Saturday, July 18, 2026
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सरकार को किसान से ज्यादा उद्योगपतियों की चिंता- अन्ना हजारे

कोटा। 80 वर्षीय समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा कि पिछले 22 वर्षों में देश में 12 लाख से अधिक किसान आत्महत्या कर चुके हैं। फिर भी सरकारें चुप रही। इजराइल में जमीन उपजाऊ नहीं, सिंचाई का पानी कम है, फिर भी वे एग्रीकल्चर में हमसे आगे हैं।

उनसे सीख लेकर सरकार कृषि नीति में चार बातों पर सुधार करे। आज भी किसान को पैदावार पर खर्च आधारित दाम नहीं मिल रहे। जिससे किसान चिंतित हैं।  शुक्रवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से उन्होंने कहा कि सभी राज्यों कृषि मूल्य आयोग है, लेकिन वहां की एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी सभी जिंसों के कृषि मूल्य निकालकर सरकार को भेज देती है।

कृषि आयोग में किसानों की भागीदारी नहीं होने से आज दाम 50 प्रतिशत तक गिर गए। इसलिए राज्यों में कृषि मूल्य आयोग को स्वायŸाता दें। किसान प्रतिनिधियों को उसमें शामिल करें। किसान को निर्धारित दाम नहीं मिलने पर सरकार उसकी भरपाई करे।

दूसरा, किसानों का सामूहिक बीमा किया जाता है, जबकि बाढ़, भूकंप या आपदा आने पर किसान को व्यक्तिगत बीमा का लाभ दिया जाए ताकि वह फिर से खड़ा हो सके।

तीसरा, सरकार ने बूंद-बूंद सिंचाई सिस्टम पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू कर किसानों की नींद उड़ा दी। सिंचाई की नई तकनीक अपनाने पर कर को बोझ क्यों थोपा गया, इस तत्काल हटाया जाए। सरकार ने नीति आयोग तो बनाया, लेकिन सही नीति स्पष्ट नहीं की। 

चौथा, 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसान जिसके परिवार की कोई आय न हो, बच्चों की सर्विस न हो, उन्हें 5 हजार रू पेंशन दी जाए ताकि वे परिवार चला सके। प्रेस क्लब अध्यक्ष गजेंद्र व्यास, सचिव जितेंद्र शर्मा, सहित पदाधिकारियों ने अन्ना को मानपत्र भेंट कर सम्मानित किया। संचालन प्रतापसिंह तोमर ने किया।

भ्रष्टाचार विरोधी जनअभियान समिति के विजय पालीवाल ने बताया कि इससे पहले सुबह सीएडी सर्किल पर अन्ना चौक पर उनका भव्य स्वागत किया। बाद में एलन कॅरिअर इंस्टीट्यूट जाकर कहा कि यहां युवा भारत दिखता है। मुझे देश बदलना है, यह सोचकर हर कार्य करो। जो वोट लेकर भी कोई सुधार नहीं कर रहे उनको उखाड़ फेंको। दोपहर में उन्होंने किसानों को संबोधित किया।

एक सत्र में 40 विधेयकों में संशोधन कर दिए
अन्ना ने कहा कि सरकार किसानों की चिंता दूर करने की बजाय उद्योगपतियों के हित साधने में जुटी है। मोदी सरकार ने संसद के एक सत्र में 40  विधेयकों में चौंकाने वाले संशोधन किए।

एक विधेयक में प्रावधान था कि कंपनियां अपनी आय से 7.5 प्रतिशत धन किसी राजनीतिक दल को दान कर सकती थी, उसमें संशोधन कर दिया कि कंपनियां कितना भी धन पार्टियों को दान में दे सकती है। पिछले 5 माह में बड़ी कंपनियों ने राजनीतिक दलों को 90 हजार करोड़ रू की राशि का दान दिया।

लोकपाल कानून की धाराओं को कमजोर किया
उन्होंने कहा कि लोकपाल कानून की मांग को लेकर 2011 में हुए जनआंदोलन से देश खड़ा हुआ। उसमें तीन मुख्य प्रावधान थे, क्लास-1,2 व 3 के अफसर लोकपाल के दायरे में हों, प्रत्येक राज्य में लोकायुक्त हों और तीसरा, संशोधन के लिए उसमें जनता की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

