Friday, July 17, 2026
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PNB फ्रॉड: मार्च अंत तक सभी बैंकों की देनदारी का निपटारा कर देगा पीएनबी

नई दिल्‍ली। करीब 11 हजार 356 करोड़ रुपए के पीएनबी फ्रॉड मामले में सरकार की तरफ बयान आया है। न्‍यूज एजेंसी कोजेंसिंस के अनुसार, वित्‍त मंत्रालय के एक सीनियर अफसर ने शुक्रवार को बताया कि पीएनबी इस फ्रॉड के चलते पैदा हुई दूसरे बैंकों की अपनी सभी देनदारी मार्च 2018 तक क्लियर कर देगा। मामले की जांच जारी है। पीएनबी ने बुधवार को स्‍टॉक एक्‍सचेंजों को इस फ्रॉड की जानकारी दी थी।

पीएनबी को नहीं मिलेगा अतिरिक्‍त पैसा
– वित्‍त मंत्रालय के अफसर ने बताया कि पीएनबी को अपने इंटरनल सोर्सेज के आधार पर ही अपनी देनदारी का निपटारा करना होगा। इसके लिए सरकार की ओर से अतिरिक्‍त कैपिटल इन्‍फ्यूजन नहीं होगा।
– अफसर ने बताया कि बैंक अब आगे के बकाया की रिकवरी के लिए 36 संबंधित अकाउंट की शुरुआत जांच करेगा। ऐसा माना जा रहा है कि इलाहाबाद बैंक, एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने फर्जी एलओयू के आधार पर नीरव मोदी की कंपनियों को विदेश में एडवांस पेमेंट किए।
– जनवरी में सरकार ने पंजाब नेशलन बैंक में 5473 करोड़ रुपए इन्‍फ्यूज करने का एलान किया था। यह सरकारी बैंकों के लिए कुल 88,139 करोड़ रुपए के कैपिटल इन्‍फ्यूजन प्‍लान का हिस्‍सा था। इसमें 80 हजार करोड़ रुपए रिकैपि‍टलाइजेशन बॉन्‍ड के जरिए दिए जाने हैं।

नीरव मोदी से जुड़ी 50 से ज्यादा कंपनियों पर पड़ेगी रेडः फाइनेंस मिनिस्ट्री
– फाइनेंस मिनिस्ट्री के सोर्सेस ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग और पीएनबी की एक ब्रांच से जुड़े फ्रॉड में नीरव मोदी से जुड़ी 50 से ज्यादा कंपनियों पर छापेमारी की जाएगी।
– यह कार्रवाई सीबीआई, एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के द्वारा होगी।
– वहीं नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की 36 कंपनियों की जांच होगी। 36 कंपनियों में से आधी से ज्यादा भारत से बाहर ऑपरेट होती हैं।

नीरव मोदी की संपत्तियों की लिस्ट हो रही तैयार
– सोर्सेस ने कहा, ‘नीरव मोदी और एमी मोदी की चल व अचल संपत्तियों की लिस्ट तैयार की जा रही है और इन पर छापेमारी की जाएगी।’
– उन्होंने कहा कि फाइनेंस मिनिस्ट्री ने 14 फरवरी को लिखे एक लेटर में पीएसयू बैंकों के प्रमुखों को ऐसे स्कैम्स रोकने की दिशा में कदम उठाने के निर्देश दिए थे।

चौतरफा बिकवाली से सेंसेक्स 287 अंक गिरा, निफ्टी 10500 के नीचे बंद

नई दिल्ली। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। बैंकिंग शेयरों में लगातार तीसरे दिन बिकवाली देखने को मिली। इसके अलावा ऑटो, मेटल, रियल्टी और एफएमसीजी शेयरों में गिरावट से बाजार पर दबाव बना। जिससे कारोबार के अंत में सेंसेक्स 287 अंक गिरकर 34,011 अंक पर और निफ्टी 93 अंक टूटकर 10,452 अंक पर बंद हुआ।

इससे पहले, सेंसेक्स 114 अंक बढ़कर 34,411 अंक पर खुला। वहीं निफ्टी 51 अंक की उछाल के साथ 10,596 अंक पर खुला था। शुरुआती 2 घंटे तक बाजार में तेजी का रुख था। लेकिन बाद में पीएसयू बैंकों में बिकवाली बढ़ने लगी। इसके साथ अन्य सेक्टरों में भी बिकवाली बढ़ने से बाजार पर दबाव बना और कारोबार के दौरान सेंसेक्स ऊपरी स्तर से 550 अंक टूट गया।

वहीं निफ्टी ऊपर से 178 अंक गिरा। इसके बाद बाजार कमजोरी से उबर नहीं पाया और बाजार में गिरावट हावी हो गई। आज के कारोबार में सेंसेक्स 34508.24 के हाई पर पहुंचा था। वहीं निफ्टी 10600 के स्तर को पार करने में कामयाब हुआ था।

तीन दिन में PNB में निवेशकों के डूबे 9 हजार करोड़
– पीएनबी में 11,400 करोड़ रुपए के फ्रॉड के चलते पिछले तीन ट्रेडिंग सेशन से स्टॉक में गिरावट देखने को मिल रही है। तीन दिनों में स्टॉक 23.60 फीसदी टूट गया है। लगातार तीसरे दिन स्टॉक में गिरावट से पीएनबी में निवेशकों के करीब 9246.19 करोड़ रुपए डूब गए हैं।

