Friday, July 17, 2026
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पीएनबी fraud: क्या बैंकों में सुरक्षित है आपका पैसा?

नई दिल्ली। पीएनबी धोखाधड़ी के बाद सबके मन में यह सवाल घूम रहा है कि कहीं बैंक में जमा उनकी रकम हमेशा के लिए डूब तो नहीं जाएगी। पिछले दिनों अफवाह उड़ी थी कि ऐसा नियम बनने जा रहा है जिससे बैंकों में जमा आम आदमी के रकम की गारंटी सरकार की नहीं होगी।

जाहिर है, लोग काफी डर गए थे, लेकिन सरकार के खंडन के बाद लोग थोड़ा निश्चिंत हुए हैं। अब पीएनबी धोखाधड़ी के बाद लोगों को एक बार फिर डर सता रहा है कि धोखाधड़ी की वजह से अगर बैंक डूब जाए तो खून-पसीने के कमाए उसके पैसे की गारंटी कौन लेगा।

एक लाख तक की चिंता नहीं
बैंकिंग मामलों के जानकार मनीष शाह कहते है,’बैंक में जमा 1 लाख रुपये तक की रकम इंश्योर्ड है। इसके अलावा जो पैसा है, वह किसी भी लॉ के तहत गारंटीड नहीं है।

वैसे, आमतौर पर बैंकों में जमा लोगों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि कोई भी सरकार और रिजर्व बैंक किसी भी बैंक को फेल होने नहीं देती। आमतौर पर मजबूत बैंक भी कमजोर बैंक को सहारा दे देता है।’

मार्केट के जानकार एस. पी. तुलसियान कहते हैं,’भले ही कोई बैंक कितना भी छोटा क्यों न हो, उसमें जमा आपके पैसे की सुरक्षा करने के लिए सरकार होती है। कोई भी सरकार किसी बैंक को फेल नहीं होने देती क्योंकि बैंक के फेल होने की राजनीतिक कीमत बहुत ज्यादा है।’

नए बिल का फेर
वर्तमान में डिपॉजिटर्स इंश्योरेंस स्कीम, जिसके अंतर्गत 1 लाख रुपये तक आपका पैसा बैंक में सुरक्षित है, उसके तहत सभी बैंक, कमर्शल, रीजनल, रूरल को-ऑपरेटिव बैंक आते हैं।

प्रस्तावित एफआरडीआई बिल सुझाता है कि बेल-इन-प्रविजन में बहुत जरूरत होने पर बैंक अपनी लायबिलिटी का कैंसलेशन करता है तो इस हद में बैंक डिपॉजिटर्स का पैसा भी आ सकता है। लेकिन इस पर विवाद के कारण इसको अभी रिव्यू के लिए भेज दिया गया है।

 नया बिल आता है तो यह कितना सुरक्षित होगा?
वर्तमान बिल की जगह अगर यह नया बिल आकर लेता है तो यह कितना सुरक्षित होगा? इसके जवाब में फिनसेक लॉ अडवाईजर्स के मैनेजिंग पार्टनर कहते हैं, ‘वर्तमान इंश्योरेंस स्कीम नए बिल में समाहित होगी और 1 लाख रुपए का डिपॉजिट इंश्योरेंस डिपॉजिट जारी रहेगा।

जहां तक बाकी डिपाजिट का सवाल है तो वह भी सुरक्षित माना जाना चाहिए क्योंकि किसी भी कमर्शल बैंक को पिछले 70 साल में बर्बाद नहीं होने दिया गया है। यही सॉवरिन गारंटी नए बिल की आत्मा में भी है।

आखिर नए प्रपोज्ड बिल में ऐसा किया गया है जिसे लेकर इतनी चिंता है। सूत्रों के अनुसार जैसे ही कोई फाइनैंशल सर्विस कंपनी, जिसमें बैंक भी हैं, क्रिटिकल कैटिगरी में आएगी, उसका प्लान तैयार किया जाएगा। इसके तहत बैंक की लायबिलिटी को कैंसल करने जैसे स्टेप्स भी शामिल हैं।

इस बेल-इन-क्लॉज में डिपॉजिटर्स का पैसा भी जद में आ सकता है। वैसे कस्टमर्स का पैसा 5वें नंबर की लायबलिटी है और ऐसा होना संभव नहीं लेकिन लोगों की चिंता को देखकर इसको ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

21 में से 17 राज्यों में लिंगानुपात गिरा, राजस्थान में 32 प्वाइंट की कमी

नई दिल्ली/जयपुर। देश के 21 बड़े राज्यों में से 17 राज्यों में जन्म के समय लिंगानुपात में गिरावट दर्ज की गई है। गुजरात मे गिरावट 53 पॉइंट नीचे पहुंच गई है। वहीं राजस्थान में 32 प्वाइंट की कमी आई है नीति आयोग द्वारा जारी इस रिपोर्ट में भ्रूण का लिंग परीक्षण कराकर होने वाले गर्भपात के मामले में जांच की जरूरत पर जोर दिया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, जन्म के समय लिंगानुपात मामले में 10 या उससे ज्यादा पॉइंट्स की पर्याप्त गिरावट होने वाले राज्यों में से एक गुजरात में प्रति 1,000 पुरुषों पर 907 महिलाओं का अनुपात अब घटकर 854 हो गया है। यहां वर्ष 2012-14 (आधार वर्ष) से 2013-15 (संदर्भ वर्ष) के बीच 53 पॉइंट्स की गिरावट हुई है।

