Wednesday, July 15, 2026
Home Blog Page 5544

श्रुति ने किया फिल्म इंडस्ट्री का स्याह सच उजागर, जानिए आप भी

बेंगलुरु। अवॉर्ड विनिंग और बहुभाषी अभिनेत्री श्रुति हरिहरन ने फिल्म इंडस्ट्री के स्याह सच को सामने लाते हुए कास्टिंग काउच का मुद्दा उठाया है। अभिनेत्री का कहना है कि दक्षिणी फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच जैसी चीजें अभी हैं।

यही नहीं अभिनेत्री ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि वह खुद भी इसका शिकार रह चुकी हैं। श्रुति ने फिल्म क्षेत्र में करियर बनाने वाली नौजवान युवतियों को कास्टिंग काउच के लिए ‘न’ कहने की अपील की।

श्रुति को कर्नाटक राज्य फिल्म अवॉर्ड्स 2016 की ओर से बेस्ट ऐक्ट्रेस से सम्मानित किया गया था। हाल ही में हैदराबाद में आयोजित हुए एक पैनल डिस्कशन में श्रुति ने भी हिस्सा लिया था जहां उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के डार्क साइड को उजागर करते हुए खुलकर अपनी बात रखी थी। इसके बाद फेसबुक पोस्ट पर भी उन्होंने यह मुद्दा उठाया जिसने सोशल मीडिया में नई बहस खड़ी की।

‘न कहना बेहद जरूरी’
वह लिखती हैं, ‘मैं ऐसी कई महिलाओं को जानती हूं जो मेरी तरह ही कास्टिंग काउच की विक्टिम रह चुकी हैं। मैं कई ऐसी महिलाओं को भी जानती हूं जिन्होंने इनकार करके इसका विरोध किया। एक स्टैंड लेना और न कहना… यह बहुत जरूरी कदम है। इसका मतलब ये भी है कि आप फिल्म मिलने के अवसर को खोने वाली हैं।’

श्रुति ने यह भी लिखा कि कास्टिंग काउच हमें हमारा पहला अवसर दिला सकती है लेकिन ये इंडस्ट्री में बने रहने के लिए कभी कारगर नहीं होती। सिर्फ टैलंट और योग्यता के आधार पर आप आगे बढ़ते हैं और खुद को प्रफेशनल के रूप में सुधार सकते हैं।

18 साल में हुई थीं कास्टिंग काउच का शिकार
श्रुति ने चर्चा में अपनी आपबीती सुनाई थी, ‘जब मैं 18 साल की थी तो मेरी पहली कन्नड़ फिल्म के दौरान मैं कास्टिंग काउच की शिकार हुई थी। चार साल बाद तमिल सिनेमा के एक लीडिंग प्रोड्यूसर ने मेरे अधिकारों का हनन करने की कोशिश की।

उन्होंने मुझे फिल्म के रिमेक में वही किरदार ऑफर किया जो पहली फिल्म में था। उन्होंने कहा, हम पांच प्रोड्यूसर हैं और हम बदले में आपसे वो मांगेंगे जो हम चाहते हैं। मैंने जवाब दिया कि मैंने अपने साथ चप्पल भी ले रखी है।’

10 हजार से ज्यादा बिटकॉइन इन्वेस्टर्स को इनकम टैक्स का नोटिस

0

नई दिल्ली।  इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बिटकॉइन और क्रिप्टोकरेंसीज में इन्वेस्ट करने वाले हजारों लोगों को टैक्स नोटिस भेजा है। यह कार्रवाई देश भर में सर्वे के बाद की गई है। आई-टी डिपार्टमेंट के मुताबिक, पिछले 17 महीनों में क्रिप्‍टोकरेंसीज से करीब 25 हजार करोड़ रुपए (3.5 अरब डॉलर) की डील्स की गई हैं। 

न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, मुंबई, दिल्‍ली, बेंगलुरू और पुणे जैसे शहरों और देश के नौ एक्‍सचेंज से मिले डाटा से पता चलता है कि बिटकॉइन और क्रिप्टोकरेंसीज में सबसे ज्‍यादा इन्वेस्टमेंट टेक-सेवी युवा, रियल एस्‍टेट प्‍लेयर्स और ज्‍वैलर्स कर रहे हैं।  
 
