Sunday, July 19, 2026
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वैश्विक संकेतों से सोना हुआ महंगा, चांदी भी तेज

नई दिल्ली ।  कारोबारी सत्र में शनिवार को सोने की कीमतों में मामूली उछाल देखने को मिला है। आज दिन के कारोबार में सोना 100 रुपए चढ़कर 31,450 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ। सोने की कीमतों में इस उछाल की वजह मजबूत वैश्विक रुझान के बाद स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से हुई तेज खरीदारी को माना जा रहा है। चांदी में भी सुधार देखने को मिला।

आज चांदी 265 रुपए मजबूत होकर 39,650 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई है। चांदी की कीमत में इस उछाल की वजह औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से तेज उठान है।

वहीं व्यापारियों का मानना है कि मजबूत वैश्विक संकेतों के अलावा घरेलू बाजार में स्थानीय ज्वेलर्स की ओर से की गई ताजा खरीदारी ने भी कीमतों को समर्थन दिया है।

वहीं वैश्विक स्तर में न्यूयॉर्क में सोना 0.11 फीसद के उछाल के साथ 1,323.10 औंस प्रति डॉलर और चांदी 0.64 फीसद के उछाल के साथ 16.57 औंस प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुई है।

वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 100 रुपए के उछाल के साथ 31,450 और 31,300 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ है।

सोने में बीते दो सत्रों के दौरान 320 रुपए की गिरावट देखने को मिली थी। हालांकि गिन्नी के भाव 24,800 प्रति पीस आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रहे हैं।

कोटा सर्राफा
चांदी 39200 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 31350 रुपये प्रति दस ग्राम,  सोना 36570 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 31500 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 36740 रुपये प्रति तोला।

GSTR-3B की डेडलाइन जून तक बढ़ी

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नई दिल्ली । जीएसटी काउंसिल ने 26वीं बैठक में कुछ अहम फैसले लिए। अब व्यापारियों को समरी सेल्स रिटर्न वाला GSTR-3B फॉर्म जून 2018 तक भरना होगा, यानी इसमें तीन महीने का विस्तार दिया गया है। जीएसटी काउंसिल की ओर से पहले इसकी डेडलाइन 31 मार्च 2018 निर्धारित की गई थी।

काउंसिल के फैसलों के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि राज्यों के बीच सामान की आवाजाही के लिए जरूरी ई-वे बिल को 1 अप्रैल 2018 से लागू कर दिया जाएगा।

हालांकि एक ही राज्य के भीतर एक जगह से दूसरी जगह पर सामान की आवाजाही के लिए ई-वे बिल को क्रमबद्ध तरीके से 15 अप्रैल से लागू किया जाना शुरू किया जाएगा और 1 जून तक यह सभी राज्यों में लागू कर दिया जाएगा।

जीएसटी काउंसिल की इस अहम बैठक में जीएसटी रिटर्न प्रक्रिया को और आसान करने के विषय पर कोई फैसला नहीं लिया गया। इसके अलावा, निर्यातकों को दी जाने वाली कर छूट को भी और छह महीने के लिए यानी सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

JEE मेन 2018: ऐडमिट कार्ड यूं करें डाउनलोड

नई दिल्ली। जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेन 2018 के लिए ऐडमिट कार्ड सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) की ऑफिशल वेबसाइट jeemain.nic.in पर जारी किया जाएगा। ऐडमिट कार्ड जारी होने के बाद कैंडिडेट्स ऑफिशल वेबसाइट से अपना ऐडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

देश भर के विभिन्न तकनीकी संस्थानों में दाखिले के लिए छात्रों के चयन हेतु हर साल जेईई का आयोजन होता है। इसका आयोजन दो चरणों में होता है, जेईई मेन और जेईई अडवांस्ड। जेईई मेन का आयोजन सीबीएसई करता है जबकि जेईई अडवांस्ड का आयोजन अलग-अलग आईआईटी करता है।

