Wednesday, July 15, 2026
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‘पद्मावत’ के लीक हुए धमाकेदार ट्रेलर्स, आप भी देखिये ?

मुंबई। संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ रिलीज का भले ही देश के कुछ लोग विरोध कर रहे हों लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फिल्म के दो नए ट्रेलर्स सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। ये अनऑफिशल ट्रेलर्स किसी फैन ने शेयर किए हैं।

एक ट्रेलर में लीड ऐक्ट्रेस दीपिका पादुकोण जिस शान से डायलॉग्स बोलती नजर आ रही हैं।  कई मुश्किलों के बाद पूरी उम्मीद है कि फिल्म 25 जनवरी को रिलीज हो जाएगी। यहां हैं वो ट्रेलर्स जो ‘पद्मावत’ के एक फैन ने ट्विटर पर शेयर किए हैंं…वहीं दूसरा ट्रेलर भी कम धमाकेदार नहीं, इसमें खिलजी का रोल निभा रहे रणवीर सिंह की दमदार परफॉर्मेंस की झलक है…

बता दें कि ‘पद्मावत’ संजय लीला भंसाली का ड्रीम प्रॉजेक्ट है और यह अनाउंसमेंट के बाद से ही सुर्खियों में है। जयपुर में शूटिंग की शुरुआत करते ही सेट पर तोड़-फोड़ की खबरें आई थीं। वहीं कुछ संगठन के सदस्यों ने भंसाली पर भी हाथ उठाया था। इसके बाद देशभर में जगह-जगह इसका विरोध हुआ और इसकी रिलीज भी टालनी पड़ी।

फिल्म में कई बदलवा भी करने पड़े। फिल्म के टाइटल में बदलाव के साथ ‘घूमर’ गाने में दीपिका की कमर को छिपाने के लिए ग्राफिक्स के इस्तेमाल की खबरें भी आईं। आखिरकार यह फिल्म 25 जनवरी को रिलीज होने वाली है। बॉक्स ऑफिस पर इसकी टक्कर अक्षय कुमार की फिल्म ‘पैडमैन’ से होगी। फिल्म पद्मावत का ट्रेलर देखिए –

https://youtu.be/8YaF2m7hCx0

निफ्टी पहली बार 10900 के पार, सेंसेक्स रिकॉर्ड 35,512 पर बंद

नई दिल्ली। लगातार तीसरे दिन भारतीय शेयर बाजार रिकॉर्ड नई ऊंचाई पर बंद हुए। जीएसटी काउंसिल द्वारा चुनिंदा प्रोडक्ट्स औऱ सर्विसेज पर जीएसटी रेट में कटौती किए जाने के बाद इन्वेस्टर्स सेंटीमेंट्स में सुधार हुआ और एचडीएफसी बैंक-कोटक बैंक के तीसरे क्वार्टर के बेहतर नतीजे से बैंकिंग शेयरों में आई तेजी से मार्केट को सपोर्ट मिला।

इससे बाजार नई ऊंचाई पर बंद होने में कामयाब हुआ। सेंसेक्स 251 अंक बढ़कर 35,512 अंक पर और निफ्टी 78 अंक की उछाल के साथ 10,895 अंक पर बंद हुआ।

निफ्टी ने पहली बार 10,900 के स्तर को छुआ
– शुक्रवार के कारोबार में बाजार में तेजी से दोनों प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स औऱ निफ्टी नई ऊंचाई पर पहुंचे।
– एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक के साथ आईटीसी, एचसीएल टेक के तीसरे क्वार्टर के अच्छे नतीजों से मार्केट को सपोर्ट मिला।
– जिससे निफ्टी ने पहली बार 10,900 स्तर को पार किया। वहीं सेंसेक्स ने नया रिकॉर्ड हाई बनाया।
 
