Wednesday, July 15, 2026
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शिल्पा शिंदे बनी Bigg Boss11 की विनर, मिले 44 लाख रुपए

मुंबई। ‘बिग बॉस 11’ का ग्रैंड फिनाले रविवार को लोनावला में हुआ। शिल्पा शिंदे ने शो के विनर का खिताब अपने नाम कर लिया है। ट्रॉफी के साथ प्राइजमनी के रूप में उन्हें 44 लाख रुपए की नगद राशि दी गई। टॉप 2 में शिल्पा शिंदे के साथ हिना खान भी पहुंची थीं, लेकिन वे खिताब जीतने से चूक गईं।

105 दिन घर के अंदर रहीं शिल्पा शिंदे
शिल्पा शिंदे ने 1 अक्टूबर 2017 को ‘बिग बॉस’ में एंट्री ली थी। वे पूरे 105 दिन तक घर के अंदर रहीं। इस दौरान जहां उन्होंने किचन की जिम्मेदारी संभालते हुए बाकी कंटेस्टेंट को खाना खिलाया। वहीं, अपने सॉफ्ट नेचर की वजह से ऑडियंस का दिल भी जीतती गईं।

वहीं, हिना खान के साथ उलटा हुआ। वे लगातार झूठ बोलने के कारण फेमस हुईं। इसके अलावा, हिना ने दूसरे सेलेब्स का जमकर मजाक भी शो के दौरान उड़ाया और खुद को महान दिखाने की कोशिश करती रहीं। उनका यही व्यवहार न टीवी ऑडियंस को पसंद आया और न ही सलमान खान का दिल जीत सका।

अक्षय कुमार रहे खास मेहमान
अक्षय कुमार कॉन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो ‘बिग बॉस 11’ के ग्रैंड फिनाले में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने और सलमान खान ने ढिंचैक पूजा के साथ फनी मोमेंट्स शेयर किए। इतना ही नहीं, दोनों दोस्तों ने साथ में सेल्फी भी क्लिक की।
खो दी थी प्राइज मनी

हालांकि, एक टास्क के दौरान यह रकम जीरो हो गई थी, लेकिन इन्मेट्स ने दूसरे टास्क में बेहतर परफॉर्मेंस देकर इसे दोबारा पा लिया था।

अक्षय कुमार बाहर लेकर आए विकास को
होस्ट सलमान खान ने अक्षय कुमार को घर अंदर भेजा था। अक्षय को यह टास्क दिया गया था कि वे तीन कंटेस्टेंट्स में से किसी एक को बाहर लेकर आएंगे। इसके लिए उन्हें एक बजर का इस्तेमाल करना था।

अक्षय ने घर में जाकर बजर दबाया, जिससे यह डिसाइड हुआ कि हिना खान और शिल्पा शिंदे शो की टॉप 2 कंटेस्टेंट हैं और विकास गुप्ता को रेस बीच में ही छोडनी पड़ेगी।

कोटा को देश के प्रमुख स्वच्छ शहरों में शुमार करने का संकल्प : माहेश्वरी

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स्वच्छता ब्राण्ड एम्बेसडर बनने पर दी एसएसआई एसोसिएशन ने किया क्रांति जैन एवं अशोक माहेश्वरी का सम्मा

कोटा। दी एसएसआई एसोसिएशन के नववर्ष मिलन समारोह का आयोजन माहेश्वरी रिसोर्ट पर किया गया। इसमें संस्था के करीब 500 उद्यमी परिवारों ने भाग लिया। इस अवसर पर कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी को स्वच्छता का ब्राण्ड एम्बेसडर नियुक्त किये जाने पर अभिनन्दन किया गया।

दी एसएसआई एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम भाटिया एवं सचिव राजकुमार जैन ने कहा कि क्रांति जैन एवं अशोक माहेश्वरी को स्वच्छता का ब्राण्ड एम्बेसडर बनाकर केन्द्र सरकार और नगर निगम ने अनूठी पहल की है। इससे व्यापारी एवं उद्यमी अपने आप को स्वच्छता का ब्राण्ड एम्बेसडर समझने लगे हैं एवं स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी का अहसास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा पूरे शहर के साथ साथ एसोसिएशन, नगर निगम, रीको, एवं व्यापार महासंघ साथ मिलकर औद्योगिक क्षेत्र को भी स्वच्छ व सुन्दर बनाने का प्रयास करेंगे। एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविन्द राम मित्तल ने कहा स्वच्छता आदमी के स्वास्थ्य का प्रतीक है जिसका निर्वहन हर नागरिक को करना चाहिए। केन्द्र सरकार ने क्रांति जैन व अशोक माहेश्वरी को स्वच्छता का ब्राण्ड एम्बेसडर बनाकर स्वच्छता का काम करने के लिये प्रेरित किया है,

