गुवाहाटी/पटना। जीएसटी काउंसिल की दो दिवसीय बैठक गुरुवार शाम को शुरू हो गई। बैठक के फैसलों के बारे में औपचारिक रूप से शुक्रवार को बताया जाएगा। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली भी शुक्रवार को ही इसमें भाग लेंगे।
हालांकि बैठक में जाने से पहले बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने बताया कि आम इस्तेमाल की करीब 200 वस्तुओं पर टैक्स रेट 28% से घटाकर 18% किया जा सकता है। मोदी जीएसटी काउंसिल के मेंबर और जीएसटी नेटवर्क में सुधार के लिए बनी समिति के भी अध्यक्ष हैं। काउंसिल की यह 23वीं बैठक है।
मोदी ने बताया कि वह एचएसएन कोड, इनवॉयस मैचिंग और रिटर्न फाइलिंग से जुड़े नियमों को आसान करने की मांग रखेंगे। उनकी अन्य मांगों में सभी कारोबारियों के लिए तिमाही रिटर्न फाइलिंग, रिटर्न में देरी पर जुर्माना 200 रुपए प्रतिदिन से घटाकर 50 रुपए करना और जीएसटी में एमआरपी को शामिल करना शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक काउंसिल असम के वित्त मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह की सिफारिशों पर भी विचार करेगी। मंत्री समूह ने एसी रेस्त्रां पर टैक्स 18% से घटाकर 12% करने की सिफारिश की है। फाइव स्टार समेत सभी होटलों में 7,500 रुपए से ज्यादा टैरिफ पर 18% टैक्स का सुझाव दिया गया है।
आसान हो सकते हैं कंपोजीशन के नियम, टैक्स भी घटेगा असमके वित्त मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह ने कंपोजीशन स्कीम वाले सभी कारोबारियों पर 1% टैक्स और उन्हें दूसरे राज्यों में सप्लाई की इजाजत देने का सुझाव दिया है।
ट्रेडर्स के लिए अलग सुझाव है कि जो टर्नओवर में टैक्सेबल-नॉन टैक्सेबल दोनों वस्तुओं को शामिल करते हैं, उनपर 0.5% टैक्स लगे। अभी कंपोजीशन वाले ट्रेडर के लिए टर्नओवर का 1%, मैन्युफैक्चरर के लिए 2% और रेस्त्रां के लिए 5% टैक्स का प्रावधान है।
इन पर टैक्स 28% से घटाकर 18% किया जा सकता है सैनिटरीके सामान, सूटकेस, वाल पेपर, प्लाईवुड, स्टेशनरी सामान, घड़ियां, खेल के सामान, शैंपू, हैंडमेड फर्नीचर, इलेक्ट्रिक स्विच, प्लास्टिक गुड्स।
कोटा।आजकल लोग रसायनिक सौंदर्य प्रसाधनों और रसायनिक दवाओं की जगह हर्बल सौंदर्य हर्बल औषधि के इस्तेमाल को प्राथमिकता दे रहे हैं। हर्बल उत्पादों की इस मांग का ही असर है कि मध्यप्रदेश के सैंकड़ों किसानों ने औषधीय सुगंधित पौधों की खेती शुरू कर दी है। यह कहना है कि मवास से आए किसान कन्हैयालाल गोचर का।
वे कॅरियर प्वाॅइंट यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की ओर से आयोजित कंर्जेवेशन एंड नेचुरल रिसोर्सेज-स्ट्रेटीज फॉर फूड सिक्योरिटी इन डवलपिंग कंट्रीज विषय पर आयोजित दो दिवसीय काॅन्फ्रेंस के आखिरी दिन बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पांच बीघा जमीन पर मात्र 20 हजार रुपए खर्च करके एक लाख रुपए का मुनाफा हो रहा है।
काॅन्फ्रेंस के समापन अवसर पर सीपीयू के वीसी डाॅ. डीएन राव, स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के डीन डॉ. एसएस तोमर, प्लानरी सेशन चेयरमैन डॉ. अशोक शर्मा ने गवर्नमेंट एग्रीकल्चर कॉलेज लालसोट के डीन डॉ. आरएस सैनी, गवर्नमेंट कॉलेज कोटा जूलॉजी डिपार्टमेंट डॉ. प्रहलाद दुबे आईसीएआर के वैज्ञानिक डॉ. एचआर मीणाको लाइफ टाइम अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया।
