Wednesday, July 15, 2026
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रिलायंस जियो : 398 रुपए या ज्यादा के रिचार्ज पर 100 पर्सेंट कैशबैक

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नई दिल्ली। रिलायंस जियो एक के बाद एक नए नए ऑफर्स लाकर ग्राहकों को लुभा रहा है। इस बार जियो अपने प्राइम मैंबरों के लिए 100 फीसदी से ज्यादा कैशबैक ऑफर लेकर आया है।  इस ऑफर के तहत 398 या इससे ज्यादा का रिचार्ज कराने पर उन्हें 100 फीसदी या इससे ज्यादा यानी 400 रुपए के जियो कैशबैक वाउचर और 300 रुपए का कैशबैक सेलेक्ट वॉलेट्स पर मिलेगा।

इस ऑफर की प्रक्रिया शुरू हो गई और इसका फायदा 31 जनवरी तक उठाया जा सकता है। यह ऑफर ऑनलाइन रिचार्ज पर दिया जा रहा है। इसके लिए 400 रुपए के कैशबैक वाउचर यूजर के एकाउंट में सीधे क्रेडिट हो जाएंगे जिसे आप माई जियो एप्प में माइ वाउचर से चेक कर सकते हैं।

आपको बता दें कि जियो को टक्कर देने के लिए कई कंपनियां आकर्षक ऑफर दे रही है। हाल ही में  एयरटेस ने भी प्रीपेड यूजर्स को 84 दिनों तक रोज एक जीबी 4 जी डाटा देने का प्लान ऑफर किया था। जियो के 398 रुपए के रिचार्ज में यूजर को अनलिमिटेड डेटा दिया जा रहा है, लेकिन इसके लिए यूजर को हाई स्पीड का 1.5GB डेटा रोजाना मिलेगा।

बिटकॉइन की कीमतों में 47 फीसद की बड़ी गिरावट, देखिए वीडियो

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नई दिल्ली । क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन की कीमत में मंगलवार को भारी गिरावट दर्ज की गई है। यह क्रिप्टोकरेंसी लुढ़कर 10,300 डॉलर के स्तर पर पहुंच गई। दिसंबर महीने में इसने एक बार 20,000 डॉलर (करीब 12.81 लाख रुपये) का स्तर पार कर लिया था। दुनियाभर में नियामकीय सख्ती की आशंका में यह गिरावट आई है।

जानकारी के लिए बता दें कि बीते 24 घंटों में बिटकॉइन कीमतों में करीब 25 फीसद की कमजोरी दर्ज की गई है। यह दिसंबर के 19,500 डॉलर के रिकॉर्ड हाई से 47 फीसद की गिरावट है। बिटकॉइन में कमजोरी का सबसे बड़ा कारण क्रिप्टो करंसी में हुई चौतरफा बिकवाली है।

कॉइनमार्केटकैप के अनुसार अन्य दिग्गज क्रिप्टो करंसी में भी बीते 24 घंटों में दहाई अंकों में गिरावट देखने को मिली है। ईथिरियम में 28 फीसद की कमजोरी आई है, जबकि बिटकॉइन कैश 31 फीसद कमजोर है। वहीं, लाइटकॉइन 29 फीसद, डैश 24 फीसद और मोनेरो 30 फीसद कमजोर हैं। इसी तरह रिपल में 40 फीसद तक की गिरावट दर्ज की है।

आखिर है क्या बिटकॉइन?
केडिया कमोडिटी के प्रमुख अजय केडिया ने बताया कि पहली बात यह है कि बिटकॉइन कोई करेंसी नहीं है। करेंसी की परिभाषा के मुताबिक किसी भी देश की मुद्रा में कुछ की हफ्तों के भीतर दोगुने और तीन गुने तक का उछाल नहीं आता है, क्योंकि मुद्रा स्थिर होती है और इसका इस्तेमाल लेन-देन में किया जाता है।

बिटकॉइन हाल ही में 11000 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया था और वो इसके बाद गिरकर 9000 डॉलकर पर आ गया। हालांकि कुछ दिन बाद ही इसने 19,500 डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया। कोई भी मुद्रा इस तरह का उतार-चढ़ाव नहीं आता है। ऐसी अस्थितरता सामान्यतया: किसी निवेश विकल्प में ही आ सकती है।