स्वच्छ शहरों में शुमार करने का संकल्प
एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने अपने संबोधन में कहा कि अब हम हम सब की जिम्मेदारी है कि हम सब मिलकर शहर को स्वच्छ एवं सुन्दर बनाने के लिये नगर निगम एवं अन्य संस्थाओं के साथ जनसहभागिता से कोटा शहर को देश के प्रमुख स्वच्छ शहरों में शुमार करने का संकल्प लेंगे।

जन जागृति अभियान चलायेंगे
महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन ने कहा कि हम शहर के एक लाख व्यापारियों एवं उद्यमियों को जोड़कर स्वच्छता अभियान को लेकर शहर के हर क्षेत्र में जन जागृति अभियान चलायेंगे। इस अवसर पर नगर निगम के महापौर महेश विजय ने कहा कि नगर निगम निरन्तर कोटा शहर को स्मार्ट बनाने का भरपूर प्रयास कर रहा है।

कई वर्षां से स्वच्छता के लिये अपना योगदान दे रहे क्रांति जैन व अशोक माहेश्वरी की नियुक्ति से इस क्षेत्र में नई दिशा मिलेगी। इससे शहर के हर क्षेत्र के लोगों में जन जाग्रति फैलाई जा सकेगी क्योंकि जन सहभागिता के बिना स्वच्छता को अंजाम नहीं दिया जा सकता।

समस्या है तो बताएं
नगर निगम के उपमहापौर सुनीता व्यास ने कहा कि कोटा व्यापार महासंघ के 150 व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठन स्वच्छता के लिये क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य करें। अगर कहीं भी कोई परेशानी आती है या खामियां नजर आती है तो नगर निगम एवं व्यापार महासंघ को अवगत करायें, जिससे उस समस्या से निजात दिलाई जा सके।

नगर विकास न्यास के अध्यक्ष राम कुमार मेहता ने कहा कि नगर निगम, नगर विकास न्यास और व्यापार महासंघ साथ मिलकर शहर को स्व्च्छता, अतिक्रमण, पार्किंग व्यवस्था के लिये मिलकर कार्य करेंगे। एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अमित सिंघल, मनीष बंसल आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

पद्मावत 25 जनवरी को IMAX 3D में रिलीज होगी, रिलीज डेट कन्फर्म

नई दिल्ली। पद्मावत 25 जनवरी को रिलीज होगी। फिल्म के मेकर्स भंसाली प्रोडक्शन और वायाकॉम 18 मोशन पिक्चर्स ने तारीख कन्फर्म करते हुए बताया कि फिल्म को दुनियाभर में एक साथ IMAX 3D में रिलीज किया जाएगा। फिल्म तीन भाषाओं- हिंदी, तमिल और तेलुगु में रिलीज की जाएगी।

बता दें कि पद्मावत पर पिछले काफी समय से विवाद हो रहा है। हालांकि, शनिवार को ही सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को बिना किसी कट के रिलीज करने की बात कही थी। मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान सरकार ने अपने यहां फिल्म को रिलीज करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर ने फिल्म पर रोक लगाने से मना कर दिया है।

देशभर में फिल्म को बैन करने की अपील
हमनें फिल्म को यहां बैन कर दिया लेकिन दिल्ली को भी इसपर सोचना चाहिए। हमारी भावनाएं आहत हुई हैं। हमने ये सब ड्रामे के लिए नहीं किया। 16 हजार रानियों का आग में कूदना कोई मामूली बात नहीं है। मेवाड़ की इज्जत और आत्म-सम्मान बना रहे ये मैं आप पर छोड़ता हूं।

