Tuesday, July 21, 2026
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उड़द, मूंग की सरकारी खरीद का 3 माह बाद भी भुगतान नहीं

कोटा। सरकार की ओर से किसानों की उपज का अच्छा पैसा दिलाने और बिचैलियों को खत्म करने की मंशा के साथ समर्थन मूल्य पर शुरू की गई उडद़, मूंग, चना एवं सरसों की खरीद सरकारी अव्यवस्था के कारण परेशानी का सबब बन गई है।

सरकारी खरीद केन्द्रों पर बेचे गए उड़द-मूंग के रुपए तीन महीने के बाद भी किसानों को नहीं मिले है। जबकि चना और सरसों की खरीद के लिए आॅनलाइन किए जा रहे पंजीयन की स्थिति यह है कि कभी तो खरीद की तिथि का मैसेज ही नहीं मिल रहा और कभी सर्वर डाऊन होने के चलते किसानों को ई मित्र के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

ऐसे में सरकारी खरीद को लेकर किसानों में भी नाराजगी बढती जा रही है। सरकार ने किसानों के उड़द-मूंग के बाद अब सरसों और चने की उपज को अच्छे भाव दिलाने के लिए जिले में समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू करवाई है। इसमें पारदर्शिता रखने के लिए एवं किसानोें को टोंकन की परेशानी से बचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की।

यह सिस्टम शुरू-शुरू में काफी अच्छी रही, लेकिन धीरे-धीरेे यह व्यवस्था परेशानी का सबब बन गई। किसानों को अभी तक बेचे गए उडद-मूंग के रुपए नहीं मिले तो चने, सरसों के लिए कई किसानों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी बेचने की तिथि का मेसेज मोबाइल पर नहीं आया है। इससे यह व्यवस्था काफी प्रभावित होती जा रही है।

सांगोद ब्लाॅक के गांव लसेड़िया से आए किसान पुरूषोत्तम मेहता ने बताया कि 3 माह पूर्व 15 जनवरी को सरकारी खरीद केन्द्र पर उड़द की तुलाई कराई थी। जिसका भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। इसको लेकर राजफैड की ओर से जारी किए गए टोल फ्री नंबर 18001806001 तथा कोटा के 2740231, 439, 537 पर सम्पर्क करने का भी प्रयास किया, लेकिन फोन ही नहीं लग रहा है।

इसके बाद जब वेबसाइट पर दिए गए कोटा में पदस्थ क्षैत्रीय अधिकारी के नम्बर 8058485395 पर सम्पर्क किया तो उन्होंने फोन ही रिसीव नहीं किया। ढोटी निवासी श्याम किशोर तथा दीगोद ब्लाॅक के गांव सुवाणा के अशोक यादव ने बताया कि सुबह से ई मित्र के तीन चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन ई मित्र की ओर से केवल आधे घण्टे में सर्वर ठीक होने की बात कही जा रही है।

ऐसे में, गांव भी नहीं जा पा रहे हैं और पंजीयन भी नहीं हो पा रहा है। उधर, ई -मित्र संचालक गिरीराज शर्मा ने बताया कि किसान लगातार चने, सरसों की सरकारी खरीद के लिए टोकन का पंजीयन कराने के लिए आ रहे हैं, लेकिन वेबसाइट पर सुबह से ही ‘‘सर्वर अण्डर मेन्टेन्स’’ का मैसेज दिया जा रहा है।

इसके 30 मिनट में ठीक होने के मैसेज के चलते किसानों को बार बार ई मित्र आना पड़ रहा है। यह परेशानी जब से खरीद शुरू हुई है, तब से लेकर कईं बार आ चुकी है। गिरीराज शर्मा ने बताया कि कईं बार तो पंजीयन के बाद भी खरीद तिथि का मैसेज नहीं आने पर किसान ई मित्र संचालकों से झगड़ा करने लगते हैं।

कोटा के शास्त्री मार्केट क्षेत्र में चला स्वच्छता अभियान, डस्टबिन वितरित

चेटीचण्ड पर रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया

कोटा। कोटा व्यापार महासंघ एवं नगर निगम की ओर से चलाए जा रहे स्वच्छता महाभियान के तहत सोमवार को शास्त्री मार्केट व्यापार संघ द्वारा डस्टबीन वितरित किये गये। साथ ही चेटीचंड के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया ।