पिछले रिकॉर्ड हाई लेवल
– 19 जनवरी को निफ्टी ने 10,900 के आंकड़े को पार करते हुए 10,906.85 के लेवल पर पहुंचा। वहीं सेसेक्स भी 35542.17 प्वाइंट्स की नई ऊंचाई पर पहुंचा।
– 17 जनवरी को सेंसेक्स ने 35118.61 का नया हाई बनाया। निफ्टी ने भी पहली बार 10,803 के लेवल को छुआ। 
– 15 जनवरी को निफ्टी 10,782.65 के नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा, जबकि सेंसेक्स ने 34963.69 के लेवल को छुआ।
– 12 जनवरी को सेंसेक्स ने 34638.42 की रिकॉर्ड नई ऊंचाई को छुआ। वहीं निफ्टी 10,690.25 प्वाइंट्स तक पहुंचा।
– 11 जनवरी को निफ्टी ने 10,664.60 का ऑलटाइम हाई बनाया था।
– 09 जनवरी को सेंसेक्स ने ऊंचाई का नया लेवल 34565.63 प्वाॅइंट्स को छुआ।
– 08 जनवरी को सेंसेक्स ने 34487.52 प्वाॅइंट्स का लेवल छुआ, वहीं निफ्टी 10,631.20 के हाई तक गया था।
– 5 जनवरी 2018 को सेंसेक्स 34,175 और निफ्टी 10,566.10 प्वॉइंट्स तक गया था।
 
 लगातार 7वें हफ्ते बाजार में तेजी
फॉरेन के साथ डोमेस्टिक निवेशकों द्वारा खरीददारी से बाजार में लगातार 7वें हफ्ते तेजी देखने को मिली। इस हफ्त के कारोबार में सेंसेक्स में 919.19 अंक यानी 2.65 फीसदी की बढ़त रही, जबकि निफ्टी 213.45 अंक यानी 1.99 फीसदी बढ़ा।

मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में तेजी
– लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीददारी दिखी। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.77 फीसदी बढ़कर 17,765 अंक पर बंद हुआ।
– वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स 0.88 फीसदी चढ़कर 198,456 अंक पर बंद हुआ।
 
सभी सेक्टोरल इंडेक्स में रही बढ़त
कारोबार के आखिरी घंटे में हुई खरीददारी से एनएसई पर सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। बैंक निफ्टी इंडेक्स 1.40 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड हाई 26,909.50 अंक पर बंद हुआ।

इसके अलावा निफ्टी ऑटो में 0.13%, निफ्टी एफएमसीजी में 0.62%, निफ्टी आईटी में 0.50%, निफ्टी मीडिया में 0.66%, निफ्टी मेटल में 0.86%, निफ्टी फार्मा में 0.12%, निफ्टी पीएसयू बैंक में 2.18 फीसदी और निफ्टी रियल्टी में 1.09 फीसदी की तेजी रही।
 
FII रहे खरीददार, डीआईआई ने की बिकवाली
गुरूवार के कारोबार में फॉरेन इंस्टीट्शूनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने घरेलू शेयर बाजार में 1894.99 करोड़ रुपए निवेश किए। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने 657.46 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।

अमेरिकी बाजार गिरकर बंद
गुरुवार के कारोबार में डाओ जोंस 98 अंक की कमजोरी के साथ 26018 अंक पर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक 0.02 फीसदी की कमजोरी के साथ 6811 अंक पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.16 फीसदी की गिरावट के साथ 2798 अंक पर बंद हुआ।

IIT-M रिसर्च पार्क मॉडल पूरे देश में होगा लागू

चेन्नई। देश भर के आईआईटी में स्थापित हो रहे रिसर्च पार्क की प्रगति की समीक्षा के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय शीघ्र ही एक कमिटी का गठन करेगा।

यह जानकारी गुरुवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने दी। आईआईटी-एम रिसर्च पार्क में कॉन्फ्रेंस हॉल के उद्घाटन के दौरान जावड़ेकर संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय ने मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद और कानपुर समेत आईआईटीज में रिसर्च पार्क की स्थापना के लिए फंड प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा, ‘हम ठोस प्रयास करेंगे कि आईआईटी मद्रास रिसर्च पार्क मॉडल देश भर में लागू किया जाए।

रितिक रोशन और सुज़ैन खान फिर से करेंगे शादी ?