लेकिन मनमोहन सिंह सरकार ने धारा-63 में संशोधन कर तीनों मुद्दों को पारित कर दिया। अभी राज्यों में जो लोकायुक्त हैं, वे लोकपाल कानून के अनुसार प्रभावी नहीं हैं। फिर मोदी सरकार ने संसद में एक बिल पारित किया, जिसके अनुसार, अधिकारी, उनकी पत्नी व बच्चों के नाम जो सम्पत्ति है, उसे 31 मार्च तक घोषित कर दे।

इससे सरकार ने भ्रष्टाचार रोकने की बजाय उसे खुला करने का रास्ता खोल दिया। एक अच्छे कानून को संशोधित कर उसे कमजोर कर दिया। 27 से 29 जुलाई,17 तक सरकार ने संसद में बिना कोई चर्चा किए मात्र तीन दिन में एक कानून बना दिया। नीति और नीयत में फर्क होने से इन दिनों नए घोटाले सामने आ रहे हैं। वित्त विधेयकों में संशोधनों पर सदन में चर्चा क्यों नहीं कराई जाती। ये हुकुमशाही लोकतंत्र के लिए खतरा है।

‘करेंगे या मरेंगे’ अनशन 31 मार्च को
एक सवाल के जवाब में अन्ना ने कहा कि मैने कांग्रेस सरकार को 82 पत्र भेजे, जवाब न मिलने पर देशव्यापी जनआंदोलन खड़ा किया। इस सरकार को विभिन्न मुद्दों पर 22 पत्र लिखें, आज तक एक का जवाब नहीं मिला। इसलिए 23 मार्च को ‘करेंगे या मरेंगे’ आव्हान पर अनशन करेंगे।

मैं 80 वर्ष की उम्र में 22 राज्यों में 30 सभाएं कर चुका हूं। जब उनसे पूछा कि दिल्ली में जो हो रहा है, उस पर खामोश क्यों हैं। अन्ना ने कहा कि मेरे दिल में जो है, वह मुझे पता है। लेकिन केजरीवाल के दिल में क्या है, यह वही जानें।

अग्रवाल वैष्णव मोमीयान पंचायत महिला मण्डल ने मनाया फागोत्सव

कोटा। अग्रवाल वैष्णव मोमियान पंचायत महिला मण्डल द्वारा शुक्रवार को ब्रज गोपाल मन्दिर रामपुरा में फागोत्सव मनाया गया। संस्था की अध्यक्ष शिखा मित्तल व महामन्त्री सुनीता गोयल ने बताया कि इस अवसर पर राधाकृष्ण की झांकी सजाई गई। महिलाओं ने राधाकृष्ण के स्वरूप में सजधज कर भगवान के संग होली खेली।

उन्होंने ‘‘आज बिरज में होली रे रसिया…’’ सरीखे भजनों पर मन्त्रमुग्ध होकर नृत्य किया और फूलों की होली खेली। फागोत्सव में होली के भक्ति गीतों के साथ लोकगीतों की भी प्रस्तुति दी गई। इस दौरान महिलाओं ने एक दूसरे को गुलाल का तिलक लगाकर फागोत्सव की बधाई दी।

इस दौरान मन्दिर में भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर सचिव सुनीता गोयल, संरक्षिका सावित्री गुप्ता, माया अग्रवाल, संगीता गुप्ता, प्रीति अग्रवाल, सुनीता मित्तल, उषा अग्रवाल, सुनीता गर्ग, सीमा गुप्ता, मीना मित्तल, कविता, रानी अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थीं।

जेसीआई चलाएगा मासिक धर्म की भ्रांतियां दूर करने का अभियान

कोटा। जेसीआई राजस्थान मण्डल 5 की ओर से विश्व महिला दिवस को राजस्थान स्तर पर महिलाओं के समानता एवं स्वच्छता के अधिकार की थीम पर आयोजित किया जाएगा।

जेसीआई के प्रयास (सेनिटशन ड्राइव) कार्यक्रम के अंतर्गत 8 मार्च को 1 लाख से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं को सैनिटेरी नैप्किन वितरित किए जाएंगे।इसके साथ ही मासिक धर्म से संबंन्धित भ्रांतियाँ को दूर करने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

इस कार्यक्रम की रूपरेखा जेसीआई राजस्थान मण्डल 5 की अध्यक्ष जेसीआई सेनेटर मेघना शेखावत एवं कार्यक्रम निदेशक मण्डल के अध्यक्ष आशीष जैन एवं ईशांत अरोरा द्वारा की जा रही है।इस अनूठे एवं सामाजिक उत्थान
के कार्यक्रम की जगरूकता एवं प्रचार प्रसार के अंतर्गत शुक्रवार को कोटा कलेक्टर रोहित गुप्ता के द्वारा पोस्टर का विमोचन किया गया।

विमोचन कार्यक्रम में जेसीआई राजस्थान की अध्यक्ष मेघना शेखावत, जेसीआई कोटा सुरभि की पूर्व अध्यक्ष मीता अग्रवाल, जेसीआई कोटा एलेगन्स की अध्यक्ष तृप्ति नागर, जेसीआई कोटा स्टार की चैयरपर्सन मोनिका जैन एवं सचिव किरण गोयल मोजूद थे।

अस्पताल में मरीजो को फल बाटें
जेसीआई कोटा स्टार ने शुक्रवार को जेके लोन अस्पताल में मरीजो को फल, बिस्किट बांटे। अध्यक्ष आशुतोष जैन ने बताया कि संस्था के पूर्व अध्यक्ष स्व. मनोज बंसल की जन्म जयन्ती को सेवा दिवस के रूप में मनाया गया। पूर्व अध्यक्ष संजय गोयल ने बताया कि स्व. मनोज बंसल हमेशा गरीबो की सेवा व रक्तदान, सरकारी स्कूलो में बच्चों को ड्रेस वितरण आदि समाज सेवा में अहम योगदान देते थे।

इस अवसर पर पूर्व चेयरपर्सन पूजा बंसल, चेयरपर्सन मोनिका जैन, पूर्व अध्यक्ष संजय शर्मा, संजय गोयल, सचिव विशाल रस्तोगी, किरण गोयल, सुशील अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, नीलू अग्रवाल सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे।

अ. भा. किराड़ क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक कल

कोटा। अखिल भारतीय किराड़ क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को धरणीधर गार्डन में रात्रि 8 बजे से शिवाजी पटेल की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी। इसके बाद सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी रखा गया है। जिसमें देशभर से आने वाले अतिथियों के समक्ष राजस्थानी लोक संस्कृति से ओतप्रोत प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

राष्ट्रीय महाअधिवेशन 25 फरवरी को खड़े गणेश जी स्थित धरणीधर गार्डन में प्रातः 10 बजे से आयोजित किया जाएगा। जिसका उद्घाटन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व राजस्थान की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे करेंगी।अधिवेशन में पहुंचने के लिए कार्यकर्ताओं ने देशभर में गांव गांव में जाकर सम्पर्क किया और पीले चावल बांटे हैं। 

प्रदेश प्रवक्ता आशीष मेहता ने बताया कि महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवाजी पटेल शुक्रवार को ही कोटा पहुंच गए हैं। उन्होंने अधिवेशन आयोजन समिति की बैठक कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा निर्देश भी दिए

आशीष मेहता ने बताया कि अधिवेशन में भाग लेने के लिए राजस्थान के विभिन्न जिलों के अलावा मध्यप्रदेश के गुना, शिवपुरी, ग्वालियर, भिण्ड, श्योपुर, भोपाल, उज्जैन, विदिशा, इन्दौर समेत विभिन्न जिलों समेत उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा से बड़ी संख्या में समाज बंधु उपस्थित होंगे।

महासभा की जिला इकाईयों के द्वारा लगातार चल रहे जनसम्पर्क के दौरान समाजबंधुओं को पीले चावल बांटे गए हैं। वहीं हाड़ौती के विभिन्न गांवों से लाने के लिए बसों की भी व्यवस्था की गई है। कोटा के बाहर से आने वाले अतिथियों के लिए धरणीधर गार्डन के आसपास की विभिन्न होटलों और अन्य स्थानों को बुक कराया गया है।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के संयोजक रामकुमार मेहता, स्वागताध्यक्ष ओमप्रकाश मेहता, श्यामलाल मेहता, रामबिलास मेहता, आशीष मेहता, कपिल मेहता, विजय मेहता, कन्हैयालाल सुजानिया, मोहनसिंह किराड़, रामनिवास मेहता, गजेन्द्र मेहता, माणक मेहता, शरणलता मेहता, रमा मेहता, प्रकाश मेहता, सुरेश मेहता, ओम मेहता, बृजमोहन मेहता, ग्यारसीलाल मेहता, रमेशचन्द मेहता, सुरेशचन्द मेहता समेत कईं समाजबंधु उपस्थित थे।

ज्वैलर्स की मांग निकलने से सोने और चांदी में तेजी

नई दिल्ली/कोटा। शुक्रवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद सोने की कीमतों में सुधार दर्ज किया है। कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद ज्वैलर्स की ओर से बढ़ी मांग के चलते सोना 130 रुपये बढ़कर 31480 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है।

वहीं, चांदी ने इंडस्रीतेयल इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से तेज उठान के चलते चांदी 40,000 रुपये प्रति किलोग्राम के पार हो गई है। व्यापारियों का मानना है कि सोने की कीमतों में सुधार घेरलू हाजिर बाजार में ज्वैलर्स की ओर से बढ़ी मांग के चलते देखने को मिली है।

वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.26 फीसद की कमजोरी के साथ 1327.90 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.18 फीसद की कमजोरी के साथ 16.56 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई है।

देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 130 रुपये की बढ़त के साथ क्रमश: 31480 रुपये और 31330 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है।  जानकारी के लिए बता दें कि बीते सत्रों में सोने की कीमतों में 450 रुपये की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।

गिन्नी के भाव, हालांकि, 24800 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रहे हैं। चांदी तैयार 1165 रुपये की तेजी के साथ 40550 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 170 रुपये की तेजी के साथ 38510 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। चांदी के सिक्कों का भाव 74000 रुपये लिवाल और 75000 रुपये बिकवाल प्रति सैंकड़ा के स्तर पर बरकरार रहा है।

 

कोटा सर्राफा
चांदी 39400 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 31400 रुपये प्रति दस ग्राम,  सोना 36620 रुपये प्रति तोला। 
सोना शुद्ध 31550 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 36800 रुपये प्रति तोला। 

E-WAY बिल सात मार्च से लागू करने की तैयारी

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नई दिल्ली।  तकनीकी खामियों की वजह से अटका ई-वे बिल सात मार्च से लागू हो सकता है। जीएसटी व्यवस्था के तहत अहम ई-वे बिल को एक फरवरी से लागू होना था, लेकिन तमाम अड़चनों के कारण इसका क्रियान्वयन टालना पड़ा था।

राज्यों के भीतर और एक राज्य से दूसरे राज्यों में 50 हजार रुपये से ज्यादा के सामान की आवाजाही के लिए ई-वे बिल अनिवार्य होगा। इसके लिए ऑनलाइन बिल उत्पन्न करना होगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल इनफारमेटिक्स सेंटर (एनआईसी) ने ई-वे बिल सिस्टम को एक अप्रैल से लागू करने का अनुरोध सरकार से किया था।

हालांकि सरकार ने इसे पहले लागू करने का मन बनाया है, ताकि व्यावहारिक दिक्कतों को भी समय रहते दूर किया जा सके और एक अप्रैल से चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था रखी जा सके। एनआईसी के अधिकारियों के मुताबिक, ई-वे बिल की लांचिंग की तैयारियां जोरों पर हैं।

गौरतलब है कि सरकार ने राज्यों के बीच सामान की आवाजाही में ई-वे बिल के लिए कमर कस ली है। जबकि राज्यों के भीतर ई-वे बिल की अनिवार्यता के लिए राज्य सरकारों को जून तक का समय दिया गया है। सरकार की कोशिश है कि ई-वे बिल पोर्टल रोजाना लाखों बिल उत्पन्न करने की क्षमता पर खरा उतरे।

फाइनेंशियल सिस्‍टम से खिलवाड़ करने वालों पर होगा सख्‍त एक्‍शन : पीएम

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फाइनेंशियल सिस्‍टम से खिलवाड़ करने वाले लोगों को सख्‍त संदेश दिया है। उन्‍होंने कहा कि ये सरकार आर्थिक विषयों से संबंधित अनियमितताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर रही है, करेगी और करती रहेगी। पीएम ने आगे कहा कि जनता के पैसे का अनियमित अर्जन, इस सिस्टम को स्वीकार नहीं होगा। प्रधानमंत्री ने ये बातें एक कार्यक्रम में कही हैं।

फाइनेंशियल संस्‍थाओं से अपील
पीएम ने फाइनेंशियल संस्‍थाओं को भी अपने दायित्‍व को पूरी ईमानदारी से निभाने की अपील की है। पीएम ने कहा कि खासतौर से जिन्हें निगरानी और मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वे अपने काम में किसी तरह की लापरवाही न करें।

इंडियन इकोनॉमी की चर्चा पूरी दुनिया मेंभारत की पूरी दुनिया लोहा मान रही है और कल तक जो हमारी अर्थव्यवस्था पर उंगली उठाते थे आज वही कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहते हैं। उन्‍होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी की चर्चा कर रही है।

भारत ने दुनिया को मजबूती दी
पीएम ने कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों में भारत ने अपने साथ ही पूरी दुनिया की इकोनॉमी ग्रोथ को मजबूती दी है। IMF के आंकड़ों के अनुसार, साल 2013 के अंत में भारत का वर्ल्‍ड जीडीपी में नॉर्मल टर्म में सहयोग 2.4 फीसदी था। हमारी सरकार के लगभग 4 सालों में ये बढ़कर 3.1 फीसदी हो गया है।

हर जगह बेहतर परफॉर्म कर रहे
पीएम ने कहा कि आज आप कोई भी माइक्रो इकोनॉमी पैरामीटर देख लीजिए, चाहे वो मुद्रास्फीति हो, करंट अकाउंट डिफिसिट हो, फिसिकल डिफिसिट हो, GDP ग्रोथ हो, इंटरेस्‍ट रेट हो, FDI इंफ्लो हो, भारत सभी में बेहतर परफॉर्म कर रहा है। मुद्रास्फीति दर नियंत्रित रहने और हाई प्रोडक्‍टिविटी ग्रोथ की वजह से रुपए का आउटलुक भी बेहतर बना हुआ है। ब्याज दर में एक फीसदी से ज्यादा की कमी का लाभ ग्राहकों, हाउसिंग सेक्टर और अन्य उद्योगों को हो रहा है।

देश ने एक नई चीज सीखी
3 वर्ष में देश के इकोनॉमिक वर्ल्‍ड ने एक नई चीज सीखी है, और वो प्रतिस्पर्धा है। जब आगे बढ़ने की होड़ नहीं होगी, जब मजबूत कॉम्‍पिटिशन नहीं होगा, तो फिर न स्‍पीड आ पाएगी औऱ न ही दूर की सोच पाएंगे। आज भारत की इस खास स्किल को पूरी दुनिया मान्‍यता दे रही है।

101 अरबपतियों की संपत्ति GDP के 15% के बराबर हुई

नई दिल्ली। भारत में असमानता (Inequality) तीन दशक से लगातार बढ़ रही है। पिछले साल अरबपतियों की संपत्ति जीडीपी के 15% तक पहुंच गई। 5 साल पहले उनके पास जीडीपी के 10% के बराबर दौलत थी। ऑक्सफैम इंडिया ने गुरुवार को जारी रिपोर्ट में यह बात कही है।

अमीरों की अमीरी और गरीबों की गरीबी बढ़ने के लिए इसने सरकारी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। भारत की जीडीपी 2.6 लाख करोड़ डॉलर यानी करीब 168 लाख करोड़ रुपए है। 2017 में यहां अरबपतियों की संख्या (6,500 करोड़ से ज्यादा नेटवर्थ वाले) 101 थी।

– ‘इंडिया इनइक्वलिटी रिपोर्ट 2018’ में कहा गया है कि भारत दुनिया के सबसे असमान देशों में है। यहां असमानता का पैमाना कमाई, खर्च और संपत्ति है।

– रिपोर्ट लिखने वाले प्रो. हिमांशु के मुताबिक, इसे रोकने के लिए ज्यादा कमाई वालों पर ज्यादा टैक्स लगाया जाए। प्रॉपर्टी टैक्स दोबारा लागू हो और विरासत में मिली संपत्ति पर टैक्स लगे।

– पिछले महीने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक से पहले ऑक्सफैम ने एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें कहा गया था कि 2017 में भारत में जो संपत्ति पैदा हुई उसका 73% हिस्सा 1% बड़े अमीरों को मिला।

जिन मुट्‌ठीभर लोगों के हाथों में संपत्ति है, उनकी अमीरी में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। 2017 में भारत के 67 करोड़ गरीबों की संपत्ति में सिर्फ 1% बढ़ोतरी हुई

लिबरलाइजेशन: सिर्फ अमीरों को मिला फायदा
– 50% गरीबों के पास 1991 में 9% संपत्ति थी, 2012 में यह घटकर 5.3% रह गई।
– टॉप 1% अमीरों के पास 1991 में 17% संपत्ति थी, यह 2012 में बढ़कर 28% हो गई।
– टॉप 10% अमीर लोगों की संपत्ति की हिस्सा इस दौरान 51% से बढ़कर 63% हो गया।
– कुल खर्च का 44.7% शीर्ष 20% लोग करते हैं, सबसे कमजोर 20% लोगों का खर्च महज 8.1% है।
– शहरों में टॉप 10% लोगों का खर्च सबसे गरीब 10% लोगों की तुलना में 19.6 गुना है।

12 साल पहले अरबपतियों की संपत्ति जीडीपी का 5% थी
– 2005 में देश के अरबपतियों की संपत्ति जीडीपी के 5% के बराबर थी। 2008 में यह बढ़कर 22% पर पहुंच गई। उसी साल दुनिया की इकोनॉमी में गिरावट आई। इससे 2012 में संपत्ति भी कम हुई और अरबपतियों की संपत्ति जीडीपी की तुलना में 10% रह गई। लेकिन उसके बाद जैसे-जैसे हालात सुधरते गए, इनकी संपत्ति भी बढ़ती गई। 2017 में यह जीडीपी की 15% हो गई है।

भारत में: एक साल में 20.9 लाख करोड़ रुपए बढ़ गई 1% अमीरों की संपत्ति
– 2017 में देश में जो संपत्ति पैदा हुई उसका 73% हिस्सा 1% बड़े अमीरों को मिला।
– 20.9 लाख करोड़ का इजाफा 1% अमीरों की संपत्ति में, 67 करोड़ गरीबों की संपत्ति 1% बढ़ी।

दुनिया में: सिर्फ 8 लोगों के पास है आधे गरीबों के बराबर संपत्ति
– 2015 से दुनिया के सबसे अमीर 1% लोगों के पास बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा संपत्ति है। बिल गेट्स और जेफ बेजो जैसे 8 सबसे अमीर लोगों की संपत्ति सबसे गरीब आधे लोगों के बराबर है।

– आने वाले 20 सालों में 500 से ज्यादा लोग अपने वारिसों को 136 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति विरासत में देंगे।
– 1988 से 2011 के दौरान सबसे गरीब 10% लोगों की संपत्ति 200 रुपए से भी कम और टॉप 1% की कमाई में 182 गुना बढ़ी।

भारत और कनाडा के बीच सिक्युरिटी, एजुकेशन और बिजनेस समेत 6 करार

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा पीएम जस्टिन ट्रूडो के बीच शुक्रवार को हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों देशों के बीच सिक्युरिटी, एजुकेशन, बिजनेस, आतंकवाद और एनर्जी जैसे सेक्टर में सहयोग बढ़ाने के लिए 6 करार हुए। इसके बाद दोनों ने ज्वाइंट स्टेटमेंट दिया।

इस मौके पर मोदी ने कहा- “हमारे देशों की सम्प्रभुता, एकता और अखंडता को चुनौती देने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मेरा मानना है कि बंटवारों की खाई खोदने वालों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। बता दें कि कैनेडियन डेलिगेशन में खालिस्तान समर्थक शामिल होने की वजह से ट्रूडो का यह दौरा विवाद में आ गया था।

मोदी बोले- कनाडा के साथ आर्थिक संबंधों को बढ़ाएंगे
– ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में नरेंद्र मोदी ने कहा, ”मैं कनाडा गया था, तब मुझे वहां लोगों का भारत के प्रति काफी लगाव देखने को मिला। मुझे आशा है कि पीएम ट्रूडो ने भी भारत आकर परिवार के साथ काफी आनंद लिया होगा।

हमने कई सेक्टर को लेकर बात की, जिनमें दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं। आज की चर्चा में हमने आतंकवाद का खतरा देखते हुए सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए साथ मिलकर काम करने का फैसला लिया। हमारे एनएसए मिले हैं और आगे भी मुलाकात करेंगे।”

– ”कनाडा के साथ अपने स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने को भारत बहुत अधिक महत्व देता है। हमारे रिश्ते लोकतंत्र, बहुलवाद, कानून की सर्वोच्च और आपसी संपर्क पर आधारित हैं। कनाडा का पेंशन फंड भारत का आर्थिक साझेदार बना हुआ है। कनाडा के साथ आर्थिक संबंधों को और बढ़ाएंगे।”

पार्टनरशिप जरूरी है दोनों देशों के बीच
– नरेंद्र मोदी ने कहा- ”हायर एजुकेशन के लिए कनाडा बेहतर डेस्टिनेशन है। आज 1 लाख से ज्यादा भारतीय स्टूडेंट वहां पढ़ाई कर रहे हैं। इसके लिए हमने एमओयू को रिन्यू किया है। टेक्नोलॉजी को बढ़ाने के लिए प्रयास जारी हैं। दोनों देशों के बीच इसकी पार्टनरशिप जरूरी है। सूचना और संचार के क्षेत्र में बेहतरी के लिए दोनों सरकारें तैयार हुई हैं।”

– ”हमारी एटोमिक कैपिसिटी बढ़ाने की जरूरत है। कनाडा यूरेनियम का बड़ा सप्लायर है। एक तरह से एनर्जी का सुपर पावर है। कनाडा हमारी एनर्जी की बढ़ती जरूरतों को पूरा कर सकता है।

उत्तर कोरिया में हथियारों के इस्तेमाल और मालदीव में लोकतंत्र की स्थिति को लेकर हमारे विचार एक हैं। कनाडा के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रति हम प्रतिबद्ध हैं और भारत के विकास में कनाडा की भागीदारी चाहते हैं।”

बंटवारों की खाई खोदने वालों के लिए कोई जगह नहीं
– नरेंद्र मोदी ने कहा- “सम्प्रदाय का राजनीतिक उद्देश्य के लिए उपयोग करने वालों और बंटवारों की खाई खोदने वालों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। हमारे देशों की सम्प्रभुता एकता और अखंडता को चुनौती देने वालों को भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। आतंकवाद और उग्रवाद से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री ट्रुडो और मैं सहमत हुए हैं।

कनाडा के पीएम ने क्या कहा?
– ट्रूडो ने कहा, ”आज हमने दोनों देशों के बीच दोस्ती और पार्टनरशिप को आगे बढ़ाया है। कनाडा की इकोनॉमी में विविधता नजर आती है। हम अपनी सीमाओं से आगे जाकर बिजनेस को आगे बढ़ाना चाहते हैं। भारत हमेशा से कमर्शियल को-ऑपरेशन में एक भरोसेमंद दोस्त रहा है।”

ट्रूडो के दौरा पर क्यों हुआ विवाद?
– कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का यह दौरा दो वजह से विवादों में रहा।
– पहला- कैनेडियन मीडिया ने कहा कि भारत ने ट्रूडो के दौरे को दूसरे देशों के पीएम और प्रेसिडेंट की तुलना में ज्यादा अहमियत नहीं दी।
– दूसरा- खालिस्तानी समर्थक जसपाल अटवाल को डिनर का इन्वाइट किया। हालांकि, बाद में डैमेज कंट्रोल के लिए अटवाल का इन्विटेशन कैंसल कर दिया गया था।

चौतरफा खरीददारी से सेंसेक्स 323 अंक बढ़ा, निफ्टी 10491 पर बंद

नई दिल्ली। ग्लोबल मार्केट से मिले संकेतों से शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की सपाट शुरुआत हुई। सपाट शुरुआत के बाद सभी सेक्टरों में खरीददारी से बाजार में तेजी बढ़ गई है, जिससे सेंसेक्स में 200 अंकों का उछाल आया है, जबकि निफ्टी 70 अंकों से ज्यादा बढ़ा है।

वहीं हैवीवेट एसबीआई, मारुति, एचडीएफसी बैंक, ओएनजीसी, एचडीएफसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज में खरीददारी से मार्केट को सपोर्ट मिल रहा है। सेंसेक्स 323 अंक बढ़कर 34,142 अंक पर और निफ्टी 108 अंक चढ़कर 10,491 अंक पर बंद हुआ। इसके पहले, सेंसेक्स 12 अंक की मामूली बढ़त के साथ 33,832 अंक पर खुला। वहीं निफ्टी 25 अंक बढ़कर 10,408 अंकों पर खुला।

मिडकैप-स्मॉलक शेयरों में मजबूती
– शुरुआती कारोबार में लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.62 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.57 फीसदी बढ़ा है।
– मिडकैप शेयरों में फेडरल बैंक, बायोकॉन, आईडीबीआई, वाकहार्ट फार्मा, मुथूट फाइनेंस, अल्केम, टीवीएस मोटर्स, आर पावर 1.68-3.73 फीसदी तक बढ़े।

सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़े, निफ्टी फार्मा 1.51 फीसदी चढ़ा
– शुरुआती कारोबार में बैंक, आईटी समेत सभी सेक्टोरल इंडेक्स में बढ़त देखने को मिल रही है। निफ्टी फार्मा इंडेक्स में सबसे ज्यादा 1.51 फीसदी की मजबूती आई है। वहीं निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.70 फीसदी बढ़ा है।
– इसके अलावा बैंक निफ्टी 0.66 फीसदी, ऑटो 0.26 फीसदी, एफएमसीजी 0.10 फीसदी, मेटल 0.65 फीसदी और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 0.47 फीसदी तक मजबूत हुआ है।

अपडेट्स
12:51 PM
बिनानी इंस्ट्रीज में लगा 5% का अपर सर्किट
– शुक्रवार के कारोबार में बिनानी इंडस्ट्रीज के स्टॉक में 5 फीसदी का अपर सर्किट लगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अल्ट्राटेक सीमेंट ने कम्पीटिशन कमिशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) से बिनानी सीमेंट को खरीदने की मंजूरी मांगी है। इस खबर से कारोबार के दौरान बीएसई पर बिनानी इंडस्ट्रीज का स्टॉक 5 फीसदी चढ़कर 109.20 रुपए के भाव पर पहुंच गया।

12:07 PM
फेडरल बैंक ने Equirus Capital में 26% हिस्सेदारी खरीदी, स्टॉक 5% बढ़ा
– Equirus Capital में 26% हिस्सेदारी खरीदने की खबर से शुक्रवार के कारोबार में फेडरल बैंक के स्टॉक में 5 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। बीएसई पर स्टॉक 5 फीसदी बढ़कर 94.40 रुपए के भाव पर पहुंच गया।

11:48 AM
L&T को मिला 1266 करोड़ का ऑर्डर, शेयर 0.47% बढ़ा
– लॉर्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) की कंस्ट्रक्शन आर्म को विभिन्न बिजनेस सेग्समेंट्स से 12,600 करोड़ रुपए का ऑर्डर मिला। ऑर्डर मिलने की खबर से कारोबार के दौरान बीएसई पर शेयर में 0.47 फीसदी का उछाल देखने को मिला।

09:55 AM
JSW ने जेपी इंफ्रा के लिए लगाई हाइएस्ट बोली, स्टॉक 5% बढ़ा
– जेएसडब्ल्यू ग्रुप ने कर्ज से दबी कंपनी जेपी इंफ्राटेक के लिए सबसे ज्यादा 9900 करोड़ रुपए की बोली लगाई है। इस खबर से कारोबार में बीएसई पर जेपी इफ्रांटेक के स्टॉक में 5 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई।

09:22 AM
रुपया में लौटी मजबूती
– सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को रुपए की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 9 पैसे की बढ़त के साथ 64.95 के स्तर पर खुला।

09:21 AM
एशियाई बाजारों में तेजी
– शुक्रवार को एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 0.14 फीसदी की मजबूती के साथ 10400 अंक पर कारोबार कर रहा है। जापान का बाजार निक्केई 78 अंक की बढ़त के साथ 21,814 अंक पर कारोबार कर रहा है। हैंग सेंग 345 अंक की उछाल के साथ 31,310 अंक पर कारोबार कर रहा है।
– कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी 1.05 फीसदी से ज्यादा मजबूत होकर 2439 अंक पर कारोबार कर रहा है, जबकि ताइवान इंडेक्स 133 अंक बढ़कर 10795 अंक पर कारोबार कर रहा है। शंघाई कम्पोजिट में 0.36 फीसदी की बढ़त दिख रही है। वहीं स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 1 फीसदी की बढ़त के साथ 3523 अंक पर कारोबार कर रहा है।

09:20 AM
DII रहे खरीददार, एफआईआई ने की बिकवाली
– गुरूवार के कारोबार में डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने घरेलू शेयर बाजार में 1059.42 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे, जबकि फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने 2335.34 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।

09:20 AM
अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला कारोबार
– गुरुवार के कारोबार में अमेरिकी बाजार मिले-जुले बंद हुए। डाओ जोंस 165 अंक की मजबूती के साथ 24,962 अंक पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.10 फीसदी की बढ़त के साथ 2,704 अंक पर बंद हुआ। हालांकि नैस्डैक 8 अंक की मामूली गिरावट के साथ 7,210 अंक पर बंद हुआ।