स्वस्थ राज्य, प्रगतिशील भारत की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात के बाद हरियाणा का स्थान है। यहां 35 पॉइंट्स की गिरावट दर्ज हुई है। इसके बाद राजस्थान (32 पॉइंट्स), उत्तराखंड (27 पॉइंट्स), महाराष्ट्र (18 पॉइंट्स), हिमाचल प्रदेश (14 पॉइंट्स), छत्तीसगढ़ (12 पॉइंट्स) और कर्नाटक (11 पॉइंट्स) की गिरावट हुई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्री कंसेप्शन ऐंड प्री नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम, 1994 को लागू करने और लड़कियों के महत्व के बारे में प्रचार करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने की जरूरत है।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि जन्म के समय लिंगानुपात के मामले में पंजाब में सुधार हुआ है। यहां 19 पॉइंट्स की वृद्धि हुई है। वहीं, उत्तर प्रदेश में 10 पॉइंट्स और बिहार में 9 पॉइंट्स की वृद्धि हुई है।

राजस्थान का लिंग अनुपात
राजस्थान में लिंग अनुपात इसके समग्र विकास और विकास का एक बड़ा संकेत नहीं है। केरल और कर्नाटक जैसे भारत में अन्य राज्यों की तुलना में 1000 पुरुष के 926 महिलाओं की वर्तमान लिंग अनुपात कम है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में सिर्फ 10 जिलों में लिंग अनुपात 900 से अधिक है। वास्तव में पिछले दो दशकों में राजस्थान का लिंग अनुपात घट गया है जो सरकार और एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का कारण बनता है।

भारत-ईरान के बीच एग्रीकल्चर, फॉर्मा सेक्टर समेत 9 समझौते

नई दिल्‍ली। तीन दिन के भारत दौरे पर आए ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच कई अहम मुद्दों पर समझौते हुए।

चाबहार पोर्ट को प्रमुखता देते हुए दोनों देशों के बीच डबल टैक्सेशन से बचने, वीजा नियम आसान करने और प्रत्यर्पण संधि समेत 9 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। बातचीत के बाद संयुक्त बयान में पीएम मोदी ने कहा कि चाबहार पोर्ट पर ईरान के सहयोग का शुक्रिया अदा करता हूं। चाबहार गेटवे के लिए भारत सहयोग करेगा।

भारत-ईरान के बीच ये 9 करार
1. डबल टैक्सेशन और टैक्स सेविंग के लिए पैसे बाहर भेजने की रोकथाम के लिए समझौता।
2. डिप्लोमैटिक पासपोर्टधारकों को वीजा में छूट के लिए एमओयू।
3. एक्स्ट्राडीशन ट्रीटी (प्रत्यर्पण संधि) का लागू करने के लिए समझौता।
4. चाबहार पोर्ट के पहले फेज के लिए समझौता।
5. ट्रेडिशनल सिस्टम और मेडिसिन में सहयोग के लिए समझौता।
6. आपसी व्यापार को बढ़ाने के लिए समझौता।
7. एग्रीकल्चर और उससे जुड़े सेक्टर में सहयोग के लिए समझौता।
8. स्वास्थ्य-दवाओं के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता।
9. पोस्टल सहयोग के लिए एमओयू।

‘चाबहार गेटवे के लिए भारत सहयोग करेगा’
इस मौके पर पीएम मोदी ने ईरान का शुक्रिया अदा किया है। उन्‍होंने कहा कि चाबहार पोर्ट को डेवलप करने के लिए लीडरशिप देने पर मैं ईरान का शुक्रिया अदा करता हूं। चाबहार गेटवे के लिए भारत सहयोग करेगा।

पड़ोसियों को आतंक से मुक्त देखना चाहते हैं भारत-ईरान
-ज्वाइंट स्टेटमेंट में नरेंद्र मोदी ने कहा- “मैं 2016 में तेहरान गया था और अब जब आप (रुहानी) यहां आए हैं तो इससे हमारे रिश्ते गहरे और मजबूत हुए हैं।”
– “दोनों देश पड़ोसी अफगानिस्तान को सुरक्षित और समृद्ध देखना चाहते हैं। हम अपने पड़ोसियों को आतंक से आजाद देखना चाहते हैं।”

रुहानी ने कहा- भारत का शुक्रिया
– इसके बाद, रुहानी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, हमें भारत सरकार से काफी प्यार मिला और इसके लिए मैं यहां के लोगों और सरकार का शुक्रिया अदा करता हूं। दोनों देशों के रिश्ते कारोबार और व्यापार से बहुत आगे हैं। ये इतिहास से जुड़ा है। परिवर्तन और अर्थव्यवस्था इन 2 महत्वपूर्ण मुद्दों पर हमारी राय एक है। हम दोनों देशों के बीच रेलवे संबंध भी शुरू करना चाहते हैं। दोनों देश चाबहार पोर्ट के विकास में भी शामिल हैं। बता दें कि रूहानी के तीन दिवसीय दौरे का शनिवार को आखिरी दिन रहा।

इससे पहले रुहानी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी मिले। राष्ट्रपति भवन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी दी।

चाबहार होगा ट्रांजिट रूट
– रुहानी शुक्रवार को हैदराबाद की मक्का मस्जिद में नमाज अदा करने पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने कहा था कि ईरान का चाबहार बंदरगाह भारत के लिए (पाकिस्तान से गुजरे बगैर) ईरान और अफगानिस्तान, मध्य एशियाई देशों के साथ यूरोप तक ट्रांजिट रूट खोलेगा।

ईरान भारत के साथ तेल साझा करने को तैयार
– उन्होंने यह भी कहा कि ईरान तेल और नेचुरल गैस रिसोर्स के मामले में अमीर है। इसलिए वह भारत की तरक्की के लिए अपने नेचुरल रिसोर्सेज साझा करने को तैयार है।
– इसके अलावा रुहानी ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए वीजा नियमों में ढील देने की भी मंशा जाहिर की।

सिटी यूनियन बैंक के साथ फ्रॉड, SWIFT के जरिए 13 करोड़ का लगाया चूना

नई दिल्‍ली। देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक PNB के बाद अब प्राइवेट सेक्‍टर के सिटी यूनियन बैंक के साथ फ्रॉड का मामला सामने आया है। सिटी यूनियन बैंक ने बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज को की गई फाइलिंग में यह जानकारी दी है। बैंक ने कहा कि उसे 12.8 करोड़ की तीन धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा है।

PNB की तरह हुआ फ्रॉड
पंजाब नेशनल बैंक की तरह सिटी यूनियन बैंक के खातों में भी इन रेमिटेंड की कोई एंट्री नहीं हुई और SWIFT फाइनेंशि‍यल सि‍स्‍टम के माध्‍यम से रुपयों के ट्रांसफर का मैसेज आगे बढ़ा दि‍या गया।

-फाइलिंग में बैंक ने बताया, पड़ताल के दौरान हमने 7 फरवरी को पाया कि‍ हमारे स्‍विफ्ट सिस्‍टम से तीन फर्जी रेमि‍टेंस हुए थे। ये हमारी ओर से नहीं कि‍ए गए थे, इसलि‍ए हमने तत्‍काल इसकी सूचना उन संबंधि‍त बैंकों को देते हुए तुरंत फंड को वापस लेने को कहा।

– इन तीन रेमिटेंस में से एक स्‍टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, न्‍यूयॉर्क के माध्‍यम से दुबई के बैंक के लि‍ए हुआ था। यह कुल 5 लाख डॉलर का था। इसे ब्‍लॉक करने के बाद पैसा सि‍टी यूनि‍यन बैंक ने तुरंत वापस ले लि‍या। बैंक ने कहा कि‍ रकम अन्‍य बैंकों ने ट्रांसफर की थी, जबकि हमने इसके लि‍ए आग्रह नहीं कि‍या था।

– दूसरा ट्रांसफर 3 लाख यूरो का था, जो फ्रैंकफर्ट के स्‍टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक की ओर से तुर्की के एकाउंट में कि‍या गया था और तीसरा ट्रांसफर 10 लाख डॉलर का था जो न्‍यूयॉर्क के बैंक ऑफ अमेरि‍का के एकाउंट से चीन के बैंक को कि‍या गया।

– बैंक ने कहा कि वह वि‍देश मंत्रालय और तुर्की व चीन के अधि‍कारि‍यों के साथ इस फ्रॉड की जड़ तक जाने के लि‍ए काम रहा है। इस घटना ने SWIFT नेटवर्क की सुरक्षा को लेकर सवालि‍या नि‍शान लगा दि‍ए हैं।

क्‍या होता है SWIFT
स्‍विफ्ट की फुल फॉर्म होती है Society for Worldwide Interbank Financial Telecommunications. यह एक तरह का संदेश भेजने और प्राप्‍त करने वाला नेटवर्क है जि‍सका इस्‍तेमाल दुनि‍याभर के बैंक और फाइनेंशि‍यल सेवाएं देने वाली अन्‍य संस्‍थाएं करती हैं। इनके माध्‍यम से पेमेंट बहुत तेज हो जाती है। हर बैंक को उसका एक SWIFT कोड़ मि‍लता है, जि‍ससे उसकी पहचान होती है।

उदाहरण से समझें
मान लें आपका खाता दि‍ल्‍ली में स्‍टेट बैंक में है और आपको तुरंत अमेरि‍का के कि‍सी बैंक में खाता रखने वाले अपने जानकार को कुछ रुपए भेजने हैं तो आप इसके लि‍ए अपने बैंक से आग्रह कर सकते हैं। आपका स्‍टेट बैंक पेमेंट ट्रांसफर स्‍विफ्ट मैसेज उस अमेरि‍की बैंक को भेज देगा, जिसमें आपके जानकार का एकाउंट है। उस बैंक को आने वाले पैसों के बारे में जैसी ही स्‍विफ्ट संदेश मि‍ल जाएगा वह आपके जानकार के एकाउंट में रुपए क्रेडि‍ट कर देगा।

पीएनबी Fraud : बैंकों को 17,600 करोड़ का नुकसान संभव

डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी को सीबीआई की कोर्ट में पेश किया गया

मुंबई। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के घोटाले का असर दूसरे बैंकों पर भी हुआ है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के एक अफसर ने बताया कि भारतीय बैंकों को लगभग 17, 600 करोड़ रूपए का नुकसान होने की आशंका है। इसमें पीएनबी का 11,356 करोड़ भी शामिल है। इससे पहले इस मामले में शनिवार को पहली गिरफ्तारी हुई। सीबीआई ने बैंक के पूर्व डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी समेत 3 लोगों को अरेस्ट किया।

बाद में इन्हें सीबीआई की कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने इन्हें 3 मार्च तक की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया। इन पर हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीताजंलि ग्रुप के मालिक मेहुल चौकसी को बगैर बैंक गारंटी लोन देने का आरोप है।  बता दें कि घोटाला सामने आने के पहले ही नीरव और मेहुल अपने परिवार के साथ देश छोड़कर भाग गए हैं।

इस पूरे मामले को 11 प्वाइंट्स में समझें
Bankars1)बैंकों को 17,600 करोड़ का नुकसान
-इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के एक अफसर के हवाले से न्यूज एजेंसी ने बताया कि पीएनबी को दिए लोन्स और कॉरपोरेट गारंटी की वजह से बाकी बैंकों को कम से कम 2.74 बिलियन (करीब 17,600 करोड़ रूपए) का नुकसान होगा। मार्च 2017 तक अलग-अलग बैंकों ने लोन और गारंटी के तौर पर नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को इतनी ही रूपए की गारंटी दी थी।

2 ) सीबीआई ने किन्हें अरेस्ट किया?
– सीबीआई ने डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी, बैंक के सिंगल विंडो ऑपरेटर मनोज खरत और नीरव मोदी फर्म के ऑथराइज्ड सिग्नेटरी हेमंत भट्ट को गिरफ्त में लिया है। इन्हें मुंबई के अलग-अलग इलाकों से अरेस्ट किया गया।
– एफआईआर में दिए शेट्टी के पते के मुताबिक वह मुंबई के बोरीवली में रहता था। हालांकि मीडिया में इनके तीन से ज्यादा घर होने की बात सामने आ रही है। शेट्टी पिछले साल मई में बैंक से डिप्टी मैनेजर के पद से रिटायर हुआ था।
– उधर, मनोज खरत के पिता हनुमंत खरत ने मीडिया को बताया कि मनोज ने 2014 में क्लर्क की पोस्ट पर पीएनबी ज्वाइन की थी। पिता का कहना है कि इसे बलि का बकरा बनाया जा रहा है। परिवार मुंबई के पास कर्जत में रहता है।

3) इन पर क्या आरोप हैं?
-जांच एजेंसियों के हवाले से न्यूज एजेंसी ने बताया- ” मार्च 2010 से बैंक के फॉरेक्स डिपार्टमेंट में काम कर रहे डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी ने विंडो ऑपरेटर मनोज खरत नाम के साथ मिलकर नीरव की कंपनियों को फर्जी तरीके से LoU (लेटर ऑफ अंडरटेकिंग) दिया। यह हेराफेरी पकड़ में न आए, लिहाजा बैंक रिकॉर्ड में इसकी एंट्री भी नहीं की गई थी। बाद में इन्हीं जाली LoU के आधार पर एक्सिस और इलाहाबाद जैसे बैंकों की विदेशी शाखाओं ने बैंक को डॉलर में लोन दिए थे।
– इन लोन का इस्तेमाल बैंक के NOSTRO अकाउंट्स की फंडिंग के लिए किया गया था। इन एकाउंट्स से फंड को विदेश में कुछ फर्मों के पास भेजा गया, जो नीरव मोदी की कंपनी से ताल्लुक रखती थीं। बता दें कि LoU ये पुराने समय की हुंडी की तरह है, जिसके जरिए गारंटी लेकर क्लाइंट को दूसरी जगहों पर बड़ी रकम हासिल करने की सुविधा दी जाती थी।

4) सीबीआई ने किन मामलों पर कार्रवाई की है?
-न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सीबीआई ने ये गिरफ्तारियां नीरव मोदी, उसकी कंपनियों और उसके मामा मेहुल चौकसी के खिलाफ 31 जनवरी को दर्ज हुई एफआईआर के आधार पर की गई हैं। एफआईआर में 280 करोड़ रुपए के आठ फर्जी लेन-देन का जिक्र है, लेकिन बैंक की शिकायतों के आधार पर अब सीबीआई कह रही है यह लेनदेन 6498 करोड़ का है, जिसकी वह जांच कर रही है। इसके लिए शेट्टी और खरत ने 150 LoU जारी किए थे।
– इसके अलावा 4886 करोड़ के 150 LoU गीतांजलि ग्रुप की कंपनियों के लिए जारी किए गए थे। सीबीआई ने इस बारे में मेहुल चौकसी और उसकी कंपनियों- गीतांजलि जेम्स, नक्षत्र ब्रांड और गिली के खिलाफ दूसरी एफआईआर शुक्रवार को दर्ज की थी। बैंक अफसरों ने ये सभी LoU 2017-18 में जारी या रिन्यू किए थे।