ऑफलाइन एग्जाम का आयोजन 8 अप्रैल, 2018 को होगा और ऑनलाइन एग्जाम का आयोजन 15-16 अप्रैल, 2018 को होगा। जेईई मेन या अडवांस्ड में बैठने के लिए 12वीं बोर्ड की परीक्षा में कम से कम 75 फीसदी अंक या बोर्ड्स के टॉप 20 में शामिल होना चाहिए। एससी और एसटी छात्रों को मार्क्स में 10 फीसदी की छूट है यानी 12वीं में सिर्फ 65 फीसदी होने पर भी वे परीक्षा दे सकते हैं।

परीक्षा तीन घंटे की होती है। सवाल सीबीएसई के 11वीं और 12वीं के सिलेबस के आधार पर गणित, भौतिकी और रसायन शास्त्र से पूछे जाते हैं। प्रत्येक विषय के 30 सवाल होंगे और प्रत्येक सही जवाब के लिए 4 अंक मिलेंगे एवं गलत जवाब पर 1 अंक अतिरिक्त कटेंगे।

भारत और फ्रांस के बीच हुए 16 अरब डॉलर के 14 समझौते

नई दिल्ली। भारत और फ्रांस के बीच शनि‍वार को सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा सहि‍त अन्‍य क्षेत्रों में 14 समझौते हुए। दोनों ओर की कंपनि‍यों ने 16 अरब डॉलर के समझौते कि‍ए।

इनमें शि‍क्षा, पर्यावरण, शहरी वि‍कास और रेलवे भी शामि‍ल है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों तीन दि‍न के भारत दौरे पर आए हुए हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैक्रों की मुलाकात शनि‍वार को हैदराबाद हाउस में हुई, जि‍सके बाद इन समझौतों पर हस्‍ताक्षर हुए।

सदि‍यों पुरानी है साझेदारी
नई दि‍ल्‍ली में संयुक्‍त प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि‍ हमारी रणनीति‍क साझेदारी भले ही 20 साल पुरानी हो मगर हमारे देशों और हमारी सभ्‍यताओं की आध्‍यात्‍मि‍क पार्टनरशि‍प सदि‍यों पुरानी है। स्‍वतंत्रता, समानता और भाईचारे की गूंज केवल फ्रांस में नहीं है।

भारतीय संवि‍धान में भी यह समाहि‍त है। हम मानते हैं कि हमारे द्वि‍पक्षीय संबंधों के उज्‍जवल भवि‍ष्‍य के लि‍ए सबसे महत्‍वपूर्ण आयाम है हमारे लोगों के बीच संवाद। डि‍फेंस सेक्‍टर में मेक इन इंडि‍या के तहत नि‍वेश करने के फ्रांस के फैसले का हम स्‍वागत करते हैं।

भारत-फ्रांस के बीच संबंध ऐतिहासिक
राष्ट्रपति भवन में सेरेमोनिअल रिसेप्शन के दौरान मैक्रों ने कहा, ‘मैं यहां आकर खासा खुश हूं। पीएम मोदी ने बीते साल जुलाई में फ्रांस की विजिट के दौरान उन्हें इन्वाइट किया था।’ दोनों देशों के बीच संबंधों को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि हम दोनों के बीच अच्छी केमिस्ट्री है। दुनिया के दो महान लोकतांत्रिक देशों के बीच ऐतिहासिक संबंध हैं।’

तीन दिन के भारत दौरे पर हैं राष्ट्रपति
फ्रांस के राष्ट्रपति पत्नी ब्रिगिट के साथ तीन दिन के दौरे पर भारत आए हैं। मोदी प्रोटोकॉल तोड़कर उन्हें रिसीव करने एयरपोर्ट गए। पीएम अपने संसदीय क्षेत्र बनारस में मैक्रों की भव्य खातिरदारी भी करेंगे। उन्हें नाव से गंगा की सैर कराएंगे और घाट दिखाएंगे। बता दें कि जापान के पीएम शिंजो आबे के बाद मैक्रों यहां जाने वाले दूसरे राष्ट्राध्यक्ष होंगे।

