Wednesday, July 15, 2026
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साजीदेहड़ा नाले के सौंदर्यीकरण से चम्बल शुद्धिकरण में मदद मिलेगी

कोटा। साजीदेहड़ा नाले के सौंदर्यीकरण से चम्बल को साफ रखने में मदद मिलेगी। इसका 5 किलोमीटर में सौंदर्यीकरण किया जाना तय किया गया है। चम्बल को साफ रखने में ग्रीन ब्रिज तकनीक का इस्तेमाल कर नालों को साफ करने की योजना भी कारगर सिद्ध होगी।

यह कहना है प्रोजेक्ट अभियंता गौरव का। गत दिवस सायं काल अपने प्रजेंटेशन में गौरव ने नालों के ट्रीटमेंट की तकनीकी जानकारी अभियंताओं की दी। दी इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स इण्डिया कोटा लोकल सेंटर द्वारा प्रतिवर्ष की भॉति को सायं बजे संस्थान के इंजीनियर्स भवन झालावाड़ रोड, कोटा पर स्व.अब्दुल मतीन मेमोरियल व्याख्यान का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता चेयरमेन चन्द्रकान्त सिंह परमार ने की । उन्होंने समस्त अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य वक्ता गौरव ने बताया कि- साजीदेहड़ा नाला कोटा का एक प्राजेक्ट है, जिसके पूरा होने पर कोटा की कई समस्याओं का निराकरण होगा।

सीएम सक्सेना ने अब्दुल मतीन के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला, उन्होंने बताया कि वे इंजीनियर्स में बेमिसाल थे, उन्होंने कोटा में कई आवासीय कॉलोनियों का निर्माण करवाया जिसमें लो कोस्ट व गुणवत्ता का पूर्ण ध्यान रखा गया। उनका सपना था कि हर जरूरतमंद को आवास मिले।

डा0 विवेक माधव ने इंजीनियरिंग एवं स्पिरिचुअलिटी पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए बताया कि समय के परिवर्तन के साथ ही इंजीनियरिंग शिक्षा में कार्यकारी परिवर्तन की आवश्यकता है। उन्होंने विवेकानंद के आदर्शो पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धीरेन्द्र माथुर ने कहा कि सफाई के अभाव में स्मार्ट सिटी की बात केवल काल्पनिक ही कही जाएगी।

इसी के साथ यातायात के रेगुलेशन की व्यवस्था भी बनाने की जरूरत है। कोटा एवं मानद अतिथि राजस्थान आवाससन मण्डल के अधीक्षण अभियंता एमएम सिंह ने इंजीनियर्स का आह्वान करते हुए कहा कि इंजीनियर्स को मतीन के आदर्शों पर चलना चाहिये।

मंच संचालक सुनील बोहरा ने बताया कि इस तकनीकी व्याख्यान में जल संसाधन विभाग, नगर निगम, सीएडी विभाग, आईएमटीआई, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, पॉलीटेक्निक कॉलेज, डीसीएम श्रीराम, राजस्थान परमाणु बिजली घर रावतभाटा, हैवी वाटर रावतभाटा, डीएससीएल, आई0एल0, राज0 आवासन मण्डल, कोटा थर्मल, नगर विकास न्यास, राजस्थान आवास विकास एवं इन्फ्रास्ट््क्र लिमिटेड एवं अन्य संस्थानों में कार्यरत अभियंतागण ने भाग लिया।

भारतीय सड़कों के विकास पर सेमिनार 20 व 21को, विशेषज्ञ इंजीनियर जुटेंगे

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कोटा । दी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स तथा राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आजादी के बाद से सड़कों के विकास विषय पर अखिल भारतीय संगोष्ठी 20 तथा 21 जनवरी को आयोजित की जाएगी।

गुरूवार को इंजीनियर्स भवन पर आयोजित पत्रकार वार्ता में इंस्टीट्यूट के चेयरमेन सीकेएस परमार एवं संयोजक धीरेंद्र माथुर ने बताया कि सेमिनार में विभिन्न प्रदेशों से आने वाले प्रतिनिधि केस स्टडीज के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं में प्रयुक्त आधुनिक विश्वस्तरीय डिजायन, मशीनरी , मेटेरियल तथा तकनीक पर विचार करेंगे।

हाईवे निर्माण क्षेत्र में कार्य करने वाले इंजीनियर्स विश्व स्तरीय तकनीक तथा निर्माण सामग्री की जानकारी देंगे। वरिष्ठ अधिकारी एवं शोधकर्त्ताओं व छात्रों को भी भाग लेने का अवसर मिलेगा। उद्घाटन सत्र 20 जनवरी को इंजीनियर्स भवन झालावाड़ रोड़ पर सुबह 10 बजे होगा।