शास्त्री मार्केट व्यापार संघ के अघ्यक्ष संजीव पाटनी सचिव चन्द्रमोहन गर्ग एव सुरेश जैन ने बताया कि इस समारोह के मुख्य अतिथि विधायक प्रहलाद गुंजल थे एवं विशिष्ठ अतिथि कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन, महासचिव अशोक माहेश्वरी एवं एकता धारीवाल थीं।

समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि व्यापार संघों द्वारा रक्तदान शिविर एवं स्वच्छता अभियान चलाकर जनहित मे कार्य किया जा रहा है, जो एक सराहनीय कदम है। आम जनता को भी स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।  उन्होंने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि शहर की व्यापारिक संस्थाएं रक्तदान में हमेशा अग्रणी रहती हैं।

 कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि महासंघ द्वारा शहर के सभी क्षे़त्रो में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। उसी के तहत शहर के पुराने बाजार शा़स्त्री मार्केट में व्यापार संघ के सहयोग से व्यापारियों को डस्टबीन बाटें गये हैं।

 कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि अब शहर की बाहरी बस्तियों में कार्य योजना बनाकर जहाँ भी गंदगी फैली हुई है, उन क्षेत्रों में भी स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा । स्वच्छता अभियान के साथ शास्त्री मार्केट व्यापार संघ द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन कर एक अनूठी पहल की है, जिसका अनुसरण अन्य संस्थाओं को भी करना चाहिए। 

इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता एकता धारीवाल ने कहा कि महिलाओं को कचरे का निस्तारण ऐसी जगह पर करना चाहिए, जिससे सड़कों पर कचरा नही फेले और हमारा शहर साफ सुथरा नजर आए।  उन्होंने महासंघ द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसका असर अब शहर में दिखने लगा है।

सेंसेक्स 253 अंक गिरा, निवेशकों के डूबे 2 लाख करोड़

नई दिल्ली। लगातार पांचवें ट्रेडिंग सेशन में घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। बढ़त के साथ शुरुआत के बाद चौतरफा बिकवाली के दबाव में बाजार ने पूरी बढ़त गंवा दी। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 253 अंक गिरकर 32,923 अंक क्लोज हुआ। वहीं निफ्टी 101 अंक टूटकर तीन महीने के निचले स्तर 10,094 पर बंद हुआ। आज के कारोबार में निफ्टी 10,224.55 तक पहुंचा था जबकि सेंसेक्स ने 33275.79 का हाई बनाया था।

मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.63 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.21 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

मिडकैप शेयरों में टीवीएस मोटर्स, सेल, अडानी एंटरप्राइजेज, सेंट्रल बैंक, एसजेवीएन, आईजीएल4.06-2.09 फीसदी तक लुढ़क गए हैं। हालांकि वक्रांगी, आईडीबीआई, एनबीसीसी, गृह फाइनेंस, अजंता फार्मा, जीएमआर इंफ्रा, चोलामंडलम फाइनेंस, जिलेट इंडिया, एनएलसी इंडिया 0.54-3.06 फीसदी तक बढ़े हैं।

मेटल-रियल्टी इंडेक्स में बड़ी गिरावट
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो एफएमसीजी को छोड़ सभी इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा गिरावट मेटल इंडेक्स में देखने को मिल रही है। बैंक निफ्टी इंडेक्स में 0.31%, ऑटो में 0.53%, आईटी में 0.58%, मीडिया में 1.06%, फार्मा में 0.02%, पीएसयू बैंक में 0.64% और रियल्टी में 1.02% फीसदी की गिरावट आई । वहीं बीएसई का ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1.72% और पावर इंडेक्स 0.59% टूटा है। हालांकि बीएसई कैपिटल गुड्स इंडेक्स में 0.56% और बीएसई कंज्यूमर डुरेबल्स इंडेक्स में 0.04% की तेजी नजर आ रही है।

भारतीय बाजार में लौटा FIIs का भरोसा
– फॉरेन पोर्टफोलिया इन्वेस्टर्स (एफपीआई) ने घरेलू शेयर बाजार में फिर भरोसा दिखाया है। 1-16 मार्च के दौरान एफपीआई ने इक्विटी मार्केट में 6,380 करोड़ रुपए डाले हैं। हालांकि इसी दौरान डेट मार्केट से एफपीआई ने 10,600 करोड़ रुपए निकाले हैं।