अंगूर के सेवन से नहीं पड़ेगी झुर्रियां : टेरीडेकिन में नैनो बॉयोटेक्नोलॉजी के वरिष्ठ वैज्ञानिक संग्राम केशरी लेंका ने रिसर्च पेपर प्रस्तुत करते हुए कहा कि रिसर्च के बाद यह सामने आया है कि नए तरीके से उत्पादित अंगूर के सेवन से चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़ती। शरीर की कमजोर भी दूर होती है। जल्द ही इस नई टेक्नोलॉजी का पेटेंट करवाया जाएगा।
बुधवार को सिक्योरिटी एजेंसी संचालक से 25 हजार लेते पकड़े गए थे 2 पीएफ इंस्पेक्टर
कोटा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के उप क्षेत्रीय कार्यालय के 2 इंस्पेक्टरों के 25 हजार रुपए की रिश्वत लेने के मामले में अब एसीबी ईपीएफओ कमिश्नर एमके गोलिया से भी पूछताछ करेगी। दोनों इंस्पेक्टरों के बयान के बाद एसीबी अब कमिश्नर की भूमिका की जांच करना चाहती है।
एसीबी अब कभी भी कमिश्नर एमके गोलिया से इस बारे में पूछताछ करने के लिए उन्हें ऑफिस बुला सकती है। इधर, एसीबी ने दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार करने के दूसरे दिन शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को 20 नवंबर तक जेल भेज दिया है। यह राशि राघव सिक्योरिटी एजेंसीके संचालक जीएल मीणा से पैनल्टी माफ करने की एवज में ली गई थी।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि दोनों इंस्पेक्टर नलिन भट्ट और सुरेश सैनी पैसा लेने के लिए बुधवार शाम 6 बजे कंसुआ स्थित जीएल मीणा के सिक्योरिटी एजेंसी ऑफिस गए। गिरफ्तार करने के बाद दोनों से एसीबी ने प्रारंभिक पूछताछ शुरू की तो उन्होंने कहा कि उन्हें कोटा से जयपुर तक ऊपर के अधिकारियों को भी पैसा देना पड़ता है।
इस तथ्य के सामने आने के बाद एसीबी ने एक इंस्पेक्टर के मोबाइल से उसी समय कमिश्नर के फोन पर बात करने को कहा। इंस्पेक्टर नलिन ने एसीबी के सामने कमिश्नर महेश कुमार को फोन करके कहा कि वो राघव सिक्योरिटी एजेंसी पर आए हैं और यह 25 हजार रुपए दे रहा है।
जिस पर कमिश्नर कुछ पल को चुप हो गए और फिर बोले कि तुम जानो, तुम्हारा काम जाने… कल बात करना। इसके बाद फोन कट गया। इस तथ्य के सामने आने के बाद अब एसीबी संदेह के आधार पर कमिश्नर अन्यों से पूछताछ करेगी। इधर, यह जानकारी मिलने के बाद कमिश्नर का पक्ष जानने के लिए उन्हें फोन किए गए, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
श्रीमद् भावगत कथा : कोटा से 70 किमी दूर कोटा-चित्तौड़ मार्ग पर कल्याणपुरा में 2 लाख वर्गफीट एरिया में बनेगा कथा का पांडाल।
अरविंद, कोटा। दिव्य गौसेवक संत पूज्य पं.कमल किशोर नागर आगामी 20 से 26 नवंबर तक कोटा से 70 किमी दूर कल्याणपुरा गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह में प्रचवन देंगे।
आयोजक मांगीलाल धाकड़ ने बताया कि कोटा-चित्तौड़ फोरलेन राजमार्ग-27 पर कोटा से 70 किमी दूर स्थित कल्याणपुरा गांव के बाहर शुक्रवार को कथा स्थल का भूमि पूजन किया गया। इस चारागाह भूमि में लगभग 2 लाख वर्गफीट का अस्थाई विशाल पांडाल तथा पार्किग स्थल तैयार किया जा रहा है।