वक्ता राष्ट्रीय ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी एनआरआरडीए नई दिल्ली के निर्देशक आईके पटेरिया होगे। अध्यक्षता तकनीकी विश्व विद्यालय के कुलपति प्रो.एनके कौशिक करेंगे।

मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर रोहित गुप्ता रहेंगे। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रो. बीपी सुनेजा एवं एचडी चारण तथा प्रो. सीडी प्रसाद ने बताया कि 21 जनवरी को समापन समारोह 11.30 बजे राजस्थान तकनीकी विश्व विद्यालय के ऑडिटोरियम में होगा।

मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. एनके कौशिक होंगे तथा विशिष्ट अतिथि सार्वजनिक निर्माण विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता जीपी शर्मा एवं कॅरियर पाइंट विश्वविद्यालय के कुलपति डीएन राव होंगे।

 प्लास्टिक वेस्ट एवं स्लरी से सड़क निर्माण पर होगा व्याख्यान
सेमिनार में प्लास्टिक वेस्ट से नहीं टूटने वाली सड़कों तथा कोटा स्टोन की स्लरी से बनने वाली सड़कों की तकनीक की जानकारी दी जाएगी। प्रो. चारण ने बताया कि कोटा में थर्मल की फ्लाईएश का सड़क निर्माण एवं अन्य निर्माण में कार्य करने की तकनीक विकसित करने में आरटीयू का बड़ा योगदान है।

बिटकॉइन क्रेश, करीब आधा गिरकर आया $10,000 से नीचे

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नई दिल्ली। वर्चुअल करंसी में लगातार छठे हफ्ते भी गिरावट दर्ज की गई है। लगभग सभी क्रिप्टोकरंसी की हालत पतली होती दिख रही है। मार्केट इन्साइडर के मुताबिक, लोगों के बीच सबसे ज्यादा मशहूर बिटकॉइन बुधवार को 12 प्रतिशत और गिरकर 9,936 डॉलर (करीब 6,33,787 रुपये) पर आ गया।

इसके साथ ही इथेरियम 16 प्रतिशत गिरावट के साथ 884 डॉलर (करीब 56,389 रुपये) पर रहा। इन दोनों के अलावा रिपल भी 10 प्रतिशत नीचे आया है। हालांकि, बिटकॉइन इतना नीचे गिरकर भी अभी 12 महीने पहले की अपनी स्थिति से 1100 प्रतिशत बेहतर कर रहा है।

पिछले महीने तो बिटकॉइन की कीमत 19,800 डॉलर (करीब 12,62,938 रुपये) तक पहुंच गई थी। बिटकॉइन उससे महंगा फिर कभी नहीं हुआ। उसके बाद बिटकॉइन धीरे-धीरे गिरते हुए अब मौजूदा स्थिति में आ गया है। इस गिरावट को जानकार क्रिप्टोकरंसी का ‘खूनी खेल’ तक बता रहे हैं।

क्यों आई मंदी
बिटकॉइन के साथ-साथ बाकी सभी क्रिप्टोकरंसी की कीमत में गिरावट के पीछे रूस को वजह बताया जा रहा है। दरअसल, पिछले हफ्ते रूस की खबरों देने वाली एक एजेंसी ने बताया था कि उनके राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि क्रिप्टोकरंसी के लिए निकट भविष्य में कानून बनाने होंगे।

पुतिन की बात को क्रिप्टोकरंसी के बारे में जानकारी देने वाली साइट कॉइन डेस्क ने प्रमुखता से दिखाया था। शायद इससे निवेशक डर गए। बता दें कि भारत में भी इन क्रिप्टोकरंसी का क्रेज बढ़ रहा है। लोग इन्हें खरीदने के लिए लंबा इंतजार कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ ऐसी खबरें भी आ रही हैं कि लोग बिटकॉइन के रेट गिरने से परेशान हैं। इनकम टैक्स के डर से कुछ लोग तो अपनी क्रिप्टोकरंसी रिश्तेदारों को गिफ्ट भी कर रहे हैं।

अगले वित्‍त वर्ष में 7.1% रहेगी इकोनॉमिक ग्रोथ: इंडिया रेटिंग्‍स

नई दिल्‍ली। इंडिया रेटिंग्‍स एंड रिसर्च अगले वित्‍त वर्ष के लिए ने देश की इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़कर 7.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। इस साल के लिए यह अनुमान 6.5 फीसदी है। कंजम्‍प्‍शन डिमांड बढ़ने और कमोडिटी की कीमतें नीचे रहने से इकोनॉमिक ग्रोथ को तेजी मिलेगी।