दुनियाभर की सरकारें चिंतित
दुनियाभर की सरकारें और रेग्‍युलेटर बिटकॉइन और क्रिप्टोकरंसीज में बढ़ते इन्वेस्टमेंट से चिंतित हैं। मार्च में अर्जेंटीना में होने वाली G-20 समिट में भी इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। देश की सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक कई बार क्रिप्‍टोकरंसीज पर इन्वेस्टमेंट न करने को लेकर सलाह दे चुका है।

सरकार का कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्ट करना पोंजी स्‍कीम्‍स में इन्वेस्ट करने जैसा है। इसके बाद भी हर माह करीब 2 लाख क्रिप्‍टोकरेंसी इन्वेस्टर्स बढ़ रहे हैं।  
 
आईटी अफसर ने नोटिस भेजने की बात मानी
कर्नाटक में इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट में इन्वेस्‍टिगेशन डायरेक्टर बीआर बालाकृष्‍णन ने बताया कि सर्वे में मिली जानकारी के बाद इन्वेस्टर्स को नोटिस जारी किया गया है। उन्‍होंने रॉयटर्स को बताया कि हम ज्‍यादा आक्रामक होकर काम नहीं कर रहे हैं। हमें इसके लीगल टेंडर बनाए जाने पर सरकार के फैसले का इंतजार है। 
 
इनकम टैक्‍स विभाग ने कैपिटल गेन टैक्‍स की मांग की 
इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने बिटकॉइन के अलावा कुछ और क्रिप्‍टोकरेंसी में इन्वेस्ट करने वालों से कैपिटल गेन टैक्‍स की मांग की है। इसके अलावा उनकी होल्डिंग और फंड के सोर्स के बारे में भी जानकारी मांगी गई है। डिपार्टमेंट के मुताबिक, कई लोगों ने अपने अायकर रिटर्न में इसकी जानकारी नहीं दी है। 
 
एक साल में 1700% तक बढ़ी कीमत
बिटकॉइन दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्‍टोकरेंसी है। ये एक साल में 1700% तक महंगी हुई है। पिछले साल बिटकॉइन की कीमत 20 हजार डॉलर तक पहुंच गई थी। इस तेजी की वजह से ही ज्यादातर इन्वेस्टर्स इसमें इन्वेस्ट करने की दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

लोस-विस चुनाव एक साथ हों, जातिगत राजनीति देश का दुर्भाग्य: मोदी

0

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी ने सभी चुनाव (लोकसभा, विधानसभा, लोकल बॉडी और पंचायत चुनाव) एकसाथ कराने की बात कही है। एक चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने ये भी कहा कि जो जातिगत राजनीति हो रही है, ये देश का दुर्भाग्य है।

न्यूज एजेंसी के मुताबिक करीब एक घंटे के इंटरव्यू में मोदी ने कहा, “चुनावों को त्योहार खासकर होली की तरह होना चाहिए। यानी आप उस दिन किसी पर रंग या कीचड़ फेंके और अगली बार तक के लिए भूल जाएं।” मोदी के मुताबिक, “देश हमेशा इलेक्शन मोड में रहता है। एक चुनाव खत्म होता है तो दूसरा शुरू हो जाता है।

””मेरा विचार है कि देश में एकसाथ यानी 5 साल में एक बार संसदीय, विधानसभा, सिविक और पंचायत चुनाव होने चाहिए। एक महीने में ही सारे चुनाव निपटा लिए जाएं।” “इससे पैसा, संसाधन, मैनपावर तो बचेगा ही, साथ ही सिक्युरिटी फोर्स, ब्यूरोक्रेसी और पॉलिटिकल मशीनरी को हर साल चुनाव के लिए 100-200 दिन के लिए इधर से उधर नहीं भेजना पड़ेगा।”

देश का बोझ कम हो जाएगा
मोदी ने कहा कि एकसाथ चुनाव करा लिए जाते हैं तो देश एक बड़े बोझ से मुक्त हो जाएगा। अगर हम ऐसा नहीं कर पाते तो ज्यादा से ज्यादा संसाधन और पैसा खर्च होता रहेगा। 2014 में लोकसभा चुनाव के बाद देश में उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव हुए।

