Wednesday, July 15, 2026
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जेईई-एडवांस्ड 2018 : आईआईटी में 14 फीसदी गर्ल्स को मिलेंगे एडमिशन

  • इस वर्ष कॉमन मेरिट लिस्ट में छात्राओं की संख्या कम होने पर गर्ल्स के लिए अलग मेरिट सूची जारी होगी।

  • सभी आईआईटी में सीटें बढकर 11,509 हो जाने से छात्रों के एडमिशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

अरविंद, कोटा। इस वर्ष भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में बेटियों को एडमिशन लेने का सुनहरा मौका मिलेगा। एमएचआरडी ने आईआईटी ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड को निर्देश दिए कि शैक्षणिक सत्र 2018-19 के लिए प्रत्येक आईआईटी में जेईई-एडवांस्ड के आधार पर 14 प्रतिशत सीटों पर गर्ल्स के प्रवेश सुनिश्चित किए जाएं।

इसके लिए प्रत्येक संस्थान में अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएंगी। जिससे छात्रों के मौजूदा रिजर्वेशन एवं एडमिशन पर कोई प्रभाव नहीं पडे़गा।  वर्तमान में देश के 23 आईआईटी में प्रत्येक 10 विद्यार्थियों में 9 छात्र व 1 छात्रा का चयन होता है। केंद्र सरकार गर्ल्स केटेगरी में रिजर्वेशन प्रतिवर्ष 1 प्रतिशत बढाकर 2026 तक 20 प्रतिशत करना चाहती है।

ताकि प्रत्येक आईआईटी के 10 चयनित विद्यार्थियों में 2 छात्राएं हों। नए नियम के बाद आईआईटी की प्रत्येक ब्रांच में गर्ल्स की उपस्थिति दिखेगी। जेईई रिपोर्ट के अनुसार, जेईई-मेन,2017 में 11.98 लाख परीक्षार्थियों में 79.2 प्रतिशत छात्र तथा 20.8 प्रतिशत छात्राएं थीं।

जेईई-एडवांस्ड,17 के लिए चयनित 2 लाख में से 1.59,540 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, उसमें आईआईटी के लिए 50,455 विद्यार्थी क्वालिफाई घोषित किए। इसमें 43,318 (86 प्रतिशत) छात्र तथा 7,137 (14 प्रतिशत) छात्राएं थीं।

आईआईटी में चयनित विद्यार्थी
वर्ष           छात्र                   छात्राएं
2011-    90.03              9,97 फीसदी
2012 –   90.22              9.78 फीसदी
2013 –   90.66              9.34 फीसदी
2014-    91.21              8.79 फीसदी
2015-    90.98              9.02 फीसदी
2016-    90.70              9.30 फीसदी
2017-    86.00            14.0 फीसदी क्वालिफाई

अलग मेरिट सूची के मायने क्या
20 मई को होने वाले ऑनलाइन जेईई-एडवांस्ड,2018 में 2.24 लाख विद्यार्थी क्वालिफाई होंगे, उनकी कॉमन मेरिट लिस्ट में गर्ल्स की संख्या यदि 6 प्रतिशत रही तो शेष 8 प्रतिशत के लिए अलग मेरिट सूची जारी की जाएगी। जिससे प्रत्येक आईआईटी में गर्ल्स की संख्या 14 प्रतिशत हो सके।

ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड द्वारा इस वर्ष आईआईटी संस्थानों में सीटें बढ़ाने की सिफारिश करने से सीटें 10,988 से बढ़कर 11,509 हो जाएंगी। लेकिन छात्रों का कोई नुकसान नहीं होगा क्यांकि गर्ल्स के लिए प्रत्येक आईआईटी में अलग सीटें बढ़ाई जा रही है।

जेईई-एडवांस्ड में देश की 5 आईआईटी मुंबई, दिल्ली, रोपड़, वाराणसी एव मंडी ने छात्राओं का अनुपात बढाने के लिए इस वर्ष से ट्यूशन फीस में छूट देने की अनुशंसा की। आईआईटी मंडी द्वारा इस वर्ष से छात्राओं को 1 हजार रूपए मासिक स्कॉलरशिप दी जा रही है। आईआईटी बोर्ड द्वारा छात्राओं को आवेदन फॉर्म के शुल्क में 50 प्रतिशत छूठ दी गई।

जेईई-एडवांस्ड,2018 में होंगे क्वालिफाई
केटेगरी             क्वालिफाई
सामान्य –             81,560
ओबीसी –            60,480
एससी-               33,600
एसटी-               16,800
गर्ल्स –               31,360
कुल क्वालिफाई – 2,24,000

