Thursday, July 23, 2026
Home Blog Page 5477

सेंसेक्स 130 अंक गिरा, निफ्टी 10100 के ऊपर बंद

नई दिल्ली। बढ़त के साथ शुरुआत के बाद दोपहर को बाजार ने पूरी बढ़त गंवा दी। सरकारी बैंकों के साथ सभी सेक्टर के स्टॉक्स में कमजोरी से सेंसेक्स औऱ निफ्टी लाल निशान में फिसल गया है। सेंसेक्स जहां ऊपरी स्तर से 265 प्वाइंट्स गिरा है। वहीं निफ्टी ऊपर से 87.55 प्वाइंट्स गिरा है।

हैवीवेट एसबीआई, मारुति, टीसीएस, इंफोसिस, एचयूएल, आईटीसी और एचडीएफसी में गिरावट से बाजार में गिरावट बढ़ गई है। ओएनजीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और सन फार्मा में बढ़त देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 130 अंक टूटकर 33,006 औऱ निफ्टी 41 अंक की गिरावट के साथ 10,115 अंक पर बंद हुआ।

इससे पहले ग्लोबल मार्केट से मिले संकेतों और फेड रेट में बढ़ोतरी के बावजूद गुरूवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। सेंसेक्स 71 अंक बढ़कर 33,207 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी की शुरुआत 12 अंक की बढ़त के साथ 10,167 के स्तर पर हुआ। फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें बढ़ाने के साथ साल 2018 में दो बार और दरें बढ़ाने का अनुमान जताया है।

मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में दबाव
शुरुआती तेजी के बाद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों कमजोरी देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.26 फीसदी टूट गया है। वहीं बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.13 फीसदी की गिरावट आई है।

मिडकैप शेयरों में आईआईएफएल, आरकॉम, आऱएऩएएम, फ्यूचर रिटेल, इमामी लिमिटेड, बजाज होल्डिंग्स, पीईएल, एयू बैंक, हडको, सेल, 0.62-3.22 फीसदी तक बढ़े हैं। लेकिन वक्रांगी, एमआरपीएल, सन टीवी, ओएफएसएस, एबीएफआरएल, जिंदल स्टील, टाटा ग्लोबल, यूबीएल 4.99-1.28 फीसदी तक गिरे।

PSU बैंक शेयरों में गिरावट, फार्मा-मेटल बढ़े
सेक्टोरल इंडेक्स में एनएसई पर निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में कमजोरी दिख रही है। सरकारी बैंकों के शेयरों में गिरावट से इंडेक्स 0.54 फीसदी टूट गया है। हालांकि ऑटो, फार्मा, मेटल, रियल्टी और आईटी इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। सबसे ज्यादा तेजी निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 1.01 फीसदी दर्ज की गई है। वहीं निफ्टी मेटल 0.65 फीसदी और निफ्टी एफएमसीजी 0.42 फीसदी बढ़ा है।

अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद
फेडरल रिजर्व के दरें बढ़ाने के बाद अमेरिकी बाजारों में गिरावट देखने को मिली। बुधवार के कारोबार में डाओ जोंस 45 अंक गिरकर 24,682 के स्तर पर बंद हुआ। नैस्डैक 19 अंक की कमजोरी के साथ 7,345 के स्तर पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 5 अंक लुढ़ककर 2,712 के स्तर पर बंद हुआ।
Update
03:04 PM
मिधानी का IPO दूसरे दिन 31% भरा
पब्लिक सेक्टर की मिश्र धातु निगम (मिधानि) का आईपीओ दूसरे दिन 31 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है। यह आईपीओ 23 मार्च तक खुला रहेगा। आईपीओ के जरिए सरकार कंपनी की 26 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही। आईपीओ के जरिए सरकार 438 करोड़ रुपए जुटाएगी।
03:00 PM
वक्रांगी में लगा 5 फीसदी का लोअर सर्किट
वक्रांगी लिमिटेड में 8 फीसदी की तेजी के बाद 5 फीसदी का लोअर सर्किट लगा। स्टॉक की शुरुआत आज बढ़त के साथ हुई थी। शुरुआती कारोबार में बीएसई पर स्टॉक 2.99 फीसदी बढ़कर 293.85 के हाई पर पहुंच था। लेकिन सेबी 20 स्टॉक्स पर एडिशनल सर्विलांस मेशर्ज (एएसएम) बढ़ा दी है जिसमें वक्रांगी भी शामिल है। यह मेशर्ज 26 मार्च यानी सोमवार से लागू होगा। इस खबर के बाद स्टॉक में गिरावट आई।
02:10 PM
Rcom को सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत, स्टॉक 10% टूटा
अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली आरकॉम को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। कोर्ट ने आरकॉम को अपनी एसेट मुकेश अंबानी की स्वामित्व वाली रिलायंस जियो इन्फोकॉम (जियो) को बेचने पर यथास्थित बरकरार रखने के निर्देश दिए हैं। एससी के फैसले के बीएसई पर स्टॉक 9.90 फीसदी टूटकर 23.65 रुपए के भाव पर आ गया, जो इंट्रा-डे का निचला स्तर है।
02:07 PM
क्रूड ऑयल 7 हफ्ते के हाई पर, ONGC-ऑयल इंडिया स्टॉक्स बढ़े
गुरूवार के कारोबार में ऑयल एक्सप्लोरेशन एंड प्रोडक्शन कंपनियों ओएनजीसी, ऑयल इंडिया, अबान ऑफशोर, जिंदल ड्रिलिंग एंड इंडस्ट्रीज, हिंदुस्तान ऑयल एक्सप्लोरेशन, दीप इंडस्ट्रीज और सेलन एक्सप्लोरेशन के स्टॉक्स में 16 फीसदी तक की तेजी आई। दरअसल, बुधवार को क्रूड ऑयल 7 हफ्ते के हाई पर पहुंच गया। एनर्जी इंफोर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (ईआए) की डाटा के मुताबिक, क्रूड इंवेंट्री में 2.6 मिलियन बैरल की कमी आई है। हालांकि एनालिस्ट को 2.5 मिलियन बैरल बढ़ने की उम्मीद थी। सबसे ज्यादा तेजी जिंदल ड्रिलिंग एंड इंस्ट्रीज में 15.86 फीसदी हुई।
01:48 PM
HCC में 15% की गिरावट, बैंकरप्सी फाइल करने की ओर लवासा
हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) का स्टॉक 15 फीसदी टूटकर 18 महीने के लो पर आ गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एचसीसी की सब्सिडियरी कंपनी लवासा कॉरपोरेशन बैंकरप्सी की तरफ बढ़ रहा है। इस खबर से गुरूवार के कारोबार में एचसीसी के स्टॉक में बड़ी गिरावट आई।
01:34 PM
170 स्टॉक्स 52 हफ्ते के लो पर
बाजार में कमजोरी से गुरूवार के कारोबार में बीएसई पर 170 स्टॉक्स 52 हफ्ते के निचले स्तर पर आ गए। इनमें बोश लिमिटेड, कमिंस इंडिया, धानुका एग्रीटेक, गीतांजलि जेम्स, एचसीसी शामिल हैं।
01:30 PM
निफ्टी पीएसयू बैंक 1.47% गिरा
सरकारी बैंकों के शेयरों में बिकवाली से बाजार पर दबाव बना है। एसबीआई, सिंडिकेट बैंक, आंध्रा बैंक, इलाहाबाद बैंक, ओरियंट बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, पीएनी, इंडियन बैंक और कैनरा बैंक 1.98-0.66 फीसदी तक लुढ़क गए है। इनमें गिरावट से निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 1.47 फीसदी टूट गया है।

डेबिट कार्ड से ट्रांजैक्शन डिक्लाइन पर बैंक वसूल रहे जुर्माना

मुंबई। सरकार डेबिट कार्ड के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के प्रयास में है, लेकिन बैंक न्यूनतम राशि के अभाव में पैसे नहीं निकलने जैसे वाकयों पर ग्राहकों से गैर-वाजिब शुल्क वसूल रहे हैं। अपने बैंक अकाउंट में पर्याप्त रकम नहीं रहने पर ग्राहक जितनी बार कार्ड से पैसे निकालने या पेमेंट करने की कोशिश करता है, उतनी बार 17 से 25 रुपये तक चार्ज कर दिया जाता है।

