Wednesday, July 15, 2026
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भारत-इजरायल में डिफेंस समेत 9 करार : नेतन्याहू बोले- मोदी क्रांतिकारी नेता

नई दिल्ली। इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और नरेंद्र मोदी की सोमवार को हैदराबाद हाउस में मुलाकात हुई। भारत-इजरायल में डिफेंस-पेट्रोलियम समेत 9 करार हुए।

इससे पहले नेतन्याहू का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। नेतन्याहू ने कहा कि ये भारत-इजरायल के रिश्तों में नए युग का सवेरा है। नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी दी। नेतन्याहू रविवार को 6 दिन के दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे थे।

दोनों देशों के बीच नया अध्याय शुरू होगा
– मोदी ने कहा, “अच्छे दोस्त का भारत में स्वागत है। आपके (नेतन्याहू) दौरे से दोनों देशों के बीच रिश्तों का नया अध्याय शुरू होगा।”
– “भारत और इजरायल के बीच डेलिगेशन लेवल टॉक हुई। इस दौरान साइबर को-ऑपरेशन, साइंस एंड टेक्नोलॉजी, फिल्म को-ऑपरेशन, होम्योपैथी अल्टरनेटिव मेडिसिन समेत कुल 9 एमओयू साइन हुए।”
– “आज और कल हम दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने पर बात करेंगे और उन्हें नया आयाम देने से हमारे सामने अवसरों का नया रास्ता खुलेगा। हमने अपने पुराने फैसलों को भी बेहतर तरीके से लागू किया। जमीनी स्तर पर इसके परिणाम देखने को मिल रहे हैं।”

मोदी ने भारत में क्रांति लाने काम किया
नेतन्याहू ने कहा, “आप क्रांतिकारी नेता हैं। आपने भारत में क्रांति लाने का काम किया है और इस देश का भविष्य को तय किया है। आपकी इजराइल विजिट अभूतपूर्व थी, ये किसी भारतीय लीडर की पहली इजरायल विजिट थी। पीएम मोदी आपका शुक्रिया।”

 “भारत में रहने वाले यहूदियों को उस तरह की विरोधी भावनाओं का सामना कभी नहीं करना पड़ा, जैसा कि दूसरे देशों में करना पड़ता है। भारत की सभ्यता, उदारता और लोकतंत्र को सलाम है।”

 “पीएम मोदी की इजरायल विजिट ने सभी इजरायलियों को उत्साहित किया था। उन इजरायलियों को भी उत्साहित किया था, जो भारतीय मूल के थे। मुझे ये एक रॉक कन्सर्ट जैसा लगा, लेकिन ये एक ऐतिहासिक घटना भी थी।”

“भारत में रहने वाले यहूदियों को उस तरह की विरोधी भावनाओं का सामना कभी नहीं करना पड़ा, जैसा कि दूसरे देशों में करना पड़ता है। भारत की सभ्यता, उदारता और लोकतंत्र को सलाम है।”

“पीएम मोदी की इजरायल विजिट ने सभी इजरायलियों को उत्साहित किया था। उन इजरायलियों को भी उत्साहित किया था, जो भारतीय मूल के थे। मुझे ये एक रॉक कन्सर्ट जैसा लगा, लेकिन ये एक ऐतिहासिक घटना भी थी।”

“हमें मुंबई की भयावह क्रूरता (26/11 अटैक) याद है, हम कभी भी पीछे नहीं हटेंगे और हम लड़ाई लड़ेंगे। मेरे भाई नरेंद्र अगर आप कभी भी मेरे साथ योगा क्लास करना चाहते हैं तो आपका स्वागत है।”

इन 5 वजहों से खास है नेतन्याहू का भारत दौरा

1. 15 साल बाद भारत आने वाले पहले पीएम
यह 15 साल में किसी इजरायली पीएम का दौरा है। इससे पहले 2003 में पीएम एरियल शेरॉन भारत आए थे। नेतन्याहू का यह दौरा भारत-इजरायल की दोस्ती के लिहाज से अहम है, क्योंकि यूएन में भारत ने येरूशलम को राजधानी घोषित करने के खिलाफ वोट किया था।

2. 3181 करोड़ रु. की एंटी मिसाइल डील हो सकती है
कुछ दिन पहले भारत ने इजरायल के साथ 3181 करोड़ रु. की एंटी टैंक स्पाइक मिसाइल डील और रॉफेल वेपंस डील निरस्त कर दी थी।

