Saturday, July 18, 2026
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PNB फ्रॉड: पीएनबी, गीतांजलि जेम्‍स के ऑडिटर्स को ICAI का नोटिस

नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में हुए करीब 11,400 करोड़ रुपए के घोटाले में इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने भी एक्शन लिया है। आईसीएआई ने पीएनबी और गीतांजलि जेम्‍स के ऑडिटर्स को कारण बताओ नोटिस भेजा है।

इसके अलावा, आईसीएआई ने पीएनबी के डिप्‍टी जनरल मैनेजर को तलब किया है। साथ ही रिजर्व बैंक से सरकारी बैंकों के 2000 करोड़ या इससे ज्‍यादा के बकायेदारों की लिस्‍ट मांगी है। पीएनबी फ्रॉड में सीबीआई, ईडी की तरफ से हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि ग्रुप के खिलाफ कार्रवाई जारी है।

ICAI ने अब तक क्या कार्रवाई की?
1. जांच एजेंसियों, पीएनबी से मांगी डिटेल
आईसीएआई ने 15 फरवरी 2018 को सेबी, सीबीआई, ईडी और पीएनबी को लेटर लिखकर इस फॉड से जुड़े डिटेल जानकारी, रिपोर्ट और जांच के नतीजे उपलब्‍ध कराने को कहा। आईसीएआई ने इस फ्रॉड में यदि किसी सीए और सीए फर्म्‍स के संबंध सामने आए हो तो उनकी जानकारी भी मांगी है।

आईसीएआई ने मिनिस्‍ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स को लेटर लिखकर भी अनुरोध किया है कि वह सेबी, सीबीआई, ईडी और पीएनबी से इस फ्रॉड से जुड़ी जानकारी आईसीएआई से साझा करने के लिए कहे। जिससे कि यदि इस फ्रॉड में किसी सीए को रोल हो तो उसके खिलाफ एक्‍शल लिया जा सके।

2. सेंट्रल ऑडिटर्स को कारण बताओ नोटिस
आईसीएआई ने पीएनबी के सभी सेंट्रल सांविधिक ऑडिटर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसी तरह, पीएनबी की तिमाही समक्षा करने वाले सेंट्रल ऑडिटर्स को भी नोटिस भेजा गया है। इसके अलावा, गीतांजलि जेम्‍स लिमिटेड के ऑडिटर्स को भी आईसीएआई ने कारण बताओ नोटिस भेजा है।

3. पीएनबी के डिप्‍टी जनरल मैनेजर को तलब
आईसीएआई ने पीएनबी के डिप्‍टी जनरल मैनेजर को भी सीए एक्‍ट 1949 के सेक्‍टशन 21सी के तहत समन जारी किया है। डिप्‍टी जनरल मैनेजर को एफआईआर की कॉपी और इस फ्रॉड से जुड़े सभी डॉक्‍यूमेंट लेकर आईसीएआई के सामने पेश होने के लिए कहा है। साथ ही इस फ्रॉड को किस मॉडल के जरिए अंजाम दिया गया इसका ब्‍योरा भी मांगा है।

4. आरबीआई से मांगी बकायेदारों की लिस्‍ट
आईसीएआई ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) को लेटर लिखकर सरकारी बैंकों के 2000 करोड़ या इससे ज्‍यादा के बकायेदारेां की लिस्‍ट मांगी है। आईसीएआई का कहना है कि इस लिस्‍ट के जरिए वह अकाउंटिंग और ऑडिटिंग के नियमों की संभावित अनदेखी की जांच अपने फाइनेंशियल रिपोर्टिंग रिव्‍यू बोर्ड से करा सके।

क्‍या है ICAI ?
द इंस्‍टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) एक सांविधिक बॉडी है। इसका गठन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एक्‍ट 1949 के तहत किया गया है। यह भारत में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के कामकाज का रेग्‍युलेशन करती है। यह इकाई कॉरपोरट अफेयर्स मिनिस्‍ट्री के तहत काम करती है।

गुरुवार को क्या कार्रवाई हुई?
पीएनबी लोन फ्रॉड मामले में आठवें दिन यानी गुरुवार को ईडी ने नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के 100 करोड़ रुपए मूल्य के डिपॉजिट, म्‍यूचुअल फंड, शेयर्स और लग्‍जरी कारें जब्त किए। वहीं, नीरव मोदी बयान दर्ज कराने के लिए ईडी के सामने भी पेश नहीं हुए।

नीरव के ठिकानों से ईडी ने अब तक 5649 करोड़ रुपए के जेवर जब्त किए हैं। उधर, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने हैदराबाद सेज (इस्पेशल इकोनॉमिक जोन) में गीतांजलि ग्रुप की 1200 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच की। वहीं, ईडी नीरव को दोबारा समन भेजने की तैयारी में है।

PNB ने नीरव से मांगा है ठोस रिपेमेंट प्‍लान
उधर, पीएनबी ने नीरव मोदी से लोन रिपेमेंट के लिए के ठोस प्‍लान के साथ सामने आने को कहा है। PNB ने नीरव के ईमेल का जबाव देते हुए कहा है कि आपने गलत तरीके से 11400 करोड़ रुपए एलओयू जारी कराए हैं। यह काम आपने बैंक के कर्मचारियों के साथ मिलीभगत से किया है।

