Monday, July 27, 2026
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सबसे महंगी हो सकती है इसबार की अक्षय तृतीया

अहमदाबाद। अगले हफ्ते (18 अप्रैल) को अक्षय तृतीया है, लेकिन जिन लोगों ने उस दिन सोना खरीदने का प्लान बनाया है उन्हें थोड़ा निराश होना पड़ सकता है। दरअसल, पश्चिम एशिया (सीरिया पर यूएस की बमबारी) की वजह से जो तनाव है उसका असर सोना-चांदी पर भी पड़ा है।

शनिवार को अहमदाबाद में सोने की कीमत 32,300 (प्रति 10 ग्राम) रुपये थी, जो अक्षय तृतीया के हाल के इतिहास में सबसे महंगा रेट होगा। वहीं चांदी भी 40 हजार रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। पिछले कुछ सालों की बात की जाए तो अक्षय तृतीया के आसपास सोने की कीमत 30,000 (प्रति 10 ग्राम) से ऊपर नहीं रही थी।

पिछले साल अक्षय तृतीया 9 मई 2016 को थी, तब सोना 29,860 था। इस साल आनेवाले दिनों में भाव में और तेजी आने के संकेत मिल रहे हैं। इस बारे में बात करते हुए बुलियिन फेडरेशन ऑफ इंडिया के सचिव हरेश आचार्य ने कहा, ‘अगर अगले 3-4 दिनों तक भाव ऐसे ही बढ़ते रहे तो अक्षय तृतीया तक यह सबसे ज्यादा हो जाएंगे।’

बिक्री में कमी की उम्मीद कम
सोने का महंगा होना आशावादी जूलर्स पर कोई खास असर नहीं डाल रहा। उन्हें नहीं लगता कि रेट का बिक्री पर कोई खास असर पड़ेगा। एक जूलर ने कहा भी कि आनेवाले दिनों में भाव भले ही बढ़ जाएं लेकिन लोग जूलरी, सिक्के और बिस्किट के रूप में इसमें निवेश करना जारी रखेंगे।

इसकी एक वजह डायमंड की तरफ कम होता रुझान भी है। जूलरी की दुकान पर अडवांस बुकिंग करवाने वालों की भी भारी भीड़ है। बता दें कि पिछले साल सोने का भाव 28,861 (प्रति दस ग्राम ) था वहीं 2018 की शुरुआत में यह 28,500 था।

वहीं पश्चिम एशिया संकट की वजह से सिर्फ भारत में ही सोने का भाव नहीं बढ़ रहा है, बल्कि यह वैश्विक तौर पर है। न्यू यॉर्क में सोना शुक्रवार को 0.83 प्रतिशत उछलकर 1,345.40 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया था। वहीं चांदी की चमक में 1.22 प्रतिशत इजाफा हुआ और यह 16.63 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

मार्च तिमाही में बैंकों के एनपीए में होगी 8 हजार करोड़ से अधिक की वृद्धि

नई दिल्ली। बैंकिंग क्षेत्र की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में घोटाला प्रभावित कंपनी गीतांजलि जेम्स के कारण 31 मार्च को समाप्त तिमाही में कम से कम 8 हजार करोड़ रुपये का इजाफा होने वाला है। सूत्रों ने कहा कि बैंकों को पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही के लिए सिर्फ गीतांजलि जेम्स को लेकर 8 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान करने होंगे।

पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के दौरान एनपीए बनने वाले बड़े ऋण खातों में गीतांजलि भी शामिल है। दिसंबर तिमाही तक बैंकों का समग्र एनपीए 8,40,958 करोड़ रुपये था। इसमें सर्वाधिक हिस्सेदारी औद्योगिक ऋण की थी।

अरबपति जूलर मेहुल चौकसी भांजे नीरव मोदी के साथ देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले के आरोपी हैं। पंजाब नैशनल बैंक में 13 हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम देने के बाद दोनों देश छोड़कर भाग चुके हैं।

