Thursday, July 23, 2026
Home Blog Page 5476

राजनीति की शिकार मंडी समिति की सचिव का कोटा से ट्रांसफर

कोटा।   राजनीति की शिकार मंडी समिति की सचिव हेमलता मीणा का आखिर कोटा से ट्रांसफर हो ही गया। पिछले एक कुछ वर्षों से थोक फल सब्जी मंडी समिति की सचिव और चेयरमैन ओम मालव के बीच मतभेद चल रहे थे। जिसके चलते उनका ट्रांसफर लाडपुरा विधायक भवानी सिंह राजावत की शिकायत पर कर दिया गया।  

ज्ञातव्य है कि जब से मालव चैयरमेन बने हैं तब से मंडी अव्यवस्थाओं की शिकार हो गई है। सचिव व्यवस्था सुधारना चाहती थी। परन्तु चेयरमैन इसमें सहयोग नहीं कर रहे थे। बल्कि वह स्टाफ को भी सचिव के खिलाफ उकसा कर आये दिन माहौल बिगाड़ते रहते थे। विधायक राजावत खुद भूमाफियाओं को फायदा पहुंचाने के लिए मंडी चंद्रेसल शिफ्ट करना चाहते हैं।

शुक्रवार को राज्य सरकार ने कोटा थोक फल सब्जीमंडी की सचिव हेमलता मीणा व कैथून विद्युत निगम के एईएन जेपी पचौरी को हटा दिया। मंडी सचिव मीणा का ट्रांसफर तथा पचौरी को एपीओ किया गया है। राजावत ने कहा कि मंडी सचिव चंद्रेसल में मंडी शिफ्ट करने के काम में बेवजह रुकावट पैदा कर रही थीं। इसलिए कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी से बात कर उन्हें हटाया गया है।

उधर, कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा कि ऐसा किसी की शिकायत पर नहीं किया है। उधर, खेड़ारसूलपुर गांव में रात्रि चौपाल में किसानों ने कैथून के सहायक अभियंता जेपी पचौरी की शिकायत की थी। इस पर राजावत ने निगम के सीएमडी आरजी गुप्ता को जानकारी दी। जिसके बाद सीएमडी ने पचौरी को एपीओ कर दिया और जेईएन घनश्याम मीणा को अतिरिक्त चार्ज दे दिया।

इकोनॉमी बचाने के लिए भिड़े यूएस- चीन, ट्रेड वार में भारत पर असर

नई दिल्ली। अपनी इकोनॉमी को बचाने के लिए दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं यूएस और चीन में ट्रेड वार शुरू हो चुका है। पिछले दिनों कुछ देशों के साथ व्यापार घाटे को लेकर अपेन ही देश में आलोचना के बाद यूएस गवर्नमेंट ने चीन की ट्रेड पॉलिसी पर हमला बोला है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल भारत तक अभी ट्रेड वार की आंच आती नहीं दिख रही है। लेकिन दो देशों के बीच शुरू हुई ट्रेड वार की आंच दूसरे देशों तक भी पहुंची तो दुनिया एक और मंदी की ओर बढ़ जाएगी, जिसमें भारत पर भी असर होगा।

असल में चीन के अलावा कोरिया, जापान जैसे एशियाई देश भी यूएस को इंपोर्ट के मुकाबले एक्सपोर्ट ज्यादा करते हैं। ऐसे में ट्रम्प सरकार आने वाले दिनों में इन देशों के साथ भी अपनी ट्रेड पॉलिसी सख्‍त कर सकती है। जिसका रिएक्शन चीन की तरह ही ये देश भी दिखा सकते हैं।

वहीं, इनमें कुछ और देश भी शामिल हो सकते हैं। बता दें कि अमेरिका की रंसरक्षणवादी नीति को लेकर मैक्सिको, कनाडा और यूरोपीयन संघ ने विरोध किया था। यूरोपीयन संघ के अधिकारियों ने यह भी कहा था कि स्टील और एल्युमीनियम पर आयात शुल्क लगाने के बाद वे भी अमरीका में बनी हार्ले डेविडसन बाइक, बरबन व्हिस्की और लेवी जींस सहित अमरीकी प्रोडक्ट पर नए कर लगाएंगे।

बढ़ सकता है ट्रेड वार का दायरा
आर्थिक मामलों के जानकार पनिंदकर पई का कहना है कि मौजूदा समय में अमेरिका नेशन फर्स्ट की पॉलिसी पर काम कर रहा है। अगर यूएस इसी तरह से एग्रेसिव ट्रेड पॉलिसी पर काम करता रहा तो दूसरे बड़ी इकोनॉमी वाले देश भी यूएस के साथ नेशन फर्स्ट की पॉलिसी पर काम करना शुरू कर देंगे।