बैंक ने कभी भी आपकी तीनों पार्टनर कंपनियों को एलओयू जारी नहीं किया है। वहीं बैंक ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि उसके पास अपनी जिम्‍मेदारी को पूरा करने के लिए पर्याप्‍त एसेट है। बता दें, नीरव ने अपने मेल में बैंक पर आरोप लगाया था आपके अति उत्‍साह ने सारे रास्‍ते बंद कर दिए हैं। इससे कंपनी की ब्रॉड वैल्‍यू खराब हुई है। इसके चलते यह मामला निपटाने के सारे रास्‍ते बंद हो चुके हैं।

कैसे सामने आया PNB घोटाला?
पंजाब नेशनल बैंक ने पिछले दिनों सेबी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को 11,356 करोड़ रुपए के घोटाले के जानकारी दी थी। घोटाला पीएनबी की मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में हुआ। शुरुआत 2011 से हुई। 8 साल में हजारों करोड़ की रकम फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (एलओयू) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई। इस घोटाले के मुख्‍य आरोपी 2016 और 2017 में फोर्ब्स की अमीर भारतीयों की लिस्ट में शामिल नीरव मोदी है।

मोदी का मामा और गीतांजलि जेम्‍स का मालिक मेहुल चौकसी भी आरोपी है। ग्रुप की तीन कंपनियों गीतांजलि जेम्स, गिली इंडिया और नक्षत्र के खिलाफ फ्रॉड केस दर्ज हुए हैं। सीबीआई और ईडी की तरफ से नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के भारत में घरों, फॉर्म हाउस, स्‍टोर्स पर छापेमारी और जब्‍ती की कार्रवाई जारी है।

PNB फ्रॉड: नीरव के 44 करोड़ के बैंक डिपॉजिट, इम्पोर्टेड वॉच, शेयर जब्त

नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में हुए 11,356 करोड़ रुपए के घोटाले में 9वें दिन भी कार्रवाई जारी है। ईडी ने शुक्रवार को नीरव मोदी के 30 करोड़ रुपए बैलेंस वाले बैंक अकाउंट्स, 13.86 करोड़ रुपए मूल्य के शेयर्स, इम्पोर्टेड वॉच से भरे 60 कंटेनर और स्टील की 176 अलमारी जब्त की हैं।

सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय ने पहली बार इस मामले में 4 बैंकों को लेटर लिखकर अकाउंट्स में अनियमितताओं पर नजर रखने के लिए कहा है। इसके अलावा मंत्रालय ने पब्लिक सेक्टर बैंकों के लिए नियामक भी बनाए हैं। जिनके तहत पब्लिक सेक्टर बैंकों को अब एक मॉनिटरिंग एजेंसी बनानी होगी जो 250 करोड़ से ऊपर के लोन्स पर नजर रखेगी।

किन बैंकों को लिखे लेटर?
– वित्त मंत्रालय ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एक्सिस बैंक, इलाहाबाद बैंक और बैंक ऑफ इंडिया को लेटर लिखकर अकाउंट्स में गड़बड़ियों की जांच करने के लिए कहा है।
– इसके अलावा मंत्रालय ने हॉंगकॉंग के 4 बैंकों को लेटर लिखकर पीएनबी की ओर से दिए गए फर्जी LoUs की जानकारी भी मांगी है।

आईसीएआईने क्या कार्रवाई की?
– इससे पहले गुरुवार को इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने भी एक्शन लिया। उसने आरबीआई से 2000 करोड़ तक के लोन डिफॉल्टर्स की लिस्ट मांगी है।
– आईसीएआई ने पीएनबी और गीतांजलि जेम्स कंपनी को शो-कॉज (कारण बताओ) नोटिस जारी किया है। पीएनबी के डिप्टी जनरल मैनेजर को समन जारी किया गया गया है। इसमें मामले से जुड़ी एफआईआर की कॉपी और फ्रॉड से जुड़ी जानकारी मांगी है।
– लेटर जारी करके सिक्युरिटी ऑफ एक्सचेंज बोर्ड (सेबी), सीबीआई, ईडी और पंजाब नेशनल बैंक से फ्रॉड के बारे में जानकारी मांगी है।
– 15 फरवरी को जारी इस लेटर में जांच एजेंसी से फ्रॉड में किसी चार्टर्ड एकाउंटेंट या फर्म के जुड़े होने से संबंधित जानकारी भी मांगी गई है।
– आरबीआई से उन सभी लोगों की लिस्ट देने को कहा है, जिन पर 2000 करोड़ से ज्यादा का लोन बकाया है।
नीरव माेदी और मेहुल चौकसी से जुड़ा मामला क्या है?
– पंजाब नेशनल बैंक ने पिछले दिनों सेबी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को 11,356 करोड़ रुपए के घोटाले के जानकारी दी थी। घोटाला पीएनबी की मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में हु। शुरुआत 2011 से हुई। 8 साल में हजारों करोड़ की रकम फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (एलओयू) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई।
– धोखाधड़ी की रकम 2016-17 में पंजाब नेशनल बैंक के 1,325 करोड़ के मुनाफे का 8 गुना, बैंक के 35,365 करोड़ के मार्केट कैप का एक तिहाई और 4.5 लाख करोड़ के कुल कर्ज का 2.5% है।
– 2017 में फोर्ब्स की अमीर भारतीयों की लिस्ट में शामिल नीरव मोदी इस फ्रॉड के केंद्र में हैं। मोदी का मामा मेहुल चौकसी भी आरोपी है। चौकसी गीतांजलि ग्रुप चलाता है। ग्रुप की तीन कंपनियों गीतांजलि जेम्स, गिली इंडिया और नक्षत्र के खिलाफ फ्रॉड केस दर्ज हुए हैं।
– नीरव के ठिकानों से ईडी ने अब तक 5649 करोड़ रुपए के जेवर जब्त किए हैं।