रिलीज को लेकर अभी कहां-क्या हालात?
1. राजस्थान में शुरू से था विरोध, रिलीज भी नहीं होगी
– फिल्म जब से बननी शुरू हुई तभी से राजस्थान में इस फिल्म के रिलीज होने पर संशय था। राजपूत करणी सेना के विरोधी सुरों में राज्य सरकार ने सुर में सुर मिलाए थे।
– अब सेंसर बोर्ड से पास होने, कई कट लगने और नाम बदलने के बाद भी राजस्थान सरकार इस फिल्म की रिलीज को तैयार नहीं है।
– राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा है कि राजस्थान में पद्मावत रिलीज नहीं होगी।
– इससे पहले मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी को लेटर लिखकर कहा था कि वह पद्मावती विवाद में हस्तक्षेप करें। इसमें मुख्यमंत्री ने लिखा था कि फिल्म को रिलीज करने से पहले उसके विवादित अंश हटा दिए जाएं।
2. गुजरात में भी बैन
– राजस्थान के बाद गुजरात सरकार ने भी इस फिल्म को रिलीज न करने का फैसला लिया है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि संजय लीला भंसाली की पद्मावत गुजरात में रिलीज नहीं की जाएगी।
– एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में रूपाणी ने कहा कि यह कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला है और मौजूदा हालात में फिल्म को गुजरात में रिलीज नहीं किया जाएगा।
3. मध्य प्रदेश में भी नहीं दिखेगी
– शिवराज सिंह ने एलान किया कि मध्‍यप्रदेश में पद्मावत नहीं दिखाई जाएगी। शिवराज ने भी इसे कानून-व्यवस्था के साथ जोड़ा।
– चौहान ने कहा कि हम अपने फिल्म को न दिखाने के अपने स्टैंड पर कायम हैं। राज्य में यह फिल्म रिलीज नहीं होगी।
4. गोवा में सरकार राजी, पुलिस तैयार नहीं
– गोवा पुलिस ने राज्य में पद्मावत पद्मावत रिलीज न करने की बात कही। इसको लेकर पुलिस ने राज्य सरकार को लेटर लिखा। इस पर सीएम मनोहर पर्रिकर ने कहा कि कानून-व्यवस्था ठीक रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
– पर्रिकर ने कहा कि अगर फिल्म को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिल गया है तो उसकी रिलीज रोकी नहीं जाएगी। गोवा पुलिस ने सरकार को लेटर लिखा कि राज्य में टूरिस्ट सीजन चल रहा है। अगर फिल्म रिलीज की जाती है तो पुलिस पर सुरक्षा को लेकर दबाव बढ़ जाएगा।
5. यूपी में सस्पेंस बरकरार
– फिल्म का विवाद अपने चरम पर था तब यूपी सरकार ने कहा था कि यह फिल्म एेतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करने वाली है, लिहाजा इसे न रिलीज करना ही सही फैसला होगा।
– सेंसर बोर्ड से पास होने के बाद जब यह फिल्म बदले नाम के साथ रिलीज को तैयार है, तब यूपी सरकार की तरफ से इसे दिखाने या न दिखाने से जुड़ा कोई बयान अब तक नहीं आया। यूपी सरकार की ये चुप्पी फिल्म की रिलीज को लेकर सस्पेंस बनाए हुए है।
क्या होगा नुकसान?
– मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान बड़े राज्य हैं। यहां पर फिल्म के रिलीज न होने का सीधा असर फिल्म के कलेक्शन पर पड़ेगा। ये तीनों हिंदी भाषी राज्य हैं जहां मल्टीप्लेक्स और सिंगल थिएटर में बड़ी संख्या में यह फिल्म दिखाई जानी थी।

फिल्म पद्मावती को लेकर क्या आपत्ति है?
– राजस्थान में करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। राजपूत करणी सेना का मानना है कि ​इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची। फिल्म में रानी पद्मावती को भी घूमर नृत्य करते दिखाया गया है। जबकि राजपूत राजघरानों में रानियां घूमर नहीं करती थीं।
– हालांकि, भंसाली साफ कर चुके हैं कि ड्रीम सीक्वेंस फिल्म में है ही नहीं।

कौन थीं रानी पद्मावती?
पद्मावती चित्तौड़ की महारानी थीं। उन्हें पद्मिनी भी कहा जाता है। वे राजा रतन सिंह की पत्नी थीं। उन्होंने जौहर किया था। उनकी कहानी पर ही संजय लीला भंसाली ने फिल्म बनाई है।

पतंजलि का अब आयुर्वेद पर फोकस, मार्केट बचाने की स्ट्रैटजी

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नई दिल्ली। एक समय अपनी साइंटिफिक रिसर्च और मार्केटिंग को जरिए भारतीय एफएमसीजी मार्केट पर कब्जा रखने वाली मल्टीनेशनल कंपनियों का अब फंडा बदल गया है। एचयूएल, प्रॉक्टर एंड गैंबल जैसी कंपनियां आयुर्वेद की ब्रांडिंग पर फोकस कर रही है।

कंपनियां पतंजलि की बढ़ती पैठ की वजह से अपने हिट प्रोडक्ट में भी आयुर्वेद का तड़का लगा रही है। इसका ताजा उदाहण हाल ही में कॉलगेट के ऐड में दिखता है, जो कि कोलगेट वेदशक्ति के नए ब्रांडिंग से प्रमोट किया जा रहा है। ब्रांड गुरु के अनुसार पतंजलि ने इंडियन कस्टमर के बीच आयुर्वेद का बड़ा भरोसा तैयार कर लिया है।