इसमें चीन, जापान और यूरोपीय देशों की प्रमुख भूमिका हो सकती है। ऐसे में इस बात का डर बन गया है कि 2 देशों के बीच शुरू हुए ट्रेड वार की आंच कई देशों तक फैल जाएगी। ऐसा हुआ तो ट्रेड वार में फंसे देशों के साथ दूसरे देशों की व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होंगी, जिससे नेशनल इनकम कमजोर होगी। पई ने इस संभावना से भी इंकार नहीं किया कि अगर ट्रेड वार लंबा खिंचता है तो दुनिया एक और मंदी की ओर जा सकती है।

ट्रेड वार से भारत कितना सेफ
फॉर्च्युन फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर का कहना है कि फिलहाल ट्रेड वार की आंच भारत पर आती नहीं दिख रही है, क्योंकि अभी यूएस उन देशों के साथ ट्रेड पॉलिसी को लेकर ज्यादा सख्‍त है, जिनके साथ व्यापार घाटा ज्यादा है। मसलन चीन, जापान, कोरिया जैसे देश। ये देश यूएस को इंपोर्अ के मुकाबले एक्सपोर्ट ज्यादा करते हैं। वहीं, जिन प्रोडक्ट पर यूएस को व्यापार घाटा हो रहा है, उसके एक्सपोर्ट में भारत की हिस्सेदारी बहुत कम है।

भारत के मुकाबले चीन के साथ कई गुना ट्रेड डेफिसिट
यूएस जहां चीन को 13040 करोड़ डॉलर का एक्सपोर्ट करता है, वहीं, चीन से वह 50560 करोड़ डॉलर का इंपोर्ट रकता है। यानी चीन के साथ व्यापार घाटा 37500 करोड़ रुपए है। चीन यूएस के साथ लीडिंग ट्रेड पार्टनर है, वहीं भारत टॉप ट्रेडिंग पार्टनर्स में शामिल नहीं है।

हालांकि भारत बड़ी मात्रा में यूएस में आईटी सर्विस, टेक्सटाइल, कीमती पत्थरों का निर्यात करता है। वहीं, जापान के साथ यूएस का व्यापार घाटा 6880 करोड़ डॉलर, जर्मनी के साथ 5420 करोड़ डॉलर और मेक्सिको के साथ 7100 करोड़ डॉलर है। वहीं, इस तुलना में भारत के साथ यूएस का व्यापार घाटा करीब
2290 करोड़ डॉलर है जो बहुत कम है।

भारत पर किस तरह से पड़ सकती है आंच
1. पई का कहना है कि ट्रेड वार की आंच भारत तक पहुंचेगी, इसकी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। यूएस ने जिस तरह से चीन से आयात पर टैरिफ लगाया है, उसी तरह से वह भारत से आयात होने वाले इंपोर्ट पर भी ड्यूटी बढ़ा सकता है। असल में भारत के साथ भी यूएस का कारोबार देखें तो घाटे में अमेरिका ही है। भारत का यूएस के साथ व्यापार WTO के नियमों और 2005 के ट्रेड पॉलिसी फोरम के आधार पर होता है।

2. पिछले साल भारत-अमेरिका में 6700 करोड़ डॉलर का करोबार हुआ था। वहीं, चीन के साथ 7148 करोड़ डॉलर का कारोबार भारत ने किया था। यानी ट्रेड पार्टनर की बात करें तो भारत-अमेरिका, भारत-चीन आपस में बड़े ट्रेड पार्टनर हैं। भारत के लिहाज से अमेरिका और चीन टॉप ट्रेड पार्टनर हैं। ऐसे में अगर यूएस-चीन के बीच वार से व्यापारिक माहौल बिगड़ता है तो इसका असर भारत पर पड़ना तय है।

3. जगदीश ठक्कर का कहना है कि मौजूदा समय में भारत को जिस बात की चिंता है, वह बाजार को लेकर है। अमेरिका द्वारा चीन के आयात पर टैरिफ लगाने के बाद से दुनियाभर के बाजारों में बिकवाली रही है। घरेलू शेयर बाजार 5 महीने के निचले स्तर पर आ गए।

वहीं, एक दिन में बीएसई का मार्केट कैप 1.60 लाख करोड़ घट गया। ट्रेड वार बढ़ने की आशंका से विदेशी निवेशक बाजार से और ज्यादा निवेश निकाल सकते हैं। मार्केट में लिक्विडिटी की पोजिशन पहले से ही टाइट है, एफआईआई इसे और ज्यादा टाइट कर सकते हैं। इससे मार्केट में गिरावट का डर बना हुआ है।

आईडीबीआई के पूर्व जीएम पर 445 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आईडीबीआई बैंक के पूर्व जनरल मैनेजर बट्टू रामा राव और 30 अन्य लोगों के खिलाफ कथित रूप से बैंक से 445.32 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किसान क्रेडिट कार्ड और मत्स्य खेती ऋण हासिल किए गए।

