Wednesday, July 15, 2026
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प्रधानमंत्री आज पचपदरा में करेंगे रिफाइनरी के काम का शुभारंभ

बाड़मेर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को देश की आधुनिक रिफाइनरी एवं पेट्रो केमिकल हब का जिले के पचपदरा में मंगलवार दोपहर 12.30 बजे शुभारंभ करेंगे। लगभग 43 हजार करोड़ की लागत से बनने वाली इस रिफाइनरी का काम चार वर्ष में पूर्ण करने का सरकार ने दावा किया है।
 
22 सितंबर 2013 को कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चुनाव आचार संहिता से पहले यहां रिफाइनरी का शिलान्यास किया था। इसके बाद एमओयू को लेकर चार साल तक कार्य अटका रहा। अब इसका दुबारा शिलान्यास का कार्यक्रम तय हुआ, लेकिन विवाद बढ़ता देख इसको कार्य शुभारंभ समारोह नाम दिया गया है।
 
पश्चिमी सीमा सील
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर पश्चिमी सीमा सील कर दी गई है। बॉर्डर पर बीएसएफ चाक चौबंद है। बाड़मेर से जोधपुर तक 200 किलोमीटर 5000 से अधिक पुलिसकर्मियों की चप्पे चप्पे पर तैनातगी है। एक दर्जन से ज्यादा आईपीएस अधिकारी तमाम व्यवस्थाओं केा संभाले है।

कोटा यूनिवर्सिटी : हर साल कॉपी चेकिंग में 3 करोड़ खर्च, फिर भी गलतियां

कोटा। कोटा यूनिवर्सिटी की ओर से हर साल तीन करोड़ रुपए कॉपी चैक करने वालों पर खर्च करने के बावजूद गलतियां रुकने का नाम नहीं ले रही है। अब तक काॅलेजों से ही कॉपी सही चेक नहीं करने, गणना ठीक से नहीं करने, आंसर नहीं जांचने सहित अन्य शिकायत आती थी। पर अब यूनिवर्सिटी कैंपस के स्टूडेंट्स की कॉपियां में गलतियां सामने आ रही है।

औसतन एक स्टूडेंट से 1500 रुपए एग्जामिनेशन शुल्क लिया जाता है। ऐसे में कुल दो लाख तीस हजार से हर साल 34 करोड़ रुपए का राजस्व स्टूडेंट्स से होता है। रविवार को हाल में जारी पहले व तीसरे सेमेस्टर के परिणामों में गलतियां पाए जाने के बाद कॉपी चेक करने के संबंध में पड़ताल की ताे चौंकाने वाली बातें सामने आई।

2011 में हुई थी कार्रवाई : कॉपी जांचने में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ साल 2011 में आखिरी बार कार्रवाई की गई थी। इसके बाद कोई एक्शन नहीं लिया गया। दूसरी ओर आरटीयू हर सेमेस्टर एग्जाम लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ डिबार की कार्रवाई करते हुए उनके नाम सार्वजनिक करता है।

कोटा यूनिवर्सिटी के नियमों के अनुसार ही अगर फर्स्ट एग्जामिनर व सेकंड एग्जामिनर के बीच जांच कई एक कॉपी में 30 प्रतिशत से अधिक अंकों का अंतर आता है तो फर्स्ट एग्जामिनर के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है।

रिजल्ट बिगड़ने पर स्टूडेंट्स ने किया प्रदर्शन
कोटा यूनिवर्सिटी के फिजीक्स व कैमेस्ट्री डिपार्टमेंट में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स ने रिजल्ट खराब आने व कॉपी जांचने में लापरवाही करने के विरोध में प्रदर्शन किया। कोटा यूनिवर्सिटी अध्यक्ष पिंकेश मीणा ने नेतृत्व में छात्रों ने यूनिवर्सिटी का मेन गेट को बंद कर दिया। इस कारण कई स्टूडेंट्स को अंदर जाने के लिए इंतजार करना पड़ा।

प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने गेट के बाहर ही टायर जलाया और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रसंघ अध्यक्ष मीणा ने बताया कि बीएससी ऑनर्स और कैमेस्ट्री में बहुत खराब रिजल्ट रहा है। 35 में से मात्र अधिकांश स्टूडेंट्स के बैक आई। अन्य पेपर में अच्छे अंक आए।

इसके बावजूद एक दो पेपर में कॉपी जांचने वाले की लापरवाही के कारण सभी का रिजल्ट बिगड़ गया। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रदर्शन करने वालों में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विजय सिंह सहित अन्य छात्र शामिल थे। छात्रों ने कहा कि अगर समाधान नहीं हुआ और भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