देश का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ऑटोमेटेड टेलर मशीन (एटीएम) या पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनल पर डेबिट कार्ड स्वाइप करने के बाद ट्रांजैक्शन डिक्लाइन होने पर 17 रुपये वसूलता है।

आईआईटी बॉम्बे में गणित के प्रफेसर आशीष दास ने कहा, ‘खरीदारी के बाद नकदी रहित भुगतान (नॉन-कैश मर्चेंट ट्रांजैक्शन) के लिए डेबिट कार्ड के इस्तेमाल पर इतने बड़े जुर्माने का कोई मतलब नहीं है और इससे कार्ड या डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों को कहीं से भी बल नहीं मिलता।’

दास ने बैंक के विभिन्न शुल्कों पर कई रिसर्च रिपोर्ट्स तैयार की हैं। अतीत में वह कानूनी नीतियां करने में भी बड़ी भूमिका निभा चुके हैं। ट्रांजैक्शन डिक्लाइन नहीं होने पर बैंक तब भी वसूली कर रहे हैं जबकि सरकार ने मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर की सीमा तय कर रखी है।

एमडीआर वह फी है जो बैंक भुगतान स्वीकार करनेवाले मर्चेंट्स से वसूलते हैं। दूसरी तरफ, बैंक ग्राहकों को शाखा या एटीएम से पैसे निकालकर खरीदारी करने की जगह डेबिट कार्ड से भुगतान करने के लिए प्रोत्साहित करने का अभियान भी चला रहे हैं।

दास ने कहा, ‘वैसे लोगों के लिए मौजूदा परिस्थिति बेहद ऐंटि-डिजिटल और जोखिम भरी है जो तमाम खर्चों के बाद पैसे नहीं बचा नहीं पा रहे हैं और मासिक वेतन पर निर्भर रहते हैं। ऐसे चार्ज डिजिटल पेमेंट्स को हतोत्साहित करते हैं।’ उधर, बैंकों का कहना है कि जिस तरह चेक डिक्लाइन करने पर जुर्माना लगता है, उसी तरह डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन डिक्लाइन पर भी फी वसूली जाती है।

चेक बाउंस का नियम ही असफल ईसीएस (इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सर्विसेज) डेबिट ट्रांजैक्शन पर लागू होता है। दास ने कहा, ‘चेक या ईसीएस की वापसी में तीसरे पक्ष की भागीदारी होती है और पेमेंट मोड के प्रति अविश्वास पैदा होता है। इसे हतोत्साहित करना चाहिए और जुर्माने की जगह कठोर चेतावनी देने की व्यवस्था होनी चाहिए।

हालांकि अपर्याप्त रकम के अभाव में एटीएम ट्रांजैक्शन डिक्लाइन होने का चेक या ईसीएस रिटर्न्स से कोई तालमेल नहीं है। इसमें कोई थर्ड पार्टी शामिल नहीं होती है। चूंकि नैशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) इसे ट्रांजैक्शन नहीं मानता है, इसलिए कार्ड जारी करनेवाले बैंक को इसके लिए कोई इंटरचेंज पेमेंट नहीं किया जाता।’

दास के मुताबिक, जहां तक बात डेबिट कार्ड्स के गलत इस्तेमाल का है तो बैंकों को अपर्याप्त फंड के अभाव में प्रति माह कम-से-कम दो मर्चेंट ट्रांजैक्शंस डिक्लाइन करने पर कोई चार्ज नहीं वसूलना चाहिए। उसके बाद तार्किक जुर्माना लगाया जा सकता है।

US फेडरल रिजर्व ने 0.25% ब्याज दरें बढ़ाईं

नई दिल्ली। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने दो दिन की बैठक के बाद साल 2018 में पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। बुधवार को लिए गए फैसले में फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोतरी की है। इसके चलते अब अमेरिका में ब्याज दरें बढ़कर 1.50 से 1.75 फीसदी हो गई है। इसके साथ ही फेड ने इस साल दो बार और ब्याज दरों में बढ़ोतरी का अनुमान जताया है।