हालांकि अब कहा जा रहा है नेतन्याहू, मोदी के साथ इस डील को दोबारा कन्फर्म कर सकते हैं। इसके तहत इजरायल, भारत को 8000 एंटी टैंक स्पाइक मिसाइल देगा।

इस दौरे पर भारत, इजरायल के बीच 445 करोड़ रु. के जमीन से हवा में मार करने वाली 131 मिसाइलों समेत अन्य समझौते होंगे।

3. भारत को पाक सीमा पर चौकसी के लिए स्मार्ट बाड़ देगा
भारत ने पठानकोट हमले के बाद पाकिस्तान सीमा पर स्मार्ट बाड़ लगाने का फैसला किया था। इस स्मार्ट बाड़ की टेक्नोलॉजी इजरायल, भारत को दे रहा है।

स्मार्ट बाड़ इजरायल ने अरब देशों के साथ लगती अपनी 200 किमी की सीमा पर लगा रखी है। वह हवा में खतरे की वॉर्निंग एंड कंट्रोल करने वाला सिस्टम अवाक्स दे रहा है।

4. भारत-इजरायल रिश्तों के 25 साल
2017 में भारत-इजरायल की दोस्ती को 25 साल पूरे हो गए। दोनों देशों ने इसे सेलिब्रेट किया। पीएम मोदी इजरायल गए। वे इजरायल जाने वाले पहले पीएम थे।

 नेतन्याहू का यह दौरा भी इस दोस्ती को केंद्र में रखकर हो रहा है। यह दोस्ती 1999 में परवान चढ़ी, जब करगिल जंग के दौरान इजरायल ने भारत को सिर्फ एक बार कहने पर लेजर गाइडेड बम और मानवरहित प्लेन मुहैया कराया था। बड़ी मात्रा में गोला-बारूद भी दिया।

5. भारत हर साल इजरायल से 6400 करोड़ के हथियार लेता है
दोनों देशों के रक्षा, कृषि, साइबर सिक्युरिटी, मेडिसिन, सिनेमा, जल, रक्षा, फूड इंडस्ट्री, साइंस एंड टेक्नोलॉजी, व्यापार आदि क्षेत्रों में नए समझौते हो सकते हैं।

भारत और इजरायल के बीच हर साल करीब 25,452 करोड़ रु. का कारोबार होता है। भारत हर साल करीब 6400 करोड़ रु. के हथियार इजरायल से खरीदता है।

शादियां तो स्वर्ग में तय होती हैं
– मोदी के साथ मीटिंग से पहले नेतन्याहू ने कहा कि दोनों के मजबूत रिश्तों की शुरुआत मोदी के ऐतिहासिक इजरायल दौरे से हुई थी। उस यात्रा ने जोश भर दिया। ये मेरी विजिट तक जारी है। मैं, मेरी पत्नी और इजरायल के लोगों की तरफ से शुक्रिया अदा करता हूं। दोनों देशों के बीच पार्टनरशिप से लोगों की तरक्की और शांति आएगी।

“भारत और इजरायल के बीच दोस्ती का ये रिश्ता नए युग की शुरुआत है।”
 नेतन्याहू ने कहा कि हम भारत के यूएन में हमारे खिलाफ दिए गए वोट से नाखुश हैं लेकिन एक वोट से ही हमारे रिश्ते तय नहीं होते।

बता दें कि अमेरिका ने येरूशलम को इजरायल की राजधानी घोषित किया था। यूएन में भारत समेत 127 देशों ने इसका विरोध किया था। देखने वाली बात ये है कि दोनों देशों, दोनों देशों के लोगों और नेताओं के बीच रिश्ते हैं। भारत-इजर

दलाल स्ट्रीट की कंपनियों के तिमाही परिणामों पर नजर

नई दिल्ली। दलाल स्ट्रीट की चाल पर कुछ बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों और थोक महंगाई के आंकड़ों का असर पड़ सकता है। इस हफ्ते एचडीएफसी बैंक, आइटीसी और विप्रो जैसी ब्लूचिप कंपनियों के नतीजे आने हैं। इनके अतिरिक्त निवेशक थोक महंगाई और बजट पूर्व संकेतों पर भी नजर रखेंगे।