ऐसे में अगर मल्टीनेशनल को भारतीय बाजार में अपनी पैठ बनाए रखनी है तो उनके सामने आयुर्वेद बेस्ड प्रोडक्ट की ब्रांडिंग के अलावा कोई चारा नहीं है। इसी वजह से आज इस तरह के विज्ञापन बढ़ रहे हैं।
 
तेजी से बढ़ा रहा है आयुर्वेदिक हेल्थ प्रोडक्ट मार्केट
नील्सन 2017 की रिपोर्ट के मुताबिक आयुर्वेदिक हेल्थ प्रोडक्ट का मार्केट साल 2021 तक 1अरब डॉलर का होगा। रिपोर्ट के अनुसार कस्टमर अब नेचुरल और ऑर्गेनिक प्रोडक्ट का इस्तेमाल पर्सनल केयर में ज्यादा कर रहे हैं। ज्यादातर लोगों का फोकस केमिकल बेस्ड प्रोडक्ट की जगह हर्बल बेस्ड प्रोडक्ट की तरफ है।
 
कॉलगेट ने लिया आयुर्वेदिक विज्ञापन का सहारा
कॉलगेट पॉमोलिव ने अभी हाल में टूथपेस्ट केटेगरी मे कॉलगेट स्वर्ण वेदशक्ति नाम से टूथपेस्ट का विज्ञापन निकाला है। वह भी अपने विज्ञापन में आयुर्वेद पर फोकस कर रहा है क्योंकि उसे पतंजलि के टूथपेस्ट दंत कांति से टक्कर मिल रही है। कॉलगेट पॉमोलिव के आयुर्वेद पर फोकस करन का अहम कारण मार्केट शेयर खोना है।

कोटक इक्विटिज के सर्वे के मुताबिक टूथपेस्ट सेगमेंट में मार्केट लीडर कहे जाने वाला कालगेट पॉमोलिव ने लगभग 1 फीसदी (60 बेसिस प्वांइट मार्केट शेयर) खोकर 57.3 फीसदी रह गया है। बाबा रामदेव के टूथपेस्ट दंतकाति का जून 2017 के अनुसार मार्केट शेयर 4.5 फीसदी तक पहुंच गया है।
 
HUL ने लॉन्च की आयुर्वेदिक पर्सनल केयर रेन्ज
देश के सबसे बड़ी और पुरानी एफएमसीजी कंपनी एचयूएल के लिए पतंजलि के आयुर्वेदिक क्रीम, फेसवॉश प्रोडक्ट खतरा साबित हो रहे थे जिसके कारण बीते साल कंपनी पर्सनल केयर रेन्ज में लीवर आयुष ब्रांड नाम से कई प्रोडक्ट लेकर आई है। इनका प्रमोशन प्राइस सेंसिटव कस्टमर के बीच आयुर्वेदिक प्रोडक्ट की तरह किया जा रहा है।

इसमें नीम शैंपू, टरमिरक हैंड वॉश, टरमरिक फेस वॉश जैसे कई प्रोडक्ड शामिल है। एचयूएल ने अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग इलायची टूथपेस्ट, साफरन साबुन और मेथी दाना शैंपू के तौर पर किया है। पतंजलि ने सौंदर्या, दंत कांति एडवांस जैसे प्रोडक्ट मार्केट में उतार चुकी है।
 
ज्योति लैब्रोटेरीज लाया नीम साबुन
ज्योति लेबोरेटरीज भी हर्बल और आयुर्वेदिक पर्सनल केयर प्रोडक्ट नीम साबून और टूथपेस्ट लेकर आया। कंपनी का फोकस पतंजलि की ही तरह आयुर्वेद प्रोडक्ट को लेकर आए बूम का फायदा उठाने का है।

साबुन के केटेगरी में मार्गो का मार्केट शेयर 1.1 फीसदी है और ज्योति लेबोरेटरीज इस शेयर को 10 फीसदी तक लेकर जाना चाहता है। देश का साबुन केटेगरी का मार्केट 150 अरब रुपए का है।

देश भर में 1 लाख करोड़ की शत्रु संपत्तियों की नीलामी होगी

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नई दिल्ली। देश भर में फैली 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक कीमत की 9,400 शत्रु संपत्तियों की सरकार बोली लगवाने की तैयारी में है। अधिकारियों के मुताबिक गृह मंत्रालय ने ऐसी सभी संपत्तियों की पहचान करना शुरू कर दिया है। चीन और पाकिस्तान की नागरिकता के लिए जाने वाले लोगों की संपत्ति को शत्रु संपत्ति कहा जाता है।