रविवार: अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन समिट में जाएंगे
– मैक्रों और मोदी अंतरराष्ट्रीय सोलर गठबंधन की पहली समिट का इनॉगरेशन करेंगे। इसकी थीम जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण है। ये समिट राष्ट्रपति भवन में होगी। इसमें 21 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और चार देशों के प्रधानमंत्रियों के अलावा 125 देशों के रिप्रेजेंटेटिव भी हिस्सा लेंगे।

सोमवार: मिर्जापुर में सोलर प्लांट का इनॉगरेशन करेंगे
– मैक्रों उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर के दादर काला गांव में 75 मेगावाट के सोलर प्लांट का इनॉगरेशन करेंगे। वे बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में बने पंडित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल का दौरा करेंगे। यहां हैंडीक्रॉफ्ट के सामानों का केंद्र है। मोदी ने पिछले साल इसे शुरू किया था।

फ्रांस स्कॉर्पीन सबमरीन की डील चाहता है
– फ्रांस की मीडिया के मुताबिक, मैक्रों भारत को 100 से 150 रफाल एयरक्राफ्ट बेचना चाहते हैं। स्कॉर्पीन-क्लास की सबमरीन देने की भी मंशा है। इसलिए उनके साथ फ्रांस के टॉप डिफेंस फर्म के सीईओ आ रहे हैं। इसमें डसाल्ट एविएशन, नावेल, थेल्स जैसी कंपनियां शामिल हैं। 5वीं पीढ़ी के प्लेन बनाने पर भी करार हो सकता है।

रियूनियन और जिबूती द्वीप पर हमें एंट्री मिल सकती है
– भारत-फ्रांस के बीच लॉजिस्टिक क्षेत्र में करार हो सकता है। फ्रांस मेडागास्कर के पास स्थित रियूनियन आइलैंड और अफ्रीकी बंदरगाह जिबूती में भारतीय जहाज को एंट्री दे सकता है। इससे भारत का समुद्र के रास्ते होने वाला कारोबार मजबूत होगा। जिबूती में चीनी सैन्य बेस भी है। यानी यह स्ट्रैटेजिक रूप से अहम है।

भारत में 1000 से ज्यादा फ्रेंच कंपनियां, फ्रांस में 120 भारतीय कंपनियां
– करीब 1000 फ्रेंच कंपनी भारत में है। करीब 120 भारतीय कंपनियों ने फ्रांस में निवेश कर रखा है। इन कंपनियों ने फ्रांस में 8500 करोड़ रुपए इन्वेस्ट किए हैं। फ्रांस में 7000 लोगों को नौकरी दी है। फ्रांस में भारतीय मूल के 1.1 लाख लोग रहते हैं। ये फ्रांसीसी कॉलोनी रही पुड्‌डुचेरी, कराईकल, माहे के हैं।

1 अप्रैल से लागू होगा इंटर स्टेट ई-वे बिल, रिवर्स चार्ज 1 जुलाई तक टला

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नई दिल्ली। देश भर में 1 अप्रैल से से इंटर स्टेट ई-वे बिल लागू होगा। जीएसटी काउंसिल की आज हुई 26वीं मीटिंग में यह फैसला लिया गया है। शुरू में इंट्रा स्टेट ई-वे बिल 3 राज्यों में ही लागू होगा, जिसे बाद में चरणबद्ध तरीके से दूसरे राज्यों में लागू किया जाएगा। काउंसिल ने रिवर्स चार्ज भी फिलहाल 1 जुलाई तक के लिए टाल दिया है।

इसके अलावा काउंसिल ने एक्सपोर्टर्स को मिल रही छूट को भी 6 महीने के लिए बढ़ा दिया है।साथ ही रिटर्न फाइलिंग के मौजूदा सिस्टम को अगले तीन महीने के लिए बरकरार रखा है। इस बात की जानकारी फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने काउंसिल की मीटिंग खत्म होने के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस में दी है।

क्या है इंट्रा और इंटर स्टेट ई-वे बिल?
राज्य के अंदर ही स्टॉक ट्रांसपोर्ट करने के लिए इंट्रा स्टेट ई-वे बिल बनेगा, जबकि एक राज्य से दूसरे राज्य में स्टॉक भेजने या मंगाने के लिए इंटर स्टेट ई-वे बिल बनेगा।

1 अप्रैल से लागू होगा इंटर स्टेट बिल
अब देश भर में इंटर स्टेट ई-वे बिल 1 अप्रैल से लागू होगा। जबकि इंट्रा स्टेट ई-वे बिल 15 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से राज्यों में लागू होगा। इंट्रा स्टेट ई-वे बिल को 1 जून 2018 तक पूरे देश में लागू करने का प्लान है।

अभी इंट्रा स्टेट ई-वे बिल तीन राज्यों केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु में 15 अप्रैल से लागू होगा और इसके बाद अन्य राज्यों में लागू किया जाएगा। इंट्रा स्टेट ई-वे बिल 4 राज्यों के लॉट में लागू किया जाएगा। यानी पहले 4 राज्यों में लागू होगा और उसके बाद अन्य 4 राज्यों में लागू होगा।

क्या है ई-वे बिल?
ई-वे बिल के तहत 50 हजार रुपए से ज्यादा के अमाउंट के प्रोडक्ट की राज्य या राज्य से बाहर ट्रांसपोर्टेशन या डिलीवरी के लिए सरकार को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के जरिए पहले ही बताना होगा। इसके तहत ई-वे बिल जनरेट करना होगा जो 1 से 20 दिन तक वैलिड होगा।

यह वैलिडिटी प्रोडक्ट ले जाने की दूरी के आधार पर तय होगी। जैसे 100 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 1 दिन का ई-वे बिल बनेगा, जबकि 1,000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी के लिए 20 दिन का ई-वे बिल बनेगा।

जीएसटी काउंसिल ने टाला रिवर्स चार्ज
काउंसिल ने रिवर्स चार्ज को भी 1 जुलाई तक के लिए टाल दिया है। जीएसटी में अनरजिस्टर्ड डीलर से प्रोडक्ट या नॉन रजिस्टर जॉब वर्कर से सर्विस लेने पर रिवर्स चार्ज लगने का प्रावधान है। यानी, अगर आपने अनरजिस्टर्ड डीलर से कोई सर्विस या प्रोडक्ट लेने पर आपको टैक्स देना होगा।

जैसे जीसएटी रजिस्टर्ड डीलर अगर किसी अनरजिस्टर्ड डीलर से कोई प्रोडक्ट या सर्विस लेता है तो उसे रिवर्स चार्ज चुकाना होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि अनरजिस्टर्ड डीलर जीएसटी के दायरे से बाहर है। हालांकि रजिस्टर्ड डीलर को बाद में दिए गए टैक्स का रिफंड मिल जाएगा।

रिटर्न फाइलिंग आसान बनाने पर नहीं हुआ फैसला
फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी काउंसिल ने रिटर्न फाइलिंग के दो तरीकों के बारे में चर्चा की है लेकिन इस पर कोई आम सहमति अभी नहीं बन पाई है। अभी रिटर्न फाइलिंग का जो तरीका है वह अगले तीन महीने तक चलेगा। कारोबारियों को जीएसटीआर-3बी जून तक फाइल करनी होगी।