इकोनॉमी का आउटलुक हुआ बेहतर
फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कहा कि महंगाई का दवाब धीरे-धीरे बढ़ रहा है और मंहगाई 2 फीसदी के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है, लेकिन इकोनॉमी का आउटलुक बेहतर हुआ है। साथ ही यूएस फेड ने दरें बढ़ाने के साथ जीडीपी अनुमान भी बढ़ाया है। बता दें कि नए यूएस फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल की अध्यक्षता में यह पहली बैठक थी।

2019 में 3 बार बढ़ोतरी का अनुमान जताया
यूएस फेड ने 2019 में दरों का अनुमान 2.7 फीसदी से बढ़ाकर 2.9 फीसदी किया है। अगले साल तीन बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी का अनुमान जताया। उन्होंने कहा कि 2020 तक ब्याज दरें बढ़कर 3.4 फीसदी हो सकती है।

2018 में पहली बार बढ़ी दरें
साल 2018 में पहली बार फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें बढ़ाई हैं। इससे पहले फरवरी में हुई बैठक में ब्याज दरें नहीं बढ़ाई गई थी। 2015 के बाद से यूएस फेड की तरफ से ब्याज दरों में की गई यह छठी बढ़ोतरी है। गौरतलब है कि मंदी के बाद से फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को निम्नतम स्तर पर बनाए रखा था, लेकिन अब इसमें लगातार की जा रही बढ़ोतरी को उस स्थिति से निकलने के तौर पर देखा जा रहा है।

क्यों बढ़ाई ब्याज दरें
फेडरल रिजर्व ने रेट बढ़ाने का फैसला जॉब मार्केट को देखते हुए लि‍या गया है, जि‍सके बारे में अच्‍छी ग्रोथ का अनुमान है। इकोनॉमी में सुधार आ रहा है।

भारतीय मार्केट पर असर नहीं
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट गौरांश शाह का कहना है कि फेडरल रिजर्व की ओर से 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी पहले से ही अपेक्षित थी। इसको लेकर मार्केट पहले ही डिस्काउंट कर चुका है। ऐसे में भारतीय मार्केट पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा।

फेड रेट में बढ़ोतरी से सेंसेक्स 150 अंक मजबूत, निफ्टी 10200

 नई दिल्ली। यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों की बीच घरेलू शेयर बाजार में बढ़त देखने को मिल रही है। फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें बढ़ाने के साथ साल 2018 में दो बार और दरें बढ़ाने का अनुमान जताया है।

हैवीवेट ओएनजीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी, आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस और एचयूएल में बढ़त से सेंसेक्स 100 अंकों से बढ़ा है, जबकि निफ्टी ने 10200 ने स्तर को छुआ। एनएसई पर सेक्टोरल इंडेक्स में आईटी, पीएसयू बैंक और रियल्टी में कमजोरी दिख रही है।

वहीं एफएमसीजी, मेटल, बैंक और फार्मा इंडेक्स में मजबूती के साथ कारोबार हो रहा है। फिलहाल सेंसेक्स 145 अंक बढ़कर 33,281 औऱ निफ्टी 43 अंक चढ़कर 10,198 के स्तर पर है।

इससे पहले ग्लोबल मार्केट से मिले संकेतों और फेड रेट में बढ़ोतरी के बावजूद गुरूवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। सेंसेक्स 71 अंक बढ़कर 33,207 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी की शुरुआत 12 अंक की बढ़त के साथ 10,167 के स्तर पर हुआ।

मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में दबाव
शुरुआती तेजी के बाद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों कमजोरी देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.26 फीसदी टूट गया है। वहीं बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.13 फीसदी की गिरावट आई है।

मिडकैप शेयरों में आईआईएफएल, आरकॉम, आऱएऩएएम, फ्यूचर रिटेल, इमामी लिमिटेड, बजाज होल्डिंग्स, पीईएल, एयू बैंक, हडको, सेल, 0.62-3.22 फीसदी तक बढ़े हैं। लेकिन वक्रांगी, एमआरपीएल, सन टीवी, ओएफएसएस, एबीएफआरएल, जिंदल स्टील, टाटा ग्लोबल, यूबीएल 4.99-1.28 फीसदी तक गिरे।

