कोटा। भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में 30 सितंबर को इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम, नई दिल्ली में अखिल भारतीय महिला कार्यकर्ता सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण वर्ष’ के उपलक्ष्य में आयोजित इस सम्मेलन में देशभर से हज़ारों महिला किसान और कार्यकर्ता भाग लेने के लिए दिल्ली पहुँच रही हैं।
भारतीय किसान संघ की प्रदेश महिला प्रमुख रमा शर्मा ‘निर्भीक’ ने बताया कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन को लेकर प्रदेश की महिला किसानों में भारी उत्साह है। चित्तौड़ प्रांत की प्रांत महिला प्रमुख रजनी नागर के नेतृत्व में प्रान्त के 16 जिलों से लगभग 500 महिलाएँ सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हो चुकी हैं। वहीं संभाग महिला प्रमुख संतोष नागर एवं जिला महिला प्रमुख मधु नागर ने बताया कि हाड़ौती क्षेत्र से भी महिला कार्यकर्ताओं की एक विशेष बस को दिल्ली के लिए रवाना किया गया है।
सम्मेलन की महत्ता को रेखांकित करते हुए प्रदेश महिला प्रमुख रमा शर्मा ने बताया कि सम्मेलन में कोटा कृषि विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. विमला डूंकवाल भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगी। देश के विभिन्न हिस्सों से आ रही विदुषी महिलाएँ और किसान नेत्री इस मंच से महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखेंगी।
महिला किसानों की चुनौतियों पर होगी व्यापक चर्चा
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचान दिलाना और उनके अधिकारों को सशक्त बनाना है। सम्मेलन के दौरान महिला किसानों के समक्ष आने वाली दैनिक चुनौतियों, कृषि पद्धतियों में उनकी भागीदारी, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, तथा महिला स्वावलंबन जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा।
’सशक्त किसान, समृद्ध भारत’ का संकल्प
भारतीय किसान संघ की प्रांत महिला प्रमुख रजनी नागर ने बताया कि ‘किसान महिला देश की अन्नदाता और राष्ट्र की शक्ति है’। जब किसान महिला शिक्षित और सशक्त होगी, तभी देश का कृषि क्षेत्र समृद्ध होगा। इस सम्मेलन के माध्यम से महिला किसानों के अधिकारों की रक्षा, कृषि में उनकी बराबरी की भागीदारी और उन्हें समाज में उचित सम्मान एवं सुरक्षा दिलाने का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।