2018 में 8 राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं जबकि 2019 में लोकसभा इलेक्शन होने हैं। क्या आप एक साथ चुनाव कराने का टारगेट हासिल कर लेंगे, मोदी ने कहा, “ये किसी एक पार्टी या एक व्यक्ति का एजेंडा नहीं है। देश के फायदे के लिए सबको मिलकर काम करना होगा। इसके लिए चर्चा होनी चाहिए।”

जातिगत राजनीति देश के लिए खतरनाक
मोदी ने कहा कि जातिगत राजनीति देश के लिए खतरनाक है। अगर ऐसा अभी तक हो रहा है तो ये देश का दुर्भाग्य है।जीडीपी में गिरावट को लेकर हो रही आलोचना पर कहा कि किसी को इस आलोचना का बुरा नहीं मानना चाहिए। यही लोकतंत्र की ताकत है।

हर चीज का एनालिसिस होना चाहिए। अच्छे काम की तारीफ और बुरे काम की आलोचना होनी चाहिए।”लेकिन कई बार आलोचना नहीं रह जाती, आरोप-प्रत्यारोप ज्यादा हो जाते हैं। ये अच्छा है कि देश में जीडीपी, एग्रीकल्चरल-इंडस्ट्रियल ग्रोथ और स्टॉक मार्केट के बारे में चर्चा चल रही है।”

एक किमी लंबी हरितिमा पट्टी को स्वच्छ करेगी एलन ब्रिगेड टीम

स्मार्ट सिटी : घटोतकच्छ सर्किल से गणेशशंकर विद्यार्थी हरितिमा पट्टी में कचरा हटाने का अभियान प्रारंभ

कोटा। स्वच्छता सर्वेक्षण,2018 की सूची में कोटा की रैकिंग सुधारने के लिए एलन कोचिंग संस्थान द्वारा शहर के 7 वार्डो के पार्क, ग्रीन बेल्ट तथा आवासीय कॉलोनियों में जमा कचरे की नियमित सफाई की जा रही है। एलन स्वच्छता ब्रिगेड की टीम के 11 सदस्यों ने गुरूवार से घटोतकच्छ सर्किंल से महावीर नगर-प्रथम तक गणेश शंकर विद्यार्थी हरिमिता पट्टी में 4 वर्ष से जमा गंदगी को साफ करने का बीड़ा उठाया।

शुक्रवार को टीम सदस्यों ने सेक्टर-6 में मुख्य मार्ग पर हरितिमा पट्टी में कचरे के ढेरों का निस्तारण किया। अगले 4-5 दिनों तक इस समूची हरितिमा पट्टी का कचरा साफ किया जाएगा।  एलन के वाइस प्रेसीडेंट भानुप्रताप सिंह ने बताया कि एलन स्वच्छता ब्रिगेड की 10 टीमों में 110 सदस्य हैं, जो रोज सुबह 9 से शाम 5 बजे तक सफाई कर रहे हैं।

इनमें इंद्रविहार, राजीव नगर, महावीर नगर-प्रथम, द्वितीय, तृतीय, तलवंडी, कुन्हाड़ी तथा लैंडमार्क सिटी के आवासीय क्षेत्र शामिल हैं। तीन टीमें शहर में ऑनलाइन शिकायत मिलने पर शहर के विभिन्न हिस्सों में जाकर सफाई कर रहे हैं। प्रत्येक टीम में 11 सदस्य तथा एक सुपरवाइजर तैनात है।

महापौर वार्ड में क्यों नहीं आ रहे
क्षेत्र के नागरिकों ने आक्रोश जताया कि महापौर के वार्ड-53 में सबसे ज्यादा गंदगी फैली हुई है। एलन संस्थान की टीमें वर्षों से जमा गंदगी के ढेर हटा रही है। निगम प्रशासन अपने सफाई कर्मचारियों से नियमित सफाई क्यों नहीं करवा पा रहा है।

जनता से नगरीय कर वसूलने के बाद मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा। हरितिमा पट्टी में पशुपालकों ने गंदगी के ढेर लगा रखे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय उन्हें राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है। महापौर को वार्ड में आकर गंदगी को देखना होगा।

4 हजार खर्च कर कचरा पात्र बनवाया
सेक्टर-6 में रिटायर्ड बैंक मैनेजर श्रीमन लाल मीणा ने बताया कि उन्होंने कई बार नगरनिगम व यूआईटी में जाकर ग्रीन बेल्ट में गंदगी की सफाई के लिए शिकायत दर्ज करवाई। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने घर के सामने 2 वर्ष पूर्व ग्रीन बेल्ट में 4 हजार रूपए खर्च कर कचरा पात्र का निर्माण करवाया। वे 2008 से रोज सुबह स्वयं कचरा जलाते हैं।

निगम के सफाई कर्मचारी दूसरे स्थानों से कचरा लाकर नालियों व पार्क में डाल देते हैं, जिससे नालियां अवरूद्ध हो रही हैं। वे तीन बार यहां नए पौधे लगा चुके हैं। उन्होंने एलन के इस प्रयास की सराहना की। पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में ऑफिस अधीक्षक रहे रामकिशन गौड ने बताया कि स्मार्ट सिटी के मुख्य मार्गों पर कचरा देखकर शर्म आती है।

यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होने से सफाई होना मुश्किल है। महापौर एक बार मौके पर आकर अपने वार्ड की स्थिति देखें। यूआईटी के चेयरमेन को करोड़ो की जमीन पर पशुपालकों द्वारा किए जा रहे अतिक्रमणों को हटाना चाहिए।

सेक्टर-6 में ही सरकारी स्कूल की महिला टीचर ने पिछले हफ्ते 6-बी-31 के सामने ग्रीन बेल्ट की टूटी बाउंड्रीवाल को ठीक करवाने के लिए एक ट्रॉली पत्थर मंगवाकर मजदूरों से चारदीवारी का सुरक्षित कराया। उनका कहना है कि हरितिमा पट्टी में चारदीवारी टूटी होने से पैदल घूमते समय महिलाएं असुरक्षित महसूस करती है।

दोबारा कचरा न फैलाएं
स्मार्ट सिटी के आवासीय क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए जनजागरूकता जरूरी है। नागरिक एलन स्वच्छता ब्रिगेड के हेल्पलाइन नंबर-9001099107 पर वार्ड में गंदगी के फोटो भेजकर वॉट्सअप पर ही शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शहरवासी अपने आसपास खुले में कचरा डालने वालों को रोकें। हम सब मिलकर शहर को स्वच्छ बनाने में सहयोग करें।
– राजेश माहेश्वरी, निदेशक, एलन

देवास प्रेस का डिप्टी कंट्रोलर चोरी करते पकड़ा, 90 लाख रु. बरामद

देवास। मप्र के देवास बैंक नोट प्रेस (बीएनपी) में शुक्रवार को डिप्टी कंट्रोलर मनोहर वर्मा को 200-200 के नए नोट की दो गडि्डयां चुराकर ले जाते हुए पकड़ा गया है। सीआईएसएफ ने उनके ऑफिस के डस्टबिन, लॉकर से 26 लाख 09 हजार 300 रुपए बरामद किए। जबकि घर में दीवान के अंदर रखे जूतों के बक्से और कपड़े की थैलियों से 64.5 लाख रुपए मिले। पूरी राशि 200 और 500 के नोटों में है।

वर्मा बीएनपी में नोट वेरिफिकेशन सेक्शन के प्रमुख थे। इस वजह से अधिकारियों को मिली फ्रिस्किंग (तलाशी) में आंशिक छूट का फायदा उठाते और नोट चुराकर जूतों और कपड़ों में रखकर ले जाते थे। सीआईएसएफ ने उन्हें पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस ने नोट चुराने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी जिस शाखा में पदस्थ था वहां जांचे जाते हैं नोट
देवास बैंक नोट प्रेस (बीएनपी) सूत्रों के अनुसार छह हिस्सों में नोट छपता है। इसमें से चौथी और पांचवीं स्टेप में त्रुटिपूर्ण नोटों को अलग करने की प्रक्रिया होती है। उसी हिस्से में वर्मा पदस्थ थे और मौका पाकर नोटों की गड्‌डी निकालकर डस्टबिन या लॉकर में रख लेते थे। विभाग प्रमुख होने की वजह से उनके लॉकर की जांच भी नहीं होती थी।

दो दिन पहले ही किया था जॉइन
पुलिस के अनुसार, आरोपी मनोहर वर्मा 1984 में क्लर्क के तौर पर बीएनपी में नियुक्त हुए थे। विभिन्न शाखाओं में पदस्थ रहे। कुछ दिनों पूर्व ही नोट वेरिफिकेशन सेक्शन में जॉइन किया था, इससे पहले वह फिनिशिंग-1 शाखा में पदस्थ थे।

200-200 रुपए की दाे गडि्डयां बरामद
नोट वेरिफकेशन सेक्शन के डिप्टी कंट्रोलर के जूतों से 200-200 रुपए की दाे गडि्डयां बरामद की गई हैं। शक होने पर उनकी निगरानी की जा रही थी। अधिकारियों से जूते उतरवाकर चेकिंग का प्रावधान नहीं हैं और वर्मा उसी रेंक में आते हैं।

यह शर्मनाक है क्योंकि ऐसा समझा जाता है कि वे तो दूसरे स्टाफ पर निगरानी करेंगे। घटना के बाद अधिकारी स्तर की चेकिंग के संबंध में वरिष्ठ कार्यालय से मार्गदर्शन लिया जा रहा है।
-हेमेंद्र सिंह, सीआईएसएफ पीआरओ

अब 3 बजे से पहले यूआईटी में प्रवेश नहीं कर पाएंगे आप

कोटा। अनावश्यक लोगों व दलालों का यूआईटी में प्रवेश रोकने के लिए यूआईटी ने सभी दरवाजे बंद करवा दिए हैं। मेन गेट को ही खुला रखा है। इसमें भी प्रवेश तभी मिलेगा, जब आगंतुक रजिस्टर में अपना नाम, आने का कारण, किससे मिलना है, अपना पता व मोबाइल नंबर लिखकर देगा। इसकी पूरी माॅनिटरिंग सचिव अपने कक्ष में बैठकर करते हैं। शुक्रवार को पहले दिन जब यह व्यवस्था शुरू हुई तो वहां लोगों में खलबली मच गई।

आम आदमी को सुबह के समय तो कार्यालय में घुसने ही नहीं दिया जा रहा था। लाडपुरा निवासी भरत मेवाड़ा सुबह रानी लक्ष्मीबाई योजना में अपने भूखंड की राशि जमा करवाने पहुंचे तो उन्हें फाॅर्म में मार्क करवाकर लाने को कहा। जब वे मुख्य इमारत में प्रवेश करने लगे तो सुरक्षा गार्ड ने उन्हें रोक दिया।

उनसे बाेले कि तीन बजे बाद ही आम लाेगों का प्रवेश के आदेश हैं। इस दौरान लोगों की भी भीड़ लग गई। हंगामा होते देखकर भीतर से एक अधिकारी ने आकर यह व्यवस्था दी कि वे रजिस्टर में अपना नाम पता लिखकर दें। इसके बाद उन्हें प्रवेश दिया गया।

क्या अधिकारियों को लोगों से खतरा है : जिस प्रकार से आने-जाने वालों के नाम पते नोट किए जा रहे थे, उससे लग रहा था कि यहां के अधिकारियों को उनसे खतरा है। इस बारे में जब सचिव आनंदीलाल वैष्णव से पूछा तो बोले ऐसा नहीं है, लेकिन आम लोगों के साथ कुछ अवांछित लोग भी घुस आते हैं और आॅफिस का माहौल खराब करते हैं।

हम चाहते हैं सुबह के समय कर्मचारी काम करें। लोगों की समस्या के लिए दोपहर तीन बजे से समय निर्धारित कर दिया गया है। वैसे ही अब यह व्यवस्था की जा रही है कि कोई भी व्यक्ति यूआईटी नहीं आए, पूरी व्यवस्था को आॅनलाइन किया जा रहा है। इस व्यवस्था से अवांछित लोगों की आवाजाही कम होगी। वैसे तीन बजे बाद इस व्यवस्था को हटा दिया जाता है। अपनी समस्या लेकर आने वाला अधिकारियों से मिल सकता है।

गुस्साए किसानों ने साढ़े तीन घंटे भामाशाहमंडी का गेट बंद रखा

कोटा। भामाशाहमंडी में उड़द खरीद को लेकर शुक्रवार को किसानों ने हंगामा कर दिया। मंडी में संचालित सरकारी कांटे पर किसानों की उड़द को राजफेड क्वालिटी कंट्रोल अधिकारी ने रिजेक्ट कर दिया। सुबह से लेकर दोपहर तक एक भी किसान की जब उड़द नहीं खरीदी गई तो गुस्साए किसानों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।

