नई दिल्ली। Stock Market Closed: घरेलू शेयर बाजार में गजब की तेजी दिखी है। मार्केट बंद के दौरान 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1109.10 अंक यानी कि 1.54 फीसदी बढ़त के साथ हरे निशान में 73,033.78 पर बंद हुआ। वहीं, 50 शेयरों निफ्टी 358.60 अंक यानी कि 1.60 फीसदी चढ़कर 22,721.95 पर बंद हुआ।
मार्केट बंद के दौरान सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 27 में तेजी और सिर्फ तीन शेयरों में गिरावट दिखी। इनमें टॉप गेनर एचसीएल टेक में 8.28 फीसदी की तेजी और टॉप लूजर कोटक महिंद्रा बैंक में 0.90 फीसदी की गिरावट दिखी। मार्केट की इस बढ़त में निवेशकों की संपत्ति में करीब 3 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इस बीच सेंसेक्स पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप बढ़कर अब 469 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
सेंसेक्स के टॉप गेनर्स और लूजर्स
| सेंसेक्स के टॉप गेनर्स | सेंसेक्स के टॉप लूजर्स |
| एचसीएल टेक (8.28%) | मारुति (0.60%) |
| टीसीएस (6.59%) | इटरनल (0.60%) |
| टेक महिंद्रा (4.90%) | कोटक महिंद्रा बैंक (0.90%) |
| इन्फोसिस (4.44%) | – |
| हिंदुस्तान यूनिलीवर (2.94%) | – |
निफ्टी के टॉप गेनर्स और लूजर्स
| निफ्टी के टॉप गेनर्स | निफ्टी के टॉप लूजर्स |
| एचसीएल टेक (8.42%) | कोटक महिंद्रा बैंक (0.99%) |
| टीसीएस (6.79%) | इटरनल (0.79%) |
| श्रीराम फाइनेंस (6.31%) | मारुति (0.62%) |
| टेक महिंद्रा (4.93%) | मैक्स हेल्थकेयर (0.57%) |
| इन्फोसिस (4.13%) | – |
IT शेयरों में खरीदारी और FM के बयान से जोश
बाजार में जोश भरने का काम IT शेयरों ने किया। निफ्टी IT इंडेक्स 5.22 फीसदी उछलकर बंद हुआ। इंडेक्स में शामिल सभी 10 शेयरों में तेजी रही, जिसमें HCL टेक 8.4 फीसदी की मजबूती के साथ टॉप गेनर रहा। TCS, टेक महिंद्रा और LTM में 4-6.5 फीसदी तक की तेजी रही। PL कैपिटल के चीफ बिजनेस ऑफिसर (एडवाइजरी एंड डीलिंग) विक्रम कसाट ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार में आज मजबूत रिकवरी देखने को मिली।
HCL टेक के नतीजों से बढ़े भरोसे के बीच IT शेयरों ने तेजी की अगुआई की। इससे सेंसेक्स और निफ्टी करीब 1.2 फीसदी चढ़े। निफ्टी IT में तेजी बताती है कि निवेशक उन कंपनियों में चुनिंदा खरीदारी कर रहे हैं, जिनकी आगे की कमाई को लेकर तस्वीर साफ है। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि दोपहर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान से घरेलू बाजार का भरोसा और बढ़ा।
उन्होंने कहा कि सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स यानी LTCG टैक्स हटाने की मांग पर आने वाले सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी। इससे पहले बाजार के जानकारों ने विदेशी निवेश की वापसी को बढ़ावा देने के लिए यह टैक्स हटाने की मांग की थी। हालांकि, वित्त मंत्री के बयान में नीति बदलने का ऐलान नहीं था। फिर भी इससे निवेशकों के बीच उम्मीद बढ़ी कि उनकी चिंता बने इस टैक्स पर सरकार दोबारा विचार कर सकती है।