49 साल पुराने शत्रु संपत्ति अधिनियम में संशोधन के बाद सरकार सरकार यह कदम उठाने जा रही है। इन कानून के मुताबिक विभाजन के दौरान या उसके बाद पाकिस्तान और चीन जाकर बसने वाले लोगों की संपत्तियों पर उनके वारिस का अधिकार नहीं रहता।

शत्रु संपत्ति बिल, जानें क्या है यह, किस पर बड़ा असर : गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, ‘हाल ही में एक मीटिंग में गृह मंत्री राजनाथ सिंह को यह जानकारी दी गई थी कि 6,289 शत्रु संपत्तियों का सर्वे कर लिया गया है और बाकी 2,991 संपत्तियों का सर्वे किया जा रहा है।

होम मिनिस्टर ने आदेश दिया कि ऐसी संपत्तियां जिनमें कोई बसा नहीं है, उन्हें खाली करा लिया जाए ताकि जल्द उनकी बोली लगवाई जा सके। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि इन शत्रु संपत्तियों की अनुमानित कीमत 1,00,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

इन्हें बेचने के बाद सरकार को बड़ी रकम हासिल होगी। अधिकारी ने कहा कि इसी तरह पाकिस्तान में भारतीयों से जुड़ी संपत्तियों को बेचा जा चुका है। राज्य सरकारों की ओर से ऐसी संपत्तियों की पहचान करने और उनकी कीमत का आकलन करने के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है।

सबसे ज्यादा 4,991 शत्रु संपत्तियां हैं यूपी में
पाकिस्तान जाने वाले लोगों की ओर देश में कुल 9,280 प्रॉपर्टीज हैं। इनमें सबसे ज्यादा 4,991 प्रॉपर्टीज उत्तर प्रदेश में हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में ऐसी 2,735 प्रॉपर्टीज हैं। इसके अलावा राजधानी दिल्ली में ऐसी 487 संपत्तियां है।

इनमें से 126 संपत्तियां उन लोगों की हैं, जिन्होंने चीन की नागरिकता ले ली। चीन के नागरिकों से जुड़ी सबसे अधिक 57 शत्रु संपत्तियां मेघायल में हैं, जबकि 29 पश्चिम बंगाल में हैं। असम में ऐसी 7 प्रॉपर्टीज हैं। 

इजराइल के पीएम नेतन्याहू भारत दौरे पर

नई दिल्ली।  इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू अपनी छह दिवसीय भारत यात्रा के लिए रविवार दोपहर दिल्ली पहुंच गए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेतन्याहू का एयरपोर्ट पर प्रोटोकाल तोड़ते हुए गर्मजोशी से स्वागत किया।

इस दौरे में भारत और इजरायल के बीच रक्षा, कृषि, जल संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और आंतरिक सुरक्षा समेत तमाम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। पीएम मोदी के कार्यकाल में इजरायल के प्रधानमंत्री का यह पहला भारत दौरा है। 

भारत कैंसल कर चुका है डील 
इजराइल के पीएम नेतन्याहू का यह दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है जब हाल ही में भारत ने इजरायल सरकार के नियंत्रण वाली डिफेंस कॉन्ट्रेक्टर राफेल कंपनी को दिए एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल का ऑर्डर कैंसल कर दिया था। यह डील करीब 500 मिलियन डॉलर की थी।

पीएम नेतन्याहू के इस दौरे के दौरान इस डील के बारे में एक बार फिर चर्चा संभव है। इस संबंध में शुक्रवार को भारतीय थल सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने संकेत भी दिए।  उन्होंने उम्मीद जताया कि रद्द की गई इस डील को रिवाइज किया जा सकता है। 
 
एमओयू पर होंगे हस्ताक्षर 
नेतन्याहू की भारत यात्रा पर उनके साथ 130 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा। इस प्रतिनिधिमंडल में साइबर क्षेत्र, कृषि क्षेत्र के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र से जुड़े सदस्य भी होंगे।

इजराइल के पीएम के भारत यात्रा के दौरान तेल और गैस, नवीकरणीय ऊर्जा, हवाई अड्डों के लिए संशोधित प्रोटोकॉल, साइबर सुरक्षा, फिल्म और वृत्तचित्र के सह-निर्माण सहित अन्य क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होंगे।
 
1 अरब डॉलर का हथियार खरीदता है भारत 
भारत, इजरायल से हर साल करीब 1 अरब डॉलर के हथियार खरीदता है। एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सौदे के रद्द होने के बावजूद भारतीय रक्षा मंत्रालय ने इस महीने राफेल द्वारा निर्मित 131 बराक मिसाइलों को खरीदने के लिए 72 मिलियन डॉलर के रक्षा सौदे को मंजूरी दी है। 