एजेंसी का आरोप है कि 2009-10, 2010-11 और 2011-12 के दौरान 21 एग्रीगेटर समूहों के 220 लोगों ने 192.98 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। इन लोगों ने बैंक के पूर्व जीएम बट्टू रामा राव के साथ आपराधिक साजिश कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यह कर्ज लिया। यहीं नहीं उन्होंने कर्ज के लिए जमानत का मूल्य भी बढ़ा चढ़ाकर दिखाया है। इसके बाद यह एनपीए बन गया।

30 सितंबर, 2017 तक कर्जदारों का कुल बकाया बढ़कर 445.32 करोड़ रुपये हो गया। आरोप है कि कर्ज लेने वाले लोगों ने राव और अन्य अधिकारियों के साथ सांठगाठ में यह कर्ज हासिल किया। राव उस समय दक्षिण चेन्नई स्थित आईडीबीआई की बशीराबाग शाखा में कार्यरत थे।

सीबीआई का आरोप है कि मंजूर कर्ज का इस्तेमाल उन उद्देश्यों के लिए नहीं किया गया, जिसके लिए यह लिया गया था। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि ऋण राशि बैंक द्वारा कर्जदारों के खातों में डाली गई जिसे बाद में व्यक्तिगत बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। बाद में इस राशि को निकाल लिया गया। इसका राशि का का इस्तेमाल मत्स्य पालन के लिए नहीं बल्कि व्यक्तिगत मामलों के लिए किया गया।

शहर वासियों को लुभा रही है ट्राइबल ज्वेलरी, महेश्वरी-चंदेरी साड़ियां

कोटा। महेश्वरी और चंदेरी साड़ियां हमेशा से ही महिलाओं के आकर्षण का केंद्र रही हैं। उन्हें हमेशा ही लुभाती रही है। गुरूवार को रोटरी बनानी सभागार छावनी पर भी महिलाएं इनकी खरीददारी करते नजर आई।

प्रदर्शनी के प्रबंधक कुंजबिहारी गर्ग ने बताया कि रॉटरी बनानी सभागार में आयोजित मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शहरवासियों के लिए एक प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में हाथों से निर्मित अधिकतर वस्तुएं महिलाओं के लिए आकर्षक का केन्द्र बनी हुई हैं।

इसमें चन्देरी साड़ी, कुर्तियां, सजावटी सामान, बेडशिट, पेंटिंग , आदिवासी हस्तकला पर आधारित आईटम्स भी उपलब्ध है। इसमें ट्राइबल ज्वेलरी ओर पैंटिंग भी शामिल है। इसके अलावा बेल मेटल, गिफ्ट आइटम्स की खरीददारी भी की जा सकती है। शहरवासी सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक अपनी मनपसन्द हस्तकला से बनी वस्तुऐं खरीदने का सुनहरा अवसर पा सकते हैं।

वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका से सोना 250 रुपए उछला, चांदी चमकी

नई दिल्ली । हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में सोने की चमक तेज हुई है। वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका से शुक्रवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 250 रुपए की तेजी के साथ 31,750 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। सोने में इस तेजी की प्रमुख वजह मजबूत वैश्विक संकेत और स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से बढ़ी खरीदारी है।

वहीं सोने की ही तरह चांदी में भी तेजी देखने को मिली है। चांदी 50 रुपए बढ़कर 39,550 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। इस तेजी की प्रमुख वजह औद्योगिक इकाईयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से तेज उठान रही है। व्यापारियों का कहना है कि सोने के दाम एक नरम डॉलर के मुकाबले वैश्विक बाजारों में दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के मुकाबले बेहतर रहे हैं।

वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.92 फीसद के उछाल के साथ 1,340.40 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.98 फीसद के उछाल के साथ 16.50 डॉलर प्रति औंस पर रही है। इसके अलावा स्थानीय घरेलू बाजार में ‘नवरात्रि’ के दौरान मांग को पूरा करने के लिए स्थानीय जौहरियों की ओर से लगातार खरीदारी की जा रही है और इक्विटी में लगने वाली नकदी का प्रवाह सोने की ओर शिफ्ट हुआ है, जिसने सोने की कीमतों को समर्थन दिया है।

दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 250 रुपए के उछाल के साथ 31,750 रुपए और 31,600 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। पिछले सत्र में सोने में 150 रुपए की तेजी आई थी। हालांकि गिन्नी के भाव 24,800 रुपए प्रति आठ ग्राम पीस पर बरकरार रहे हैं।

कोटा सर्राफा
चांदी 39300 रुपये प्रति किलोग्राम 
सोना केटबरी 31500 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 36740 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 31650 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 36920 रुपये प्रति तोला।

धनिया वायदा में तीन प्रतिशत मंदी का सर्किट, भाव औंधे मुंह गिरे

कमोडिटी एक्सपर्ट मुकेश भाटिया ने वायदा बाजार में धनिया शीघ्र ही 4800 रुपये प्रति क्विंटल तक आने की संभावना जताई 