5) पूरा मामला क्या है?
– पंजाब नेशनल बैंक ने पिछले दिनों सेबी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को 11,356 करोड़ रुपए के घोटाले के जानकारी दी थी। घोटाले को पीएनबी की मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में अंजाम दिया गया। शुरुआत 2011 से हुई। 7 साल में हजारों करोड़ की रकम फर्जी लेटर ऑफ अंडरस्टैंडिंग (LoUs) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई।

6) घोटाले के मुख्य आरोपी कौन हैं?
– हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि ग्रुप्स के मालिक मेहुल चौकसी। इन दोनों ने गोकुलनाथ शेट्टी के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया।

7) अब तक क्या कार्रवाई हुई?
– नीरव मोदी और मेहुल के पासपोर्ट सस्पेंड कर दिए गए हैंं। विदेश में इनके शोरूम को बंद रखने के लिए कहा है। ईडी ने नीरव और मेहुल को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत 23 फरवरी को तलब किया है। नोटिस कंपनी डायरेक्टरों को दिए गए।
– भारतीज जांच एजेंसियों ने नीरव और परिवार का पता लगाने के लिए इंटरपोल से भी मदद मांगी है। क्योंकि नीरव और उसका भाई निशाल 1 जनवरी को भारत छोड़कर चले गए थे। मेहुल 4 जनवरी को गया था।
– इनके विदेशी अकाउंट्स भी बंंद करने की कोशिश जांच एजेंसियां कर रही हैं।

8) कहां-कहां छापे मारे गए, कितनी प्रॉपर्टी जब्त?
-शुक्रवार को 4 एजेंसियों ने कार्रवाई की। ईडी ने 35 और सीबीआई ने 26 जगह छापे मारे। 549 करोड़ के हीरे और ज्वेलरी जब्त की गई।
– इससे पहले गुरुवार को ईडी ने नीरव मोदी के घर समेत करीब 10 ठिकानों पर रेड की। इनमें सूरत में 4, मुंबई में 4 और दिल्‍ली में 2 ठिकाने शामिल हैं। इस छापेमारी में लगभग 5100 करोड़ रुपए की एसेट सीज की थी।
– ईडी ने शनिवार को देश में 21 ठिकानों पर छापे मारे। इस दौरान 25 करोड़ रुपए के और हीरा, सोना और ज्वेलरी जब्त की।
– कुल मिलाकर अब तक 5674 करोड़ के हीरे-ज्वेलरी और प्रॉपर्टी जब्त की गई।
– ब्लैक मनी पर नए कानूनों के तहत नीरव की विदेश में अघोषित संपत्ति को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नीरव मोदी की 29 प्रॉपर्टी और 105 अकाउंट्स अटैच किए गए हैं।

9) विदेश मंत्रालय का क्या कहना है?
– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीरव मोदी न्यूयॉर्क में है। हालांकि, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा- उसका ठिकाना पता नहीं। पर वह जहां भी होगा, वहां से भाग नहीं सकता।
– बताया जा रहा है कि नीरव अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क की एक होटल में ठहरा हुआ है। इसका एक सुइट 90 दिन के लिए बुक किया गया है। इसका एक दिन का किराया 75000 रुपए है। इस हिसाब से 90 दिन का किराया 67.5 लाख रुपए होगा।

10) नीरव के अलावा किन पर केस?
– 280 करोड़ के फ्रॉड केस में ED ने नीरव मोदी की पत्नी एमी, भाई निशाल, मेहुल चीनूभाई चौकसी, डायमंड कंपनी के सभी पार्टनर्स, सोलर एक्सपर्ट्स, स्टेलर डायमंड और बैंक के दो अफसरों गोकुलनाथ शेट्टी (अब रिटायर्ड) और मनोज खरत के खिलाफ केस दर्ज किया है।

11) पूर्व बैंक अफसर का दावा: एनडीए सरकार में बढ़ा घोटाला
– इलाहाबाद बैंक के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रह चुके दिनेश दुबे का दावा है कि घोटाला यूपीए सरकार के वक्त से जारी है। एनडीए सरकार में यह 10 से 50 गुना बढ़ गया। गीतांजलि जेम्स को गलत तरीके से कर्ज देने का विरोध करने पर इस्तीफा देना पड़ा था। 2013 में सरकार और आरबीआई को डिसेन्ट नोट भेजने पर आदेश मिला कि लोन देना है। वित्त सचिव ने दबाव बनाया था।

लिवाली के अभाव में धान पूसा-1और उड़द मंदा रहा

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में शनिवार को माल की कुल आवक 30 हजार बोरी, लहसुन की आवक 1000 हजार कट्टे की रही। लिवाली के अभाव में धान पूसा-1का भाव 50 रुपये, उड़द 100 रुपये मंदा रहा। 

गेहूं मिल 1600 से 1675 लोकवान 1600 से 1700 पीडी 1600 से 1700 टुकडी 1675 से 1730 रुपये प्रति क्विंटल रहे। धान सुगंधा 2600 से 2820 पूसा-1 2500 से 2875 पूसा-4 (1121) 2500 से 3370 धान (1509) 2000 से 3100 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

सोयाबीन 2400 से 3675 सरसो 3100 से 3700 तिल्ली 6000 से 7800 मैथी 2000 से 2850 धनिया बादामी 3800 से 4200 ईगल 4000 से 4300 रंगदार 5000 से 5500 धनिया नया 3000 से 6100 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

