कच्चे तेल की धार तेज, RBI शुरू करेगा सरकारी तेल कंपनियों के लिए खास सुविधा

0
9

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शनिवार को कहा कि वह सार्वजनिक क्षेत्र की तीन ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) की संपूर्ण दैनिक डॉलर जरूरतों को पूरा करने के लिए सोमवार से एक विशेष सुविधा शुरू करेगा।

केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा बाजार में अनुशासन को मजबूत करने, उचित जोखिम प्रबंधन सुनिश्चित करने और एक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बाजार परिवेश बनाए रखने के लिए कई नियामकीय उपायों की भी घोषणा की।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया, जब लगातार भू-राजनीतिक और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच रुपये में गिरावट का रुख जारी है। घरेलू मुद्रा शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.71 के स्तर पर बंद हुई थी।

आरबीआई ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) के लिए इस विशेष विंडो की घोषणा की है।

इस सुविधा के तहत केंद्रीय बैंक नामित बैंकों के माध्यम से इन सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों को अमेरिकी डॉलर की बिक्री करेगा। यह व्यवस्था 12 अक्टूबर, 2026 (सोमवार) से प्रभावी होगी और अगले आदेश तक लागू रहेगी।

आरबीआई ने विदेशी मुद्रा बाजार में सट्टेबाजी रोकने और रुपये में स्थिरता लाने के लिए कुछ नियामकीय उपाय भी किए हैं। अगर किसी ग्राहक ने विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव का कोई सौदा एक बार रद्द कर दिया, तो बैंक उसे दोबारा बुक करने की अनुमति नहीं देंगे।

कच्चे तेल की कीमत में हाल में काफी तेजी आई है और यह पिछले कई दिनों से 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 0.42 फीसदी तेजी के साथ 104.7 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। हालांकि स्पॉट मार्केट में इसकी कीमत कहीं ज्यादा है। तीन दिन पहले इंडियन बास्केट की कीमत 121.1 डॉलर प्रति बैरल थी। भारत अपना 90 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है।