ऐसे घटा पीएनबी का मार्केट कैप
12 फरवरी- 39178.17 करोड़ रुपए
14 फरवरी- 35336.70 करोड़ रुपए
15 फरवरी- 31107.44 करोड़ रुपए
16 फरवरी- 29931.98 करोड़ रुपए

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी गिरे
लार्जकैप शेयरों के साथ मिलकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली। जिससे बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.20 फीसदी की गिरावट के साथ 16602 अंक पर बंद हुआ।

मिडकैप शेयरों में अपोलो हॉस्पिटल, सन टीवी, जिंदल स्टील, सेल, कंसाई नेरोलैक पेंट्स, एमएफएसएल, पीईएल, अडानी एंटरप्राइजेज 5.75-3.19 फीसदी तक टूट गए। बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.22 फीसदी की गिरावट रही।

सभी सेक्टोरल इंडेक्स टूटे
शुक्रवार के कारोबार में सभी सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट रही। सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 2.49 फीसदी दर्ज की गई। इसके अलावा बैंक निफ्टी में 1.02%, निफ्टी ऑटो में 1.70%, निफ्टी एफएमसीजी में 0.50%, निफ्टी आईटी में 0.15%, निफ्टी मेटल में 1.50%, निफ्टी फार्मा में 0.29% और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 1.24% फीसदी की गिरावट रही।

सेबी ने पीएनबी, गीतांजलि जेम्स में ट्रेडिंग की जांच शुरू की
मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने 11,000 करोड़ रुपए के फ्रॉड के बाद पीएनबी और गीतांजलि जेम्स के बीच कनेक्शन की जांच शुरू कर दी है। इसके तहत सेबी दोनों कंपनियों की ट्रेडिंग और डिस्क्लोजर से संबंधित मुद्दे की जांच शुरू की। रेग्युलेटर के अधिकारी ने कहा कि सेबी के लिए मार्केट कंडक्ट और इंटेग्रिटी बेहद महत्वपूर्ण है। नियमों को तोड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।

FII रहे बिकवाल, डीआईआई ने की खरीददारी
गुरूवार के कारोबार में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार में 240.29 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने 49.92 करोड़ रुपए की खरीददारी की।

03:47 PM
सेंसेक्स 287 अंक गिरा, निफ्टी 10500 के नीचे बंद
– सेंसेक्स 287 अंक गिरकर 34,011 अंक पर और निफ्टी 93 अंक टूटकर 10,452 अंक पर बंद हुआ।

01:47 PM
सेंसेक्स ऊपरी स्तर से 400 अंक टूटा
– बैंकिंग, ऑटो, एफएमसीजी, मेटल, फार्मा और रियल्टी शेयरों में बिकवाली से बाजार पर दबाव बना। जिससे सेंसेक्स ऊपरी स्तर से 400 अंकों से ज्यादा टूट गया। वहीं निफ्टी 10500 के नीचे फिसल गया है।

11:05 AM
बाजार ने गंवाई बढ़त
– शुरुआती कारोबार में तेजी के बाद बाजार दायरे में कारोबार करता दिख रहा है। सरकारी बैंकों, ऑटो, मेटल और रियल्टी शेयरों में बिकवाली बढ़ने से बाजार ने बढ़त गंवा दी है। सेंसेक्स ऊपरी स्तर से 200 अंकों से ज्यादा फिसल गया है। वहीं निफ्टी 10600 के नीचे आ गया है।

10:54 AM
पीएनबी में 3 दिन में निवेशकों के डूबे 9200 करोड़ रु
– पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में हुए 11,400 करोड़ रुपए के फ्रॉड में गीतांजलि जेम्स का भी नाम सामने आया है। पीएनबी में हुए फ्रॉड की भारी कीमत निवेशकों को चुकानी पड़ी है। फ्रॉड की वजह से तीन दिनों में पीएनबी के निवेशकों क 9200 करोड़ रुपए डूब गए हैं।

PNB फ्रॉड केस: नीरव मोदी व अन्य आरोपियों पर कसा शिकंजा

नई दिल्ली। पंजाब नैशनल बैंक में हुए महाघोटाले के आरोपियों पर शिकंजा कसने की कवायद शुरू हो गई है। सीबीआई पीएनबी के पूर्व अधिकारी गोकुलनाथ शेट्टी के घर पहुंची है। सीबीआई ने गीतांजलि ग्रुप के शो रूम्स पर छापेमारी भी शुरू कर दी है।

दूसरी तरफ पंजाब नैशनल बैंक ने अपने 18 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। सीबीआई ने पीएनबी की शिकायत के आधार पर मेहुल चौकी के गीतांजलि ग्रुप के खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया है। पीएनबी ने 13 फरवरी को गीतांजलि ग्रुप के खिलाफ शिकायत की थी।

करीब 11300 करोड़ रुपये के इस घोटाले के आरोपी नीरव मोदी, उनकी पत्नी अमी मोदी, भाई निशाल मोदी और गीतांजलि के प्रमोटर मेहुल चौकसी को पकड़ने के लिए इंटरपोल को भी अलर्ट कर दिया गया है। इन चारों आरोपियों कि खिलाफ इंटरपोल डिफ्यूजन नोटिस जारी कर दिया गया है।

सीबीआई नीरव मोदी की यूरोप और अमेरिका में भी तलाश कर रही है। इसके अलावा उसके हॉन्गकॉन्ग वाले पते पर भी सीबीआई नजर रख रही है। इंटरपोल से डिफ्यूजन नोटिस जाने होने के बाद इंटरपोल इन आरोपियों की धर-पकड़ के लिए सक्रिय भी हो गया है।