18 जनवरी को जीएसटी काउंसिल की बैठक में होने वाले फैसले भी बाजार धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। प्रमुख शेयर बाजार साप्ताहिक आधार पर पिछले छह हफ्ते से बढ़त में चल रहे हैं। बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स बीते सप्ताह 438.54 अंक के उछाल के साथ अब तक के सर्वोच्च स्तर 34592.39 पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी हफ्तेभर में 122.40 अंक की तेजी के साथ 10681.25 के रिकॉर्ड स्तर पर रहा। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ‘लिक्विडिटी की बेहतर स्थिति और ग्लोबल मार्केट से सकारात्मक संकेतों के दम पर इस हफ्ते भी बाजार में तेजी की उम्मीद है।

हालांकि तिमाही नतीजे और बजट से पहले के संकेत धारणा पर असर डालेंगे।’ शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद आए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आइआइपी) और खुदरा महंगाई के आंकड़ों पर भी बाजार की प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। नवंबर में आइआइपी की वृद्धि दर 17 महीने के उच्च स्तर 8.4 फीसद पर रही।

यह तेजी मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में रौनक लौटने का स्पष्ट संकेत हैं। हालांकि, दिसंबर में खुदरा महंगाई भी 17 महीने के ऊंचे स्तर 5.2 फीसद पर पहुंचने से धारणा पर असर पड़ सकता है। इस बीच, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफपीआइ) में उत्साह बना हुआ है।

सकारात्मक संकेतों को देखते हुए 12 जनवरी तक एफपीआइ ने 5,252 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इनमें से 2,172 करोड़ रुपये इक्विटी में और 3,080 करोड़ रुपये डेट मार्केट में डाले गए।

शीर्ष 10 में से नौ कंपनियों का एम-कैप बढ़ा
देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से नौ के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते हफ्ते 66,619.4 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। सबसे ज्यादा फायदे में टीसीएस रही। कंपनी का एम-कैप 16,931.88 करोड़ रुपये बढ़कर 5,30,812.81 करोड़ रुपये रहा।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार मूल्यांकन भी 15,042.08 करोड़ रुपये बढ़कर 5,99,624.45 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इन्फोसिस, एचडीएफसी, आइटीसी, हिंदूस्तान यूनिलीवर, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी और ओएनजीसी के बाजार पूंजीकरण में भी उछाल आया। बीते हफ्ते केवल एसबीआइ के बाजार मूल्यांकन में गिरावट आई।

म्यूचुअल फंडों में एसआइपी के रास्ते आए 6,200 करोड़
खुदरा निवेशकों के बीच सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआइपी) को लेकर रुझान बढ़ रहा है। दिसंबर में इस रास्ते से म्यूचुअल फंडों में 6,200 करोड़ रुपये आए। एक साल पहले की तुलना में इसमें 56 फीसद का उछाल आया है। 2017 में एसआइपी के रास्ते म्यूचुअल फंडों में कुल 59,000 करोड़ रुपये और 2016 में 40,000 करोड़ रुपये आए थे।

थोक महंगाई में आई गिरावट, दिसंबर में सूचकांक 3.58 फीसद रहा

नई दिल्ली। साल 2017 के दिसंबर महीने में थोक मूल्य सूचकांक आधारित (WPI) महंगाई दर में नरमी देखने को मिली है। दिसंबर महीने में डब्ल्यूपीआई महंगाई दर घटकर 3.58 फीसद के स्तर पर आ गई। नवंबर महीने में यह 3.93 फीसद रही थी।

मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट डब्ल्यूपीआई 2.61 फीसद के स्तर पर बरकरार रही है। दिसंबर महीने में खाद्य थोक महंगाई दर 4.10 फीसद से घटकर 2.91 फीसद रही है। इसके अलावा थोक महंगाई दर 3.93 फीसद से घटकर 3.58 फीसद रही है। वहीं सब्जियों से जुड़ी महंगाई दर 59.80 फीसद से घटकर 56.46 फीसद रही है।

महंगाई 16 महीने की ऊंचाई पर, महंगी सब्जियों का दिखा असर
महंगाई के मोर्चे पर एक बार फिर से राहत की खबर नहीं आई है। दिसंबर महीने में सीपीआई इन्फ्लेशन 5.21 फीसद रही है जो कि नवंबर महीने में 4.88 फीसद रही थी।