एलन के निदेशक राजेश माहेश्वरी को लंदन में भारत गौरव अवाॅर्ड

कोटा। शिक्षा एवं सामाजिक सरोकारों के जरिए उल्लेखनीय योगदान एवं शिक्षा के क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियों के लिए एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के संस्थापक निदेशक राजेश माहेश्वरी को लंदन में भारत गौरव अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया। एलन के प्रतिनिधि के तौर पर यह अवॉर्ड संस्था के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट सीआर चौधरी एवं पंकज बिरला को दिया गया।

संस्कृति युवा संस्थान द्वारा छठा भारत गौरव सम्मान समारोह 13 अप्रैल को ब्रिटिश पार्लियामेंट के हाउस ऑफ कॉमर्स में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हाउस ऑफ लॉ‌र्ड्स के विकास मंत्री संदीप वर्मा थे। इसके अलावा सांसद डॉ.वीरेंद्र शर्मा, ब्रिटेन स्थित भारतीय दूतावास के डिप्टी हाई कमिश्नर दिनेश पटनायक विशिष्ट अतिथि थे। भारत गौरव अवाॅर्ड फाउंडेशन के प्रेसीडेंट सुरेश मिश्रा एवं फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर द्वारा दिया गया।

यहां 17 देशों में रह रहे 28 भारतीयों को अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने पर अवॉर्ड दिया गया। राजेश माहेश्वरी का चयन सामाजिक व शैक्षणिक क्षेत्र में योगदान के लिए किया गया। एलन द्वारा सामाजिक क्षेत्र में बड़ा बदलाव ग्रामीण क्षेत्र के निर्धन परिवारों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहित कर किया।

इस मौके पर लेन देन न्यूज़ (LEN DEN NEWS) के एडिटर दिनेश माहेश्वरी ने राजेश माहेश्वरी को बधाई देते हुए कहा है कि उनके संस्थान ने शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में अनूठा कार्य कर देश -विदेश में कोटा का गौरव बढ़ाया है।

सरकार ने किसानों को नहीं चुकाए चना और सरसों के 72 करोड़

कोटा। चना व सरसों उत्पादक किसानों को जिंस बेचने के बाद पैसे का इंतजार करना पड़ रहा है। समर्थन मूल्य पर दोनों जिंस की 15 मार्च को खरीद शुरु हो गई थी। लेकिन एक माह गुजरने के बाद भी किसानों सरकारी कांटे पर बेची जिंस का भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में उड़द की तरह हाड़ौती के 8035 किसानों का सरकारी खरीद प्रक्रिया में 72 करोड़ रुपए का भुगतान अटका पड़ा है।

जबकि खरीद नियमों के अनुसार किसानों को चना व सरसों का पेमेंट जिंस बेचने के 48 घंटे में होना था। इधर, राजफेड के क्षेत्रीय प्रबंधक नरेश शुक्ला ने बताया कि किसानों का पेमेंट आगामी सप्ताह में हो जाएगा। इसके लिए किसान चिंता न करें।

राजफेड की चना व सरसों की 12 अप्रेल तक की खरीद के अनुसार अभी तक 6064 किसानों से 1 लाख 28 हजार क्विंटल चना खरीदा। उक्त किसानों को राजफेड को 56 करोड़ रुपए का भुगतान करना है। ऐसे ही 1971 किसानों से राजफेड ने 40 हजार क्विंटल सरसों की खरीद की। उक्त किसानों का 16 करोड़ रुपए बकाया है। जबकि किसानों को अक्षय तृतीया के सावे पर पैसे की जरूरत है।

विभाग कर रहा आदेश का इंतजार
केंद्र सकार ने राज्य सरकार को किसानों का लहसुन बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत 3257 रुपए प्रति क्विंटल खरीदने के आदेश दिए है। लेकिन लहसुन खरीद को लेकर शनिवार तक राजफेड के पास कोई ऑर्डर नहीं आए। क्षेत्रीय प्रबंधक नरेश शुक्ला ने बताया कि शाम तक कोई आदेश सरकार से लहसुन खरीद के संबंध में नहीं मिले।