शिकायत है तो आवेदन करें
परीक्षा के बाद अगर किसी छात्र को शिकायत है तो वह नियमानुसार आवेदन कर सकता है। परीक्षा व कॉपी में गलती संबंधी शिकायत कम ही आती है। किसी कॉपी जांचने वाले के खिलाफ कार्रवाई करने जैसा कोई मामला सामने ही नहीं आया है। – प्रवीण भार्गव, परीक्षा नियंत्रक, कोटा यूनिवर्सिटी

गर्ल्स की मेरिट लिस्ट अलग होगी जेईई एडवांस में

कोटा। आईआईटी के साल 2018-19 के एकेडमिक सेशन में गर्ल्स स्टूडेंट्स को 14 प्रतिशत सीटों पर एडमिशन देने के लिए अब उनकी अलग से मेरिट बनाई जाएगी। जेईई एडवांस की रैंक के आधार पर गर्ल्स की मेरिट तैयार की जाएगी।
इस संबंध में मानव संसाधन मंत्रालय ने आईआईटी को निर्देश दिए हैं। अभी ब्वॉयज व गर्ल्स की कॉमन मेरिट बनती है।

अलग मेरिट बनने के बाद भी अगर गर्ल्स स्टूडेंट्स की सीट खाली रहती है तो उससे नीचे की रैंक की गर्ल्स स्टूडेंट्स को काउंसलिंग के लिए बुलाया जा सकता है। हालांकि एक दिक्कत यह है कि अभी एनआईटी सिस्टम और आईआईटी के लिए कॉमन काउंसलिंग होती है।

गर्ल्स की मेरिट अलग से बनने पर कॉमन काउंसलिंग के सिस्टम में भी कुछ संशोधन किया जा सकता है। उधर, मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र में लिखा गया है कि अभी आईआईटी में जेंडर गैप बहुत अधिक है। सरकार की मंशा है कि साल 2026 आईआईटी की 20 प्रतिशत सीटों पर छात्राओं को एडमिशन मिले।

यह होगा नुकसान
अभी आईआईटी की दौड़ में 70 प्रतिशत लड़के और 30 प्रतिशत लड़कियां होती हैं। लड़कों में कॉम्पटीशन अधिक होता है। इस अघोषित आरक्षण के दौरान काबिलियत रखने वाले ब्वॉयज स्टूडेंट्स रेस से बाहर हो जाएंगे और कम अंकों पर लड़कियों को एडमिशन मिल जाएगा।

इससे पहले आईआईटी में एससी, एसटी और ओबीसी को आरक्षण के आधार पर एडमिशन दिया जा रहा है। कुछ दिन पहले जारी एक आदेश में यह साफ हो गया था कि गर्ल्स के खाली सीटों पर लड़कों को एडमिशन नहीं मिलेगा। यह सीटें सुपरन्यूमेरी कहलाएंगी। इस कैटेगरी में विदेशी स्टूडेंट्स को भी एडमिशन दिया जाता है।

10 हजार की स्कॉलरशिप मिलेगी आईआईटी स्टूडेंट्स को
अब आईआईटी स्टूडेंट्स को लर्न, अर्न और रिटर्न प्रोग्राम के तहत जेईई एडवांस की रैंक के आधार पर 4 साल तक प्रतिमाह 10 हजार रुपए की स्कॉलरशिप मिलेगी। इस स्कॉलरशिप से स्टूडेंट्स की आईआईटी की पढ़ाई फ्री हो जाएगी। पहले चरण में 3 स्टूडेंट्स को आईआईटी खड़गपुर के एल्युमनाई फंक्शन के दौरान यह स्कॉलरशिप प्रदान की गई है।

यह स्कॉलरशिप फर्स्ट ईयर के अंत में जेईई एडवांस के अंकों के आधार व दूसरे से चौथे साल 9 सीजीपीए हासिल करने पर लगातार मिलेगी। इससे होशियार स्टूडेंट्स में आईआईटी में पढ़ने में आने वाली वित्तीय समस्या का समाधान हो जाएगा। यह स्कॉलरशिप आईआईटी खड़गपुर से पास अाउट और देश व विदेश में बड़ी कंपनियों में काम कर रहे स्टूडेंट्स की ओर से स्पांसर की जा रही है। 

