Saturday, July 18, 2026
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दूध की गुणवत्ता के लिए 50 समितियों में लगेंगी मशीनें

कोटा। गांव व ढाणियों का दूध सरस डेयरी में क्वालिटी के साथ पहुंचे और गर्मियों में दूध की गुणवत्ता खराब न हो इसके लिए सरस डेयरी की 125 दुग्ध समितियों में बीएमसी (बल्क मिल्क कूलर) की जरूरत है। इनमें से 50 बीएमसी की नेशनल डेयरी प्लान फर्स्ट के तहत 50 बीएमसी स्वीकृत मिल चुकी है। इसके टेंडर भी हो चुके हैं। वहीं, 75 बीएमसी की और डिमांड की है।

यह मशीनें दूध को 5 डिग्री से कम तापमान में सहेज कर रखती हैं। कोटा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के चेयरमैन श्रीलाल गुंजल ने बताया कि संघ के पास 750 दुग्ध समितियां हैं और इनके बीच कम से कम 250 बीएमसी होने चाहिए। वर्तमान में 105 बीएमसी से दूध एकत्रित करके डेयरी प्लांट में लाया जा रहा है।

ऐसे में अभी 1 लाख 34 हजार लीटर दूध डेयरी में आ रहा है। दूध की क्षमता बढ़ाने के लिए संघ बीएमसी मशीनें बढ़ाना चाहता है। ऐसे में सरकार को बजट घोषणा के बाद 75 बीएमसी की डिमांड भेजी गई। 50 बीएमसी स्वीकृत मिली हुई है। इनके टेंडर कर दिए गए हैं। इन बीएमसी में 1000 से 2000 लीटर दूध सुरक्षित रखा जा सकता है।

इस प्रकार जल्द ही 50 दुग्ध समितियों में 50 बीएमसी लगा दी जाएंगी। नेशनल डेयरी प्लान फर्स्ट से 50 के अलावा बाद में सरकार से 75 बीएमसी मिलने पर डेयरी के पास 230 बीएमसी हो जाएगी।

दूध की आवक डबल हो जाएगी : एमडी श्याम बाबू वर्मा ने बताया कि दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ ने 14 फरवरी को सरकार को 75 बीएमसी की डिमांड के प्रस्ताव भेजे हैं। 50 बीएमसी नेशनल डेयरी प्लान फर्स्ट के तहत लगेंगी। ऐसे में 230 दुग्ध समितियों में बीएमसी लगने से डेयरी में दूध की आवक डबल हो जाएगी।

डायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन : 10.05 लाख करोड़ का टारगेट

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नई दिल्‍ली। डायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्‍य को पूरा करने के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्‍ट टैक्‍सेज (CBDT) ने अपने फील्‍ड ऑफिसर्स को प्रयास बढ़ाने को कहा है। साथ ही अच्‍छी परफॉरमेंस वाली जोन्‍स पर ज्‍यादा ध्‍यान देने का भी आदेश दिया है।

बता दें कि 2018-19 बजट में सरकार ने डायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन लक्ष्‍य बढ़ाकर 10.05 लाख करोड़ रुपए कर दिया है। इससे पहले यह लक्ष्‍य 9.80 लाख करोड़ रुपए था। इस माह की शुरुआत में हुई रिव्‍यू मीटिंग में CBDT ने अच्‍छा परफॉर्म करने वाले जोन्‍स के लिए टैक्‍स कलेक्‍शन लक्ष्‍य को बढ़ा दिया है।

एक अधिकारी ने बताया कि हम जनवरी-मार्च तिमाही में बेहतर एडवांस टैक्‍स कलेक्‍शन की उम्‍मीद कर रहे हैं। अगर अक्‍टूबर-दिसंबर तिमाही वाला ट्रेंड ही जारी रहा तो हम 10 लाख करोड़ रुपए के लक्ष्‍य को हासिल करने में सक्षम होंगे।

नोटबंदी के डाटा की भी जांच
कर अधिकारियों को यह भी सलाह दी गई है कि वे यह सुनिश्चित करें कि TDS केन्‍द्र के राजकोष में जमा हो रहा है या नहीं। साथ ही बकाए की भी जांच करें। अधिकारी ने आगे कहा कि नोटबंदी के डाटा की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह फाइल किए गए टैक्‍स रिटर्न पर बेस्‍ड है या नहीं। अगर है तो कुछ टैक्‍स मौजूदा वित्‍त वर्ष में अपने आप रिकवर हो सकते हैं।