मुनाफा नहीं बिटकॉइन के खतरे समझें:
केडिया ने बताया कि जिस तरह से शेयर मार्केट पर निगरानी रखने के लिए सेबी जैसा नियामक स्थापित किया गया है लेकिन बिटकॉइन का कोई नियामक नहीं है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राइवेट प्लेयर संचालित करते हैं। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि बिटकॉइन की खरीद डिजिटल माध्यम से की जाती है।

ऐसे में अगर मान लीजिए कि कोई आपका सिस्टम हैक कर ले और आपका बिटकॉइन चुरा ले तो आप अपनी शिकायत किसे सुनाने जाएंगे। केडिया ने कहा कि आरबीआई हाल ही में भारत के निवेशकों को सर्तक करते हुए कह चुका है कि यह पूरी तरह से अवैध है और उन्हें इसमें निवेश नहीं करना चाहिए। और अधिक जानने के लिए देखिए यह वीडियो-

पद्मावत बैन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे निर्माता, राजपूत समाज का विरोध

नई दिल्ली। संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ से जुड़ा विवाद सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुंच गया है। सेंसर बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद भी कुछ राज्यों द्वारा फिल्म पर बैन लगाए जाने को फिल्म के निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। बता दें कि मंगलवार को ही हरियाणा ने भी फिल्म पर बैन का ऐलान किया था। राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात में फिल्म पर पहले ही पाबंदी लगाई जा चुकी है।

राजपूत समाज के विरोध के चलते सेंसर बोर्ड द्वारा गठित स्पेशल पैनल के सुझावों पर निर्माता-निर्देशक फिल्म में बदलाव करने को राजी हो गए थे। फिल्म का नाम भी ‘पद्मावती’ से बदलकर ‘पद्मावत’ कर दिया गया। साथ ही फिल्म में कई संशोधन करने के चक्कर में 300 कट्स लगाने पड़े।

इतना ही नहीं, डिस्क्लेमर के चलते यह भी बताया जाएगा कि फिल्म की कहानी पूरी तरह काल्पनिक है। फिल्म से तमाम जगहों के नाम भी पूरी तरह हटा दिए गए हैं। लेकिन इसके बावजूद राजपूत संगठन संतुष्ट नहीं हुए और फिल्म रिलीज होने पर आंदोलन की चेतावनी दे डाली है।

ऐसे में 25 जनवरी को जब फिल्म रिलीज होगी तो राज्य सरकारों के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। वैसे राज्य सरकारों के रुख को वोट बैंक की राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इस साल कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। खास तौर पर राजस्थान और मध्य प्रदेश में राजपूत बड़ी संख्या में है और सरकार उन्हें किसी हाल में नाराज नहीं करना चाहती।

लेकिन फिल्म निर्माता के सामने दिक्कत यह है कि करोड़ों के बजट से तैयार हुई इस फिल्म को अगर देश के चार राज्यों में रिलीज नहीं किया जाएगा तो उसका बिजनस बड़े स्तर पर प्रभावित होगा। यही वजह है कि निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। अदालत के सामने उनकी मुख्य दलील यही होगी कि जब सेंसर बोर्ड ने फिल्म को हरी झंडी दे दी है और फिल्म में बदलाव भी कर दिए गए हैं तो उसे रिलीज होने से आखिर क्यों रोका जा रहा है।

आधार की अनिवार्यता पर सुप्रीम कोर्ट आज करेगी सुनवाई

नई दिल्‍ली।  आधार की अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को महत्‍वपूर्ण सुनवाई शुरू होगी। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए के सीकरी, जस्टिस ए एम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड और जस्टिस अशोक भूषण की संवैधानिक बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी। इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल ये है कि‍ क्‍या आधार की वजह से कि‍सी की निजता का उल्‍लंघन होता है। 

बता दें, सुप्रीम कोर्ट यह रूलिंग पहले ही दे चुका है कि‍ निजता एक मौलि‍क अधि‍कार है। बीते 15 दिसंबर को मामले की सुनवाई के बाद सरकार ने बैंक खातों और मोबाइल नंबर सहित सभी सेवाओं और योजनाओं के साथ आधार को जोड़ने के लि‍ए समय सीमा  31 मार्च 2018 तक बढ़ा दी थी। आधार के खि‍लाफ जो याचि‍काएं दायर की गई हैं उनमें नि‍जता के उल्‍लंघन और डाटा प्रोटेक्‍शन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। 