साल 2017 के आखिरी महीने में सीपीआई महंगाई के 5.12 फीसद पर रहने का अनुमान लगाया गया था। फ्यूल एवं बिजली क्षेत्र से जुड़ी महंगाई दर 7.9 फीसद पर बरकरार रही है जबकि सब्जियों की महंगाई 22.48 फीसद से बढ़कर 29.13 फीसद रही है।

कपड़ा और फुटवेयर सेक्टर की ग्रोथ 4.96 फीसद से बढ़कर 4.9 फीसद रही, जबकि खाद्य महंगाई 4.42 फीसद से बढ़कर 4.96 फीसद रही है। महीने दर महीने आधार पर दिसंबर में शहरी इलाकों की महंगाई दर 7.36 फीसदी से बढ़कर 8.25 फीसदी रही है।

महीने दर महीने आधार पर दिसंबर में दालों की महंगाई दर -23.53 फीसदी के मुकाबले -23.47 फीसदी रही है। दिसंबर में सब्जियों की महंगाई दर 22.48 फीसदी से बढ़कर 29.13 फीसदी पर रही है। हालांकि फ्यूल, बिजली की महंगाई दर में किसी कोई बदलाव नहीं हुआ है।

महीने दर महीने आधार पर दिसंबर में फ्यूल, बिजली की महंगाई दर में 7.9 फीसदी पर बरकरार रही है। महीने दर महीने आधार पर दिसंबर में कपड़ों और जूतों की महंगाई दर 4.96 फीसदी से घटकर 4.8 फीसदी रही है।

सरकार छोटे सरकारी बैंकों का विलय करने की तैयारी में

नई दिल्ली। पिछले साढ़े तीन साल से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की हालत सुधारने में जुटी मोदी सरकार इस बार आम बजट में इस बारे में कुछ खास करने की तैयारी है। माना जा रहा है कि सरकारी बैंकों में विलय को लेकर अब दो टूक फैसला किया जाएगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली बैंक विलय का पूरा रोडमैप इस बजट में पेश कर सकते हैं।

इससे निश्चित तौर पर वित्तीय क्षेत्र में सुधार का एक अहम एजेंडा आगे बढ़ेगा, लेकिन इस कदम से सकार की असली मंशा बेहाल पड़े सरकारी बैंकों में नई जान फूंकना है। सरकारी बैंकों का एकीकरण एक ऐसा एजेंडा है, जिस पर वर्ष 2002 के बाद से तीन केंद्र सरकारें गंभीरता से विचार करने के बावजूद कदम आगे बढ़ाने का माद्दा नहीं दिखा सकीं।

बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सरकारी बैंकों के विलय को लेकर गठित समिति में पिछले कुछ हफ्तों में व्यापक विचार-विमर्श हुआ है। इसी आधार पर बजट में घोषणा होगी। अक्टूबर 2017 में कैबिनेट के फैसले के अनुरूप सरकार ने वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में बैंक विलय की वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने के लिए एक समिति गठित की थी।

रेल मंत्री पीयूष गोयल और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी इस समिति के सदस्य हैं। तब सरकार की तरफ से कहा गया था कि बैंक विलय का प्रस्ताव बैंकों की तरफ से ही आना चाहिए। उस प्रस्ताव पर यह समिति फैसला करेगी और इसे आरबीआइ व सेबी की तरफ से लागू करने की व्यवस्था होगी।

इस समिति के अलावा पूर्व कैग विनोद राय की अध्यक्षता वाले बैंकिंग बोर्ड ऑफ ब्यूरो ने भी विलय पर अपने कुछ सुझाव दिए हैं। इन पर भी वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली समिति ने विचार किया है। सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद अभी तक सरकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति में बहुत सुधार के संकेत नहीं मिले हैं।

बैंक विलय के लिए समिति बनाने के बाद कैबिनेट ने इन बैंकों के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का भी एलान किया था। इसमें से 80 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान को संसद ने भी मंजूरी दे दी है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार को यह बात तकरीबन समझ आ रही है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में विलय किए बिना अब बात नहीं बनने वाली है।

इस सोच के पीछे एक वजह यह है कि सरकार ने इन बैंकों को 1.80 लाख करोड़ रुपये बाजार से बांड्स जारी कर जुटाने को कहा है, लेकिन इनमें से अधिकांश बैंकों की स्थिति बेहद खराब है।