कोटा की कोचिंग छात्राओं में जीत का जोश
भुवनेश्वर की सिली साहू को 12वीं उडीसा बोर्ड में 80 प्रतिशत अंक मिले। न्यूक्लियस एजुकेशन में 11वीं एवं 12वीं के हर सब्जेक्ट में फंडामेंटल्स क्लिअर हो जाने से उसे जेईई-एडवांस्ड,2018 में सलेक्शन का पूरा भरोसा है। बिलासपुर की नयना बघेर, गरिमा वर्मा व केकडी की कशिश विजयवर्गीय ने कहा कि कोटा में एक-एक स्टूडेंट की तैयारी पर 100 फीसदी फोकस किया जाता है। इस वर्ष मन मे दोगुना उत्साह है।

हम टेस्ट पेपर में भी जेईई-एडवांस्ड की तरह एनालिसिस करते हैं। असम के कोकराझार से कोटा में कोचिंग ले रही प्रीतिशा ने बताया कि टीचर्स को हमारे माइंडसेट का पता चल जाता है, वे हमारी परफॉर्मेंस पर पूरी नजर रखते हैं। उत्तराखंड की छात्रा साचिथिंद ने कहा कि पढ़ाने का स्टाइल कोटा में अलग है। हम यहां कंसेप्चुअल तैयारी कर रहे हैं।

प्रीमियर आईआईटी के लिए अवसर बढे़
मुंबई की गौरी तथा पटियाला की आनंदिता ने आईआईटी में इस वर्ष गर्ल्स को रिजर्वेशन दिए जाने पर कहा कि हमें अपनी मेहनत व क्षमता पर पूरा भरोसा है। रिजर्वेशन से अच्छे संस्थान व मनपसंद ब्रांच में एडमिशन मिल सकेगा।

भिंड से मानसी गुप्ता,पटना से कोमल, अंशू, भिवानी से श्रुति, छपरा से सरिता कुमारी, छतरपुर से अदिति सिंह, पचमडी से प्रियांशी, जबलपुर से सान्या, चारू व इशिता खरे, टौक की खुशबू, अलवर से मानसी यादव, भीलवाडा से दीपाली मूंदड़ा व कोटा से डोना माहेश्वरी, तन्वी गुर्जर, श्रेया चौहान, झालावाड़ की अम्बिका न्यूक्लियस एजुकेशन के एक ही बैच की छात्राएं हैं।

इनका कहना है कि इससे हमें बहुत मोटिवेशन मिला, अब पहले की तरह नर्वस नहीं होंगी। हमारे सलेक्शन के अवसर कई गुना बढ़ जाएंगे।  कॅरिअर पॉइंट में एडवांस्ड की तैयारी कर रही मानसी, अनिता सिंह, मोनिका, श्रेया गर्ग व दीप्ति चौहान ने कहा कि अब तक ज्यादा सलेक्शन देखकर गर्ल्स मेडिकल में रूचि ले रही थीं लेकिन अब उनकी झिझक टूटी है। आईआईटी में पढ़ने का उनका सपना इस वर्ष सच होगा।

वायब्रेंट एकेडमी में बेगुसराय (बिहार) से क्लासरूम कोचिंग छात्रा तुलिका शांडिल्य, सूरत की चार्मी पुरोहित, बडौद (उप्र) से निष्णा राणा ने कहा कि पहली बार रिजर्वेशन मिलने से आईआईटी में गर्ल्स के अवसर बढ़ जाएंगे। हम अच्छी रैंक के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।

संस्थान की अदिति लढ्डा एवं रिया सिंह गर्ल्स केटेगरी में ऑल इंडिया टॉपर रही हैं। रेजोनेंस की सरिता वशिष्ठ, सुनिति गर्ग व मीनल शर्मा ने कहा कि आईआईटी में सलेक्शन को लेकर क्लास-10 से झिझक थी, अब तक जेईई-एडवांस्ड में केवल 9 प्रतिशत गर्ल्स का चयन होने से हमारे लिए बड़ी चुनौती रही। इस बार हमारे लिए सीटें बढ़ने से मनोबल बढ़ा है।

एलन संस्थान की सान्या, आराध्या, मनीषा अग्रवाल, जाहन्वी व तन्वी आहूजा ने कहा कि मैथ्स व फिजिक्स जैसे सब्जेक्ट में छात्राओं को कमजोर माना जाता था लेकिन दिमागी स्पर्धा में हम किसी से कम नहीं हैं। जेईई-एडवांस्ड,2018 में गर्ल्स टॉप रैंक पर अच्छा प्रदर्शन करके दिखाएंगी।

डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 19 फीसदी की बढ़ोतरी

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नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती साढ़े नौ माह के दौरान डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 18.7 प्रतिशत बढ़कर 6.89 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। टैक्स विभाग ने आज यह जानकारी दी है। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा है, 15 जनवरी 2018 तक हुए डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन से पूरे वर्ष के लक्ष्य 9.8 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 70 प्रतिशत से अधिक प्राप्ति हो चुकी है।

