नई दिल्ली। अमेरिका एक तरफ भारत के साथ व्यापार वार्ता कर रहा है और दूसरी ओर भारतीय आयात पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की तैयारी में है। यूएस ट्रेड रिप्रजेंटेटिव के मुताबिक भारतीय आयात पर 12.5 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है। भारत के साथ-साथ 53 और देशों पर भी यह टैरिफ लगाया जा सकता है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिका और भारत के बीच नई दिल्ली में व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है।
यूएस ट्रेड रिप्रजेंटेटिव ने सेक्शन 301 के तहत की गई 60 जांचों के नतीजे जारी किए। इसके तहत भारत और 53 दूसरे देशों पर 10 से 12.5 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। इसमें कहा गया है कि भारत और 53 अन्य देशों के पास उन वस्तुओं के आयात को प्रतिबंधित करने या प्रभावी ढंग से रोकने के लिए पर्याप्त उपाय मौजूद नहीं हैं। आरोप है कि उन्हें जबरन श्रम का उपयोग करके बनाया गया है।
यूएस ट्रेड रिप्रजेंटेटिव की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि भारत फोर्स्ड लेबर यानी जबरदस्ती कराए गए श्रम से बने सामान के आयात पर रोक लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में नाकाम रहा है। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि इस रोक को लगाने और प्रभावी ढंग से लागू करने में यह नाकामी तर्कों से परे है और इससे अमेरिका के ट्रेड पर बोझ पड़ता है या वह बाधित होता है।
सेक्शन 301 अमेरिका के ट्रेड एक्ट, 1074 का एक हिस्सा है। असल में यह ट्रेड एनफोर्समेंट टूल है। यह अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि को विदेशी सरकारों के काम, नीतियों और तरीकों की जांच करने का अधिकार देता है। वे इस बात की जांच कर सकते हैं कि विदेशी सरकारों का काम, नीतियां और तरीके अनुचित या भेदभावपूर्ण हैं या नहीं। साथ ही वे अमेरिका के व्यापार को किस तरह प्रभावित करते हैं।
अगर जांच में पाया जाता है कि दूसरे देश अनुचित व्यापारिक तरीके अपना रहे हैं तो यह सेक्शन अमेरिका को संबंधित देश पर अतिरिक्त टैरिफ या व्यापार से जुड़े अन्य उपाय करने का अधिकार देता है। बुधवार को जारी रिपोर्ट से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बूस्ट मिलेगा। उन्होंने पिछले साल कई देशों पर टैरिफ लगाया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसे असंवैधानिक करार दे दिया था।
इन देशों पर है टैरिफ का दबाव: भारत के अलावा 53 और देश भी इस लिस्ट में शामिल हैं। इनमें अर्जेंटीना, बांग्लादेश, ब्राजील, कंबोडिया, चिली, चीन, कोलंबिया, मिस्र, हॉन्ग कॉन्ग, जापान, इराक, मलेशिया, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, रूस, सऊदी अरब, सिंगापुर, साउथ अफ्रीका, साउथ कोरिया, श्रीलंका, ताइवान, तुर्की, यूके, वेनेजुएला और वियतनाम शामिल हैं।