मुंबई। बॉलिवुड में एक बार फिर से रितिक रोशन और सुज़ैन खान की शादी को लेकर चर्चा है। कहा जा रहा है कि साल 2014 में एक-दूसरे से तलाक ले चुकी यह जोड़ी एक बार फिर शादी के बंधन में बंध सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो रितिक सुज़ैन से एक बार फिर से शादी करने की प्लानिंग कर रहे हैं। रितिक के एक करीबी सूत्र ने एक अखबार से हुई बातचीत में बताया कि दोनों एक नए सिरे से जिंदगी की शुरुआत करना चाहते हैं।

उन्होंने बताया कि दोनों के इस फैसले के पीछे जो सबसे बड़ी वजह हैं, वह उनके बच्चे हैं। यदि ऐसा होता है तो यकीनन साल 2018 में बॉलिवुड खबरों में यह एक बड़ी खबर होगी।

रितिक और सुज़ैन तलाक के बाद भी कई मौकों पर साथ नज़र आए, फिर वह फैमिली के साथ हॉलिडे टूर हो या फिर कोई बॉलिवुड इवेंट व पार्टी। अलग होने के बावजूद कपल ने एक-दूसरे के साथ क्वॉलिटी टाइम बिताया है।

हाल ही में मुंबई मिरर की एक रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि रितिक ने सुज़ैन और अपने बच्चों के लिए एक शानदार अपार्टमेंट खरीदा है। सूत्र के मुताबिक, भले ही दोनों अलग हो चुके हैं लेकिन, रितिक के लिए आज भी सुज़ैन और बच्चे उनकी प्रायॉरिटीज़ में टॉप पर में हैं।

यह अपार्टमेंट जुहू में है, जो कि उनके घर से केवल 15 मिनट की दूरी पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, जब से वे अलग हुए थे सुज़ैन अंधेरी के एक बिल्डिंग में रेंट पर रह रही हैं, लेकिन अब मां-बेटे अपने इस नए घर में शिफ्ट होने की तैयारी में हैं।

हाल ही में रितिक ने अपना 44वां बर्थडे सेलिब्रेट किया, जिसमें उनके क्लोज़ फ्रेंड्स के अलावा एक्स वाइफ सुज़ैन भी मौजूद थीं। सुज़ैन ने इस खास मौके पर रितिक के लिए दिल छू लेने वाला मेसेज भी इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था, जिससे यह पता चलता है कि आज भी उनके मन में रितिक के लिए बेहद खास जगह है।

उन्होंने लिखा था, ‘आपने हमेशा मेरे जीवन में खुशियां बिखेरी हैं। आपको जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं। मुस्कुराइए इतना कि हर तरफ अपनी मुस्कान बिखेरते रहें और आप सदा यूं ही चमक बिखेरते रहें।’

गौरतलब है कि साल 2000 में सुपरहिट फिल्म ‘कहो न प्यार है’ से अपने करियर की शुरुआत करने वाले रितिक ने इसी साल अपनी लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड सुजैन खान ने शादी रचाई थी और 14 साल बाद साल 2014 में एक-दूसरे से अलग हो गए। पिछले कुछ समय से कंगना के साथ चल रहे विवाद में सुज़ैन ने रितिक का साथ दिया, जो यह बताता है कि वे आज भी एक-दूसरे के बारे में सोचते हैं।

SC ने खारिज की पद्मावत का सर्टिफिकेट कैंसल करने वाली पिटीशन

सुप्रीम कोर्ट ने कहा – लॉ एंड ऑर्डर कायम रखना राज्यों का काम

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पद्मावत पर तुरंत सुनवाई के लिए दायर पिटीशन खारिज कर दी। पिटीशन में कहा गया था कि सेंसर बोर्ड (CBFC) द्वारा एक कॉन्ट्रोवर्शियल फिल्म को दिए गए सर्टिफिकेट को कैंसल कर दिया जाए। कोर्ट ने इस बात से भी इनकार कर दिया कि फिल्म से किसी की जिंदगी, प्रॉपर्टी और कानून-व्यवस्था को गंभीर खतरा हो सकता है।

लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखना राज्यों का काम
– चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखना हमारा नहीं बल्कि राज्यों का काम है।
– साथ ही बेंच ने एडवोकेट एमएल शर्मा द्वारा दायर तुरंत सुनवाई की पिटीशन खारिज कर दी।
– सेंसर बोर्ड ने फिल्म को U/A सर्टिफिकेट दिया गया है। शर्मा ने पिटीशन में मांग की थी कि सर्टिफिकेट को कैंसल किया जाए।
– बेंच ने कहा, “हमने कल ही फिल्म को रिलीज करने का ऑर्डर पास किया था। जब सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट जारी कर दिया है तो उस स्थिति में किसी कोे भी दखलअंदाजी का हक नहीं है।”