ये चारों आरोपी जनवरी के शुरुआत में ही भारत से फरार हो चुके हैं। इससे पहले ईडी ने भी बैंकिंग फ्रॉड के इस मामले में नीरव मोदी और मेहलु चौकसी के नाम समन जारी किया है। सीबीआई ने अरबपति जूलरी डिजायनर नीरव मोदी और उनके साझेदार मेहुल चौकसी के पासपोर्ट रद्द करने की मांग की है।

आरोप है कि अरबपति आभूषण डिजाइनर नीरव मोदी व उनके परिवार के कुछ सदस्यों ने पंजाब नैशनल बैंक द्वारा जारी 150 गारंटी पत्रों के जरिये 11000 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी लेनदेन किए। अधिकारियों ने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ धोखाधड़ी को लेकर इस समय सुर्खियों में चल रहे नीरव मोदी बैंक की ओर से इस मामले में शिकायत मिलने से काफी दिन पहले गत एक जनवरी को ही देश से बाहर चले गए थे।

नीरव मोदी के खिलाफ तेज हुई जांच, 5100 करोड़ रुपये के आभूषण जब्त
केंद्रीय जांच एजेंसियों ने 11,300 करोड़ रुपये के पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में आभूषण डिजाइनर नीरव मोदी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ जांच तेज कर दी है।

280 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के सिलसिले में ईडी ने मुंबई, दिल्ली और गुजरात में छापेमारी में 5,100 करोड़ रुपये के हीरे, सोने के आभूषण जब्त किए हैं। सीबीआई और ईडी ने विदेश मंत्रालय के पास अलग-अलग आवेदनों के जरिये मोदी और उसके रिश्तेदार एवं गीतांजलि जूलरी श्रृंखला के प्रवर्तक मेहुल चौकसी का पासपोर्ट रद्द करने की अपील है।

सीबीआई ने मोदी से जुड़े ठिकानों से बरामद कंप्यूटरों का विश्लेषण पूरा कर लिया है। हीरा कारोबारी मोदी (46) एक जनवरी को देश से भाग गए हैं। मोदी, उनकी पत्नी एमी, भाई निशाल और चौकसी के खिलाफ 280 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज करने के बाद गुरुवार को दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, जयपुर और सूरत में 17 स्थानों पर छापेमारी की गई।

एजेंसी ने मोदी और अन्य आरोपियों की मुंबई में पांच संपत्तियां सील की हैं। इसके अलावा ईडी ने आयकर विभाग को भी पत्र लिखा है जिसमें पिछले साल जनवरी में मोदी और उनके सहयोगियों के परिसरों पर छापेमारी के दौरान जब्त सभी दस्तावेजों को साझा करने को कहा है।

ईडी ने मामले में सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक अधिनिमय (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया था। समझा जाता है कि ईडी ने पीएनबी की ओर से मोदी और अन्य के खिलाफ प्रस्तुत की गयी शिकायतों पर भी गौर किया है।

एजेंसी इस बात की जांच करेगी कि कथित रूप से धोखाधड़ी से हासिल बैंक के धन की लॉन्ड्रिंग हुई और क्या अपराध की कमाई का बाद में गैरकानूनी तरीके से संपत्तियां खरीदने और कालेधन के रूप में इस्तेमाल किया गया। मोदी 2013 से फोर्ब्स की अमीर भारतीयों की सूची में नियमित रूप से शामिल रहे हैं।

सीबीआई ने नीरव मोदी, उसकी पत्नी और उनके एक भागीदार को बैंक के साथ 2017 में 280.70 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में 31 जनवरी को नामजद किया है। सीबीआई ने कहा है कि मोदी व उनके परिवार के कुछ सदस्यों ने पंजाब नेशनल बैंक द्वारा जारी 150 गारंटी पत्रों के जरिये 11,000 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी लेनदेन किए। उन्होंने कहा कि नीरव मोदी बैंक की ओर से इस मामले में शिकायत मिलने से काफी दिन पहले गत एक जनवरी को ही देश से बाहर चले गए थे। मोदी के पास भारतीय पासपोर्ट है।

प्रतिस्पर्धा नहीं, अनुस्पर्धा कीजिए, पीएम मोदी का छात्रों को गुरुमंत्र

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में छात्रों को परीक्षा के तनाव से मुक्त होने के लिए गुरुमंत्र दिए।

उन्होंने स्टेडियम में मौजूद छात्रों के अलावा टीवी के माध्यम से जुड़े छात्रों के लाइव सवालों के भी जवाब दिए। पीएम ने छात्रों को बताया कि कैसे परीक्षा के तनाव को दूर किया जाए, कैसे आत्मविश्वास बढ़ाएं, कैसे पढ़ाई पर एकाग्र हों। उन्होंने अभिभावकों को भी सलाह दी कि वे अपने अधूरे सपनों को अपने बच्चों पर न थोपें।

इशारों में ‘2019’ का जिक्र
वैसे तो कार्यक्रम प्रधानमंत्री के छात्रों से मुखातिब होने का था, लेकिन नरेंद्र मोदी ने बड़ी ही चतुराई से 2019 के चुनावों का भी बिना नाम लिए जिक्र कर लिया। उन्होंने कहा, ‘यह कोई प्रधानमंत्री का कार्यक्रम नहीं है…देश के करोड़ों बच्चों का कार्यक्रम है…मुझे विश्वास है कि मुझे एक विद्यार्थी के नाते…आप लोग मेरे एग्जामिनर हैं…देखते हैं आप लोग मुझे 10 में से कितना नंबर देते हैं।’

‘सफलता के लिए आत्मविश्वास जरूरी’
कुछ स्टूडेंट्स के सवालों के जवाब में प्रधानमंत्री ने आत्मविश्वास की अहमियत को विस्तार से समझाया। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मेहनत में कोई कमी नहीं होती…ईमानदारी से मेहनत की होती है..लेकिन आत्मविश्वास नहीं है तो सारी मेहनत के बावजूद जवाब याद नहीं आता…मैं बचपन में विवेकानंद को पढ़ा करता था…

वह कहते थे अहं ब्रह्मस्मि यानी मैं ही ब्रह्म हूं…वह आत्मविश्वास जगाने के लिए ऐसा कहते थे….वह कहते थे कि तुम 33 करोड़ देवी-देवताओं की पूजा भले ही करो लेकिन अगर तुम्हारे अंदर आत्मविश्वास नहीं है तो देवी-देवता कुछ नहीं करेंगे।’

पीएम मोदी ने कहा, ‘एग्जाम के दिन आप भगवान को याद करते हैं…आम तौर पर विद्यार्थी देवी सरस्वती की पूजा करते हैं लेकिन परीक्षा से पहले हनुमानजी की पूजा करते हैं…मैं छोटा था तो इसका मजाक उड़ाता था कि हनुमानजी की पूजा इसलिए करते हैं कि परीक्षा के दौरान नकल करने पर वे न पकड़े जाएं।’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आत्मविश्वास कोई जड़ी-बूटी नहीं है…आत्मविश्वास लंबे भाषण सुनकर नहीं आता…हमें हर पल कसौटी पर कसने की आदत डालनी चाहिेए…आत्मविश्वास हर कदम पर कोशिश करते-करते बढ़ता है…इसलिए हमेशा कोशिश करनी चाहिए। मैं जहां हूं उससे बेहतर करना है, यह भाव होना चाहिए।’

कनाडा के खिलाड़ी का दिया उदाहरण
प्रधानमंत्री ने आत्मविश्वास की अहमियत बताने के लिए कनाडा के एक खिलाड़ी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, ‘अभी-अभी एक खबर दिल को छू गई। साउथ कोरिया में विंटर ओलिंपिक चल रहे हैं…कनाडा का एक खिलाड़ी मार्क खेल रहा है…स्नो बॉल में ब्रॉन्ज ले आया…स्नो बॉल के प्रैक्टिस में उसे पहले बहुत ज्यादा चोट लगी थी..

कई फ्रैक्चर हुए थे…कोमा में था… 11 महीने तक अस्पताल में था…उसने अपनी प्रोफाइल पर दो फोटो लगाए हैं…एक में अस्पताल में कोमा वाला …दूसरे में ब्रॉन्ज मेडल…और लिखा है धन्यवाद जिंदगी…यह है आत्मविश्वास। आत्मविश्वास हर पल प्रयासों से आता है।’

‘दिमाग से निकाल दें कि आप परीक्षा दे रहे हैं’
प्रधानमंत्री ने परीक्षा के तनाव को खत्म करने के लिए सुझाव देते हुए कहा कि दिमाग से निकाल दें कि आप एग्जाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘एग्जाम के दौरान आप दिमाग से यह निकाल दीजिए कि आप एग्जाम दे रहे हैं…कोई आपका मूल्यांकन करेगा…खुद को जांचना-परखना छोड़ दीजिए…ऐसा करके देखिए…आत्मविश्वास बढ़ेगा।’

एकाग्रता के लिए मंत्र
एकाग्रता बढ़ाने का मंत्र देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमें लगता है कि एकाग्रता कोई खास विधा है जिसे सीखना पड़ता है लेकिन ऐसा नहीं है। आप गाना सुनते हैं तो एक-एक शब्द याद रहता है…आप किसी दोस्त से फोन पर बात कर रहे हैं और वहीं पर आपका प्रिय गाना बज रहा है…

लेकिन आप तुरंत ही फोन पर दोस्त के साथ कनेक्ट हो जाते हैं…यानी फोन पर एकाग्र हो गए…इसका मतलब है कि एकाग्रता के लिए कोई अतिरिक्त प्रयास की जरूरत नहीं है…जिन चीजों में सिर्फ बुद्धि नहीं, आपका हृदय भी जुड़ जाता है, वे चीजें जिंदगी का हिस्सा बन जाती हैं…योग को कुछ लोग शारीरिक एक्ससाइज मानते हैं लेकिन योग का मूल काम शरीर, बुद्धि, मन, आत्मा को सिन्क्रोनाइज करना है।’

‘वर्तमान में जीने की आदत से आती है एकाग्रता’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकाग्रता के लिए महान क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर का उदाहरण दिया। पीएम ने कहा, ‘आपको याद होगा कि एक बार मन की बात में मेरे साथ सचिन बात कर रहे थे। किसी बालक ने उनसे ऐसा ही सवाल पूछा था। उन्होंने जवाब में कहा था कि मैं जब खेलता हूं तो इससे पहले कौन सी गेंद थी, मैं कैसा खेला था…

अगली गेंद कैसी आएगी…इसपर दिमाग नहीं लगाता…मैं उस समय उसी बॉल के बारे में सोचता हूं जो आ रही है…बाकी कुछ नहीं सोचता। वर्तमान में जीने की आदत एकाग्रता के लिए रास्ता खोल देती है। कभी-कभी आप किताब पढ़ते हैं..सब कुछ ठीक है लेकिन आप ऑफलाइन हैं…आप किताब से कनेक्ट नहीं होते हैं…इसलिए जब भी कुछ करें तो ऑनलाइन होना चाहिए।’

‘दूसरों से खुद की न करें तुलना’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आप लोग खेल के विज्ञान को जानते होंगे..युद्ध के विज्ञान को जानते होंगे….आप अपने मैदान में खेलिए…जब आप सामने वाले के मैदान में जाते हैं तो बड़ा रिस्क ले लेते हैं…युद्ध में भी ऐसा होता है…आप अपने दोस्तों के साथ स्पर्धा में उतरते क्यों हैं…उसका मैदान, उसकी सोच, उसकी परवरिश, उसकी रूचि, उसका माहौल आपसे अलग है….अगर उसकी तरह बनने की कोशिश करेंगे तो जो आपका है उसे भी खो देते हैं।’

पीएनबी महाघोटाला : बैंक से लेकर आरबीआई तक सवालों के घेरे में

नई दिल्ली। पीएनबी में हुए महाघोटाले में बैंक से लेकर आरबीआई तक की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। पीएनबी ने अपने खुद के नॉर्म्स तो फॉलो नहीं ही किए, आरबीआई की जांच और ऑडिट टीम की भूमिका भी संदिग्ध नजर रही है।इन्हीं सब लूपहोल्स का नतीजा था कि इस मामले में एक आरोपी पीएनबी के पूर्व डेप्युटी मैनेजर ने पूरे बैंकिंग तंत्र का दुरुपयोग कर रिटायर होने तक खूब खेल किया।

पिछली गर्मियों में रिटायर होने से पहले पीएनबी के गोकुलनाथ शेट्टी ने नीरव मोदी की कंपनियों के लिए 365 दिन का लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) जारी किया। यह एलओयू कंपनियों को अन्य बैंकों से फंड का इस्तेमाल करने के लिए अधिकृत करने को जारी किया गया। गोकुलनाथ शेट्टी करीब 11300 करोड़ रुपये के इस फ्रॉड के केंद्र में हैं।

सामान्य स्थिति में एलओयू 90 दिनों के लिए जारी किया जाता है। शायद शेट्टी की योजना यह थी कि इतनी अवधि का एलओयू जारी किया जाए कि इस फ्रॉड की जानकारी उसके पेंशन मिलने की प्रक्रिया तक सामने न आए। बताया जा रहा है कि यह घोटाला 2011 से ही चल रहा है।

हालांकि इसकी जानकारी इस साल जनवरी में तब हुई जब नीरव मोदी की कंपनी के अधिकारी पीएनबी के ब्रैडी हाउस ब्रांच में एलओयू के नवीकरण के लिए पहुंचे। शेट्टी की जगह पर बैंक में मौजूद नए अधिकारी ने नीरव मोदी की कंपनी से कम-से-कम 100% कैश मार्जिन मुहैया कराने को कहा। इस पर मोदी के कंपनी के अधिकारियों ने जानकारी दी कि उन्होंने पहले कभी कैश मार्जिन मुहैया नहीं कराई थी जबकि उन्हें यह सुविधा मिलती रही थी।

इस खुलासे के बाद पीएनबी ने आंतरिक जांच बिठा दी। जांच में इस महाघोटाले का खुलासा हुआ, जो शायद भारत का सबसे बड़ा बैंकिंग फ्रॉड है। पीएनबी के अधिकारियों ने जांच में पाया कि इस मामले में नियमों की लगातार अनदेखी की गई जिसे बैंक द्वारा पहले ही नोटिस कर लेना चाहिए था।

इन गलतियों की शुरुआत शेट्टी से ही होती है जिन्हें एक ही ब्रांच में एक ही असाइनमेंट पर वर्षों तक काम करने दिया गया। नियम के मुताबिक किसी भी स्केल-1 के अधिकारी को ब्रांच में किसी एक डेस्क पर 6 महीने तक ही रखा जाता है। इसके अलावा 3 साल में अधिकारी का ब्रांच भी बदला जाना चाहिए।

शेट्टी के मामले में पीएनबी ने अपने इन नियमों की ही अनदेखी की। दूसरी गलती बैंक के कोर बैंकिंग सलूशन को इंटरनैशनल मनी ट्रांसफर टूल SWIFT से नहीं जोड़े जाने की हुई।

इस गलती ने शेट्टी को अपने पासवर्ड से फंड ट्रांसफर सिस्टम के इस्तेमाल का मौका मिल गया। बैंक और इंटरनैशनल मनी ट्रांसफर टूल के बीच कोई इंटरकनेक्शन नहीं होने की वजह से इस प्रक्रिया में ट्रांसफर किए गए पैसे कोर बैंकिंग सॉफ्टवेयर में दर्ज नहीं हुए। SWIFT पर किसी ने शेट्टी के मेसेज को नोटिस कैसे नहीं किया, यह भी आश्चर्य की वजह है।

हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सिस्टम में एक या दो फ्रॉड असामान्य नहीं हैं। उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले पीएनबी को कथित तौर पर SWIFT के माध्यम से अनियमित मेसेज भेजने की वजह से इंडियन ओवरसीज बैंक की दुबई ब्रांच को 300 करोड़ रुपये अदा करने पड़े थे। जबकि बैंक के अपने डॉक्युमेंट्स में कोई हेरफेर नहीं था।

पीएनबी के अधिकारी ने बताया कि जब कथित जालसाजी वाले कुछ LoU जारी किए गए तो बैंक को कंपनी से फी भी मिली। अधिकारी के मुताबिक ऐसी स्थिति में भी बैंक को इस जालसाजी को लेकर सचेत हो जाना चाहिए था। हालांकि पीएनबी की तरफ से गबन का आरोप लगाया जा रहा है।

लेकिन खुद बैंक के इंटरनल ऑडिटर्स और यहां तक कि आरबीआई की जांच और ऑडिट टीम की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। ऐसे में कोई बड़ी बात नहीं कि आने वाले दिनों में पीएनबी के और अधिकारी इस मामले में फंस सकते हैं। सरकार भी इस मामले का पूरा दोष पीएनबी के ही मत्थे मढ़ रही है।

एक्सपोर्टर्स की वर्किंग कैपिटल GST में फंसी, आरबीआई रिपोर्ट

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नई दिल्ली। जीएसटी लागू होने के बाद कारोबारियों को कैसे पैसे की किल्लत हुई है, इसका पहली बार आरबीआई की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे रिर्टन फाइलिंग अटकने से एक्सपोर्ट्स को खास तरह से प्रॉब्लम उठानी पड़ी थी। उस दौरान किस तरह से उनको बिजनेस के लिए वर्किंग कैपिटल की प्रॉब्लम से जूझना पड़ा।

साथ ही उसकी वजह से कैसे उनके बिजनेस में गिरावट हुई है। रिपोर्ट के अनुसार कारोबारियों की बिजनेस के लिए 68 फीसदी तक वर्किंग कैपिटल की जरुरत बढ़ गई। यही नहीं पैसों की कमी के कारण उनके एक्सपोर्ट में भी 60 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई।

क्या कहती है रिपोर्ट
आरबीआई द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार जीएसटी लागू होने के बाद शुरू में रिटर्न फाइलिंग में आई दिक्कत की वजह से एक्सपोर्टर्स को मिलने वाला रिफंड ब्लॉक हो गया।

जिसकी वजह से उनके सामने वर्किंग कैपिटल की प्रॉब्लम खड़ी हो गई है। जिसका असर उनके एक्सपोर्ट बिजनेस पर भी पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार रिफंड ब्लॉक होने से सीधे एक्सपोर्ट पर इम्पैक्ट आया है। अगर वर्किंग कैपिटल की डिमांड में 10 फीसदी बढ़ी है तो एक्सपोर्ट में 1.8 फीसदी की औसतन गिरावट आई है।

पहले क्या था सिस्टम
जीएसटी लागू होने के पहले एक्सपोर्टर्स को किसी भी तरह की ड्यूटी देने से छूट मिली हुई थी। ऐसे में उनका पैसा ब्लॉक नहीं होता था। जीएसटी में एक्सपोर्टर्स को पहले ड्यूटी का भुगतान करना पड़ता है, उसके बाद उसे रिफंड मिलेगा। इसके तहत सरकार 90 फीसदी रिफंड 7 दिन में देने का वादा किया गया है।

समय पर नहीं मिल पा रहा है रिफंड
रिपोर्ट के अनुसार हालांकि कारोबारियों की शिकायत है कि उन्हें 7 दिन में रिफंड नहीं मिल पा रहा है। जुलाई से अक्टूबर 2017 के दौरान कारोबारियों का करीब 6500 करोड़ रुपए का रिफंड अटका हुआ है।

सेंसेक्स 150 अंक मजबूत, PNB में निवेशकों के 9 हजार करोड़ डूबे

नई दिल्ली। ग्लोबल मार्केट से मिले पॉजिटिव संकेतों से शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। हैवीवेट शेयरों इंफोसिस, एचडीएफसी, आईटीसी, एसबीआई, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टीसीएस, ओएनजीसी, एचडीएफसी बैंक में बढ़त से बाजार में तेजी बढ़ी।

जिससे सेंसेक्स में 200 अंकों से ज्यादा का उछाल आया। वहीं पीएसयू बैंक समेत सभी सेक्टोरल इंडेक्स में तेजी देखने को मिल रही है। इससे पहले, सेंसेक्स 114 अंक बढ़कर 34,411 अंक पर खुला। वहीं निफ्टी 51 अंक की उछाल के साथ 10,596 अंक पर खुला।

तीन दिन में PNB में निवेशकों के डूबे 9 हजार करोड़
– पीएनबी में 11,400 करोड़ रुपए के फ्रॉड के चलते पिछले तीन ट्रेडिंग सेशन से स्टॉक में गिरावट देखने को मिल रही है। तीन दिनों में स्टॉक 23.60 फीसदी टूट गया है। लगातार तीसरे दिन स्टॉक में गिरावट से पीएनबी में निवेशकों के करीब 9246.19 करोड़ रुपए डूब गए हैं।

ऐसे घटा पीएनबी का मार्केट कैप
-12 फरवरी- 39178.17 करोड़ रुपए
-14 फरवरी- 35336.70 करोड़ रुपए
-15 फरवरी- 31107.44 करोड़ रुपए
-16 फरवरी- 29931.98 करोड़ रुपए