आधार की सुरक्षा को लेकर उठ चुके हैं सवाल 
कुछ दि‍न पहले ही अमेरि‍की व्‍हि‍सल ब्‍लोअर एडवर्ड स्‍नोडेन ने चेतावनी दी थी कि‍ आधार डाटाबेस का मि‍सयूज कि‍या जा सकता है। स्‍नोडेन ने यह बात ऐसे वक्‍त पर कही है जब आधार डाटा की सुरक्षा को लेकर कई तरह की खबरें आ रही हैं।

इस बयान से एक दि‍न पहले यह खबर आई थी कि‍ महज 500 रुपए में आधार डाटा उपलब्‍ध है। इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए यूआईडीएआई ने कहा कि‍ उनका सिस्टम पूरी तरह सिक्योर है। इसके मिसयूज को तुरंत पकड़ा जा सकता है। 

डाटाबेस में डाटा चोरी की बात उठी
अथॉरिटी ने अपने बयान में कहा था कि, ‘बायोमीट्रिक डाटाबेस से डाटा चोरी का कोई मामला सामने नहीं आया है, यह पूरी तरह सुरक्षित है। सर्च फैसिलिटी पर उपलब्ध जानकारी के बिना बायोमैट्रिक्स का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता।’

यूआईडीएआई ने कहा था कि आधार नंबर कोई सीक्रेट नंबर नहीं है और आधार होल्डर की मर्जी पर किसी सेवा या सरकारी वेलफेयर स्कीम्स का फायदा लेने के लिए इसे अधिकृत एजेंसियों के साथ साझा किया जाता है।

ममता सरकार आधार की अनिवार्यता के खिलाफ 
आधार को अनिवार्य बनाने के खिलाफ कई राजनीतिक दल हैं। पश्चिम बंगाल सरकार आधार के खिलाफ है और वह अपना रुख पहले ही जता चुकी है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आधार की अनिवार्यता के खिलाफ बेहद तल्ख टिप्पणियां की हैं।

सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से दायर याचिका दायर की गई थी। हालांकि, शीर्ष कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। आधार लिंक अनिवार्यता के खिलाफ ममता सरकार ने शीर्ष कोर्ट में पिटीशन दायर की थी। इस मामले पर कोर्ट ने कहा था कि संसद द्वारा पारित कानून को राज्य सरकार किस आधार पर चुनौती दे सकते हैं?  

ई-वे बिल का शुरू हुआ परीक्षण, कारोबारियों की धड़कनें भी तेज

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मुंबई। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत माल ढुलाई के लिए ई-वे बिल का परीक्षण बुधवार से शुरू हो गया। इसके साथ ही कारोबारियों की धड़कनें भी तेज हो गई हैं। ई-वे बिल की व्यवस्था एक फरवरी से शुरू कर दी जाएगी।

कारोबारियों का कहना है कि सरकार को उन्हें थोड़ा समय देना चाहिए और इसे अगले वित्त वर्ष से शुरू किया जाना चाहिए। इस बीच ई-वे बिल प्रणाली में गुजरात, हरियाणा और बिहार सहित छह और राज्य आज शामिल हो गए। इस तरह ई-वे बिल से जुड़ने वाले राज्यों की संख्या 10 हो गई है।

ई-वे बिल की व्यवस्था लागू करने के बारे में जीएसटी परिषद की 18 जनवरी को होने वाली बैठक में फैसला होगा। लेकिन कारोबारियों को भरोसा है कि इसे लागू किए जाने की तिथि आगे खिसकेगी। कारोबारी संगठनों का तर्क है कि अभी सरकार और कारोबारी दोनों इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं।

सरकार एक फरवरी से ई-वे बिल लागू करने की बात कह रही है लेकिन उसका आईटी नेटवर्क अभी तक पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है। मौजूदा व्यवस्था की विश्वासनीयता पर आशंका जताते हुए उद्योगपति राजीव सिंघल ने कहा कि अभी रिटर्न फाइल करने में दिक्कत आ रही है तो फिर जब रोजाना करोड़ों ई-वे बिल जेनरेट होंगे तो क्या व्यवस्था काम कर पाएगी।