उनके लिए निवेशकों को आकर्षित करना एक टेढ़ी खीर है। ऐसे में विलय की घोषणा से इनके प्रति निवेशकों का आकर्षण बढ़ेगा। ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि अगला वित्त वर्ष 2018-19 छोटे-छोटे सरकारी बैंकों को मिला कर कुछ बड़े बैंक बनाने के लिए जाना जाएगा।

GST का शिकायत फॉर्म अब आसान बनेगा

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नई दिल्ली। फाइनैंस मिनिस्ट्री उस फॉर्म को आसान बना रही है, जिसे जीएसटी लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को मुनाफाखोरी में शामिल लोगों के खिलाफ शिकायत करते समय भरना होता है। मिनिस्ट्री इस फॉर्म को ज्यादा आसान और कंज्यूमर फ्रेंडली बनाना चाहती है।

बता दें कि 1 जुलाई से जीएसटी के लागू होने के बाद से टैक्स रेट में कमी का लाभ न मिलने के कारण उपभोक्ताओं ने स्टैंडिंग कमिटी और स्क्रीनिंग कमिटी के सामने 170 शिकायतें दर्ज कराई हैं।

मुनाफाखोरी की शिकायत करने वाले फॉर्म में सिंगल पेज डॉक्युमेंट है। इसमें 44 कॉलम हैं और इनमें से आधे कॉलम को भरना अनिवार्य होता है। एक अधिकारी ने बताया कि स्टैंडिंग कमिटी फॉर्म के जटिल होने की कई शिकायतें मिली थी, जिसके बाद इसे आसान बनाया जा रहा है।

कोटा विवि : बीएससी में मात्र 3 स्टूडेंट ही पास

कोटा।  क्वालिटी एजुकेशन का दावा करने वाले कोटा यूनिवर्सिटी के दो डिपार्टमेंट के परिणामों ने केमेस्ट्री और फिजिक्स के स्टूडेंट्स का साल खराब कर दिया है। अधिकांश स्टूडेंट्स के बैक आने व फेल होने के कारण कॉपियों के असेसमेंट पर सवाल उठ गए हैं। यूनिवर्सिटी के दोनों ही डिपार्टमेंट रेगुलर क्लासेज और बेहतर एजुकेशन देने का दावा करते हैं।

वहीं, यूनिवर्सिटी कैंपस में चलने वाले कोर्सेज में यह पहली बार ही हुआ है कि दो विभागों के परिणाम से इतने सारे स्टूडेंट्स असंतुष्ट हैं।  यूनिवर्सिटी ने हाल ही में पहले व तीसरे सेमेस्टर का रिजल्ट घोषित किया है। इसमें बीएससी ऑनर्स के साथ-साथ एमएससी के फिजिकल केमेस्ट्री, प्योर केमेस्ट्री और इंटीग्रेटेड केमेस्ट्री से अधिकांश स्टूडेंट्स जुड़े हुए हैं। के

मेस्ट्री में सिलेबस से बाहर आने वाले 27 नंबर के प्रश्नों की शिकायत स्टूडेंट्स ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से की थी। समाधान करने की जगह यूनिवर्सिटी ने सीधे ही परिणाम जारी कर दिया।

गैरहाजिर स्टूडेंट का रिजल्ट भी जारी कर दिया
बीएससी थर्ड सेमेस्टर में 34 से मात्र 3 स्टूडेंट ही सभी पेपर क्लियर कर पाए। अन्य स्टूडेंट्स की बैक आई है। केमेस्ट्री में 45 में से 5 स्टूडेंट्स ही पास हो पाए हैं। प्योर और इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री मेंे मैथ्स का ड्यू पेपर देने वाले स्टूडेंट्स में एक भी पास नहीं हुआ। फिजिकल केमेस्ट्री में भी स्टूडेंट्स का रिजल्ट काफी बिगड़ा है। एबसेंट रहने के बावजूद 1 स्टूडेंट का रिजल्ट जारी हो गया।

एमएड के रिजल्ट से भी स्टूडेंट्स असंतुष्ट
एमएड फर्स्ट ईयर के पेपर लर्निंग एंड डवलपमेंट के रिजल्ट से स्टूडेंट्स असंतुष्ट हैं। कुछ कॉलेज के स्टूडेंट्स ने इस विषय में 5 से 7 अंक तक ही स्कोर किए हैं।