विभाग आदेश का इंतजार कर रहा है। चूंकि केंद्र ने राज्य सरकार को 12 अप्रेल को आदेश जारी करते हुए 13 अप्रेल से लहसुन की खरीद करने को कहा था। जो 12 मई तक की जाएगी। लेकिन आदेश के दो दिन निकल जाने के बाद भी हाड़ौती में लहसुन की सरकारी खरीद नहीं हुई। अब सोमवार तक खरीद के आदेश आने के साथ लहसुन खरीद शुरु होने की उम्मीद की जा रही है।

सांसद ने वाहवाही लूटने के लिए हवाई सेवा शुरू करने में जल्दबाजी की

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कोटा।  कोटा में हवाई सेवा बंद होने पर यूआईटी के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र त्यागी ने कहा कि चुनाव नजदीक आते देख भाजपा सरकार ने जल्दबाजी में हवाई सेवा चालू कर दी, जिसमें नियमों का भी ध्यान नहीं रखा गया। सांसद ने वाहवाही लूटने के लिए आमजन की सुरक्षा से समझौता कर लिया और दो दिन में ही यह सेवा बंद हो गई। नेताओं के इस कृत्य की निंदा करनी चाहिए।

कार्यकर्ताओं ने बताया कि एयरपोर्ट प्रभारी से बातचीत में कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। उन्होंने हमें बताया कि विमान सेवा संचालित कर रही कंपनी के पास डीजीसीए की क्लीयरेंस ही नहीं थी, सुरक्षा नियमों का भी कंपनी पालन नहीं कर रही, इसके बावजूद उसे उड़ान की अनुमति कैसे दे दी गई? 

उधर,  कोटा से हवाई सेवा बंद होने के मुद्दे को लेकर सांसद ओम बिरला सोमवार दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री व मंत्रालय के सचिव से मुलाकात करेंगे। सांसद ने कहा कि कोटा की जनता से यह मेरा कमिटमेंट है और इस सेवा को किसी भी सूरत में बंद नहीं होने दूंगा। कुछ तकनीकी कारण आड़े आ रहे हैं, जिन्हें दूर कराया जाएगा।

बिरला ने कहा  एक-दो दिन में मामला सॉर्ट आउट कराकर फिर से विमान सेवा शुरू करा दी जाएगी। इतना ही नहीं आने वाले दिनों में कोटा से मुंबई, अहमदाबाद जैसे शहरों के लिए भी हवाई सेवा शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उधर, राजस्थान के सिविल एविएशन विभाग के निदेशक कैप्टन केसरी सिंह ने कहा कि मैं इस मामले से जुड़े सभी पक्षों के संपर्क में हूं।

यह महज कंफ्यूजन की वजह से हुआ है। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कंपनी को अनुमति दी गई है। यदि नहीं होती तो फिर दूसरे एयरपोर्ट पर कैसे ऑपरेशन हो रहा है। कोटा में पैदा हुए कंफ्यूजन को जल्द दूर कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि इंट्रा स्टेट एयर सर्विस के तहत राज्य में उड़ान संचालित कर रही कंपनी सुप्रीम एयरलाइंस के पास डीजीसीए क्लीयरेंस नहीं होने की बात कहते हुए कोटा एयरपोर्ट प्रबंधन ने शुक्रवार से उड़ान रोक दी है।

क्या कोटा के नियम अलग हैं : कंपनी
पूरे राजस्थान में हमारा ऑपरेशन चल रहा है, कोटा में भी 9 माह से हमारी उड़ान संचालित है, अब क्या अचानक नियम बदल गए? शनिवार को भी सिर्फ कोटा में ही सेवा बंद रही है, शेष सभी जगहों से फ्लाइट संचालित हुई है। बगैर परमिशन के एयरपोर्ट पर विमान उड़ाना तो दूर काउंटर भी नहीं मिलता। यदि ऐसा ही है तो एयरपोर्ट प्रभारी हमारा काउंटर हटा दें। हमने पूरे मामले से मिनिस्ट्री को अवगत करा दिया है। – आकाश अग्रवाल, वाइस प्रेसीडेंट, सुप्रीम एयरलाइंस