ई-वे बिल का ट्रायल शुरू, कारोबारियों को मिलेगी SMS, QR कोड, ऐप सर्विस

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नई दिल्ली। ई-वे बिल का आज से ट्रायल रन शुरू हो गया है। ट्रेडर्स और कारोबारियों को आशंका है कि जीएसटी की तरह ई-वे बिल इश्यू न हो इसके मद्देनजर सरकार ने ई-वे बिल में कई ऐसे फीचर एड किए हैं जिससे कारोबारियों के लिए ई-बिल जनरेट करना और उस ट्रैक करना आसान हो जाएगा। इसके तहत कारोबारियों को क्यूआर कोड, एसएसएस जैसे फीचर मिलेंगे।
 
आज से शुरू होगा ट्रायल
जीएसटीएन के अधिकारी ने बताया कि 16 जनवरी यानी आज से ई-वे बिल का ट्रायल रन शुरू हो रहा है। ई-वे बिल के लिए जीएसटीएन पोर्टल से अलग वेबसाइट बनाई है। कल से देश भर के सभी कारोबारी और ट्रेडर्स इस वेबसाइट पर ई-वे बिल जनरेट कर पाएंगे।
 
एसएमएस पर बन जाएगा ई-वे बिल
कारोबारियों और ट्रांसपोटर्स को कोई भी टैक्स ऑफिस या चेक पोस्ट पर जाने की जरूर नहीं होगी। ई-वे बिल इलेक्ट्रॉनिकली स्वयं कारोबारी निकाल पाएंगे। कारोबारी ऑफलाइन भी एसएमएस के जरिए ई-वे बिल बनवा सकेंगे। जिन कारोबारियों के पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है और उन्हें एक दिन में ज्यादा ई-वे बिल जनरेट नहीं करने हैं। 

वह एसएमएस सर्विस से ई-वे बिल जनरेट कर सकते हैं। इसके लिए कारोबारियों को अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर करना होगा। इसी नबंर से एसएसएस के जरिए ई-वे बिल की रिक्वेस्ट डिटेल देकर जनरेट कर सकते हैं। मोबाइल ऐप से कर पाएंगे ई-वे बिल जनरेट
 
सरकार ने एंडरॉयड फोन के लिए ई-वे बिल का ऐप भी लॉन्च किया है जिसे कारोबारी प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इस ऐप के जरिए भी कारोबारी ई-वे बिल जनरेट कर सकते हैं। इस ऐप को डाउनलोड कर अपनी डिटेल और जीएसटीआईएन नंबर रजिस्टर करना होगा।
 
जनरेट होगा क्यूआर कोड
ई-वे बिल जनरेट करने पर क्यूआर कोड जनरेट होगा। इस कोड के जरिए जीएसटी अधिकारी कभी भी व्हीकल की चेकिंग कर पाएंगे। क्यूआर कोड के जरिए व्हीकल को ट्रैक कर पाएंगे।
 
यहां करना होगा लॉग इन
कारोबारियों को ई-वे बिल बनाने के लिए http://164.100.80.111/ewbnat2 पर क्लिक करना होगा। वहां अपना जीएसटी का यूजर आईडी पासवर्ड भरें। उसके बाद अपना ई-वे बिल जनरेट कर सकते हैं। अगर आपने ई-वे बिल पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो पहले आपको रजिस्टर करना होगा। इसके लिए ई-वे बिल रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करना होगा और अपना जीएसटीआईएन नंबर भरना होगा। इससे अपना पासवर्ड जनरेट हो जाएगा।
 
ट्रांसपोर्टर्स को कराना होगा रजिस्ट्रेशन
ई-वे बिल की वेबसाइट पर ट्रांसपोर्टर्स, वेयर हाउस ओनर, गोदाम और कोल्ड स्टोरेज हाउस को रजिस्ट्रेशन अलग से कराना होगा। वेबसाइट पर जाकर ट्रांसपोर्टर्स को ऑफिस, अपनी, कारोबार और ट्रक की डिटेल भरनी होगी। फॉर्म भरने के बाद इन कारोबारियों का लॉग इन जनरेट होगा। लाॉग इन आईडी से वह अपना ई-वे बिल बना सकेंगे।

4 कंपनियों में बांटी जाएगी एअर इंडिया, बिक्री का प्लान तैयार

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नई दिल्ली।  सरकार ने अपने स्वामित्व वाली एयरलाइन एअर इंडिया को बेचने का प्लान काफी हद तक तैयार कर लिया है। प्रस्तावित डिसइन्वेस्टमेंट प्लान के तहत एअर इंडिया को 4 अलग-अलग कंपनियों में बांटा जाएगा और हर कंपनी की कम से कम 51 फीसदी हिस्सेदारी की पेशकश की जाएगी।

इस तरह बंटेगी एअर इंडिया
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक एयरलाइन को कोर एअरलाइन बिजनेस, रीजनल आर्म, ग्राउंड हैंडलिंग और इंजीनियरिंग ऑपरेशंस में बांटा जाएगा।