उन्होंने पहले सरकारी खरीद केंद्र पर हंगामा किया। बाद में किसान भामाशाहमंडी के गेट नंबर एक पर आ गए। जो करीब 200 की संख्या में थे। 3 बजे उन्होंने मंडी गेट को बंद कर दिया। इसके चलते वाहनों की आवाजाही बंद हो गई।
मामले की सूचना मिलने पर किसान नेता फतेहचंद बागला, लक्ष्मीनारायण श्रृंगी, भाजपा किसान मोर्चा से प्रदेश मंत्री मुकुट नागर मौके पर पहुंचे।

इस दौरान पुलिस अधिकारियों और किसानों के बीच गेट खोलने को लेकर तकरार भी हुई। लेकिन बाद में किसान नेताओं के बुलाने पर मंडी किसानों की समस्या सुनने सांसद ओम बिरला पहुंचे। साथ में विधायक संदीप शर्मा भी मौजूद थे। बिरला ने किसानों की समस्या सुनकर, मौके से केंद्रीय मंत्री सीआर चौधरी से बात की।

वहीं, राजफेड के अधिकारियों को फटकार लगाते, कहा कि केंद्र व राज्य सरकार किसानों की जिंस खरीदना चाहती हैं। वहीं, विभाग किसानों की उड़द रिजेक्ट करने में तुला हुआ हैं। मंत्री से बात होने के बाद सांसद ओम बिरला ने तत्काल राजफेड के अधिकारियों को निर्देश देते हुए, शाम 6:30 बजे उड़द खरीद चालू करवाई। तब जाकर साढ़े तीन घंटे बाद भामाशाहमंडी का गेट नंबर एक खुल सका।

समय बढ़ाए सरकार
हाड़ौती किसान यूनियन के महामंत्री दशरथ कुमार ने बताया कि 27 जनवरी तक 5400 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से सरकारी कांटे पर उड़द खरीदी जाएगी। लेकिन सरकार उड़द की संपूर्ण खरीद करने के लिए कम से कम 10 दिन और समर्थन मूल्य पर उड़द खरीदें। साथ ही खरीद का लक्ष्य 30 हजार मीट्रिक टन करें।

तीन दिन से माल लेकर आए हुए थे किसान
बूंदी जिले के अडीला गांव से सुरेश प्रजापत 7 क्विंटल उड़द मंडी लेकर आए हुए थे। उनका पूरा माल ही राजफेड ने रिजेक्ट कर दिया। केशवरायपाटन क्षेत्र के कमोलर गांव से लक्ष्मीनारायण ने बताया कि वह उड़द की ग्रेडिंग करके 30 क्विंटल माल मंडी लेकर आया था। उसे भी रिजेक्ट कर दिया गया। केशवरायपाटन के गुडली गांव से रामस्वरूप सुमन 25 क्विंटल उड़द लेकर मंडी आया। उसके माल को भी फेल बताते हुए खरीदने से मना कर दिया गया। 

हवाई यात्रा में भी इस्तेमाल कर सकेंगे मोबाइल और इंटरनेट

0

नई दिल्‍ली। टेलीकॉम रेग्युलेटर अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने सरकार से हवाई सफर के दौरान पैसेंजर्स को कॉलिंग और इंटरनेट सर्विस मुहैया कराने की सिफारिश की है। TRAI ने शुकवार को अपने प्रस्ताव में कहा कि फ्लाइट में सैटेलाइट या टेरेस्ट्रीयल नेटवर्क से इंटरनेट और मोबाइल कम्यूनिकेशन ऑन बोर्ड (MCA) जैसी सर्विसेज इस्तेमाल करने की परमिशन दी जानी चाहिए।

 खास ऊंचाई पर मिले सर्विस 
TRAI ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट सर्विस देने के लिए खास कैटेगरी बनाई जाएगी और उसी नेटवर्क से सर्विस दी जाएगी। लेकिन ये भी शर्त है कि प्लेन की ऊंचाई कम से कम 3,000 मीटर या करीब नौ हजार फुट होनी चाहिए। मतलब प्लेन के उड़ान भरने के बाद एक खास ऊंचाई पर पहुंचने के बाद ही ये सर्विस मिलेगी। 