मूंग 3300 से 4000 उडद 2400 से 3500 चना 3000 से 3730 चना काबुली 6000 से 9000 चना पेपसी 3400 से 3600 चना मौसमी 3000 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

मसूर 3000 से 3400 ग्वार 3000से 4050 मक्का 1000 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल रहे। लहसुन 200 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल रहे। 

कमजोर वैश्विक संकेतों से फीकी पड़ी सोने की चमक, जानिए क्या रहे दाम

नई दिल्ली/कोटा। स्थानीय आभूषण विनिर्माताओं की मांग घटने तथा कमजोर वैश्विक संकेतों से सोना शनिवार को 70 रुपये टूटकर 31,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। हालांकि, औद्योगिक इकाइयों तथा सिक्का विनिर्माताओं का उठाव बढ़ने से चांदी 370 रुपये चढ़कर 39,750 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

राष्ट्रीय राजधानी में सोना 99.9 फीसदी और 99.5 प्रतिशत शुद्धता का भाव 70 रुपये टूटकर क्रमश: 31,750 रुपये और 31,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। पिछले दो दिन में सोना 520 रुपये चढ़ा था। गिन्नी के भाव हालांकि, 24,800 रुपये प्रति आठ ग्राम पर कायम रहे।

दूसरी ओर चांदी हाजिर 370 रुपये के लाभ से 39,750 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। साप्ताहिक डिलीवरी चांदी का भाव 25 रुपये के लाभ से 38,665 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। चांदी सिक्का लिवाल 1,000 रुपये चढ़कर 75,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर पहुंच गया। बिकवाल भी 1,000 रुपये के लाभ से 76,000 रुपये प्रति सैकड़ा रहा।

सर्राफा कारोबारियों ने कहा कि स्थानीय आभूषण विनिर्माताओं तथा खुदरा व्यापारियों की मांग घटने तथा वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख से सोने में गिरावट आई। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना 0.50 प्रतिशत टूटकर 1,346.50 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

स्थानीय आभूषण विनिर्माताओं की मांग घटने तथा कमजोर वैश्विक संकेतों से सोना शनिवार को 70 रुपये टूटकर 31,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। हालांकि, औद्योगिक इकाइयों तथा सिक्का विनिर्माताओं का उठाव बढ़ने से चांदी 370 रुपये चढ़कर 39,750 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

राष्ट्रीय राजधानी में सोना 99.9 फीसदी और 99.5 प्रतिशत शुद्धता का भाव 70 रुपये टूटकर क्रमश: 31,750 रुपये और 31,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। पिछले दो दिन में सोना 520 रुपये चढ़ा था। गिन्नी के भाव हालांकि, 24,800 रुपये प्रति आठ ग्राम पर कायम रहे।

वहीं दूसरी ओर चांदी हाजिर 370 रुपये के लाभ से 39,750 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। साप्ताहिक डिलीवरी चांदी का भाव 25 रुपये के लाभ से 38,665 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। चांदी सिक्का लिवाल 1,000 रुपये चढ़कर 75,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर पहुंच गया। बिकवाल भी 1,000 रुपये के लाभ से 76,000 रुपये प्रति सैकड़ा रहा।

सर्राफा कारोबारियों ने कहा कि स्थानीय आभूषण विनिर्माताओं तथा खुदरा व्यापारियों की मांग घटने तथा वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख से सोने में गिरावट आई। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना 0.50 प्रतिशत टूटकर 1,346.50 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

कोटा सर्राफा
चांदी 39500 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 31500 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 36740 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 31650 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 36920 रुपये प्रति तोला।

अन्ना हजारे के कार्यक्रम के पोस्टर, बैनर का विमोचन, 23 को कोटा आएंगे

कोटा। देश में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ जन लोक पाल आंदोलन के प्रणेता समाज सेवी अन्ना हजारे 23 फरवरी को कोटा में किसानों युवाओं और बुद्विजीवी गणमान्य लोगों को संबोधित करेंगे। इस संदर्भ में आयोजन समिति की बैठक में शनिवार कोइंजीनियर्स भवन में समिति के सदस्यों ने सामूहिक रूप से पोस्टर, बैनर, पत्रकों का विमोचन किया।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. गोपाल सिंह एवं हाड़ौती किसान यूनियन के महामंत्री दशरथ कुमार ने बताया कि बताया कि अन्ना हजारे 23 फरवरी को सुबह 9.30 बजे कॅरियर कोचिंग संस्थान के ऑडिटोरियम में युवा स्वावलम्बन ,आत्म विश्वास आदि विषयों पर छात्रों से रूबरू होंगे।

इसके बाद अन्ना हजारे 11.30 से 12.30 बजे तक झालावाड़ रोड़ पर इंजीनियर्स भवन पर जल संरक्षण एवं चम्बल शुद्धिकरण आदि विषयों पर शहर के गणमान्य प्रबुद्ध वर्ग को संबोधित करेंगे। दोपहर में चम्बल लघु औद्यागिक क्षेत्र डीसीएम रोड़ फ्लाईओवर के पास विशाल जन सभा को संबोधित करेंगे। शाम 6 बजे हाड़ौती किसान यूनियन की ओर से गुडली में आयोजित ग्राम सभा में किसानों का मार्गदर्शन करेंगे।