रिपोर्ट में स्टेट एविएशन मिनिस्टर जयंत सिन्हा का उल्लेख करते बताया गया कि एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस, लो कॉस्ट ओवरसीज आर्म को मिलाकर बनी कोर एअरलाइन बिजनेस को एक कंपनी के तौर पर ऑफर किया जाएगा। साथ ही इस पूरे प्रोसेस को 2018 के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।

एविएशन सेक्टर में 49% एफडीआई को मंजूरी
पिछले हफ्ते ही सरकार ने एविएशन सेक्टर में 49 फीसदी एफडीआई के प्रपोजल को मंजूरी दी थी। हालांकि इस रिपोर्ट के संबंध में एयर इंडिया से संपर्क नहीं हो सका। इससे पहले सिन्हा ने कहा था कि सरकारी एयरलाइन के डॉमेस्टिक और इंटरनेशनल ऑपरेशंस को एक साथ बेचा जाएगा। 

सिन्हा ने कहा था, ‘बिडिंग प्रोसेस के माध्यम से एक इंटिग्रेटेड एयरलाइन (एअर इंडिया) की पेशकश की जा रही है, जिसका मतलब डॉमेस्टिक और इंटरनेशनल ऑपरेशंस को मिलाना है।’जिसका मतलब डॉमेस्टिक और इंटरनेशनल ऑपरेशंस को मिलाना है।’

 नवंबर में एअर इंडिया को मिले नए सीएमडी
सीनियर आईएएस अधिकारी प्रदीप सिंह खरोला को नवंबर, 2017 में एअर इंडिया का नया चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) नियुक्त किया गया था। खैरोला ने राजीव बंसल की जगह ली, जो तीन महीने से कुछ ज्यादा वक्त से एंटरिम सीएमडी की भूमिका में थे।

मिला था 30 हजार करोड़ का बेलआउट पैकेज
1930 में शुरू की गई एअर इंडिया की फाइनेंशियल कंडीशन 2007 से ही खराब है और उसका घाटा लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, 2012 में उस वक्त की यूपीए सरकार ने एअर इंडिया को 30 हजार करोड़ का बेलआउट पैकेज भी दिया। इसके बावजूद कंपनी की खराब फाइनेंशियल कंडीशन पर काबू नहीं पाया जा सका।

मर्जर भी काम नहीं आया
2007 में एअर इंडिया और घरेलू एयरलाइन कंपनी इंडियन एयरलाइंस का नेशनल एविएशन कंपनी लिमिटेड (एनएसीआईएल) में मर्जर किया गया। इसके बाद दोनों कंपनियों की देनदारी एनएसीआईएल पर आ गई। 2010 में एनएसीआईएल का नाम बदलकर एअर इंडिया लिमिटेड कर दिया गया।

3 साल बाद क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल के पार

नई दिल्ली। आम बजट से पहले कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें मोदी सरकार के लिए मुसीबत बन गई हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमतें दिसंबर 2014 के बाद पहली बार 70 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गई हैं। इस तेजी का असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर देखा जा रहा है।

सोमवार को दिल्ली में पेट्रोल 71 रुपए प्रति लीटर तो डीजल 61.74 रुपए प्रति लीटर के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया। वहीं, पेट्रोल-डीजल महंगा होने से आम आदमी की जेब पर बोझ लगातार बढ़ रहा है। 

क्रूड की कीमतें 70 डॉलर के पार 
क्रूड की कीमतों में आई तेजी से इंपोर्ट करने वाले देशों की चिंता बढ़ती जा रही है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं जो पिछले 3 साल का टॉप लेवल है। पिछले 6 माह की बात करें तो क्रूड में 57 % से ज्यादा की तेजी आ चुकी है। जून में क्रूड 44.48 डॉलर के लेवल पर था। 
              
क्यों बढ़ रही है क्रूड की कीमतें 
 एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ओपेक (OPEC) देशों के अलावा रूस में तेल का प्रोडक्शन घटा देने से मार्केट में सप्लाई कमजोर हुई है। वहीं, पिछले कुछ दिनों से यूएसए में भी रिग्स काउंट की संख्‍या घटी है।

इन वजहों से मार्केट में ओवरबॉट की स्थिति बनी है, जिसका असर क्रूड की कीमतों पर दिख रहा है। ऐसे में ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर के पार पहुंच गया, वहीं डबल्यूटीआई क्रूड की कीमतें भी 64.53 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है।
 