इसमें कहा गया है, ’15 जनवरी 2018 तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के अस्थायी आंकड़ों में शुद्ध टैक्स वसूली 6.89 लाख करोड़ रुपये रही है। यह राशि एक साल पहले इसी अवधि में प्राप्त प्रत्यक्ष टैक्स के मुकाबले 18.7 प्रतिशत अधिक रही है।’ विज्ञप्ति के अनुसार 1 अप्रैल 2017 से 15 जनवरी 2018 की अवधि में ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 13.5 प्रतिशत बढ़कर 8.11 लाख करोड़ रुपये हो गया।

इस दौरान करदाताओं को 1.22 लाख करोड़ रुपये का रिफंड दिया गया। सीबीडीटी ने कहा चालू वित्त वर्ष के दौरान डायरेक्ट टैक्स की वसूली में निरंतर सुधार दिखाई दिया है। वित्त वर्ष की पहली तिमाही में डायेरक्ट टैक्स वसूली 10 प्रतिशत, उसके बाद दूसरी तिमाही में 10.3 प्रतिशत और तीसरी तिमाही में 12.6 प्रतिशत बढ़ी है। 15 जनवरी, 2018 को इसमें 13.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

इसी प्रकार कुल शुद्ध डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन की यदि बात की जाए तो पहली तिमाही में एक साल पहले की इसी अवधि के मुकाबले 14.8 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 15.8 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 18.2 प्रतिशत और 15 जनवरी 2018 को 18.7 प्रतिशत अधिक रहा है।

विज्ञप्ति के अनुसार कॉरपोरेट कर संग्रह में इस दौरान पहली तिमाही में 4.8 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 10.1 प्रतिशत और 15 जनवरी 2018 को इसमें 11.4 प्रतिशत की वृद्धि रही। इस दौरान निवल कॉरपोरेट कर संग्रह जहां दूसरी तिमाही में 10.8 प्रतिशत बढ़ा है वहीं तीसरी तिमाही में इसमें 17.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई और 15 जनवरी 2018 को इसमें 18.2 प्रतिशत की शुद्ध वृद्धि रही।

लोकतंत्र की सबसे बड़ी पंचायत संसद अब हुई कैशलेस

नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने देश में डिजिटल लेन-देन व कैशलेस को बढ़ावा देने की बात कही थी। बुधवार को देश में लोकतंत्र में सबसे बड़ी पंचायत संसद भी कैशलेस हो गई है। बुधवार को लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने संसद में मौजूद विभिन्न कैंटीन व रेस्टोरेंट में कैश लेने-देने के झंझट को खत्म करते हुए कैशलैस कार्ड लॉन्च किया।

मीडिया से बातचीत में स्पीकर ने बताया कि इस कार्ड में अब एक निश्चित रकम भरवा कर संसद भवन स्थित किसी भी कैंटीन या फूड स्टॉल से खरीदारी की जा सकती है। स्पीकर ने बुधवार को संसद की एक रीनोवेट हुई कैंटीन का उद्घाटन भी किया। इस मौके पर संसद की फूड कमिटी के अध्यक्ष व टीआरएस सांसद जीतेंद्र रेड्डी भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि नोटबंदी के बाद से ही संसद में खुले पैसों व छोटे नोटों की काफी किल्लत महसूस की जा रही थी।

हालांकि इस समस्या को देखते हुए लोकसभा में कार्ड स्वाइप मशीन भी लगाई गई, जो खास कामयाब नहीं हो सकी। रोचक है कि संसद सत्र के दौरान संसद भवन परिसर में स्थित लगभग एक दर्जन से ज्यादा कैंटीनों में रोजाना 4 से 5 हजार लोग इन कैंटीनों की सेवाएं लेते हैं।

मीडिया से बातचीत के दौरान स्पीकर ने कहा कि उनकी इच्छा है कि संसद परिसर स्थित सभी इमारतों में कैंटीन की पर्याप्त सुविधाएं हों, जिससे संसद भवन में काम करने वाले कर्मचारी या अधिकारी अपनी काम की जगहों, अपनी सीट पर खाना खाने की बजाए थोड़ी देर के लिए उठकर इन कैंटीनों तक जाएं। जिससे उनके लिए काम के दबाव दूर होने के साथ-साथ लोगों को आपस में बातचीत करने का मौका मिलेगा।

घरेलू ज्वैलर्स की मांग से सोना 31 हजार के पार, चांदी फिसली

नई दिल्ली/ कोटा। दिल्ली सर्राफा बाजार में लगातार छठें सत्र में सोने की कीमतों में उछाल देखने को मिला है। कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद घरेलू ज्वैलर्स की ओर से बढ़ी मांग के चलते सोना 50 रुपये की बढ़त के साथ 31100 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।

हालांकि चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। चांदी 230 रुपये की कमजोरी के साथ 40,070 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। शादी के सीजन के दौरान घरेलू ज्वैलर्स की ओर से की जा रही लगातार खरीदारी के चलते सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है।

वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.34 फीसद की बढ़त के साथ 1333 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.35 फीसद की तेजी के साथ 17.12 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई है। देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 50 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 31100 रुपये और 30950 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है।