गुरुवार को क्या कार्रवाई हुई?
– पीएनबी लोन फ्रॉड मामले में आठवें दिन भी कार्रवाई हुई। एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि ग्रुप के मालिक मेहुल चौकसी के 100 करोड़ रुपए मूल्य के बैंक डिपाॅजिट्स, लग्जरी कारें और शेयर्स जब्त किए। वहीं, नीरव मोदी बयान दर्ज कराने के लिए ईडी के सामने भी पेश नहीं हुए।
– उधर, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने हैदराबाद सेज (इस्पेशल इकोनॉमिक जोन) में गीतांजलि ग्रुप की 1200 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच की।

ग्लोबल मार्केट में मजबूती से सेंसेक्स 200 अंक बढ़ा, निफ्टी 10450 के पार

नई दिल्ली । ग्लोबल मार्केट से मिले संकेतों से शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की सपाट शुरुआत हुई। सपाट शुरुआत के बाद सभी सेक्टरों में खरीददारी से बाजार में तेजी बढ़ गई है, जिससे सेंसेक्स में 200 अंकों का उछाल आया है, जबकि निफ्टी 70 अंकों से ज्यादा बढ़ा है।

वहीं हैवीवेट एसबीआई, मारुति, एचडीएफसी बैंक, ओएनजीसी, एचडीएफसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज में खरीददारी से मार्केट को सपोर्ट मिल रहा है। फिलहाल सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमश: 0.64 फीसदी और 0.67 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही है।

मिडकैप-स्मॉलक शेयरों में मजबूती
– शुरुआती कारोबार में लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.62 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.57 फीसदी बढ़ा है।
– मिडकैप शेयरों में फेडरल बैंक, बायोकॉन, आईडीबीआई, वाकहार्ट फार्मा, मुथूट फाइनेंस, अल्केम, टीवीएस मोटर्स, आर पावर 1.68-3.73 फीसदी तक बढ़े।

सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़े, निफ्टी फार्मा 1.51 फीसदी चढ़ा
– शुरुआती कारोबार में बैंक, आईटी समेत सभी सेक्टोरल इंडेक्स में बढ़त देखने को मिल रही है। निफ्टी फार्मा इंडेक्स में सबसे ज्यादा 1.51 फीसदी की मजबूती आई है। वहीं निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.70 फीसदी बढ़ा है।
– इसके अलावा बैंक निफ्टी 0.66 फीसदी, ऑटो 0.26 फीसदी, एफएमसीजी 0.10 फीसदी, मेटल 0.65 फीसदी और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 0.47 फीसदी तक मजबूत हुआ है।

Live Update

फेडरल बैंक ने Equirus Capital में 26% हिस्सेदारी खरीदी, स्टॉक 5% बढ़ा
– Equirus Capital में 26% हिस्सेदारी खरीदने की खबर से शुक्रवार के कारोबार में फेडरल बैंक के स्टॉक में 5 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। बीएसई पर स्टॉक 5 फीसदी बढ़कर 94.40 रुपए के भाव पर पहुंच गया।

11:48 AM
L&T को मिला 1266 करोड़ का ऑर्डर, शेयर 0.47% बढ़ा
– लॉर्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) की कंस्ट्रक्शन आर्म को विभिन्न बिजनेस सेग्समेंट्स से 12,600 करोड़ रुपए का ऑर्डर मिला। ऑर्डर मिलने की खबर से कारोबार के दौरान बीएसई पर शेयर में 0.47 फीसदी का उछाल देखने को मिला।

09:55 AM
JSW ने जेपी इंफ्रा के लिए लगाई हाइएस्ट बोली, स्टॉक 5% बढ़ा
– जेएसडब्ल्यू ग्रुप ने कर्ज से दबी कंपनी जेपी इंफ्राटेक के लिए सबसे ज्यादा 9900 करोड़ रुपए की बोली लगाई है। इस खबर से कारोबार में बीएसई पर जेपी इफ्रांटेक के स्टॉक में 5 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई।

09:22 AM
रुपया में लौटी मजबूती
– सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को रुपए की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 9 पैसे की बढ़त के साथ 64.95 के स्तर पर खुला।

09:21 AM
एशियाई बाजारों में तेजी
– शुक्रवार को एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 0.14 फीसदी की मजबूती के साथ 10400 अंक पर कारोबार कर रहा है। जापान का बाजार निक्केई 78 अंक की बढ़त के साथ 21,814 अंक पर कारोबार कर रहा है। हैंग सेंग 345 अंक की उछाल के साथ 31,310 अंक पर कारोबार कर रहा है।
– कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी 1.05 फीसदी से ज्यादा मजबूत होकर 2439 अंक पर कारोबार कर रहा है, जबकि ताइवान इंडेक्स 133 अंक बढ़कर 10795 अंक पर कारोबार कर रहा है। शंघाई कम्पोजिट में 0.36 फीसदी की बढ़त दिख रही है। वहीं स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 1 फीसदी की बढ़त के साथ 3523 अंक पर कारोबार कर रहा है।