परिणाम सही
केमेस्ट्री के स्टूडेंट्स को मैथ्स में दिक्कत आती है। शिकायत मिली थी, उसको एग्जामिन करवा दिया है। परिणाम सही निकाला गया है।
-प्रवीण भार्गव, परीक्षा नियंत्रक, कोटा विवि

निफ्टी पहली बार 10,700 के पार, सेंसेक्स रिकॉर्ड हाई 34,687 अंक पर खुला

नई दिल्ली।   पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों से हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत रिकॉर्ड लेवल पर हुई। निफ्टी पहली बार 10,700 के पार खुला। वहीं सेंसेक्स की भी शुरुआत रिकॉर्ड हाई पर हुई। सेंसेक्स 95 प्वाइंट की बढ़त के साथ 34,687 अंक पर खुला, जबकि निफ्टी 37 अंक बढ़कर 10,718 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में तेजी से सेंसेक्स ने 34787.51 के रिकॉर्ड नई ऊंचाई को छुआ। वहीं निफ्टी 10,733.40 प्वाइंट्स तक पहुंचा।

 पिछले रिकॉर्ड हाई लेवल
– 12 जनवरी को सेंसेक्स ने 34638.42 की रिकॉर्ड नई ऊंचाई को छुआ। वहीं निफ्टी 10,690.25 प्वाइंट्स तक पहुंचा।
– 11 जनवरी को निफ्टी ने 10,664.60 का ऑलटाइम हाई बनाया था।
– 09 जनवरी को सेंसेक्स ने ऊंचाई का नया लेवल 34565.63 प्वाइंट्स को छुआ।
– 08 जनवरी को सेंसेक्स ने 34487.52 प्वाइंट्स का लेवल छुआ, वहीं निफ्टी 10,631.20 के हाई तक गया था।
– 5 जनवरी 2018 को सेंसेक्स 34,175 और निफ्टी 10,566.10 प्वाइंट्स तक गया था।
 
क्यों आई शेयर बाजार में तेजी
– सोमवार को एशियाई बाजार भी ऐतिहासिक हाई लेवल पर पहुंचे। एशियाई बाजारों में तेजी से भारतीय शेयर बाजार में मजबूती आई।
– शुक्रवार को देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे। थर्ड क्वार्टर में कंपनी का मुनाफा 38 फीसदी बढ़कर 5129 करोड़ रुपए रहा। इससे बाजार को सपोर्ट मिला।
– वहीं हैवीवेट एसबीआई, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टीसीएस और आईटीसी में बढ़ोतरी से बाजार में तेजी आई है।
 
स्मॉलकैप इंडेक्स नई ऊंचाई पर, मिडकैप में तेजी
शुरुआती कारोबार में लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी देखने को मिल रही है।
बाजार में तेजी से बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स नई ऊंचाई 20153.89 पर पहुंच गया। स्मॉलकैप शेयरों में कैपिटल फर्स्ट, किंग्फा साइंस, हैथवे, मुथूट फाइनेंस, बीईपीएल, टीवी विजन के शेयर्स 4.98-7.80 फीसदी तक चढ़े।

वहीं बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.50 फीसदी तक बढ़ा है। मिडकैप शेयरों में एबीबी, एमफैसिस, इमामी लिमिटेड, नेशनल एल्युमीनियम, रिलायंस इंफ्रा, रैमको सीमेंट 1.21-1.68 फीसदी तक चढ़े।
 
रुपए की मजबूत शुरुआत
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन रुपए की मजबूत शुरुआत हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे की मजबूती के साथ 63.49 के स्तर पर खुला। शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 5 पैसे की बढ़त के साथ 63.63 के लेवल पर बंद हुआ था।

FII रहे बिकवाल, डीआईआई ने की खरीददारी
शुक्रवार के कारोबार में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने घरेलू शेयर बाजार में 158.16 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने 696.25 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।
 
एशियाई बाजारों का हाल
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 0.39 फीसदी की मजबूती के साथ 10,728 प्वाइंट पर कारोबार कर रहा है।

जापान का बाजार निक्केई 55 प्वाइंट बढ़कर 23,708 प्वाइंट पर कारोबार कर रहा है। हैंग सेंग 233 अंक की उछाल के साथ 31,645 प्वाइंट पर कारोबार कर रहा है। कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी 0.22 फीसदी चढ़कर 2502 प्वाइंट पर कारोबार कर रहा है।

