Saturday, July 11, 2026
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कॉलेजों में स्टूडेंट्स एप से सीखेंगे अंग्रेजी बोलना और समझना

कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय की ओर से ‘ऊपर एप’ किया लांच

कोटा। गवर्नमेंट कॉलेजों में स्टूडेंट्स को अंग्रेजी बोलने, समझने और इंटरव्यू से लेकर पर्सनल स्किल के लिए कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने पहली बार ‘ऊपर’ नामक एंड्रायड एप लाॅन्च किया है। शहर के जेडीबी, कॉमर्स और गवर्नमेंट कॉलेज समेत प्रदेश के 126 कॉलेज के स्टूडेंट्स को इसमें शामिल किया है।

प्रत्येक कॉलेज में से दो स्टूडेंट्स दो कॉलेज एम्बेसडर बनाए गए हैं। जिनके मोबाइल में ये एप इंस्टाॅल हो चुका हैं। वो अपने क्लासमेट को इस एप की पूरी जानकारी देने में सहयोग करेंगे। इस एप में इन्हें इंग्लिश टेन्स से लेकर उनकी वर्तनी, शुद्धिकरण और उसके अभ्यास की भी इसमें पूरी जानकारियां उपलब्ध होंगी।

पहली बार इस एप को लेकर 14 नवंबर को जयपुर में कैंपस एम्बेसडर कॉनक्लेव आयोजित किया जाएगा। राज्य स्तर पर होने वाले इस आयोजन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 10 टॉपर स्टूडेंट्स को सम्मानित भी किया जाएगा।

गवर्नमेंट कॉमर्स कॉलेज इंग्लिश लेक्चरर डॉ. सीमा राठौर ने बताया कि यह इंटरनेशनल एप है, जिसे इंस्टॉल करने पर 1500 रुपए का चार्ज लगता है, लेकिन इसे कॉलेज के रेगुलर स्टूडेंट्स के लिए निशुल्क रखा गया है।

फ्री डाउनलोड होगा
कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय की ओर से पहली बार uper नामक एंड्रायड एप लांच किया गया है। स्टूडेंट्स के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। कॉलेज के रेगुलर स्टूडेंट्स के लिए यह फ्री डाउनलोड होगा।
-डॉ. रीता गुलाटी, जेडीबी गर्ल्स साइंस कॉलेज

कोटा से इनका किया सलेक्शन : कॉलेजशिक्षा आयुक्तालय की ओर से तीनों कॉलेज से कैंपस ब्रांड एम्बेसडर का सलेक्शन किया गया है।

इनमें गवर्नमेंट कॉलेज से अभिषेक यादव, राकेश, गवर्नमेंट कॉमर्स कॉलेज से तरुण सुमन, (लेक्चरर डॉ. सीमा राठौर का भी नाम कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय की ओर से जारी सूची में हैं) और इनके अलावा जेडीबी से अनिता कुमारी सुमन और अनूप यादव का सलेक्शन किया है।

कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय की ओर से इसके लिए हैलो एजेंसी प्रीमियम कार्य कर रही है। इस एप के रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का इंग्लिश एजेंसी द्वारा वेरीफिकेशन किया जाएगा। संबंधित स्टूडेंट्स को अपने फॉर्म uper@helloenglish.com पर 10 नवंबर तक भिजवाने होंगे।

फल सब्जी मंडी में 348 भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू

थोक फल सब्जी मंडी के लिए लाइसेंस बनाने के लिए भी प्रस्ताव भेजने का निर्णय

कोटा। लंबे समय बाद थोक फल सब्जीमंडी के बोर्ड की बैठक मंगलवार को हुई। इसमें दुकानों के आंवटन के मामले में बहस भी हुई और अंत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाए।

वहीं बैठक में नए लाइसेंस बनाने के लिए भी निदेशक का प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी।  चंद्रेसल में मंडी स्थानांतरण के मामले में भूमि चयन समिति की बैठक करवाने का प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी।