कितना हुआ अप्रैल-जनवरी में कलेक्‍शन
अप्रैल-जनवरी अवधि में सरकार ने डायरेक्‍ट टैक्‍स से 6.95 लाख करोड़ रुपए की आय अर्जित की, जो पूरे 2017-18 वित्‍त वर्ष के लिए 10.05 लाख करोड़ रुपए के रिवाइज्‍ड एस्‍टीमेट का 69.2 फीसदी है। पिछले वित्‍त वर्ष सरकार का डायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन 8.49 लाख करोड़ रुपए रहा था।

गोबर धन के लिए ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफार्म बनेगा : मोदी

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में 41वें संस्करण में विज्ञान दिवस, महिला दिवस और होली पर बात की। कचरे से कनक बनाने और कूड़े से ऊर्जा सृजित करने पर जोर देते हुए मोदी ने कहा कि गोबर धन योजना की सुचारू व्यवस्था के लिए ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफार्म बनेगाा। यह किसानों को खरीदारों से जोड़ेगा। इससे किसानों को गोबर तथा फसल अवशेषों का उचित दाम मिलेंगे।

जन हित में हो तकनीक का इस्तेमाल
मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल मानव कल्याण और मानव जीवन की सर्वोच्च ऊंचाइयां छूने के लिए होना चाहिए। इसका इस्तेमाल दिव्यांगों का जीवन सुगम बनाने में करना चाहिए। किसानों के लिए होना चाहिए।

सबल नारी है न्यू इंडिया का सपना
मोदी ने कहा कि सशक्त, सबल और देश के समग्र विकास में बराबर भागीदार नारी ही न्यू इंडिया का सपना है। देश महिला विकास से आगे महिला नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है।

ज्यादातर दुर्घटनाएं हमारी गलती से
मोदी ने कहा- प्राकृतिक आपदाओं के अलावा ज्यादातर दुर्घटनाएं, हमारी गलती का परिणाम होती हैं। सड़क और कार्य क्षेत्र में सुरक्षा से जुड़े बहुत सूत्र लिखे होते हैं, लेकिन उनका पालन कहीं नहीं दिखता।

एक सवाल ने महान वैज्ञानिक दिया
मोदी ने भारत रत्न सर सीवी रमन को भी याद किया। बोले- क्या हमने कभी सोचा है कि नदी हो या समुद्र हो, इसमें पानी का रंग रंगीन क्यों हो जाता है? यही प्रश्न 1920 के दशक में भारत के एक महान वैज्ञानिक को जन्म दिया।

48 साल के विकास की तुलना 48 महीने से करें: मोदी
पीएम मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद रविवार को पहली बार पुडुचेरी पहुंचे। यहां मोदी ने आध्यात्मिक गुरु श्री अरबिंदो के आश्रम में उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद एक रैली में मोदी ने कहा कि यह दिव्य लोगों का शहर है। पुडुचेरी के पास रिसोर्स की कमी नहीं है, फिर भी इसके विकास में कमी रह गई।

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एक परिवार ने देश पर 48 साल तक राज किया। पिछले 10 साल तो रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाई। हमारी सरकार के इस साल मई में 48 महीने पूरे होंगे, विकास के लिहाज से इनकी 48 साल से तुलना करें।

पता चलेगा आपने क्या खोया। हमें 1947 में आजादी मिली। हम विकास के मामले में दुनिया के बाकी देशों की बराबरी नहीं कर पाए, जो हमारे साथ आजाद हुए थे। प्रधानमंत्री मोदी रविवार को पुडुचेरी में थे। उन्होंने 41वीं बार मन की बात की। इस बार पूर्व वैज्ञानिकों के योगदान को याद किया।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु के मातृ मंदिर भी पहुंचे।

एमपी सीएम की पत्नी साधना को अध्यक्ष चुनने पर जमकर चले लात-घूंसे

कोटा। अखिल भारतीय किराड़ क्षत्रिय महासभा का 11वां राष्ट्रीय महाअधिवेशन रविवार को खड़े गणेश जी स्थित धरणीधर गार्डन में आयोजित किया गया।  जहाँ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह को महासभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की घोषणा पर वर्तमान उपाध्यक्ष लोकेन्द्र सिंह के समर्थकों ने हंगामा कर दिया।

समर्थक चाहते थे कि लोकेन्द्र को अध्यक्ष बनाया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो कार्यक्रम के दौरान जमकर हंगामा हुआ। यह देखकर सीएम और उनकी पत्नी वहां से चले गए। इसके बाद भी हंगामा जारी रहा और लात-घूंसे तक चल गए। इस दौरान पुलिस को व्यवस्था संभालने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।