जीएसटी काउंसिल मीटिंग के मुख्य बिंदु
-एक्सपोर्टर्स के लिए बढ़ाई छूट
-एक्सपोटर्स के लिए छूट छह महीने के लिए बढ़ा दी है।
-इंटर स्टेट ई-वे बिल 1 अप्रैल से लागू होगा।
-इंट्रा स्टेट ई-वे बिल 15 अप्रैल से होगा लागू। 1जून तक पूरे देश में होगा लागू।
-4 राज्यों के लॉट में इंट्रा स्टेट ई-वे बिल लागू होगा।
-रिटर्न फाइल करने का मौजूदा तरीका 3 महीने के लिए बढ़ा दिया है।
-कारोबारियों को जीएसटीआर-3बी जून तक फाइल करनी होगी। काउंसिल अभी जीएसटी रिटर्न फॉर्म को आसान —-बनाने को लेकर कोई फैसला नहीं कर पाई है।

चंबल फिल्म फेस्टिवल आज से, दो स्क्रीन पर दिखाई जाएंगी 55 फिल्में

कोटा। चंबल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आगाज शनिवार सुबह दस बजे से यूआईटी ऑडिटोरियम में होगा। पहले दिन दो स्क्रीन्स पर करीब 55 फिल्मों की स्क्रीनिंग की जाएगी। मुख्य अतिथि सांसद ओम बिरला होंगे। विशिष्ट अतिथि गीतकार सैय्यद व प्लेबैक सिंगर क्षितिज तारे होंगे। अध्यक्षता यूआईटी चेयरमैन आरके मेहता करेंगे।

इस फिल्म फेस्टिवल में शार्ट मूवी, डॉक्यूमेंट्री, एनिमेशन सहित अन्य फिल्मों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इस फेस्टिवल के लिए 316 मूवी ने नॉमिनेशन किया था। इसमें से 160 मूवी को सलेक्ट किया गया है। 28 देशों की मूवी एक ही प्लेटफार्म पर दिखाया जा रही है।

फेस्टिवल डायरेक्टर कपिल सिद्धार्थ ने बताया कि फेस्टिवल के दौरान मराठी फिल्म हरिशचंद्र फैक्ट्री की विशेष स्क्रीनिंग की अनुमति ली गई है। जो यहां पर दिखाई जाएगी। इस फिल्म को कई अवाॅर्ड मिले हैं। समापन रविवार को शाम चार बजे यूआईटी आॅडिटोरियम में ही होगा।

इस दौरान अवाॅर्ड सेरेमनी और प्लेबैक सिंगर क्षितिज  तारे की परफॉरमेंस भी होगी। अभिषेक तिवाड़ी द्वारा निर्देशित फिल्म भूरा के साथ-साथ अन्य फिल्मों की भी स्क्रीनिंग की जाएगी।

आयकर सर्वे में 7 करोड़ की अघोषित आय हुई उजागर

कोटा। शहर में तीन स्थानों पर किये आयकर विभाग के सर्वे में शुक्रवार को 7 करोड़ रुपए की अघोषित आय उजागर हुई है।  आयकर विभाग ने झालावाड़ रोड गोबरिया बावड़ी के पास स्थित एक रियल एस्टेट के ऑफिस, भामाशाहमंडी में एक दलाल व एक ट्रैक्टर का काम करने वाली कंपनी के यहां सर्वे की कार्रवाई की थी।

विभागीय सूत्रों के अनुसार एडवांस टैक्स के तहत विभाग की रेंज-1 की टीम ने यह सर्वे की कार्रवाई की। कार्रवाई देर रात तक चली। टीम ने तीनों स्थानों से करीब 7 करोड़ रुपए की अघोषित आय का पता चला है। टीम ने कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। उनकी वह जांच कर रही है।

PNB घोटाला: राजस्थान में छोटे ज्वैलर्स की मुश्किलें बढ़ीं, कारोबार घटा

जयपुर। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में मेहुल चौकसी तथा नीरव मोदी के शामिल होने से छोटे ज्वैलर्स की भी मुश्किलें बढ़ गई है। ज्वैलर्स को दो तरफा मुश्किलों को सामना करना पड़ रहा। बैंकों व बाजार से पैसा मिलने में मिलने में परेशानी हो रही है, वहीं ग्राहकों का विश्वास डगमगाने से प्रदेश के ज्वैलरी कारोबार में 50 फीसदी तक की कमी आई है।