 इंडिया रेटिंग्‍स ने 2018-19 के अपने आउटलुक में कहा है कि जीएसटी और इन्‍सॉल्‍वेंसी एंड बैंकरप्‍सी कोड (आईबीसी) जैसे स्‍ट्रक्‍चरल रिफॉर्म्‍स के चलते ग्रोथ में धीरे-धीरे तेजी आएगी। 

फिच रेटिंग्‍स की सब्सिडियरी इंडिया रेटिंग्‍स एंड रिसर्च ने कहा है कि जीएसटी का असर इकोनॉमी पर मीडियम टर्म से लॉन्‍ग टर्म में हो सकता है। हालांकि, नोटबंदी के इम्‍पैक्‍ट के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता है।
 
इंडिया रेटिंग्‍स ने साल दर साल आधार पर 2018-19 में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। यह एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) और इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (आईएमएफ) के 7.4 फीसदी के अनुमान से कम है। 

रिटेल महंगाई 4.4% रहने का अनुमान 
इंडिया रेटिंग्‍स ने अनुसार, ग्‍लोबल मार्केट में क्रूड की कीमतों में तेजी का असर महंगाई पर भी होगा। 2018-19 में रिटेल महंगाई 4.6 फीसदी और थोक महंगाई 4.4 फीसदी रह सकती है।  
 
अनुमान से ज्‍यादा राजकोषीय घाटा 
एजेंसी का कहना है कि 2017-18 में फिस्‍कल डेफिसिट (राजकोषीय घाटा) 3.5 फीसदी रह सकता है। यह 3.2 फीसदी के बजट अनुमान से ज्‍यादा है। ऐसा अनुमान है कि प्री-इलेक्‍शन बजट साल होने के बावजूद 2018-19 आम बजट बहुत अधिक लोकलुभावन नहीं होगा। हालांकि, इस बात की उम्‍मीद है कि रूरल और एग्रीकल्‍चर सेक्‍टर पर सरकार खर्च बढ़ा सकती है। 

रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा मार्केट, निफ्टी 10,800 के पार बंद

नई दिल्ली। गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर नई ऊंचाई पर बंद हुए। ग्लोबल मार्केट से मिले संकेतों के साथ सरकार द्वारा बैंकों में एफडीआई की सीमा बढ़ाने पर विचार किए जाने से बैंकिंग शेयरों में तेजी से बाजार नए स्तर पर बंद हुआ।

सेंसेक्स 178 अंक बढ़कर 35,260 अंक पर जबकि निफ्टी 28 अंक की उछाल के साथ 10,817 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 35507.36 का नया हाई बनाया था। वहीं निफ्टी भी 10,887.50 के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंचा था।

लेकिन अमेरिका द्वारा भारत से स्टेनलेस स्टील फ्लैंज्स पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाए जाने से मेटल शेयरों में बिकवाली ने बाजार की तेजी पर ब्रेक लगा दिया। सेंसेक्स ऊपरी स्तर से 341 अंक फिसल गया। वहीं निफ्टी भी ऊपर से 99 अंक लुढ़क गया। बैंक शेयरों में तेजी से मार्केट को सपोर्ट मिला और बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद होने में कामयाब रहा।

 क्यों आई बाजार में तेजी
– ग्लोबल ग्रोथ में मजबूती बने रहने की उम्मीद और कॉरपोरेट अर्निंग में सुधार से साल 2018 में शेयर बाजार में रैली देखने को मिल रही है।
– बुधवार को अमेरिकी बाजार रिकॉर्ड हाई पर बंद हुए। बैंक ऑफ अमेरिका के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहने की वजह से डाओ जोंस पहली बार 26,000 के पार बंद हुआ।
– अमेरिकी बाजारों में तेजी से गुरुवार को एशियाई बाजार भी रिकॉर्ड हाई के लेवल पर पहुंच गए हैं। इससे भारतीय शेयर बाजार को सपोर्ट मिला है।
– वहीं घरेलू स्तर पर सरकार ने बुधवार को मौजूदा वित्‍त वर्ष के लिए अतिरिक्‍त कर्ज जरूरत को घटाकर 20,000 करोड़ रुपए कर दिया। इससे पहले इस जरूरत के 50,000 करोड़ रुपए रहने का अनुमान जताया गया था। इस खबर से कारोबार में बैंक शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली।
– सेंसेक्स 285 अंक बढ़कर ऑलटाइम हाई 35,366 अंक पर खुला। वहीं निफ्टी पहली बार 10,850 के पार निकल गया। निफ्टी 85 अंक की तेजी के साथ 10,873 अंक पर खुला।
 