एक्साइज ड्यूटी घटने के बाद क्रूड 17% महंगा
3 अक्टूबर को एक्साइज ड्यूटी में कटौती किए जाने के बाद से क्रूड में लगातार तेजी बनी हुई है। 3 अक्टूबर के बाद से जहां इंटरनेशन मार्केट में क्रूड 27 % महंगा हो चुका है, वहीं इंडियन बास्केट में क्रूड की कीमतें 17 % से ज्यादा बढ़ चुकी हैं। इस रेश्यो (अनुपात) में पेट्रोल-डीजल की कीमतें न बढ़ने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मार्जिन पर भी दबाव बना हुआ है।  

बता दें कि अक्टूबर की शुरूआत में महंगे हो रहे पेट्रोल-डीजल को देखते हुए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 2 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी कम कर दी थी। 3 अक्टूबर को इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड 55 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर था जो 15 जनवरी 2018 को 70 डॉलर के लेवल पर पहुंच गया। इंटरनेशन मार्केट में क्रूड की कीमतें अपने 3 साल के टॉप लेवल पर है। 
 
क्या होगा असर?
 1) बढ़ सकता है करंट अकाउंट डेफिसिट 
 क्रूड की कीमतें बढ़ने से देश का करंट अकाउंट डेफिसिट बढ़ सकता है। असल में भारत अपनी जरूरतों का 82 % क्रूड इंपोर्ट करता है। क्रूड की कीमतें लगातार बढ़ने से भारत का इंपोर्ट बिल उसी रेश्‍यो में महंगा होगा, जिससे करंट अकाउंट डेफिसिट की स्थिति बिगड़ेगी। 
 
2) महंगाई बढ़ने की आशंका
 क्रूड की कीमतें बढ़ने से महंगाई बढ़ने का भी डर होता है। इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड महंगा होने से इंडियन बास्केट में भी क्रूड महंगा हो जाता है। इससे तेज कंपनियों पर मार्जिन का दबाव भी बढ़ता है।

 तेल कंपनियां क्रूड की कीमतों में होने वाली बढ़ोत्तरी को कंज्यूमर्स पर डाल सकती है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी से महंगाई बढ़ने का भी डर होता है।

हाल ही में फॉरेन ब्रोकरेज हाउस यूबीएस ने रिपोर्ट में कहा था कि अगर क्रूउ की कीमतें 10 % बढ़ती हैं तो सीपीआई इन्फलेशन में 25 बेसिस प्वॉइंट की बढ़ोत्तरी हो सकती है।

सोना तीन महीनों के उच्चतम स्तर पर, जानिए क्या रहे दाम

नई दिल्ली/ कोटा । दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों ने तीन महीनों का उच्चतम स्तर छू लिया है। सोमवार के सत्र में सोना 200 रुपये की तेजी के साथ 30,950 रिपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। कीमतों में तेजी सकारात्मक वैश्किव संकेत और शादी के सीजन को देखते हुए स्थानीय ज्वैलर्स और रिटेलर्स की ओर से मांग बढ़ने के कारण देखने को मिली है।

इसी तरह चांदी की कीमतों में भी 300 रुपये की तेजी देखने को मिली है। इंडस्ट्रियल इंकाइयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से बढ़ी मांग के चलते चांदी 40,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई है।  सकारात्मक वैश्विक संकेत से सोने ने सितंबर के बाद से उच्चतम स्तर छुआ है। डॉलर में कमजोरी के कारण सोने में तेजी देखने को मिली है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सिंगापुर में सोना 0.42 फीसद की बढ़त के साथ 1343 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.90 फीसद की बढ़त के साथ 17.36 औंस प्रति डॉलर के स्तर पर आ गई है। इसके अलावा स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से घरेलू हाजिर बाजार में शादी के सीजन के दौरान मांग बढ़ी है।

दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 200 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 30950 रुपये और 30800 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। बीते तीन कारोबारी सत्रों में सोने की कीमतों में 275 रुपये की बढ़त दर्ज की गई है। गिन्नी की कीमतें हालांकि 50 रुपये की बढ़त के साथ 24750 रुपये प्रति आठ ग्रम केस्तर पर आ गई है।

इसी तरह चांदी तैयार 300 रुपये बढ़कर 40200 रुपये प्रतिकिलो के स्तर पर और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 460 रुपये बढ़कर 39580 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। चांदी के सिक्के हालांकि 74000 रुपये लिवाल और 75000 रुपये बिकवाल प्रति सैंकड़ा के स्तर पर स्थिर है।

कोटा सर्राफा 
चांदी 40000 रुपये प्रति किलोग्राम। 
सोना केटबरी 30850 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 35980 रुपये प्रति तोला। 
सोना शुद्ध 31000 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 36160 रुपये प्रति तोला।

रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ बाजार, निफ्टी पहली बार 10700 के पार

नई दिल्ली।  नए साल में बाजार में रोजाना नए-नए रिकॉर्ड बनाने का सिलसिला जारी। पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों से मजबूत शुरुआत के बाद पूरे दिन बाजार रिकॉर्ड स्तर पर कारोबार करता दिखा और कारोबार के अंत में शेयर बाजार रिकॉर्ड लेवल पर बंद हुए। निफ्टी पहली बार 10700 के ऊपर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स की भी क्लोजिंग रिकॉर्ड स्तर पर हुआ।

हेवीवेट शेयर्स एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील, पावरग्रिड और इंफोसिस में बढ़त से बाजार को सपोर्ट मिला। जिससे सेंसेक्स 251 अंक की बढ़त के साथ 34,843 अंक और निफ्टी 60 अंक बढ़कर 10,742 अंक पर बंद हुए।

 पिछले रिकॉर्ड हाई लेवल
– 12 जनवरी को सेंसेक्स ने 34638.42 की रिकॉर्ड नई ऊंचाई को छुआ। वहीं निफ्टी 10,690.25 प्वाइंट्स तक पहुंचा।
– 11 जनवरी को निफ्टी ने 10,664.60 का ऑलटाइम हाई बनाया था।
– 09 जनवरी को सेंसेक्स ने ऊंचाई का नया लेवल 34565.63 प्वाइंट्स को छुआ।
– 08 जनवरी को सेंसेक्स ने 34487.52 प्वाइंट्स का लेवल छुआ, वहीं निफ्टी 10,631.20 के हाई तक गया था।
– 5 जनवरी 2018 को सेंसेक्स 34,175 और निफ्टी 10,566.10 प्वाइंट्स तक गया था।
 
क्यों आई शेयर बाजार में तेजी
सोमवार को एशियाई बाजार भी ऐतिहासिक हाई लेवल पर पहुंचे। एशियाई बाजारों में तेजी से भारतीय शेयर बाजार में मजबूती आई।

शुक्रवार को देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे। थर्ड क्वार्टर में कंपनी का मुनाफा 38 फीसदी बढ़कर 5129 करोड़ रुपए रहा। इससे बाजार को सपोर्ट मिला।

वहीं हैवीवेट एसबीआई, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टीसीएस और आईटीसी में बढ़ोतरी से बाजार में तेजी आई है। सेंसेक्स 95 प्वाइंट की बढ़त के साथ 34,687 अंक पर खुला, जबकि निफ्टी 37 अंक बढ़कर 10,718 अंक पर खुला। 
 
बैंक निफ्टी ने पहली बार 26000 के स्तर को छुआ
– बैंकिंग शेयरों में तेजी से निफ्टी बैंक इंडेक्स पहली बार 26,000 के स्तर के पार हुआ। बैंकिंग शेयर्स आईसीआईसीआई बैंक, कोटक बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, कैनरा बैंक, एसबीआई, फेडरल बैंक में मजबूती से निफ्टी बैंक पहली बार 26000 के पार हुआ है। कारोबार के दौरान बैंक निफ्टी ने 26,029.45 का हाई बनाया।

130 स्टॉक्स ने बनाया साल का नया हाई
– तेजी के साथ कारोबार में एनएसई पर 139 स्टॉक्स 52 हफ्ते की नई ऊंचाई पर पहंचे। इनमें फर्स्ट कैपिटल, डेल्टा कॉर्प, इंफोसिस, जिंदल स्टील, गोवा कार्बन, पीसी ज्वेलर्स, रेमंड, सन टीवी नेटवर्क, टाटा ग्लोबल शामिल हैं।
 
स्मॉलकैप इंडेक्स नई ऊंचाई पर, मिडकैप में तेजी
– शुरुआती कारोबार में लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी देखने को मिल रही है।
– बाजार में तेजी से बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स नई ऊंचाई 20153.89 पर पहुंच गया। स्मॉलकैप शेयरों में कैपिटल फर्स्ट, किंग्फा साइंस, हैथवे, मुथूट फाइनेंस, बीईपीएल, टीवी विजन के शेयर्स 4.98-7.80 फीसदी तक चढ़े।

– वहीं बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.50 फीसदी तक बढ़ा है। मिडकैप शेयरों में एबीबी, एमफैसिस, इमामी लिमिटेड, नेशनल एल्युमीनियम, रिलायंस इंफ्रा, रैमको सीमेंट 1.21-1.68 फीसदी तक चढ़े।
 