सुप्रीम कोर्ट ने कल दी थी रिलीज की इजाजत
– सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पद्मावत की रिलीज को हरी झंडी दे दी। इसकी स्क्रीनिंग देशभर में अब 25 जनवरी को होगी।
– मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और गुजरात में बैन लगाने के खिलाफ फिल्म के प्रोड्यूसर्स ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की थी। गुरुवार को इस पर सुनवाई करते वक्त सुप्रीम कोर्ट ने इन राज्यों के नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी।
फिल्म के सब्जेक्ट से छेड़छाड़ नहीं कर सकते राज्य
– सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात सरकारों के उन नोटिफिकेशंस पर भी स्टे लगा दिया है, जिनमें फिल्म रिलीज न होने देने का ऑर्डर दिया गया था।
– प्रोड्यूसर्स के वकील हरीश साल्वे ने कहा कि वो केंद्र सरकार से गुजारिश करते हैं कि वो राज्यों के लिए डायरेक्शन जारी करे ताकि फिल्म की रिलीज में कोई दिक्कत पेश ना आए।
– हरीश साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- अगर राज्य ही फिल्म को बैन करने लगेंगे तो इससे फेडरल स्ट्रक्चर (संघीय ढांचे) तबाह हो जाएगा। यह बहुत गंभीर मामला है। अगर किसी को इससे (फिल्म से) दिक्कत है तो वो संबंधित ट्रिब्यूनल में राहत पाने के लिए अपील कर सकता है। राज्य फिल्म के सब्जेक्ट से छेड़छाड़ नहीं कर सकते।

राज्य सरकारें बैन नहीं कर सकतीं
– गुरुवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली बेंच ने मामले की सुनवाई की। प्रोड्यूसर्स की तरफ से इस मामले में हरीश साल्वे और मुुकुल रोहतगी ने दलीलें पेश कीं। साल्वे ने कहा- जब सेंसर बोर्ड फिल्म को सर्टिफिकेट दे चुका है तो राज्य सरकारें इस पर बैन कैसे लगा सकती हैं? मामले की अगली सुनवाई मार्च में होगी।
– एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता राजस्थान, गुजरात और हरियाणा का पक्ष रखने के लिए पेश हुए। उन्होंने बेंच से कहा- नोटिफिकेशन सिर्फ गुजरात और राजस्थान में जारी किया गया।

कोर्ट जाने की क्या थी वजह?
– पद्मावत के निर्माता Viacom 18 ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दाखिल की थी। इस याचिका में कुछ राज्यों में फिल्म की स्क्रीनिंग को रोकने के खिलाफ अपील की गई।
इन राज्यों में की गई थी बैन
-सेंसर बोर्ड से कट लगने और फिल्म का नाम ‘पद्मावती’ से ‘पद्मावत’ होने के बाद भी एक के बाद एक कई राज्यों ने इस फिल्म को अपने राज्यों में रिलीज करने से मना कर दिया था।
– गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा की सरकारों ने कहा था कि वो अपने-अपने राज्यों में इस फिल्म को रिलीज नहीं करने देंगी। इन सभी जगहों पर बीजेपी की सरकार है।

फिल्म को लेकर विवाद क्या है?
– राजस्थान में करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। राजपूत करणी सेना का मानना है कि ​इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची।
– फिल्म में रानी पद्मावती को भी घूमर डांस करते दिखाया गया है। जबकि राजपूत राजघरानों में रानियां घूमर नहीं करती थीं।
– हालांकि, भंसाली साफ कर चुके हैं कि ये ड्रीम सीक्वेंस फिल्म में है ही नहीं।

रेलवे लॉन्च करेगा दो नई हाई स्पीड ट्रेन

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170 kmph वाली ‘ट्रेन 18’ और ‘ट्रेन 20’, शताब्दी और राजधानी को करेंगी रिप्लेस

चेन्नई/ नई दिल्ली।  रेलवे जल्द ही दो नई हाई स्पीड ट्रेन लाने जा रही है। इनका नाम ‘ट्रेन 18’ और ‘ट्रेन 20’ होगा। हालांकि, इनमें से सिर्फ ‘ट्रेन 18’ ही इस साल पटरी पर उतारी जाएगी। इन दोनों को इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ), चेन्नई में डेवलप किया जा रहा है। ये देश की अब तक की सबसे हाई स्पीड वाली ट्रेनें होंगी।