बैठक चेयरमैन ओम मालव की अध्यक्षता में हुई। इसमें 10 डायरेक्टर अशोक अग्रवाल, नंदलाल मीणा, चंद्रप्रकाश, शंकर बुधवानी, भीमराज सहित अन्य मौजूद थे। इनके अलावा मंडी सचिव डॉ. हेमलता और महापौर महेश विजय भी शामिल हुए। अशोक अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने सरकार द्वारा 348 भूखंडों के मुद्दे को उठाया।

उनका कहना है कि चेयरमैन डायरेक्टरों को गुमराह कर रहे थे। उन्हें आदेश दिखाए गए। महापौर महेश विजय ने भी कहा कि जब सरकार ने आदेश किए हुए हैं तो देरी किस बात की। अन्य डायरेक्टर भी इसके लिए तैयार थे। मालव ने बताया कि सब डायरेक्टरों के प्रस्ताव के बाद यह तय हुआ कि इसकी प्रक्रिया शुरू की जाए।

मालव ने कहा कि 2010 में लोगों ने आवेदन किए थे। अब इनकी जांच होगी कि कौन सही है और कौन गलत है। इसके लिए 15 नवंबर से 15 दिसंबर तक पूरे आवेदन की जांच के आदेश दे दिए हैं। उसके बाद पात्र लोगों को ही लॉटरी में ही शामिल किया जाएगा।

नए लाइसेंस 2008 से ही बंद हैं, इसके लिए भी प्रस्ताव बनाकर निदेशक को भेजा जाएगा। मंडी को चंद्रेसल में स्थानांतरण के मामले को भी सदन में उठाया गया। इसके लिए भूमि चयन समिति की बैठक करने के लिए डायरेक्टर को पत्र लिखा जाएगा। सफाई, पानी के मामले में भी चर्चा की गई। इसमें यार्ड नंबर एक में ट्यूबवैल लगाने पर सहमति बनी।

जीएसटी मुआवजा राशि पर राज्य सरकार वित्त मंत्रालय के बीच विवाद

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  • राजस्थान का टैक्स सिस्टम था विवाद की वजह
  • राज्य सरकार ने 1205 करोड़ का मुआवजा मांगा
  • वित्त मंत्रालय ने बोला 750 करोड़ ले लो, प्रदेश के वित्त विभाग के अफसर अड़े
  • वित्त मंत्री अरुण जेटली की दखल के बाद निपटा मामला

जयपुर। जीएसटी में मुआवजे की पहली किश्त को लेकर ही राज्य सरकार वित्त मंत्रालय के बीच तनातनी हो गई। जीएसटी लागू होने के बाद प्रदेश में जुलाई-अगस्त के महीने में टैक्स कलेक्शन में आई कमी की भरपाई के लिए जीएसटी कंपनसेशन लॉ के तहत केंद्र से 1205 करोड़ रुपए की मांग की।

वित्त मंत्रालय ने इस पर आपत्ति जताते हुआ कहा कि राज्य सरकार ने टैक्स कलेक्शन के जो आंकड़े पेश किए हैं उनमें कुछ गड़बड़ है क्योंकि जून के मुकाबले जुलाई के टैक्स कलेक्शन में करीब 400 करोड़ रुपए की गिरावट दिखाई गई थी।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि जब तक मामला सुलझ नहीं जाता तब तक के लिए 750 करोड़ रुपए अंतरिम मुआवजे के रूप में जारी कर देगा। लेकिन प्रदेश के वित्त विभाग के अफसरों ने इस राशि को लेने से मना कर दिया।

वित्त विभाग ने कहा कि या तो वह पूरा मुआवजा लेंगे या फिर कुछ भी नहीं। इसके बाद मामला वित्त सचिव से होता हुआ वित्त मंत्री अरुण जेटली तक जा पहुंचा। उनके दखल के बाद प्रदेश को 1205 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि जारी की जा सकी।

सितंबर-अक्टूबर के लिए 760 करोड़ का मुआवजा तय : राज्य सरकार ने सितंबर-अक्टूबर के लिए जीएसटी कंपनसेशन के रूप में 760 करोड़ रुपए का मुआवजा तय किया है।