इन 6 कंपनियों में निवेशकों के डूबे 52 हजार करोड़
– पिछले हफ्ते के उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में देश की टॉप 10 में से 6 कंपनियों में निवेशकों को हजारों करोड़ों का नुकसान हुआ। दरअसल, बीते हफ्ते के कारोबार में टॉप 6 कंपनियों का मार्केट कैप 52,000 करोड़ रुपए घट गया। देश की सबसे आईटी कंपनी टीसीएस का मार्केट कैप सबसे ज्यादा घटा।

बंधन बैंक का आईपीओ 1.66 गुना सब्सक्राइब हुआ
– बंधन बैंक का आईपीओ आखिरी दिन दोपहर 1.30 बजे तक 1.66 गुना सब्सक्राइब हुआ है। बैंक की आईपीओ से 4473 करोड़ रुपए जुटाने की योजना है।

01:05 PM
PSU बैंक स्टॉक्स में भारी बिकवाली
– कारोबार में सरकारी बैंकों के स्टॉक्स में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। बैंक ऑफ बड़ौदा, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूनियन बैंक और सिंडिकेट बैंक में गिरावट से निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 2.7 फीसदी टूट गया है।

12:28 PM
HEG, ग्रेफाइट इंडिया में 12% का उछाल
– इलेक्ट्रोड मैन्युफैक्चरर कंपनी एचईजी और ग्रेफाइट इंडिया के स्टॉक में शुरुआती कारोबार में 12 फीसदी तक तेजी दर्ज की गई। दरअसल, वैन्गार्ड ग्रुप ने दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी खरीदी है। हिस्सेदारी खरीदने की खबर से सोमवार के कारोबार में इन कंपनियों के स्टॉक्स में उछाल आया।

11:53 AM
इंटरनेशनल मार्केट में आयरन ओर की कीमतें गिरी, मेटल शेयर लुढ़के
– इंटरनेशनल मार्केट में आयरन ओर कीमतों में गिरावट का असर मेटल शेयरों पर देखने को मिला। डालियन कमोडिटी एक्सजेंस 3.2 फीसदी टूट गया। इससे मेटल प्रोड्यूसर्स कंपनियों के शेयर 7 फीसदी तक टूट गए। एनएसई पर निफ्टी मेटल इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया। सेल (6.45%), एनएमडीसी (6.33%), हिंदुस्तान कॉपर (4.18%) में बड़ी गिरावट से मार्केट पर दबाव बना।

11:29 ऍम
VA Tech Wabag में 3% की तेजी, स्टेक खरीददारी का असर
– चेन्नई की वाटर एंड सिवेज ट्रीटमेंट प्लांट बिल्डर VA Tech Wabag के स्टॉक में सोमवार को 3 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। दरअसल, इन्वेस्टर पोरिन्जू वेलियाश की इक्विटी इंटेलिजेंस ने VA Tech Wabag के 1.9 लाख शेयर्स यानी 0.35 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। स्टेक खरीद की खबस से स्टॉक में तेजी देखने को मिल रही है।

11:21 AM
IRB Infra को मिला 2043 करोड़ का रोड प्रोजेक्ट
– IRB इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स को गुजरात में एनएचएआई की तरफ से 2043 करोड़ रुपए का एक रोड प्रोजेक्ट मिला है। बीएसई फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी गुजरात में एक रोड प्रोजेक्ट के लिए प्रीफर्ड बिडर रही। प्रोजेक्ट के तहत कंपनी गुजरात में 8 लेन वडोदरा किम एक्सप्रेसवे को 355 किलोमीटर से बढ़ाकर 378.74 किलोमीटर करना है।

11:15 AM
संधार टेक्नोलॉजीज का IPO खुला
– संधार टेक्नोलॉजीज का आईपीओ आज से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है और यह 21 मार्च तक खुला रहेगा। कंपनी ने शुक्रवार को एंकर इन्वेस्टर्स से 153.74 करोड़ रुपए जुटाए हैं। संधार टेक्नोलॉजीज ने आईपीओ के लिए 327-332 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। संधार टेक्नोलॉजीज के इश्यू का लॉट साइज 45 शेयरों का है। कंपनी की आईपीओ से 512 करोड़ रुपए जुटाने की योजना है।