 बीते पांच सत्रों में सोने की कीमतों में 575 रुपये की तेजी दर्ज की गई है। गिन्नी के भाव हालांकि 24800 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, चांदी तैयार 230 रुपये गिरकर 40070 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 340 घटकर 39325 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। चांदी सिक्कों का भाव 1000 रुपये की कमजोरी के साथ 74000 रुपये लिवाल और 75000 रुपये बिकवाल प्रति सैंकड़ा रहा। 

कोटा सर्राफा
चांदी 39800 रुपये पारी किलोग्राम। 
सोना केटबरी 30850 रुपये प्रति दस ग्राम, 35980  रुपये प्रति तोला। 
सोना शुद्ध 31000 रुपये प्रति दस ग्राम, 36160 रुपये प्रति तोला। 

सभी 14 तरह के 10 रुपए के सिक्‍के वैलिड : आरबीआई

नई दिल्ली।  रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने 10 रुपए के सिक्‍कों को लेकर बनी भ्रम की स्थिति पर एक बार फिर अपना रुख साफ किया है। बुधवार को जारी अपने बयान में केंद्रीय बैंक ने कहा कि बाजार में चल रहे सभी 14 तरह के 10 रुपए के सिक्के वैलिड और लीगल टेंडर हैं। 10 के सभी सिक्के देश में चलेंगे। कोई भी सिक्का अमान्य नहीं है।

सभी सिक्‍केे हैं वैध  
आरबीआई के मुताबिक, उसे पता चला है कि देश के अलग-अलग हिस्‍सों में बहुत से ट्रेडर 10 रुपए की कीमत वाले सिक्‍कों को लेने से मना कर रहे हैं। हम साफ करना चाहते हैं कि हमारी ओर से जारी किए गए ये सिक्‍के वैध हैं।

इन्‍हें भारत सरकार के टकसाल विभाग की ओर से जारी किया गया है। इन सिक्‍कों को देश की  इकोनॉमिक, सोशल और कल्‍चरल वैल्‍यूज की थीम के हिसाब से डिजाइन किया जाता है। इन्‍हें समय-समय पर मार्केट में उतारा जाता है।
 
अब तक 14 सिक्‍के जारी 
बयान के मुताबिक,  केंद्रीय बैंक की ओर से 10 रुपए के अब तक 14 सिक्‍के जारी किए जा चुके हैं। इनकी जानकारी समय-समय पर प्रेस के माध्‍यम से लोगों तक पहुंचाई भी गई है। ये सभी सिक्‍के लीगल हैं और इन्‍हें किसी भी ट्रांजेक्‍शन के लिए यूज किया जा सकता है। 
 
पहले भी जारी किया बयान 
पिछले साल नवंबर और अप्रैल में भी आरबीआई ने इसी तरह का बयान जारी कर 10 रुपए के सिक्‍कों को वैध बताया था। बयान में आरबीआई ने शेरावाली, संसद की फोटो वाली के साथ 10 लिखे हुए, होमी भाभा और महात्‍मा गांधी की तस्‍वीर वाले सिक्कों को भी मान्‍य बताया था।
 
10 रुपए के कुछ सिक्‍कों को लोग बता रहे नकली 
बीते कई महीनों से 10 रुपए लिखे हुए सिक्को को लेकर विवाद है। आरबीआई की ओर से जारी अलग अलग 10 रुपए के सिक्‍कों में से कुछ को लोग नकली बताते रहे हैं।

आरबीआई ने ईमेल के जरिए दी गई जानकारी में बताया था कि 10 रुपए लिखा हुआ सिक्का और बाकी के डिजाइन वाले सभी सिक्के पूरी तरह से मान्य हैं। आरबीआई ने कहा है कि अलग-अलग समय में सिक्के जारी होने की वजह से उनके डिजाइन अलग-अलग हैं।

सेंसेक्स ने बनाया नया रिकॉर्ड, पहली बार 35 हजार के पार

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार बुधवार को नए रिकॉर्ड पर बंद हुए। सेंसेक्स पहली बार 35 हजार के पार 311 अंक बढ़कर 35,082 अंक पर बंद हुआ, निफ्टी 88 अंक की उछाल के साथ 10,789 अंक पर बंद हुआ। आईटी शेयरों खासकर इंफोसिस और टीसीएस में तेजी के साथ बैंकिंग शेयरों में बढ़त का असर बाजार पर दिखा।

सुस्त शुरुआत के बाद बाजार ने पकड़ी रफ्तार
कमजोर ग्लोबल इंडिकेशन से शेयर बाजार की आज सुस्त शुरुआत हुई थी। इसके बाद उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। बाद में बैंक, ऑटो, एफएमसीजी, मेटल, फार्मा और रियल्टी शेयरों में खरीददारी बढ़ने से बाजार में निचले स्तर से रिकवरी आई और ये तेजी अंत तक बरकरार रही।