पुलिस ने लोगों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद सीएम शिवराज और उनकी पत्नी साधना सिंह मंच पर आए और समाज की ओर से उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाये जाने पर धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने किया। 

 दूसरे सत्र में ‘‘किराडू राज महोत्सव’’ के नाम से प्रकाशित इस स्मारिका का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वन्देमातरम् से तथा समापन राष्ट्रगान जन गण मन से किया गया। कार्यक्रम में वन्देमातरम् और भारत माता के जयकारों के साथ ही शिवराज सिंह चौहान और किराड़ समाज जिन्दाबाद के नारे गूंजते रहे।

आगे बढना है तो स्वयं को क्षमतावान बनाना होगा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केवल समाज के नाम पर कोई व्यक्ति आगे नहीं बढ सकता है। यदि आगे बढना है तो स्वयं को क्षमतावान बनाना होगा। अपने अंदर की क्षमता को जाग्रत करके ही आगे बढा जा सकता है। उन्होंने आपातकाल के आन्दोलन में जेल जाने की घटना सुनाते हुए कहा कि आज भी जब आसमान में बादल चमकते हैं तो घुटने दर्द करते हैं।

उन्होंने कहा कि साढे नौ महीना जेल में रहा, लेकिन तय किया था कि जुल्म के आगे नहीं झुकुंगा, जुल्म किया तो और लडूंगा। अपने अंदर कार्य करने की प्रेरणा, जज़्बा, तड़प, जूनून पैदा करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राजनीति की बात समाज के मंच से केवल प्रेरणा देने के लिए कर रहा हूं।

उन्होने कहा कि दुनिया में कोई काम ऐसा नहीं है, जिसे कोई व्यक्ति नहीं कर सकता है। समाज की पगड़ी का मान सदैव रखा है। समाज का मान कभी नहीं जाने दूंगा और समाज को नीचा दिखाने का काम कभी किया भी नहीं हैं और कभी करूंगा भी नहीं। शिक्षा हमारी प्रााथमिकता में और समाज के लिए हर व्यक्ति को सोचना चाहिए।

अकेले खेती पर निर्भर नहीं रहा जा सकता
महासभा को परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण तथा कोचिंग की व्यवस्था करनी चाहिए। इसमें यदि आवश्यकता होती है तो सरकार भी सहयोग करने के लिए तैयार है। अब अकेले खेती पर निर्भर नहीं रहा जा सकता है।

खेती आज भी हमारी प्राथमिकता है, लेकिन इसके साथ कुछ अन्य धंधों की ओर भी रूझान करना होगा। महासभा को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कार्य करना होगा। वहीं स्वच्छ भारत, रक्तदान, वृक्षारोपण, बेटी बचाओ जैसे अभियान भी हाथ में लेने होंगे।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि झालावाड़ में पहली बार आई तो सबसे पहले किराड़ समाज ने ही स्नेह दिया था। आज कभी इस समाज को देने की आवश्यकता हुई तो कभी भी पीछे नहीं हटूंगी। उन्होंने कहा कि जीत और हार चलती रहती है, लेकिन लोगों के राहत देने के काम राजस्थान की सरकार करती रहेगी।

कायापलट करने के लिए 10 से 15 साल चाहिए 
राजस्थान में 36 कौम का साथ लेकर मजबूत प्रदेश बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ, गुजरात और मध्यप्रदेश में 15 साल तक भाजपा का शासन रहा तो वहां कायापलट हो गई। कायापलट करने के लिए 10 से 15 साल तो चाहिए ही होते हैं। हमें भी कामयाब होने के लिए कार्य करना होगा।

नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष साधना सिंह ने कहा कि समाज के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आई थी, लेकिन समाज की ओर से अध्यक्ष बना दिया गया है। इसके लिए सभी का सहयोग चाहिए, तब ही यह जिम्मेदारी निभा पाऊँगी । व्यक्ति के नाते से पद का कोई महत्व नहीं होता है। बड़े काम करने के लिए सबका साथ चाहिए।

इससे पहले पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. गुलाब सिंह किरार ने साधना सिंह के नाम का प्रस्ताव रखा तथा ओम मेहता तथा लोकेन्द्र सिंह राजपूत ने उनके नाम का समर्थन किया। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी सरोज वर्मा ने उनके निर्वाचन की घोषणा की।