देखिए, फिल्म अदाकारा ऐश्वर्या राय का ग्लैमरस लुक

फैशन और खूबसूरती के मामले में ऐश्वर्या का कोई जवाब नहीं और उनके फोटोशूट की तो बात ही कुछ और है। हाल ही में ऐश्वर्या ने फैशन मैगज़ीन फेमिना के लिए फोटोशूट कराया है।

इन तस्वीरों में ऐश्वर्या के कर्ली बाल काफी खूबसूरत लग रहे हैं और वहीं उनके चेहरे का मेकअप भी उन्हें काफी ग्लैमरस लुक दे रहा रहा है।ऐश्वर्या की ये ग्लैमरस तस्वीरें इंटरनेट पर खूब धमाल मचा रहीं। इन दिनों ऐश अपनी फिल्म ‘फन्ने खान’ में व्यस्त हैं, जिसमें उनके साथ अनिल कपूर भी हैं।

दोनों 15 साल बाद किसी फिल्म में साथ काम कर रहे हैं। हर तस्वीर में उनकी स्टाइल जुदा है। कवर पेज की तस्वीर में लाइट गोल्डन कलर के फुल स्लीव शर्ट के साथ ऐश के कर्ली बाल खूब जंच रहे हैं।

काले धन पर सख्ती से देश छोड़ रहे हैं भारतीय करोड़पति

नई दिल्ली। पिछले साल देश छोड़कर जाने वाले भारतीय रईसों की संख्या 2014 के बाद सबसे ज्यादा रही। भारत के करोड़पति इस मामले में चीन और फ्रांस जैसे देशों से भी आगे रहे। रईसों के देश छोड़कर जाने की वजह काले धन पर सरकार की सख्ती को माना जा रहा है।

2014 से अब तक लगभग 23,000 करोड़पति भारत छोड़कर जा चुके हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 7000 लोगों ने पिछले साल देश छोड़ा है। इन आंकड़ों के हिसाब से विदेश जाने वाले करोड़पतियों की सूची में भारत का नाम सबसे ऊपर आ गया है।

मॉर्गन स्टेनली इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट के इमर्जिंग मार्केट्स हेड और चीफ ग्लोबल स्ट्रैटिजिस्ट रुचिर शर्मा के जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2014 के बाद 2.1 पर्सेंट करोड़पति ने भारत छोड़ा है, जबकि फ्रांस के मामले में इनकी संख्या 1.3% और चीन के मामले में 1.1% रही है। शर्मा ने ये डेटा पिछले हफ्ते हुए मीडिया इवेंट में पेश किए थे।

उन्होंने बातचीत में कहा, ‘देश में काले धन के खिलाफ सरकार की कार्रवाई के चलते कुछ मिलियनेर्स का बाहर जाना स्वाभाविक माना जा रहा है। ऐसे में ज्यादतियों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। रेगुलेशन ज्यादा सख्त होने से ऐसे दिक्कतें होती ही हैं।’

इन सुपररिच के देश छोड़कर जाने से इन्वेस्टमेंट और कंजम्पशन के इकनॉमिक फायदे हाथ से निकल रहे हैं। शर्मा के डेटा से यह भी पता चला है कि सुपररिच लोगों के लिए ऑकलैंड, दुबई, मॉन्ट्रियल, तेल अवीव और टोरंटो पॉप्युलर डेस्टिनेशंस हैं।

जहां तक इंडियन एचएनआई की बात है तो अंदाजे से कहा जा सकता है कि इनके फेवरिट डेस्टिनेशन ब्रिटेन, दुबई और सिंगापुर हो सकते हैं। इन रईसों में उन लोगों को शामिल किया गया है, जो कम से कम छह महीने विदेश में रहे हैं। इसमें वे लोग नहीं हैं, जिनके विदेश में मकान हैं लेकिन वहां बसे नहीं हैं।

करोड़पति का मतलब उन लोगों से है, जिनके पास 10 लाख डॉलर से अधिक की नेट एसेट है। अगर समूची दुनिया की बात करें तो 2014 से अब तक डेढ़ लाख करोड़पति ने पलायन किया है। संख्या के हिसाब से सबसे ज्यादा चीन के 38,000 करोड़पति ने देश छोड़ा था, लेकिन पर्सेंटेज के हिसाब से इनका साइज भारत से कम है।