बाजार में तेजी के बीच सेंसेक्स पहली बार 35 हजार के लेवल के पार गया। निफ्टी ने भी पहली बार 10,800 के लेवल को छुआ। सिर्फ 17 ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स में 1000 अंक की बढ़त हुई।
 
पिछले रिकॉर्ड हाई लेवल
– 17 जनवरी को सेंसेक्स ने 35052.77 का नया हाई बनाया। निफ्टी ने भी पहली बार 10,803 के लेवल को छुआ। 
– 15 जनवरी को निफ्टी 10,782.65 के नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा, जबकि सेंसेक्स ने 34963.69 के लेवल को छुआ।
– 12 जनवरी को सेंसेक्स ने 34638.42 की रिकॉर्ड नई ऊंचाई को छुआ। वहीं निफ्टी 10,690.25 प्वाइंट्स तक पहुंचा।
– 11 जनवरी को निफ्टी ने 10,664.60 का ऑलटाइम हाई बनाया था।
– 09 जनवरी को सेंसेक्स ने ऊंचाई का नया लेवल 34565.63 प्वाइंट्स को छुआ।
– 08 जनवरी को सेंसेक्स ने 34487.52 प्वाइंट्स का लेवल छुआ, वहीं निफ्टी 10,631.20 के हाई तक गया था।
– 5 जनवरी 2018 को सेंसेक्स 34,175 और निफ्टी 10,566.10 प्वाइंट्स तक गया था।
 
रेटिंग बढ़ाए जाने से आईटी शेयरों में उछाल, निफ्टी आईटी इंडेक्स 
ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विस मेजर मॉर्गन स्टैनले ने इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचसीएल सहित कुछ दूसरी कंपनियों के लिए टारगेट बढ़ा दिया है। मॉर्गन स्टैनले का कहना है कि ग्लोबल स्तर पर मैक्रोइकोनॉमिक सिनैरियों में सुधार होने का फायदा इस साल आईटी सेक्टर को मिलेगा।

 रेटिंग बढ़ाए जाने से बुधवार के कारोबार में आईटी शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिल रही है। इंफोसिस (2.85%), टीसीएस (2.06%), माइंड ट्री (1.01%) और एचसीएल टेक (0.58%) में बढ़त से निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.27 % मजबूत हुआ है। आईटी शेयरों में उछाल से निफ्टी आईटी इंडेक्स 52 हफ्ते की नई ऊंचाई 12.653.25 के लेवल पर पहुंच गया है।
 
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स बढ़े
बुधवार के कारोबार में लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीददारी रही। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.76 % बढ़कर 17,948.63 अंक पर बंद हुआ।

मिडकैप शेयरों में जीएमआर इंफ्रा, बैंक ऑफ इंडिया, अडानी एंटरप्राइजेज, इंडियन बैंक, कैनरा बैंक, यूबीएल, एमफैसिस औऱ आरकॉम 3.68-7.11 % तक बढ़े। बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.43 % की बढ़ोतरी हुई। स्मॉलकैप शेयरों में शेमारू, जुबियंट, स्टर्लिंग टूल्स, यूनिटेक, डेक्कन गोल्ड माइन 9.88-20 % तक चढ़े।
 
मीडिया को छोड़ सभी सेक्टोरल इंडेक्स में तेजी
उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में एनएसई पर मीडिया को छोड़ सभी सेक्टरोल इंडेक्स में तेजी दर्ज की गई। बैंक निफ्टी 1.21 फीसदी बढ़कर 26,289.10 अंक पर बंद हुआ। बैंकिंग शेयरों में तेजी से कारोबार के दौरान निफ्टी बैंक इंडेक्स ऑलटाइम हाई 26,335.85 के लेवल पर पहुंच गया।

इसके अलावा निफ्टी ऑटो में 0.40%, निफ्टी एफएमसीजी में 0.63%, निफ्टी आईटी में 0.81%, निफ्टी मेटल में 1.01%, निफ्टी फार्मा में 1.26%, निफ्टी पीएसयू बैंक में 4.17% और निफ्टी रियल्टी में 0.86% की मजबूती देखने को मिली। बीएसई का कंज्यूमर डुरेबल्स, कैपिटल गुड्स, ऑयल एंड गैस और पावर इंडेक्स भी बढ़त के साथ बंद हुए।
 
FII रहे बायर, डीआईआई ने की बिकवाली
मंगलवार के कारोबार में फॉरेन पोर्टफोलिया इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार में 693.17 करोड़ रुपए निवेश किए। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने 246.38 करोड़ रुपए बाजार से निकाले।
 
अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद
 मंगलवार के कारोबार में डाओ जोंस 0.04 % गिरकर 25,793 अंक पर बंद हुआ। नैस्डैक 37 अंक की गिरावट के साथ 7,224 अंक पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.4 % की गिरावट के साथ 2,776 अंक पर बंद हुआ।