पिछले रिकॉर्ड हाई लेवल
– 17 जनवरी को सेंसेक्स ने 35118.61 का नया हाई बनाया। निफ्टी ने भी पहली बार 10,803 के लेवल को छुआ। 
– 15 जनवरी को निफ्टी 10,782.65 के नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा, जबकि सेंसेक्स ने 34963.69 के लेवल को छुआ।
– 12 जनवरी को सेंसेक्स ने 34638.42 की रिकॉर्ड नई ऊंचाई को छुआ। वहीं निफ्टी 10,690.25 प्वाइंट्स तक पहुंचा।
– 11 जनवरी को निफ्टी ने 10,664.60 का ऑलटाइम हाई बनाया था।
– 09 जनवरी को सेंसेक्स ने ऊंचाई का नया लेवल 34565.63 प्वाॅइंट्स को छुआ।
– 08 जनवरी को सेंसेक्स ने 34487.52 प्वाॅइंट्स का लेवल छुआ, वहीं निफ्टी 10,631.20 के हाई तक गया था।
– 5 जनवरी 2018 को सेंसेक्स 34,175 और निफ्टी 10,566.10 प्वाॅइंट्स तक गया था।
 
25 सालों में दुनिया का नंबर वन शेयर मार्केट बना भारत
25 सालों में अमेरिका, जर्मनी और हांग कांग को पीछे छोड़ते हुए भारत दुनिया का बेस्ट परफॉर्मिंग इक्विटी मार्केट बन गया है। 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के मार्केट कैप वाले बाजार में भारतीय शेयर बाजार रिटर्न देने के मामले में नंबर एक है।

पिछले 25 सालों में निफ्टी ने 1,357.22 फीसदी और सेंसेक्स ने 1,289 फीसदी का रिटर्न दिया है। वहीं इस दौरान अमेरिका के डाओ जोंस ने 690 फीसदी और जर्मनी के डैक्स ने 756 फीसदी रिटर्न दिया है। 1991 में आर्थिक उदारीकरण के बाद देश में विदेशी निवेशकों का रुझान बढ़ा है। भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश बढ़ने से बाजार आउट परफॉर्म किया है।
 
सभी सेक्टोरल इंडेक्स में बढ़त
तेजी के साथ कारोबार में सभी सेक्टोरल इंडेक्स में बढ़त देखने को मिल रही है। बैंक निफ्टी इंडेक्स 1.64 फीसदी बढ़ा है। वहीं निफ्टी ऑटो में 0.62%, निफ्टी एफएमसीजी में 0.81%, निफ्टी मेटल में 0.06%, निफ्टी फार्मा में 0.24% और निफ्टी रियल्टी में 0.48 फीसदी की तेजी आई है।

हालांकि बीएसई ऑयल एंड गैस इंडेक्स में कमजोरी दिख रही है। लेकिन बीएसई कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, कैपिटल गुड्स और पावर इंडेक्स में तेजी है।
 
मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में तेजी
शुरुआती कारोबार में लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीददारी नजर आ रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.57 फीसदी बढ़ा है। मिडकैप शेयरों में वॉकहार्ट फार्मा, आईडीबीआई, एमफैसिस, मुथुट फाइनेंस, डालमिया भारत, आरबीएल बैंक, सेंट्रल बैंक, फेडरल बैंक 1.76-4.61 फीसदी बढ़ा है।

वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.94 फीसदी मजबूती आई है। स्मॉलकैप शेयरों में माइंड ट्री, आरजेएल, टिनप्लेट, थिरूमलाई केमिकल्स, धनलक्ष्मी बैंक, पीपीएपी 5.83-8.64 फीसदी तक चढ़े।
 
FII और डीआईआई रहे खरीददार
बुधवार के कारोबार में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार में 625.13 करोड़ रुपए निवेश किए। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने 168.61 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।

अमेरिकी बाजार मजबूती के साथ बंद
बुधवार को अमेरिकी बाजारों में बढ़त देखने को मिली। डाओ जोंस 323 अंक उछलकर 26,116 अंक पर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक 75 अंक बढ़कर 7,298 अंक पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 26 अंक चढ़कर 2,803 पर बंद हुआ।

पद्मावत अब 25 को देशभर में रिलीज होगी, 4 राज्यों की रोक पर स्टे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मूवी पद्मावत की रिलीज को हरी झंडी दे दी है। इसकी स्क्रीनिंग देशभर में अब 25 जनवरी को होगी। मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और गुजरात में बैन लगाने के खिलाफ फिल्म के प्रोड्यूसर्स ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की थी। गुरुवार को सुनवाई करते वक्त सुप्रीम कोर्ट ने इन राज्यों के नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी।