 TRAI ने कहा कि Wi-Fi ऑनबोर्ड से इंटरनेट सर्विस देते वक्त इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस फ्लाइट या एयरप्लेन मोड में हों। साथ ही प्लेन के उड़ान भरने से पहले पैसेंजर्स को इस बारे में बताया जाए। 
 
लाइसेंस फीस सालाना 1 रुपए 
TRAI के मुताबिक हवाई सफर में मोबाइल और इंटरनेट देने के लिए अलग-अलग कैटेगरी बनाई जाएं। एक जो इंडियन सैटेलाइट सिस्टम का इस्तेमाल कर के ये सर्विस दे और दूसरा जो विदेशी सैटेलाइट्स का इस्तेमाल करें।

ऐसे ऑपरेटर्स को टेलिकॉम डिपार्टमेंट के पास रजिस्टर्ड कराना होगा। इसमें भी शर्त यही है कि ऑपरेटर भारतीय होना चाहिए। फिलहाल इसकी लाइसेंस फीस सालाना 1 रुपए होगी। 
 
टेलीकॉम डिपार्टमेंट की मंजूरी बाकी 
ये प्रोवाइडर भारतीय सैटेलाइट सिस्टम या स्पेस डिपार्टमेंट के जरिए लीज बेस्ड विदेशी सेटेलाइट से सर्विस दे सकते हैं। टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने पिछले साल 10 अगस्त को फ्लाइट में इंटरनेट और मोबाइल और वीडियो टेलीफोन सर्विस देने के बारे में ट्राई की सलाह मांगी थी।

अब टेलीकॉम डिपार्टमेंट की मंजूरी मिलते ही भारतीय वायु सीमा में सभी फ्लाइट में ये सर्विस मिलने लगेंगी। डोमेस्टिक एयरलाइंस और यात्री लंबे वक्त से इस मंजूरी की मांग कर रहे थे।  अमेरिका समेत कई देशों में ये पहले ही चालू है। 

स्मृति वन के विकास और संरक्षण की ठोस कार्य योजना की मांग

कोटा। वन विभाग के अनंतपुरा स्मृतिवन की दुर्दशा एवं विभाग की अनदेखी से नाराज स्मृति वन सलाहकार समिति ने शुक्रवार को मुख्य वन संरक्षक इंद्रराज सिंह से मुलाकार कर सुरक्षा व्यवस्था सुधारने का आग्रह किया।

समिति के सचिव एवं पर्यावरणविद् बृजेश विजयवर्गीय, डॉ. कृष्णेंद्र सिंह, डॉ. किरण चौधरी, डॉ हरि मोहन मीणा आदि ने मुख्य वन संरक्षक से स्मृतिवन के विकास और संरक्षण की ठोस कार्ययोंजना बनाने को कहा। इसके अभाव में वहां रोपित हजारों पौधे बेमोत मर रहे हैं संरक्षण के सारे प्रयास नाकाम हो रहे है।

शिष्टमण्डल ने कहा कि सतर्कता समिति में जिला कलेक्टर के निर्देश के बाद भी विभाग के अधिकारी उदासीनता अपनाए हुए हैं।सीसीएफ ने स्मृतिवन को खुले में शौच के काम लिय जाने पर नगर निगम से शौचालयों के निर्माण तथा विभाग द्वारा समझाईश से लोगों को राकने पर काम करने की जरूरत बताई।

इंद्रराज सिंह ने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा के काम में कोताही नहीं बरती जाए। विजयवर्गीय ने बताया कि शहर के गणमान्य नागरिकों में वन विभाग की कार्यशैली को लेकर नाराजगी है। विभाग हमेशा धन नहीं होने की बात कहता है और कैम्पा फण्ड से दिल्ली में हो रही रूकावट की बात कहता है।

विभाग के उच्चाधिकारी प्र्रयास कर रहे है। विभाग द्वारा सुरक्षा नहीं कर पाने की स्थिति में नागरिकों का श्रमदान फिलहाल स्थगित है। इंद्रराज सिंह ने कहा कि आगामी मंगलवार को स्मृतिवन का दौरा कर अधिकारियों को मौके पर ही निदान के प्रयास किए जाऐगें।