काबिलेगौर है कि भारत में गोल्ड ज्वैलरी का कारोबार करीब 3 लाख करोड़ रुपए का है। इसमें प्रदेश की हिस्सेदारी पांच फीसदी की है।  ज्वैलर्स का कहना है कि पीएनबी घोटाला खुलने के बाद उनके लिए बैंकों व वित्तीय संस्थानों से लोन लेना मुश्किल हो गया है। फाइनेंसर्स पैसा देने में आनाकानी कर रहे हैं।

इसके चलते छोटे ज्वैलर्स का रोटेशन गड़बड़ाया है। कई छोटे कारखानों में पिछले कुछ दिनों से उत्पादन ठप है। सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी जयपुर के अध्यक्ष कैलाश मित्तल का कहना है कि बजट के बाद ज्वैलरी कारोबार में सुधार की उम्मीद थी।

लेकिन फरवरी में सामने आए नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के घोटाले की वजह से पिछले एक महीने में ज्वैलरी कारोबार आधे से कम रह गया है। ऐसी खबरें भी आई कि गीतांजलि ग्रुप असली हीरों की जगह सिंथेटिक हीरे बेच रहा था। इससे ग्राहकों का विश्वास डगमगाया है।

बुलियन डीलर और कमेटी के उपाध्यक्ष मनीष खूंटेटा का कहना है कि पीएनबी घोटाला सामने आने के बाद सोना-चांदी के कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ा है। कुछ छोटे व्यापारियों का भी पैसा फंसा होने की आशंका है।

कारखानों में खाली बैठे है कई कारीगर
प्रदेश में करीब पांच लाख लोग ज्वैलरी कारोबार से जुड़े हैं। अकेले जयपुर में ही दो लाख लोग इस कारोबार में है। इनमें करीब 50,000 कारीगर शामिल है। कारीगरों में से अधिकांश दिहाड़ी पर काम करते हैं।

इसके मद्देनजर काम कम होने से कई ज्वैलरी कारखानों में कारीगर ताश खेलकर टाइम पास कर रहे हैं। दिहाड़ी पर काम करने वाले कारीगरों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है।

हालमार्किंग अनिवार्यता से कारोबार में सुधार संभव
ज्वैलर्स संगठनों का मानना है कि सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य कर दी गई तो हीरे जड़े और प्लेन गोल्ड ज्वैलरी की मांग में सुधार की संभावना है। सरकार ने जनवरी से हॉलमार्किंग अनिवार्य करने के संकेत दिए थे, लेकिन अब तक नियम-कायदे तय नहीं हो सके। इसलिए इसमें देरी हो रही है।

अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर टैक्स कम करें, ट्रम्प की भारत को धमकी

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और चीन को अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर ज्यादा टैक्स लगाने पर वॉर्निंग दी है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने टैक्स रेट हमारे देश के बराबर कर लें या फिर हमारी जवाबी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें। इससे पहले वे भारत पर अमेरिकी हार्ले डेविडसन बाईक्स पर 50% टैक्स वसूलने का आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने इस मामले पर नरेंद्र मोदी से भी बात करने को कहा था।

ट्रम्प बोले- हमें अपनी कंपनियों से इंसाफ करना होगा
ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा- आने वाले वक्त में हम एक रेसिप्रोकल (जवाबी) टैक्स प्रोग्राम ला सकते हैं। ताकि अगर चीन हमारे प्रोडक्ट्स पर 25% या भारत 75% ड्यूटी लगाए, तो हम भी उन पर उल्टा टैक्स लगा सकें। वो अगर 25, 50 और 75 हो सकते हैं, तो हमें भी जवाबी ड्यूटी लगानी पड़ेगी। इसे मिरर ऑफ टैग्स कहते हैं।