फिल्म के सब्जेक्ट से छेड़छाड़ नहीं कर सकते राज्य
– सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात सरकारों के उन नोटिफिकेशंस पर भी स्टे लगा दिया है, जिनमें फिल्म रिलीज ना होने देने का ऑर्डर दिया गया था।
– प्रोड्यूसर्स के वकील हरीश साल्वे ने कहा कि वो केंद्र सरकार से गुजारिश करते हैं कि वो राज्यों के लिए डायरेक्शन जारी करे ताकि फिल्म की रिलीज में कोई दिक्कत पेश ना आए।
– हरीश साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- अगर राज्य ही फिल्म को बैन करने लगेंगे तो इससे फेडरल स्ट्रक्चर (संघीय ढांचे) तबाह हो जाएगा। यह बहुत गंभीर मामला है। अगर किसी को इससे (फिल्म से) दिक्कत है तो वो संबंधित ट्रिब्यूनल में राहत पाने के लिए अपील कर सकता है। राज्य फिल्म के सब्जेक्ट से छेड़छाड़ नहीं कर सकते।
राज्य सरकारें बैन नहीं कर सकतीं
– गुरुवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली बेंच ने मामले की सुनवाई की। बेंच में जस्टिस खानविलकर और जस्टिस डीवाय. चंद्रचूढ़ भी थे। बेंच ने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर का मामला राज्य देखें।
– प्रोड्यूसर्स की तरफ से इस मामले में हरीश साल्वे और मुुकुल रोहतगी ने दलीलें पेश कीं। साल्वे ने कहा- जब सेंसर बोर्ड फिल्म को सर्टिफिकेट दे चुका है तो राज्य सरकारें इस पर बैन कैसे लगा सकती हैं? मामले की अगली सुनवाई मार्च में होगी।
– एडिश्नल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता राजस्थान, गुजरात और हरियाणा का पक्ष रखने के लिए पेश हुए। उन्होंने बेंच से कहा- नोटिफिकेशन सिर्फ गुजरात और राजस्थान में जारी किया गया।
कोर्ट जाने की क्या थी वजह?
– पद्मावत के निर्माता Viacom 18 ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दाखिल की थी। इस याचिका में कुछ राज्यों में फिल्म की स्क्रीनिंग को रोकने के खिलाफ अपील की गई।

इन राज्यों में की गई थी बैन
-सेंसर बोर्ड से कट लगने और फिल्म का नाम ‘पद्मावती’ से ‘पद्मावत’ होने के बाद भी एक के बाद एक कई राज्यों ने इस फिल्म को अपने राज्यों में रिलीज करने से मना कर दिया था।
– गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा की सरकारों ने कहा था कि वो अपने-अपने राज्यों में इस फिल्म को रिलीज नहीं करने देंगी। इन सभी जगहों पर बीजेपी की सरकार है।
तीन भाषाओं में रिलीज होगी फिल्म
– फिल्म के मेकर्स भंसाली प्रोडक्शन और वायाकॉम 18 मोशन पिक्चर्स ने तारीख कन्फर्म करते हुए बताया कि फिल्म को दुनियाभर में एकसाथ IMAX 3D में रिलीज किया जाएगा। फिल्म तीन भाषाओं हिंदी, तमिल और तेलुगु में रिलीज की जाएगी।

फिल्म को लेकर विवाद क्या है?
राजस्थान में करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। राजपूत करणी सेना का मानना है कि ​इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची।

फिल्म में रानी पद्मावती को भी घूमर डांस करते दिखाया गया है। जबकि राजपूत राजघरानों में रानियां घूमर नहीं करती थीं। हालांकि, भंसाली साफ कर चुके हैं कि ये ड्रीम सीक्वेंस फिल्म में है ही नहीं।

फैसले की काट तलाश रहीं राज्य सरकारें
सुप्रीम कोर्ट ने भले ही भंसाली की मूवी पद्मावत को पूरे देश में रिलीज करने का आदेश दे दिया है। लेकिन पद्मावत पर बैन लगाने वाली बीजेपी की राज्य सरकारें अब भी इस मामले को अपने हाथ से जाने देने के लिए तैयार नहीं हैं।

राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश की सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने कहा है कि फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि इस मामले में फिर से अपील करने के रास्ते तलाशे जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद करणी सेना अपने पुराने रुख पर कायम है। राजपूत करणी सेना के चीफ लोकेंद्र सिंह कल्वी ने कहा कि वह पूरे देश के सामाजिक संगठनों से अपील कर रहे हैं कि पद्मावत नहीं चलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता फिल्म हॉल पर कर्फ्यू लगा दे।

30 जरूरी दवाओं के दाम घटाए, डायबिटीज और BP के मरीजों को राहत

नई दिल्ली। मरीजों को राहत देते हुए नेशनल फॉर्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) ने बुधवार को 30 जरूरी दवाओं की कीमतें घटा दी हैं। वहीं, 3 जरूरी दवाओं की कीमतें फिर से रिवाइज की गई हैं। इनमें डायबिटीज, कैंसर और हाई बीपी में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं। बता दें कि एनपीपीए समय-समय पर दवाओं का मैक्सिमम प्राइज तय करती है, जिससे मरीजों को महंगी दवाओं से छुटकारा मिल सके। 

