नई दिल्ली। Stock Market Update : घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत मिलेजुले रुख के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में रियल्टी, बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में कमजोरी देखने को मिली, जबकि आईटी सेक्टर में खरीदारी का माहौल रहा।
सुबह 9:19 बजे तक सेंसेक्स 35.40 अंक (0.05%) की गिरावट के साथ 77,619.20 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी50 11.70 अंक (0.05%) की बढ़त के साथ 24,261.90 पर पहुंच गया।
निफ्टी50 में इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और विप्रो शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाले शेयर रहे। वहीं, व्यापक बाजार में दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.31 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी आईटी में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही और यह सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बना। इसके अलावा एफएमसीजी, फार्मा और ऑटो सेक्टर के शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली। दूसरी ओर, निफ्टी रियल्टी सबसे ज्यादा गिरावट वाला सेक्टर रहा, जबकि बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर भी दबाव बना रहा।
सेंसेक्स और निफ़्टी के लिए वैश्विक बाज़ारों के संकेत
- गिफ्ट निफ्टी
बाजार खुलने से पहले GIFT Nifty में गिरावट देखने को मिली। फ्यूचर्स 44 अंक फिसलकर 24,269 पर कारोबार कर रहे थे। ऐसे संकेत हैं कि घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत दबाव के साथ हो सकती है। - एशियाई बाजार
एशियाई शेयर बाजारों में गुरुवार को मिश्रित कारोबार देखने को मिला। जापान का Nikkei 225 करीब 2.3 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का Kospi लगभग 5.19 प्रतिशत तक गिर गया। वहीं, हांगकांग का Hang Seng भी 0.31 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा। - निवेशक प्रमुख वैश्विक टेक कंपनियों के तिमाही नतीजों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक के फैसले का असर बाजार पर आंक रहे हैं।
- अमेरिकी बाजार
अमेरिकी शेयर बाजारों में बुधवार को बिकवाली का दबाव देखने को मिला। Dow Jones Industrial Average में 2.19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो अप्रैल 2025 के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट रही। इसके अलावा S&P 500 में 1.5 प्रतिशत और Nasdaq Composite में 1.74 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। - सोना-चांदी में तेजी
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी बैठक में ब्याज दरों को 3.5 से 3.75 प्रतिशत के दायरे में स्थिर रखा। इसके बाद डॉलर इंडेक्स में कमजोरी आई, जिससे सोने और चांदी की कीमतों को समर्थन मिला। - एशियाई कारोबार में सोना और चांदी के वायदा भाव क्रमशः 1.2 प्रतिशत और 1.17 प्रतिशत तक मजबूत रहे। वहीं, फेड चेयर केविन वॉर्श ने कहा कि महंगाई को लक्ष्य स्तर तक लाना अभी भी केंद्रीय बैंक की प्राथमिकता बनी हुई है।
- कच्चे तेल में नरमी
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव की चिंताओं के बावजूद एशियाई कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली। जुलाई वायदा 89.70 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो करीब 1.15 प्रतिशत नीचे था।