डॉक्यूमेंट्स हैं तो हमें देने में दिक्कत क्या : एयरपोर्ट प्रभारी
मुझे अन्य एयरपोर्ट का नहीं पता कि वहां क्या सिचुएशन है। मैं सिर्फ अपने एयरपोर्ट के बारे में बता सकता हूं। मुख्यालय ने मुझे आदेश दिए, उसी के तहत ऑपरेशन बंद किया गया है। मेरे एक बात समझ नहीं आ रही कि कंपनी पास ये सारे डॉक्यूमेंट्स हैं तो हमें देने में दिक्कत क्या आ रही है? मैं तो खुद चाहता हूं कि कोटा से विमान सेवा संचालित हो। –लोकेश निर्वाण, प्रभारी, कोटा एयरपोर्ट

750 कर्मचारियों को हवाई यात्रा कराएगा एलन
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट अपनी स्थापना के 30 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कोटा में हवाई सेवा को प्रमोट करने के लिए अपने 750 से ज्यादा नॉन एकेडमिक कर्मचारियों को हवाई सफर कराएगा। यह पहल 18 अप्रैल से शुरू होगी, इसके तहत कर्मचारी कोटा से जयपुर तक की हवाई यात्रा कर सकेंगे।

निदेशक राजेश माहेश्वरी ने बताया कि शहर में हवाई सेवा शुरू करने के लिए कई सालों से मांग चल रही थी। कंपनी द्वारा रोजाना एलन को रिक्त सीटों की जानकारी दी जाएगी, जिन पर 2 कर्मचारियों को यात्रा करवाई जाएगी। कर्मचारियों को जयपुर से कोटा आने के लिए भत्ता  दिया जाएगा।

शहर में लगेगा कोटा स्टोन स्लरी उत्पाद का प्लांट, भूमि पूजन किया

कोटा| शहर के डंपिंग यार्ड रोड नंबर पांच पर शनिवार को कोटा स्टोन स्लरी उत्पादन के प्लांट का भूमि पूजन हुआ। पाषाण वेलफेयर के डायरेक्टर मुकेश त्यागी, दिनेश भारद्वाज ने बताया कि इस प्लांट के लिए पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड एवं रीको की गाइड लाइन के अनुसार स्थापना की है।

मुख्यमंत्री ने स्टार्ट अप योजना में इसे शामिल करते हुए अग्रिम ग्रांट 13.80 लाख रुपए स्वीकृत की और इसकी पहली किश्त मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि इस प्लांट में बने उत्पाद यानी ब्रिक्स, इंटरलॉक, पेपर ब्लॉक, टाइल्स बनाए जाएंगे। इस मौके पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अमित शर्मा, रीको के वीके विजय, छुट्टन लाल शर्मा, सहित अन्य मौजूद रहे।

भारत की करेंसी को अमेरि‍का ने ‘नि‍गरानी सूची’ में डाला

नई दि‍ल्‍ली। अमेरि‍का ने भारत को ऐसे देशों की सूची में डाल दि‍या है जि‍नकी फॉरेन एक्‍सचेंज पॉलि‍सी पर उसे शक है। इस सूची में उसने भारत के अलावा चीन सहि‍त चार और देशों को डाला है। अमेरि‍की ट्रेजरी ने कहा, ‘नि‍गरानी सूची’ में उन बड़े व्‍यापार साझीदारों को रखा गया है, जो अपनी मुद्रा नीति‍यों को ज्‍यादा तरजीह देते हैं।

भारत के अलावा इस सूची में चीन, जर्मनी, जापान, कोरि‍या और स्‍वि‍टजरलैंड को रखा गया है। भारत को अब शामि‍ल कि‍या गया है बाकी के पांचों देश पि‍छले अक्‍टूबर की सूची में भी शामि‍ल थे। यह रि‍पोर्ट अर्ध वार्षि‍क होती है। अमेरि‍का के अपने कुछ पैमाने हैं जि‍नके आधार पर वह देशों को इस लि‍स्‍ट में शामि‍ल करता है।