टैक्स घटने के बाद भी सरकार को फायदा : जीएसटी में टैक्स कलेक्शन घटने के बाद भी राज्य सरकार को रेवेन्यू कलेक्शन में अच्छा खासा फायदा मिला है। इसकी वजह यह है कि प्रदेश में पिछले दो सालों में टैक्स कलेक्शन की ग्रोथ रेट 10 से 11 प्रतिशत तक रही है, जबकि जीएसटी कंपनसेशन लॉ में यह ग्रोथ रेट 14 प्रतिशत ली गई है।

विवाद की वजह राजस्थान का टैक्स कलेक्शन सिस्टम था। जीएसटी लागू होने से पहले प्रदेश में टैक्स कलेक्शन सिस्टम साप्ताहिक आधार पर होता था। जबकि अन्य सभी राज्यों में महीने के आधार पर टैक्स कलेक्शन किया जाता था। इसके चलते प्रदेश में जुलाई के टैक्स का काफी हिस्सा जून में ही कलेक्ट हो गया। इसलिए जुलाई का टैक्स कलेक्शन कम हुआ।

ऐसे तय हुआ मुआवजा : जुलाई में राज्य सरकार को 793 करोड़ रुपए एसजीएसटी, 408 करोड़ रुपए आईजीएसटी के मिले। वहीं अगस्त में 569 करोड़ रुपए एसजीएसटी 760 करोड़ रुपए आईजीएसटी के मिले। कंपनसेशन लॉ के तहत हर दो महीने में टैक्स कलेक्शन के आंकड़ों से मुआवजा तय होता है।

इसके लिए बेस ईयर 2015-16 को लिया गया है। इस बेस ईयर में हर साल 14प्रतिशत ग्रोथ रेट के हिसाब से टैक्स टारगेट तय हुआ। जुलाई-अगस्त 2017 के लिए टैक्स टारगेट 3817 करोड़ रुपए रखा गया।

लेकिन 230 करोड़ रुपए का पुराना वैट मिलाकर राज्य सरकार का टैक्स कलेक्शन लगभग 2600 करोड़ रुपए रहा। सरकार टैक्स टारगेट से ~1200 करोड़ पीछे रही। लॉ के मुताबिक टैक्स टारगेट से कम रहने पर वित्त मंत्रालय इसकी भरपाई करता है।

दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश छुएगा नई ऊचाइयां – पशुपालन मंत्री

जयपुर। सहकारिता एवं पशुपालन मंत्री अजय सिंह किलक ने कहा कि राजस्थान के किसान ग्राम-2017 में संकल्प लेकर जाये कि वह डेयरी की नवीन तकनीको को अपनाकर दुग्ध उत्पादन  के क्षेत्र में प्रदेश को नई ऊचाइयों पर लेकर जायेगें।

महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय उदयपुर में आयोेजित ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट में सहकारिता एवं पशुपालन मंत्री ने डेयरी एवं ग्रामीण महिला विकास विषय की जाजम बैठक में किसानों की समस्याओं को सुनने एवं निराकरण करने के लिए किसानों से की वार्ता।

उन्होंने डेयरी के विकास के बारे में बताते हुए कहा कि राज्य में लगभग 15 हजार दुग्ध समितिया है जिसमें 5 हजार समितियां सिर्फ महिलाओं द्वारा संचालित है। उन्होनें कहा कि डेयरी क्षेत्र में बहुत संभावनाएं है।

इस क्षेत्र मे नवीन तकनीक विकसित हुई है जिन्हे महिलाओ को समझाकर उन्हे डेयरी क्षेत्र में आगे बढावा देना चाहिये। उन्होनें बहरोड क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि सरकार द्वारा कॉऑपरेटिव बैंक की सहायता से ज्वाईंट लाईबिलिटी ग्रुप बनाकर दिया जा रहा है।

इस क्षेत्र में महिलाओं को डेयरी से जुडनें पर लोन दिया गया जिससे उन्होंने पशु खरीदे, बैंक में खाता खुलवाया और दुध बेचकर अच्छी आमदनी आने से इन्हें आर्थिक आजादी एवं नया उत्साह मिला है।