जिन देशों से सबसे ज्यादा (पर्सेंटेज) करोड़पति ने पलायन किया है, उनमें फ्रांस दूसरे नंबर पर है। ऊंचे वेल्थ टैक्स रेट की वजह से फ्रांस के अमीर लोग देश छोड़कर जा रहे थे। हालांकि, फ्रांस के नए राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों ने इस टैक्स रेट में कमी की है।

हंगामे के कारण पेश नहीं हो सका अविश्वास प्रस्ताव

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सोमवार को भी पेश नहीं हो पाया। लोकसभा में उलट ही नजारा दिखा और मोदी सरकार की पहली परीक्षा की तैयारी कर रहे टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य सदन में हंगामा करते दिखे।

दूसरी तरफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर मोदी सरकार पूरे आत्मविश्वास में नजर आई। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन में कहा कि सरकार अविश्वास प्रस्ताव समेत सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि हंगामे की स्थिति में प्रस्ताव लाने वाले लोगों गिना नहीं जा सकता है।

संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही हंगामेदार रही। राज्यसभा की कार्यवाही हंगामे की वजह से दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा का नजारा भी इससे जुदा नहीं था। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले 12 और फिर दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी।

सदन में टीडीपी, वाईएसआर और एआईएडीएमके समेत कुछ अन्य विपक्षी पार्टियों ने वेल में तख्तियों और पोस्टर के साथ जमकर नारेबाजी की। इस हंगामे के दौरान टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस की तरफ से लोकसभा में केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस स्पीकर सुमित्रा महाजन ने स्वीकार कर लिया।

सदन में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष के हंगामे के बीच कहा, ‘हम अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं और सभी से आग्रह करते हैं कि इस मामले पर चर्चा होनी चाहिए।’ इस दौरान कुछ सांसदों के वेल में हंगामा करने के कारण लोकसभा स्पीकर ने प्रस्ताव लाने वाले सदस्यों को गिनने में असमर्थता जताई और सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।

हंगामा करने वाले टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस के सांसदों का कहना है कि वह हंगामा नहीं कर रहे थे, बल्कि लोकसभा स्पीकर के सामने अपना पक्ष रख रहे थे। वहीं एआईएडीएमके के सांसद कावेरी जल विवाद के मुद्दे पर हंगामा कर रहे थे।

संसद परिसर में केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार विश्वास मत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि संख्याबल सरकार के साथ है। एनडीए को भी मिला दिया जाए, तो दो तिहाई बहुमत सरकार को हासिल है।

प्रस्ताव को कांग्रेस ने भी अपना समर्थन दिया है। सरकार के लिए चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि अकेले बीजेपी के पास पर्याप्त संख्या बल लोकसभा में मौजूद है। सरकार और विपक्ष दोनों ही इस वक्त अपने स्तर पर एकजुट दिखने की कोशिश कर रही है। सरकार की सहयोगी शिवसेना ने प्रस्ताव पर कहा कि वह न इसका समर्थन करते हैं और न विरोध।

आंकड़े सरकार के पक्ष में 
अविश्वास प्रस्ताव आने पर मोदी सरकार पर फिलहाल कोई खतरा नहीं है। लोकसभा में बीजेपी के 273 सांसद हैं। ऐसे में वह यह आसान परीक्षा आराम से पास कर जाएगी। हालांकि, सरकार के लिए थोड़ी मुश्किल सहयोगी दलों के छिटकने और गठबंधन के साथियों के नाराज होने की खबरों को लेकर जरूर है।

विपक्षी एकता एक तरफ लामबंद होने के लिए प्रयास कर रही है और सरकार के सहयोगी दलों का दूर होना जरूर मोदी और बीजेपी के रणनीतिकारों के लिए आगामी लोकसभा चुनावों में सिर दर्द बन सकता है।

विपक्षी एकजुटता नजर आई
अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस दोनों पार्टियों को समर्थन दे चुकी है। कांग्रेस के 48 सांसद हैं। इस तरह सरकार के खिलाफ प्रस्ताव लाने के लिए जरूरी 50 सांसदों का आंकड़ा आराम से जुट जाएगा। इसके साथ ही वाम दल, आप और बाकी विपक्षी दल भी सरकार के खिलाफ लामबंद हो चुके हैं। इस तरह सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने में कोई मुश्किल नहीं होने वाली।