कोटा। एनसीडैक्स पर शुक्रवार को धनिया के वायदा कारोबार में तीन प्रतिशत मंदी का सर्किट लगने से हाजिर में भी भाव भाव औंधे मुंह गिर गए। भामाशाह अनाज मंडी में धनिया की 7000 और रामगंजमंडी में 50 हजार बोरी की आवक हुई। कोटा मंडी में भाव 100 और रामगंजमंडी में 200 रुपये ढीला रहा। 

पिछले कुछ दिनों से धनिया की फसल कमजोर होने के कारण एनसीडैक्स पर अप्रैल का वायदा कारोबार 5400 से 5500 रुपये प्रति क्विंटल पर टिका हुआ था। क्योंकि नोटबंदी के बाद से लगातार सटोरिए और ऑपरेटर विकट हालातों से जूझ रहे हैं। वहीँ वायदा कारोबार का सौदा दिन पर दिन घाटे का साबित हो रहा है।

रामगंजमंडी में 50 हजार बोरी की आवक को देखते हुए वायदा बाजार टिक नहीं सका और तीन प्रतिशत का मंदी का सर्किट लग गया। शुक्रवार को वायदा बाजार 4983 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया। भामाशाह मंडी के दलाल एवं कमोडिटी एक्सपर्ट मुकेश भाटिया ने वायदा बाजार में धनिया शीघ्र ही 4800 रुपये प्रति किवंटल तक आने की संभावना जताई है।

एनसीडैक्स पर अप्रैल का धनिया वायदा तीन प्रतिशत मंदी के सर्किट के साथ 154 रुपये गिरकर 4989, मई 156 रुपये टूटकर 5058 और जून का 42 रुपये प्रति क्विंटल लुढ़क कर 5199 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। 

मंडी में कमजोर उठाव से गेहूं 25 रुपये, मैथी 100 रुपये, गेहूं 25 रुपये, मैथी 100 रुपये चना 75 रुपये, उडद 100 रुपये सरसो 50 रुपये मंदी रही। कोटा मंडी में माल की कुल आवक 55 हजार बोरी की रही। लहसुन की आवक 6000 कट्टे की रही।

गेहूं मिल पुराना 1480 से 1500 लोकवान नया 1600 से 1700 पीडी नया 1600 से 1750 टुकडी 1600 से 1700 गेहूं नया 1550से 1850 रुपये प्रति क्विंटल। धान सुगंधा 2600 से 2921 पूसा-1 2500 से 2750 पूसा-4 (1121) 2500 से 3400 धान (1509) 2000 से 3200 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 2400 से 3620 सरसो 3400 से 3650 तिल्ली 6000 से 7200 रुपये प्रति क्विंटल। मैथी 2000 से 2800 मैथी नई 3100 से 3350 धनिया बादामी नया 3400 से 4100 ईगल 3800 से 4300 रंगदार 5000 से 7500 धनिया पुराना 3000 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग 3300 से 3800 उडद 2000 से 3301 चना 3200से 3325 चना काबुली 5000 से 6000 चना पेपसी 3300 से 3650 चना मौसमी 3000 से 3350 मसूर 3000 से 3450 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 3000 से 3600 मक्का 1000 से 1250 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन नया 500 से 2600 रुपये प्रति क्विंटल रहा।

शेयर बाजार में हाहाकार, ट्रेड वार से निवेशकों के1.6 लाख करोड़ डूबे

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा शुरू की गई ट्रेड वार असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। अमेरिका और चीन में ट्रेड वार के टेंशन से शुक्रवार को बाजार में चौतरफा बिकवाली से सेंसेक्स और निफ्टी 5 महीने के निचले स्तर पर फिसल गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 410 अंक गिरकर 32,597 अंक पर बंद हुआ।

वहीं निफ्टी 117 अंक टूटकर 9,998 के स्तर पर क्लोज हुआ। आज की गिरावट में निफ्टी 10,000 के अहम स्तर को तोड़कर नीचे फिसल गया जबकि सेंसेक्स में भी 33,000 का स्तर टूट गया। इससे पहले, चीन पर इम्पोर्ट ड्यूटी लगाए जाने से दुनियाभर के बाजारों समेत एशियाई बाजारों में गिरावट देखने को मिली।

ग्लोबल मार्केट से मिले निगेटिव संकेतों से शुक्रवार को भारतीय बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स 355 प्वाइंट्स टूटकर 32,650.89 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 146 प्वाइंट्स की गिरावट के साथ 9968.80 के स्तर पर ओपन हुआ। आज के कारोबार में निफ्टी 160.35 प्वाइंट्स गिरकर 9,954.40 के स्तर पर आ गया, जबकि सेंसेक्स 522.43 प्वाइंट्स टूटकर 32483.84 के निचले स्तर पर आया।

बाजार में गिरावट से शुरुआती कारोबार में निवेशकों के 1.62 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा डूब गए। गुरूवार को बीएसई पर लिस्टेड कुल कंपनियों का मार्केट कैप 1,40,87,911.54 करोड़ रुपए था। वहीं शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 1,62,729.54 करोड़ रुपए घटकर 1,39,25,182 करोड़ रुपए हो गया।