PSU बैंक शेयरों में गिरावट, फार्मा-मेटल बढ़े
सेक्टोरल इंडेक्स में एनएसई पर निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में कमजोरी दिख रही है। सरकारी बैंकों के शेयरों में गिरावट से इंडेक्स 0.54 फीसदी टूट गया है। हालांकि ऑटो, फार्मा, मेटल, रियल्टी और आईटी इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। सबसे ज्यादा तेजी निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 1.01 फीसदी दर्ज की गई है। वहीं निफ्टी मेटल 0.65 फीसदी और निफ्टी एफएमसीजी 0.42 फीसदी बढ़ा है।

अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद
फेडरल रिजर्व के दरें बढ़ाने के बाद अमेरिकी बाजारों में गिरावट देखने को मिली। बुधवार के कारोबार में डाओ जोंस 45 अंक गिरकर 24,682 के स्तर पर बंद हुआ। नैस्डैक 19 अंक की कमजोरी के साथ 7,345 के स्तर पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 5 अंक लुढ़ककर 2,712 के स्तर पर बंद हुआ।

सर्वे में 4.75 करोड़ की अघोषित संपत्ति उजागर

कोटा/ उदयपुर। आयकर विभाग ने राजस्थान में कोटा एवं उदयपुर में सर्वे कर 4.75 करोड़ की अघोषित संपत्ति उजागर की है। कोटा शहर में गुमानपुरा क्षेत्र के नामी स्टेशनरी व्यवसायी व रेडीमेड गारमेंट्स व्यवसायी के यहां सर्वे की कार्रवाई बुधवार शाम को पूरी हो गई। दोनों व्यवसायियों के यहां विभाग ने 2.75 करोड़ की अघोषित आय उजागर की। इस पर पेनल्टी सहित 2.10 करोड़ का आयकर वसूला।

प्रधान आयकर आयुक्त एसएस गौतम के निर्देशन में मंगलवार को गुमानपुरा स्थित नामी स्टेशनी व्यवसायी के बल्लभबाड़ी प्रतिष्ठान व अन्य प्रतिष्ठानों पर सर्वे की कार्रवाई शुरू की गई। साथ ही गुमानपुरा स्थित नामी रेडीमेड गारमेंट्स व्यवसायी के यहां भी सर्वे किया गया।

दोनों के यहां किए गए सर्वे में पाया गया कि इनके यहां से शहर के निजी शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों की पाठ्य पुस्तकें, कॉपी, रजिस्टर, आदि स्टेशनी का अघोषित कारोबार किया जाता है।

उदयपुर में कोर्ट चौराहे से हॉस्पिटल रोड स्थित सर्राफा व्यापारी के प्रतिष्ठान पर आयकर विभाग ने करीब 1.7 करोड़ की अघोषित संपत्ति पाई है। व्यापारी के पास पांच किलोग्राम सोना हिसाब-किताब से ज्यादा मिला। प्रतिष्ठान पर आयकर सर्वे बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। टीमें पूरे दस्तावेजों और खातों का मिलान कर जांच करती रहीं।

अघोषित संपत्ति के अनुमान के लिए वैल्यूएशन निकाली गई। बता दें कि विभाग की केन्द्रीय टीम ने मंगलवार शाम को सर्वे शुरू किया था। टीम को एकाएक देख प्रतिष्ठान के कर्मचारियों में हड़कंप का माहौल हो गया था। फौरी पूछताछ के बाद धीरे-धीरे सबको घर लौटा दिया गया। इसके बाद टीमों ने पूछताछ के साथ दस्तावेज जब्त किए थे।

10 करोड़ सेवाकर नहीं चुकाने पर कंपनी का ऑफिस सील

कोटा। केंद्रीय जीएसटी विभाग ने एक कंपनी के ऑफिस को सील कर दिया है। इस पर 10 करोड़ का सेवाकर बकाया है। कई बार नोटिस देने के बाद भी कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया था। विभाग अब कंपनी के मुख्यालय चेन्नई में भी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई करेगी। उपायुक्त नरेश बुंदेल ने बताया कि चेन्नई की वीडी स्वामी एंड कंपनी ने कोटा में शॉपिंग सेंटर में ऑफिस खोल रखा था।