09:20 AM
DII रहे खरीददार, एफआईआई ने की बिकवाली
– गुरूवार के कारोबार में डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने घरेलू शेयर बाजार में 1059.42 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे, जबकि फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने 2335.34 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।

09:20 AM
अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला कारोबार
– गुरुवार के कारोबार में अमेरिकी बाजार मिले-जुले बंद हुए। डाओ जोंस 165 अंक की मजबूती के साथ 24,962 अंक पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.10 फीसदी की बढ़त के साथ 2,704 अंक पर बंद हुआ। हालांकि नैस्डैक 8 अंक की मामूली गिरावट के साथ 7,210 अंक पर बंद हुआ।

जनसुनवाई में अतिक्रमण को लेकर अधिकारी और शिकायतकर्ता भिड़े

कोटा। प्रशासन की जनसुनवाई गुरुवार को महज खानापूर्ति साबित हुई। समय पर न तो कलेक्टर पहुंचे और न ही अन्य अधिकारी। शिकायतकर्ता टैगोर हाॅल के बाहर इंतजार करते रहे। बाद में पहुंचे यूआईटी अधिकारियों से विश्वकर्मा नगर के शिकायतकर्ता भिड़ गए।

उन्होंने यहां तक कह दिया कि बार-बार कहते हो अतिक्रमण हटा दिया, जबकि वहां तो अतिक्रमण हटाने के लिए यूआईटी से कोई नहीं पहुंचा। इस पर अधिकारियों की उनसे बहस हो गई। बाद में 28 मार्च को वहां अतिक्रमण हटाने का फैसला किया गया। जनसुनवाई में एक घंटे तक नगर निगम व पुलिस के अधिकारी भी नहीं पहुंचे थे।

गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जनसुनवाई का आयोजन किया गया था। दोपहर तीन बजे तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। सवा तीन एसडीओ मोहनलाल परिहार तथा उसके बाद यूआईटी सचिव आनंदीलाल वैष्णव पहुंचे। उन्होंने यूआईटी के प्रकरणों की सुनवाई शुरू की।

सुनवाई के दौरान पौने चार बजे कलेक्टर रोहित गुप्ता तथा उससे पहले उपसचिव दीप्ति रामचंद्र मीणा तथा कृष्णा शुक्ला पहुंची। इस दौरान नगर निगम व पुलिस के अधिकारियों को लेकर आवाजें लगती रही, लेकिन वहां कोई भी अधिकारी चार बजे तक नहीं पहुंचा।

भड़क गईं उपसचिव
विश्वकर्मा नगर निवासी मैरी सिस्टर, बीआर शर्मा आदि ने सचिव आनंदीलाल वैष्णव को बताया कि उनके क्षेत्र में 20-25 लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। निशुल्क बिजली व पानी का उपयोग कर रहे हैं। वे पांच बार जनसुनवाई में आकर शिकायत दर्ज करवा चुके हैं। अधिकारी कहते हैं अतिक्रमण हटा दिए, लेकिन कहां हटाए हमें पता नहीं।

इस मामले में पोर्टल पर दर्ज करवा दिया कि कार्रवाई हो गई, लेकिन हमने फिर से लिखा कि कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तो अभी तक कोई नहीं पहुंचा। इस पर सचिव व तहसीलदार इमामुद्दीन भड़क गए। उपसचिव दीप्ति मीणा भी भड़क गईं। उन्होंने कहा कि शिकायत दें, लेकिन किसी की अभद्रता बर्दाश्त नहीं करेंगे।

शिकायत मिलते ही फॉल्ट ठीक करने पहुंच जाएगी बिजली टीम, ऐप लॉन्च

कोटा। केईडीएल ने गुरुवार से फॉल्ट ऑपरेटिंग सिस्टम को हाईटैक व उपभोक्ताओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए स्मार्ट एप लॉन्च किया है। इस स्मार्ट एप से कॉल सेंटर पर उपभोक्ताओं के शिकायत दर्ज कराने के बाद, फॉल्ट को दूर करने तक की प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम कर सिस्टम को हाईटैक व पारदर्शी बनाया गया है। शिकायत दर्ज होते तत्काल फाल्ट ठीक करने के लिए एफआरटी (फॉल्ट रिपेयर टीम) पहुंच जाएगी।

केईडीएल के चीफ ऑपरेटिंग आॅफिसर अभिजोय सरकार ने बताया कि शहर के स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल होने बाद केईडीएल भी उपभोक्ताओं को आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास में जुटा है। उन्होंने बताया कि अब स्मार्ट एप लॉन्च होने के बाद यह प्रक्रिया आसान व सुविधायुक्त हो गई है।

इसके तहत अब प्रत्येक एफआरटी को स्मार्टफोन उपलब्ध करवाकर उसमें यह स्मार्ट एप डाउनलोड करवा दिया गया है। जैसे ही उपभोक्ता कॉल सेंटर पर शिकायत दर्ज कराता है तथा उसे डॉकेट नंबर मिलता है, तत्काल यह डॉकेट नंबर कमांड स्टेशन के साथ-साथ एफआरटी के पास मौजूद मोबाइल एप में भी दिखाई देने लगता है।

डॉकेट नंबर व उपभोक्ता का पता एफआरटी को तत्काल एप के माध्यम से मिलते ही, एफआरटी तत्काल फाल्ट ठीक करने के लिए रवाना हो जाएगी। एफआरटी के पास मोबाइल में मौजूद स्मार्ट एप में गूगल मैप से संबंधित उपभोक्ता का घर या संस्थान की लोकेशन भी पता चलती रहेगी, जिससे एफआरटी तत्काल मौके पर पहुंच कर फॉल्ट ठीक कर देगी।

नरेंद्र मोदी ने लोकपाल के नाम पर धोखाधड़ी की : अन्ना हजारे

कोटा। मोदी सरकार में घोषणाएं ज्यादा हुईं, काम कुछ नहीं किया। वादे खूब किए जनता के लिए, जन लोकपाल बिल और किसानों को उपज का 50 प्रतिशत ज्यादा मूल्य देने की बात कही, लेकिन कुछ नहीं किया। लोकपाल बिल पर जनता के साथ धोखाधड़ी की। यह बात अन्ना हजारे ने कोटा में आने के बाद कही। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर बरसे।

अन्ना हजारे ने पीएनबी घोटाले पर तंज कसा और कहा कि मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद खूब कहा कि न तो वे खाएंगे और न ही खाने देंगे तो नीरव मोदी का मामला क्या है। सरकार क्यों कुछ नहीं कर पाई। मोदी ने बस वादे ही वादे किए। काम कुछ नहीं किया। चार साल यू हीं बिता दिए। सिर्फ वोट हासिल करने के लिए झूठे वादे किए।

अन्ना ने कहा वो 27 जुलाई 2016 को एक बिल लाए और उसे एक दिन में बिना चर्चा के पास करवा दिया। उसमें अफसरों, उनकी पत्नी-बच्चों की संपत्ति का ब्यौरा देने से छूट दे दी। अधिकारियों को भ्रष्टाचार करने के लिए खुला छोड़ दिया। अब जनता को कहते हैं कि भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाना है। इसके लिए संकल्प लो।

लोकपाल बिल के लिए अन्ना दोबारा जनआंदोलन करेंगे। इसके लिए ढाई महीने से पूरे देश में घूम रहे हैं और 31 सभाएं 21 राज्यों में कर चुके हैं। मार्च में दिल्ली में बड़ा आंदोलन करेंगे।  जब तक देश में पक्षपात और पार्टी के लिए सोचने वाली सरकारें हैं तब तक देश का कोई भविष्य नहीं है। उन्होंने केजरीवाल सरकार पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।

आज कोचिंग स्टूडेंट और किसानों से मिलेंगे 
अन्ना हजारे शुक्रवार को कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वे यहां कोचिंग स्टूडेंट्स से मिलेंगे और किसानों की सभा को संबोधित करेंगे। वे प्रेस क्लब में मीडिया से भी मिलेंगे। हाड़ौती किसान यूनियन के महामंत्री दशरथ कुमार ने बताया कि अन्ना शुक्रवार सुबह 9.30 बजे से 11 बजे तक कोचिंग संस्थान में स्टूडेंट्स से बातचीत करेंगे।

उसके बाद वे सीएडी सर्किल होते हुए गायत्री परिवार शक्तिपीठ और श्रद्धा भवन भी जाएंगे। दोपहर 2.30 बजे से 4.30 बजे तक डीसीएम रोड औद्योगिक क्षेत्र में किसान सभा को संबोधित करेंगे।

GST, नोटबंदी जैसे रिफॉर्म्स से सुस्त पड़ी भारत की ग्रोथ :अमेरिका

वाशिंगटन । अमेरिका ने कहा है कि भारत के ग्रोथ की रफ्तार में सुस्‍ती की वजह उसके स्‍ट्रक्‍चरल इकोनॉमिक रिफॉर्म्‍स हैं। यूएस की इकोनॉमिक रिपोर्ट ऑफ द प्रेसिडेंट (ईआरपी) में यह बात कही गई है। इस रिपोर्ट में अमेरिकी अर्थव्‍यवस्‍था की गुलाबी तस्‍वीर पेश की गई। वहीं, भारत पर यह आरोप लगाया कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था बहुत कम ओपन हुई है।

जबकि भारत 1948 में ही जीएटीटी (जनरल एग्रीमेंट्स ऑफ टैरिफ एंड ट्रेड) पर दस्‍तखत कर चुका है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका का भारत समेत चार बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं के साथ बायलेटरल ट्रेड डेफिसिट (द्विपक्षीय व्‍यापार घाटा) एक साल पहले के मुकाबले 2017 के पहले तीन र्क्‍वाटर में कम हुआ है।

ईआरपी में कहा गया है कि अमेरिकी अर्थव्‍यवस्‍था की ग्रोथ अच्‍छी है और यह आगे भी जारी रहेगी। वहीं, भारत और ब्राजील जैसे देशों ने अपनी अर्थव्‍यवस्‍था को विदेशी व्‍यापार के लिए कम जगह दी। उन्‍होंने उच्‍च बाउंड रेट बनाए रखा और यूनिवर्सल बाइंडिंग कवरेज की अनदेखी। बाउंड रेट जीएटीटी के बातचीत के बाद तय होती है।