ये है नेतन्याहू का कार्यक्रम 
नेतन्याहू अपनी 6 दिवसीय यात्रा के दौरान भारत की राजधानी दिल्ली, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के अलावा पीएम मोदी के गृहराज्य गुजरात भी जाएंगे। बता दें कि सात महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल की यात्रा की थी। यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला इजरायल दौरा था।

ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स में भारत को 30वीं रैंक

नई दिल्ली। ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स में भारत को 30वीं रैंक मिली है। इस मामले में भारत चीन को छोड़कर सभी ब्रिक्स देशों से ऊपर है। वहीं, लिस्ट में जापान टॉप है और चीन 5वें नंबर पर है। यह रैंक वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने दी है। जेनेवा बेस्ड वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रीडिनेस फॉर द फ्यूचर ऑफ प्रोडक्शन रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। 

 ब्रिक्स देशों में भारत दूसरे पर
रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग ब्रिक्स देशों में दूसरे नंबर पर है। इसमें चीन को 5वीं, भारत को 30वीं, रूस को 35वीं, ब्राजील को 41वीं और साउथ अफ्रीका को 45वीं रैंक मिली है। वहीं, जापान के बाद टॉप 10 में साउथ कोरिया, जर्मनी, स्विटजरलैंड, चीन, चेज रिपब्लिक, यूएस, स्वीडन, ऑस्ट्रिया और आयरलैंड का नाम है। 
 
भारत विश्‍व का 5वां बड़ा मैन्युफैक्चरर
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अनुसार भारत विश्‍व का 5वां बड़ा मैन्युफैक्चरर देश है। 2016 में इस मामले में भारत की ओर से 42000 करोड़ डॉलर वैल्यू ऐड किया गया।

भारत में यह सेक्टर पिछले 3 दशक से औसतन हर साल 7 फीसदी की दर से ग्रोथ कर रहा है और इस सेक्टर का भारत की जीडीपी में योगदान 16 से 20 फीसदी है। भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट की डिमांड लगातार बढ़ रही है। 
 
भारत लीगैसी कटेगिरी में
भारत को इसमें लीगैसी कटेगिरी में शामिल किया गया है। इसमें भारत के साथ हंगरी, मैक्सिको, फिलीपींस, रूस, थाईलैंड और तुर्की शामिल हैं। वहीं, चीन को लीडिंग कटेगिरी में रखा गया है, ब्राजील और साउथ अफ्रीका चौथी कटेगिरी नैसेंट में शामिल हैं। 
 
4 कटेगिरी में 100 देश 
रिपोर्ट में कुल 4 कटेगिरी रखी गई है, जिसमें 100 देश शामिल हैं। 4 कटेगिरी में लीडिंग, हाई पोटेंशियल, लीगैसी और नैसेंट शामिल हैं। लीडिंग यानी जिन देशों का करंट बेस मजबूत है और भविष्‍य के प्रति मुस्तैदी ज्यादा है। हाई पोटेंशियल में वे देश जिनमें करंट बेस लिमिटेड है लेकिन भविष्‍य के लिए पोटेंशियल ज्यादा है।
 
लीगैसी में वे देश जिनका करंट बेस तो मजूबत है लेकिन भविष्‍य में रिस्क दिखता है। वहीं, नैसेंट में वे देश शामिल हैं, जिनके यहां लिमिटेड करंट बेस के साथ भविष्‍य के प्रति पोटेंशियल भी कम है।

भाटिया फ़ेडरेशन के बोर्ड में सदस्य मनोनीत

कोटा।  फेडरेशन ऑफ़ स्पाइसेस स्टॉक होल्डर्स की ओर से मुकेश भाटिया कोटा को फ़ेडरेशन के बोर्ड में सदस्य मनोनीत किया गया है। भाटिया ने बताया कि उनका मनोनयन धनिया और मेथी जोन से नीमच, मन्दसौर, कोटा, रामगंजमण्डी, बारां, बूंदी एवं गुना के एरिया की क्रॉप और व्यापारियों में पहुंच बनाने के लिए किया गया है। मनोनयन के बाद भाटिया ने बताया कि व्यापारी मित्रो द्वारा उनका माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया।

ज्ञातव्य है कि भाटिया मसाला जिंस के ब्रोकर के रूप में देशभर में अपनी पहचान रखते हैं। वह धनिया की कई सेमिनार का आयोजन कर चुके हैं। अब फरवरी में जयपुर में स्पाइस मीट में भी वह अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनकी कार्यशैली को देखते हुए ही फेडरेशन के चेयरमैन ने उन्हें बोर्ड में शामिल किया है।