जबकि ताइवान इंडेक्स 45 प्वाइंट उछलकर 10,929 प्वाइंट पर कारोबार कर रहा है। शंघाई कम्पोजिट में सपाट कारोबार देखने को मिल रहा है। वहीं स्ट्रेट्स टाइम्स 0.42 फीसदी की बढ़त के साथ 3,535 प्वाइंट पर कारोबार कर रहा है।

‘पद्मिनी’ विवाद से बढ़ा राजस्थान का टूरिज्म

जयपुर। पद्मावत फिल्म पर हुआ विवाद राजस्थान के टूरिज्म के लिए फायदेमंद साबित होता नजर आ रहा है। राज्य का मेवाड़ इलाका जो रानी पद्मिनी के किस्से-कहानियों का घर है, वहां दिसंबर 2017 में पिछले साल से दोगुना टूरिस्ट पहुंचे हैं। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म ‘पद्मावती’ का नाम बदलकर ‘पद्मावत’ करने और कुछ बदलाव करने पर आखिरकार सेंसर बोर्ड ने फिल्म को हरी झंडी दिखा दी। बता दें कि यह फिल्म 25 जनवरी को रिलीज की जा रही है।

चित्तौड़गढ़ में 40000 से बढ़कर 80000 हुए टूरिस्ट
 चित्तौड़गढ़ के असिस्टेंट टूरिज्म ऑफिसर शरद व्यास ने बताया कि पद्मिनी के गृह नगर चित्तौड़गढ़ में आने वाले टूरिस्ट की तादाद में दोगुना इजाफा हुआ है। दिसंबर 2017 में 81,009 टूरिस्ट आए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 40,733 टूरिस्ट पहुंचे थे।

टूरिस्ट रानी पद्मिनी के बारे में जानने को बेताब
व्यास के मुताबिक, “टूरिस्ट रानी पद्मिनी से संबंधित जगहों के बारे में जानने के लिए बेताब हैं। फिल्म पद्मावत को लेकर इतना कुछ होने के बाद चित्तौड़गढ़ को देश में अचानक से इतनी पॉपुलरिटी मिल गई।”

सरकारी गाइड सुनील सेन के मुताबिक, टूरिस्ट इतिहास की पूरी जानकारी के साथ पहुंच रहे हैं और जिन जगहों के बारे में पढ़ा है उन्हें देखने की मंशा जाहिर करते हैं। वे उस आईने के बारे में पूछते हैं, जिसमें अलाउद्दीन को रानी पद्मिनी का चेहरा दिखाया गया था। लोग यह भी जानना चाहते हैं कि रानी पद्मिनी ने 16000 महिलाओं के साथ किस तरह जौहर किया था।

ऐसी भीड़ उमड़ी कि किला बंद करना पड़ा
गाइड सुनील सेन ने बताया कि 31 दिसंबर को तो भीड़ ऐसी उमड़ी की टिकट खत्म हो गए। किले के दरवाजे वक्त से पहले बंद करने पड़े। उदयपुर के एक गाइड अरुण कुमार रेमतिया ने कहा कि झीलों के शहर उदयपुर आने वाले पर्यटक चित्तौड़गढ़ और रानी पद्मिनी के बारे में भी पूछ रहे हैं। कई लोग यहां चित्तौड़गढ़ होते हुए आ रहे हैं। 

उदयपुर के लेक पिछोला होटल की सेल्स मैनेजर श्रुति ने भी इस बात की पुष्टि की है कि शहर में अब तक ज्यादातर विदेशी पर्यटक ही बड़ी संख्या में आते थे, लेकिन इस बार घरेलू पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि देखने को मिली है।
फिल्म पद्मावती को लेकर क्या आपत्ति है?

राजस्थान में करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। राजपूत करणी सेना का मानना है कि ​इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची। फिल्म में रानी पद्मावती को भी घूमर नृत्य करते दिखाया गया है। जबकि राजपूत राजघरानों में रानियां घूमर नहीं करती थीं।
 हालांकि, भंसाली साफ कर चुके हैं कि ड्रीम सीक्वेंस फिल्म में है ही नहीं।

