सऊदी पर हमले और रूस-यूक्रेन युद्ध से ब्रेंट 1% टूटकर भी 105 डॉलर के ऊपर

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नई दिल्ली। कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार, 13 अक्टूबर को गिरावट नजर आ रही है, इसके बावजूद बेंचमार्क क्रूड यानी ब्रेंट 105 डॉलर के ऊपर ट्रेड कर रहा है। रूस-यूक्रेन के बीच शांति स्थापित न होना और सऊदी अरब पर हूथियों के हमले को क्रूड की कीमतों में तेजी की वजह माना जा रहा है। सोमवार को ब्रेंट 106 डॉलर के स्तर को भी पार कर गया था। भू-राजनैतिक तनावों के चलते कच्चे तेल की कीमतों में फिलहाल नरमी के संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं।

दरअसल, पिछले हफ्ते में यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हुए हमलों की जिम्मेदारी ली थी। यह हमला रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ था। इसमें करीब 12 लोगों की मौत हो गई थी और 300 लोग घायल हो गए थे। इसके बाद मिसाइल और ड्रोन से भी हमले हुए जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता पैदा कर दी। इन हमलों ने संयुक्त राज्य अमेरिका पर भी सऊदी को और अधिक मदद देने का दबाव बनाया है।

कच्चे तेल की कीमतों और वेस्ट एशिया में लगी आग में घी डालने का काम रूस और यूक्रेन युद्ध ने किया है। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि दोनों ने देशों ने एक दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमले न करने के समझौते को मान लिया है। हालांकि, इस मामले पर दोनों ही देशों ने अलग बातें कही हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लोदोमीर जेलेंस्की ने दावा किया कि रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमले बंद नहीं किए हैं। नतीजतन ट्रंप के ऐलान पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। यूक्रेन ने भी बोला है कि वह रूस पर हमले जारी रखेगा।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस डीजल की सप्लाई बढ़ाएगा जिसके चलते एनर्जी सेक्टर पर थोड़ा दबाव कम हो सकता है। ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की जिसके बाद पुतिन ने उन्हें डीजल की सप्लाई बढ़ाने का आश्वासन दिया है।

दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट वाला ब्रेंट इस वक्त 1.11 फीसदी की गिरावट के साथ 105.47 बैरल प्रति डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, अमेरिका का वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 1.14 फीसदी बढ़कर 92.60 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। सोमवार को ब्रेंट 1.8 फीसदी बढ़कर 106.65 डॉलर पर और WTI 2 फीसदी चढ़कर 93.74 डॉलर पर बंद हुआ था। बात अगर भारतीय क्रूड बास्केट की करें, जिसमें अलग-अलग देशों का कच्चा तेल शामिल है तो वह 3.47 फीसदी की तेजी के साथ 121 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर निकल गया है।