हाड़ौती के गुलाब को मिलेगी खास पहचान, 5 लाख रुपए किलो बिकेगा तेल

कोटा। हाड़ौती में गुलाब की खेती को अब खास पहचान मिलेगी। कम लागत से गुलाब की फसल से पांच लाख रुपए किलो की कीमत वाला तेल निकाला जा सकता है। इसके लिए शहर से 15 किमी दूर बूंदी रोड पर नोताड़ा भोपत में केंद्र सरकार की ओर से सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिशनल ऐरोमेटिक प्लांट लखनऊ की टीम ने चार दिन तक गुलाब के फूलों से तेल, किस्म, बॉयो प्रोडक्ट सहित अन्य विषयों पर रिसर्च वर्क किया।

प्रारंभिक रुझान में बेहतर परिणाम सामने आए हैं और तेल की कीमत 5 लाख रुपए आंकी जा रही है। वैज्ञानिकों की टीम ने यहां के गुलाब की क्वालिटी से लेकर फूल, प्लांटिंग मटेरियल और अन्य सैंपल कलेक्ट किए हैं। जिनकी लखनऊ में जांच होगी। इनकी फाइनल रिपोर्ट 15 दिन में आएगी।

टीम में रिटायर्ड साइंटिस्ट डॉ. डीसी जैन के अलावा लखनऊ के साइंटिस्ट डॉ. बीआर राव, इंजीनियर जमील और असिस्टेंट गोपाल शामिल रहे। टीम ने किसानों को चार दिन तक गुलाब की खेती में सावधानी और किस्म सहित अन्य विषयों को लेकर जानकारी दी।

उल्लेखनीय है कि हाड़ौती में गुलाब की खेती के लिए नोताड़ा भोपत की खास पहचान है। किसान परमेश्वर, लोकेश ने बताया कि सरकार से प्लांट के लिए सब्सिडी और ट्रेनिंग मिल जाए तो यह खेती और प्लांट किसानों के लिए किफायती साबित हो सकती है।

चार दिन तक नोताड़ा भोपत में लखनऊ की टीम ने रिसर्च किया। इसके बाद टीम ने गुलाब का तेल 5 लाख रुपए किलो तक बिकने की संभावना जताई है।

क्या है प्रोसेस का तरीका : यहां के गुलाब में यह प्रारंभिक रुझान में एक किलो ऑयल के लिए करीब पांच हजार किलो फूल की जरूरत होगी। गुणवत्ता सुधार के बाद यह ग्राफ कम हो सकता है।

प्लांट खर्च : गुलाब से निकले वाले तेल सहित अन्य प्रोडक्ट तैयार करने के लिए एक प्लांट के लिए न्यूनतम दो से पांच लाख रुपए तक प्लांट पर खर्च हो सकते हैं।

मार्केट : ऐरोमेटिक के लिए मुंबई में एसोसिएशन बनी हुई हैं। इसके अलावा लखनऊ, दिल्ली के अलावा इंटरनेशनल मार्केट भी है।

पौधों की खरीद में 50 प्रतिशत छूट
हाड़ौती में गुलाब की खेती के प्रति हर साल किसानों का रुझान बढ़ता जा रहा है। पिछले साल 1.35 लाख पौधे लगाए थे, इस बार 1.55 लाख पौधे लगाए गए हैं। एक बीघा से अधिक में गुलाब की खेती के लिए पौधों की खरीद में 50 प्रतिशत छूट है। -डॉ. रामावतार शर्मा, संयुक्त निदेशक उद्यान विभाग 

सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट झालावाड़ एयरपोर्ट पर आया संकट

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कोटा/ झालावाड़। सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट झालावाड़ एयरपोर्ट पर बड़ा संकट आ गया है। इस एयरपोर्ट के रनवे के विस्तार के लिए राज्य सरकार की ओर से भेजे गए 120.40 हैक्टेयर लैंड डायवर्जन (भूमि प्रत्यावर्तन) प्रस्ताव को केंद्र ने कड़ी आपत्तियों के साथ लौटा दिया है।

झालावाड़ के कोलाना स्थित रनवे को 1700 से बढ़ाकर 3000 मीटर करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने यह प्रस्ताव तैयार किया था। राज्य सरकार यहां बड़ा एयरपोर्ट शुरू करना चाहती है, जहां बोइंग जैसे विमान उतर पाए। इस प्रस्ताव पर 20 दिसंबर को दिल्ली में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की फॉरेस्ट एडवाइजरी कमेटी (एफएसी) की बैठक में विस्तार से चर्चा की गई।