नियमित 12 से 3 बजे उनके ओजस्वी प्रवचन सुनने के लिए राज्य के अलावा मध्यप्रदेश व गुजरात से हजारों गौसेवक भक्त ट्रेन, बस व निजी वाहनों से पहुंचेंगे। कथा स्थल पर 70 हजार से अधिक गौभक्तों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। पांडाल में महिलाओं एवं पुरूषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी।
आयोजन समिति में सलावटिया के पन्नालाल एवं छीतरलाल लुहार ने बताया कि मांडलगढ़ तहसील में 1 हजार की आबादी वाल छोटे से कल्याणपुरा गांव में पं.नागरजी की पहली कथा होने से समूचे क्षेत्र में दीपावली जैसा उत्साह है।
आसपास के बिजौलिया, छोटी बिजौलिया, तड़ोदा, लक्ष्मी निवास, ढावदा, बेरीसाल, सुखपुरा, खड़ीपुर आदि दर्जनों गांवों से गौसेवक कथा स्थल की तैयारियां में जुट गए। कथा स्थल से 10 किमी की परिधि में तिलिस्वां महादेव, जोगनिया माता मंदिर व बीजासन माता मंदिर होने से यहां तीर्थस्थल जैसा माहौल देखने को मिलेगा।
उन्होंने बताया कि मांडलगढ़ रेलवे स्टेशन से 30 किमी दूर कथा स्थल तक पहुंचने के लिए बसों की सुविधा रहेगी। कथा में कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़, मालवा क्षेत्र, नीमच, रतनगढ़ निम्बाहेडा, भीलवाड़ा, चित्तौड़ आदि क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गौभक्त रोजाना प्रवचन सुनने पहुंचेंगे। ़
हाडौती से जाएंगे सैकड़ों श्रद्धालु कोटा के सीए योगेंद्र गुप्ता, पुरुषोत्तम मालपानी तथा सीए अरूण मालपानी ने बताया कि जमीन से जुडे़ मालवा के दिव्य गौसेवक संत पं.नागरजी की प्रेरणा से मप्र व राजस्थान में लगभग 199 गौशालाओं में हजारों निःशक्त गायों की सेवा-सुश्रुषा हो रही है।
पिछले कुछ वर्षों से हाड़ौती में कोटा, मोड़क, बारां, छीपाबड़ौद, रामगंजमंडी, गोपालपुरा, रायपुर में उन्होंने विराट श्रीमद् भागवत कथाओं में प्रवचन देते हुए शहरी वर्ग में गौसेवा एवं भारतीय जीवनमूल्यों के प्रति जागरूकता पैदा की। वे प्रारंभ से ही कथाओं के लिए गांव और गरीब को पहली प्राथमिकता देते हैं।
सादगी के संत कथा के पश्चात् दक्षिणा के रूप में केवल तुलसी पत्र स्वीकार करते हैं। उनकी कथाओं में एकत्र गौग्रास राशि आसपास की गौशालाओं में दी जाती है। मालवा रत्न पं.नागरजी मधुर वाणी में प्रवचन देते हुए जीवन मूल्यों की रक्षा एवं गौपालन पर विशेष जोर देते हैं।
कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में गुरुवार को लहसुन की आवक 5000 हजार कट्टे की रही । माल की कुल आवक 1 लाख 15 हजार बोरी की रहीं । धान की आवक 65 हजार बोरी की रहीं। चना 100 रुपये प्रति क्विंटल तेज, धान 150 रुपये प्रति क्विंटल मन्दा रहा ।
गेहूं मिल 1550से 1575 लोकवान 1600से 1700 पीडी 1650 से 1700 टुकडी 1600से 1750 रुपये प्रति क्विंटल।धान सुगंधा 2000 से 2300 पूसा 1 2200 से 2500 पूसा4 (1121) 2000 से 2900 धान (1509) 2000 से 2600 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन 2200 से 2731 सरसो 3200 से 3500 तिल्ली 5000 से 6800 रुपये प्रति क्विंटल। मैथी 2000 से 2600धनिया बादामी 3400 से 3850 ईगल 3600 से 4000 रंगदार 4000 से 5000 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंग 3500 से 3800 उडद 2400 से 3800 चना 4000से 4800 चना काबुली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल। चना पेपसी 4500 से 4800 चना मौसमी 4500 से 5000 मसूर 3000 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल।