ट्रम्प ने बताया कि रेसिप्रोकल (जवाबी) टैक्स के लिए प्लान पहले ही बन चुका है। अमेरिकी कंपनी टेस्ला के मालिक एलॉन मस्क के ट्वीट का जिक्र करते हुए ट्रम्प ने कहा कि चीन हमारी कारों पर 25% ड्यूटी वसूलता है, जबकि अमेरिका चीन की कारों पर सिर्फ 2.5% टैक्स ही लगाता है। इसका मतलब है कि दूसरे देश अमेरिकी कंपनियों के साथ ठीक बर्ताव नहीं कर रहे। अमेरिकी व्यापारियों के साथ इंसाफ सिर्फ रेसिप्रोकल टैक्स प्रोग्राम आने के बाद ही हो सकता है।

अमेरिका नहीं लेता भारतीय प्रोडक्ट्स पर टैक्स
– ट्रम्प पहले भी भारत पर अमेरिका की हार्ले डेविडसन बाईक्स पर 50% टैक्स वसूलने का आरोप लगाते रहे हैं। ट्रम्प का कहना है कि भारत हमारी बाईक्स पर भारी ड्यूटी वसूलता है, जबकि हम भारत से इम्पोर्ट होने वाली बाइक्स पर कोई ड्यूटी नहीं लेते।
– ट्रम्प कह चुके हैं कि इस सिलसिले में उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बात की है।

स्टील और एल्युमिनियम पर अमेरिका ने शुरू किया इम्पोर्ट टैक्स
– अमेरिका ने हाल ही में स्टील और एल्युमिनियम के इम्पोर्ट पर टैक्स लेने का एलान किया था। गुरुवार को इसके आदेश पर दस्तखत करते हुए ट्रम्प ने कहा था कि देश के फायदे के लिए ये बहुत जरूरी था।
– अब अमेरिका स्टील के इम्पोर्ट पर 25% और एल्युमिनियम के इम्पोर्ट पर 10% की दर से टैक्स वसूलेगा। हालांकि, कनाडा और मेक्सिको से इम्पोर्ट होने वाले स्टील और एल्युमिनियम पर कोई टैक्स नहीं लेगा।

 

 

एयरटेल पेमेंट्स बैंक पर आरबीआई ने 5 करोड़ का जुर्माना ठोका

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने परिचालन दिशानिर्देश और अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी) नियमों का उल्लंघन करने के लिए एयरटेल पेमेंट्स बैंक पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। रिजर्व बैंक ने कंपनी पर यह जुर्माना बैंक के दस्तावेजों की जांच करने के बाद लगाया है। उसने पाया कि ग्राहकों की ओर से बिना किसी स्पष्ट रजामंदी के लोगों के खाते खोले गए।

केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा, ‘भारतीय रिजर्व बैंक ने 7 मार्च 2018 को एयरटेल पेमेंट्स बैंक लिमिटेड पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। उस पर यह जुर्माना केंद्रीय बैंक द्वारा जारी किए गए केवाईसी नियमों और पेमेंट्स बैंक परिचालन के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने की वजह से लगाया गया है।’

ग्राहकों की शिकायत थी कि उनकी बिना किसी स्पष्ट रजामंदी के एयरटेल पेमेंट्स बैंक ने उनके खाते खोले। एयरटेल के ग्राहकों ने जब अपने आधार को सिम से जोड़ा तो उनका पेमेंट्स बैंक में खाता खोल दिया गया। इसे लेकर मीडिया में भी खबरें थीं, जिस पर रिजर्व बैंक ने 20-22 नवंबर 2017 को बैंक का पर्यवेक्षण दौरा किया।

पर्यवेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक बैंक के दस्तावेजों में पाया गया कि उसने केवाईसी नियमों और भुगतान बैंक परिचालन के दिशानिर्देशों को नहीं माना। इसके बाद रिजर्व बैंक ने 15 जनवरी को कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया और बैंक के जवाब का आकलन करने के बाद उस पर यह जुर्माना लगाने का फैसला किया। एयरटेल पेमेंट्स बैंक ने पिछले साल जनवरी में परिचालन शुरू किया था।