अब तक 966 दवाओं के दाम कम हुए
एनपीपीए ने एक नोटिफिकेशन जारी कर कहा, “ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) अमेंडमेंट ऑर्डर-2013 के तहत 30 दवाओं की कीमतें घटाई गई हैं। एनपीपीए ने नेशनल लिस्ट ऑफ इसेंन्शियल मेडिसिन 2015 के तहत अब तक 996 दवाओं के रेट घटाए हैं। दिसंबर तक 966 दवाओं के रेट एनपीपीए ने तय किए थे।
 
मैन्युफैक्चरर्स ज्यादा कीमत नहीं ले सकते 
एनपीपीए ने कहा है, “मैन्युफैक्चरर्स तय कीमत से ज्यादा नहीं ले सकते हैं। अगर कंपनियां सीलिंग प्राइस और रूल्स का पालन नहीं करती हैं तो उन्हें वसूली गई एक्स्ट्रा कीमत ब्याज समेत जमा करानी पड़ेगी। कंपनियों को इन दवाओं की कीमतों में साल में 10% तक की ही बढ़ोतरी करने की इजाजत होगी।”
 
दवा की कीमतों में क्यों होता है बदलाव? 
एनपीपीए ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर-2013 के तहत शेड्यूल-1 में आने वाली जरूरी दवाओं की कीमत तय करता है।सरकार जरूरत के हिसाब से जरूरी दवाओं की लिस्ट तैयार करती है, जिसमें समय-समय पर नई दवाओं को शामिल किया जाता है। लिस्ट को नेशनल लिस्ट ऑफ एसेन्शियल मेडिसिन (एनएलईएम) कहा जाता है। 

इन लिस्ट में शामिल दवाइयों को काफी किफायती कीमत पर दिलाने की जरूरत होती है,  इसलिए समय-समय पर कीमतें कम की जाती हैं।इसका मकसद सभी ब्रांड की एक ही दवा की कीमत बराबर रखना है, जिससे कस्टमर्स अपनी सुविधा के अनुसार चुनाव कर सकें।  

सेंसेक्स 35,476 के नए रिकॉर्ड हाई पर, निफ्टी पहली बार 10,850 के पार

नई दिल्ली। ग्लोबल मार्केट से मिले पॉजिटिव सिग्नल्स से गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत रिकॉर्ड नई ऊंचाई पर हुई। शुरुआती कारोबार में बैंक, ऑटो समेत सभी सेक्टोरल इंडेक्स में बढ़त देखने को मिल रही है। कारोबार में निफ्टी 10,887.50 के रिकॉर्ड हाई लेवल तक पहुंचा है, जबकि सेंसेक्स ने 35476.87 का नया रिकॉर्ड हाई लेवल बनाया है। 

 क्यों आई बाजार में तेजी
– ग्लोबल ग्रोथ में मजबूती बने रहने की उम्मीद और कॉरपोरेट अर्निंग में सुधार से साल 2018 में शेयर बाजार में रैली देखने को मिल रही है।
– बुधवार को अमेरिकी बाजार रिकॉर्ड हाई पर बंद हुए। बैंक ऑफ अमेरिका के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहने की वजह से डाओ जोंस पहली बार 26,000 के पार बंद हुआ।
– अमेरिकी बाजारों में तेजी से गुरुवार को एशियाई बाजार भी रिकॉर्ड हाई के लेवल पर पहुंच गए हैं। इससे भारतीय शेयर बाजार को सपोर्ट मिला है।
– वहीं घरेलू स्तर पर भारत ने अतिरिक्त कर्ज लेने के टारगेट को 60 फीसदी घटा दिया है। पहले सरकार का 50,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त कर्ज लेने का प्लान था, जिसे घटाकर अब 20,000 करोड़ रुपए कर दिया है। इस खबर से कारोबार में बैंक शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली।
 