ग्वार 2500से 3400 मक्का नई 800 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 800 से 3500 रुपये प्रति क्विंटल।
कोटा व्यापार महासंघ एवं नगर निगम का संयुक्त अभियान जारी
कोटा। कोटा व्यापार महासंघ एवं नगर निगम के संयुक्त तत्वाधान में स्वच्छता एवं जनजाग्रति अभियान के तहत् गुरुवार को प्रातः 10ः00 बजे तलवण्डी चौराहे पर इस अभियान का शुभारम्भ समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें डेंगू महामारी के दौरान रोगियों को रक्त उपलब्ध कराने एवं रक्तदान करने वाली टीम का भी सम्मान किया गया।
समारोह को सम्बोधित करते हुये नगर निगम के महापौर महेश विजय ने कहा कि कोटा व्यापार महासंघ जिस तरह से जनसहभागिता निभा रहा है उसी तरह से मोहल्ले में कार्यरत विकास समितियों को भी इसमें आगे आना चाहिए। उन्होने कहा कि जनसहभागिता के चलते कोटा व्यापार महासंघ की 150 संस्थाये पूरे शहर के हर कोने में कार्यरत है।
जिस तरह से आज इन्द्रा विहार विकास सोसायटी ने इस अभियान में शामिल होकर पहली विकास सोसायटी द्वारा भाग लिया है उसी तरह शहर में कार्य कर रही अन्य विकास समितियां भी इस अभियान में शामिल होवे जिससे शहर का कोना-कोना स्वच्छ रहेगा और जनता में जनजाग्रति पैदा होगी।
जिसमें स्वच्छता को लेकर नगर निगम की आदि समस्याओ का समाधान हो जायेगा और स्वच्छता में स्थायित्व आयेगा। समारोह को सम्बोधित करते हुये नगर निगम की उपमहापौर सुनिता व्यास ने कहा कि स्वच्छता के लिए हम पूरी तरह से कार्य कर रहे है लेकिन स्थानीय व्यापार संघ, वार्ड पार्षद एवं विकास समितियों के सामन्जस्य बनने से कचरा फैलने से रोका जा सकता है ।
क्योंकि तीनो की संयुक्त निगरानी से जनजाग्रति पैदा की जाये जिससे व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझते हुये स्वंय ही अपने प्रतिष्ठान का कचरा सड़को पर नही डाले जिससे न तो गन्दगी होगीगी न ही बीमारियां बढेगी।
उन्होने कोटा व्यापार महासंघ द्वारा डेंगू महामारी के समय रक्तदान करने एवं रक्त उपलब्ध करवाने में सक्रिय भागीदारी निभाने वाली टीम को सम्मानित कर अनूठा कार्य किया है इससे अन्य लोंगो के भी प्रेरणा मिलेगी।
महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन ने कहा कि व्यापार महासंघ द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान में हमारी व्यापारिक एवं औद्योगिक संस्थाए बढ़ चढ़कर भाग ले रही है और इस मिशन को कामयाब करने के लिए तैयार है। महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि स्वच्छता एवं जनजाग्रति अभियान में स्थायित्व देने के लिए हम लोग व्यापारियों को पूरी तरह से सजग रहने की बात कर रहे है।
उन्होने पूर्व का उदाहरण देते हुये कहा कि पूर्व महापौर मोहन लाल महावर के समय व्यापार महासंघ ने नगर निगम के सहयोग से सघन सफाई अभियान पूरे शहर में चलाकर शहर के कोने-कोने से करीब 1500 डम्पर कचरा उठा कर पूरे शहर को स्वच्छ एवं सुन्दर बना दिया था। लेकिन जनजाग्रति में अभाव में करीब 02 माह बाद ही पूर्व जैसी स्थिति बन गई।
उन्होने कहा कि अगर स्वच्छता को स्थायित्व चाहिए और आने वाली परेशानियों को रोका जाना है तो हर व्यापारी व आमजन को स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होने बताया कि तलवण्डी क्षेत्र में जब दुकानो को डस्टबिन बाटने गये तो करीब 80 प्रतिशत दुकानो पर डस्टबीन पाये गये, यह इस क्षेत्र की जागरूकता दर्शाती है।
