नई दिल्ली। Wholesale Inflation Rate:भारत की थोक महंगाई दर (WPI) जुलाई 2026 में थोड़ी कम होकर 9.78% रही। जून में यह 9.87% थी। यानी थोक महंगाई में मामूली कमी आई है, लेकिन यह अब भी काफी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।
इन आंकड़ों के लिए 2022-23 को आधार वर्ष माना गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार जुलाई में सभी वस्तुओं का थोक मूल्य सूचकांक 110.0 रहा, जबकि जून में यह 110.2 था।
किन चीजों के दाम बढ़े?
- जुलाई में प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई बढ़कर 8.52% हो गई, जो जून में 7% थी। इसी तरह विनिर्मित उत्पादों की महंगाई भी 7.48% से बढ़कर 8.29% हो गई।
- ईंधन और ऊर्जा की महंगाई में कमी आई। जून में यह 27.41% थी, जो जुलाई में घटकर 20.05% रह गई। हालांकि, यह अभी भी काफी ऊंचे स्तर पर है।
- जुलाई में प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक 117.2, ईंधन और ऊर्जा का 105.4 और विनिर्मित उत्पादों का 108.4 रहा।
खाने-पीने की चीजों की महंगाई बढ़ी
जुलाई में खाद्य वस्तुओं की महंगाई में बढ़ोतरी हुई। डब्ल्यूपीआई फूड इंडेक्स की महंगाई दर 6.65% रही, जबकि जून में यह 6.14% थी। जुलाई में महंगाई बढ़ाने वाली प्रमुख चीजों में पेट्रोलियम उत्पाद, खाद्य वस्तुएं, बेसिक मेटल्स, गैर-खाद्य प्राथमिक वस्तुएं, खाद्य उत्पाद, रसायन और रासायनिक उत्पाद शामिल रहे।
मई की महंगाई के आंकड़ों में भी बदलाव
सरकार ने मई 2026 के थोक महंगाई के आंकड़ों में भी संशोधन किया है। मई का डब्ल्यूपीआई पहले 109.9 रहने का अनुमान था, जिसे अब बढ़ाकर 110.1 कर दिया गया है। इसके साथ ही मई की डब्ल्यूपीआई महंगाई दर भी 9.68% से बढ़कर 9.88% कर दी गई है। सरकार के मुताबिक, मई के अंतिम आंकड़े 98.14% वेटेड रिस्पॉन्स रेट के आधार पर तैयार किए गए हैं।