पिछले रिकॉर्ड हाई लेवल
– 17 जनवरी को सेंसेक्स ने 35118.61 का नया हाई बनाया। निफ्टी ने भी पहली बार 10,803 के लेवल को छुआ। 
– 15 जनवरी को निफ्टी 10,782.65 के नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा, जबकि सेंसेक्स ने 34963.69 के लेवल को छुआ।
– 12 जनवरी को सेंसेक्स ने 34638.42 की रिकॉर्ड नई ऊंचाई को छुआ। वहीं निफ्टी 10,690.25 प्वाइंट्स तक पहुंचा।
– 11 जनवरी को निफ्टी ने 10,664.60 का ऑलटाइम हाई बनाया था।
– 09 जनवरी को सेंसेक्स ने ऊंचाई का नया लेवल 34565.63 प्वाॅइंट्स को छुआ।
– 08 जनवरी को सेंसेक्स ने 34487.52 प्वाॅइंट्स का लेवल छुआ, वहीं निफ्टी 10,631.20 के हाई तक गया था।
– 5 जनवरी 2018 को सेंसेक्स 34,175 और निफ्टी 10,566.10 प्वाॅइंट्स तक गया था।
 
सभी सेक्टोरल इंडेक्स में बढ़त
– तेजी के साथ कारोबार में सभी सेक्टोरल इंडेक्स में बढ़त देखने को मिल रही है। बैंक निफ्टी इंडेक्स 1.64 फीसदी बढ़ा है। वहीं निफ्टी ऑटो में 0.62%, निफ्टी एफएमसीजी में 0.81%, निफ्टी मेटल में 0.06%, निफ्टी फार्मा में 0.24% और निफ्टी रियल्टी में 0.48 फीसदी की तेजी आई है।
– हालांकि बीएसई ऑयल एंड गैस इंडेक्स में कमजोरी दिख रही है। लेकिन बीएसई कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, कैपिटल गुड्स और पावर इंडेक्स में तेजी है।

मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में तेजी
– शुरुआती कारोबार में लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीददारी नजर आ रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.57 फीसदी बढ़ा है। मिडकैप शेयरों में वॉकहार्ट फार्मा, आईडीबीआई, एमफैसिस, मुथुट फाइनेंस, डालमिया भारत, आरबीएल बैंक, सेंट्रल बैंक, फेडरल बैंक 1.76-4.61 फीसदी बढ़ा है।
– वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.94 फीसदी मजबूती आई है। स्मॉलकैप शेयरों में माइंड ट्री, आरजेएल, टिनप्लेट, थिरूमलाई केमिकल्स, धनलक्ष्मी बैंक, पीपीएपी 5.83-8.64 फीसदी तक चढ़े।
 
FII और डीआईआई रहे खरीददार
– बुधवार के कारोबार में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार में 625.13 करोड़ रुपए निवेश किए। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने 168.61 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।

एशियाई बाजारों का हाल
– अमेरिकी बाजारों से मिले संकेतों से गुरुवार को एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 0.41 फीसदी की बढ़त के साथ 10,850 प्वॉइंट्स पर कारोबार कर रहा है। जापान का निक्केई 110 प्वॉइंट्स की मजबूती के साथ 23,978 प्वॉइंट्स पर कारोबार कर रहा है। हैंग सेंग 32,158 प्वॉइंट्स पर कारोबार कर रहा है।
– कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी 0.30 फीसदी उछलकर 2523 प्वॉइंट्स पर कारोबार कर रहा है, जबकि ताइवान इंडेक्स 88 प्वॉइंट्स चढ़कर 11,093 प्वॉइंट्स पर कारोबार कर रहा है। शंघाई कम्पोजिट 0.46 फीसदी की उछाल के साथ 3,461 अंक पर कारोबार कर रहा है। स्ट्रेट्स टाइम्स 0.18 फीसदी मजबूत होकर 3,548 अंक पर कारोबार कर रहा है।

अमेरिकी बाजार मजबूती के साथ बंद
– बुधवार को अमेरिकी बाजारों में बढ़त देखने को मिली। डाओ जोंस 323 अंक उछलकर 26,116 अंक पर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक 75 अंक बढ़कर 7,298 अंक पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 26 अंक चढ़कर 2,803 अंक पर बंद हुआ।

मशीन में सिक्का डालो बैग निकालो, कोटा में लगेगी क्लॉथ बैग वेंडिंग मशीन

कोटा। प्रदेश में पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगने के बाद आमजन को होने वाली परेशानी से बचाने के लिए राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से प्रदेश के जयपुर , अजमेर और कोटा में ऑटोमेटिक क्लॉथ बैग वेंडिंग मशीन लगाई जाएगी। मशीन में पांच रुपए का सिक्का डालने पर दो क्लॉथ बैग बाहर आएंगे। इसके लिए स्थान भी तय हो गया है।

फरवरी के पहले सप्ताह में होगी शुरू : फरवरी के प्रथम सप्ताह में शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि इसे प्रारंभिक तौर पर शुरू किया जा रहा है जो सफल होने पर पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इसके रख-रखाव और संचालन आदि की जिम्मेदारी स्वयंसेवी संगठनों को दी जाएगी।