कोटा में ट्रांसपोर्टर्स के लिए ई-वे बिल हैल्पडेस्क शुरू

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कोटा। ट्रांसपोर्ट कंपनीज एसोसिएशन की ओर ट्रांसपोर्टर्स के लिए ई-वे बिल हैल्प डेस्क का शुभारंभ एसोसिएशन के अध्यक्ष जेपी शर्मा एवं वरिष्ठ ट्रांसपोर्ट व्यवसायी सरदार तारासिंह ने 3 ट्रांसपोर्ट नगर विस्तार योजना में किया गया। इस हैल्प डेक्स पर ट्रांसपोर्ट व्यापारी अपना इंरोलमेंट ट्रांजिस्ट्रशन करवा सकते हैं एवं ई-वे बिल काटने के लिए भी संपर्क कर सकते हैं।

गौरतलब है कि 1 फरवरी 2018 से इंटर स्टेट ट्रांजेक्शन ई-वे बिल अनिवार्य रूप से लागू होगा तथा इंट्रा स्टेट ट्रांजेक्शन पर ई-वे बिल 1 जून 2018 से लागू किया जाएगा। ई-वे बिल व्यवस्था के तहत 50 हजार रुपए से ज्यादा मूल्य का सामान अब राज्य के बाहर माल भेजने एवं मंगवाने एवं एक राज्य के भीतर 10 किलोमीटर के दायरे में माल की आपूर्ति पर बिल, बिल्टी और अन्य दस्तावेजों के साथ ई-वे बिल फार्म भी लगाना जरूरी होगा।

अध्यक्ष जेपी शर्मा ने कहा कि नए नियम व कानून से ट्रांसपोर्ट व्यापारी अवगत नहीं है और कई व्यवसायी छोटे स्तर पर अपना काम करते हैं, उन्हें व्यापार की इन नई औपचारिकताओं के सामने कठिनाई का सामना न करना पड़े, इसमें हैल्प डेस्क अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निर्वहन करेगी।

सचिव चंद्रशेखर रामचंदानी ने बताया कि मकर संक्रांति पर आधा दिन हैल्प डेक्स ने कार्य किया। सोमवार से प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक ट्रांसपोर्टर्स की सेवा में रहेगी। रवि रोड लाइन ने हैल्प डेस्क पर ई-वे बिल के लिए प्रथम पंजीयन करवाया। उन्होंने बताया कि न्यूनतम शुल्क पर ट्रांसपोर्ट व्यापारी देकर इसका लाभ ले सकते हैं जो पंजीयन पर 50 रुपए एवं बिल जनरेट करवाने पर 30 रुपये प्रति बिल रखा गया है।

ट्रैन में यात्री अब ई-आधार कार्ड भी दिखा सकेंगे

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दिनेश माहेश्वरी
कोटा। रेल यात्रियों को यात्रा के समय आधार कार्ड साथ में रखने की जरूरत नहीं है। रेलवे ने ई-आधार को आईडी प्रूफ के तौर पर मान्य कर दिया है। टीटीई और चैकिंग स्टाफ को ट्रेन में एप पर आधार कार्ड दिखाना काफी होगा। रेल मंत्रालय ने आरक्षित श्रेणी के यात्री के पहचान के तौर पर आधार कार्ड के डिजिटल प्रारूप ई-आधार को स्वीकार करने का फैसला किया है।

ई-आधार मोबाइल एप है। एप की मदद से कोई भी व्यक्ति अपना आधार कार्ड डाउन लोड कर सकता है। आधार कार्ड का डिजिटल वर्जन ई-आधार है। यह एंड्रॉयड प्लेट फार्म पर काम करता है। इस एप में यूजर्स अपना नाम, जन्मदिन, लिंग, पते और फोटो के साथ आधार नंबर को जोड़ सकते हैं।

फिर इस एप को आप आधार कार्ड की तरह ही रेल टिकट प्रूफ के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। एप को यूज करने के लिए आपका मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होना पहली शर्त है। रेलगाड़ियों में समय के वक्त अनेक यात्री कई बार मूल पहचान पत्र साथ में रखना भूल जाते हैं। ऐसे में अक्सर उन यात्रियों को बिना टिकट माना जाता है। कई बार विवाद होता है।

उधर, रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि एंड्रॉयड मोबाइल फोन के बढ़ते प्रचलन को देखते हुए अब रेलवे यात्रियों को ई-आधार की ऑन लाइन पहचान पत्र की सुविधा भी दे दी है। यात्रा के वक्त आरक्षित श्रेणी के यात्री की ओर से पहचान के तौर पर एप पर ई आधार कार्ड दिखाना ही काफी होगा।