उन्होंने कहा, ‘हम सरकारी नीति का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन हमारा कहना है कि सिस्टम को पूरी तरह से तैयार करके कोई नियम लागू किया जाना चाहिए। बाजार में खासकर छोटे कारोबारियों में भय का माहौल है जो अर्थव्यवस्था के लिए सही नहीं है।

सरकार को उन्हें सिस्टम की बारीकियां समझानी होंगी तभी काम बनेगा। साथ ही ई-वे बिल में 50 हजार रुपये की सीमा बहुत कम है सरकार को इस पर भी ध्यान देना होगा।’ मौजूदा व्यवस्था में रोजाना 50 लाख ई-वे बिल की क्षमता है जबकि जमा होने वालों बिलों की संख्या इससे कहीं ज्यादा होगी।

कारोबारी संगठनों का कहना है कि व्यापारी अभी जीएसटी को ही पूरी तरह नहीं समझ पाए हैं लेकिन अब सरकार नई व्यवस्था थोपने जा रही है।  मेटल ऐड स्टेनलेस स्टील मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र शाह ने कहा कि ई-वे बिल व्यवस्था को एक फरवरी के बजाय एक अप्रैल से लागू किया जाना चाहिए।

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्टर कांग्रेस की कोर कमेटी के चेयरमैन मलकीत सिंह ने कहा कि ट्रांसपोर्टर को जबरदस्ती इसमें घसीटा गया है क्योंकि सारी जानकारी और कर तो जीएसटी में समाहित हैं।

बेटी बचा करके कोटा कायम करे नया रिकॉर्ड

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कोटा। राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी और मिशन निदेशक एनआरएचए नवीन जैन ने कहा कि सिर्फ नारे लगाने से बेटियां नहीं बचेंगी। इसके लिए मानसिकता बदलने की जरूरत है।वे मंगलवार को टैगोर हाल में जिले के शिक्षण संस्थाओं, कोचिंग संस्थानों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि राजस्थान लिंग अनुपात में पिछड़ता जा रहा था। अब सार्थक प्रयास और जागरूकता से बेटियों को बचाया जा रहा है। अब हमें 0 से 6 वर्ष तक की लड़कियों को जीवित रख पाने के लिए जागरूकता लानी होगी। बैठक में 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर कन्या भ्रूण हत्या, बेटियों के साथ हो रहे भेदभाव को खत्म करने के लिए प्रजेंटेशन के माध्यम से जागरूकता लाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि कोटा की पहचान शैक्षणिक नगरी के रूप में है। यहां से देशभर में सकारात्मक संदेश पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि कोटा के शिक्षण संस्थान इस अभियान से जुड़कर जन जागरूकता का रिकॉर्ड बनाने में मददगार बने। उन्होंने बताया कि राजस्थान में 2001 की जनगणना में चाइल्ड लिंग अनुपात 909 था जो 2011 की जनगणना में घटकर 888 रह गया। अब पीसीपीएनडीटी के प्रयासों से इसमें सुधार हो रहा है।

जिला कलेक्टर रोहित गुप्ता ने आह्वान किया कि कोटा की पहचान शैक्षणिक नगरी के साथ सकारात्मक कार्यों में सक्रियता के रिकॉर्ड बनाने की रही है। इसे बनाए रखकर सभी संगठन अभियान से जुड़े। इस अवसर पर कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधि, हॉस्टल एसोसिएशन, स्वयंसेवी संस्थाओं व व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

संभाग के 657 डेप रक्षकों को दिया बेटी बचाने का प्रशिक्षण
बेटी बचाओ मुहिम के तहत alt147 डॉटर्स आर प्रिसियस’ संवाद-2 के आयोजन को लेकर राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी एवं एनएचएम के एमडी नवीन जैन ने मंगलवार को मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में संभाग के 657 डेप रक्षकों को बेटी बचाओ का प्रशिक्षण दिया।

इसमें कोटा जिले से 425, बूंदी से 100, झालावाड़ से 71 एवं बारां के 61 डेप रक्षक शामिल थे। प्रशिक्षण में जैन ने अभियान से जुड़े नए डेप रक्षकों को ऑडियो-वीडियो प्रजेंटेशन के माध्यम से पीसीपीएनडीटी एक्ट समेत डिकाॅय ऑपरेशन, मुखबिर योजना, राजश्री योजना, बधाई संदेश, इंपैक्ट सॉफ्टवेयर समेत बेटी बचाओ से जुड़े सरकारी प्रयासों और नवाचारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