किलक ने बताया कि प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा दुग्ध उत्पादन के लिए 5 लाख का दुर्घटना बीमा अभी दिया जा रहा है जिसे भविष्य में और बढानें के लिए राज्य सरकार की मंशा है।

  राज्य सरकार की योजना है अच्छे दुध उत्पादकों से कम से कम 40 रूपये में दुध खरीदा जायेगा। ऎसे उत्पादकों की बेटियों को आर्थिक सहायता दी जायेगी एवं 60 वर्ष की आयु के किसानों के लिए पेंशन की सुविधा भी सरकार देगी।

किलक ने बताया की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की मंशा है कि भविष्य में 10-15 ग्राम पंचायतों पर एक ग्राम सेवा सहकारी समिति का निर्माण किया जाए जहां पर फसल की सही मूल्यों पर खरीद की जा सके। 

उन्होनें बताया कि राज्य सरकार किसानों के विकास एवं खुशहाली के लिए प्रतिबद्व है। किलक ने कहा किसानों को दया नहीं संबल चाहिए इसलिए अब सरकार द्वारा भूमि विकास बैंक से किसानों को 10 लाख रूपये तक का बैंक ऋण दिया जा रहा है। 

इस अवसर पर डॉ प्रकाश पंवार डॉ गायत्री तिवारी, डॉ लतिका व्यास, डॉ रेणु मोगरा एवं डॉ शशि जैन ने दुग्ध उत्पादन एवं ग्रामीण महिलाओं से संबधित समस्याएं सुनी एवं  समाधान दिए।

सोयाबीन, उड़द और लहसुन में गिरावट, धनिया 100 रुपए तेज

कोटा।  भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को धनिया 100 रुपए प्रति क्विंटल तेज रहा। सोयाबीन 25 उडद 200 लहसुन 200 रुपए प्रति क्विंटल मन्दा रहा। गेहूं मिल 1550 से 1575 लोकवान  1600 से 1700 पीडी  1650 से 1700 टुकडी 1600 से 1750 रुपए प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा  2000 से 2350 पूसा-1 2200 से 2600 पूसा-4  (1121) 2000 से 3100 धान (1509) 2000 से 2700  सोयाबीन 2200 से 2675 सरसो 3200 से 3500 तिल्ली  5000 से 6600 रुपए प्रति क्विंटल।

मैथी 2000 से 2600 धनिया  बादामी  3400 से 3850 ईगल 3600 से  4000 रंगदार 4000 से 5000  रुपए प्रति क्विंटल। मूंग  3500 से 3800 उडद  2400 से 3800 चना 4000 से 4700 चना काबुली 7000 से 10500 रुपए प्रति क्विंटल।

चना पेपसी 4500 से 4800 चना  मौसमी  4500 से 5000 मसूर 3000 से 3300 रुपए प्रति क्विंटल। ग्वार  2500 से 3050 मक्का नई 800 से 1200 जौ 1100 से  1200 ज्वार 1300 से 2000 रुपए प्रति क्विंटल।

 लहसुन 800 से 3500 रुपए प्रति क्विंटल। लहसुन की आवक 5000 हजार कट्टे की रही । माल की कुल आवक1लाख15 हजारबोरी की रहीं ।धान की आवक 65 हजार बोरी की रहीं ।

वोडाफोन नेटवर्क पर अब पोर्टिंग का मौका

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जयपुर। वोडाफोन इण्डिया ने ऐलान किया है कि राजस्थान में रिलायन्स कम्युनिकेशन्स के उपभोक्ता अब पोर्ट-आउट रिक्वेस्ट द्वारा वोडाफोन नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकते हैं।

नेटवर्क शटडाउन की समस्याओं से जूझ रहे उपभोक्ताओं के लिए पोर्टिंग और कनेक्टिविटी को सुगम बनाने के प्रयास में वोडाफोन ने यह ऐलान किया है। एमएनपी से जुड़ी जानकारी या सहायता के लिए उपभोक्ता किसी भी फोन से 1800 1234567 पर टोल-फ्री कॉल कर सकते हैं।