31 मार्च तक आयकर नहीं भरा तो,  डिफॉल्टर को हो सकती है जेल
आयकर विभाग की ओर टैक्स ओर रिटर्न भरने का मौका 31 मार्च तक दिया जा रहा है। इसके बाद विभाग टैक्स नहीं भरने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। जिसमें टैक्स वसूली के साथ जेल भेजने का प्रावधान भी है। किसी कारणवश यदि कोई टैक्स जमा कराने या रिटर्न भरने से वंचित रहे है तो 31 मार्च से पहले रिटर्न या टैक्स जमा करवाने का अवसर दिया जा रहा है।

इसके बाद विभाग डिफॉल्टर से सौ प्रतिशत वसूली करने के साथ धारा 131 के तहत होने वाली सजा में जेल भेजने का प्रावधान है। मुख्य आयकर आयुक्त पीके अम्बष्ठ ने बताया, कि आयकर जमा करवाने के लिए विभाग अभियान चला रहा है, जिसमें 31 मार्च तक टैक्स जमा करवाने अंतिम मौका है।

इसके बाद सौ प्रतिशत वसूली के साथ सजा भी हो सकती है। उन्होंने बताया, कि ऑपरेशन क्लीन मनी के तहत लगातार सर्वे किए जा रहे है, इससे ब्लैक मनी का पता चल सकेगा, नोटबंदी के बाद से 3 हजार से अधिक लोगों को नोटिस दिए जा चुके हैं। इसके अलावा कई ओर नोटिस इश्यू किए जाएंगे।

कोटा के किशोरसागर में बनेगा देश का पहला फ्लोटिंग वॉक वे

कोटा। सेवन वंडर पार्क घूमने और बोटिंग का आनंद उठाने के साथ-साथ अब शहरवासी किशोरसागर की लहरों पर चलने का आनंद भी उठा सकेंगे। इसके लिए किशोरसागर की बाउंड्रीवाल के साथ-साथ फ्लोटिंग वॉक वे बनाया जाएगा।

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत यहां पर 842 मीटर लंबा वॉक वे यानी पानी पर तैरता हुआ फ्लोटिंग प्लेटफार्म बनाया जाएगा, जिसकी लागत 7.93 करोड़ रुपए आएगी। अभी तक देश में कहीं पर भी इतना लंबा फ्लोटिंग वॉक वे नहीं है। देश में फ्लोटिंग मंच जरूर बने हुए है, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। 

ये फ्लोटिंग वॉक वे सेवन वंडर पार्क के बोटिंग डेक से शुरू होकर तालाब के किनारे बाउंड्रीवाल के सहारे होता हुआ सत्येश्वर महादेव मंदिर के पीछे से बाराद्वारी के बोटिंग डेक तक जाएगा। इन दोनों बोटिंग डेक की दूरी 842 मीटर है। वॉक वे प्लेटफार्म 4 मीटर चौड़ा होगा।

कोटा स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अप्रैल में ये प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद जो भी कंपनी इसे बनाने के लिए आएगी उसे 6 माह की डेड लाइन दी जाएगी। इस वॉक वे में 5 स्थानों पर तालाब में निकलते हुए व्यू पाइंट प्लेटफार्म भी बनाए जाएंगे।

इसमें से 2 सेवन वंडर्स पार्क की तरफ तथा 3 मुख्य रोड साइड से तालाब की तरफ होंगे। यहां खड़े रहकर लोग तालाब को निहार सकेंगे अथवा फोटोग्राफी कर सकेंगे। 4 मीटर चौड़ाई वाले इस वॉक वे में सुरक्षा की दृष्टि से केवल 3 मीटर जगह चलने के लिए होगी। दोनों तरफ आधा-आधा मीटर में बफर जोन बनाया जाएगा। 

एयरपोर्ट पर नौकरी के नाम पर युवाओं के साथ ठगी

कोटा।  हवाई सेवा विस्तार की संभावना और नौकरी की युवा चाहत को भुनाकर ठग रुपया ऐंठ रहे रहे हैं। एयरपोर्ट ऑथेरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं के साथ ठगी की जा रही।

अब तक दो दर्जन से ज्यादा युवा कोटा एयरपोर्ट पर ज्वाइनिंग के लिए एयरपोर्ट अधिकारी से संपर्क कर चुके। यहां उन्हें बताया कि वे ठगी का शिकार हुए हैं। बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर एएआई ने अलर्ट सर्कुलर भी जारी किया है।