चीन पर लगाई 60 अरब डॉलर की इम्पोर्ट ड्यूटी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से चीन पर 60 अरब डॉलर की इम्पोर्ट ड्यूटी लगाई गई है। आने वाले दिनों में ट्रम्प प्रशासन और भी कई कदम उठा सकता है। अमेरिका की ओर से 15 दिनों में उत्पादों की सूची जारी की जाएगी और इस सूची में 1300 चीनी उत्पाद शामिल हो सकते हैं।

मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में भारी बिकवाली
ट्रेड वार के डर से भारतीय बाजार में कमजोरी की वजह से मिडकैप औऱ स्मॉलकैप शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.69 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 1.89 फीसदी टूटा है।

सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में, पीएसयू बैंक-मेटल सबसे ज्यादा टूटे
शुरुआती कारोबार में एनएसई पर सभी सेक्टोरल इंडेक्स में कमजोरी देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा कमजोरी निफ्टी मेटर इंडेक्स में 2.70 फीसदी दर्ज की गई है। वहीं निफ्टी पीएयसू बैंक 2.10 फीसदी और निफ्टी रिय इंडेक्स 2.49 फीसदी गिरा है। बैंक निफ्टी इंडेक्स 1.47 फीसदी की गिरावट के साथ 23,785.65 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

हैवीवेट शेयर लुढ़के
हैवीवेट रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, एचयूएल, मारुति, एचडीएफसी, टीसीएस और आईटीसी में बिकवाली देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा गिरावट यस बैंक में 3.81% दर्ज की गई है। हालांकि एनटीपी (0.56%), इंफोसिस (0.54%) में हल्की बढ़त दिख रही है।

चीन ने दी पलटवार की धमकी
चीन ने अमेरि‍का को चेतावनी दी है कि‍ वह ‘ट्रेड वार’ से नहीं डरता। चीन ने धमकी दी है कि‍ वह इंपोर्ट के खि‍लाफ उठाए गए डोनाल्ड ट्रम्प के कदम के बदले 3 अरब डॉलर की लागत वाले अमेरि‍की गुड्स पर टैरि‍फ लगाएगा। वाशिंगटन डीसी में चीनी दूतावास द्वारा दिए गए एक बयान में चीन ने चीनी वस्तुओं पर ट्रेड टैरिफ लागू करने के ट्रंप के फैसले की कड़ी निंदा की और दोनों देशों को ट्रेड वार के कगार पर आने का आरोप लगाया।

ट्रेड वार से अमेरिकी बाजार टूटे
गुरुवार के कारोबार में अमेरिकी बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोंस 724 अंक की कमजोरी के साथ 23,958 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक 179 अंक टूटकर 7,167 के स्तर पर बंद हुआ। इसके अलावा एसएंडपी 500 इंडेक्स 68 अंक लुढ़ककर 2,644 के स्तर पर बंद हुआ।

Update
01:16 PM
ट्रेड वार से मेटल स्टॉक 9% तक टूटे
अमेरिका और चीन में ट्रेड वार की वजह से शुक्रवार के कारोबार में मेटल स्टॉक्स में बड़ी गिरावट आई है। सेल (8.88%), जिंदल स्टील (8.75%) में 9 फीसदी तक की गिरावट से निफ्टी मेटल इंडेक्स 3.55 फीसदी टूट गया।
12:03 PM
भूषण स्टील में 10% तक की तेजी, टाटा स्टील की बोली को हरी झंडी
कमजोरी के साथ कारोबार में भूषण स्टील के स्टॉक में तेजी देखने को मिल रही है। दरअसल, टाटा स्टील की बोली को दूसरी बार भूषण स्टील की तरफ से हरी झंडी मिली है। इस खबर से कारोबार में भूषण स्टील का स्टॉक 9.36 फीसदी बढ़कर 43.20 रुपए के भाव पर पहुंच गया, जो इंट्रा-डे का हाई है।
11:15 AM
5 महीने के निचले स्तर पर निफ्टी, हाई से 11% टूटा
अमेरिका और चीन में ट्रेड वार की शुरुआत से बाजार में चौतरफा बिकवाली से अक्टूबर 2017 के बाद पहली बार 10 हजार के नीचे फिसल गया। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 153.45 प्वाइंट्स टूटकर 9,961.30 के स्तर पर आ गया। जनवरी में बनाए ऑलटाइम हाई 11,171.55 के स्तर से निफ्टी 10.83 फीसदी गिरा है।
11:10 AM
मुंबई में 63 मूंस के दफ्तर पर सीबीआई का छाप, स्टॉक 15% टूटा
एमसीएक्स के आईपीओ से जुड़े मामले में शुक्रवार को 63 मून्स के मुंबई दफ्तर पर सीबीआई के छापे की खबर से स्टॉक में गिरावट देखने को मिली। बीएसई स्टॉक 15.28 फीसदी टूट गया।
10:31 AM
भारत डायनामिक्स 16% डिस्काउंट के साथ 360 रुपए पर हुआ लिस्ट
डिफेंस सेक्टर की सरकारी कंपनी भारत डायनामिक्स के स्टॉक्स की मार्केट में कमजोर लिस्टिंग हुई। बीएसई पर भारत डायनामिक्स का स्टॉक 15.88 फीसदी के डिस्काउंट के साथ 360 रुपए पर लिस्ट हुआ। वहीं एनएसई पर स्टॉक 13.55 फीसदी डिस्काउंट के साथ 370 रुपए पर लिस्ट हुआ।