महाकाल बलिदान मांग रहे हैं
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लोकेन्द्र सिंह राजपूत ने कहा कि कभी कभी ऐसी घड़ी भी आती है, जब हिम्मत से काम लेना पड़ता है। सभी लोग उत्साहितम होकर काम करेंगे तमो सभी का भविष्य सुरक्षित रहेगा। आज नही तो कल हम सभी को मंजिल जरूर मिलेगी, लेकिन समय से पहले कुछ नहीं मिल सकता है। हम अपने मुखिया के लिए अपना बलिदान दे रहे हैं। पूर्व में भी मुरैना से चुनाव न लड़कर बलिदान दिया था। एक बार फिर महाकाल हमारा बलिदान मांग रहे हैं।

समारोह में यह भी मौजूद थे
प्रदेश प्रवक्ता आशीष मेहता ने बताया कि महाअधिवेशन में महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवाजी पटेल, मध्यप्रदेश एग्रो के चैयरमेन एवं राज्यमंत्री रामकिशन चौहान, नगर निगम भोपाल के महापौर एवं राष्ट्रीय महामंत्री डाॅ. सुरजीत सिंह चौहान, महिला इकाई की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती वासंती मांगरोले, नवयुवक मण्डल के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवांशु सिंह किराड़, विशेष आमंत्रित सदस्य एवं शिवराज सिंह चौहान की धर्मपत्नी साधना सिंह चौहान, कार्यक्रम संयोजक रामकुमार मेहता, स्वागताध्यक्ष ओमप्रकाश मेहता समेत कईं लोग उपस्थित थे।

राजे ने किया कवि सम्मेलन एवं स्मार्ट मार्केट योजना के पोस्टर का विमोचन

कोटा। मुख्यमन्त्री वसुंधरा राजे ने कोटा प्रवास के दौरान कोटा व्यापार महासंघ एवं नगर निगम द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छता महाअभियान के तहत 10 मार्च को कोटा व्यापार महासघं एवं दीएसएसआई एसोसिएशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कवि सम्मेलन एवं स्मार्ट मार्केट योजना के पोस्टर का विमोचन किया। 

कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया किं 28 फरवरी को गुमानपुरा कोटड़ी रोड़ क्षेत्र को स्मार्ट मार्केट की योजना में शामिल किये जाने एवं उस बाजार को स्मार्ट मार्केट का रूप दिये जाने का विधिवत शुभारंभ किया जायेगा। 

शीघ्र ही स्मार्ट मार्केट की योजना को शहर के प्रमुख बाजारो में लागू किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मार्केट बनाये जाने की योजना को सफल बनाने के लिए कोटा व्यापार महासंघ के सुझाव पर नगर निगम को सार्थक प्रयास करने को कहा।

राज्य सरकार पूर्ण मदद करेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट मार्केट बनवाये जाने से आम जनता को सुविधा मिलेगी और मार्केट भी स्वच्छ सुन्दर एवं जन सुविधा युक्त होगा । उन्होने कहा किं इस क्षैत्र में जो भी कार्य योजना लायी जायेगी,  उसमें राज्य सरकार पूर्ण मदद करेगी।

इस अवसर पर महापौर महेश विजय एवं उपमहापौर सुनीता व्यास ने बताया कि कोटा व्यापार महासंघ के सहयोग से चलाये जा रहे स्वच्छता महाभियान के अर्न्तगत बाजारो को सुविधा युक्त एवं गंदगी दूर करने के लिए सार्थक प्रयास किये जा रहे हैं।

स्वच्छता अभियान का धीरे-धीरे असर दिखने लगा हैं एवं लोगो में स्वच्छता के प्रति जागरूकता आयी है। इस अभियान को निरन्तर चलाया जायेगा इसके साथ-साथ कोटा व्यापार महासंघ एवं नगर निगम कें सयुंक्त प्रयासों से स्मार्ट मार्केट के

अन्तर्गत गुमानपुरा रोड़ पर स्थित माणक भवन व्यापार संघ के सहयोग से स्मार्ट कार्य योजना का शुभारम्भ किया जायेगा। जिसके तहत इन बाजारों में समुचित पार्किंग व्यवस्था, सुलभ शौचालय, सीसी टीवी कैमरे, सुगम यातायात, वाटर मशीन आदि सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी।

कोटा व्यापार महासंघ के महासंचिव अशोक माहेश्वरी एवं दीएसएसआई एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम भाटिया ने बताया कि 10 मार्च को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा हैं, इसमें राष्ट्रीय कवि भाग लेंगे, फोल्डर विमोचन के अवसर पर हाड़ौती फाइनेन्स एसो. के अध्यक्ष राजकुमार माहेश्वरी भी मौजूद थे।

कोटा के कमोडिटी एक्सपर्ट मुकेश भाटिया जयपुर में सम्मानित

जयपुर। फेडरेशन आॅफ इंडियन स्पाइस स्टेकहाॅल्डर्स की ओर से से क्लार्क होटल में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में कोटा के कमोडिटी एक्सपर्ट मुकेश भाटिया को बोर्ड के डायरेक्टर के रूप में फेडरेशन के चेयरमैन अश्विन नायक ने शील्ड देकर नवाजा। 

इससे पहले डिस्कशन पैनल में फेडरेशन ऑफ इंडियन स्पाइस स्टेकहोल्डर्स बोर्ड के डायरेक्टर मुकेश भाटिया ने धनिया के उत्पादन, स्टॉक और दामों के स्थिति को लेकर आंकड़े पेश किये। पैनल में प्रमुख रूप से  रामगंजमंडी से  चिराग पटेल, रामनलाल मनीभाई, भारत दशानी कृष्ण राजकोट,  कैलाश,घासीलाल, रामबाबू जयपुर, आदित्य मोटा मंदसौर शामिल थे।  पैनल डिस्कशन का संचालन मंदसौर के बृजेश गर्ग ने किया शामिल थे।  अधिवेशन में फेडरेशन के चेयरमैन अश्विन नायक ने इस  दौरान स्पाइस बोर्ड के पुनर्गठन की मांग रखी। 

रात तक दुबई से मुंबई आएगी श्रीदेवी की पार्थिव देह, श्रद्धांजलि

दुबई/मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रीदेवी हमारे बीच नहीं रहीं। दुबई में देर रात दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ने से उनका निधन हो गया। वे 54 साल की थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक जताया है। अमिताभ बच्चन, कमल हासन, प्रियंका चोपड़ा समेत तमाम कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

अमिताभ ने देर रात ट्वीट किया- “न जानें क्यों, एक अजीब सी घबराहट हो रही है।” श्रीदेवी अपने 5 दशकों के करियर में एक्टिंग के बूते सिल्वर स्क्रीन पर छाई रहीं। इसीलिए उन्हें पहली महिला सुपरस्टार कहा जाता है। श्रीदेवी को 2013 में पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था। एयरपोर्ट अथॉरिटी के सूत्रों के मुताबिक, रविवार 8 बजे तक चार्टर्ड प्लेन से उनका पार्थिव शरीर मुंबई आ सकता है।

श्रीदेवी का निधन कब हुआ?
– पति बोनी कपूर और छोटी बेटी खुशी के साथ अपने भांजे मोहित मारवाह की शादी में शरीक होने दुबई में थीं। परिवार के मुताबिक देर रात उन्हें दिल का दौरा (कार्डिएक अरेस्ट) पड़ा। उसके बाद उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया। करीब 11:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

कहां होगा अंतिम संस्कार ?
– श्रीदेवी का अंतिम संस्कार मुंबई में होगा। उनके पार्थिव शरीर को दुबई से लाया जा रहा है।
आखिरी वक्त में परिवार के कितने लोग थे पास?
– बोनी के परिवार के लोग शादी के बाद दुबई से लौट आए थे। लेकिन बोनी, श्रीदेवी और खुशी वहीं रुक गए थे। बड़ी बेटी जाह्नवी अपनी एक फिल्म की शूटिंग के चलते दुबई नहीं जा पाई थीं।

किस फिल्म से किया था डेब्यू?
– 13 अगस्त 1963 को तमिलनाडु में जन्मीं श्रीदेवी ने 1975 में आई फिल्म ‘जूली’ से डेब्यू किया था। इसमें वे चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर नजर आई थीं। 1983 में आई फिल्म ‘हिम्मतवाला’ ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नही देखा।
– बता दें कि श्रीदेवी ने आखिरी बार ‘मॉम’ फिल्म में काम किया, जो 7 जुलाई 2017 में हुई थीं। इसके पहले वे 2012 में आई फिल्म ‘इंग्लिश विंग्लिश’ में नजर आई थीं।

श्रीदेवी पहली फीमेल सुपरस्टार क्यों?
– बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रीदेवी अपने 5 दशकों के करियर में एक्टिंग के बूते सिल्वर स्क्रीन पर छाई रहीं। पुरुषों के दबदबे वाली फिल्म इंडस्ट्री में श्रीदेवी ने 80 और 90 के दशक में वो मुकाम हासिल किया जो पहले कोई एक्ट्रेस हासिल नहीं कर पाई।
– श्रीदेवी की बेहतरीन एक्टिंग, बोलती सी दिखने वाली उनकी आंखें और रहस्यमयी मुस्कान ने बॉलीवुड की चांदनी को पहली फीमेल सुपरस्टार बनाया।

बोनी कपूर से की शादी
– श्रीदेवी ने फिल्म प्रोड्यूसर बोनी कपूर से 1996 में शादी की थी। दोनों की लव स्टोरी फिल्म मि. इंडिया (1987) की शूटिंग के दौरान से ही शुरू हुई थी।
– श्रीदेवी का डेब्यू 1978 में सोलहवां सावन से माना जाता है। हिम्मतवाला (1983), मवाली (1983), तोहफा (1984), नगीना (1986), आखिरी रास्ता (1986), कर्मा (1986), मि. इंडिया (1987) और चांदनी (1989) समेत कई फिल्मों में काम किया।
– 1983 में कमल हासन के साथ आई फिल्म सदमा में उनके किरदार को काफी पसंद किया गया। 1989 की चालबाज, 1991 की लम्हें और 1992 में आई खुदा गवाह में वे डबल रोल में नजर आईं। 1996 में उन्होंने शाहरुख खान के साथ आर्मी में काम किया।
– शाहरुख की दिसंबर में आने वाली फिल्म जीरो में भी उनका एक स्पेशल अपीयरेंस होगा।

नरेंद्र मोदी ने कहा- दुखी हूं
– नरेंद्र मोदी ने श्रीदेवी के निधन पर दुख जताया। उन्होंने ट्वीट कर कहा- “श्रीदेवी की असामयिक मृत्यु से दुखी हूं। वह फिल्म इंडस्ट्री की एक बड़ी कलाकार थीं, जिनके लंबे करियर में विविध और यादगार भूमिकाएं शामिल हैं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं।”

बॉलीवुड ने ट्विटर पर दी श्रद्धांजलि
– सिद्धार्थ मल्होत्रा ने ट्वीट किया है- “श्रीदेवी मैम के निधन की खबर सुनकर हैरान और परेशान हूं।”
– प्रियंका चोपड़ा ने ट्वीट किया है- “मेरे पास शब्द नहीं हैं। श्रीदेवी को प्यार करने वाले हर शख्स के प्रति संवेदना। एक काला दिन। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।”
– क्रिकेटर मोहम्मद कैफ- “श्रीदेवी जी के निधन की खबर सुनकर चौंक गया। उनके परिवार और दोस्तों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।”

2013 में मिला था पद्मश्री
– श्रीदेवी को हिंदी फिल्मों की पहली फीमेल सुपरस्टार भी कहा जाता था। भारत सरकार ने साल 2013 में उन्हें पद्मश्री से नवाजा था।

क्या होता है कार्डिएक अरेस्ट?
– ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के मुताबिक, हार्ट में इलेक्ट्रिकल सिग्नल में गड़बड़ी की वजह से शरीर में जब ब्लड नहीं पहुंचाती तो यह स्थिति कार्डिएक अरेस्ट की शक्ल ले लेती है। जब हार्ट ब्लड को पम्प करना बंद कर देता है तो ब्रेन में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। ऐसा होने पर इंसान बेहोश हो जाता है और सांस आना बंद होने लगती है।

क्‍लेम में गलती से अटका एक्‍सपोर्टर्स का 70% IGST रिफंड

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नई दिल्‍ली । रिफंड समय से न मिलने की एक्‍सपोर्टर्स की शिकायतों के बीच सरकार ने कहा है कि 70 फीसदी IGST रिफंड क्‍लेम में गलती की वजह से अटका है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्‍साइज एंड कस्‍टम्‍स (सीबीईसी) ने एक्‍सपोर्टर्स से कहा है कि वे अगले महीने के फाइनल रिटर्न की डिटेल में सुधार कर लें जिससे कि डिपार्टमेंट मार्च तक रिफंड क्‍लेम प्रॉसेस कर सके।

सीबीईसी ने अक्‍टूबर से चार महीने में एक्‍सपोर्ट को 4000 करोड़ रुपए के रिफंड को मंजूरी दी है। अभी भी करीब 10 हजार करोड़ रुपए का क्‍लेम एक्‍सपोर्टर्स की ओर से जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) को दी गई जानकारी में अंतर आने की वजह से अटका है।

यह गड़बडी जीएसटीएन पर जीएसटीआर 1 फाइलिंग या टेबल 6ए या जीएसटीआर 3बी और कस्‍टम के फाइल किए गए शॉपिंग बिल की जानकारी के साथ मिलान करने पर सामने आ रही है।

अपर्याप्‍त जानकारी ने अटकाया रिफंड
सीबीईसी ने प्रिंसिपल कमीशनर्स के साथ एक बातचीत में कहा है कि डाटा एनॉलसिस के अनुसार, जीएसटीआर 1 या टेबल 6ए का केवल करीब 32 फीसदी रिकॉर्ड ही जीएसटीएन से कस्‍टम्‍स को ट्रांसमिट किया गया है। दूसरे शब्‍दों में कहें, तो करीब 70 फीसदी रिफंड क्‍लेम अपर्याप्‍त जानकारी या जीएसटी रिटर्न फाइलिंग के दौरान एक्‍सपोर्टर्स की तरफ से पूरा ब्‍योरा नहीं देने की वजह से अटका है।

एक्‍सपोर्टर्स को भेजा ई-मेल
अक्‍टूबर 2017 के बाद के क्‍लेम का डाटा एनॉलसिस के अनुसार, रिटर्न फाइलिंग गलतियां कम हो रही हैं। फिर भी बड़ी संख्‍या में एक्‍सपोर्टर्स अपूर्ण जीएसटीआर 1 या टेबल 6ए फाइल कर रहे हैं, जिनमें शॉपिंग बिल नंबर या पोर्ट की तारीख नहीं होती है।

सीबीईसी का कहना है कि ये रिकॉर्ड जीएसटीएन की ओर से कस्‍टम को फॉरवर्ड या प्रॉसेस नहीं किए गए हैं। एक्‍सपोर्टर्स को ई-मेल भेजकर जीएसटीआर 1 के अमेंडमेंट प्रॉसेस के जरिए रिकॉर्ड को करेक्‍ट करने के लिए कहा गया है। इसका मतलब यह है कि संबंधित महीने के जीएसटीआर 1 के टेबल 9 में जानकारी सही करनी होगी।

अक्‍टूबर 2017 से शुरू है IGST रिफंड
सीबीईसी ने अक्‍टूबर 2017 से एक्‍सपोर्ट को सामानों की एवज में चुकाए गए इंटीग्रेटेड जीएसटी (IGST) का रिफंड भेजना शुरू कर दिया है। यह रिफंड क्‍लेम टेबल 6ए भरकर शॉपिंग बिल के आधार पर किया जाता है। वहीं, ऐसे बिजनेस जिनकी जीरो रेटेड सप्‍लई है या जो इनपुट क्रेडिट चाहते हैं उन्‍हें फॉर्म आरएफडी-01ए भरना होता है।

GST से ज्‍यादा क्‍लेम का मामला
जीएसटीएन डाटा एनॉलसिस के बाद यह जानकारी सामने आई है कि ज्‍यादा केस हैं, जिनमें एक्‍सपोर्टर्स की ओर से रिफंड क्‍लेम उसके द्वारा चुकाए गए जीएसटी से ज्‍यादा है। साथ ही साथ एक्‍सपोर्टर्स की ओर से फाइल की गई जानकारी जीएसटीएन से कस्‍टमम्‍स को नहीं भेजी गई है। इन मामलों में भी एक्‍सपोर्टर्स को भी ई-मेल भेजकर अपने रिकॉर्ड करेक्‍ट करने के लिए कहा गया है।

PNB फ्रॉड से घबराए विदेशी निवेशकों ने 10 हजार करोड़ निकाले

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नई दिल्ली। फॉरेन इन्वेस्टर्स ने फरवरी महीने में अभी तक भारतीय शेयर से 10,000 करोड़ रुपए (150 करोड़ डॉलर) निकाले हैं। एफपीआई की ओर से की गई निकासी की वजह पीएनबी फ्रॉड के साथ ग्लोबल संकेत रहे। डाटा के मुताबिक, जनवरी महीने में एफपीआई ने शेयर बाजार में 13,780 करोड़ रुपए निवेश किए थे।

डोमेस्टिक और पीएनबी फ्रॉड का असर
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर ने कहा कि कमजोर डोमेस्टिक संकेतों से इन्वेस्टर्स का सेंटीमेंट्स बिगड़ा है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ग्लोबल क्रूड प्राइस में रिबाउंड का फिस्कल डेफिसिट पर विपरित असर पड़ने की चिंता से निवेश कर सचेत हैं। इसके अलावा, 14 फरवरी को सरकारी बैंक पीएनबी ने 11,400 करोड़ रुपए के फ्रॉड को उजागर किया था। इस फ्रॉड में ज्वैलर्स नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की कंपनियां शामिल हैं।