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बढ़त
– शुरुआती कारोबार में लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों अच्छी खरीददारी दिख रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.46 फीसदी बढ़ा है। मिडकैप शेयरों में नेशनल एल्युमीनियम, वक्रांगी, एक्साइड इंडस्ट्रीज, आरकॉम, एनएलसी इंडिया, टाटा पावर, डिविस लैब 1.62-7.09 फीसदी तक बढ़े हैं।
– वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.58 फीसदी की तेजी आई है।

पीएसयू बैंक इंडेक्स टूटे, रियल्टी इंडेक्स सबसे ज्यादा मजबूत
– शुरुआती तेजी के बाद सरकारी बैंकों के शेयरों में एक बार फिर से बिकवाली देखने को मिल रही है। जिससे निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.65 फीसदी टूट गया है। पीएनबी (2.88%), यूनियन बैंक (1.62%) और बैंक ऑफ बड़ौदा (1.41%) में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है।
– हालांकि बैंक निफ्टी 0.30 फीसदी की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है। इसके अलावा ऑटो, आईटी, रियल्टी, फार्मा और मेटल इंडेक्स में तेजी का रुख है।

FII रहे बिकवाल, डीआईआई ने की खरीददारी
गुरूवार के कारोबार में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार में 240.29 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने 49.92 करोड़ रुपए की खरीददारी की।

09:20 AM
सेंसेक्स 34411 और निफ्टी 10596 अंकों पर खुले
– ग्लोबल मार्केट से मिले पॉजिटिव संकेतों से शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। सेंसेक्स 114 अंक बढ़कर 34,411 अंक पर खुला। वहीं निफ्टी 51 अंक की उछाल के साथ 10,596 अंक पर खुला।

09:06 AM
रुपया 4 पैसे की बढ़त के साथ 63.87 प्रति डॉलर पर खुला
– सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को रुपए की मजबूत शुरुआत हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 4 पैसे की बढ़त के साथ 63.87 के स्तर पर खुला। गुरूवार को रुपया मजबूती के साथ बंद हुआ। कमजोर डॉलर से रुपए को सपोर्ट मिला है जिसके चलते रुपया 18 पैसे की बढ़त के साथ 63.91 के स्तर पर बंद हुआ था।

कोटा में खुलेंगे दो और उपहार सुपर मार्केट

कोटा। जिला सहकारी होलसेल भंडार लि. के अध्यक्ष हरिकृष्ण बिरला कि अध्यक्षता में गुरुवार को कैनाल रोड स्थित कार्यालय में बोर्ड बैठक हुई। संचालक मंडल सदस्य महीप सिंह सोलंकी ने भंडार के नए उपहार सुपर मार्केट खोलने का प्रस्ताव रखा।

अध्यक्ष हरिकृष्ण बिरला ने बताया कि भंडार के द्वारा विज्ञान नगर एवं बोरखेड़ा क्षेत्र में उपहार सुपर मार्केट खोलने के लिए उचित स्थान देखा जा रहा है। जल्द ही मार्केट शुरू किया जाएगा। वहीं संचालक मंडल सदस्य उषा न्याती ने न्यू मेडिकल कॉलेज में निर्मित दुकानों को जल्द से जल्द शुरू करवाए जाने का प्रस्ताव रखा।

अध्यक्ष ने बताया कि नवनिर्मित दुकानों में फर्नीचर बनाने का कार्य किया जा रहा है तथा अगले माह तक उक्त दुकानों को शुरू कर दिया जाएगा। भंडार के उपाध्यक्ष नरेन्द्र बिरला ने बोरखेड़ा व कुन्हाडी क्षेत्र में भी उपभोक्ता भंडार की दवाईयों की दुकानें शुरू करने के लिए कहा ताकि लोगों को सस्ती व गुणवत्ता पूर्वक दवाइयां मिलने के साथ ही सरकारी कर्मचारियों को भी सुविधाएं मिल सकें।

प्रस्ताव पर अध्यक्ष ने स्वीकृति देते हुए जल्द ही इस दिशा में कार्य करते हुए नई मेडिकल दुकानों के संचालन करवाने के लिए आश्वस्त किया।  बैठक के अंत मे कोटा जिला सहकारी होलसेल उपभोक्ता भंडार के महाप्रबंधक देवकीनंदन शर्मा ने सभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया। बोर्ड बैठक में संचालक मण्डल सदस्य राजेश बिरला भी मौजूद थे।

चम्बल शुद्धिकरण योजना ठण्डे बस्ते में डालने पर रोष

कोटा। राष्ट्रीय जल बिरादरी की चम्बल संसद के शिष्टमण्डल ने गुरूवार को नगर विकास न्यास अध्यक्ष राम कुमार मेहता एवं सचिव आनंदी लाल वैष्णव से भेंट कर चम्बल शुद्धिकरण की योजना को ठण्डे बस्ते में डालने पर रोष जताया ।

चम्बल संसद के सभापति जीडी पटेल,जल बिरादरी के प्रदेश उपाध्यक्ष बृजेश विजयवर्गीय,डॉ. सुसेन राज के अलावा गजेंद्र भार्गव, प्रीत कुमार नरेश शर्मा एवं पवन माहेश्वरी आदि ने न्यास प्रशासन के सामने रोष जताया। न्यास अध्यक्ष आरके मेहता ने बताया कि पुरानी कंपनियों के खिलाफ उनकी जमा राशि जप्त कर कार्रवाई की जारी है।

उनके कारण विलम्ब हुआ लेकिन मैं रोजाना मॉनीटरिंग कर रहा हूं। सचिव अनंदी लाल वैष्णव ने बताया कि नया टेंडर लगभग 250 करोड़ का है उसमें केंद्र ने 20 करोड़ा की राशि यूआईटी को दी है।