निर्यात, आयात के नियम होंगे आसान, चना निर्यात पर ड्यूटी बेनिफिट की अवधि बढ़ी

नई दिल्ली । सरकार ने चने के निर्यात के लिए सात फीसद प्रोत्साहन (ड्यूटी बेनिफिट) की अवधि तीन महीने बढ़ा दी है। मर्केंडाइज एक्सपोर्ट्स फ्रॉम इंडिया स्कीम (एमईआइएस) के तहत उत्पाद और आयातक देश के हिसाब से ड्यूटी बेनिफिट दिया जाता है।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक सार्वजनिक सूचना में कहा कि एमईआइएस प्रोत्साहन की अवधि तीन महीने के लिए बढ़ाई गई है। यह प्रोत्साहन फ्री-ऑन-बोर्ड (एफओबी) मूल्य पर तय होती है। यह प्रोत्साहन नकद रूप में नहीं मिलता है बल्कि ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप के रूप में इसे कस्टम ड्यूटी समेत कई तरह की ड्यूटी के भुगतान में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

निर्यात बढ़ाने को 12 चैंपियन सेवाओं को मिलेगा प्रोत्साहन
वाणिज्य व उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा है कि सरकार कुल निर्यात में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। वस्तुओं के निर्यात के मुकाबले सेवा निर्यात की रफ्तार ज्यादा तेज है। यहां कैपइंडिया के कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद प्रभु ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से निर्यात बढ़ रहा है।

हम प्रयास कर रहे हैं कि सिर्फ पारंपरिक उत्पादों का ही नहीं बल्कि नए उत्पादों का भी निर्यात तेजी से हो। हमने 12 सेवाओं को चैंपियन सर्विसेज के तौर पर पहचाना गया है। सरकार पहले ही आइटी, पर्यटन और हॉस्पीटैलिटी समेत 12 चैंपियन सर्विस सेक्टरों को बढ़ावा देने के लिए 5000 करोड़ रुपये मंजूर कर चुकी है।

देश में कारोबार करना आसान बनाने की कवायद के तहत अब सरकार विदेश व्यापार के नियमों को सरल बनाने में जुट गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने वाणिज्य मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वस्तुओं की अंतरराष्ट्रीय माल परिवहन से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने संबंधी कदम उठाए जाएं। इससे भारत के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग को और सुधारने में मदद मिलेगी।

ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के तहत देश से बाहर के कारोबार की श्रेणी में दुनिया में 190 देशों की सूची में भारत 146वें स्थान पर है। वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक चूंकि इन मानकों पर भारत की रैंकिंग बेहद खराब है लिहाजा प्रधानमंत्री ने इस संदर्भ में मंत्रलय से कदम उठाने को कहा है।

सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय के लॉजिस्टिक डिवीजन ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है और कई प्रक्रियागत दिक्कतों को दूर कर दिया जाएगा। इससे अगले साल की रिपोर्ट में अपेक्षाकृत सुधार होने की उम्मीद है। इस दिशा में कदम आगे बढ़ाते हुए मंत्रालय ने विदेश व्यापार से जुड़े सभी पक्षों बंदरगाहों, कस्टम, रेगुलेटरी निकायों से अपने कामकाज को ऑनलाइन बनाने का आग्रह किया है।

अधिकारी ने बताया कि सभी से कहा गया है कि वे निर्यात और आयात से जुड़ी सभी मंजूरियां ऑनलाइन कर दें। कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए कागजी कार्यवाही को इस प्रक्रिया से दूर किया जाए। मंत्रालय का मानना है कि इससे न केवल समय बचेगा बल्कि कारोबारियों की लागत भी कम होगी।

मंत्रालय ने कस्टम विभाग से डायरेक्ट पोर्ट डिलीवरी शुरू करने का आग्रह भी किया है। इससे कार्गो की आवाजाही की रफ्तार बढ़ेगी। निर्यातकों के मुताबिक अभी कार्गो क्लियरिंग में काफी दिन लगते हैं। इससे समय की बर्बादी होती है और कारोबारियों की लागत भी बढ़ती है।

डायरेक्ट पोर्ट डिलीवरी सुविधा शुरू हो जाने से इसमें लगने वाला समय केवल 50 घंटे का रह जाएगा। कार्गो क्लियरेंस में कम समय लगने से निर्यात जल्दी ऑर्डर पर माल भेज सकेंगे।