स्वच्छता महाअभियान : रावतभाटा रोड पर नालों और फुटपाथ से हटाए अतिक्रमण

कोटा। नगर निगम एवं कोटा व्यापार महासंघ द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छता महा अभियान के तहत बुधवार को गुमानपुरा एवं रावतभाटा रोड़ स्थित मावा व खल-चूरी मार्केट में फेली गंदगी और जाम नालों की सफाई करवाई गई।

कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि इससे पहले नगर निगम के महापौर महेश विजय, उप महापौर सुनीता व्यास, उपायुक्त राजेश डागा, अतिक्रमण निरोधक दस्ते के प्रभारी राकेश व्यास, क्षेत्र के व्यापार संघों को पदाधिकारी एवं नगर निगम के कर्मचारियों ने इस बाजार के दौरा कर नालों और फुटपाथ पर हो रहे अतिक्रमण का जायजा लिया।

भविष्य में अतिक्रमण नहीं करने की शपथ 
इसके बाद नालों के ऊपर से व्यापारियों के सामान हटाकर उनकी सफाई करवाई गई। स्वच्छता ब्राण्ड एम्बेसडर जैन एवं  माहेश्वरी ने फुटपाथ पर रखे व्यापारियों के सामानों को हटवाया। व्यापारियों ने बिना किसी विवाद व बहस के अपने सामानों को हटाकर भविष्य में भी सामान नहीं रखने की शपथ ली।

200 डस्टबिन वितरित
चार घण्टे चले इस अभियान में मावा व्यापार संघ के अध्यक्ष भगवान मित्तल के नेतृत्व में करीब 200 दुकानदारों को डस्टबिन दिये। इस दौरान व्यापारियों ने सहयोग देते हुये स्वतः ही अपने अतिक्रमण हटाये। साथ ही स्वच्छता अभियान में भाग ले रहे सम्पूर्ण दलों का स्वागत किया। अभियान के दौरान कचौरी के ठेले वाले वालें एवं फूल माला बेचने वालों को डस्टबिन देकर कचरा नहीं फेलाने की समझाईश की। 

सुलभ शौचालय बनाने के निर्देश 
मावा व्यापार संघ के अध्यक्ष भगवान मित्तल एवं पदाधिकारियों ने महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी को क्षेत्र में शुलभ शौचालय की आवश्यकता एवं जाम नालों की सफाई की समस्या बतायी जिन्हें महासचिव ने महापौर से तुरंत इन समस्याओं का निदान कराने का आग्रह किया। महापौर महेश विजय ने तुंरत प्रभाव से जाम नालों की सफाई करने एवं शीघ्र ही क्षेत्र में सुलभ शौचालय बनाने के निर्देश दिये।

स्वच्छ शहरों में नाम होगा कोटा का 
महापौर महेश विजय ने कहा कि व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन, महासचिव अशोेक माहेश्वरी को ब्राण्ड एम्बेडसर बनाये जाने से स्वच्छता को लेकर व्यापारी अपने आप ही अपनी जिम्मेदारी महसूस कर भरपूर सहयोग दे रहे है।उपमहापौर सुनिता व्यास ने कहा कि जिस तरह बिना विवाद के व्यापारी शहर को स्वच्छ बनाने के लिए आगे आ रहे है,  उसी तरह इस मिशन में सहयोग मिलता रहा तो निश्चित कोटा देश के स्वच्छ एवं सुन्दर शहरों में अपना नाम दर्ज कराने में पीछे नहीं हटेगा।

इन्होंने किया सहयोग
स्वच्छता महा अभियान में सहयोग देने के लिए नगर निगम के वार्ड पार्षद रमेश आहुजा, बृजेश शर्मा नीटू, देवेन्द्र चौधरी मामा, ध्रुव राठौर, प्रकाश सैनी, विनोद नायक, बशरूद्दीन कुरैशी भी मौजूद थे। छावनी चौराहा व्यापार संघ के अध्यक्ष यश मालवीया सचिव नरेन्द्र चौहान, गुमानपुरा दुकानदार संघ के अध्यक्ष संजय शर्मा, सचिव दिनेश गुप्ता एवं संरक्षक भूपेन्द्र भण्डारी, मावा व्यापार संघ के अध्यक्ष भगवान मित्तल व पदाधिकारियों ने स्वच्छता अभियान में अपना सहयोग दिया। 

आज कोटड़ी गुमानपुरा रोड़ पर
कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि जिस तरह से व्यापारियों में स्वतः स्फूर्त स्वच्छता व अतिक्रमण को लेकर जागृति आयी है, उससे निश्चित रूप से आने वाले समय में कोटा को स्वच्छ व सुन्दर बनाने की जो इच्छा सभी वर्गो की है, वह पूरी होगी। यह अभियान आज दोपहर 3.00 बजे कोटड़ी गुमानपुरा रोड़ पर चलाया जायेगा।