एफएसी की मीटिंग की रिपोर्ट में कई बिंदुओं पर सख्त ऐतराज जताया गया है। एफएसी ने पहला सवाल ही यह किया है कि राज्य सरकार यह स्पष्ट करे कि उसने वन भूमि को गैर वानिकी कार्य में यूज करने की सहमति क्यों और कैसे दी? जबकि प्रस्तावित जमीन मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व से महज 5.6 किमी दूर है।

सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के हिसाब से डेलिनियेशन (सीमा निर्धारण) नहीं होने तक 10 किमी ईको सेंसेटिव जोन माना जाना चाहिए, जो मुकंदरा पर भी प्रभावी होता है। क्योंकि यहां अभी तक स्थानीय वन विभाग ने डेलिनियेशन नहीं किया है। हालांकि एक्सपर्ट यह भी बताते हैं कि ईको सेंसेटिव जोन में ऐसी कई गतिविधियों में छूट दी जा सकती है, जिनसे प्रदूषण का खतरा नहीं होता। इस एयरपोर्ट को चुनाव से पहले शुरू करने की तैयारी है, लेकिन अब यह होता नहीं दिख रहा।

पिछले माह कंसल्टेंट ने दी रिपोर्ट
झालावाड़ एयरपोर्ट के लिए राज्य सरकार की ओर से नियुक्त कंसल्टेंट ने पिछले माह ही राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपी है। कंसलटेंट संगीता एविएशन सर्विसेज प्रा. लि. ने 23 दिसंबर को दी रिपोर्ट में बताया है कि 169 करोड़ की लागत से यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनाया जा सकेगा। इस पर एयरबस 380 जैसे बड़े विमान भी उतर पाएंगे। गौरतलब है कि इस काम के लिए झालावाड़ में पीडब्ल्यूडी के अलग से एक्सईएन तैनात है।

एयर स्ट्रिप को दी जा सकती है छूट
पूर्व में ली गई जमीन के मामले में अंतिम परमिशन नहीं दी गई थी। इसलिए फॉरेस्ट एक्ट में एफआईआर दर्ज की थी। उस मामले में अतिक्रमण मानते हुए जुर्माना भी वसूला गया था। हमने सारी स्थिति से मिनिस्ट्री को अवगत करा दिया था। मुकंदरा के ईको सेंसेटिव जोन की जहां तक बात है, उसमें कई गतिविधियों में छूट है और एयर स्ट्रिप के मामले में यह छूट दी जा सकती है।
– आरसी ओगरा, डीसीएफ, वन विभाग, झालावाड़

दोबारा भेजेंगे प्रस्ताव
यह रूटीन प्रक्रिया है। एक बार में किसी भी प्रस्ताव पर सहमति नहीं होती। उनकी जो भी आपत्तियां हैं, उन्हें पूरा करके भिजवाएंगे। सारा काम गाइडलाइन के हिसाब से होगा।
– आरके सोनी, एक्सईएन, एयरपोर्ट खंड, झालावाड़

यह है आपत्तियां
कमेटी ने लिखा कि इस एयरस्ट्रिप के लिए 9.71 हैक्टेयर वन भूमि पहले से गैरकानूनी ढंग से ली जा चुकी है। इसे लेकर 28 नवंबर, 2008 को संबंधित नाका प्रभारी की ओर से वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के तहत दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (क्रमांक-19) दर्ज की गई थी। सरकार यह बताएं कि उन दोषी अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?

एफएसी का मानना है कि यूजर एजेंसी (पीडब्ल्यूडी) द्वारा टर्मिनल स्टेशन व सेफ्टी जोन के लिए चाही गई जमीन देश में इसी तरह की अन्य एयर स्ट्रिप से काफी ज्यादा है। इसका कोई संतोषप्रद जवाब भी नहीं दिया गया। इसलिए डीजीसीए की गाइडलाइन के हिसाब से यूजर एजेंसी लैंड यूज प्लान दोबारा पूरे विस्तार के साथ प्रस्तुत करें, जिसमें टर्मिनल स्टेशन भी शामिल किया जाए।

इसके अलावा मुकंदरा के ईको सेंसेटिव जोन, आसपास की वाटर बॉडी आदि को लेकर भी आपत्तियां लगाई गई हैं और कहा गया है कि इन्हें लेकर स्थिति स्पष्ट हो। ईको सेंसेटिव जोन का निर्धारित शीघ्र करते हुए नोटिफिकेशन जारी किया जाए तथा आसपास की वाटर बॉडी की पर्याप्त सुरक्षा का मसला इसी प्रोजेक्ट में शामिल किया जाए।