प्रवक्ता बृजेश विजयवर्गीय ने बताया कि बैठक में इंजीनियर्स इंस्टीट्यूट के चेयरमेन सीकेएस परमार, कोटा सिटीजन काउंसिल के अध्यक्ष एलसी बाहेती, गायत्री परिवार के मुख्य ट्रस्टी जीडी पटेल, आरएपीपी के पूर्व स्थल निर्देशक सीपी झाम्ब, किसान नेता विनोद पुरोहित, साहित्यकार पुरूषोत्तम पंचोली, शिक्षविद् डॉ गोपाल धाकड़, सीमा घोष ने अपने सुझाव दिए। 

इनके अलावा सुझाव देने वालों में  राष्ट्रीय युवा योजना की समन्वयक निधि प्रजापति, कोटा एनवायरमेंट सेनीटेशन सोसायटी की डॉ सुसेन राज, जल बिरादरी व शेर संस्था के मुकेश सुमन, किसान नेता लक्ष्मीनारायण श्रृंगी, राम गोपाल मीणा,  पर्यावरणप्रेमी बहादुर सिंह, इंडिया अगेंस्ट करप्शन के संयोजक विजय पालीवाल, संवेदना सेवा समिति के डॉ. आरसी साहनी, आदि भी शामिल थे। 

दशरथ कुमार ने बताया कि स्वागत समिति का विस्तार किया जाएगा। शहर के अनेक गणमान्य लोग समिति से जुड़ना चाहते है। अन्ना 23 फरवरी को सीएडी सर्किल स्थित अन्ना चौक भी जायेंगे,जहाँ 4 वर्ष पूर्व भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन छेड़ा गया था।

PNB और गीतांजली जेम्स के शेयर्स की जांच शुरू

नई दिल्ली । पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी मामले में विभिन्न एजेंसियां एक के बाद एक हरकत में आ रही हैं। शुक्रवार को पूंजी बाजार नियामक संस्था (भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड सेबी ने कहा कि उसने पीएनबी व गीतांजलि जेम्स के शेयरों की ट्रेडिंग व डिसक्लोजर जैसे मुद्दों समेत अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले अन्य नजरिये से जांच शुरू कर दी है।

दूसरी तरफ ऑडिटर्स की सर्वोच्च संस्था इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आइसीएआइ) ने भी कहा है कि वह पीएनबी मामले में संबंधित बैंकों और कंपनियों के ऑडिटर्स की भूमिका की जांच करेगा। सेबी ने एक बयान में कहा कि संस्था शेयर बाजार में सर्वोच्च स्तर के आचरण और निष्ठा के लिए प्रतिबद्ध है। जो कोई भी इसका उल्लंघन करता पाया जाएगा, नियामक उसके खिलाफ कठोर कदम उठाएगा।

गौरतलब है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने वर्ष 2013 में गीतांजलि जेम्स के शेयरों की खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी पकड़ी थी। उसके बाद एनएसई ने उसी वर्ष जुलाई 2013 में कंपनी के प्रमोटर मेहुल चोकसी और अन्य को गीतांजलि जेम्स के शेयरों में कारोबार करने पर रोक लगा दी थी।

सेबी समेत देश के शेयर बाजारों ने पीएनबी धोखाधड़ी के मास्टरमाइंड अरबपति ज्वैलरी कारोबारी नीरव मोदी और चोकसी समेत उससे संबंधित अन्य सभी लोगों के सभी कंपनियों में शेयरों की खरीद-फरोख्त का विश्लेषण शुरू कर दिया है। गीतांजलि जेम्स द्वारा कंपनी की महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में शेयर बाजारों को जानकारी नहीं देने जैसी घटनाओं की जांच भी सेबी कर रहा है।

इसी हफ्ते गीजांजलि जेम्स के निदेशक बोर्ड की बैठक होने वाली थी, जिसे शेयर बाजारों को पर्याप्त कारण बताए बिना कंपनी ने टाल दिया था। इस बीच, आइसीएआइ ने भी कहा है कि वह पीएनबी धोखाधड़ी में बैंक के ऑडिटर्स की भूमिका की जांच करेगी। संस्था यह देखेगी कि इस पूरे मामले में ऑडिटर्स की तरफ से तो कोई अनदेखी नहीं हुई है। इसके लिए संस्था ने मामले की जांच में जुटी सभी एजेंसियों समेत सेबी से भी सूचनाएं मांगी हैं।

इस मामले की स्वतः संज्ञान लेने वाले आइसीएआइ के प्रेसीडेंट नवीन एन. डी. गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि फाइनेंशियल रिपोर्टिंग रिव्यू बोर्ड (एफआरआरबी) को पंजाब नेशनल बैंक और गीतांजलि जेम्स मामले में स्वतः संज्ञान लेकर समीक्षा प्रक्रिया शुरू करने की सलाह दी गई है। गुप्ता ने कहा कि इंस्टीट्यूट ने पीएनबी, सेबी, प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) को पत्र लिखकर सूचनाएं मांगी हैं।