जीवनदाता टीम का सम्मान इस अवसर पर भुवनेश गुप्ता सहित 26 सदस्यो को विभिन्न क्षेत्रों में डेंगू महामारी के दौरान दिन-रात कार्य कर लोगो को रक्त उपलब्ध कराने एवं स्वंय रक्तदान करने व डेंगू पीड़ित मरीजो को नया जीवन देने के अनूठे कार्य करने के लिए सम्मान प्रतीक देकर एवं शॉल ओढ़ा कर उनको सम्मानित किया गया।
क्षेत्र के वार्ड पार्षद विवेक राजवंशी, गोपाल राम मण्डा, पवन अग्रवाल एवं रमेश आहूजा ने कहा कि हम हमारे क्षेत्र में जनसहभागिता से स्वच्छता के साथ-साथ हर समस्या का निराकरण करने का प्रयास कर रहे है।
इस अवसर पर नगर निगम के उपायुक्त राजेश डागा ने कहा कि शहर में अतिक्रमण व गन्दगी फैलाने वालो पर निगरानी रखी जा रही है और उन पर उचित कार्यवाही की जायेगी।
डेंगू पीड़ितों के लिए रक्तदान करने वाली टीम के साथ महापौर महेश विजय, उपमहापौर सुनीता व्यास एवं महासंघ के पदाधिकारी। ,
तलवण्डी व्यापार संघ के अध्यक्ष विरेन्द्र बैरागी, सचिव कीर्ति जैन, मेन तलवण्डी व्यापार संघ के अध्यक्ष मुकेश भटनागर, सचिव इकबाल सिंह चौधरी, इन्द्रा विहार विकास समिति के अध्यक्ष हरपाल सिंह चढ्ढा, महासचिव अशोक लड्ढा , सलाहकार बोर्ड के चेयरमेन राजकुमार माहेश्वरी सहित सभी अतिथियों के साथ-साथ क्षेत्र के बाजारो में सभी अतिथियों के साथ-साथ जनजाग्रति एवं डस्टबीन बांटने के लिए निकले लेकिन इस बात को लेकर सभी अतिथियों ने इस क्षेत्र के व्यापारियों की सराहना की।
जिन्होने करीब-करीब सभी व्यापारियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानो के बाहर स्वंय के कचरा पात्र रख रखे थे जो एक अनूठी मिशाल थी। इस अवसर पर नगर निगम द्वारा इस क्षेत्र में मोटरसाईकिल से फोगिंग भी करवाई गई।
कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने सभी क्षेत्र के व्यापार संघो से अपील की है वह अपने-अपने क्षेत्र में व्यापारियों को स्वंय के खर्चे पर अपने प्रतिष्ठान के बाहर डस्टबीन रखने के लिए प्रेरित करे। इससे बाजारो में गन्दगी की आधी समस्या स्वतः ही खत्म हो जायेगी और हमारा स्वच्छता अभियान सफलता की ओर अग्रसर होगा।
यह भी थे उपस्थित कार्यक्रम में प्रमुख रूप से समाजसेवी जी.डी. पटेल, जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के पूर्व चेयरमेन एके गुप्ता, कोटा ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेन्ट्स एसोसिएशन के सचिव महेन्द्र जैन, दी हॉलसेल क्लॉथ मर्चेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गिरिराज न्याती उपस्थित थे।
इनके आलावा लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष विपिन सूद, हाड़ौती कोटा स्टोन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के संस्थापक राजेश गुप्ता, अध्यक्ष छुट्टन लाल शर्मा, पब्लिक केरियर ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्यभान सिंह, हाड़ौती फाईनेनसर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार माहेश्वरी सहित करीब 100 से अधिक संस्थाओ के पदाधिकारी मौजूद थे।
हाड़ौती कोटा स्टोन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के संस्थापक राजेश गुप्ता, अध्यक्ष छुट्टन लाल शर्मा, पब्लिक केरियर ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्यभान सिंह, हाड़ौती फाईनेनसर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार माहेश्वरी सहित करीब 100 से अधिक संस्थाओ के पदाधिकारी भी मौजूद थे।