कहां तैयार हो रही हैं ये नई ट्रेन
– ‘ट्रेन 18’ और ‘ट्रेन 20’ को इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ), चेन्नई में डेवलप किया जा रहा है। अगस्त तक दो ‘ट्रेन 18’ पटरी पर दौड़ने लगेंगी।
– यह ट्रेन पूरी तरह स्टील की बनी होगी। इसकी बॉडी पूरी तरह कंपनमुक्त होगी। इस प्रोजेक्ट के लिए रेल मंत्रालय 120 करोड़ रुपए जारी कर चुका है।

शताब्दी को ट्रेन 18, राजधानी को ट्रेन 20 करेगी रिप्लेस
– आईसीएफ के जीएम सुधांशु मणि ने बताया कि ‘ट्रेन 18’ शताब्दी को और ‘ट्रेन 20’ राजधानी को स्टेपवाइज रिप्लेस करेंगी। एक ट्रेन को 2018 में लॉन्च किया जाएगा। इसी वजह से इसे ‘ट्रेन 18’ नाम दिया गया है, जबकि ट्रेन 20 को 2020 तक लाने की प्लानिंग है।

स्पीड में सबसे तेज होगी?
-मणि ने बताया कि ट्रायल रन के दौरान इसकी स्पीड 176 किलोमीटर/घंटा रही। हालांकि, पटरी पर यह 170 किलोमीटर की स्पीड से दौड़ेगी। अभी तक स्पीडमान एक्सप्रेस सबसे तेज ट्रेन है, जिसकी स्पीड 160 है।

आगे-पीछे दोनों ओर चलेगी
– आईएफएस के चीफ इंजीनियर (डिजाइन) श्री निवास ने बताया कि हर ट्रेन में 6 मोटर कोच (इंजन) होंगे। इस कारण इस ट्रेन को मेट्रो की तर्ज पर एक ही प्लेटफॉर्म से आगे या पीछे चलाया जा सकेगा।

कितना खर्च आएगा?
– एक कोच को बनाने का खर्च : ट्रेन 18 पर प्रति कोच 2.50 करोड़ और ट्रेन 20 पर प्रति कोच 5.50 करोड़ रुपए खर्च आएगा।

– ट्रेन में कुल कोच : आईएफएस के चीफ इंजीनियर डीजाइन एसपी वावरे ने बताया कि एक ट्रेन 12 और एक 8 कोच वाली होगी। बाकी तैयार कोच इमरजेंसी के लिए तैयार होंगे।

ये भी खासियतें
-ट्रेन में टीवी स्क्रीन पर जीपीएस की मदद से पता चलेगा कि ट्रेन कहां है।
-कोच की बाहरी बॉडी स्टील और अंदर फाइबर की बनी होगी। इसमें आंखों को न चुभने वाली डीफ्यूज लाइट का इस्तेमाल किया गया है।

चम्बल के किनारे बस्तियों पर प्रशासन को नोटिस

कोटा। चम्बल के किनारे अतिक्रमण एवं अवैध बस्तियों को लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय ने जिला कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त एवं नगर विकास न्यास के सचिव को नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए तलब किया है।

यह जानकारी एडवोकेट महेश शर्मा ने देते हुए बताया कि चम्बल के संरक्षण को लेकर नयापुरा में मोहन निवास कॉलोनी के बाशिंदों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर नदी को अवैध गतिविधियों से बचाने की प्रार्थना की थी. नगर विकास न्यास के जवाब से हाईकोर्ट असंतुष्ट है।

हाड़ौती की झीलें राजस्थान सरकार के कैलेंडर में शामिल

कोटा। राजस्थान सरकार के वार्षिक कैलेंडर में इस बार हाड़ौती सहित प्रदेश की झीलों को अहमियत दी गई है। इसमें कोटा के किशाेर सागर का जिक्र किया गया है। वहीं, बूंदी की नवल सागर, जैतसागर, दुगारी और झालावाड़ की काडिला एवं मानसरोवर झीलों सहित मेवाड़ और प्रदेश की प्रमुख झीलों की फोटो को भी शामिल गया है।

इसमें बताया गया है कि जल संरक्षण राजस्थान की परंपरा में समाहित है। यहां जल स्रोत धार्मिक आस्था से बंधे हैं। कैलेंडर के हर महीने के पेज पर एक झील का फोटो और उसका संक्षिप्त इतिहास और महत्व दर्शाया गया है।

कैलेंडर में बताया है कि राजस्थान की झीलें यहां की अनमोल विरासत हैं। इसमें राज्य की प्राकृतिक और कृत्रिम दोनों तरह की झीलें शामिल की गई हैं।