राजस्थान की सबसे बड़ी जीत रिफाइनरी : राजे

बाड़मेर/ जयपुर | मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने पचपदरा में मंगलवार को रिफाइनरी परियोजना के शुभारंभ अवसर पर कहा कि इस परियोजना के बदले कांग्रेस 56 हजार करोड़ रुपये का कर्ज प्रदेशवासियों पर लादने जा रही थी। हमने इसे 40 हजार करोड़ रुपये कम कर दिया।

40 हजार करोड़ रुपये की बचत कर लगाई जा रही ये रिफाइनरी सही मायनों में यह राजस्थान और राजस्थानियों की सबसे बड़ी जीत है। रेगिस्तान की मिट्टी को सोने में बदलने वाली इस परियोजना की परिकल्पना भी हमारे पिछले शासन काल में शुरू हुई थी जब इस क्षेत्र में तेल के पहले कुए मंगला को चालू किया गया था और आज कार्य का शुभारंभ भी प्रधानमंत्री कर रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि रिफाइनरी का उद्घाटन भी हम प्रधानमंत्री मोदी के हाथों ही कराएंगे।

4 साल में पांच गुना बढ़ा सोलर एनर्जी उत्पादन
राजे ने कहा कि हमने नई सौर ऊर्जा नीति के जरिए किसानों को विकास में भागीदार बनाया। उन्होंने कहा कि आने वाले एक साल में 2255 मेगावाट के सौर ऊर्जा उत्पादन के साथ ही भड़ला विश्व का सबसे बड़ा सोलर पार्क बनाया जायेगा। जैसलमेर के नोख में 1 हजार मेगावाट के एक अन्य सोलर पार्क की स्थापना की जाएगी।

इसके अलावा रिफाइनरी प्रोजेक्ट में स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए बाड़मेर आईटीआई में रिफाइनरी और पेट्रो केमिकल्स के क्षेत्र में कौशल प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है। अगर जैसलमेर-बाड़मेर क्षेत्र रेल लाइन के माध्यम से मूंदड़ा पोर्ट तक जुड़ जाए तो इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

2022 तक रिफाइनरी के उद्‌घाटन का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को पचपदरा में हैलीपेड से सीधे कार्यक्रम स्थल पर एचपीसीएल की ओर से प्रजेंटेशन में शरीक हुए। वहां मोदी ने रिफाइनरी का प्रजेंटेशन देेखा।

एचपीसीएल के सीएमडी एमके सुराणा उनको जानकारी देते रहे। मोदी ने एचपीसीएल से सिर्फ एक ही सवाल किया कि यह प्रोजेक्ट पूरा कब होगा? इस रिफाइनरी के उद्घाटन की तारीख बताइए। इसके बाद सभा को संबोधित करते मोदी ने कहा कि रिफाइनरी प्रोजेक्ट 2022 तक पूरा कर लेंगे।

बीएस-6 मानक की देश की पहली रिफाइनरी
90 लाख रिफाइनरी की क्षमता
30 साल क्रूड तेल का उत्पादन
14 जिलों को सीधे तौर पर मिलेगा फायदा
250 मेगा. बिजली का उत्पादन पेटकॉक से

ट्रेनों में लोअर बर्थ का किराया देना होगा ज्यादा, कमिटी की सिफारिश

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नई दिल्‍ली। अगर आप ट्रेन में सफर के दौरान लोअर बर्थ को पसंद करते हैं, तो अब आपको इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। दरअसल, रेलवे किराए को लेकर गठित फेयर रिव्‍यू कमिटी ने इस संबंध में सिफारिश की है।

कमिटी ने कहा है कि अगर पैसेंजर ट्रेन टिकट के दौरान लोअर बर्थ लेना चाहता है तो उसे इसके लिए अधिक किराया देना चाहिए। इसके अलावा कमिटी ने फेस्टिवल सीजन के दौरान ट्रेवल करने वाले पैसेंजर्स से भी अधिक किराया वसूलने की सिफारिश की है।

डायनमिक प्राइसिंग मॉडल फॉलो करने की सिफारिश
सोर्स के मुताबिक प्रीमियम ट्रेनों में फ्लैक्सी-फेयर सिस्टम की समीक्षा करने के लिए गठित पैनल ने एयरलाइन और होटल्‍स की तरह डायनैमिक प्राइसिंग मॉडल फॉलो करने की सिफारिश की है। सोर्स के मुताबिक पैसेंजर को रेल यात्रा के दौरान पसंदीदा सीट चुनने के लिए अधिक किराया देना पड़ सकता है।