महासचिव माहेश्वरी ने बताया कि कोटा व्यापार महासंघ द्वारा चलाया जा रहा स्वच्छता एवं जनजाग्रति अभियान का अगला चरण स्टेशन क्षेत्र में आयोजित किया जायेगा।
नई दिल्ली । अब इंश्योरेंस पॉलिसी को भी आधार नंबर से लिंक कराना जरूरी कर दिया गया है। यह जानकारी बीमा नियामक आईआरडीएआई (बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण) ने दी है। वैसे तो आधार कार्ड काफी अहम चीजों के लिए पहले ही अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन अब आपको अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी को भी आधार नंबर से लिंक करवाना होगा।
बीमा नियामक IRDAI ने बीमाकर्ताओं (इंश्योरर)- जनरल और लाइफ-से कहा है कि वो अगले आदेश का इंतजार किए बिना इस नियम को तत्काल प्रभाव से लागू करें। आधार को इंश्योरेंस पॉलिसी से लिंक करवाना धन-शोधन निवारण (रिकॉर्ड्स का रखरखाव) के दूसरा संशोधन नियम, 2017 के तहत अनिवार्य किया गया है।
नियामक ने यह बात 8 नवंबर 2017 को जारी किए अपने बयान में कही है। इरडा ने बताया, “ये नियम कानूनन मान्य हैं और जीवन एवं सामान्य बीमा कंपनियों (स्टैंडअलोन स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं सहित) को अगले निर्देशों का इंतजार किए बिना इसे लागू करना होगा।”
बिना किसी लोभ, लालच के निशुल्क रक्तदान कर अब तक हजारों लोगों की जिंदगी बचा चुकी है यह टीम, मिलिए टीम लीडर भुवनेश गुप्ता से
कोटा। रक्तदान एक महादान माना जाता है। यदि कोई इसे मिशन ही बना ले,वह कहलाते हैं जीवनदाता। आज हम ऐसे ही शख्स से मिलवा रहे हैं। जिन्होंने न केवल खुद रक्तदान किया,बल्कि दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित किया। जीवनदाता टीम के लीडर हैं भुवनेश गुप्ता जो दिन-रात लोगों की सेवा में लगे रहते हैं।
कई बार तो उनकी इस दिनचर्या को लोग देखकर उनसे सवाल करते हैं कि आखिर वह सोते कब हैं। पेशेवर रक्तदाता तो आपने कई देखे होंगे ,परन्तु बिना किसी लोभ -लालच के निशुल्क रक्तदान कर वह और उनकी टीम केवल कोटा में ही नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर देश के किसी भी गांव या शहर में भी मदद को तैयार रहते हैं।
वह कहते हैं नर सेवा ही नारायण सेवा है। लोगों की जिंदगी बचाने से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। यहाँ तक कि उनकी टीम ने श्रीलंका में भी रक्त की व्यवस्था की है। जब देश भर में उन्हें उनके सद्प्रयासों के लिए नवाजा गया तो हमारे चैनल LEN -DEN NEWS ने उनसे बातचीत की। भुवनेश गुप्ता ने कैसे इस टीम का गठन किया और क्या है उनकी कार्यशैली जानने के लिए यह वीडियो जरूर देखिये –
नई दिल्ली/कोटा । दिल्ली के सर्राफा बाजार में गुरुवार के चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। सकारात्मक वैश्विक संकेत और इंडस्ट्रीयल यूनिट्स के तेज उठान के चलते चांदी 125 रुपये की तेजी के साथ 40,700 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। हालांकि सोने की कीमतें 30450 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर स्थिर रहा है।