चीन के साथ है भारी व्‍यापार घाटा
शनि‍वार को जारी हुई रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, कोई व्‍यापार साझेदारी अपनी करेंसी रेट में जानबूझ कर हेराफेरी करते नहीं पाया गया। इस लि‍स्‍ट में शमि‍ल पांच देश तीन में से दो मानदंडों पर सही बैठ रहे थे। चीन को इस सूची में इसलि‍ए शामि‍ल कि‍या गया, क्‍योंकि अमेरि‍का का व्‍यापार घाटा उसके साथ बहुत बड़ा है। चीन के साथ अमेरि‍का का व्‍यापार घाटा करीब 337 अरब डॉलर है। अमेरि‍का का कुल व्‍यापार घाटा 556 अरब डॉलर है।

अमेरि‍की ट्रेजरी सेक्रेटरी स्‍टीवन ने कहा, ‘हम करेंसी रेट में उतार चढ़ाव करने के गैर वाजि‍ब तौर तरीकों की नि‍गरानी करने के साथ साथ उनसे लड़ते भी रहेंगे। इसके अलावा हम बड़े व्‍यापार घाटे को बैलेंस करने के लि‍ए नीति‍यों को प्रोत्‍साहन देने के साथ-साथ सुधार के लि‍ए कदम भी उठाते रहेंगे।’

करेंसी रेट जानबूझ कर प्रभावि‍त करते हैं
इस रि‍पोर्ट के जरि‍ए अमेरि‍की संसद को उन देशों के बारे में बताया जाता है जो व्‍यापार में फायदा हासि‍ल करने के लि‍ए अपनी करेंसी के रेट को जानबूझ कर प्रभावि‍त करते हैं। उदाहरण के तौर पर एक्‍सचेंज रेट को कम रखते हैं ताकि सस्‍ते एक्‍सपोर्ट को बढ़ावा मि‍ल सके।

रि‍पोर्ट में कहा गया है कि भारत के साथ अमेरि‍का का 23 अरब डॉलर का व्‍यापार घाटा है। भारत ने 2017 की पहली तीन तिमाही में वि‍देशी मुद्रा की खरीद में बढ़ोतरी की हालांकि रुपए की वैल्‍यू अब भी बढ़ी है और चीन, जि‍से लेकर सबसे ज्‍यादा है, उसकी मुद्रा का मूवमेंट आमतौर पर डॉलर के वि‍परीत रहा। इससे अमेरि‍का के साथ चीन के व्‍यापार घाटे को कम करने में मदद मि‍लनी चाहि‍ए।

आर्थि‍क सुधार करें देश
यूरोपीय करेंसी यूनि‍यन का हि‍स्‍सा होने के बावजूद जर्मनी इस लि‍स्‍ट में शामि‍ल है। इसका मतलब ये है कि जर्मनी अकेले यूरो के एक्‍सचेंस रेट को प्रभावि‍त नहीं कर सकता।

दुनि‍या में सबसे ज्‍याद करंट अकाउंट सरप्‍लस जर्मनी का है और इस देश ने बीते तीन सालों में इस सरप्‍लस को कम करने की दि‍शा में लगभग कोई तरक्‍की नहीं की है। अमेरि‍की ट्रेजरी ने लि‍स्‍ट में शामि‍ल सभी देशों से अपने सरप्‍लस को बैलेंस करने के लि‍ए आर्थि‍क सुधार लागू करने को कहा है।

इंजीनियर्स सही बात को कहने से न चूकें

कोटा । जल ग्रहण एवं मृदा संरक्षण विभाग राजस्थान के पूर्व निर्देशक सुमेर सिंह ने कहा है कि अभियंताओं को सही बात को कहने से कभी चुकना न नहीं चाहिए। चाहे उसे परिणाम कुछ भी हों। वरिष्ठ अभियंता सुमेर सिंह शनिवार को जल ग्रहण विकास पर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स द्वारा आयोजित दो दिवसीय सेमीनार के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि वर्षा जल प्रबंधन एवं जलग्रहण विकास में ग्रामीणों का परम्परागत ज्ञान भी हमें मदद करता है। उन्होंने माही परयिजना में अपने राजकीय सेवाकाल के कड़वे अुनभव भी बताए। कृषि मंत्रालय भारत सरकार के अतिरिक्त आयुक्त सीएम पांडे ने रिमोट सेंसिंग, केचमेंट सर्वे तथा जिओ तकनीक आदि को कब कैसे उपयोग में लाने के तरीके बताए। कहा कि वर्षा की हर बूंद से अधिक अधिक से अधिक उपज लेने का काम जल संरक्षण से ही संभव है।

इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स के अध्यक्ष सीकेएस परमार ने कहा कि समाज में अभियंताओं की प्र्रतिष्ठा कम नहीं होने पाए, इसके लिए संघर्ष करना पड़े तो भी करें। राज्य में प्रथम कृषि अभियंता एवं विश्व बैंक परियोजना की अधिकारी अंजु गौडत्र ने कहा कि पानी की उपलब्धता होने पर जल ग्रहण रचना काम आएगी।

आज के समय में निरंतर पानी कम होता जा रहा है और जल स्त्रोत सूखते जा रहे है। यह हम सबके लिए चुनौती है। पूर्व खनिज अभियंता एससी अग्रवाल ने खनन क्षैत्रों से निकले मलबे को रेत के विकल्प के रूप में काम में लेने का सुझाव दिया तथा खनन के पानी के सदुपयोग पर जोर दिया।

– इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम पर्यावरण के अनुकूल हो
जल बिरादरी के प्रदेश उपाध्यक्ष बृजेश विजयवर्गीय ने कहा कि इंजीनियरिंग की शिक्षा में पर्यावरण कहीं खो गया है। कोटा के संदर्भ में बाढ़ नियंत्रण के लिए डायवर्जन चैनल जल विशेषज्ञों की राय को दर किनारे कर के बनी, जबकि इसके स्थान पर वर्षा जल संग्रहण का काम हो सकता था।

चम्बल में प्रदूषण रोकने के लिए शुद्धिकरण की योजना भी सही इंजीनिरिंग के अभाव में लम्बित है। गलत इंजीनिरिंग की भ्रष्टाचार का टूल बन गई है। पाठ्यक्रम में ही बदलाव की जरूरत है। सेमीनार में कृषि विभाग के संयुक्त निर्देशक पी के गुप्ता ने कहा कि नहर परियोजना में पानी की बर्बादी हो रही है।

उन्होंने फार्म पौण्ड बनाने की वकालात की। नाबार्ड़ के राजीव दायमा ने प्राकृतिक संसाधानों व कृषि में एकीकृत जल ग्रहण पर व्याख्यान दिया। शोध छात्रा उपमा शर्मा एवं नेहा सक्सेना तथा अंकिता मिश्रा ने अच्छी वर्षा वाले स्थानों पर जल ग्रहण ढांचे बनाने पर विस्तृत चर्चा की।

गंगानगर के अभियंता बलमीत सिंह नहरी जल के सदुपयोग के सुझाव दिए। उत्तराखण्ड के केपी त्रिपाठी ने कहा कि जल ग्रहण के बारे में जो जानते है वहीं बताया जाए। सेमीनार में तकनकी सत्र के कंवीनर अनंद बर्दवा ने कहा कि इंजीनियरिंग का उजला पक्ष भी है जिस पा गर्व किया जा सकता है।