किशोर सागर : कैलेंडर में किशोर सागर के बारे में बताते हुए लिखा है कि कोटा में स्थित किशोर सागर झील के मध्य जग मंदिर है। जिसे रानी ब्रज कंवर ने बनवाया था। किशोर सागर के किनारे पर सेवन वंडर्स पार्क, संगीतमय, फव्वारा और चौपाटी ने इसे और भी दर्शनीय बना दिया है।

जैतसागर झील : यह सुरम्य झील बूंदी में तारागढ़ किले के नजदीक है, जो शुक्ल बावड़ी दरवाजे के बाहर स्थित चारों ओर पहाड़ियों से घिरी हुई है। इसे जैता मीणा ने बनवाया था। इसकी पाल पर सुखमहल निर्मित है। मानसून और सर्दियों में यहां कमल खिलते हैं। यहां का सौंदर्य देखते ही बनता है।

इन झीलों को मिली जगह
नक्की झील (माउंट आबू), सिलीसेढ़ झील (अलवर), पुष्कर झील, आना सागर, फाई सागर (अजमेर), सांभर झील (जयपुर), बडाेपल झील, गजनेर झील (बीकानेर), गडसीसर झील (जैसलमेर), पचभद्रा झील (बाड़मेर), बुड्‌डा जोहड़ झील (गंगानगर), सरदार समंद झील, कायलाना झील, बालसमंद (जोधपुर), जयसमंद (अलवर), कोलायत झील (बीकानेर), रानीसर-पद्मसर (मेहरानगढ़ के पास), मानसागर (जयपुर-आमेर मार्ग पर), नवल सागर झील जैतसागर, दुगारी झील (बूंदी) और किशोर सागर (कोटा), काडिला एवं मानसरोवर झील (झालावाड़) शामिल है।

रसद घोटाला : रसदकर्मियों ने बेच दिया 14 हजार क्विंटल गेहूं

अलवर। गरीबों के लिए आवंटित 40 हजार लीटर केरोसीन और 14 हजार क्विंटल गेहूं ब्लैक में बाजार में बेचने के ढाई साल पुराने मामले में एसीबी ने रिटायर्ड जिला रसद अधिकारी अलित जैन और प्रवर्तन निरीक्षक बनवारी लाल शर्मा समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

आरोपियों ने फर्जी तरीके से राशन की दो दुकानों का आवंटन कराया और एक साल में 40 हजार लीटर केरोसीन और 14 हजार क्विंटल गेहूं बेच दिया। राशन हड़पने का यह खेल अप्रैल 2014 में शुरू हुआ और करीब एक साल तक चला। इस प्रकरण में अमरदीप महिला समूह की अध्यक्ष कृष्णा देवी और गौरव संस्था की राजबाला, दुकान संचालक सूबे खान तथा दीपक अग्रवाल को भी आरोपी बनाया है।

हैरानीजनक यह कि 10 उचित मूल्य की दुकानों का आवंटन महिला स्वयं सहायता समूहों को होना था। जिला रसद अधिकारी कार्यालय ने 18 सितंबर 2013 को एक-एक दुकान अमरदीप महिला सहायता समूह शिकारी बास और गौरव महिला स्वयं सहायता समूह साहब जोहड़ अलवर को भी आवंटित किया।

रजिस्टर में राशन कार्ड दर्ज ही नहीं
एसीबी को 27 मई 2015 को गुमनाम शिकायत मिली कि वरिष्ठ लिपिक राजेश वर्मा ने गौरव महिला स्वयं सहायता समूह एवं ईओ छोटे लाल मीणा ने अमरदीप महिला स्वयं सहायता समूह के नाम से महिला सोसायटी बनाई है।

दाेनों ने मार्च 2014 में रसद विभाग से राशन की दुकान संख्या 92 एवं 93 के लाइसेंस लिए। रसद विभाग ने दोनों दुकानों को गेहूं व केरोसिन आवंटन किया। मगर इन दोनों दुकानों का धरातल पर कोई पता नहीं है। इनके वितरण रजिस्टर भी खाली हैं।

39000 लीटर केरोसीन भी बेचा
एसीबी ने दोनों दुकानों का रिकॉर्ड प्राप्त कर यूनिट रजिस्टरों को जब्त किया। दुकान संख्या 93 के संचालक दीपक अग्रवाल व सूबे खान के अलावा दुकान मालिक गिर्राज मीणा व मदन सिंह के बयान दर्ज किए।