वोडाफोन नेटवर्क पर आने वाले उपभोक्ता वोडाफोन के किफ़ायती और आकर्षक डेटा एवं वॉइस ऑफर्स का लाभ ले सकते हैं। इस मौके पर वोडाफोन इण्डिया में राजस्थान के बिजनेस हैड अमित बेदी ने कहा, ‘‘ उत्कृष्ट नेटवर्क एवं किफ़ायती सेवाओं के प्रयास में हम राजस्थान में नेटवर्क शटडाउन से जूझ रहे वोडाफोन उपभोक्ताओं के लिए यह अनूठा ऑफर लेकर आए हैं।

राजस्थान के 7 जिलों में नौ नई तहसीलों का गठन

जयपुर। राज्य सरकार द्वारा अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कर 7 जिलों की तहसीलों का पुनर्गठन एवं 9 नवीन तहसीलों का गठन किया गया है।

अधिसूचना के अनुसार श्रीगंगानगर जिले की तहसील घड़साना का पुनर्गठन करते हुए उप तहसील रावला को क्रमोन्नत कर नवीन तहसील रावला का गठन किया गया है। इसी प्रकार झालावाड़ जिले में दो नवीन तहसीलों का सृजन किया गया है।

जिले की तहसील झालरापाटन का पुनर्गठन करते हुए उप तहसील बकानी को क्रमोन्नत कर नवीन तहसील बकानी का सृजन किया गया है एवं तहसील पिड़ावा का पुनर्गठन करते हुए उप तहसील सुनेल को क्रमोन्नत कर नवीन तहसील बनाया गया है।

जिला बाड़मेर की चौहटन व सेड़वा तहसील का पुनर्गठन कर नई तहसील धनाउ का गठन किया गया है। इसी प्रकार दौसा जिले की महवा एवं बसवा तहसीलों का पुनर्गठन कर उप तहसील मण्डावर को क्रमोन्नत कर नई तहसील मण्डावर का सृजन किया गया है।

जोधपुर जिले की तहसील बाप, तिंवरी, बावड़ी, ओसियां, फलोदी, व लोहावट का पुनर्गठन करते हुए नवीन तहसील बापिणी का सृजन किया गया है एवं नवसृजित तहसील बापिणी में से एक भू अभिलेख निरीक्षक मण्डल चाडी को विलोपित किया गया है।

जोधपुर जिले की ही तहसील शेरगढ़ एवं लोहागढ़ का भी पुनर्गठन किया गया है और नवीन तहसील देचू का गठन किया गया है। बीकानेर जिले की तहसील कोलायत का पुनर्गठन करते हुए उप तहसील बज्जू को क्रमोन्नत कर नवीन तहसील बनाया गया है। 

उदयपुर की तहसील वल्लभनगर का पुनर्गठन करते हुए उप तहसील भीण्डर को क्रमोन्नत कर नई तहसील बनाया गया है एवं उप तहसील कानोड को यथावत रखते हुए नई तहसील भीण्डर में ही शामिल कर लिया गया है।

साथ ही भू अभिलेख निरीक्षक वृत्त खेरोदा, बाठरडा कला एवं मेनार को भी पुनर्गठित किया गया है एवं नवगठित बाठरडा कला एवं मेनार को तहसील वल्लभनगर एवं खेरोदा को तहसील भीण्डर में समाहित किया गया है।

सेंसेक्स 360 और निफ्टी 101 अंक की गिरावट के साथ बंद

नई दिल्ली । मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुआ है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 360 अंक की गिरावट के साथ 33370 के स्तर पर और निफ्टी 101 अंक की गिरावट के साथ 10350 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप इंडेक्स में 1.61 फीसदऔर स्मॉलकैप में 1.73 फीसद की कमजोरी देखने को मिली है।

सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो आईटी को छोड़ सभी सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर बंद हुआ है। सबसे ज्यादा बिकवाली फार्मा (4.29 फीसद) शेयर्स में देखने को मिली है। बैंक (1.06 फीसद), ऑटो (1.15 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (1.06 फीसद), एफएमसीजी (0.24 फीसद), मेटल (1.68 फीसद) और रियल्टी (2.25 फीसद) की कमजोरी देखने को मिली है।

दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 13 हरे निशान में और 37 गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुआ है। सबसे ज्यादा तेजी एचसीएलटेक, हिंदपेट्रो, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और टीसीएस के शेयर्स में हुई है। वहीं, गिरावट ल्यूपिन, सिप्ला, एसबीआईएन, भारतीय एयरटेल और यूपीएल के शेयर्स में हुई है।

ग्लोबल मार्केट में तेजी से सोना 255 रुपये उछला, चांदी भी महंगी

नई दिल्ली । सकारात्मक वैश्विक संकेत और शादियों के सीजन को देखते हुए दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। सोना 255 रुपये की बढ़त के साथ 30390 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है।

वहीं, चांदी की कीमतों में भी बढ़त दर्ज की गई है। इंडस्ट्रीयल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से तेज उठान के चलते चांदी 650 रुपये की बढ़त के साथ 40700 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है।

भू राजनैतिक तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर सोने में आई मजबूती ने निवेशकों के रुझान को और बढ़ा दिया है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं की तुलना में डॉलर में कमजोरी और घरेलू हाजिर बाजार में शादियों के सीजन की मांग को पूरा करने के लिए स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से की गई खरीदारी से अपट्रेंड देखने को मिला है।

वैश्विक स्तर पर बीते सत्र में न्यूयॉर्क में सोना 0.95 फीसद की तेजी के साथ 1281.50 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर और चांदी 2.38 फीसद की तेजी के साथ 17.20 डॉलर प्रति औंस के स्तर आ गई है।

देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 255 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 30390 रुपये और 30240 रुपये के हो गई है। बीते सत्र में सोने की कीमतों में 115 रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी।

गिन्नी के भाव, हालांकि 24700 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रहे हैं। सोने की तरह चांदी भी 650 रुपये की तेजी के साथ 40700 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 690 रुपये चढ़कर 39825 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है।

चांदी के सिक्कों का भाव 1000 रुपये की तेजी के साथ 74000 रुपये लिवाल और 75000 रुपये बिकवाल प्रति सैंकड़ा के स्तर पर रहा है।

कोटा सर्राफा   
चांदी 40000 रुपए प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 30300 रुपए प्रति दस ग्राम, सोना 35340 रुपए प्रति तोला।
सोना शुद्ध 30450 रुपए प्रति दस ग्राम, सोना 35520 रुपए प्रति तोला।

रेनो कैप्चर एसयूवी लॉन्च, कीमत कीमत 9.99 लाख से शुरू

नई दिल्ली। रेनो ने कैप्चर एसयूवी को लॉन्च कर दिया है। इसकी शुरुआती कीमत 9.99 लाख रूपए है जो 14.05 लाख रूपए (एक्स-शोरूम, दिल्ली) तक जाती है। रेनो कारों की रेंज में इसे डस्टर के ऊपर पोजिशन किया जाएगा। इसका मुकाबला हुंडई क्रेटा से होगा।

रेनो कैप्चर को पेट्रोल और डीज़ल दोनों इंजनों में उतारा गया है। पेट्रोल वेरिएंट में 1.5 लीटर का इंजन लगा है, जो 106 पीएस की पावर और 142 एनएम का टॉर्क देता है। डीज़ल वेरिएंट में भी 1.5 लीटर का इंजन लगा है, इसकी पावर 110 पीएस और टॉर्क 240 एनएम है।

वेरिएंट और कीमत
पेट्रोल
आरएक्सई: 9.99 लाख रूपए
आरएक्सएल: 11.07 लाख रूपए
आरएक्सटी: 11.69 लाख रूपए
आरएक्सटी (ड्यूल-टोन): 11.86 लाख रूपए
डीज़ल
आरएक्सई: 11.39 लाख रूपए
आरएक्सएल: 12.47 लाख रूपए
आरएक्सटी: 13.09 लाख रूपए
आरएक्सटी (ड्यूल-टोन): 13.26 लाख रूपए
प्लेटिन: 13.88 लाख रूपए
प्लेटिन (ड्यूल-टोन): 14.05 लाख रूपए