इसे मोस्‍ट फेवर्ड नेशन टैरिफ रेट कहते हैं। बता दें, जीएटीटी कई देशों के बीच एक कानूनी समझौता है। इसक मकसद टैरिफ और कोटा जैसी व्‍यापारिक बाधाओं को खत्‍म कर या घटाकर इंटरनेशनल व्‍यापार को प्रमोट करना है। जीएटीटी 1 जनवरी 1948 से प्रभावी है। अमेरिका चीन, सीरिया, भारत, फ्रांस समेत 23 इस संस्‍थापक सदस्‍य रहे हैं।

स्‍ट्रक्‍चरल रिफॉर्म ने रोकी रफ्तार
रिपोर्ट में कहा है कि भारत में ग्रोथ धीमी पड़ी है, इसकी वजह वहां हो रहे स्‍ट्रक्‍चरल इकोनॉमिक रिफॉर्म्‍स हैं। भारत में नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी ने सर्कुलेशन में 86 फीसदी कैश को खत्‍म कर दिया। ऐसे कदम उस समय उठाए गए जब 90 फीसदी से अधिक ट्रांजैक्‍शन वहां कैश में होता है। दूसरी ओर, जुलाई 2017 में लागू हुई जीएसटी ने शार्ट-टर्म में अनिश्चितता पैदा कर दी। जीएसटी ने भारत में लगभग सभी इनडायरेक्‍ट टैक्‍सेस की जगह ली है।

NPA पर जताई चिंता
यूएस की रिपोर्ट में भारत के बैंकिंग सेक्‍टर में बढ़ रहे नॉन परफार्मिंग लोन (एनपीएल) पर चिंता जताई गई है। इसे आगे के लिए खतरा बताया गया है। आईएमएफ को उपलब्‍ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, 2017 की तीसरी तिमाही में पूरे लोन में एनपीएल की हिस्‍सेदारी 9.7 फीसदी हो गई, जबकि चीन में यह 1.7 फीसदी रहा। रिपोर्ट के अनुसार, हाल के वर्षों में एनपीएल बढ़कर खतरे के स्‍तर पर आ चुका है।

इसमें सबसे ज्‍यादा एनपीएल सरकारी बैंकों की है। रिजर्व बैंक ने यह अनुमान जताया है कि 2018 की पहली तिमाही में ग्रॉस एनपीएल की हिस्‍सेदारी सभी लोन में बढ़कर 10.8 फीसदी हो जाएगी, जो सितंबर 2018 तक 11 फीसदी के लेवल पर पहुंच जाएगी। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भविष्‍य में भारत के बैंकिंग सेक्‍टर में सुधर आ सकता है। क्‍योंकि, भारत सरकार ने सरकारी बैंकों के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपए के रिकैपिटलाइजेशन को मंजूरी दी है।

एंटी-डंपिंग पर तेजी से कदम उठाता है भारत
रिपेार्ट के अनुसार, भारत एंटी डंपिंग प्रावधानों को ज्‍यादा से ज्‍यादा इस्‍तेमाल करने वाला देश है। व्‍हाइट हाउस का कहना है कि चीन, यूरोपीय यूनियन, भारत औन अन्‍य देशों में डेवलप किए गए एग्री प्रोडक्‍ट्स की मंजूरी में देरी से टेक्‍नोलॉजी प्रोवाइडर्स, किसान और अमेरिकी कार्न, सोया, कॉटन के ट्रेडर्स के बीच मार्केट अनिश्चितचा बढ़ती है, जिससे इन प्रोडक्‍ट्स का एक्‍सपोर्ट घटता है।

WTO के पॉल्‍ट्री रूल नहीं लागू करने का आरोप
ट्रम्‍प एडमिनिस्‍ट्रेशन ने आरोप लगाया कि भारत पॉल्‍ट्री पर डब्‍ल्‍यूटीओ के फैसले को लागू नहीं कर रहा है। भारत पॉल्‍ट्री के लिए अपनी जरूरतों को संरक्षित करने में फैल रहा है ऐसे में अमेरिकी इम्‍पोर्ट्स को मंजूरी दी जानी चाहिए। दोनों देशों के बीच यह केस डब्‍ल्‍यूटीओ में चल रहा है।

रिपोर्ट में कहा है कि 2007 से भारत में कई अमेरिकी एग्री प्रोडक्‍ट्स को प्रतिबंधित कर दिया है। इसमें पॉल्‍ट्री मीट, अंडे और जीवित सुअर शामिल हैं। यह रोक इन्‍फ्लुएंजा के संभावित खतरे को देखते हुए लगाया गया है। जबकि, अमेरिका ने यह माना है कि इस प्रतिबंध का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

वाशिंगटन. अमेरिका ने कहा है कि भारत के ग्रोथ की रफ्तार में सुस्‍ती की वजह उसके स्‍ट्रक्‍चरल इकोनॉमिक रिफॉर्म्‍स हैं। यूएस की इकोनॉमिक रिपोर्ट ऑफ द प्रेसिडेंट (ईआरपी) में यह बात कही गई है। इस रिपोर्ट में अमेरिकी अर्थव्‍यवस्‍था की गुलाबी तस्‍वीर पेश की गई।

वहीं, भारत पर यह आरोप लगाया कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था बहुत कम ओपन हुई है। जबकि भारत 1948 में ही जीएटीटी (जनरल एग्रीमेंट्स ऑफ टैरिफ एंड ट्रेड) पर दस्‍तखत कर चुका है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका का भारत समेत चार बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं के