एसीबी ने बताया अमरदीप व गौरव महिला स्वयं सहायता समूह को रसद विभाग ने 24420 लीटर केरोसिन एवं 13288 क्विंटल गेहूं आवंटित किया गया था। समूह अध्यक्षों ने अफसरों से मिलीभगत कर आवंटित में 36960 लीटर केरोसीन एवं 14031 क्विंटल गेहूं हड़प लिया।

जांच के बाद सब कुछ सामने होगा
एसीबी ने मामला दर्ज किया है। जांच में पूरी स्थिति सामने आ जाएगी। मेरे द्वारा कोई अनियमितता करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। मैंने कोई अनियमितता नहीं बरती है। जांच के बाद सब साफ हो जाएगा। -ललित जैन, तत्कालीन जिला रसद अधिकारी

GST दरों में बड़ा बदलाव, जानिए क्या हुआ सस्ता

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नई दिल्‍ली। GST काउंसिल की गुरुवार को हुई बैठक में बड़ा बदलाव किया गया। इसमें 53 सर्विसेज और 29 आइटम्स पर जीएसटी रेट घटाने का फैसला हुआ। नए टैक्स रेट 25 जनवरी से लागू होंगी, जिसके साथ ही आपके काम की कई चीजें सस्ती हो जाएंगी। हम आपको इन आइटम्स और सर्विसेज की लिस्ट के साथ ही बदले रेट्स के बारे में बता रहे हैं। 

 इन आइटम्‍स पर 28 से 18 फीसदी हुआ GST 
-पुरानी और इस्‍तेमाल कारें (मीडियम एंड लार्ज कार एंड एसयूवी) 
-बॉयो फ्यूल से चलने वाली पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बसें 
 
28 से घटाकर 12 फीसदी हुआ GST 
सभी प्रकार के मोटर व्‍हीकल्‍स (मीडियम एंड लार्ज कार एंड एसयूवी को छोड़कर)

18 से 12 फीसदी के दायरे में आने वाले आइटम्‍स 
-शुगर ब्वॉइल्‍ड कंफेक्‍शनरी 
-20 लीटर के पीने के पानी की बोतल
-फॉस्‍फोरिक एसिड से बनी खाद 
-बॉयोडीजल 
-बॉयो पेस्‍टिसाइड 
-घरों के निर्माण में काम आने वाला बांस 
-ड्रिप इरीगेशन प्रणाली 
-मैकेनिकल स्‍प्रै 
 
18 से घटकर 5 फीसदी के दायरे में आने वाले आइटम्‍स 
-तामचीनी कर्नेल पाउडर
-कोन में मिलने वाली मेहंदी 
-घरों में गैस की आपूर्ति करने वाली निजी कंपनियां 
-वैज्ञानिक और टेक्निकल उपकरण, सैटेलाइट और पेलोड में इस्‍तेमाल होने वाले उपकरण 
-12 से 5 फीसदी के दायरे में आने वाले आइटम्‍स 
-बेंत से बनी चीजें 
-स्ट्रॉ 
-प्‍लांटेशन मैटेरियल 

3 से घटाकर 0.25 फीसदी के दायरे में आने वाले आइटम्‍स 
हीरे और अन्‍य महंगे स्‍टोन्‍स 
 
 जहां बढ़ाया गया GST 
-चावल की भूसी  पर 0 से बढ़ाकर 5 फीसदी हुआ टैक्स
-सिगरेट फिल्‍टर रॉड  पर 12 से बढ़ाकर 18 फीसदी हुआ टैक्स
 
 एंट्रेंस फीस पर भी नहीं लगेगा GST
– सभी एजुकेशन इंस्‍टीट्यूट में एडमिशन या एग्‍जाम कराने के लिए दी जा रही सर्विसेस को GST से छूट दे दी गई है। उन्‍हें एंट्रेंस इग्‍जाम के लिए ली जाने वाली एंट्रेंस फीस पर भी जीएसटी से छूट दी गई है। 
-स्‍टूडेंट्स, फैकल्‍टी या स्‍टाफ को ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज पर भी जीएसटी से छूट दी गई है, लेकिन यह छूट हायर सेकेंडरी तक के एजुकेशनल इंस्‍टीट्यूट को दी गई है।