स्वच्छता महाअभियान : कोटा व्यापार महासंघ आयोजित करेगा मैराथन दौड़

कोटा। नगर निगम एवं कोटा व्यापार महासंघ की ओर से स्वच्छता महाअभियान के तहत शुक्रवार को भामाशाह मण्डी क्षेत्र में यह अभियान चलाया गया। भामाशाहमण्डी मे ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेन्टस एसोसिएशन ने पूरे मण्डी परिसर को स्वच्छ व सुन्दर बनाया गया।

कोटा ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेन्टस एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी एवं महामंत्री महेन्द्र जैन ने बताया की पूरे मण्डी परिसर में स्वच्छता अभियान चला कर इसको साफ किया गया और समस्त व्यापारियों को कचरा डस्टबिन में डालने को सन्देश दिया। इस अभियान के दौरान 5 किमी. की मैराथन दौड़ का भी आयोजन किया गया। जिसमें व्यापारियों, मुनीमों, हम्मालो एवं किसानो ने भाग लिया।

एसोसिएशन द्वारा स्वच्छता अभियान एवं मैराथान दौड़ के लिये आयोजित समारोह के दौरान कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रान्ति जैन एवं महासंचिव अशोक माहेश्वरी को स्वच्छता का ब्राण्ड एम्बेसडर बनाये जाने पर उनका अभिनन्दन किया गया। सांगोद क्षेत्र के विधायक हीरा लाल नागर ने कहा बिना जन जागृति के स्वच्छता नही आ सकती।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान के तहत हम गांव -गांव में इसका संदेश दे रहे हैं और गाँवो में ग्रामीणों को भी डस्टबिन रखने के लिये प्रेरित कर रहे है। उन्होंने महासंघ के अध्यक्ष जैन एवं महासंचिव माहेश्वरी को स्वच्छता का ब्राण्ड एम्बेसडर बनाये जाने पर बधाई देते हुए कहा कि पिछले दिनों इनके व नगर निगम के सयुक्त प्रयासो से शहर में स्वच्छता दिखने लगी है।

सुन्दर कोटा की मुहिम मे सफल होंगे
नगर निगम की उप महापौर सुनीता व्यास ने कहा कि निगम व महासंघ की ओर से चलाये जा रहे स्वच्छता महाअभियान की अभी तो शुरूआत है।

  इसको निरन्तर चलाया जायेगा एवं आमजन में जनजागृति फैलाई जायेगी तब जाकर स्वच्छ व सुन्दर कोटा की मुहिम मे हम सफल हो सकेंगे।

ब्राण्ड एम्बेसडर अशोक माहेश्वरी ने बताया की मण्डी परिसर में स्वच्छता को लेकर एसोसिएशन ने 5 किमी. की दौड़ आयोजित कर व्यापारियों, मुनीमों, हम्मालो एवं किसानो को स्वच्छता का संदेश देने की अनूठी पहल की है, इसके लिये अध्यक्ष अविनाश राठी, महामंत्री महेन्द्र जैन, उपाध्यक्ष नरेन्द्र शर्माएवं कोषाध्यक्ष विशाल गर्ग धन्यवाद के पात्र है।

अगर कोटा शहर की सभी व्यापारिक एवं ओद्योगिक संस्थाएं अपनी भागीदारी एवं पूर्ण योगदान इस स्वच्छता अभियान में प्रदान करेगी तो आने वाले समय में इसके सार्थक परिणाम सामने आयेंगे। उन्होने आमजन में स्वच्छता की भावना पैदा करने के लिये कोटा व्यापार महासंघ द्वारा पूरे शहर स्तर पर एक मैराथन दौड़ का आयोजन किये जाने की भी घोषणा की।

ब्राण्ड ऐम्बेसडर क्रान्ति जैन ने कहा कि महासंघ से सम्बन्धित सभी 150 संस्थाएं स्वतः ही स्वच्छता की दिशा में पिछले पांच माह से कार्य कर रही है। दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान पर डस्टबिन रखना प्रारम्भ कर दिया है और जब जो मुहिम चलाई जा रही है, उसके पीछे दुकानों के बाहर भी बड़े डस्टबिन रखे जा रहे है।

आज मानक भवन रोड पर
कोटा व्यापार महासंघ के महासंचिव अशोंक माहेश्वारी ने बताया कि यह महाअभियान निरन्तर चलता रहेंगा। 20 जनवरी को दोपहर 3 बजे कोटड़ी, गुमानपुरा, स्थित माणक भवन रोड़ पर यह अभियान चलाया जायेगा।