क्या बड़ी दूधिका यानी अस्थमा प्लांट से क्या अस्थमा ठीक हो सकता है, जानिए

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Asthma Plant: यूफोर्बिया हिरटा, जिसे कुछ जगहों पर बड़ी दूधिका या बड़ी दूधी जैसे नामों से भी जाना जाता है। पारंपरिक इलाज में इसका इस्तेमाल खांसी, सांस लेने में परेशानी, ब्रोंकाइटिस और पेट से जुड़ी दिक्कतों में किया जाता रहा है। यही वजह है कि इसे कई जगहों पर अस्थमा प्लांट भी कहा जाता है। आइए जानते हैं इस पौधे की पहचान, इसमें पाए जाने वाले खास तत्व और इसके फायदों के बारे में।

इस पौधे का इस्तेमाल पारंपरिक इलाज में अस्थमा और सांस से जुड़ी कुछ परेशानियों के लिए किया जाता रहा है। इसके कुछ गुण सांस से जुड़ी परेशानी में राहत देने में मदद कर सकते हैं। लेकिन यहां एक जरूरी बात समझना बहुत जरूरी है। यह पौधा अस्थमा की पक्की दवा नहीं है, इसलिए इसे इलाज का विकल्प मानना सही नहीं है।

पारंपरिक तरीके से इस पौधे का इस्तेमाल खांसी और सांस की परेशानी के साथ सीने में कफ जमा होने या भारीपन महसूस होने पर भी किया जाता है। इसकी पत्तियों से बनी चाय सर्दी-खांसी में राहत दिला सकती है।

अस्थमा प्लांट का इस्तेमाल सिर्फ सांस से जुड़ी परेशानियों तक सीमित नहीं है। पारंपरिक चिकित्सा में इसे पेट दर्द, दस्त और पाचन से जुड़ी कुछ परेशानियों में भी इस्तेमाल किया जाता है।

सोशल मीडिया या घरेलू नुस्खों में इस पौधे से चाय या काढ़ा बनाने की बातें मिल सकती हैं। लेकिन सिर्फ इंटरनेट पर देखकर इसे बनाकर पीना सही नहीं है। पौधे की सही पहचान, मात्रा और इस्तेमाल का तरीका बहुत जरूरी है।

नोट: अगर किसी को बार-बार सांस फूलना, सीने में जकड़न या सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आती है, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है। खासकर अगर पहले से अस्थमा की दवा चल रही है, तो उसे छोड़कर किसी जड़ी-बूटी का इस्तेमाल शुरू नहीं करना चाहिए।