच्च शिक्षा, प्रवेश प्रक्रिया और करियर की संभावनाओं पर भी विद्यार्थियों को जानकारी मिल रही है।

