NEET पेपर लीक केस पर सुप्रीम कोर्ट में NTA का हलफनामा, बताया प्लान

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नई दिल्ली। देशभर में लाखों छात्रों की जिंदगी तय करने वाली परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर पिछले कुछ समय से लगातार सवाल उठ रहे हैं। खासकर NEET पेपर लीक विवाद के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच गुस्सा और चिंता दोनों बढ़ी थीं।

अब इसी मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि वह परीक्षाओं की ईमानदारी, पारदर्शिता और भरोसे को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

एजेंसी ने अदालत को बताया कि NEET समेत उसके अधीन होने वाली सभी परीक्षाओं की सुरक्षा मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर सुधार किए जा रहे हैं। NTA के मुताबिक शिक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर परीक्षा सिस्टम की कमजोरियों को दूर करने पर लगातार काम चल रहा है।

NTA ने कहा कि सुधार सिर्फ परीक्षा केंद्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे एग्जाम साइकल को कवर करते हैं। यानी प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर उसे पहुंचाने, परीक्षा कराने, निगरानी करने, कॉपी जांचने और रिजल्ट जारी करने तक हर स्तर पर सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।

एजेंसी के मुताबिक परीक्षा से पहले पेपर सुरक्षा और ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। परीक्षा के दौरान निगरानी और टेक्नोलॉजी आधारित मॉनिटरिंग बढ़ाई जा रही है, जबकि परीक्षा के बाद मूल्यांकन और रिजल्ट प्रोसेस में भी ज्यादा सख्ती लाई जा रही है।

NTA ने अपने हलफनामे में कहा कि राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों को तय समयसीमा के भीतर लागू किया जा रहा है। एजेंसी के अनुसार इन सुधारों का मकसद परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित बनाना और पेपर लीक या गड़बड़ी जैसी घटनाओं की संभावना को कम करना है।

हलफनामे में यह भी बताया गया कि 17 अप्रैल को हुई एक हाई लेवल बैठक में परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान और परीक्षा खत्म होने के बाद अपनाए जाने वाले कई अहम सुरक्षा उपाय सुझाए गए थे। इन उपायों को अब लागू किया जा रहा है या फिर कई सिफारिशें लागू होने के आखिरी चरण में हैं।

NTA ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में हर साल लाखों छात्र शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया का निष्पक्ष और भरोसेमंद होना बेहद जरूरी है। एजेंसी का कहना है कि छात्रों का भरोसा बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हलफनामे में यह भी कहा गया कि विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर सिस्टम की लगातार समीक्षा की जा रही है और जरूरत पड़ने पर नए सुरक्षा प्रोटोकॉल भी जोड़े जा रहे हैं।

पेपर लीक विवाद के बाद बढ़ा दबाव
हाल के महीनों में कई परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोपों ने पूरे देश में बहस छेड़ दी थी। विपक्षी दलों से लेकर छात्रों तक ने परीक्षा सिस्टम में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की मांग उठाई थी। इसी दबाव के बीच अब NTA का यह हलफनामा काफी अहम माना जा रहा है। एजेंसी ने साफ कहा है कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाना सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि लगातार चलने वाला अभियान है।

NTA ने यह भी बताया कि शिक्षा मंत्रालय और दूसरी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाया गया है ताकि किसी भी तरह की लापरवाही या तकनीकी कमजोरी को समय रहते पकड़ा जा सके। एजेंसी का दावा है कि आने वाले समय में परीक्षाओं के संचालन में ज्यादा आधुनिक तकनीक, डिजिटल निगरानी और सख्त सुरक्षा प्रबंधन देखने को मिलेगा। इससे परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी।