Saturday, July 18, 2026
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आभूषण निर्माताओं की मांग से सोना महंगा, चांदी चमकी

नई दिल्ली/ कोटा। विदेशी बाजारों में मजबूत रुख तथा स्थानीय आभूषण विनिर्माताओं की मांग बढ़ने से दिल्ली सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना 80 रुपये की बढ़त के साथ 31,660 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। औद्योगिक इकाइयों तथा सिक्का विनिर्माताओं का उठाव बढ़ने से चांदी भी 225 रुपये मजबूत होकर 39,700 रुपये किलोग्राम पर पहुंच गई।

राजधानी में सोना 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता 80 रुपये के लाभ से क्रमश: 31,660 रुपये और 31,510 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पिछले दो सत्रों में पीली धातु में 230 रुपये का लाभ दर्ज हुआ था। गिन्नी के भाव 24,800 रुपये प्रति आठ ग्राम पर कायम रहे।

चांदी तैयार 225 रुपये के लाभ से 39,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। साप्ताहिक डिलिवरी के भाव 105 रुपये की तेजी के साथ 38,605 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए। चांदी सिक्का लिवाल 74,000 रुपये और बिकवाल 75,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर कायम रहा।

बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि विदेशी बाजारों के मजबूत रुख के अलावा डॉलर की कमजोरी से भी सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने की मांग बढ़ी। वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,339.10 डॉलर प्रति औंस रहा। वहीं चांदी 1.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16.72 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

कोटा सर्राफा 
चांदी 39500 रुपये प्रति किलोग्राम। 
सोना केटबरी 31500 रुपये प्रति दस ग्राम,  सोना 36740 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 31650 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 36920 रुपये प्रति तोला।

नीरव और माल्याओं पर शिकंजे के लिए नया कानून लाने की तैयारी

नई दिल्ली। देश के बैंकों से बड़े पैमाने पर कर्ज लेकर देश छोड़कर भागने वाले विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे भगोड़ों पर शिकंजा कसने के लिए मोदी सरकार कड़ा कानून बनाने की तैयारी में है।

प्रस्तावित कानून के तहत आर्थिक अपराध कर देश से भागने वाले लोगों की संपत्ति को जब्त कर लिया जाएगा, जब तक कि वे कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हो जाते।

फिलहाल यह बिल पब्लिक डोमेन में है और इस पर लोगों से राय ली जा रही है। प्रस्तावित कानून के मुताबिक ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ का अर्थ उस व्यक्ति से होगा, जिसके खिलाफ आर्थिक अपराध में अरेस्ट वॉरंट जारी हुआ हो और उसने कानूनी शिकंजे से बचने के लिए देश छोड़ दिया हो।

प्रस्तावित विधेयक को यदि मंजूरी मिल जाती है तो आर्थिक अपराधों से निपटने के लिए बने अन्य कानूनों की यह जगह ले लेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह विधेयक 6 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे चरण में पेश किया जा सकता है।

वित्त मंत्रालय की ओर से हाल ही में जारी एक बयान में कहा गया, ‘यह आमतौर पर महसूस किया जा रहा है कि देश की कानूनी प्रक्रिया से बचकर आर्थिक अपराधियों का विदेश भाग जाना, भारत के कानून को कमतर आंकने जैसा है।’

नोट में कहा गया कि यह जरूरी समझा जा रहा है कि भारतीय कानून के इस तरह के उल्लंघन को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। प्रस्तावित कानून के मुताबिक किसी व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की जिम्मेदारी अथॉरिटीज पर होगी। उन्हें इसके लिए पर्याप्त सबूत देने होंगे।

सेंसेक्स 304 अंक बढ़ा, निफ्टी 10583 अंक पर बंद

नई दिल्ली। एशियाई बाजारों से मिले संकेतों से लगातार दूसरे ट्रेडिंग सेशन में भारतीय शेयर बाजार करीब 1 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 304 अंक बढ़कर 34,446 अंक पर बंद हुआ।

वहीं निफ्टी 92 अंक की उछाल के साथ 10,583 अंक पर क्लोज हुआ। आज के कारोबार में ऑटो और रियल्टी इंडेक्स में 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी से बाजार को सपोर्ट मिला। इससे पहले, सेंसेक्स 84 अंक बढ़कर 34,226 अंक पर और निफ्टी 36 अंक चढ़कर 10,527 अंक पर खुला था।

मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती
शुरुआती कारोबार में लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.53 फीसदी बढ़ा है।

मिडकैप शेयरों में सेल, जीएमआर इंफ्रा, यूबीएल, क्रॉम्पटन, अशोक लेलैंड, जिंदल स्टील, बीईएल, आरपावर, अमारा राजा बैट्रीज, एक्साइड इंडस्ट्रीज, पेज इंडस्ट्रीज, मुथूट फाइनेंस 1.27-3.05 फीसदी बढ़े हैं।वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.69 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है।

शुक्रवार के कारोबार में चौतरफा खरीददारी की वजह से घरेलू शेयर बाजार में तेजी लौटी थी जिससे सेंसेक्स 323 अंक बढ़कर 34,142 अंक पर और निफ्टी 108 अंक चढ़कर 10,491 अंक पर बंद हुआ था।

अपडेटस
03:38 PM
सेंसेक्स 304 अंक बढ़ा, निफ्टी 10583 अंक पर बंद
– सेंसेक्स 304 अंक बढ़कर 34,446 अंक पर औऱ निफ्टी 92 अंक की उछाल के साथ 10,583 अंक पर बंद हुआ। ऑटो, रियल्टी औऱ बैंकिंग शेयरों में खरीददारी से बाजार को सपोर्ट मिला।
02:56 PM
22 स्टॉक्स 52 हफ्ते के हाई पर
– सोमवार के कारोबार में एनएसई पर 22 स्टॉक्स ने साल का नया हाई बनाया। इनमें ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, चंबल फर्टिलाइजर्स, एवेन्यू सुपरमार्ट्स, हिन्दुस्तान जिंक, आईडीबीआई बैंक, इंडिगो, ओबेरॉय रियल्टी शामिल हैं।
11:51 AM
सिंभावली शुगर्स का स्टॉक 20% टूटा
– सीबीआई ने सिंभावली शुगर्स कंपनी के खिलाफ 97 करोड़ के लोन नहीं चुकाने के आरोप में केज दर्ज किया। केस दर्ज होने की खबर से कारोबार के दौरान स्टॉक में भारी गिरावट देखने को मिली। बीएसई पर स्टॉक 19.88 फीसदी टूटकर 13.50 रुपए के निचले स्तर पर आ गया।
11:36 AM
HG इंफ्रा इंजीनियरिंग का IPO खुला
– इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग का आईपीओ आज से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। ये इश्यू 28 फरवरी तक खुला रहेगा। इस इश्यू से कंपनी की 462 करोड़ रुपए जुटाने की योजना है। कंपनी ने एंकर इन्वेस्टर्स से 138 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं।

09:49 AM
PNB के बाद OBC में 500 करोड़ रु का फ्रॉड, स्टॉक 13% टूटा
– पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के बाद अब ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) में 500 करोड़ रुपए के फ्रॉड का मामला सामने आया है। फ्रॉड उजागर होने के बाद सोमवार के कारोबार में ओबीसी के स्टॉक 13 फीसदी तक टूट गए।
09:16 AM
सेंसेक्स 34226 और निफ्टी 10527 अंकों पर खुले
– सेंसेक्स 84 अंक बढ़कर 34,226 अंक पर खुले। वहीं निफ्टी 36 अंक चढ़कर 10,527 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में फार्मा और आईटी इंडेक्स में कमजोरी दिख रही है। हालांकि पीएसयू बैंक इंडेक्स में तेजी नजर आ रही है।

अगर केप्सूल का सच जानेंगे तो खाना छोड़ देंगे

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कोटा। आप बीमार हैं। डॉक्टर के पास चेकअप के लिए गए। उसने कुछ दवाइयां लिखीं। इनमें कुछ कैप्सूल भी हैं। बीमार हैं और सेहत ठीक करनी है।

इसलिए आप दवाइयों में मौजूद खा भी लेते हैं। ये जरूरी भी है। लेकिन, आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि जो कैप्सूल आप खा रहे हैं, उनके अंदर तो दवाई होती है लेकिन बाहरी हिस्सा यानी जिसे आप प्लास्टिक का खोल या कवर समझ रहे हैं, वो हकीकत में प्लास्टिक से नहीं बनता। इसका सच जानने के बाद शायद आप कैप्सूल ही ना खाएं। बहरहाल, अब इसके मैन्यूफैक्चरिंग मटैरियल को बदलने की कवायद भी तेज हो गई है।

ये प्लास्टिक नहीं, जिलेटिन है
– कैप्सूल का जो हिस्सा आपको प्लास्टिक से बना नजर आता है या आप जिसे प्लास्टिक से बना समझते हैं, वो वैसा नहीं है। यानी ये प्लास्टिक से नहीं बनता।
– दरअसल, ये प्लास्टिक जैसा दिखता जरूर है लेकिन इसे जिलेटिन कहते हैं।
कैसे बनता है जिलेटिन?
– कैप्सूल के पैकेट या डिब्बे पर उसमें मौजूद मेडिसिन कंटेंट की जानकारी तो होती है। लेकिन, ज्यादातर मामलों में कंपनियां आपको ये नहीं बतातीं कि कैप्सूल कवर जिलेटिन से बना है।
– हकीकत ये है कि जिलेटिन जानवरों की हड्डियों या फिर हड्डियों या स्किन को उबालकर निकाला जाता है। इसे प्रॉसेस कर चमकदार और लचीला बनाया जाता है।
मेनका गांधी ने किया था विरोध
– पिछले साल मार्च में केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी ने हेल्थ मिनिस्ट्री को एक लेटर लिखा। इसमें कहा कि जिलेटिन की जगह पौधों की छाल या उनसे निकलने वाले रस से कैप्सूल कवर तैयार किए जाने चाहिए। इसे सेल्यूलोज कहा जाता है।
– मेनका ने कहा था कि इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत नहीं होंगी। पौधों की छाल और रस को कैमिकल प्रॉसेस के जरिए आसानी से सेल्यूलोज बन सकता है। मेनका ने कहा था कि कई शाकाहारी लोग जो कैप्सूल के सच को जानते हैं वो बीमारी के बावजूद इसे लेने से परहेज करते हैं।
– कुछ दिनों पहले यूनियन हेल्थ मिनिस्टर जेपी. नड्डा से जैन धर्म के कुछ लोगों ने मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि जिलेटिन से बने कैप्सूल पर रोक लगाई जानी चाहिए।

‘बाल आधार’ जारी, जानिए कैसे बनेगा और क्या है खासियत

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नई दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए नीले रंग का ‘बाल आधार’ कार्ड पेश किया है। तमाम सरकारी सुविधाओं के लाभ और पहचान के महत्वपूर्ण दस्तावेज के तौर पर जरूरी हो चुके आधार को लेकर यूआईडीएआई ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है।

5 साल से कम आयु के बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के लिए माता या पिता में से किसी एक का आधार नंबर और बच्चे के जन्म का प्रमाण पत्र जरूरी होगा। 5 साल से कम आयु के बच्चे का कार्ड बनवाने के लिए बायोमीट्रिक डिटेल्स की जरूरत नहीं होगी।

हालांकि 5 साल की आयु पूरी होने के बाद बच्चे की बायोमीट्रिक डिटेल्स को अपडेट कराना होगा। किसी भी नजदीकी आधार केंद्र में मुफ्त में यह काम कराया जा सकता है। यदि आप 7 साल तक अपने बच्चे की बायोमीट्रिक डिटेल्स को अपडेट नहीं कराते हैं तो कार्ड सस्पेंड हो जाएगा।

इसके बाद 15 साल की आयु में दूसरी और आखिरी बार आपको बायोमीट्रिक डिटेल्स अपडेट करानी होंगी। विदेश में बच्चे की शिक्षा और स्कॉलरशिप हासिल करने के लिए बाल आधार जरूरी होगा। गौरतलब है कि नया सिम कार्ड लेने और बैंक अकाउंट खुलवाने समेत तमाम जरूरी कामों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है।

बेस रेट से MCLR पर लोन शिफ्ट करने की मिलेगी सुविधा

नई दिल्ली। जल्द ही बैंक कस्टमर अपने पहले से चल रहे लोन को एमसीएलआर सिस्टम पर फ्री में शिफ्ट करा सकेंगे। आरबीआई बैंकों को ऐसा निर्देश दे सकता है कि बैंक बिना कोई कनवर्जन फीस लिए अपने कस्टमर को लोन शिफ्ट कराने सुविधा दे। ऐसा होने पर बेस रेट पर लोन लिए करोड़ों कस्टमर को सस्ते लोन का फायदा मिल सकता है।

इसके पहले आरबीआई कई बार यह कह चुका है कि अभी भी कर्ज देने के एमसीएलआर और बेस रेट सिस्टम में इंटरेस्ट रेट का बहुत अंतर है। ऐसे में बैंकों को बेस रेट पर कर्ज लिए हुए कस्टमर को सस्ते इंटरेस्ट का फायदा मिलना चाहिए।

क्या है प्लान?
आरबीआई ने 7 फरवरी में पेश मॉनेटिरी पॉलिसी में कहा था कि बैंक अप्रैल 2018 से बेस रेट कस्टमर को सस्ते कर्ज का फायदा दें। यानी उनके लोन एमसीएलआर से लिंक कर दिए जाएं। इसके लिए आरबीआई ने एक कमेटी भी बना दी है। हालांकि बैंकों ने आरबीआई को कहा है कि अभी एमसीएलआर रेट से बेस रेट को लिंक करना संभव नहीं है। कई मुद्दों को हल कर इसे अप्रैल 2019 से लागू किया जाना चाहिए।
-बैंकों के इस रवैये को देखते हुए आरबीआई इस बात के निर्देश दे सकता है, जब तक बैंक बेस रेट को एमसीएलआर से लिंक करने का सिस्टम नहीं डेवलप कर पाते हैं, तब तक कस्टमर को अपने लोन को एमसीएलआर पर शिफ्ट करने के लिए कोई फीस नहीं ले। अभी कस्टमर को बेस रेट से एमसीएलआर पर अपना लोन शिफ्ट कराने के लिए कनवर्जन फीस देनी पड़ती है। प्रमुख रुप से 0.5 फीसदी से लेकर एक फीसदी तक बैंक कनवर्जन फीस लेते हैं।
– बेस रेट और एमसीएलआर मॉडल में इंटरेस्ट में करीब 0.50 फीसदी का औसतन अंतर है। यानी बेस रेट पर कर्ज ले रखे कस्टमर को 0.50 फीसदी के करीब लोन महंगा पड़ता है। जैसे अभी एसबीआई का तीन साल का एमसीएलआर 8.10 फीसदी है 8.65 फीसदी है।

अभी रिटेल लोन पर कुछ बैंक दे रहे हैं सुविधा
बढ़ते कॉम्पिटिशन को देखते हुए कई पब्लिक सेक्टर बैंकों ने रिटेल लोन जैसे कार लोन और पर्सनल लोन को शिफ्ट करने पर कनवर्जन फीस नहीं ले रहे हैं। हालांकि अभी भी होम लोन, बिजनेस लोन सहित दूसरे लोन पर यह सुविधा बैंक नहीं दे रहे हैं।

इसलिए आया था एमसीएलआर फॉर्मूला
पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के समय कर्ज देने के लिए बेस रेट की जगह एमसीएलआर फॉर्मूला लाया गया था। इसको लाने के पीछे तर्क यह था कि बेस रेट पर कर्ज सस्ता होने का फायदा तुरंत कस्टमर को नहीं मिलता है।
– आरबीआई की प्रॉब्लम यह है कि अभी बैंकों के कस्टमर का बड़ा हिस्सा बेस रेट पर ही लोन ले रखा है। जिसकी वजह से एमएसएलआर में कटौती के बाद भी सस्ते कर्ज का फायदा नहीं मिल रहा है। अभी बैंकों द्वारा दिए गए कुल लोन में 60 फीसदी से ज्यादा कर्ज बेस रेट पर है।
– इसी को देखते हुए आरबीआई ने एक वर्किंग ग्रुप का गठन किया है। जिसे गाइडलाइन तैयार कर एक अप्रैल 2018 से लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है।

बैंकों ने तीन प्वाइंट पर किया विरोध
सूत्रों के अनुसार आरबीआई के सामने बैंकों ने तीन प्वाइंट पर विरोध किया है। उनका कहना है कि जब तक इन प्वाइंट्स में सुधार नहीं किया जाय, तब तक नए सिस्टम को नहीं लागू किया जाय। ऐसे में आरबीआई को अप्रैल 2018 की जगह 2019 की डेडलाइन तय की जाय।
– बैंकों ने कहा है कि डिपॉजिट रेट के आधार पर लेंडिंग बेंचमार्क को सुधार किया जाय। इसी तरह लोन देने समय फिक्स होने वाले स्प्रेड के मैकेनिज्म में भी प्रमुख रूप से बदलाव किया जाय।

एशियाई बाजारों में मजबूती से सेंसेक्स 34226 और निफ्टी 10527 पर खुले

नई दिल्ली। एशियाई बाजारों से मिले संकेतों से सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। सेंसेक्स 84 अंक बढ़कर 34,226 अंक पर खुले। वहीं निफ्टी 36 अंक चढ़कर 10,527 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में फार्मा और आईटी इंडेक्स में कमजोरी दिख रही है।

हालांकि पीएसयू बैंक इंडेक्स में तेजी नजर आ रही है। शुक्रवार के कारोबार में चौतरफा खरीददारी की वजह से घरेलू शेयर बाजार में तेजी लौटी थी जिससे सेंसेक्स 323 अंक बढ़कर 34,142 अंक पर और निफ्टी 108 अंक चढ़कर 10,491 अंक पर बंद हुआ था।

अपडेट्स
11:06 AM
Sterlite Technologies  शेयर 10% चढ़ा
– Sterlite Technologies एक्सचेंज को बताया कि उसे इंडियन नेवी के लिए कॉम्युनिकेशंस नेटवर्क की डिजाइन औऱ मैनेज करने के लिए 3500 करोड़ रुपए का ऑर्डर मिला। ऑर्डर मिलने की खबर से कारोबार के दौरान स्टॉक में 10 फीसदी से ज्यादा का उछाल देखने को मिला और बीएसई पर स्टॉक 10.22 फीसदी बढ़कर 378.75 रुपए के भाव पर पहुंच गया।
10:45 AM
एस्टर डीएम हेल्थकेयर की कमजोर लिस्टिंग, इश्यू प्राइस से 4% डिस्काउंट पर लिस्ट
– बीएसई पर एस्टर डीएम हेल्थकेयर का स्टॉक 4.15 फीसदी की डिस्काउंट के साथ 182.10 रुपए प्रति स्टॉक के भाव पर लिस्ट हुआ। वहीं एनएसई पर स्टॉक 3.68 फीसदी की डिस्काउंट के साथ 183 रुपए प्रति स्टॉक भाव पर लिस्ट हुआ। लिस्टिंग के लिए एस्टर डीएम हेल्थकेयर का इश्यू प्राइस 190 रुपए प्रति शेयर तय किया गया था।
09:49 AM
PNB के बाद OBC में 500 करोड़ रु का फ्रॉड, स्टॉक 13% टूटा
– पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के बाद अब ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) में 500 करोड़ रुपए के फ्रॉड का मामला सामने आया है। फ्रॉड उजागर होने के बाद सोमवार के कारोबार में ओबीसी के स्टॉक 13 फीसदी तक टूट गए।
09:16 AM
सेंसेक्स 34226 और निफ्टी 10527 अंकों पर खुले
– सेंसेक्स 84 अंक बढ़कर 34,226 अंक पर खुले। वहीं निफ्टी 36 अंक चढ़कर 10,527 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में फार्मा और आईटी इंडेक्स में कमजोरी दिख रही है। हालांकि पीएसयू बैंक इंडेक्स में तेजी नजर आ रही है।
09:07 AM
रुपया 8 पैसे की बढ़त के साथ खुला
– सप्ताह के पहले कारोबारी दिन रुपए की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 8 पैसे की मजबूती के साथ 64.65 प्रति डॉलर पर खुला। शुक्रवार को रुपए की गिरावट पर ब्रेक लगा। रुपया मजबूती के साथ क्लोज हुआ। डॉलर के मुकाबले रुपया 31 पैसे की बढ़त के साथ 64.73 के स्तर पर बंद हुआ था।
08:59 AM
एशियाई बाजारों में तेजी
– एशियाई बाजारों में बढ़त के साथ कारोबार देखने को मिल रहा है। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 0.46 फीसदी की मजबूती के साथ 10,552 अंक पर कारोबार कर रहा है। जापान का बाजार निक्केई 179 अंक की उछाल के साथ 22,072 अंक पर कारोबार कर रहा है। हैंग सेंग 196 अंक चढ़कर 31,461 अंक पर कारोबार कर रहा है।
– कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी 0.22 फीसदी तक बढ़ा है, जबकि ताइवान इंडेक्स 61 अंक की मजबूती के साथ 10,855 अंक पर कारोबार कर रहा है। शंघाई कम्पोजिट में 0.42 फीसदी की बढ़त दिख रही है। वहीं स्ट्रेट्स टाइम्स में 0.51 फीसदी की उछाल के साथ 3551 अंक पर कारोबार कर रहा है।
08:59 AM
DII रहे खरीददार, FII ने की बिकवाली
– शुक्रवार के कारोबार में डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) की खरीददारी की वजह से भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली थी। डीआईआई ने शुक्रवार को 1514.03 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे थे। वहीं फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने 486.32 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।

97 करोड़ का लोन नहीं चुकाने वाली शुगर कंपनी के 8 ठिकानों पर छापे

नई दिल्ली। सीबीआई ने यूपी के गाजियाबाद की सिंभावली शुगर्स कंपनी के खिलाफ 97 करोड़ के लोन नहीं चुकाने के आरोप में केज दर्ज किया। ऑरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) ने इसकी शिकायत जांच एजेंसी से की थी। सीबीआई ने रविवार को कार्रवाई करते हुए शुगर कंपनी के दिल्ली, हापुड़, नोएडा समेत 8 ठिकानों पर छापे मारे।

शनिवार को भी बैंक ने दिल्ली के ज्वेलर द्वारका दास सेठ इंटरनेशनल के खिलाफ 390 करोड़ के लोन डिफॉल्ट का केस दर्ज कराया था। बता दें कि पिछले दिनों पीएनबी में 11,356 करोड़ के फ्रॉड का खुलासा हुआ है। जिसमें जांच एजेंसियों हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि जेम्स के मालिक मेहुल चौकसी और अन्य के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं।

आरोपियों में कौन-कौन शामिल हैं?
– ओबीसी की शिकायत पर सीबीआई ने सिंभावली शुगर्स, कंपनी के सीएडी गुरमीत सिंह मान, डिप्टी एमडी गुरुपाल सिंह को आरोपी बनाया है। छापेमारी के साथ सीबीआई ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
– शुगर कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, इसकी शुरुआत 1933 में सरदार रघबीर सिंह संधनवालिया ने की थी। कंपनी के यूपी में सिंभावली, चिलवारिया, ब्रिजनाथपुर में तीन शुगर कॉम्पलेक्स हैं।

बैंक ने शनिवार को भी केस दर्ज कराया था
– ओबीसी की शिकायत पर शनिवार को भी सीबीआई ने दिल्ली की कंपनी द्वारका दास सेठ इंटरनेशनल और इसके निदेशकों पर 390 करोड़ लोन नहीं चुकाने का केस दर्ज किया।
– इस मामले में हीरा, सोना और चांदी की ज्वेलरी का कारोबार करने वाली कंपनी से जुड़े सभ्य सेठ, रीता सेठ, कृष्ण कुमार सिंह और रवि कुमार सिंह आरोपी बनाया गया है।
– जांच में सीबीआई को पता चला कि ओबीसी ने दुबई के एक फर्जी बैंक के क्रेडिट नोट पर भी सभ्य सेठ को करोड़ों रुपए दे दिए थे। सभ्य के फरार होने के बाद ओबीसी ने जब दुबई के उन बैंकों और ग्राहकों से संपर्क साधा, जिनके नाम पर क्रेडिट नोट जारी हुए थे, तब पता चला कि क्रेडिट नोट जारी करने वाला बैंक और खरीदार पते पर मौजूद नहीं हैं।

लालू के परिवार से जुड़ा फार्महाउस मनी लॉन्ड्रिंग की एक ही ऐसेट

नई दिल्ली।  प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (PMLA) के तहत ऑथराइज्ड एक अथॉरिटी ने अपने फैसले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से जब्त किया गया आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती और उनके पति के नाम पर मौजूद दिल्ली के एक फार्महाउस को मनी लॉन्ड्रिंग से ही जुड़ा बताया।

इसके साथ ही अथॉरिटी ने कहा कि इस फार्महाउस को जब्त रखे रहना चाहिए। दिल्ली के बिजवासन में मौजूद 12 बीघा के इस फार्महाउस को PMLA के तहत पिछले वर्ष सितंबर में अस्थायी तौर पर जब्त किया गया था। PMLA की अज्युडिकेटिड अथॉरिटी के मेंबर (लॉ) तुषार वी शाह की ओर से हाल ही में जारी एक आदेश में कहा गया है।

‘ईडी की ओर से वास्तविक शिकायत में दाखिल किए गए सबूतों के मद्देनजर मैंने अस्थायी तौर पर जब्त की गई प्रॉपर्टी को मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल पाया है। मैं आदेश देता हूं कि PMLA के तहत किए गए अपराध से जुड़ी कार्यवाही के अदालत के सामने जारी रहने तक इस प्रॉपर्टी को जब्त रखा जाए।’

यह प्रॉपर्टी मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार से संबंधित है और यह मेसर्स मिशेल पैकर्स ऐंड प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर है। जांच में पाया गया था कि इस फार्महाउस को 2008-09 में मनी लॉन्ड्रिंग से मिली 1.2 करोड़ रुपये की रकम से खरीदा गया था।

ईडी शेल या बोगस कंपनियों और दिल्ली के दो कथित एंट्री ऑपरेटर्स सुरेन्द्र जैन और वीरेन्द्र जैन से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच के हिस्से के तौर पर राज्यसभा में आरजेडी की सांसद मीसा भारती और उनके पति की जांच कर रहा है।

ये दोनों जैन भाई हैं और इन्हें ईडी ने इस मामले में गिरफ्तार किया था। ईडी ने जैन बंधुओं को मेसर्स मिशेल पैकर्स ऐंड प्रिंटर्स में शेयर प्रीमियम के तौर पर इन्वेस्टमेंट के लिए 90 लाख रुपये नकद उपलब्ध करानेवाले अकाउंटेंट राजेश अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया था। मिशेल पैकर्स ऐंड प्रिंटर्स में भारती और उनके पति डायरेक्टर रह चुके हैं। इस मामले में ईडी ने मीसा और उनके पति से पूछताछ की थी और उनके बयान भी दर्ज किए गए थे।

‘हाई रिस्क’ वाली 9,500 फाइनैंस कंपनियों की लिस्ट जारी

नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय के अधीन काम करनेवाली संस्था फाइनैंशल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) ने करीब 9,500 नॉन-बैंकिंग फाइनैंशल कंपनियों (NBFCs) की एक लिस्ट जारी की है जिन्हें ‘हाई रिस्क फाइनैंशल इंस्टिट्यूशंस’ बताया गया है। एफआईयू-इंडिया की वेबसाइट पर जारी इस लिस्ट में उन एनबीएफसीज के नाम शामिल हैं जिन्हें ‘हाई रिस्क’ कैटिगरी में रखा गया है।

यह पाया गया है कि इन कंपनियों ने 31 जनवरी तक मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के नियमों का पालन नहीं किया था। 8 नवंबर 2016 की रात 500 और 1,000 रुपये के नोटों को अवैध घोषित किए जाने के बाद नॉन-बैंकिंग फाइनैंशल कंपनियां आयकर विभाग (इनकम टैक्स डिपार्टमेंट) और प्रवर्तन निदेशालय (एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट यानी ईडी) के रेडार पर आ गई थीं।

क्योंकि इन कंपनियों ने उन लोगों के पुराने नोट बदलवाने में मदद की थी। जिन्होंने सरकार से छिपाकर काला धन का साम्राज्य खड़ा किया था। कई नॉन-बैंकिंग फाइनैंशल कंपनियों और को-ऑपरेटिव (सहकारी) बैंकों को पुराने नोटों को फर्जी तरीके से नए नोटों में तब्दील करने में संलिप्त पाया गया।

इन्होंने काले धन को बैक डेट से एफडी दिखाकर चेक जारी कर दिए जबकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने इन्हें ऐसे डिपॉजिट्स लेने से मना कर रखा था।पीएमएलए में सभी एनबीएफसीज के लिए फाइनैंशल इंस्टिट्यूशन में एक प्रमुख पदाधिकारी नियुक्त करने और 10 लाख रुपये या इससे अधिक के सभी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी एफआईयू को देने की बाध्यता तय की गई है।

पीएमएलए के सेक्शन 12 के तहत हरेक रिपोर्टिंग एंटिटि के लिए सभी लेनदेन के रिकॉर्ड्स रखने और निर्देशों के मुताबिक अपने ग्राहकों एवं लाभ पाने वालों की पहचान की पुष्टि एफआईयू से करना जरूरी है। ऐक्ट में इन एंटिटिज को लेनदेन के और क्लायंट्स की पहचान के रिकॉर्ड्स पांच साल तक रखने को कहा गया है।