इसके अलावा कमिटी ने बिजी रूट्स पर ट्रेनों के किराए में भी बढ़ोतरी की सिफारिश की है। रेलवे की इस कमिटी ने फेस्टिवल सीजन के दौरान किराया बढ़ाने और अन्‍य महीनों के दौरान कम करने की सलाह दी है। सोर्स के मुताबिक कमिटी ने सुझाव दिया कि यात्रियों को असुविधाजनक समय पर गंतव्य तक पहुंचने वाले ट्रेनों पर डिस्‍काउंट की पेशकश की जा सकती है। 
 
कमिटी में कौन – कौन शामिल 
इस कमिटी में रेलवे बोर्ड के अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा नीति आयोग एडवाइजर रविंद्र गोयल, एयर इंडिया की एग्‍जक्‍यूटिव डायरेक्‍टर  (रेवेन्‍यू मैनेजमेंट ) मीनाक्षी मलिक, प्रोफेसर एस श्रीराम और दिल्‍ली के मेरीडीयन होटल के अधिकारी भी इस कमिटी में शामिल हैं। रेलवे बोर्ड को इस कमिटी ने अपनी रिपोर्ट सोमवार को सौंप दी। 

ताकत के साथ ही आप शांति कायम कर सकते हैं: बेंजामिन नेतन्याहू

नई दिल्ली। रायसीना डायलॉग के थर्ड एडिशन के इनॉगरेशन के मौके पर इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने सैन्य ताकत बढ़ाने पर जोर दिया। नेतन्याहू ने कहा, “यहूदी इतिहास से हमें जो सबसे बड़ा सबक मिला है, वो ये है कि केवल ताकतवर ही जिंदा रहते हैं, कमजोर लोग नहीं।’

इजरायली पीएम ने कहा, “ताकतवर होने पर ही आप शांति स्थापित करने में सफल हो सकते हैं।’ इस मौके पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी मौजूद थे। इजरायल के पीएम 6 दिन के भारत दौरे पर हैं।

इजारयल के पीएम ने और क्या कहा
1) सबसे ज्यादा जरूरी है ताकत
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आज आपको जिस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है, वो है ताकत। ये सैन्य और आर्थिक दोनों पहलुओं में होनी चाहिए और इसे शिक्षा और राजनीतिक शक्ति का समर्थन मिलना चाहिए।”

2) इजरायल की पहली जरूरत ताकत
उन्होंने कहा, “आप मजबूत शख्स के साथ हाथ मिलाइए.. आप ताकतवर होकर ही शांति स्थापित कर सकते हैं। राष्ट्र के तौर पर इजरायल की जो सबसे पहली जरूरत है, वो है ताकत।”

3) भारत-इजरायल के रिश्ते बेमिसाल
 “भारत और इजरायल के रिश्ते बेमिसाल हैं और ये आगे लोकतंत्र की भावना को और ज्यादा मजबूत करेंगे। लोकतंत्र की साझेदारी भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बेहद जरूरी है।”

4) 3000 साल में इजरायल आने वाले मोदी पहले भारतीय नेता
नेतन्याहू बोले, “आपकी (मोदी) इजरायल की विजिट धमाकेदार थी। आप 3000 साल में इजरायल आने वाले पहले भारतीय लीडर थे। मुझे पता है कि आपको (मोदी) इजरायल आने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। मैं ये भी बताना चाहता हूं कि हम भारत में उसी तरह विश्वास करते हैं, जैसा कि भारत इजरायल में करता है।”

5) भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र
 “भारत दुनिया का सबसे बड़ी आबादी वाला लोकतंत्र है। ये वो जगह है, जो दिखाती है कि इंसानियत को स्वतंत्रता के साथ चलाया जा सकता है, हम लोगों के अधिकारों को सुरक्षित कर सकते हैं, उनकी सोचने, बोलने, विश्वास करने और जो भी हम चाहते हैं उसकी क्षा कर सकते हैं। ऐसे लोकतंत्र जो विविध हैं, अलग हैं और आजाद हैं और यही भारत और इजरायल हैं।”