इससे आमजन को राहत मिलेगी और लोगों को रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। ये मशीन विभाग के पास पहुंच चुकी है। इसके आगामी फरवरी माह के प्रथम सप्ताह में शुरू होने की उम्मीद है।

मशीन लगाने के स्थान किए चिह्नित : ऑटोमैटिक क्लॉथ वेंडिंग बैग मशीन लगाने के लिए स्थान भी तय कर लिया गया है। इसके तहत अजमेर में आगरा गेट सब्जी मंडी के पास और जयपुर में राजापार्क क्षेत्र में उक्त मशीन लगाई जाएगी। कोटा में भी स्थान फाइनल कर लिया गया है।

सुरक्षा के रहेंगे इंतजाम : मशीन की सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। मशीन को शेड और बॉक्स बनवाकर रखवाया जाएगा। इस पर स्लोगन आदि भी लिखवाए जाएंगे। इसमें सिर्फ मशीन की स्क्रीन और बैग निकलने का स्थान दिखाई देगा। इसके अलावा रात्रि के समय उस पर ताला लगाकर बॉक्स को बंद कर दिया जाएगा।
 
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में अजमेर, जयपुर और कोटा में ऑटोमैटिक क्लॉथ बैग वेंडिंग मशीन लगाई जा रही है। यह एटीएम की तरह मशीन होगी। इसमें पांच रुपए डालने पर दो कपड़े के बैग निकलेंगे।

बॉक्सिंग में वर्ल्ड जूनियर गोल्ड मैडल जीतने पर अरुंधति का स्वागत

कोटा। यूक्रेन और सर्बिया में आयोजित वर्ल्ड जूनियर जीतने वाली कोटा की बेटी अरुंधति का यहाँ पहुंचने पर नयापुरा स्टेडियम से यूआईटी तक जुलूस निकाला गया। उसे फूल मालाओं से लाद दिया।  सांसद ओम बिरला, जिला खेल अधिकारी अजीज पठान, अर्जुन अवाॅर्डी बजरंग लाल सहित अन्यों ने गोल्ड जीतने वाले अरुंधति का अभिनंदन किया।

उस्ताद बालकृष्ण भरतिया ने रामपुरा, महाबली व्यायामशाला ने श्रीपुरा, कांग्रेस के पदाधिकारी ने कैथूनीपोल चौराहे व यूआईटी में नगर विकास न्यास अध्यक्ष आरके मेहता व अन्य अधिकारियों ने अभिनंदन किया।

न्यास अध्यक्ष ने कहा कि कोटा के लोग अरुंधति को ओलिंपिक में खेलते देखना चाहते हैं। सांसद ओम बिरला ने कहा ऐसी प्रतिभाएं बहुत कम होती हैं। इस खिलाड़ी ने कोटा ही नहीं पूरे देश का मान बढ़ाया है। यह कोटा के लिए बड़े गर्व का विषय है।

अरुंधति ने बताया कि उनको टफ कॉम्पिटिशन मिले, इसके लिए लड़कों के साथ प्रैक्टिस की। मैच प्रैक्टिस के लिए लड़कों के साथ बॉक्सिंग की। उन्होंने बताया कि प्रैक्टिस के लिए उन्होंने कई फंक्शन अटैंड नहीं किए।

सहेलियां भी आउटिंग का प्रोग्राम बनाती तो वह नहीं जाती थी। अपने शिड्यूल को उन्होंने पूरा फॉलो किया। उसने अपनी सफलता का श्रेय पिता सुरेश चौधरी, मां सुनीता चौधरी व कोच अशोक गाैतम को दिया।

पहले पिता ने किया मना, बाद में माने
अरुंधति पहले बास्केटबॉल खेलती थी। इस समय में उनके पिता सुरेश चौधरी नहीं चाहते थे कि वह खेल में कॅरिअर बनाए। इसके बाद अरुंधति ने पिता को समझाया।

इसके पर पिता चौधरी ने अरुंधति को व्यक्तिगत खेल खेलने की सलाह दी। इसके बाद अरुंधति ने बॉक्सिंग शुरू की और पलट कर नहीं देखा। अरुंधति नेशनल चैंपियन भी रह चुकी है। अब एक के बाद एक दो अंतरराष्ट्रीय गोल्ड हासिल कर चुकी है।

एग्जाम में भी प्रैक्टिस नहीं छोड़ी।
अरुंधति ने बताया कि वह अल सुबह दाे बजे उठकर सुबह साढ़े चार बजे तक पढ़ाई करती थी। इसके बाद पांच बजे स्टेडियम पर पहुंच जाती और आठ बजे तक प्रैक्टिस करती। इसी लगन के कारण उन्होंने क्लास नौ में 93 प्रतिशत अंक हासिल किए। वहीं, खेलों में भी कोटा, राजस्थान व देश का नाम रोशन किया।