कोटा एयरपोर्ट अधिकारी लोकेश निर्वाण ने बताया कि यही नहीं, इन फर्जी कम्पनियों के झांसे में फंसे लोग उन्हें फोन कर पूछ रहे हैं कि ‘साहब नौकरी लग गई है, कब ज्वॉइन करना है। यहां से उन्हें बताया जा रहा कि ‘आपको किसी ने ठग लिया है, इस तरह की यहां कोई वेकेंसी नहीं निकाली गई है।

निर्वाण के पास ऐसे अब तक 25 लोगों के फोन आ चुके हैं। इसमें कई लोग कोटा के भी हैं। कोटा ही नहीं प्रदेश सहित कई जगह युवाओं के साथ ठगी की जा रही है।

अपॉइंटमेंट लेटर तक पहुंच रहे घर
एयरपोर्ट अधिकारी निर्वाण ने बताया कि कुछ लोग तो यहां अपॉइंटमेंट लेटर तक लेकर आ गए और कहने लगे कि कब से नौकरी पर आना है। उन्हें समझाया भी गया कि एएआई द्वारा सारा कार्य ऑनलाइन किया जाता है। बकौल निर्वाण, ठगी के शिकार लोगों ने बताया कि एक व्यक्ति से 15 से 50 हजार रुपए तक लिए जा रहे हैं। हर हफ्ते एक या दो लोग कागज लेकर यहां नौकरी ज्वाइन करने आ रहे हैं।

एएआई ने जारी किया सर्कुलर
कोटा एयरपोर्ट पर एएआई का सर्कुलर आया जिसमें स्पष्ट किया गया है कि एएआई सीधी नियुक्तियां करता है, इसकी जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध होती है। किसी एजेंसी के माध्यम से नियुक्तियां नहीं की जाती। ये फर्जी कम्पनियां रजिस्टे्रशन शुल्क, टेनिंग कार्यक्रम, रिश्वत व अन्य तरीकों से भी पैसा ऐंठ रही हैं इनके झांसे में नहीं आएं।

आयुष्मान भारत’ को कैबिनेट की मंजूरी, मिलेगा 5 लाख का फ्री हैल्थ इन्श्योरेंस

नई दिल्ली। कैबिनेट ने बुधवार को सभी को हैल्थ इन्श्योरेंस उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन को मंजूरी दे दी। इसे ‘आयुष्मान भारत’ नाम दिया गया है। इसका फायदा देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों को मिलेगा। इसके लिए हैल्थ इन्श्योरेंस स्कीम को ठीक से लागू करने के लिए एक काउंसिल का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता हैल्थ मिनिस्टर करेंगे।

सालाना मिलेगा 5 लाख रुपए का कवर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट मंत्रिमंडल ने एक नई केंद्र प्रायोजित आयुष्मान भारत-नेशनल हैल्थ प्रोटेक्शन मिशन (एबी-एनएचपीएम) की लॉन्चिंग को मंजूरी दे दी। इस स्कीम से हर परिवार को सालाना 5 लाख रुपए का कवर मिलेगा।

10 करोड़ फैमिली को होगा फायदा
प्रस्तावित स्कीम का टारगेट एसईसीसी डाटाबेस के आधार पर गरीब और निचले तबके में आने वाले 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को मिलेगा। एबी-एनएचपीएम में पहले से ही चल रहीं केंद्र प्रायोजित स्कीम्स राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) और सीनियर सिटीजन हैल्थ इन्श्योरेंस स्कीम (एससीएचआईएस) समाहित हो जाएंगी।

स्कीम में मिलेंगी ये सुविधाएं
-इसके अंतर्गत प्रति परिवार सालाना 5 लाख रुपए तक का कवर मिलेगा। इसमें लगभग सभी गंभीर बीमारियों का इलाज कवर होगा।
-इसके अलावा कोई भी व्यक्ति (विशेष रूप से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग) इलाज से वंचित न रह जाए, इसके लिए स्कीम में फैमिली साइज और उम्र पर कोई सीमा नहीं लगाई गई है।
-इस स्कीम में हॉस्पिटलाइजेशन से पहले और बाद के खर्च को भी शामिल किया गया है। हर बार हॉस्पिटलाइजेशन के लिए ट्रांसपोर्टेशन अलाउंस का भी उल्लेख किया गया है, जिसका भुगतान लाभार्थी को किया जाएगा।

