मोशन एजुकेशन के स्टूडेंट्स ने जाने साइबर अपराध से बचाव के तरीके

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कोटा। Cyber ​​Security Awareness Session: मोशन एजुकेशन के द्रोणा-कैम्पस में शुक्रवार शाम साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस सेशन का आयोजन किया गया। सेशन में प्रशिक्षु आईपीएस सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बढ़ते मामलों, ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों और डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि तकनीक का इस्तेमाल करते समय सतर्कता और जागरूकता को अपनी आदत का हिस्सा बनाएं।

सेशन के दौरान सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने कहा कि आज इंटरनेट और डिजिटल तकनीक हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। पढ़ाई, बैंकिंग, खरीदारी, सोशल मीडिया और मनोरंजन से लेकर कई जरूरी काम ऑनलाइन हो रहे हैं। ऐसे में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विशेषज्ञों का विषय नहीं है, बल्कि प्रत्येक इंटरनेट यूजर के लिए जरूरी है।

उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों के बारे में समझाया। साइबर अपराधी लोगों को फोन कॉल, मैसेज, ई-मेल, सोशल मीडिया और फर्जी वेबसाइट के जरिए अपने जाल में फंसाते हैं। कई मामलों में ठग खुद को बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी, सरकारी अधिकारी या किसी प्रतिष्ठित संस्था का प्रतिनिधि बताकर व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं।

विद्यार्थियों को विशेष रूप से ओटीपी, पासवर्ड, एटीएम या डेबिट-क्रेडिट कार्ड की जानकारी और अन्य संवेदनशील विवरण किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई। प्रशिक्षु आईपीएस ने कहा कि बैंक या कोई जिम्मेदार सरकारी संस्था फोन पर ओटीपी अथवा गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा करने के लिए नहीं कहती। इसलिए इस तरह के फोन या मैसेज मिलने पर जल्दबाजी में कोई कदम उठाने के बजाय उसकी सत्यता की जांच करनी चाहिए।

सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी विद्यार्थियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जरूरत से ज्यादा व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से साइबर अपराधियों को किसी व्यक्ति को निशाना बनाने में मदद मिल सकती है। विद्यार्थियों से मजबूत पासवर्ड रखने, अलग-अलग खातों के लिए अलग पासवर्ड इस्तेमाल करने और उपलब्ध होने पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसी सुरक्षा सुविधाओं का इस्तेमाल करने को कहा गया।

पुलिस उप अधीक्षक अमर सिंह ने सेशन में साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के महत्व पर जोर दिया गया। विद्यार्थियों को बताया कि ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर घबराने या चुप रहने के बजाय तत्काल संबंधित माध्यमों से शिकायत करनी चाहिए। जितनी जल्दी घटना की सूचना दी जाएगी, उतनी ही जल्दी रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने और मामले की जांच शुरू करने की संभावना बढ़ सकती है।

विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार और दोस्तों को भी साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक करें। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और संस्थान से जुड़े सदस्यों ने भाग लिया। सेशन के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर अपराध से जुड़े सवाल पूछे और पुलिस अधिकारियों से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी ली।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान व्यक्ति से ऑनलाइन बातचीत करने या वित्तीय जानकारी साझा करने से पहले पूरी सावधानी बरतें।