चारा घोटाला: चौथे मामले में लालू प्रसाद यादव दोषी करार, जगन्नाथ मिश्रा बरी

रांची। झारखंड की रांची सेंट्रल जेल में सजा काट रहे राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले के चौथे मामले में दोषी करार दिया गया है। दुमका कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े इस मामले में रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाया। इस तरह अब तक चारा घोटाले के 6 में से 4 केस में लालू दोषी करार दिए जा चुके हैं।

दुमका कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा को बरी कर दिया गया है। उनके साथ महेंद्र सिंह बेदी, अधीप चंद, ध्रुव भगत और आनंद कुमार भी बरी कर दिए गए हैं। मामले में लालू की सजा पर बहस 21, 22 और 23 मार्च को होगी।

‘अजब है नरेंद्र मोदी और नीतीश का मेल…’
लालू को दोषी करार दिए जाने के बाद आरजेडी नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘अजब है नरेंद्र मोदी और नीतीश का मेल, अजब है खेल, दोबारा से हो गया जगन्नाथ मिश्रा रिहा और लालू यादव को जेल। एक आदमी को जेल, एक आदमी को बेल, ये है नरेंद्र मोदी का खेल।’

दरअसल, लालू यादव इन दिनों बीमार चल रहे थे और उन्हें रांची इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में भर्ती कराया गया था। वह पिछले तीन दिनों से हॉस्पिटल में भर्ती थे। फैसले के वक्त लालू कोर्ट में मौजूद थे। इससे पहले शनिवार को ही चारा घोटाले के चौथे मामले में फैसला आने वाला था, जिसे टाल दिया गया था।

रविवार को लालू यादव से मिलने उनके बड़े बेटे तेज प्रताप और छोटे बेटे तेजस्वी यादव पहुंचे थे। रिम्स के डॉक्टरों के मुताबिक लालू यादव को पेरिएनल एब्सिस की बीमारी है। उनके मलद्वार में जख्म हो गया है। उन्हें डायबीटीज और हाइपर टेंशन भी है। उन्हें डॉक्टरों ने खिचड़ी, रोटी, हरी सब्जी, दाल और दही लेने की सलाह दी है।

यह है मामला
बता दें, यह मामला दुमका कोषागार से अवैध निकासी से जुड़ा है। दुमका कोषागार से करीब 3.76 करोड़ रुपये की अवैध निकासी को लेकर सीबीआई ने 1996 में एफआईआर दर्ज की थी। राशि की निकासी 1995 से 1996 के बीच हुई थी। मामले की जांच के बाद सीबीआई ने 11 अप्रैल 1996 को रिपोर्ट दर्ज की थी। चारा घोटाले में लालू प्रसाद के खिलाफ पांच मुकदमे सीबीआई ने दर्ज किए हैं।

देवघर ट्रेजरी मामले में साढ़े तीन साल की हुई थी सजा
इसे पहले फरवरी के अंतिम हफ्ते में घोटाले के पहले मामले देवघर ट्रेजरी से अवैध निकासी पर लालू की ओर से झारखंड हाई कोर्ट में दायर एक याचिका को खारिज कर दिया गया था। इस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने आरजेडी सुप्रीमो को साढ़े तीन साल की जेल और 5 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। सजा के बाद लालू के पास हाई कोर्ट से जमानत लेने का विकल्प था, जिसके आधार पर लालू ने झारखंड हाई कोर्ट में अर्जी दायर की थी।

चारा घोटाले के तीसरे मामले में भी लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्रा को चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा कोषागार गबन मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल जेल की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने लालू यादव पर 10 लाख और जगन्नाथ मिश्रा पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।

जनप्रतिनिधियों के विरोध के बीच हैंगिंग ब्रिज पर टोल शुरू

कोटा। जनप्रतिनिधियों के विरोध के बीच ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर परियोजना के तहत चम्बल नदी पर बने हैंगिंग ब्रिज से गुजरने के लिए वाहन चालकों से रविवार से टोल वसूली शुरू हो गई। टोल वसूलने वाली कंपनी को हर रोज 10 लाख से ज्यादा वसूल करने का लक्ष्य आवंटित है। सुबह टोला प्लाजा का उद्घाटन हुआ। इस दौरान परियोजना निदेशक अनुपम गुप्ता और टे्रक मैनेजर हर्षित पारीक भी मौजूद रहे।