सीएडी परियोजना के पूर्व वरिष्ठ अभियंता कैलाश भार्गव ,वरिष्ठ अभियंता ओपी माथुर,धीरेंद्र माथुर ,संजीव सब्ब्रवाल के अलावा मुकेश सुमन, भवानी शंकर मीणा ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। संचालन सचिव जसमत सिंह ने किया। समापन सत्र में सुमेर सिंह व अतिथियों को सीकेएस परमार ने सम्मानित किया। प्रजेंटेशन देने के लिए अंकिता मिश्रा,नेहा सक्सेना, बृजेश विजयवर्गीय,डॉ सुसेन राज आदि को भी स्म्ृति चिन्ह से सम्मानित किया। इंस्टीट्यूट के डीसी गुप्ता ने अतिथियों का अभार जताया।

यूको बैंक में 621 करोड़ की धोखाधड़ी: पूर्व सीएमडी के खिलाफ केस दर्ज

नई दिल्ली।  सीबीआई ने यूको बैंक के पूर्व सीएमडी अरुण कौल और अन्य के खिलाफ बैंक से 621 करोड़ रुपये की कथित रूप से धोखाधड़ी करने के लिए मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी इस सिलसिले में 10 स्थानों पर छापेमारी कर रही है जिसमें से 8 दिल्ली में और दो मुंबई में हैं।

आरोप है कि आरोपी व्यक्तियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत बैंक ऋण की हेराफेरी करके यूको बैंक से करीब 621 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।

अधिकारियों ने बताया किकौल के अलावा सीबीआई ने एरा इंजिनियरिंग इंफ्रा इंडिया लिमिटेड (मेसर्स ईईआईएल), उसके सीएमडी हेम सिंह भराना, दो चार्टर्ड अकाउंटेंट (पंकज जैन और वंदना शारदा), मेसर्स अलटियस फिन्सर्व प्राइवेट लिमिटेड के पवन बंसल और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

ज्वेलरों की मांग से सोना फिर 32,000 के पार, चांदी भी उछली

नई दिल्ली। आगामी सप्ताह अक्षय तृतीया के मद्देनजर आभूषण निमार्ताओं की मांग बढ़ने से दिल्ली सर्राफा बाजार में शनिवारको सोने का दाम 300 रुपये बढ़कर 32,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी भी 250 रुपये की छलांग लगाकर 40,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। कोटा में भी सोना केडबरी यही भाव बिका। 

स्थानीय बाजार में सोना 99.9 फीसदी और 99.5 फीसदी 300 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 32,100 रुपये और 31,950 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। आठ ग्राम वाली गिन्नी भी 100 रुपये की तेजी के साथ 24,900 रुपये के भाव पर बिकी।

औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निमार्ताओं की मांग निकलने से चांदी हाजिर 250 रुपये उछलकर 40,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। चांदी वायदा भी 295 रुपये की छलांग लगाकर 38,930 रुपये प्रति किलोग्राम बोली गई। सिक्का लिवाली और बिकवाली क्रमश: 74 हजार और 75 हजार रुपये प्रति सैकड़ा पर टिके रहे।

बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर के कमजोर पड़ने से पीली धातु को बल मिला है। इसके अलावा घरेलू स्तर पर 18 अप्रैल को मनायी जाने वाली अक्षय तृतीया के कारण सरार्फा कारोबारियों की मांग बढ़ गयी है जिससे इसके भाव बढ़ गए है।

विदेशी बाजार में दोनों कीमती धातुओं में इस सप्ताहांत तेजी देखी गई। लंदन का सोना हाजिर बढ़त के साथ 1,346 डॉलर प्रति औंस पर रहा। जून का अमेरिकी सोना वायदा भी बढ़त में 1,348.60 डॉलर प्रति औंस बोला गया। सोने की तरह चांदी हाजिर भी विदेशी बाजार में तेजी में 16.61 डॉलर प्रति औंस पर रही।

कोटा सर्राफा
चांदी 39700 रुपये प्रति किलोग्राम। 
सोना केटबरी 32100 रुपये प्रति दस ग्राम, 37440 रुपये प्रति तोला। 
सोना शुद्ध 32250 रुपये प्रति दस ग्राम, 37620 रुपये प्रति तोला।