कानपुर में 96 करोड़ के पुराने नोटों का जखीरा बरामद

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कानपुर/नई दिल्‍ली। यूपी पुलिस के साथ मिलकर मंगलवार देर रात  मारी गई दबिश में राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी यानी  ने 96 करोड़ रुपए की कीमत के पुराने नोट बरामद किए हैं। इसे नोटबंदी के बाद मिला पुराने नोटों का अब तक का सबसे बड़ा जखीरा बताया जा रहा है। 

इन नोटों के उत्‍तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर से बरामद किया गया।  इस मामले में 16 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इस मामले के तार हैदराबाद के अलावा दिल्‍ली मुंबई जैसे शहरों से जोड़कर देखे जा रहे हैं। 

नोटों की गिनती जारी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल जब्‍त किए जाने के बाद इन नोटों की गिरती का काम जारी है। रिजर्व बैंक और इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट इन नोटों की गिनती कर रहे हैं। जल्‍द ही उन्‍हीं के हवाले से पता चलेगा कि जब्‍त किए गए नोट आखिर कितनी कीमत के थे। कुछ रिपोर्ट में नोटों की कीमत 100 करोड़ रुपए तक बताई जा रही है।  
 
 कई जगहों पर हुई छापेमारी 
कानपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर के किसी घर में पुराने नोटों का जखीरा छिपा कर रखा गया है। पुलिस ने उस शख्‍स को भी गिरफ्तार कर लिया है जो इन नोटों को नए नोटों से बदलने का आश्‍वासन देने के साथ बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था। हालांकि गिरफ्तार व्‍यक्ति का नाम नहीं पता चल पाया है।

पुलिस इस बात का भी पता लगाने की कोशिश में है कि कहीं इस पूरे मामले में सरकारी अधिकारी तो शामिल नहीं हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह रेड कानपुर के अलग अलग इलाकों में मारी गई।  कुछ लोगों को शहर के एक होटल से भी अरेस्‍ट किया गया है। 
 
 मेरठ से मिले थे 25 करोड़ रुपए के पुराने नोट
बता दें कि कुछ समय पहले ही पहले ही मेरठ पुलिस ने परतापुर थाना इलाके के राजकमल एन्क्लेव में प्रोपर्टी डीलर और बिल्डर संजीव मित्तल के मकान में बने एक ऑफिस से लगभग 25 करोड़ रुपए की पुरानी करेंसी बरामद की थी। मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया था कि संजीव इस पैसे को एक नामी तेल कम्पनी के जरिए आरटीजीएस करना चाहते थे। 

सेंसेक्स पहली बार 35 हजार, निफ्टी भी 10,770 के पार

नई दिल्ली। सुस्त शुरुआत के बाद हेवीवेट शेयरों में खरीददारी बढ़ने से दोपहर को भारतीय शेयर बाजार रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए। तीसरे क्वार्टर में कंपनियों की अर्निंग में सुधार से मार्केट का सेंटीमेंट्स मजबूत हुआ और सेंसेक्स पहली बार 35,000 के स्तर को पार करने में कामयाब हुआ। वहीं निफ्टी भी रिकॉर्ड लेवल पर कारोबार करता दिख रहा है।

बैंक, आईटी, मेटल, फार्मा, रियल्टी और एफएमसीजी इंडेक्स में बढ़त से मार्केट को सपोर्ट मिला है। फिलहाल सेंसेक्स 269 अंक बढ़कर 35,040 अंक पर और निफ्टी 72 अंक की उछाल के साथ 10,772 अंक पर कारोबार कर रहा है।

 पिछले रिकॉर्ड हाई लेवल
 – 17 जनवरी को सेंसेक्स ने 35052.77 का नया हाई बनाया।
– 15 जनवरी को निफ्टी 10,782.65 के नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा, जबकि सेंसेक्स ने 34963.69 के स्तर को छुआ।
– 12 जनवरी को सेंसेक्स ने 34638.42 की रिकॉर्ड नई ऊंचाई को छुआ। वहीं निफ्टी 10,690.25 प्वाइंट्स तक पहुंचा।
– 11 जनवरी को निफ्टी ने 10,664.60 का ऑलटाइम हाई बनाया था।
– 09 जनवरी को सेंसेक्स ने ऊंचाई का नया लेवल 34565.63 प्वाइंट्स को छुआ।
– 08 जनवरी को सेंसेक्स ने 34487.52 प्वाइंट्स का लेवल छुआ, वहीं निफ्टी 10,631.20 के हाई तक गया था।
– 5 जनवरी 2018 को सेंसेक्स 34,175 और निफ्टी 10,566.10 प्वाइंट्स तक गया था।
 
रेटिंग बढ़ाए जाने से आईटी शेयरों में उछाल, निफ्टी आईटी इंडेक्स 
ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विस मेजर मॉर्गन स्टैनले ने इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचसीएल सहित कुछ दूसरी कंपनियों के लिए टारगेट बढ़ा दिया है। मॉर्गन स्टैनले का कहना है कि ग्लोबल स्तर पर मैक्रोइकोनॉमिक सिनैरियों में सुधार होने का फायदा इस साल आईटी सेक्टर को मिलेगा।