रोटोमैक के मालिक विक्रम कोठारी बेटे समेत गिरफ्तार, आज कोर्ट में पेश करेंगे

नई दिल्ली । 3695 करोड़ का बैंक लोन नहीं चुकाने के आरोपी रोटोमैक कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी और उनके बेटे राहुल को गुरुवार रात सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया। कानपुर में हिरासत में लेने के बाद सीबीआई बुधवार को उन्हें पूछताछ के लिए दिल्ली लाई थी। जांच एजेंसी ने कहा है कि तीन दिन चली पूछताछ में उन्होंने सहयोग नहीं किया।

शुक्रवार को विक्रम और राहुल को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कंपनी के 14 बैंक अकाउंट अटैच कर चुका है। यह कार्रवाई बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर की गई। सीबीआई ने 19 फरवरी को कोठारी के कानपुर स्थित घर समेत कुल 3 ठिकानों पर छापा मारा था।

जांच में सहयोग नहीं कर रहे कोठारी
– सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, विक्रम और राहुल कोठारी से 3 दिन तक पूछताछ की गई, लेकिन उन्होंने गड़बड़ी का कोई तरीका नहीं बताया। ये भी बताने से इनकार कर दिया कि लोन की रकम को वो कहां और कैसे इस्तेमाल करते थे।
– उन्होंने शेल कंपनियों की जानकारी भी नहीं दी, जिनमें लोन का 2,919 करोड़ मूलधन खपाया गया। घोटाले में बैंक और बाहर के कौन-कौन लोग शामिल हैं, ये भी नहीं बताया गया।
– पूछताछ और जांच में सहयोग नहीं करने पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

 मामला क्या है?
– सीबीआई ने बुधवार को बताया था कि रोटोमैक कंपनी के विक्रम कोठारी समेत 3 डायरेक्टर्स ने 7 बैंकों के कंसोर्शियम को धोखा दिया और बेइमानी से 2919.29 करोड़ रुपए का बैंक लोन निकाला। इसमें लोन का इंट्रेस्ट शामिल नहीं किया गया है। ब्याज जोड़कर ये रकम 3695 करोड़ रुपए होती है। आरोप है कि कंपनी ने बैंक को यह रकम नहीं चुकाई है।

कितने बैंकों का कर्ज है?
सात बैंक से पेन बनाने वाली कंपनी रोटोमैक ने लोन लिया था
– बैंक ऑफ बड़ौदा: 456.53 करोड़ रुपए
– बैंक ऑफ इंडिया: 754.77 करोड़ रुपए
– बैंक ऑफ महाराष्ट्र: 49.82 करोड़ रुपए
– इलाहाबाद बैंक: 330.68 करोड़ रुपए
– ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स: 97.47 करोड़ रुपए
– इंडियन ओवरसीज बैंक: 771.07 करोड़ रुपए
– यूनियन बैंक ऑफ इंडिया: 458.95 करोड़ रुपए

यह मामला कैसे सामने आया ?
– विक्रम कोठारी के खिलाफ 600 करोड़ का बाउंस चेक देने का केस हुआ है। इस मामले में आरबीआई ने इलाहाबाद बैंक को नोटिस भेजा है। बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर सीबीआई ने कोठारी के खिलाफ केस दर्ज किया। इसके बाद अफसरों ने सोमवार को उनके ठिकानों की सीबीआई और इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) की ज्वाइंट टीम ने तलाशी ली।

किन पर केस दर्ज किए गए?
– इस केस में रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिडेट के डायरेक्टर विक्रम कोठारी, पत्नी साधना कोठारी और बेटे राहुल कोठारी का नाम है। कोठारी के खिलाफ मनी लाड्रिंग का केस भी दर्ज किया गया है।

बैंकों का क्या आरोप है?
– बैंकों का आरोप है कि विक्रम कोठारी ने ना लोन की रकम लौटाई और न ही ब्याज दिया। इस पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाइडलाइंस पर एक आधिकारिक जांच कमेटी गठित की गई। कमेटी ने 27 फरवरी 2017 को रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड को विलफुल डिफॉल्टर (जानबूझकर कर्ज नहीं चुकानेवाला) घोषित कर दिया।
– 13 अप्रैल 2017 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड को उसकी उन संपत्तियों या किस्तों का ब्योरा पेश करने का आदेश दिया था, जिनका बैंक ऑफ बड़ौदा को भुगतान किया गया।

कोठारी ने सफाई में क्या कहा था?
– 11,356 करोड़ के पीएनबी घोटाले के बाद सोशल मीडिया पर यह खबरें आई थीं कि कोठारी भी देश छोड़कर भाग गए हैं। कोठारी ने वीडियो जारी कर कहा था, ”मैं देश छोड़कर कहीं नहीं भागा हूं। बैंकों से लोन लिया है, लेकिन ये सही नहीं है कि मैंने लोन चुकता नहीं किया। बैंकों के साथ नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में केस चल रहा है। जल्द ही फैसला आएगा। बैंकों ने मेरी कंपनी को नॉन परफॉर्मर संपत्ति घोषित किया है डिफॉल्टर नहीं। मैंने लोन लिया है और

जल्द ही उसे वापस कर दूंगा।”
– ”भारत छोड़कर कहीं नहीं जा रहा हूं। इससे महान कोई देश नहीं है। मैं कानपुर का निवासी हूं, यहीं रहता हूं और यहीं रहूंगा। हालांकि, मुझे बिजनेस के सिलसिले में विदेश जाना पड़ता है।”

