इंदौर। हालांकि पिछले साल की तुलना में मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर सोयाबीन का सकल उत्पादन क्षेत्र 122.76 लाख हेक्टेयर से 1.41 लाख हेक्टेयर घटकर 121.35 लाख हेक्टेयर रह गया लेकिन प्रमुख उत्पादक राज्यों में फसल की प्रगति निर्बाध ढंग से हो रही है और अधिकांश इलाकों में इसकी हालत अच्छी बताई जा रही है।
मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान सोयाबीन के तीन शीर्ष उत्पादक प्रान्त हैं जबकि कर्नाटक, गुजरात, तेलंगाना एवं छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी इसकी अच्छी खेती होती है। महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं तेलंगाना जैसे राज्यों के कुछ भागों में बारिश कम हुई है मगर मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं गुजरात में वर्षा की स्थिति अपेक्षाकृत अच्छी है।
सोयाबीन का घरेलू बाजार भाव अब भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊंचा चल रहा है। मध्य सितम्बर से उस फसल की कटाई-तैयारी आरंभ हो सकती है जिसकी अगैती बिजाई हुई थी। अक्टूबर से इसके नए माल की जोरदार आवक शुरू होने की संभावना है।
सोयाबीन का निर्यात ऑफर मूल्य ऊंचा एवं गैर प्रतिस्पर्धी होने से इसका शिपमेंट प्रभावित हो रहा है। ब्राजील में पहले ही सोयाबीन का उत्पादन उछलकर सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच चुका है और अगले महीने से वहां इसकी बिजाई शुरू होने वाली है। अमरीका में शानदार उत्पादन होने के संकेत मिल रहे हैं। सोया तेल का भाव आगे कुछ सुधरने के आसार हैं।