व्यापारियों का मानना है कि चंदी की कीमतों में इस तेजी का कारण सकारात्मक वैश्विक संकेत और घरेलू हाजिर बाजार में इंडस्ट्रीय यूनिट्स की बढ़ी मांग है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिंगापुर में चांदी 0.47 फीसद की बढ़त के साथ 17.07 डॉलर प्रति औंस और सोना 0.21 फीसद की बढ़त के साथ 1283.50 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई है।
दिल्ली में चांदी तैयार 125 रुपये की बढ़त के साथ 40,700 रुपये और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 95 रुपये की बढ़त के साथ 39770 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। चांदी के सिक्कों का भाव हालांकि 74000 रुपये लिवाल और 75000 रुपये बिकवाल प्रति सैंकड़ा के स्तर पर रहा है।
वहीं दूसरी ओर 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाले सोने की कीमतें क्रमश: 30450 रुपये और 30,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर स्थिर रही है। जानकारी के लिए बता दें कि बीते दो सत्रों में सोने की कीमतों की 315 रुपये की बढ़त दर्ज की गई है। वहीं, गिन्नी की कीमतें भी 24700 रुपये प्रति आठ क स्तर पर बरकरार रही हैं।
कोटा सर्राफा चांदी 40100 रुपए प्रति किलो। सोना केटबरी 30350 रुपये प्रति दस ग्राम, 35400 रुपये प्रति तोला। सोना शुद्ध 30500 रुपये प्रति दस ग्राम, 35570 रुपये प्रति तोला।
नयी दिल्ली। कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने आज कहा कि जैविक खेती पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने के साथ कृषि की स्थिरता को भी सुनिश्चित करती है और इससे मिट्टी उपजा रहती है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है और अब तक देश में 22.5 लाख हेक्टेयर जमीन को जैविक खेती के दायरे में लाया गया है।
उन्होंने कहा कि आज लोगों को पोषणयुक्त आहार की आवश्यकता है जो जैविक खेती के जरिये आसानी से संभव है। इसके अलावा खेती में टिकाऊपन लाने के साथ मिट्टी के स्वास्थ्य को भी जैविक खेती के जरिये दुरुस्त रखा जा सकता है। इसलिए जैविक खेती आज राष्ट्रीय और वैश्विक आवश्यकता बन गई है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पास के ग्रेटर नोएडा में आर्गेनिक वर्ल्ड कांग्रेस जैविक विश्व सम्मेलन 2017 को संबोधित करते हुए राध मोहन सिंह ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण मृदा स्वास्थ्य और पर्यावरण के साथ साथ मानव स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा देश में अब कोई मुद्दा नहीं है लेकिन बढ़ती आबादी को स्वास्थ्यप्रद और पोषक आहार सुलभ कराना अभी भी हमारे लिए एक चुनौती है।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में जैविक खेती करने वाले प्राचीनतम देशों में से है और देश के अधिकांश हिस्सों में अभी भी पारंपरिक जैविक खेती की जाती है।
सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में जैविक खेती के दायरे में 22.5 लाख हेक्टेयर जमीन को लाया है तथा परंपरागत कृषि विकास योजना से करीब 3,60,400 किसान लाभान्वित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पूर्वोत्तर भारत में जैविक खेती के दायरे में 50,000 हेक्टेयर जमीन को लाने का लक्ष्य तय किया है तथा अभी तक ऐसी खेती के दायरे में 45,863 हेक्टेयर जमीन को लाया जा चुका है।