कौन है विक्रम कोठारी?
– विक्रम कोठारी जाने-माने दिवंगत उद्योगपति एमएम कोठारी (मनसुख लाल महादेव भाई कोठारी) का बेटा है। एमएम कोठारी का जन्म कानपुर के छोटे से गांव निराली में हुआ था। वह 8 भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। प्राइवेट नौकरी से करियर की शुरुआत की। धीरे-धीरे करके उन्होंने स्कूल समेत कई संस्थानों की शुरुआत की। पान पराग और रोटोमैक की नींव रखी।
– एमएम कोठारी के निधन के बाद उनकी विरासत दो बेटे विक्रम और दीपक के हाथ में आ गई थी। विक्रम ने रोटोमैक संभाला और दीपक ने पान मसाले के बिजनेस को आगे बढ़ाया।

महाघोटाले के बाद पीएनबी ने सीमित की स्विफ्ट व्यवस्था तक पहुंच

नई दिल्ली। पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) 11,300 करोड़ रुपए की ठोकर खाने के बाद अब अपने काम करने के तरीकों में बदलाव ला रहा है। खबरों के मुताबिक, अब स्विफ्ट व्यवस्था की पहुंच बहुत सीमित अधिकारियों तक रह जाएगी, जिसे अबतक क्लर्क तक इस्तेमाल कर पा रहे थे।

बता दें कि नीरव मोदी को कथित रूप से इतना बड़ा घोटाला करने में मदद सोसायटी फोर वर्ल्डवाइड इंटरबैंक फाइनैंशल टेलिकम्युनिकेशन (स्विफ्ट व्यवस्था) से ही मिली थी।

स्विफ्ट व्यवस्था का क्या रोल
यह पूरा घोटाला पीएनबी की मुंबई ब्रांच से जुड़ा है। पीएनबी के कई कर्मचारी इसमें शामिल बताए जा रहे हैं। दो जूनियर कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने स्विफ्ट व्यवस्था का गलत इस्तेमाल करके नीरव और मेहुल चौकसी को गैरकानूनी ढंग से कई बार लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) जारी किए थे। इस काम में बैंक के डिप्टी (अब पूर्व) गोकुलनाथ शेट्टी उनका साथ दे रहे थे।

अब क्या बदलेगा?
स्विफ्ट व्यवस्था को अब पीएनबी अधिकारियों तक सीमित कर दिया गया है, पहले बैंक के क्लर्क की भी इस तक पहुंच थी। इसके साथ ही बैंक अधिकारी अपने ओहदे के हिसाब से ही एलओयू जारी कर पाएंगे। नए नियमों की जानकारी नई दिल्ली स्थित मुख्य शाखा द्वारा सभी क्षेत्रीय शाखाओं को दी गई है।

अब स्विफ्ट व्यवस्था को तीन अलग-अलग कर्मचारी ‘शुरू, वेरिफाई और अधिकृत’ करेंगे। अबतक ये काम दो अधिकारी ही कर लेते थे। इसके साथ ही ‘ट्रेजरी डिविजन मुंबई’ नाम की एक युनिट भी बनाई गई है।

यह बैंकों द्वारा स्विफ्ट व्यवस्था के जरिए जो मेसेज भेजे गए होंगे उनको फिर से अधिकृत करेगी। हालांकि, यह सभी संदेशों के साथ नहीं किया जाएगा। जिन मेसज को रिजेक्ट किया गया होगा उनका भी रिकॉर्ड रखा जाएगा।

मजबूत डॉलर से घटी सोने की चमक, 100 रुपये गिरकर 31,350 बिका

नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेतों और मजबूत डॉलर से दिल्ली सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने का भाव 100 रुपये घटकर 31,350 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। हालांकि, इस बीच औद्योगिक इकाइयों और सिक्का विनिर्माताओ की छिटपुट मांग निकलने से चांदी 85 रुपये बढ़कर 39,385 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।

 सर्राफा बाजार में 99.9 फीसदी और 99.5 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत 100 रुपये घटकर क्रमश: 31,350 और 31,200 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। पिछले दो दिन में इसके दाम 350 रुपये घटे हैं। सोने की आठ ग्राम गिन्नी का भाव 24,800 रुपये प्रति इकाई रहा है। वहीं दूसरी तरफ चांदी में सुधार देखा गया है।

चांदी तैयार का भाव 85 रुपये सुधरकर 39,385 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। साप्ताहिक डिलीवरी में इसका भाव 150 रुपये बढ़कर 38,340 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। चांदी सिक्का भाव पूर्वस्तर पर ही रहा। यह 74,000 रुपये लिवाल और 75,000 रुपये बिकवाल प्रति सैकड़ा के भाव पर पूर्ववत रहा।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार शादी-ब्याह का मौसम समाप्ति की ओर है। आभूषण विक्रेताओं एवं निर्माताओं की ओर से सोने की मांग घटी है। इसकी वजह से बाजार में दाम घटे हैं। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के ब्यौरे में ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी के संकेत से डॉलर मजबूत हुआ।

इससे सुरक्षित निवेश के रुप में सोने की मांग प्रभावित हुई और वैश्विक बाजारों में भी धारणा कमजोर रही। सिंगापुर के वैश्विक बाजार में सोना 0.23 फीसदी गिरकर 1,321 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.58 फीसदी घटकर 16.41 डॉलर प्रति औंस रही।