पहले दिन ही पुल के दोनों और वाहनों की लम्बी कतार लगी। इस कारण वाहन चालकों को परेशानी हुई वे घंटों तक जाम फंसे रहे। टोल वसूलने वाली कंपनी के प्रतिनिधि पंकज दीक्षित ने बताया कि पहला दिन होने के कारण वाहन चालकों को जानकारी नहीं थी, इसलिए कुछ देर जाम लगा।

कुछ ही देर बाद यातायात सामान्य हो गया। वहीं ब्रिज से गुजरने पर जेब हल्की होने से स्थानीय वाहन चालकों ने इसे अनुचित बताया। यहां सकतपुरा और नयागांव की ओर टोल नाका बनाया गया है।

वाहन चालक मुकेश ने बताया कि कोटा शहर के लोगों से हैंगिंग ब्रिज पर गुजरते समय टोल की वसूली नहीं की जानी चाहिए। वहीं सुरेश गोचर ने कहा, कोटा शहर के वाहन चालको से टोल वसूलना अनुचित है। यहां के जनप्रतिनिधियों को सरकार से बात करके इसे तत्काल बंद कराना चाहिए।

किसी भी जगह टोल वसूलने से पहले सड़क की हालत में सुधार किया जाना चाहिए। अभी 20 किमी तक की दूरी के भीतर संचालित गैर वाणिज्यक वाहनों के लिए मासिक पास की दर 245 रुपए निर्धारित की गई है। सभी श्रेणी के वाहनों के 24 घंटे में वापसी पर टैक्स में 25 प्रतिशत छूट देय होगी।

एक माह में 50 एकल यात्राओं पर 33 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। ओवरलोड भारी वाहनों को 10 गुना टैक्स देना और अतिरित भार को अनलोड करना होगा। इसकी लागत वसूल हो जाने के बाद टोल की दूरों को 40 प्रतिशत कर दिया जाएगा।

राजस्थान मंत्रिमंडल की बैठक में होंगे अहम् फैसले

जयपुर। राजस्थान में मंत्रिमंडल फेरबदल के अटकलों के बीच सरकार ने कैबिनेट की बैठक मंगलवार दोपहर 12 बजे करने का निर्णय किया है। बैठक में करीब आधा दर्जन जमीन आवंटन पर सरकार निर्णय करेगी। कैबिनेट के बाद मंत्री परिषद की बैठक भी होगी।

सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक के एजेन्डे में 16 मार्च की स्थगित बैठक के लिए प्रस्तावित करीब 20 से 22 बिन्दु शामिल करने की जानकारी है। हालांकि अभी फाइनल एजेंडा जारी होना शेष है।

सूत्रों के मुताबिक विभिन्न संस्थाओं या सोसाइटीज को भू—आवंटन से जुड़े 6 बिंदु हैं। वहीं विद्युत वित्त प्रबंध निगम को समाप्त करने और झालावाड़ हवाई पट्टी के नाम बदलाव का भी अनुमोदन होगा। झालावाड़ हवाई पट्टी का नाम दीनदयाल उपाध्याय हवाई अड्डा किए जाने का प्रस्ताव है।

इसके साथ-साथ ड्रिंकिंग वाटर पॉलिसी व खान विभाग में नीति सहित अन्य मुद्दों को लेकर भी बैठक में चर्चा होना संभावित माना जा रहा है। साथ ही बैठक में 26 फरवरी से लेकर अभी तक के सर्कुलेशन से पास किए एजेंडों का भी औपचारिक अनुमोदन भी इस बैठक में होगा।

गौरतलब है कि यह बैठक 16 मार्च को रखी गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री की दिल्ली में व्यस्तता के कारण ऐन मौके पर इसे स्थगित कर दिया गया था। बता दें कि राजस्थान मंत्रिमंडल में बदलाव की सुगबुगाहट के बीच प्रदेश के नेताओं की दिल्ली आवाजाही काफी बढ़ गई है।

पिछले एक सप्ताह में ही राज्य के पांच मंत्रियों ने दिल्ली में बड़े नेताओं से मुलाकात की। कुछ तो औपचारिक रहीं जो उनके मंत्रालयों से जुड़ी थीं, जबकि कई अनौपचारिक बैठकों का सिलसिला भी जोरों पर है। इनमें से कम के बारे में ही वे लोगों से जानकारी साझा कर रहे हैं।