जीएसटी रिफंड नहीं मिलने से खफा कारोबारी

0

नई दिल्ली। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स (जीएसटी) लागू हुए नौ महीने बीतने के बावजूद रिफंड अटकने की समस्या बरकरार है। ऐसे में ट्रेडर्स के बीच खींचतान शुरू हो गई है। कुछ ट्रेडर्स पर लेने के बावजूद जीएसटी जमा नहीं करने के आरोप लग रहे हैं। इससे रिफंड की समस्या गहरा गई है।

वहीं कुछ ट्रेडर्स डबल टैक्स चुकाने का बोझ पड़ने की बात कर रहे हैं। कारोबारियों और ट्रेडर्स के रिफंड भी इसकी वजह से अटक रहे हैं। कारोबारियों की तरफ से यह मामला वित्‍त मंत्रालय के सामने उठाया जा चुका है लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं मिला है।

बार चुकाना पड़ रहा है जीएसटी
इंडस्ट्रियल एसोसिएशन एपेक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रेजिडेंट कपिल चोपड़ा ने बताया कि जीएसटी में दो बार टैक्स चुकाने की लाएबिलिटी हो गई है। उन्होंने एक उदारहण के जरिए बताया कि जैसे किसी A कारोबारी ने दूसरे B कारोबारी से गुड्स खरीदा।

जब A ने गुड्स खरीदा तो उसने जीएसटी चुकाया जो उस ट्रांजेक्शन के इन्वॉइस पर होता है। अब A ने आगे गुड्स बेच दिया। अब A ने अपनी रिटर्न फाइल की और B को दिए जीएसटी का रिफंड अप्लाई किया। अब B ने रिटर्न नहीं फाइल की या A की साथ की गई ट्रांजेक्शन को नहीं दिखाया तो A की लाइबिलिटी बढ़ जाती है।

जीएसटी सिस्टम B के नहीं दिए जीएसटी का टैक्स A से मांगता है। इससे A की लाएबिलिटी डबल हो गई। पहले उसने B को जीएसटी दिया और दूसरी बार B ने टैक्स नहीं जमा कराया तो उसका भी रिफंड भरना पड़ रहा है।

इसकी वजह से भी नहीं मिल रहा रिफंड
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के जनरल सेक्रेटरी प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि ट्रेडर्स और कारोबारी यह समस्या बीते 8 महीने से झेल रहे हैं। इसमें गलत कारोबारी या टैक्स नहीं चुकाने वाले कारोबारी की सजा सही टैक्स चुकाने वाले कारोबारी को उठानी पड़ रही है। अब तो टैक्स चुकाने वाले करोबारियों को टैक्स नहीं चुकाने वाले कारोबारियों को टैक्स देने के लिए दबाव बनाना पड़ रहा है। ये दबाव हमेशा काम नहीं करता।

कारोबार हो गया है मुश्किल
वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में यूटेन्सिल्स मैन्युफैक्चर देवकी नंदन बागला ने कहा कि अगर किसी कारोबारी के 2,000 से अधिक सप्लायर हैं तो वह कैसे पता लगाएगा कि किसने टैक्स नहीं चुकाया है। अगर किसी सप्लायर से एक ही बार डील की दोबारी नहीं कि तो ऐसे कारोबारी, डीलर या ट्रेडर को ढूंढना जिसने टैक्स नहीं चुकाया है काफी मुश्किल है।

जीएसटी पोर्टल नहीं बताता डिफॉल्टर
सीए गोविद शर्मा ने कहा कि जीएसटी पोर्टल यह नहीं बताता कि आपके किस सप्लायर ने टैक्स नहीं चुकाया है। इसके कारण कारोबारी या ट्रेडर्स के लिए यह जाना पाना काफी मुश्किल है कि किसकी वजह से उसे रिफंड नहीं मिल रहा है और उसका नहीं चुकाया टैक्स भी चुकाना पड़ रहा है।

ट्रम्प की ट्रेड वार से बाजार में कोहराम, सेंसेक्स 400 अंक टूटा

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रेड वार की शुरुआत कर दी है। ट्रम्प ने 60 अरब डॉलर के चीनी इंपोर्ट पर ड्यूटी लगाई है। चीन पर इम्पोर्ट ड्यूटी लगाए जाने से दुनियाभर के बाजारों समेत एशियाई बाजारों में गिरावट देखने को मिली।

ग्लोबल मार्केट से मिले निगेटिव संकेतों से शुक्रवार को भारतीय बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुईष सेंसेक्स 355 प्वाइंट्स टूटकर 32,650.89 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 146 प्वाइंट्स की गिरावट के साथ 9968.80 के स्तर पर ओपन हुआ। शुरुआती कारोबार में सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।