पीएनबी के खिलाफ समुचित कार्रवाई करेगा आरबीआइ-
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने शुक्रवार को कहा कि वह पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में नियंत्रण तंत्र के मूल्यांकन का काम शुरू कर चुका है और पर्यवेक्षक होने के नाते वह बैंक के खिलाफ उचित कदम कदम उठाएगा। इसके साथ ही आरबीआइ ने उन खबरों को भी झुठलाया है जिनमें कहा गया था कि उसने इस घोटाला मामले में पीएनबी से अन्य बैंकों के साथ लेटर ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एलओयू) की शर्तों का पालन करने के लिए कहा है।

आरबीआइ ने कहा, “पीएनबी में हुई धोखाधड़ी बैंक के एक या अधिक कर्मचारियों की आचरणहीनता से पैदा हुए परिचालन संबंधी जोखिम और बैंक के आंतरिक तंत्र के विफल रहने का नतीजा है। आरबीआइ इसके लिए पहले ही पीएनबी में आंतरिक नियंत्रण तंत्र के मूल्यांकन का काम शुरू कर चुका है और उचित पर्यवेक्षकीय कदम उठाएगा।”

संपत्ति बेचने की तैयारी में पीएनबी-
हजारों करोड़ की धोखाधड़ी से घिरा पीएनबी अपनी कुछ रियल एस्टेट संपत्तियों की बिक्री की तैयारी कर रहा है। मामले से सीधे जुड़े एक सूत्र ने कहा कि इसमें नई दिल्ली स्थित बैंक का एक विशाल ऑफिस स्पेस भी है, जिसकी मौजूदा कीमत लगभग 5,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद बैंक जल्द से जल्द संपत्तियों की बिक्री कर लेना चाहता है।

PNB फ्रॉड: बैंक और फाइनेंस मिनिस्ट्री के अफसर विजिलेंस कमीशन में तलब

नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 11,356 करोड़ के फ्रॉड को लेकर प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के बाद केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) भी सक्रिय हो गया है। देश में बैंकिंग इंडस्ट्री की सबसे बड़ी धोखाधड़ी के मामले में आयोग ने शनिवार को पीएनबी मैनेजमेंट और फाइनेंस मिनिस्ट्री के अफसरों को तलब किया।

बता दें कि सीवीसी एक सेंट्रल बॉडी है, जो देश में भ्रष्टाचार के मामलों पर नजर रखती है। जनवरी के आखिरी हफ्ते में सामने आए बैंक फ्रॉड को लेकर सीबीआई ने 3 एफआईआर दर्ज की हैं।

सीवीसी को प्रजेंटेशन दे सकता है बैंक
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सीसीवी ने बैंक और फाइनेंस मिनिस्ट्री के आला अफसरों को 19 फरवरी (सोमवार) को आयोग के सामने पेश होने को कहा है। सूत्रों की मानें तो पंजाब नेशनल बैंक के एमडी और सीईओ सुनील मेहता सोमवार को आयोग के सामने अपना पक्ष रखेंगे।
– इस दौरान उनके साथ बैंक के चीफ विजिलेंस अफसर (सीवीओ) भी मौजूद रहेंगे। पीएनबी के अफसर 11,356 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में सीवीओ को प्रजेंटेशन भी दे सकते हैं।
– वहीं, फाइनेंस मिनिस्ट्री की ओर से फाइनेंशियल सर्विसेज डिपार्टमेंट के एडिशनल सेक्रेटरी भी सीवीसी के सामने हाजिर हो सकते हैं।

बैंक से विजिलेंस सिस्टम का रिव्यू होगा
– सूत्रों के मुताबिक, सीवीसी के ऑर्डर के बाद शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएनबी मैनेजमेंट और मिनिस्ट्री के सीनियर अफसरों की मीटिंग हुई।
– अब सोमवार को सतर्कता आयोग बैंक के विजिलेंस मॉनिटरिंग सिस्टम का रिव्यू करेगा। इसके बाद इसमें सुधार को लेकर फैसला लिया जा सकता है।
– पीएनबी फ्रॉड को लेकर बैंकिंग एसोसिएशन शनिवार को देश के सभी पब्लिक सेक्टर (पीएसयू) बैंकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग करेगा।

क्या है बैंक फ्रॉड का मामला?
– पंजाब नेशनल बैंक ने पिछले दिनों सेबी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को 11,356 करोड़ रुपए के घोटाले के जानकारी दी थी। घोटाले को पीएनबी की मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में अंजाम दिया गया। शुरुआत 2011 से हुई। 7 साल में हजारों करोड़ की रकम फर्जी लेटर ऑफ अंडरस्टैंडिंग (LoUs) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई।

सीबीआई ने दर्ज कीं 2 एफआईआर
– पीएनबी की ओर से 28 जनवरी को सीबीआई को फ्रॉड की शिकायत मिली। इसके बाद 31 जनवरी को सीबीआई ने पहली और 13 फरवरी को दूसरी एफआईआर दर्ज की। फ्रॉड में हीरा कारोबारी नीरव मोदी, गीतांजलि जेम्स के मालिक मेहुल चौकसी समेत कई कंपनियां के नाम शामिल हैं। नीरव और चौकसी देश छोड़कर भाग चुके हैं।
– देशभर में उनके ठिकानों पर ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की छापेमारी जारी है। शुक्रवार को विदेश मंत्रालय ने नीरव और चौकसी के पासपोर्ट 4 हफ्ते के लिए सस्पेंड कर दिए थे। उनके खिलाफ सीबीआई और इंटरपोल ने नोटिस जारी किया है।