1500 करोड़ रु डेट में निवेश किए
डिपॉजिटरी डाटा के मुताबिक, एफपीआई ने 1 से 23 फरवरी के बीच 9,899 करोड़ रुपए (150 करोड़ डॉलर) इक्विटीज से निकाले हैं। हालांकि इस दौरान उन्होंने डेट मार्केट में 1500 करोड़ रुपए निवेश किए।

ग्लोबल सेल ऑफ का असर
ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म ग्रो के को-फाउंड और सीओओ हर्ष जैन का कहना है कि जनवरी में अमेरिका में बेरोजगारी दर 17 साल के निचले स्तर 4.1 फीसदी पर रहा। इसके चलते महंगाई बढ़ने की आशंका से यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा रेट में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ी। इससे ग्लोबल स्तर पर बिकवाली देखने को मिली। एफपीआई द्वारा भारतीय शेयर बाजार से पैसे निकाले की यह वजह है।

वहीं Intellistocks की चीफ इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स नलिनी जिंदल ने कहा कि अमेरिका में महंगाई दर कई वर्षों के निचले स्तर पर है। फेडर रेट में बढ़ोतरी की संभावना से एफपीआई का सेंटीमेंट्स बिगड़ा है। उन्होंने कहा कि हालिया बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स और लोकल कंप्लायंस में एफपीआई को लाए जाने से फॉरेन इन्वेस्टर्स ने प्रॉफिट बुकिंग की है।

कृषि मंडी व्यवसायी e-NAM के खिलाफ मंडियां बंद करेंगे, देखिए वीडियो

कोटा। कोटा ग्रेन एंड सीड्स मर्चेंट्स एसोसिएशन की ओर से शनिवार को प्रथम हाड़ौती संभाग कृषि मंडी व्यवसायी अधिवेशन एसोसिएशन भवन में हुआ। व्यापारियों ने e-NAM और जीएसटी के ई-वे बिल का विरोध किया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर 15 दिन में सरकार ने मांगें नहीं मानी तो दो दिन के लिए राज्य की सभी मंडी बंद कर देंगे और उसके बाद नहीं सुनी तो वे अनिश्चितकालीन मंडियां बंद कर सकते हैं।

अधिवेशन में कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ तथा सवाईमाधोपुर की 40 मंडियों के व्यापारी तथा राजस्थान की सभी 247 मंडियों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।  अधिवेशन में एसोसिएशन के अध्यक्ष तथा संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अविनाश राठी ने केन्द्र सरकार की ई-नाम परियोजना (ई-ऑक्शन) लागू होने से किसानों पर आने वाले संकट के बारे में बताया।

राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापर संघ के चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता ने कहा कि e-NAM और ई-वे बिल में काफी दिक्कतें हैं। इसे सरकार को ठीक करना चाहिए। मुख्य अतिथि सांसद ओम बिरला ने कहा कि वे व्यापारियों की हर बात को लोकसभा तक पहुंचाएंगे। विधायक हीरालाल ने कहा कि e-NAM में किसानों को दिक्कत आने वाली है। वे इसके लिए सरकार से बात करेंगे। अंत में कार्यक्रम संयोजक महेश खंडेलवाल ने आभार जताया।

अधिवेशन से पहले राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ की कार्यकारिणी सभा हुई। इसमें व्यापारियों ने e-NAM, ई-वे बिल, मंडी के अलग-अलग टैक्स, यूडी टैक्स का विरोध किया गया। वहीं ई-वे बिल में आ रही दिक्कतों पर भी व्यापारी जमकर बरसे। यूडी टैक्स के लिए व्यापारियों ने कहा कि वे इसे क्यों देंगे। इसके दिए गए नोटिसों को वापस लिया जाए।

उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने कहा कि सभा में निर्णय लिया गया कि आज से 15 दिवस के अंदर यदि सरकार हमारी मांगों को नहीं मानती है तो राज्य की समस्त मंडियां सांकेतिक रूप से विरोध स्वरूप दो दिन बंद रखी जाएंगी, उसके बाद आम सभा करके आगामी रणनीति तय की जाएगी।

निर्णय किसानों के हित में नहीं
किसान नेता जगदीश शर्मा ने बताया कि व्यापारियों ने जो निर्णय किया है। वह किसानों के हित में नहीं है। e-NAM से किसानों को ही फायदा होना है। 

क्या है e-NAM देखिए वीडियो-