इन परिवारों को ही मिलेगा फायदा
इस स्‍कीम का फायदा चुनी हुई कैटेगरी के लोगों को ही मिलेगा। इसके चयन का मुख्‍य आधार सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना -2011 के आधार पर मिलेगा। जो भी परिवार इन कैटेगरी को पूरा करेंगे उनको इस स्‍कीम का लाभ मिलेगा।
-इनमें एक कमरे का कच्‍चा मकान, खपरैल में रहने वाली फैमली या ऐसी फैमली जिनमें 16 से 59 वर्ष के बीच की उम्र का कोई अडल्‍ट सदस्‍य न हो या महिला मुखिया वाले परिवार जिनमें 16 से 59 वर्ष के बीच का कोई पुरुष न हो ऐसे परिवार ही इसमें शामिल होंगे।
-ऐसे परिवार जिनमें विकलांग सदस्‍य हों और उसकी देखरेख करने वाला कोई अडल्‍ट सदस्‍य परिवार में न हो।
-एससी और एसटी के अलावा ऐसे परिवार जिनके पास जमीन न हो और उनकी आमदनी कैजुअल मजदूरी हो। जिन परिवारों के पास छत न हो और कानूनी रूप से बंधुआ मजदूरी से मुक्‍त कराए गए हों।
-वहीं शहरी क्षेत्रों के लिए 11 कैटेगरी के लोग ही इस स्‍कीम का फायदा ले सकेंगे।

किन अस्पतालों में होगा इलाज
इस स्कीम का फायदा देश भर में लिया जा सकेगा। साथ ही स्कीम के तहत पैनल में शामिल देश के किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में कैशलेस इलाज कराया जा सकेगा।

राज्यों के सभी सरकारी अस्पताल इस स्कीम में शामिल माने जाएंगे। इसके अलावा इम्प्लाई स्टेट इन्श्योरेंस कॉर्पोरेशन (ईएसआईसी) से संबंधित अस्पतालों को बेड ऑक्यूपैंसी रेश्यो के पैरामीटर के आधार पर इसके पैनल में शामिल किया जा सकता है।प्राइवेट अस्पतालों के मामले में निश्चित क्राइटीरिया के आधार ऑनलाइन इम्पैनल्ड किया जाएगा।

2000 करोड़ रुपये कमाने वाली पहली भारतीय फिल्म बनेगी ‘बाहुबली 2’!

नई दिल्ली।  हाल ही में कुछ बॉलिवुड फिल्मों ने चीन के बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड बनाए हैं। अब इसके लिए एक और फिल्म तैयार है। हम बात कर रहे हैं ‘बाहुबली 2: द कन्क्लूजन’ की। ‘बाहुबली 2’ को आखिरकार चीनी सेंसर बोर्ड से रिलीज की अनुमति मिल गई है।

अभी इसकी रिलीज की तारीख तय नहीं है लेकिन इसके लिए काफी तैयारियां की गई हैं। इसके लिए डिस्ट्रिब्यूटर्स तय हो चुके हैं। भारत में इस फिल्म ने कई रिकॉर्ड्स तोड़ दिए थे। अब यह फिल्म चीन में भी वही कमाल दिखाने के लिए तैयार है। बता दें, ‘बाहुबली द बिगनिंग’, चीन में अच्छी संख्या में दर्शक बटोरने में कामयाब रही थी।

इसलिए अब बाहुबली 2 से भी ऐसी ही उम्मीद की जा रही है। चीन में फिल्म के 300 करोड़ रुपए कमाने का अनुमान लगाया जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो यह ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर 2000 करोड़ रुपये कमाने वाली पहली भारतीय फिल्म बन जाएगी। इसके बारे में फिल्म के लीड ऐक्टर प्रभाष ने फिल्मफेयर को बताया, ‘एक ऐक्टर के तौर पर फिल्म ने मुझे बहुत कुछ दिया है। यह ऐसा किरदार है जो हमेशा मेरा हिस्सा रहेगा।’