 FII रहे बिकवाल, डीआईआई ने की खरीददारी
– शुक्रवार के कारोबार में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने घरेलू शेयर बाजार में 158.16 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने 696.25 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।

आधार के लिए अब फेस ऑथेन्टिकेशन भी, 1 जुलाई से फैसिलिटी

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नई दिल्ली। आइडेंटि‍फि‍केशन अथॉरि‍टी ऑफ इंडि‍या (UIDAI) 1 जुलाई से बॉयोमैट्रिक फीचर्स में फेस ऑथेन्टिकेशन की भी फैसिलिटी देगा। UIDAI ने ये कदम उन लोगों की मदद के लिए उठाया है जिनके आयरिस (आंखों) और फिंगरप्रिंट वेरीफिकेशन में दिक्कत आती है।

इस कदम के बाद बूढ़ों और खराब घिसे हुए फिंगरप्रिंट वालों का भी बॉयोमैट्रिक वेरीफिकेशन हो सकेगा। बता दें कि इससे पहले UIDAI लोगों के डाटा को सुरक्षित करने के लिए 16 डिजिट की वर्चुअल आईडी जारी करने की बात कह चुका है।

क्यों लाया जा रहा फेस ऑथेंटिकेशन फीचर?
 UIDAI के सीईओ अजय भूषण पांडे ने इस फीचर की जानकारी ट्विटर पर शेयर की है। उन्होंने लिखा, “UIDAI लोगों की पहचान के लिए एक और टेक्नोलॉजी ला रहा है- फेस ऑथेन्टिकेशन। इस फीचर से बूढ़ों और उन सब लोगों को मदद मिलेगी, जिन्हें फिंगरप्रिट से ऑथेन्टिकेशन में दिक्कत आती है। ये सेवा 1 जुलाई 2018 से लॉन्च होगी।

UIDAI ने अपने स्टेटमेंट में कहा कि अब आधार एनरोलमेंट के लिए लोगों के चेहरे की फोटो भी ली जाएगी।
– “ये फैसिलिटी उन सभी बूढ़े और ज्यादा काम करने वालों का ऑथेन्टिकेशन में मदद करेगी जो अपने खराब हो चुके फिंगरप्रिंट्स की वजह से बॉयोमेट्रिक ऑथेन्टिकेशन नहीं करा पाते हैं।”

अभी कैसे होता है ऑथेन्टिकेशन?
आधार में एनरोल होने के लिए अभी लोगों के आइरिस और फिंगरप्रिंट स्कैन ही लिए जाते हैं। हालांकि, कई लोगों को आंखों की परेशानी या घिसे हुए हाथों की वजह से ऑथेन्टिकेशन में दिक्कत आती थी। फेस ऑथेन्टिकेशन फीचर आने से ऐसे लोगों की परेशानी में कमी आएगी।

हालांकि, ये फीचर किसी दूसरे ऑथेन्टिकेशन फीचर (आइरिस, फिंगरप्रिट स्कैन या OTP) के साथ ही इस्तेमाल किया जाएगा। वन टाइम पासवर्ड (OTP) फीचर में ऑथेन्टिकेशन के लिए आधार यूजर के मोबाइल पर एक पासवर्ड भेजा जाएगा, जिससे उसकी पहचान कन्फर्म की जा सकेगी।

वर्चुअल आईडी जारी करने का फैसला हो चुका है
– आधार डेटा की सुरक्षा के लिहाज से UIDAI पहले ही वेरिफिकेशन के लिए वर्चुअल आईडी जारी करने का फैसला कर चुका है।
– यह ऑप्शनल होगी, कोई यूजर वेरिफिकेशन के लिए अपना 12 अंक का आधार नंबर नहीं बताना चाहता है तो वह वर्चुअल आईडी दे सकता है।
– 1 जून से सभी एजेंसियां इस आईडी के जरिए भी वेरिफिकेशन करेंगी। कोई भी आधार होल्डर UIDAI की वेबसाइट से वर्चुअल आईडी जनरेट कर सकता है। 16 डिजिट की इस आईडी का इस्तेमाल मोबाइल नंबर के वेरिफिकेशन समेत कई स्कीम में KYC के लिए किया जा सकता है।

