रबी सीजन में फसलों की बुवाई में 37% की गिरावट, सरसों-चना के रकबे में भारी कमी

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नई दिल्ली Rabi Crops: कम बारिश और अक्टूबर हीट की वजह से रबी सीजन की फसलों की बुवाई काफी सुस्त है। इस साल रबी सीजन की शुरुआती बुवाई में पिछले साल की तुलना में 37 प्रतिशत की भारी गिरावट देखने को मिल रही है। 23 अक्टूबर तक देशभर में केवल 17.78 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की बुवाई हो सकी है। जबकि पिछले साल इसी समय तक यह आंकड़ा 28.16 लाख हेक्टेयर था।

रबी सीजन प्रमुख तिलहन फसल सरसों की बुवाई पिछले साल के मुकाबले 38 फीसदी कम है। जबकि सीजन की मुख्य दलहन फसल चना के शुरुआती रकबे में 40 फीसदी की गिरावट देखी गई है।

कृषि मंत्रालय के ताजा बुवाई आंकड़ों के मुताबिक देशभर में 23 अक्टूबर तक कुल 18.02 लाख हेक्टेयर में रबी सीजन की फसलों की बुवाई हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक देश में रबी सीजन की फसलों का रकबा 28.26 लाख हेक्टेयर पहुंच गया था। यानी चालू सीजन में पिछले साल के मुकाबले फसलों की बुवाई 10.25 लाख हेक्टेयर कम हुई है।

बुवाई में इस बड़ी गिरावट की मुख्य कारण सरसों और चना की खेती का धीमा होना है। सर्दी में होने वाले धान की रोपाई भी पिछले साल के 2.13 लाख हेक्टेयर के मुकाबले इस बार केवल 1.02 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ही हुई।

सरसों के रकबे ने बढ़ाई चिंता
तिलहन फसलों की बुवाई पिछले साल के 21.34 लाख हेक्टेयर के मुकाबले इस साल 7.96 लाख हेक्टेयर गिरकर 13.38 लाख हेक्टेयर ही हो पायी। सीजन की प्रमुख फसल सरसों की बुवाई केवल 13.10 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले साल के 21.03 लाख हेक्टेयर से 38 प्रतिशत कम है। सरसों और चने के सबसे बड़े उत्पादक राज्य राजस्थान में स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 21 अक्टूबर तक राजस्थान में सरसों का रकबा 6 लाख हेक्टेयर तक भी नहीं पहुंच पाया था, जबकि पिछले साल यह 12 लाख हेक्टेयर था।

कृषि मामलों के जानकार पुखराज चोपड़ा कहते हैं कि अनुसार चालू रबी सीजन में भारतीय किसान गेहूं एवं मक्का का रकबा कुछ घटाकर सरसों और चना का क्षेत्रफल बढ़ाने का प्रयास कर सकते हैं। हालांकि शुरुआती चरण में सरसों की बुवाई की गति पिछले वर्ष से धीमी देखी जा रही है लेकिन जल्दी ही इसकी रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है। सरकारी एजेंसियों के पास सरसों का नगण्य स्टॉक बचा हुआ है और अगले मार्केटिंग सीजन में भी यदि भाव ऊंचा रहा तो उसे किसानों से इस महत्वपूर्ण तिलहन फसल की खरीद में कठिनाई हो सकती है।

चना की बुवाई 41 फीसदी कम
रबी सीजन की मुख्य दलहन फसल चना के बुवाई की भी धीमी शुरुआत हुई है। रबी सीजन 2026 की शुरुआत में भारत में चने की बुवाई में गिरावट देखी गई है। कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक चालू सीजन में अब तक चने का बिजाई क्षेत्र 2.21 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंच पाया है। यह पिछले साल की समान अवधि के क्षेत्रफल (3.77 लाख हेक्टेयर) के मुकाबले लगभग 41 प्रतिशत कम है। बुवाई में देरी की वजह अक्टूबर महीने में जरुरत से ज्यादा तापमान को माना जा रहा है।

सीजन की प्रमुख फसल गेहूं भी पिछड़ी
रबी सीजन की सबसे मुख्य फसल गेहूं की बुवाई भी अभी बेहद कम है। आंकड़ों के अनुसार, अब तक केवल 11,000 हेक्टेयर में गेहूं बोया गया है, जबकि पिछले साल यह 27,000 हेक्टेयर था। अधिकारियों के अनुसार, गेहूं की बुवाई का मुख्य समय एक नवंबर से शुरू होता है और लगभग दो महीने तक चलता है।

शुरुआत में मिट्टी में पर्याप्त नमी न होने और दिन का तापमान अधिक रहने के कारण बुवाई रुकी हुई थी। मौसम ठंडा होने और नमी बढ़ने पर इसमें तेजी आएगी। अधिकारियों का मानना है कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में सूखे के कारण इस साल गेहूं के कुल रकबे में कुछ गिरावट आ सकती है।