आरयूडीआईपी एवं राज्य सरकार को भी अपना हिस्सा देना था। अब लगभग 15 दिन में टेंडर प्रकिया पूरी हो जाएगी। सचिव ने प्रतिनधि मण्डल के साथ गंदे नालों को साफ करने की तकनीक पर भी चर्चा की।

बॉयोफिल्टरेशन प्लाण्ट को रोका जाए
जल बिरादरी की सदस्य एवं कोटा एनवायरमेंटल सेनीटेशन सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. सुसेन राज ने कहा कि नगर निगम कंसुआ नाले में बॉयो फिल्टरेशन संयंत्र लगा कर नाले को साफ करने का गलत टेंडर निकाल रहा है जो कि साजीदेहड़ा के ट्रीटमेंट प्लाण्ट की तरह से फेल होगा।

उसे रोकने के जिला कलेक्टर से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया है। डॉ. राज ने बताया कि नगर निगम बिना विचारे गलत टेंडर करता है। फिर फेल होने वा हाथ खडे़ कर देता है, जैसा कि वेस्ट टू एनर्जी के टेंडर में हुआ। डॉ. सुसेन राज ने ज्ञापन में कहा कि सरकारी उदासीनता से चम्बल नदी के अस्तित्व पर संकट के बादल मण्डरा रहे है।

नगर विकास न्यास को सौंपा गया काम मजबूत इच्छा शक्ति के अभाव में ट्रीटमेट प्लांट सफेद हाथी बन कर खड़ें हैं। केंद्र सरकार की सहायता से चलने वाली योजनाओं को ठण्डे बस्ते में डालने से कई सवाल खड़े होते हैं। नगर निगम की कार्यप्रणाली पर जल बिरादरी ने कड़ी आपत्ति जताई।

बेटे का पहला जन्मदिन थेलिसिमिया बच्चों के नाम

कोटा। मर्चेंट नेवी में सेवारत श्वेतांक दीक्षित ने बेटे वेद का पहला जन्मदिन थैलीसीमिया बच्चों के लिए रक्तदान शिविर आयोजित कर मनाया। बसन्त विहार निवासी श्वेतांक ने बताया कि वे स्वैच्छिक रक्तदान करते हुए थेलिसिमिक बच्चों का दर्द देख उनको बेटे जैसी खुशियां देने का संकल्प किया।

उन्होंने सहयोगी नीरज सिंह के साथ मिलकर 13 फरवरी को रक्तदान शिविर लगाया, जिसमे कुछ ही समय में 36 यूनिट रक्तदान कर साथियों ने बेटे वेद को जन्मदिन का अनमोल तोहफा दिया। पत्नी व परिजनों ने कहा कि बर्थडे पार्टी से अच्छा है कि अपने बच्चों का जन्मदिन जरूरतमंद बच्चों के बीच मनाया जाए। शिविर में समाजसेवी हिम्मतसिंह हाड़ा ने कहा कि इस अनूठी पहल से बच्चों को प्रेरणा मिलेगी।

जन्मदिन मनाने का यह तरीका प्रशंसनीय है। शिविर में रक्तदान मदद ग्रुप, आरजे ब्लड हेल्प लाइन व नीरज सिंह टीम ने सहयोग किया। रक्तदाता समूह के कॉर्डिनेटर जय गुप्ता ने बताया कि जनवरी में झालावाड़ जिले के खानपुर से एमबीएस ब्लड बैंक, कोटा में थैलीसीमिया बच्चों की मदद के लिए 95 यूनिट रक्त भेजा गया था।

सभी रक्तवीर सोशल मीडिया के माध्यम से इस मिशन से जुड़े हुए हैं। हाड़ौती अंचल में किसी गरीब रोगी को रक्त की कमी से नही जुझना पड़ता है। मोबाइल एवम वाट्सअप ग्रुप से स्वेच्छिक़ रक्तसेवा 24 घन्टे अनवरत चालू रहती है।

550 थैलीसीमिया बच्चों को मिलता है रक्त : एमबीएस ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ एच एल मीणा ने बताया कि सरकारी ब्लड बैंक में सर्वाधिक 600 थेलिसिमिया बच्चों का रजिस्ट्रेशन है, जिसमे से प्रतिमाह 550 से अधिक थेलेसिमिया बच्चोँ को रक्त चढ़ाया जा रहा है। सरकारी ब्लड बैंक में 1 से 18 वर्ष उम्र के बच्चे अभिभावकों के साथ जयपुर, सवाईमाधोपुर, निवाई सहित दूरदराज से यह आस लेकर आते हैं कि वे रक्त चढ़ाकर शाम को घर लौट जाएंगे।

कुछ वर्ष पहले यहां सप्ताह में 2 दिन थेलिसिमिया बच्चों को रक्त दिया जाता था, लेकिन पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ने से अब रोज रक्त चढ़ाया जाता है। एमबीएस ब्लड बैंक में स्टोरेज क्षमता 2500 यूनिट की है लेकिन 35 दिन तक ही रक्त शुद्ध रहने से 1000 यूनिट रक्त संग्रह किया जाता है।

इसमे थैलेसीमिया बच्चों को रक्त मुहैया कराने में सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। कोटा में स्वेच्छिक़ रक्तदान के लिए जन-जागरूकता होने से किसी जरूरतमंद को खाली हाथ नही लौटना पड़ता है।