वेरिफिकेशन प्रॉसेस में क्या बदलाव होगा?
– UIDAI के सर्कुलर में कहा गया है कि आधार होल्डर 12 डिजिट के नंबर की जगह वर्चुअल आईडी से वेरिफिकेशन करा सकते हैं। केवाईसी की प्रॉसेस आधार जैसी ही होगी।
– 1 जून, 2018 से सभी एजेंसियों के लिए जरूरी होगा कि वे वर्चुअल आईडी से भी यूजर्स का वेरिफिकेशन करें। इससे इनकार करने पर एजेंसियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
– आधार की सेफ्टी और प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए वर्चुअल आईडी जारी किया जाएगा। चूंकि यह बैक एंड पर आधार से मैप होगी, इससे बिना आधार नंबर शेयर किए ही वेरिफिकेशन प्रॉसेस पूरी हो जाएगी। इससे एजेंसियां के पास आधार डेटा का स्टोरेज कम होगा।

कैसे जनरेट होगी वर्चुअल आईडी?
– वर्चुअल आईडी आधार से मैप होगी। इसे यूआईडीएआई की वेबसाइट से जनरेट किया जा सकेगा। जरूरत के मुताबिक, आधार होल्डर कई बार आईडी जनरेट कर सकते हैं। नई वर्चुअल आईडी जनरेट होने पर पुरानी अपने आप कैंसल हो जाएगी।
– वर्चुअल आईडी कम्प्‍यूटर से बना 16 डिजिट का नंबर होगा, जो जरूरत पड़ने पर तत्‍काल जारी किया जाएगा। इसे 1 मार्च से जनरेट किया जा सकेगा।

लिमिटेड होगी आधार से जुड़ी केवाईसी
– दूसरी ओर, सरकार केवाईसी के लि‍ए आधार के इस्‍तेमाल को भी सीमित करेगी। अभी कई एजेंसि‍यों के पास आपकी डि‍टेल पहुंच जाती है और वो उसे अपने पास रखते हैं।
– जब केवाईसी के लि‍ए आधार का जरूरत ही कम हो जाएगी, तो ऐसी एजेंसि‍यों की संख्‍या भी घट जाएगी, जि‍नके पास आपकी डि‍टेल होगी।

देश में अब तक कितने आधार होल्डर?
– अथॉरिटी के मुताबिक, अब तक देश के 119 करोड़ लोगों को आधार नंबर (बायोमैट्रिक आईडी) जारी किए जा चुके हैं। कोई भी इसे पहचान के तौर पर पेश कर सकता है।
मोबाइल नंबर को आधार से जोड़ा जा रहा
– कालेधन पर लगाम कसने के लिए सरकार इसे बैंक अकाउंट और पैन नंबर से लिंक करना जरूरी कर चुकी है। इसी तरह मोबाइल नंबर्स को भी आधार से जोड़ा जा रहा है।

लेक्सस एलएस 500एच लग्जरी कार इंडिया में लॉन्च, जानिए कीमत

नई दिल्ली। लग्जरी कार ब्रैंड लेक्सस ने मार्च 2017 में भारत में एंट्री की। उसके बाद से एक के बाद एक कारें लॉन्च कीं। आज कंपनी ने भारत में अपनी फ्लैगशिप सिडैन LS 500h को लॉन्च कर दिया।

यह 5वीं जेनरेशन लग्जरी सिडैन है और लेक्सस ने इसकी भारत में एक्स शोरूम कीमत 1.77 करोड़ रुपए रखी है। यह एक स्टाइलस सिडैन है जिसमें शार्प कैरेक्टर लाइन्स, एलईडी हेडलैम्प्स और 20 इंच के अलॉय वील्ज आदि खूबियां हैं।

इनकी वजह से गाड़ी को प्रीमियम लुक मिलता है। इसमें एयर सस्पेंशन है और यह हाइब्रिड फॉर्म पर अवेलेबल होगी। इसमें वी6 पेट्रोल हाइब्रिड यूनिट दी गई है।

 Lexus LS 500h में 3.5 लीटर पेट्रोल इंजन दिया गया है जो कि दो इलेक्ट्रिक मोटर्स से लैस है। ये मोटर्स 310.8kV की लिथियम आयन बैटरी से पावर लेते हैं।  ये मिलकर 354 बीएचपी का पावर आउटपुट देते हैं।

पिछले पहियों को 10 स्पीड आॅटोमैटिक ट्रांसमिशन के जरिए पावर पहुंचता है। महज 5.4 सेकंड्स में यह गाड़ी 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड पकड़ सकती है।  लेक्सस का दावा है कि एलएस 500एच एक लीटर में 15.38 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है।

इसमें 28 तरीकों से अजस्ट की जा सकने वाली फ्रंट सीटें, मसाज वाली हीटेड सीटें, 12.3 इंच का वाइड इन्फोटेनमेंट सिस्टम है। 2400 वाट का 23 स्पीकर सिस्टम इसका स्टैंडर्ड फीचर है। इस गाड़ी की डिलिवरीज अप्रैल से शुरू होंगी।