बुधवार को गुजरात जाएंगे नेतन्याहू
बुधवार को बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू को गुजरात जाएंगे। उन्हें यहां नरेंद्र मोदी रिसीव करेंगे। दोनों पीएम यहां अहमदाबाद के देव ढोलेरा गांव में आईक्रिएट सेंटर का इनॉगरेशन करेंगे। यहां वे दोनों वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बनासकांठा के सुईगाम तालुका को मोबाइल वाटर डिजलाइनेशन वैन भी देंगे।

ब्लैकमनी पर एक्शन :1.20 लाख शेल कंपनियों का रजिस्ट्रेशन होगा कैंसल

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नई दिल्ली। सरकार ने ब्लैकमनी की चुनौती से निपटने के लिए ‘शेल कंपनियों’ के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए बड़ा एलान किया है। सरकार ने मंगलवार को कहा कि नियमों का पालन नहीं किए जाने के कारण 1.20 लाख कंपनियों का रजिस्ट्रेशन कैंसल करने का फैसला लिया गया है।
 
पहले ही कैंसल हो चुका है 2.26 लाख कंपनियों का रजिस्ट्रेशन
सरकार 2.26 लाख कंपनियों का रजिस्ट्रेशन पहले ही कैंसल कर चुकी है और ऐसी कंपनियों से जुड़े लगभग 3.09 लाख डायरेक्टर्स को डिसक्वालिफाई किया जा चुका है। अब पिछले हफ्ते डिरजिस्टर्ड कंपनियों के हुए एक्शन को लेकर हुई रिव्यू मीटिंग के बाद 1.20 लाख कंपनियों के रजिस्ट्रेशन कैंसल करने का फैसला लिया गया है।

तेजी से एक्शन लें अधिकारीः मिनिस्टर
रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता करने वाले स्टेट कॉर्पोरेट अफेयर्स मिनिस्टर पी. पी. चौधरी ने अधिकारियों को ऐसी कंपनियों के खिलाफ तेजी से एक्शन लेने के निर्देश दिए, जिनके रजिस्ट्रेशन कैंसिल किए जाने हैं। कॉर्पोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री ने एक रिलीज के माध्यम से कहा कि कई नॉन कंप्लायंस को लेकर 1.20 लाख से ज्यादा कंपनियों की पहचान की गई है, जिनके रजिस्ट्रेशन कैंसल किए जाने हैं।
 
अवैध फंड को बाहर निकालने के लिए एक्शन
दिसंबर, 2017 के आखीर तक 2.26 लाख से ज्यादा कंपनियों का रजिस्ट्रेशन कैंसल किया गया था। यह एक्शन इकोनॉमी से अवैध फंड बाहर निकालने की कवायद का हिस्सा था।
 
कंप्लायंस के बाद बहाल हुईं 128 कंपनियां
रिलीज के मुताबिक, “डिरजिस्टर्ड कंपनियों की बहाली के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में 1,157 केस फाइल किए गए। मिनिस्ट्री ने कहा कि एनसीएलटी ने इन मामलों में से 180 कंपनियों की बहाली पर विचार का आदेश दिया था, जिनमें से 128 कंपनियों को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) ने बहाल कर दिया है।”

190 कोर्ट केस निबटाए
कोर्ट्स में अटके डायरेक्टर्स के डिसक्वालिफिकेशन से जुड़े 992 मामलों के बारे में मिनिस्ट्री ने कहा कि लगभग 190 मामलों निपटा दिए गए हैं। मिनिस्टर ने कन्डोनेशन ऑफ डिले स्कीम के तहत आने वाले मामलों को प्रायोरिटी बेसिस पर सुने जाने को कहा है, जिसका फायदा एलिजिबल कंपनियों को मिल सके। 31 मार्च, 2018 से लागू होने जा रही यह स्कीम डिफॉल्टिंग कंपनियों को अपनी फाइलिंग करने का एक मौका देती है।
 
 कंप्लायंस बढ़ने का दिख रहा ट्रेंड
 मिनिस्ट्री ने यह भी कहा कि डिरजिस्ट्रेशन और डिसक्वालिफिकेशन की कार्रवाई के बाद कंप्लायंस बढ़ने का ट्रेंड देखने को मिल रहा है। साथ ही एमसीए21 पर एनुअल रिटर्न और स्टेटमेंट फाइल करने के लिए कंपनियां आगे आ रही हैं।