चीन पर लगाई 60 अरब डॉलर की इम्पोर्ट ड्यूटी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से चीन पर 60 अरब डॉलर की इम्पोर्ट ड्यूटी लगाई गई है। आने वाले दिनों में ट्रम्प प्रशासन और भी कई कदम उठा सकता है। अमेरिका की ओर से 15 दिनों में उत्पादों की सूची जारी की जाएगी और इस सूची में 1300 चीनी उत्पाद शामिल हो सकते हैं।

मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में भारी बिकवाली
ट्रेड वार के डर से भारतीय बाजार में कमजोरी की वजह से मिडकैप औऱ स्मॉलकैप शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.69 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 1.89 फीसदी टूटा है।

सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में, पीएसयू बैंक-मेटल सबसे ज्यादा टूटे
शुरुआती कारोबार में एनएसई पर सभी सेक्टोरल इंडेक्स में कमजोरी देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा कमजोरी निफ्टी मेटर इंडेक्स में 2.70 फीसदी दर्ज की गई है। वहीं निफ्टी पीएयसू बैंक 2.10 फीसदी और निफ्टी रिय इंडेक्स 2.49 फीसदी गिरा है। बैंक निफ्टी इंडेक्स 1.47 फीसदी की गिरावट के साथ 23,785.65 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

हैवीवेट शेयर लुढ़के
हैवीवेट रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, एचयूएल, मारुति, एचडीएफसी, टीसीएस और आईटीसी में बिकवाली देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा गिरावट यस बैंक में 3.81% दर्ज की गई है। हालांकि एनटीपी (0.56%), इंफोसिस (0.54%) में हल्की बढ़त दिख रही है।

चीन ने दी पलटवार की धमकी
चीन ने अमेरि‍का को चेतावनी दी है कि‍ वह ‘ट्रेड वार’ से नहीं डरता। चीन ने धमकी दी है कि‍ वह इंपोर्ट के खि‍लाफ उठाए गए डोनाल्ड ट्रम्प के कदम के बदले 3 अरब डॉलर की लागत वाले अमेरि‍की गुड्स पर टैरि‍फ लगाएगा। वाशिंगटन डीसी में चीनी दूतावास द्वारा दिए गए एक बयान में चीन ने चीनी वस्तुओं पर ट्रेड टैरिफ लागू करने के ट्रंप के फैसले की कड़ी निंदा की और दोनों देशों को ट्रेड वार के कगार पर आने का आरोप लगाया।

ट्रेड वार से अमेरिकी बाजार टूटे
गुरुवार के कारोबार में अमेरिकी बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोंस 724 अंक की कमजोरी के साथ 23,958 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक 179 अंक टूटकर 7,167 के स्तर पर बंद हुआ। इसके अलावा एसएंडपी 500 इंडेक्स 68 अंक लुढ़ककर 2,644 के स्तर पर बंद हुआ।

Update
10:31 AM
भारत डायनामिक्स 16% डिस्काउंट के साथ 360 रुपए पर हुआ लिस्ट
डिफेंस सेक्टर की सरकारी कंपनी भारत डायनामिक्स के स्टॉक्स की मार्केट में कमजोर लिस्टिंग हुई। बीएसई पर भारत डायनामिक्स का स्टॉक 15.88 फीसदी के डिस्काउंट के साथ 360 रुपए पर लिस्ट हुआ। वहीं एनएसई पर स्टॉक 13.55 फीसदी डिस्काउंट के साथ 370 रुपए पर लिस्ट हुआ।
10:02 AM
मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में भारी बिकवाली
ट्रेड वार के डर से भारतीय बाजार में कमजोरी की वजह से मिडकैप औऱ स्मॉलकैप शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.69 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 1.89 फीसदी टूटा है।
09:56 AM
रुपया 8 पैसे गिरकर खुला
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोर शुरुआत हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 8 पैसे टूटकर 65.18 के स्तर पर खुला। इससे पहले गुरूवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे बढ़कर 65.10 के स्तर पर बंद हुआ था।
09:55 AM
एशियाई बाजारों में कोहराम
अमेरिका और चीन में ट्रेड वार से शुक्रवार को एशियाई बाजारों में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 122.50 प्वाइंट्स गिरकर 9995 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जापान का बाजार निक्केई 764 अंक की गिरावट के साथ 20,828 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। हैंग सेंग 954 अंक लुढ़क कर 30,111 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी 2.24 फीसदी की कमजोरी के साथ 2439 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि ताइवान इंडेक्स 192 अंक गिरकर 10,813 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। शंघाई कम्पोजिट 99 अंक टूटकर 3164 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं स्ट्रेट्स टाइम्स में 1.96 फीसदी लुढ़ककर 3423 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
09:54 AM
ट्रेड वार से अमेरिकी बाजार टूटे
गुरुवार के कारोबार में अमेरिकी बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोंस 724 अंक की कमजोरी के साथ 23,958 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक 179 अंक टूटकर 7,167 के स्तर पर बंद हुआ। इसके अलावा एसएंडपी 500 इंडेक्स 68 अंक लुढ़ककर 2,644 के स्तर पर बंद हुआ।