रेटिंग बढ़ाए जाने से बुधवार के कारोबार में आईटी शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिल रही है। इंफोसिस (2.85%), टीसीएस (2.06%), माइंड ट्री (1.01%) और एचसीएल टेक (0.58%) में बढ़त से निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.27 फीसदी मजबूत हुआ है।आईटी शेयरों में उछाल से निफ्टी आईटी इंडेक्स 52 हफ्ते की नई ऊंचाई 12.653.25 के स्तर पर पहुंच गया है।
 
मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में दबाव
शुरुआती कारोबार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी देखने को मिली रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.83 फीसदी गिरा है। मिडकैप शेयरों में एसजीवीएन, अडानी पावर, आरपावर, वॉकहार्ट फार्मा, एनएलसी इंडिया, एनबीसीसी, नेशनल एल्युमीनियम 4.50-2.96 फीसदी तक गिरे हैं। वहीं बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 1.41 फीसदी टूट है। स्मॉलकैप शेयरों में पनामा पेट्रोकेम, गैमन इंफ्रा, एसीई, हाथवै 8-6.95 फीसदी तक टूटे।
 
FII रहे बायर, डीआईआई ने की बिकवाली
मंगलवार के कारोबार में फॉरेन पोर्टफोलिया इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार में 693.17 करोड़ रुपए निवेश किए। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने 246.38 करोड़ रुपए बाजार से निकाले।
 
अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद
मंगलवार के कारोबार में डाओ जोंस 0.04 फीसदी गिरकर 25,793 अंक पर बंद हुआ। नैस्डैक 37 अंक की गिरावट के साथ 7,224 अंक पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.4 फीसदी की गिरावट के साथ 2,776 अंक पर बंद हुआ।

‘काला धन’ छिपाने का नया ठिकाना, जानिए क्या

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नई दिल्ली। बैंकों द्वारा नियम सख्त करने के बाद लोगों ने ‘काला धन’ छिपाने का नया ठिकाना ढूंढ लिया है। पिछले दिनों यह सामने आया कि काला धन छिपाने के लिए लोग अब प्राइवेट वॉल्ट्स को सबसे सेफ मानते हैं। हालांकि, ऐसे लोग भी इनकम टैक्स विभाग की नजरों से बचने में नाकाम रहते हैं।

पिछले हफ्ते आईटी डिपार्टमेंट ने नई दिल्ली के साउथ एक्सटेंशन में छापा मारा था। वहां एक ही कमरे में मौजूद प्राइवेट वॉल्ट्स से 21 करोड़ रुपए बरामद किए गए थे। पिछले हफ्ते भी छापेमारी हुई थी, जिसको मिलाकर देखा जाए तो कुल 41 प्राइवेट वॉल्ट्स से 85 करोड़ का कैश और सोना बरामद हुआ। सभी पैसा नोटबंदी के बाद रखा गया था और उनमें से लगभग 40 करोड़ दो हजार के नए नोटों में थे।

इसलिए बने ‘पहली पसंद’
प्राइवेट लॉकर लेने के लिए KYC तो दूर, कोई खास जानकारी तक नहीं देनी होती। जहां ये लॉकर्स मौजूद होते हैं वहां कोई सीसीटीवी भी नहीं होता। इसका मतलब है कि कोई भी आकर अपने वॉल्ट में कुछ भी रख सकता है। वहीं दूसरी तरफ बैंक में जो लॉकर मौजूद होते हैं उसके आसपास सीसीटीवी कैमरा जरूर होता है।

प्राइवेट वॉल्ट सरकारी लॉकर्स के मुकाबले काफी महंगे होते हैं। साउथ एक्सटेंशन में मौजूद प्राइवेट वॉल्ट का सालाना किराया 1.5 लाख रुपये था, वहीं बैंक लॉकर्स एक हजार रुपये सालाना में मिल जाता है।

पकड़ा जाना आसान नहीं
इनकम टैक्स विभाग का मानना है कि इन वॉल्ट्स में जानेमाने बिजनसमैन, बिल्डर्स, राजनेताओं का ‘कालाधन’ होता है, लेकिन उन्हें पकड़ा जाना आसान नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जो लॉकर को ऑपरेट कर रहा होता है वह उसका असल मालिक होता ही नहीं है। कई वॉल्ट को बेनामी होते हैं।

प्राइवेट वॉल्ट में लोगों का रुझान पिछले कुछ सालों से बढ़ रहा है। कुछ साल पहले सीपी में भी छापा मारकर वहां मौजूद प्राइवेट वॉल्ट्स से दस करोड़ रुपये बरामद किए गए थे। फिलहाल, आईटी वित्तमंत्री से यह समस्या साझा कर चुका है। इनपर काबू पाने के लिए नियमों में बदलाव करने की सलाह दी गई है।